पाकिस्तान के राजनीतिक परिदृश्य में एक अभूतपूर्व तनाव और अनिश्चितता का माहौल छा गया है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जो अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सीधे तौर पर यह मांग करके सनसनी फैला दी कि किसी को भी नहीं पता है कि उनके पिता जिंदा हैं या नहीं, और उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके जिंदा होने का सबूत माँगा।
कासिम खान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले 6 हफ्तों से इमरान खान को एक 'डेथ सेल' में अकेले रखा गया है और परिवार, वकीलों या पार्टी के नेताओं—किसी को भी उनसे मिलने या संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई है। यह सब इस्लामाबाद हाईकोर्ट द्वारा बार-बार मुलाकात की मंजूरी दिए जाने के बावजूद हो रहा है।
इस बीच, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों का आक्रोश अपने चरम पर है। रावलपिंडी जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस ने सड़क पर गिराकर पीटा। PTI ने इस घटना को सेना के आदेश पर किया गया अलोकतांत्रिक हमला बताया है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान में मानवाधिकारों, राजनीतिक स्वतंत्रता और सेना-समर्थक सरकार के रवैये पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
यह विस्तृत आलेख इमरान खान की जेल की स्थिति, बेटे कासिम का भावनात्मक और राजनीतिक आरोप, मुख्यमंत्री अफरीदी पर हमले का विवरण, सोशल मीडिया पर मौत की अफवाहों का कारण, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के भ्रामक दावे, और इमरान खान पर चल रहे अल-कादिर ट्रस्ट सहित अन्य भ्रष्टाचार मामलों का 5000 शब्दों में गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावनात्मक और राजनीतिक पोस्ट साझा कर दुनिया का ध्यान अपने पिता की असुरक्षित स्थिति की ओर खींचा।
गिरफ्तारी की अवधि: कासिम खान ने X पर लिखा कि उनके पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।
अकेलापन: उन्होंने खुलासा किया कि पिछले 6 हफ्तों से इमरान खान को एक 'डेथ सेल' (Death Cell) में अकेले रखा गया है।
संपर्क विच्छेद: इस दौरान न तो किसी को उनसे मिलने दिया गया है, न ही कोई फोन कॉल या मैसेज उन तक पहुँचाया गया है।
परिवार का दर्द: कासिम ने कहा कि उनकी बुआओं (इमरान की बहनें) को भी अपने भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
जानबूझकर कार्रवाई: उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है।
असली हालत छिपाना: कासिम का सबसे बड़ा और खतरनाक आरोप यह था कि सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है और इसीलिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से पिता के जिंदा होने का सबूत माँगा।
इमरान खान की बहन नोरेन नियाजी ने भी मीडिया को बताया कि परिवार को बिल्कुल भी जानकारी नहीं है कि इमरान खान कैसे हैं, क्योंकि जेल प्रशासन पूरी तरह चुप है।
मुलाकात रद्द: पार्टी के नेताओं की जेल में मुलाकात पहले से तय थी, लेकिन उन्हें भी अंदर जाने नहीं दिया गया।
अंतर्राष्ट्रीय अफवाह: नोरेन ने बताया कि भारत में यह खबर फैल गई कि इमरान खान को मार दिया गया है, जिससे परिवार और ज्यादा डर गया।
पुलिस का बर्ताव: उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि परिवार को रोकें और उनके साथ जैसा चाहें वैसा बर्ताव करें। उन्होंने पाकिस्तान में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार की निंदा की।
