पाकिस्तान के राजनीतिक परिदृश्य में एक अभूतपूर्व तनाव और अनिश्चितता का माहौल छा गया है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जो अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सीधे तौर पर यह मांग करके सनसनी फैला दी कि किसी को भी नहीं पता है कि उनके पिता जिंदा हैं या नहीं, और उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके जिंदा होने का सबूत माँगा।
कासिम खान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले 6 हफ्तों से इमरान खान को एक 'डेथ सेल' में अकेले रखा गया है और परिवार, वकीलों या पार्टी के नेताओं—किसी को भी उनसे मिलने या संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई है। यह सब इस्लामाबाद हाईकोर्ट द्वारा बार-बार मुलाकात की मंजूरी दिए जाने के बावजूद हो रहा है।
इस बीच, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों का आक्रोश अपने चरम पर है। रावलपिंडी जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस ने सड़क पर गिराकर पीटा। PTI ने इस घटना को सेना के आदेश पर किया गया अलोकतांत्रिक हमला बताया है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान में मानवाधिकारों, राजनीतिक स्वतंत्रता और सेना-समर्थक सरकार के रवैये पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
यह विस्तृत आलेख इमरान खान की जेल की स्थिति, बेटे कासिम का भावनात्मक और राजनीतिक आरोप, मुख्यमंत्री अफरीदी पर हमले का विवरण, सोशल मीडिया पर मौत की अफवाहों का कारण, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के भ्रामक दावे, और इमरान खान पर चल रहे अल-कादिर ट्रस्ट सहित अन्य भ्रष्टाचार मामलों का 5000 शब्दों में गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावनात्मक और राजनीतिक पोस्ट साझा कर दुनिया का ध्यान अपने पिता की असुरक्षित स्थिति की ओर खींचा।
गिरफ्तारी की अवधि: कासिम खान ने X पर लिखा कि उनके पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।
अकेलापन: उन्होंने खुलासा किया कि पिछले 6 हफ्तों से इमरान खान को एक 'डेथ सेल' (Death Cell) में अकेले रखा गया है।
संपर्क विच्छेद: इस दौरान न तो किसी को उनसे मिलने दिया गया है, न ही कोई फोन कॉल या मैसेज उन तक पहुँचाया गया है।
परिवार का दर्द: कासिम ने कहा कि उनकी बुआओं (इमरान की बहनें) को भी अपने भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
जानबूझकर कार्रवाई: उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है।
असली हालत छिपाना: कासिम का सबसे बड़ा और खतरनाक आरोप यह था कि सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है और इसीलिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से पिता के जिंदा होने का सबूत माँगा।
इमरान खान की बहन नोरेन नियाजी ने भी मीडिया को बताया कि परिवार को बिल्कुल भी जानकारी नहीं है कि इमरान खान कैसे हैं, क्योंकि जेल प्रशासन पूरी तरह चुप है।
मुलाकात रद्द: पार्टी के नेताओं की जेल में मुलाकात पहले से तय थी, लेकिन उन्हें भी अंदर जाने नहीं दिया गया।
अंतर्राष्ट्रीय अफवाह: नोरेन ने बताया कि भारत में यह खबर फैल गई कि इमरान खान को मार दिया गया है, जिससे परिवार और ज्यादा डर गया।
पुलिस का बर्ताव: उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि परिवार को रोकें और उनके साथ जैसा चाहें वैसा बर्ताव करें। उन्होंने पाकिस्तान में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार की निंदा की।
इमरान खान के समर्थन में और उनसे मुलाकात के लिए खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी गुरुवार को रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।
