मथुरा | 21 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार तड़के एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे ब्रज क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। विख्यात गौरक्षक और "फरसा वाले बाबा" के नाम से मशहूर चंद्रशेखर उर्फ चंद्रशेखर बाबा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद गौरक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा, जिससे दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
जहाँ समर्थक इसे एक सोची-समझी हत्या (Lynch/Murder) बता रहे हैं, वहीं पुलिस इसे घने कोहरे के कारण हुआ एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसा करार दे रही है। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और जमीनी हालात की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
यह दर्दनाक वाकया कोसी कलां थाना क्षेत्र की कोटवन चौकी के अंतर्गत नवीपुर गांव के पास हुआ।
संदेह और कार्रवाई: सुबह करीब 3:00 से 4:00 बजे के बीच, फरसा वाले बाबा ने शक के आधार पर एक वाहन को रुकवाया था। बाबा को अंदेशा था कि वाहन में गोवंश (गाय) तस्करी की जा रही है।
हादसा: इसी दौरान, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने बाबा को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि तीन अन्य अंधेरे और कोहरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।
बाबा की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में गौरक्षक और उनके समर्थक दिल्ली-आगरा हाईवे पर जमा हो गए।
चक्का जाम: प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
हिंसा: आक्रोशित भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और देखते ही देखते पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
पुलिस की कार्रवाई: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। काफी मशक्कत के बाद आवश्यक बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में किया गया।
मथुरा पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए अफवाहों पर लगाम लगाने की कोशिश की है:
"चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा ने संदेह के आधार पर एक कंटेनर को रोका था। घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे तार लदे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। जिस कंटेनर को बाबा ने रोका था, उसमें किराने का सामान मिला है। यह एक शुद्ध सड़क दुर्घटना है, गोवंश तस्करी से इसका कोई संबंध नहीं है।"
| समय | घटना | प्रभाव |
| 03:30 AM | बाबा ने नवीपुर के पास वाहन रुकवाया। | कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी। |
| 04:00 AM | पीछे से आए ट्रक ने बाबा को कुचला। | मौके पर ही बाबा की मौत। |
| 08:00 AM | दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम शुरू। | हजारों यात्री बीच रास्ते फंसे। |
| 11:00 AM | पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प। | पथराव और आंसू गैस का प्रयोग। |
| 02:00 PM | पुलिस ने बल प्रयोग कर हाईवे खुलवाया। | इलाके में भारी पुलिस बल तैनात। |
चंद्रशेखर बाबा ब्रज क्षेत्र के एक प्रखर गौरक्षक थे। वे हमेशा अपने साथ एक फरसा रखते थे, जिसके कारण उन्हें "फरसा वाले बाबा" कहा जाने लगा। गौ-तस्करी रोकने के लिए वे रात-रात भर हाईवे पर गश्त करते थे। स्थानीय लोगों और गौरक्षकों के बीच उनकी जबरदस्त पैठ थी, यही कारण है कि उनकी मौत ने भावनाओं को उद्वेलित कर दिया है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
मथुरा में तनाव: विख्यात गौरक्षक "फरसा वाले बाबा" की मौत पर बवाल; हाईवे पर पथराव, आंसू गैस के गोले और पुलिस का बड़ा खुलासा मथुरा | 21 मार्च 2026 उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार तड़के एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे ब्रज क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। विख्यात गौरक्षक और "फरसा वाले बाबा" के नाम से मशहूर चंद्रशेखर उर्फ चंद्रशेखर बाबा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद गौरक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा, जिससे दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। जहाँ समर्थक इसे एक सोची-समझी हत्या (Lynch/Murder) बता रहे हैं, वहीं पुलिस इसे घने कोहरे के कारण हुआ एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसा करार दे रही है। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और जमीनी हालात की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. घटना का विवरण: सुबह 4 बजे का वह मंजर यह दर्दनाक वाकया कोसी कलां थाना क्षेत्र की कोटवन चौकी के अंतर्गत नवीपुर गांव के पास हुआ। संदेह और कार्रवाई: सुबह करीब 3:00 से 4:00 बजे के बीच, फरसा वाले बाबा ने शक के आधार पर एक वाहन को रुकवाया था। बाबा को अंदेशा था कि वाहन में गोवंश (गाय) तस्करी की जा रही है। हादसा: इसी दौरान, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने बाबा को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि तीन अन्य अंधेरे और कोहरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। 2. हाईवे पर संग्राम: पुलिस पर पथराव और आंसू गैस बाबा की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में गौरक्षक और उनके समर्थक दिल्ली-आगरा हाईवे पर जमा हो गए। चक्का जाम: प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हिंसा: आक्रोशित भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और देखते ही देखते पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पुलिस की कार्रवाई: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। काफी मशक्कत के बाद आवश्यक बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में किया गया। 