इमरान खान के समर्थन में और उनसे मुलाकात के लिए खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी गुरुवार को रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।
सुरक्षा और भीड़: CM अफरीदी जब जेल पहुंचे, वहाँ भारी सुरक्षा तैनात थी और PTI समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी।
पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोका। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने CM को लात-घूंसे मारे और जमीन पर गिरा दिया।
सेना का आदेश: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CM अफरीदी पर हमले की कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई।
PTI की प्रतिक्रिया: PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।
हमले के बाद भी CM सोहेल अफरीदी ने सरकार को गंभीर चेतावनी दी:
सवालों का जवाब: अफरीदी ने कहा कि सरकार को इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर उठे सभी सवालों के सही जवाब देने होंगे।
सड़क पर उतरना: उन्होंने धमकी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
सेना प्रमुख पर तंज: अफरीदी ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं।
नतीजे की जिम्मेदारी: उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इमरान खान को कुछ हुआ तो इसके नतीजे की जिम्मेदारी पूरी तरह मौजूदा सरकार पर होगी।
इमरान खान की खराब सेहत और उनसे मुलाकात पर रोक लगने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाहें तेज हो गईं।
मुलाकात पर रोक: अडियाला जेल में हर मंगलवार को कैदियों से मुलाकात की इजाजत मिलती है। इमरान खान के परिवार और PTI नेताओं को कई हफ्तों से उनसे मुलाकात करने नहीं दी गई।
जनता की चिंता: बीते मंगलवार को बड़ी संख्या में PTI कार्यकर्ता जेल पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने किसी को भी मिलने नहीं दिया, जिससे चिंता बढ़ गई।
सोशल मीडिया ट्रेंड: इसके बाद मंगलवार रात सोशल मीडिया पर ‘इमरान खान कहां हैं’ ट्रेंड करने लगा। इसके परिणामस्वरूप बुधवार को अडियाला जेल के बाहर भारी संख्या में PTI समर्थक जुटे।
विदेशी अकाउंट्स का आरोप: PTI ने आरोप लगाया है कि विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से इमरान की मौत तक की खबरें फैलाई जा रही हैं।
जेल प्रशासन का दावा: तनाव बढ़ने के बाद जेल प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि इमरान खान की तबीयत बिल्कुल ठीक है।
PTI की चेतावनी: PTI ने सरकार से अफवाहों पर स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी ने सख्त चेतावनी दी है कि इमरान खान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों की जिम्मेदारी सीधे सरकार पर है, और अगर कोई अनहोनी हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मानवाधिकार उल्लंघन: PTI ने अफवाहों को राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया।
जहां एक तरफ PTI इमरान की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है, वहीं रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उनकी जेल सुविधाओं पर विवादित दावा किया।
शाही सुविधाएँ: रक्षा मंत्री आसिफ ने बुधवार को दावा किया कि इमरान खान के पास जेल में टीवी है, बाहर से खाना आता है, और जिम इक्विपमेंट भी मौजूद है।
मखमली बिस्तर: आसिफ ने कहा कि इमरान के पास डबल बेड और मखमली बिस्तर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेल अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उनकी देखभाल करते हैं।