सुरक्षा और भीड़: CM अफरीदी जब जेल पहुंचे, वहाँ भारी सुरक्षा तैनात थी और PTI समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी।
पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोका। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने CM को लात-घूंसे मारे और जमीन पर गिरा दिया।
सेना का आदेश: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CM अफरीदी पर हमले की कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई।
PTI की प्रतिक्रिया: PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।
हमले के बाद भी CM सोहेल अफरीदी ने सरकार को गंभीर चेतावनी दी:
सवालों का जवाब: अफरीदी ने कहा कि सरकार को इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर उठे सभी सवालों के सही जवाब देने होंगे।
सड़क पर उतरना: उन्होंने धमकी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
सेना प्रमुख पर तंज: अफरीदी ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं।
नतीजे की जिम्मेदारी: उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इमरान खान को कुछ हुआ तो इसके नतीजे की जिम्मेदारी पूरी तरह मौजूदा सरकार पर होगी।
इमरान खान की खराब सेहत और उनसे मुलाकात पर रोक लगने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाहें तेज हो गईं।
मुलाकात पर रोक: अडियाला जेल में हर मंगलवार को कैदियों से मुलाकात की इजाजत मिलती है। इमरान खान के परिवार और PTI नेताओं को कई हफ्तों से उनसे मुलाकात करने नहीं दी गई।
जनता की चिंता: बीते मंगलवार को बड़ी संख्या में PTI कार्यकर्ता जेल पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने किसी को भी मिलने नहीं दिया, जिससे चिंता बढ़ गई।
सोशल मीडिया ट्रेंड: इसके बाद मंगलवार रात सोशल मीडिया पर ‘इमरान खान कहां हैं’ ट्रेंड करने लगा। इसके परिणामस्वरूप बुधवार को अडियाला जेल के बाहर भारी संख्या में PTI समर्थक जुटे।
विदेशी अकाउंट्स का आरोप: PTI ने आरोप लगाया है कि विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से इमरान की मौत तक की खबरें फैलाई जा रही हैं।
जेल प्रशासन का दावा: तनाव बढ़ने के बाद जेल प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि इमरान खान की तबीयत बिल्कुल ठीक है।
PTI की चेतावनी: PTI ने सरकार से अफवाहों पर स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी ने सख्त चेतावनी दी है कि इमरान खान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों की जिम्मेदारी सीधे सरकार पर है, और अगर कोई अनहोनी हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मानवाधिकार उल्लंघन: PTI ने अफवाहों को राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया।
जहां एक तरफ PTI इमरान की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है, वहीं रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उनकी जेल सुविधाओं पर विवादित दावा किया।
शाही सुविधाएँ: रक्षा मंत्री आसिफ ने बुधवार को दावा किया कि इमरान खान के पास जेल में टीवी है, बाहर से खाना आता है, और जिम इक्विपमेंट भी मौजूद है।
मखमली बिस्तर: आसिफ ने कहा कि इमरान के पास डबल बेड और मखमली बिस्तर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेल अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उनकी देखभाल करते हैं।
आत्म-तुलना: आसिफ ने अपनी पिछली जेल यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह बंद थे, तो उनके पास सिर्फ दो कंबल होते थे, वे ठंडे फर्श पर सोते थे, जेल का खाना खाते थे, और उन्हें गर्म पानी भी नहीं मिलता था।
