धर्म

मथुरा: 11 दिन बाद स्वस्थ नजर आए संत प्रेमानंद महाराज‚ शुरू की पदयात्रा

रवि चौहान अक्टूबर 13, 2025 0
वृंदावन के आध्यात्मिक गुरु संत प्रेमानंद महाराज. (Photo Credit; Kelly Kunj Ashram)
वृंदावन के आध्यात्मिक गुरु संत प्रेमानंद महाराज. (Photo Credit; Kelly Kunj Ashram)

मथुरा/वृंदावन: वृंदावन के आध्यात्मिक गुरु संत प्रेमानंद महाराज ने 11 दिन बाद सोमवार तड़के 4 बजे अपने श्री हित राधा केली कुंज आश्रम से पदयात्रा की और भक्तों को दर्शन दिए। महाराज केवल 100 मीटर चलने के बाद फिर से अपने आवास लौट गए। उन्होंने भक्तों से कहा, “राधा का कीर्तन किया करो। जब तक उनकी महिमा रहेगी, मेरी सांसे चलती रहेंगी।”

 

11 दिन से अस्वस्थ थे संत प्रेमानंद महाराज:


करीब 11 दिन से अस्वस्थ रहने के कारण संत प्रेमानंद महाराज अपने आवास पर एकांत में रह रहे थे। सोमवार तड़के 4 बजे वे आश्रम से बाहर आए और परिक्रमा मार्ग में भक्तों को दर्शन दिए। हालांकि, अधिक चलने की स्थिति में स्वास्थ्य की वजह से वे जल्द ही अपने आवास लौट गए।

डायलिसिस के कारण घर पर रहना पड़ता है:


संत प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियां 2006 से खराब हैं। उनके आवास पर हर सप्ताह डॉक्टर श्री कृष्णा अपार्टमेंट में डायलिसिस होती है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, महाराज को बाहर अधिक समय तक रहने की अनुमति नहीं है। इसी वजह से 11 दिन से उनकी पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए बंद थी और वे केवल एकांत वार्ता कर रहे थे।

 

भक्त और वीआईपी आते हैं दर्शन के लिए:


वृंदावन के परिक्रमा मार्ग में स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इसके अलावा कई वीआईपी और हस्तियां जैसे कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा भी महाराज के दर्शन कर चुके हैं।
संत प्रेमानंद महाराज के फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लाखों फॉलोअर हैं।

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दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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प्रेमानंद महाराज
भगवान खुश हैं या नाराज़? जानिए प्रेमानंद महाराज ने कैसे दिया इसका सरल जवाब

हर इंसान चाहता है कि भगवान हमेशा उसके साथ रहें — उसकी रक्षा करें, जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। लोग मंदिर जाते हैं, पूजा करते हैं, दान देते हैं और तरह-तरह की साधनाएं करते हैं ताकि भगवान प्रसन्न रहें। लेकिन कई बार मन में एक सवाल उठता है — क्या सच में भगवान हमसे खुश हैं? या कहीं ऐसा तो नहीं कि वे हमसे नाराज़ हैं?   वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने इस गूढ़ प्रश्न का बड़ा ही सुंदर और सरल उत्तर अपने प्रवचन में दिया। उन्होंने बताया कि भगवान की प्रसन्नता किसी बाहरी चीज या दिखावे से नहीं, बल्कि हमारे मन के भाव और कर्मों से जुड़ी होती है। भगवान को खुश करने के लिए चढ़ावा या भव्य पूजा नहीं, बल्कि सच्चे मन का प्रेम और सही आचरण जरूरी है।   🌼 भगवान के खुश होने के संकेत   प्रेमानंद महाराज के अनुसार, भगवान की प्रसन्नता का अंदाजा बाहरी चीजों से नहीं लगाया जा सकता। जब मन के विचार पवित्र होने लगें, दूसरों के प्रति करुणा, प्रेम और मदद का भाव जागे — समझ लेना चाहिए कि भगवान प्रसन्न हैं। जब हमें संतों की संगत अच्छी लगे, धार्मिक बातें सुनने में आनंद आए, और मन बुरे कर्मों से खुद दूर भागे, तो यह भगवान की कृपा का संकेत है। जब जीवन में सच्चाई, ईमानदारी और नम्रता बढ़ने लगे, तो यह भी संकेत है कि भगवान हमारे जीवन में सक्रिय हैं। महाराज जी कहते हैं — “जब मन अच्छा बनने लगे, वही भगवान की खुशी का प्रमाण है।”   ⚡ भगवान के नाराज़ होने के संकेत   अगर मन में गुस्सा, लालच, ईर्ष्या या द्वेष बढ़ने लगे — तो यह संकेत है कि भगवान की कृपा दूर हो रही है। जब बुद्धि भ्रमित हो जाए, सत्य और असत्य का भेद मिटने लगे, और व्यक्ति गलत दिशा में जाने लगे, तो समझना चाहिए कि भगवान अप्रसन्न हैं। ऐसे समय में आत्म-चिंतन और सुधार की आवश्यकता होती है। महाराज जी ने कहा कि भगवान की नाराज़गी का सबसे बड़ा संकेत है — शांति का चले जाना। जब जीवन में बेचैनी, डर और चिंता बढ़ जाएं, तो यह ईश्वर से दूरी का प्रमाण है।   💖 भगवान को खुश करने का असली तरीका   प्रेमानंद महाराज कहते हैं — “भगवान को खुश करने का सबसे आसान तरीका है — सच्चे दिल से भक्ति करना। उन्हें किसी चीज़ की जरूरत नहीं, बस प्रेम चाहिए।” जब इंसान हर हाल में भगवान का नाम लेता है — चाहे समय अच्छा हो या बुरा — तब भगवान उसकी हर सांस में बस जाते हैं।   और जब किसी को हर जगह — गरीब में, पशु-पक्षी में, पेड़-पौधों में, बुजुर्गों में — भगवान का दर्शन होने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि भगवान उसके हृदय में स्थान बना चुके हैं। यही सबसे बड़ा संकेत है कि भगवान प्रसन्न हैं।

रवि चौहान अक्टूबर 29, 2025 0
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धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

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