आत्म-तुलना: आसिफ ने अपनी पिछली जेल यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह बंद थे, तो उनके पास सिर्फ दो कंबल होते थे, वे ठंडे फर्श पर सोते थे, जेल का खाना खाते थे, और उन्हें गर्म पानी भी नहीं मिलता था।
झूठ बोलने का आरोप: आसिफ ने इमरान के समर्थकों पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और उन्हें खुदा से डरने को कहा।
आसिफ के दावों के विपरीत, जेल प्रशासन इमरान खान को साधारण कानूनी अधिकार भी नहीं दे रहा है:
हाईकोर्ट की मंजूरी: मार्च 2025 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को परिवार और वकीलों से नियमित मुलाकात की मंजूरी दी थी।
पुनः निर्देश: अक्टूबर 2025 में अदालत ने दोबारा मुलाकातें बहाल करने का निर्देश दिया था।
अवहेलना: इन दोनों आदेशों के बावजूद, जेल प्रशासन इसका पालन नहीं कर रहा है और उनकी बहनों को अब तक एक भी बार मुलाकात नहीं कराई गई है।
इमरान खान 100 से ज्यादा केसों का सामना कर रहे हैं और अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनके खिलाफ सबसे गंभीर मामलों में से एक अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम है।
सजा: भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं।
अल-कादिर ट्रस्ट: इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन को सस्ते में बेच दिया था।
मुख्य किरदार: इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी, अरबपति लैंड माफिया मलिक रियाज और बुशरा की दोस्त फराह गोगी।
आरोप: सरकार का आरोप है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद खान ने मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। ब्रिटेन में रियाज की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी जब्त हुई, और 40 अरब पाकिस्तानी रुपए बरामद हुए।
डील: आरोप है कि डील के तहत ब्रिटेन सरकार ने रियाज के गुर्गे से बरामद पैसा पाकिस्तान सरकार को लौटा दिया। इमरान ने कैबिनेट को इसकी जानकारी नहीं दी।
ट्रस्ट का गठन: अल-कादिर नाम से एक ट्रस्ट बनाकर मजहबी तालीम देने के लिए एक यूनिवर्सिटी शुरू की गई। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में इमरान खान, बुशरा बीबी और फराह गोगी थे।
रियाज का फायदा: FIR के मुताबिक, इसके लिए अरबों रुपए की जमीन मलिक रियाज ने दी और बुशरा बीबी को डायमंड रिंग भी गिफ्ट की। बदले में रियाज के तमाम केस खत्म कर दिए गए।
घूस का आरोप: पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम बताया, जिसमें सरकारी खजाने को कम से कम 50 अरब रुपए की चपत लगी।
अंतिम आरोप: जियो न्यूज के मुताबिक, इमरान खान और उनकी पत्नी पर 1 हजार 955 करोड़ रुपए की घूस लेने का आरोप दर्ज किया गया है।
इमरान खान के बेटे कासिम खान का यह सार्वजनिक सवाल कि 'क्या उनके पिता ज़िंदा हैं', पाकिस्तान की राजनीतिक और मानवाधिकार स्थिति की भयावहता को दर्शाता है। एक तरफ़ कानूनी फैसलों की अवहेलना है, दूसरी तरफ़ सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा हमले और झूठे दावों का दौर। यह सब देश में एक बड़े राजनीतिक संकट और जन-असंतोष की ओर इशारा करता है, जिसका खामियाजा अंततः देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को भुगतना पड़ सकता है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