झूठ बोलने का आरोप: आसिफ ने इमरान के समर्थकों पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और उन्हें खुदा से डरने को कहा।
आसिफ के दावों के विपरीत, जेल प्रशासन इमरान खान को साधारण कानूनी अधिकार भी नहीं दे रहा है:
हाईकोर्ट की मंजूरी: मार्च 2025 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को परिवार और वकीलों से नियमित मुलाकात की मंजूरी दी थी।
पुनः निर्देश: अक्टूबर 2025 में अदालत ने दोबारा मुलाकातें बहाल करने का निर्देश दिया था।
अवहेलना: इन दोनों आदेशों के बावजूद, जेल प्रशासन इसका पालन नहीं कर रहा है और उनकी बहनों को अब तक एक भी बार मुलाकात नहीं कराई गई है।
इमरान खान 100 से ज्यादा केसों का सामना कर रहे हैं और अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनके खिलाफ सबसे गंभीर मामलों में से एक अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम है।
सजा: भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं।
अल-कादिर ट्रस्ट: इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन को सस्ते में बेच दिया था।
मुख्य किरदार: इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी, अरबपति लैंड माफिया मलिक रियाज और बुशरा की दोस्त फराह गोगी।
आरोप: सरकार का आरोप है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद खान ने मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। ब्रिटेन में रियाज की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी जब्त हुई, और 40 अरब पाकिस्तानी रुपए बरामद हुए।
डील: आरोप है कि डील के तहत ब्रिटेन सरकार ने रियाज के गुर्गे से बरामद पैसा पाकिस्तान सरकार को लौटा दिया। इमरान ने कैबिनेट को इसकी जानकारी नहीं दी।
ट्रस्ट का गठन: अल-कादिर नाम से एक ट्रस्ट बनाकर मजहबी तालीम देने के लिए एक यूनिवर्सिटी शुरू की गई। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में इमरान खान, बुशरा बीबी और फराह गोगी थे।
रियाज का फायदा: FIR के मुताबिक, इसके लिए अरबों रुपए की जमीन मलिक रियाज ने दी और बुशरा बीबी को डायमंड रिंग भी गिफ्ट की। बदले में रियाज के तमाम केस खत्म कर दिए गए।
घूस का आरोप: पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम बताया, जिसमें सरकारी खजाने को कम से कम 50 अरब रुपए की चपत लगी।
अंतिम आरोप: जियो न्यूज के मुताबिक, इमरान खान और उनकी पत्नी पर 1 हजार 955 करोड़ रुपए की घूस लेने का आरोप दर्ज किया गया है।
इमरान खान के बेटे कासिम खान का यह सार्वजनिक सवाल कि 'क्या उनके पिता ज़िंदा हैं', पाकिस्तान की राजनीतिक और मानवाधिकार स्थिति की भयावहता को दर्शाता है। एक तरफ़ कानूनी फैसलों की अवहेलना है, दूसरी तरफ़ सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा हमले और झूठे दावों का दौर। यह सब देश में एक बड़े राजनीतिक संकट और जन-असंतोष की ओर इशारा करता है, जिसका खामियाजा अंततः देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को भुगतना पड़ सकता है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
डोनाल्ड ट्रम्प का 'अमेरिका फर्स्ट' अल्टीमेटम: "अब हम किसी देश की मदद नहीं करेंगे; होर्मुज स्ट्रेट से खुद निकालें अपना तेल" वॉशिंगटन/तेहरान | 31 मार्च 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को अपनी विदेश नीति में एक और बड़ा और चौंकाने वाला 'यू-टर्न' लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब दुनिया का 'पुलिसमैन' बनकर दूसरे देशों की ऊर्जा सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं उठाएगा। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल-ईस्ट में ईरान के साथ युद्ध चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप है। यहाँ राष्ट्रपति ट्रम्प के बयान, ईरान पर हुई ताजा एयरस्ट्राइक और इसके वैश्विक आर्थिक परिणामों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. ट्रम्प का देशों को सीधा संदेश: "हिम्मत दिखाएं और खुद तेल लाएं" डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए दुनिया के सहयोगी देशों, विशेषकर ब्रिटेन और यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी है: मदद का अंत: ट्रम्प ने कहा, "अब अमेरिका किसी देश की मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाएगा। देशों को अपने हालात खुद संभालने होंगे।" होर्मुज स्ट्रेट की चुनौती: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो देश होर्मुज स्ट्रेट से ईंधन नहीं ला पा रहे हैं, वे हिम्मत दिखाएं और खुद वहां जाकर अपना तेल लें। अमेरिका उनके जहाजों को सुरक्षा देने के लिए अपनी सेना नहीं भेजेगा। अमेरिका से खरीदें तेल: ट्रम्प ने विकल्प देते हुए कहा, "ब्रिटेन जैसे देशों को अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए। हमारे पास तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन हम मुफ्त या रिस्क लेकर किसी की मदद नहीं करेंगे।" बदले की भावना: उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जब अमेरिका को जरूरत थी तो ये देश नहीं आए, तो अब अमेरिका क्यों आए? 2. ईरान के इस्फहान में भीषण एयरस्ट्राइक: 'बंकर-बस्टर' बमों का तांडव एक तरफ ट्रम्प कूटनीतिक रूप से पीछे हट रहे हैं, तो दूसरी तरफ सैन्य रूप से ईरान को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं: हथियार डिपो तबाह: सोमवार रात अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के इस्फहान (Isfahan) शहर में एक विशाल हथियार डिपो पर हमला किया। 2000 पाउंड के बम: वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, इस हमले में 'बंकर-बस्टर' बमों का इस्तेमाल किया गया, जो जमीन के गहरे बंकरों को भेदने की क्षमता रखते हैं। नुकसान का आकलन: हमले के बाद डिपो में रखे बारूद और मिसाइलों में श्रृंखलावार विस्फोट (Chain Reaction) हुए। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी गईं। ट्रम्प ने खुद इस तबाही का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि "ईरान अब काफी हद तक कमजोर हो चुका है।" 📊 ट्रम्प प्रशासन की नई रणनीति: मुख्य बिंदु मुद्दा राष्ट्रपति ट्रम्प का स्टैंड सैन्य सहायता किसी भी विदेशी तेल टैंकर को अमेरिकी नौसेना सुरक्षा नहीं देगी। ईरान की स्थिति ट्रम्प के अनुसार "सबसे मुश्किल काम (ईरान को कमजोर करना) पूरा हो चुका है।" व्यापारिक ऑफर मित्र देशों को अमेरिकी तेल (Shale Oil) खरीदने का प्रस्ताव। गठबंधन "जैसे को तैसा"— जो अमेरिका के साथ नहीं, अमेरिका उसके साथ नहीं। Export to Sheets 3. 'होर्मुज संकट' और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर ट्रम्प के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मचा दिया है: तेल की कीमतें: अगर अमेरिका सुरक्षा नहीं देता है, तो बीमा कंपनियां तेल टैंकरों का बीमा करना बंद कर देंगी, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें $150 प्रति बैरल तक जा सकती हैं। ब्रिटेन और यूरोप का संकट: ब्रिटेन अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस रूट पर निर्भर है। ट्रम्प का बयान उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। भारत पर प्रभाव: भारत के लिए यह स्थिति दोहरी चुनौती है। एक तरफ होर्मुज बंद है और दूसरी तरफ अमेरिका मदद से हाथ खींच रहा है। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भारी दबाव पड़ सकता है। 4. "ईरान अब कमजोर है": क्या युद्ध खत्म होने वाला है? ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की रीढ़ तोड़ी जा चुकी है। इस्फहान के हथियार डिपो को निशाना बनाना इसी कड़ी का हिस्सा है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता अब न के बराबर रह गई है, इसलिए अब अन्य देश (जैसे सऊदी अरब या यूएई) चाहें तो खुद अपनी सप्लाई बहाल कर सकते हैं।
पाकिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात: सेना प्रमुख असीम मुनीर का शिया समुदाय को अल्टीमेटम— "ईरान इतना पसंद है तो वहीं चले जाओ"; 3.7 करोड़ आबादी में आक्रोश रावलपिंडी/कराची | 21 मार्च 2026 पाकिस्तान इस समय न केवल आर्थिक और बाहरी मोर्चे पर जंग लड़ रहा है, बल्कि अब देश के भीतर सांप्रदायिक दरार भी गहरी हो गई है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख (COAS) जनरल असीम मुनीर के एक ताजा और विवादित बयान ने देश की 15% शिया आबादी को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। रावलपिंडी में एक इफ्तार पार्टी के दौरान मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं से दो-टूक कहा कि जिनकी वफादारी पाकिस्तान के बजाय ईरान के प्रति है, उनके लिए देश के दरवाजे खुले हैं—वे ईरान जा सकते हैं। यहाँ इस पूरे विवाद, शिया समुदाय की प्रतिक्रिया और पाकिस्तान के भीतर सुलगती आग की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. इफ्तार पार्टी में विवाद: "दरवाजे खुले हैं, ईरान चले जाएं" रावलपिंडी में शिया उलेमाओं के साथ आयोजित एक औपचारिक इफ्तार बैठक में माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब जनरल मुनीर ने शिया समुदाय की देशभक्ति पर सवाल उठाए: वफादारी का सवाल: मुनीर ने कहा, "हम किसी को भी दूसरे देश के प्रति अपनी वफादारी की आड़ में पाकिस्तान में अफरा-तफरी फैलाने की इजाजत नहीं देंगे। जो लोग ईरान से इतना प्यार करते हैं, वे वहां चले जाएं।" अचानक प्रस्थान: बैठक के बाद उलेमाओं को बताया गया था कि चर्चा जारी रहेगी, लेकिन जनरल मुनीर अचानक कार्यक्रम छोड़कर चले गए। शिया नेताओं ने इसे न केवल सामुदायिक बल्कि व्यक्तिगत अपमान के रूप में देखा। 2. विवाद की जड़: अयातुल्ला खामेनेई की मौत और विरोध प्रदर्शन यह कड़वाहट 1 मार्च को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित हत्या/मौत के बाद शुरू हुई। देशव्यापी प्रदर्शन: पाकिस्तान के कराची, इस्लामाबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान में शिया समुदाय ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। हिंसा और मौतें: कराची में अमेरिकी दूतावास में घुसने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर अमेरिकी मरीन की फायरिंग में 10 लोगों की मौत हो गई। गिलगित और स्कार्दू में संयुक्त राष्ट्र (UN) के दफ्तरों में आगजनी की गई। मुनीर का आरोप: सेना प्रमुख का मानना है कि शिया समुदाय पाकिस्तान के आंतरिक हितों के बजाय ईरान के एजेंडे को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे देश की सुरक्षा खतरे में है। 3. शिया नेतृत्व का पलटवार: "जिन्ना भी शिया थे" प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु मोहम्मद शिफा नजफी ने जनरल मुनीर के सामने ही कड़ी आपत्ति दर्ज कराई: ऐतिहासिक संदर्भ: नजफी ने याद दिलाया कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना स्वयं शिया थे और पाकिस्तान के निर्माण में इस समुदाय का खून-पसीना शामिल है। धार्मिक जुड़ाव vs देशभक्ति: शिया नेताओं का कहना है कि मक्का, मदीना, नजफ (इराक) और ईरान (मशहद) से उनका जुड़ाव उनकी आस्था का हिस्सा है, जिसे 'देशद्रोह' या 'गद्दारी' नहीं कहा जा सकता। सेना में योगदान: उन्होंने मुनीर को याद दिलाया कि पाकिस्तान की सेना के कई उच्च पदों पर शिया अधिकारी देश की रक्षा कर रहे हैं। 