खार्ग आइलैंड: ईरान की अर्थव्यवस्था की 'शह रग' जिस पर टिकी है महाजंग की दिशा; क्या ट्रम्प लेंगे कब्जे का बड़ा फैसला? नई दिल्ली/तेहरान | 10 मार्च 2026 अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष में अब सारा ध्यान एक छोटे से द्वीप पर टिक गया है— खार्ग आइलैंड (Kharg Island)। फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप ईरान के लिए महज जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की 'शह रग' (Jugular Vein) है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और सैटेलाइट डेटा के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन इस द्वीप पर कब्जे या इसके तेल टर्मिनल्स को ठप करने के सैन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यदि इस आइलैंड पर हमला होता है, तो यह न केवल ईरान को घुटनों पर ला सकता है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में प्रलय ला सकता है। आइए समझते हैं खार्ग आइलैंड की सामरिक अहमियत और इस पर मंडराते खतरों की विस्तृत रिपोर्ट: 1. खार्ग आइलैंड: ईरान का 'मनी मशीन' ईरान दुनिया का एक प्रमुख तेल उत्पादक है, और खार्ग आइलैंड उस उत्पादन को दुनिया तक पहुँचाने का मुख्य द्वार है। निर्यात का केंद्र: ईरान के कुल कच्चे तेल के निर्यात का 80% से 90% हिस्सा अकेले इसी द्वीप से होकर गुजरता है। विशाल क्षमता: यहाँ के टर्मिनल्स से प्रतिदिन 70 लाख बैरल तक तेल जहाजों में भरा जा सकता है। स्टोरेज की ताकत: इस आइलैंड पर 3 करोड़ बैरल तेल स्टोर करने की क्षमता है। वर्तमान में यहाँ लगभग 1.8 करोड़ बैरल तेल जमा है, जो किसी भी संकट की स्थिति में 10-12 दिनों के निर्यात के लिए पर्याप्त है। 2. 'डार्क फ्लीट' और जंग के बीच गुप्त निर्यात जंग के 11 दिन बीत जाने के बाद भी ईरान ने तेल बेचना बंद नहीं किया है। ट्रैकिंग से गायब जहाज: ईरान 'डार्क फ्लीट' (Dark Fleet) का उपयोग कर रहा है। ये वे टैंकर हैं जो अपना AIS (Automatic Identification System) बंद कर देते हैं ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। आंकड़े: 28 फरवरी 2026 से अब तक करीब 1.2 करोड़ बैरल तेल चोरी-छिपे निर्यात किया जा चुका है। युद्ध से पहले की तैयारी: युद्ध शुरू होने से ठीक पहले (15-20 फरवरी) ईरान ने निर्यात को तीन गुना बढ़ाकर 30 लाख बैरल प्रतिदिन कर दिया था, ताकि युद्ध के लिए फंड जुटाया जा सके। 3. अमेरिका की 'रेड लाइन' और कब्जे की रणनीति हडसन इंस्टीट्यूट के माइकल डोरान और अन्य एक्सपर्ट्स के अनुसार, खार्ग आइलैंड अब तक बचा हुआ है क्योंकि यह अमेरिका की 'रेड लाइन' में आता था। अर्थव्यवस्था की तबाही: ट्रम्प प्रशासन जानता है कि खार्ग आइलैंड को तबाह करने का मतलब है ईरान की आय का सबसे बड़ा स्रोत खत्म करना। बिना तेल के पैसे के, ईरान के लिए अपनी सेना और प्रोक्सी समूहों (हिजबुल्लाह, हूती) को फंड करना नामुमकिन हो जाएगा। सैन्य विकल्प: अमेरिकी रक्षा विभाग इस बात का आकलन कर रहा है कि क्या आइलैंड पर कब्जा करना उसे नष्ट करने से बेहतर विकल्प है, ताकि वैश्विक सप्लाई चेन को पूरी तरह टूटने से बचाया जा सके। 📊 खार्ग आइलैंड: रणनीतिक फैक्ट फाइल विशेषता विवरण सामरिक महत्व स्थिति ईरान तट से 25-30 किमी दूर (फारस की खाड़ी) होर्मुज स्ट्रैट के पास, जहाजों के लिए सुलभ। तेल पाइपलाइन्स अहवाज, मरून और गचसरान से जुड़ी मुख्य तेल क्षेत्रों का सीधा संपर्क। वैश्विक योगदान कुल वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का 4.5% इसके रुकने से तेल की कीमतें $10-15 बढ़ सकती हैं। इतिहास 1980 के ईरान-इराक युद्ध में हमला हुआ पहले भी युद्ध का मुख्य लक्ष्य रहा है। 4. अगर हमला हुआ, तो क्या होगा? (परिणाम) विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खार्ग आइलैंड पर हमले के परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं: तीसरा विश्व युद्ध: यदि ईरान की आय का एकमात्र स्रोत छिना, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट में 'आत्मघाती' हमले शुरू कर सकता है, जिससे अमेरिका और इजराइल सीधे युद्ध में खिंच जाएंगे। वैश्विक महंगाई: दुनिया का 20% तेल होर्मुज स्ट्रैट से गुजरता है। सप्लाई बाधित होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिसका असर भारत जैसे आयातक देशों पर सबसे ज्यादा होगा। पर्यावरण का संकट: तेल टर्मिनल्स पर धमाकों से फारस की खाड़ी में तेल का रिसाव हो सकता है, जो समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को तबाह कर देगा। 5. इतिहास की गूँज: कार्टर और रीगन की नीतियां खार्ग आइलैंड हमेशा से अमेरिका के रडार पर रहा है: 1979 (जिमी कार्टर): बंधक संकट के दौरान कब्जे की सलाह दी गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। 1980 के दशक (रोनाल्ड रीगन): अमेरिका ने अन्य ठिकानों पर हमले किए, लेकिन खार्ग को छोड़ दिया ताकि वैश्विक तेल संकट न हो। ईरान-इराक युद्ध: इराक ने यहाँ भारी तबाही मचाई थी, लेकिन ईरान ने इसे फिर से खड़ा कर लिया।
मिडल ईस्ट महाजंग Day 7: ईरान का 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4' और 22वीं मिसाइल लहर; कुवैत में अमेरिकी बेस पर सुसाइड ड्रोन अटैक, खामेनेई का बंकर तबाह तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगटन | 6 मार्च 2026 अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध का आज सातवां दिन है। युद्ध की विभीषिका कम होने के बजाय और अधिक आक्रामक होती जा रही है। ईरान ने इजराइल के विरुद्ध मिसाइलों की अपनी 22वीं बड़ी खेप दागी है, जिसे अब तक का सबसे सघन हमला माना जा रहा है। वहीं, युद्ध का दायरा बढ़ाते हुए ईरान ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी सुसाइड ड्रोनों से हमला करने का दावा किया है। यहाँ सातवें दिन के युद्ध, रणनीतिक बदलावों और वैश्विक प्रभाव की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. ईरान का 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4': मिसाइल वर्षा ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की है कि इजराइल के खिलाफ उसके सैन्य अभियान का चौथा चरण शुरू हो चुका है। मिसाइलें: ईरान ने इस बार अपनी सबसे उन्नत मिसाइलों— खोर्रमशहर-4, खैबर और फत्ताह (हाइपरसोनिक)—का इस्तेमाल किया है। निशाना: इजराइल के कब्जे वाले क्षेत्रों के 'अंदरूनी हिस्सों' (हार्टलैंड) को निशाना बनाया गया है। ईरान का दावा है कि ये मिसाइलें इजराइल के एयर डिफेंस को भेदने में सफल रही हैं। कलस्टर बमों का उपयोग: खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने गुरुवार रात इजराइल पर कलस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जिससे नागरिक इलाकों में भारी नुकसान की आशंका है। 2. कुवैत में अमेरिकी बेस पर सुसाइड ड्रोन हमला ईरानी सेना के जमीनी बलों ने युद्ध को क्षेत्रीय स्तर पर फैलाते हुए कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। सुसाइड ड्रोन अटैक: ईरानी सरकारी टीवी के अनुसार, 'बड़ी संख्या में विनाशकारी सुसाइड ड्रोन' अमेरिकी बेस की ओर भेजे गए। कुवैत का बयान: कुवैत की सेना ने पुष्टि की है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम 'दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों' से मुकाबला कर रहा है। 20 बेसों को नुकसान: ईरान का दावा है कि कुवैत, बहरीन और यूएई में फैले करीब 20 अमेरिकी ठिकानों को अब तक के युद्ध में भारी क्षति पहुंची है। 