📊 पाकिस्तान में शिया समुदाय की स्थिति (एक नजर में) विवरण आंकड़े/जानकारी कुल आबादी लगभग 15% (3.77 करोड़ लोग) प्रभावित क्षेत्र कराची, इस्लामाबाद, लाहौर, गिलगित-बाल्टिस्तान, कुर्रम मुख्य मांग धार्मिक पहचान और देशभक्ति को अलग रखा जाए। हालिया हिंसा अमेरिकी दूतावास फायरिंग (10 मौतें), UN दफ्तरों में आगजनी। 4. कूटनीतिक बदलाव: ईरान से दूरी, सऊदी से नजदीकी विशेषज्ञों का मानना है कि मुनीर का यह बयान केवल आंतरिक नहीं, बल्कि एक बड़ी विदेश नीति का संकेत है: सऊदी अरब का प्रभाव: पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सेना अब सऊदी अरब और खाड़ी देशों (UAE) के और करीब जा रही है, जो ईरान के पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी हैं। संतुलन का अंत: दशकों तक पाकिस्तान ने ईरान और सऊदी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, लेकिन अब जनरल मुनीर के नेतृत्व में सेना ने स्पष्ट रूप से 'प्रो-सऊदी' रुख अपना लिया है। 5. सेना का आधिकारिक स्पष्टीकरण विवाद बढ़ता देख पाकिस्तान सेना (ISPR) ने एक संभला हुआ बयान जारी किया: सेना ने कहा कि जनरल मुनीर ने केवल राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की थी। बयान के अनुसार, मुनीर का उद्देश्य धार्मिक नेताओं को बाहरी ताकतों के बहकावे में आने से रोकना था। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जमीनी हकीकत काफी कड़वी थी।
मिडिल ईस्ट महाजंग Day 18: भारत की 'सॉफ्ट पावर' और 'एनर्जी सिक्योरिटी' का तालमेल; ईरान को भेजी मेडिकल मदद, मुंद्रा पहुँचा कच्चा तेल नई दिल्ली/तेहरान/तेल अवीव | 18 मार्च 2026 इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध अब एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ कूटनीति और विनाशक हमले साथ-साथ चल रहे हैं। एक तरफ जहाँ इजराइल ने ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खातिब को मारने का दावा कर तेहरान के सुरक्षा तंत्र की चूलें हिला दी हैं, वहीं भारत ने युद्ध की विभीषिका के बीच मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ईरान को मेडिकल सहायता की पहली खेप भेजी है। समुद्र के रास्ते भी भारत के लिए अच्छी खबर है। होर्मुज स्ट्रैट के तनावपूर्ण पानी को पार कर भारतीय तेल टैंकर 'जग लाडकी' गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुँच चुका है, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को बड़ी राहत मिली है। यहाँ 18वें दिन के युद्ध और भारत पर इसके प्रभाव की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. भारत की मानवीय पहल: ईरान को दवाओं की सप्लाई जंग के बीच भारत ने साबित किया है कि वह 'विश्व बंधु' की अपनी भूमिका पर अडिग है। रेड क्रिसेंट को मदद: भारत ने ईरान की 'रेड क्रिसेंट सोसाइटी' को जीवन रक्षक दवाओं और जरूरी मेडिकल उपकरणों की पहली खेप सफलतापूर्वक सौंप दी है। ईरान का आभार: तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने इस मदद का वीडियो साझा किया, जिसके बाद ईरान ने इसे "भारतीय लोगों का निस्वार्थ सहयोग" बताते हुए आभार व्यक्त किया। कूटनीतिक महत्व: यह मदद ऐसे समय में भेजी गई है जब ईरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और युद्ध के कारण दवाओं की भारी किल्लत झेल रहा है। 