3. इजराइल का बड़ा प्रहार: खामेनेई का 'सीक्रेट बंकर' तबाह इजराइली वायुसेना ने ईरान के मनोबल पर गहरी चोट करते हुए तेहरान में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सफलता का दावा किया है: 50 फाइटर जेट्स का मिशन: इजराइल के 50 लड़ाकू विमानों ने तेहरान के केंद्र में स्थित अयातुल्ला अली खामेनेई के विशाल अंडरग्राउंड बंकर को जमींदोज कर दिया। बंकर की बनावट: यह बंकर तेहरान की कई मुख्य सड़कों के नीचे फैला हुआ था, जिसमें अत्याधुनिक मीटिंग रूम और संचार केंद्र थे। इजराइल का दावा है कि खामेनेई की मौत (विवादित रिपोर्ट) के बाद भी ईरानी शीर्ष अधिकारी यहीं से युद्ध का संचालन कर रहे थे। लॉन्चरों की तबाही: इजराइल ने पिछले 24 घंटों में ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट करने का दावा किया है। 📊 युद्ध का लेखा-जोखा: 7 दिनों की तबाही (आंकड़े) श्रेणी विवरण संख्या / स्थिति कुल मौतें (ईरान) अमेरिका-इजराइल हमलों में 1332 लोग स्कूल हमला (मिनाब) गर्ल्स स्कूल पर हमला 175 मौतें (150 बच्चियां) मेडिकल सेंटर ईरानी अस्पताल / क्लीनिक 14 केंद्र तबाह बुनियादी ढांचा बिजली और पानी सप्लाई ईरान के 60% हिस्सों में ठप विस्थापित युद्ध प्रभावित लोग 20 लाख से अधिक (अनुमानित) 4. वैश्विक प्रभाव: रूस का फायदा और भारत को राहत युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार (Energy Market) में उथल-पुथल मची हुई है: रूस की चांदी: क्रेमलिन ने स्वीकार किया है कि ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होने से रूसी तेल और गैस की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। भारत को 'स्पेशल लाइसेंस': अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारत को 30 दिन की विशेष छूट दी है। भारतीय रिफाइनरियां अब 3 अप्रैल तक समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीद सकेंगी, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का खतरा टल गया है। UN की सख्ती: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। 5. लेबनान फ्रंट: सिडोन पर हमला इजराइल ने केवल ईरान ही नहीं, बल्कि लेबनान में भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। दक्षिणी लेबनान के सिडोन शहर पर हुए इजराइली हमले में 5 लोगों की मौत हो गई है। इजराइल का मानना है कि लेबनान की जमीन का इस्तेमाल ईरान समर्थक गुट हमलों के लिए कर रहे हैं।
अमेरिका में 'बर्फ़ीला क़हर': 153 साल में पहली बार नहीं छपा बोस्टन ग्लोब; 11,000 उड़ानें रद्द, 6 लाख घरों की बत्ती गुल वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क | 25 फरवरी 2026 अमेरिका का उत्तर-पूर्वी हिस्सा इस वक्त पिछले एक दशक के सबसे शक्तिशाली 'नॉरईस्टर' (Nor'easter) बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है। रविवार से मंगलवार के बीच कुदरत के इस कहर ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। न्यूयॉर्क, मैसाचुसेट्स और रोड आइलैंड जैसे राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे न केवल जमीन बल्कि आसमान के रास्ते भी बंद हो गए हैं। यहाँ इस बर्फीले तूफान के प्रभाव, रिकॉर्ड और इसके पीछे के विज्ञान का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. एविएशन सेक्टर में हाहाकार: 11,000+ उड़ानें रद्द खराब विजिबिलिटी और रनवे पर जमी कई फीट बर्फ के कारण अमेरिका के प्रमुख एयरपोर्ट्स को अपना परिचालन रोकना पड़ा: उड़ानें रद्द: फ्लाइटअवेयर (FlightAware) के मुताबिक, रविवार से मंगलवार के बीच 11,055 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल की गईं। सोमवार का संकट: अकेले सोमवार को देश भर की करीब 20% उड़ानें (लगभग 5,700) रद्द रहीं। प्रभावित यात्री: हजारों यात्री न्यूयॉर्क के जेएफके (JFK), लागार्डिया और बोस्टन के लोगान एयरपोर्ट पर फंसे रहे। 2. 153 साल का रिकॉर्ड टूटा: अखबार तक नहीं छपा इस तूफान की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार 'द बोस्टन ग्लोब' ने अपने 153 साल के इतिहास में पहली बार प्रिंटिंग बंद रखी। वजह: भारी बर्फबारी के कारण प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी दफ्तर तक नहीं पहुंच सके और वितरण सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। अंधेरे में डूबे शहर: उत्तर-पूर्वी राज्यों में 6 लाख से ज्यादा घरों और दफ्तरों की बिजली गुल हो गई। सोमवार शाम तक करीब 5.2 लाख लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर थे। 3. बर्फबारी के नए रिकॉर्ड और इमरजेंसी नेशनल वेदर सर्विस (NWS) के आंकड़ों ने मौसम वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है: रोड आइलैंड: प्रोविडेंस में 32.8 इंच बर्फ गिरी, जिसने 1978 का 28.6 इंच का रिकॉर्ड तोड़ दिया। कुछ हिस्सों में यह 37 इंच तक पहुंच गई। न्यूयॉर्क: सेंट्रल पार्क में 20 इंच और लॉन्ग आइलैंड में 22 इंच बर्फ दर्ज की गई। राज्यों की प्रतिक्रिया: न्यूयॉर्क: गवर्नर कैथी होचुल ने पूरे राज्य में इमरजेंसी घोषित कर नेशनल गार्ड को तैनात किया है। मैसाचुसेट्स व रोड आइलैंड: गवर्नर्स ने सख्त ट्रैवल बैन लागू किया है, जिससे सड़कों पर केवल इमरजेंसी वाहनों को ही अनुमति दी गई है। 📊 तूफान का प्रभाव: एक नजर में राज्य / शहर बर्फबारी (इंच) मुख्य प्रभाव रोड आइलैंड 32.8 - 37" 1978 के बाद का सबसे भीषण तूफान; पूर्ण ट्रैवल बैन। न्यूयॉर्क सिटी 20 - 22" स्कूल, ब्रिज और ट्रेन सेवाएं (Amtrak) सस्पेंड। मैसाचुसेट्स 30"+ 5 लाख से अधिक घरों में ब्लैकआउट; अखबार प्रिंटिंग बंद। विमान सेवाएं - 11,055 उड़ानें रद्द (देशभर का 20% ट्रैफिक प्रभावित)। 4. क्या होता है 'नॉरईस्टर' और यह क्यों आता है? वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई सामान्य बर्फबारी नहीं बल्कि एक शक्तिशाली नॉरईस्टर (Nor'easter) तूफान है। नाम का अर्थ: इसे नॉरईस्टर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें हवाएं मुख्य रूप से उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा से आती हैं। निर्माण की प्रक्रिया: 1. ठंडी हवा: कनाडा की ओर से आने वाली ध्रुवीय ठंडी हवा दक्षिण की ओर बढ़ती है। 2. गर्म हवा: अटलांटिक महासागर से उठने वाली नम और गर्म हवा इससे टकराती है। 3. टक्कर: जब ये दोनों विपरीत हवाएं मिलती हैं, तो कम दबाव का क्षेत्र बनता है जो तेज हवाओं और भारी बर्फबारी में बदल जाता है। जेट स्ट्रीम की भूमिका: आसमान में ऊंचाई पर बहने वाली जेट स्ट्रीम हवाएं इस सिस्टम को और अधिक ऊर्जा प्रदान करती हैं, जिससे हवा की रफ्तार 110 मील प्रति घंटे तक पहुंच गई। 5. जनजीवन पर अन्य प्रभाव ट्रेन सेवाएं: न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच रेल सेवा (Amtrak) सोमवार रात तक पूरी तरह बंद रही। मनोरंजन: न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध थिएटर हब 'ब्रॉडवे' के सभी शो रद्द करने पड़े। स्कूल: न्यूयॉर्क में मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार से स्कूल खोलने की घोषणा की है, लेकिन कई इलाकों में अभी भी सड़कों से बर्फ हटाने का काम जारी है।