2. इजराइल का बड़ा दावा: इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खातिब ढेर! इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने दावा किया है कि एक सटीक एयरस्ट्राइक में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब को मार गिराया गया है। कौन थे इस्माइल खातिब? वे ईरान के आंतरिक सुरक्षा नेटवर्क के सर्वेसर्वा थे। उन्हें अयातुल्ला खामेनेई का करीबी और 'हार्डलाइनर' माना जाता था। ईरान का पावर स्ट्रक्चर: यदि इस खबर की पुष्टि होती है, तो यह ईरान के खुफिया तंत्र के लिए लारीजानी की मौत के बाद दूसरा सबसे बड़ा झटका होगा। इससे ईरान के भीतर जासूसी रोकने और रणनीतिक फैसलों में बड़ी बाधा आएगी। 3. 'जग लाडकी' की मुंद्रा वापसी: भारत की ऊर्जा सुरक्षा भारतीय झंडे वाला विशाल तेल टैंकर 'जग लाडकी' सफलतापूर्वक मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) पहुँच गया है। कच्चे तेल का भंडार: इस टैंकर में 80,886 मीट्रिक टन (करीब 6 लाख बैरल) कच्चा तेल लदा है। कहाँ से आया? यह जहाज UAE के फुजैराह पोर्ट से चला था और युद्ध के सबसे खतरनाक क्षेत्र होर्मुज स्ट्रैट को पार कर भारत पहुँचा है। खपत का गणित: भारत रोजाना करीब 5.6 मिलियन बैरल तेल की खपत करता है। 'जग लाडकी' जैसी सुरक्षित लैंडिंग भारत के पेट्रोलियम रिजर्व को स्थिर रखने के लिए बेहद जरूरी है। 4. इजराइल का 'एनर्जी वॉर': साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला इजराइल ने अब अपनी रणनीति बदलते हुए ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी ऊर्जा ढांचे पर हमला शुरू कर दिया है। साउथ पार्स गैस फील्ड: इजराइली लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी ईरान के बुशेहर प्रांत में स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्र 'साउथ पार्स' से जुड़ी सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक की। कतर की निंदा: कतर ने इस हमले की कड़ी निंदा की है, क्योंकि यह गैस फील्ड कतर के 'नॉर्थ फील्ड' का ही विस्तार है। कतर के मुताबिक, ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना "वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सुसाइड मिशन" जैसा है। ईरान की जवाबी चेतावनी: ईरान की IRGC ने सऊदी अरब, UAE और कतर को चेतावनी दी है कि वे अपने तेल ठिकानों से दूर रहें, क्योंकि अब ईरान भी दुश्मन के उन ठिकानों को निशाना बनाएगा जिन्हें अब तक 'सुरक्षित' माना जाता था। 📊 युद्ध का प्रभाव: ताजा आंकड़े (18 मार्च 2026) घटना / विवरण डेटा / स्थिति प्रभाव भारतीयों की वापसी 2.6 लाख (28 फरवरी से अब तक) विदेश मंत्रालय द्वारा बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन। तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल महंगा। इराक-तुर्किये समझौता पाइपलाइन फिर से शुरू तेल सप्लाई के लिए वैकल्पिक रास्ते की खोज। बहरीन का दावा 130 मिसाइलें मार गिराईं खाड़ी क्षेत्र में भारी हवाई युद्ध। 5. यूक्रेन के लिए 'बुरी खबर': जेलेंस्की की चिंता यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि मिडिल ईस्ट की जंग यूक्रेन के लिए काल साबित हो रही है। मिसाइलों की कमी: जेलेंस्की के मुताबिक, अमेरिका के पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम अब यूक्रेन के बजाय इजराइल की ओर मोड़े जा रहे हैं। पुतिन का फायदा: जेलेंस्की का मानना है कि इस जंग से रूस के राष्ट्रपति पुतिन सबसे ज्यादा खुश हैं, क्योंकि इससे पश्चिमी देशों का ध्यान और संसाधन यूक्रेन से हटकर मिडिल ईस्ट पर केंद्रित हो गए हैं। 6. राष्ट्रगान विवाद और महिला फुटबॉल टीम की वापसी ईरान की महिला फुटबॉल टीम, जिसने ऑस्ट्रेलिया में मैच के दौरान अपना राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया था, अब वतन लौट आई है। गद्दार से 'बेटी' तक का सफर: पहले उन्हें ईरानी मीडिया में गद्दार कहा गया, लेकिन अब ईरान के संसद अध्यक्ष कालीबाफ ने उन्हें "देश की प्यारी बेटियां" कहते हुए भव्य स्वागत का वादा किया है।