3. पुलिस का आधिकारिक पक्ष: "यह गोवंश तस्करी नहीं, दुर्घटना है" मथुरा पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए अफवाहों पर लगाम लगाने की कोशिश की है: "चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा ने संदेह के आधार पर एक कंटेनर को रोका था। घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे तार लदे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। जिस कंटेनर को बाबा ने रोका था, उसमें किराने का सामान मिला है। यह एक शुद्ध सड़क दुर्घटना है, गोवंश तस्करी से इसका कोई संबंध नहीं है।" 📊 घटनाक्रम: एक नजर में (21 मार्च 2026) समय घटना प्रभाव 03:30 AM बाबा ने नवीपुर के पास वाहन रुकवाया। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी। 04:00 AM पीछे से आए ट्रक ने बाबा को कुचला। मौके पर ही बाबा की मौत। 08:00 AM दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम शुरू। हजारों यात्री बीच रास्ते फंसे। 11:00 AM पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प। पथराव और आंसू गैस का प्रयोग। 02:00 PM पुलिस ने बल प्रयोग कर हाईवे खुलवाया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात। 4. कौन थे "फरसा वाले बाबा"? चंद्रशेखर बाबा ब्रज क्षेत्र के एक प्रखर गौरक्षक थे। वे हमेशा अपने साथ एक फरसा रखते थे, जिसके कारण उन्हें "फरसा वाले बाबा" कहा जाने लगा। गौ-तस्करी रोकने के लिए वे रात-रात भर हाईवे पर गश्त करते थे। स्थानीय लोगों और गौरक्षकों के बीच उनकी जबरदस्त पैठ थी, यही कारण है कि उनकी मौत ने भावनाओं को उद्वेलित कर दिया है।
मेरठ अग्निकांड: तीन मंजिला मकान में 6 जिंदगियां राख; जुड़वां बच्चियों समेत 5 बच्चों और मां की मौत, पड़ोसियों ने दीवार तोड़कर निकाले शव मेरठ | 24 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में सोमवार देर रात एक कपड़ा कारोबारी के तीन मंजिला घर में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें 6 महीने की दो जुड़वां बच्चियां और तीन अन्य मासूम बच्चे शामिल हैं। हादसे के वक्त घर के पुरुष मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे, जिससे घर में केवल महिलाएं और बच्चे ही मौजूद थे। यहाँ इस हृदयविदारक घटना, रेस्क्यू ऑपरेशन और पीड़ित परिवार की स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. कैसे शुरू हुआ मौत का तांडव? हादसा किदवई नगर की गली नंबर-1 में स्थित इकबाल अहमद के मकान में हुआ। इकबाल और उनके बेटे कपड़ों का कारोबार करते हैं। ग्राउंड फ्लोर बना था गोदाम: घर के निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर) में भारी मात्रा में कपड़ों का स्टॉक रखा हुआ था। रात करीब 8 से 9 बजे के बीच अचानक यहाँ आग लग गई। शॉर्ट सर्किट की आशंका: शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कपड़ों की मौजूदगी के कारण लपटें कुछ ही मिनटों में इतनी विकराल हो गईं कि सीढ़ियों का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। पुरुषों की अनुपस्थिति: जिस वक्त आग लगी, इकबाल अहमद और उनके चार बेटे पास की मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे, जबकि एक बेटा प्रयागराज में था। घर में 12 लोग (महिलाएं और बच्चे) फंसे रह गए। 2. रेस्क्यू और वो 'घातक' फैसला आग लगते ही मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया: फर्स्ट फ्लोर का रेस्क्यू: पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर पहली मंजिल (First Floor) की खिड़की से 5 लोगों (तीन महिलाएं और दो बच्चे) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सेकंड फ्लोर पर फंसी मौत: दूसरी मंजिल पर आसिम की पत्नी रुखसार (30) अपने बच्चों के साथ मौजूद थी। जब उसने नीचे आग और धुआं देखा, तो वह बुरी तरह डर गई। बचने के लिए उसने बच्चों समेत खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया। यही फैसला उनके लिए घातक साबित हुआ। दीवार तोड़कर पहुंचे बचावकर्मी: संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देरी हुई। अंततः पड़ोसी की दीवार तोड़कर दमकलकर्मी अंदर पहुंचे, लेकिन तब तक कमरे में मौजूद सभी लोग धुएं और तपिश के कारण दम तोड़ चुके थे। 3. मृतकों का विवरण: मासूमों ने किसी का क्या बिगाड़ा था? मंगलवार सुबह जब एक साथ 6 जनाजे उठे, तो पूरे मेरठ की आंखें नम थीं। हादसे में जान गंवाने वाले सदस्य: नाम आयु / संबंध स्थिति रुखसार 30 वर्ष (आसिम की पत्नी) दम घुटने और जलने से मौत अनाबिया 6 माह (जुड़वां बेटी) मृत घोषित इनायत 6 माह (जुड़वां बेटी) मृत घोषित अकदस 3 वर्ष (बेटा) मृत घोषित महविश 12 वर्ष (भतीजी) मृत घोषित हम्माद 4 वर्ष (भतीजा) मृत घोषित 4. प्रशासन की कार्रवाई और जांच हादसे की सूचना मिलते ही एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे। जांच के आदेश: जिलाधिकारी (DM) ने विद्युत विभाग और फायर सेफ्टी के अफसरों को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। संकरी गलियों की चुनौती: एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इलाका बेहद घना है, जिससे फायर टेंडर को अंदर ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फायर फाइटर्स ने छतों के रास्ते अंदर घुसकर आग पर काबू पाया। गैस लीकेज का एंगल: पुलिस जहाँ शॉर्ट सर्किट को वजह मान रही है, वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि घर में गैस लीकेज की वजह से आग ने इतना विकराल रूप लिया। 5. सिसकते परिजन और अंतिम विदाई मंगलवार सुबह नौचंदी स्थित बाले मियां कब्रिस्तान में सभी 6 मृतकों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। आसिम का विलाप: अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों को खो चुके आसिम की हालत देखकर हर कोई रो पड़ा। रिश्तेदारों ने उसे संभाला, लेकिन उसकी दुनिया उजड़ चुकी थी। दादी की हालत: बच्चों की दादी अमीर बानो अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें फिलहाल इस दुखद खबर से दूर रखा गया है कि उनकी बहू और पोते-पोतियां अब इस दुनिया में नहीं हैं। राजनीतिक संवेदनाएं: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
शादाब जकाती पर गंभीर आरोप: '10 वाला बिस्कुट' फेम इंफ्लुएंसर ने महिला को बनाया बंधक; अश्लील कंटेंट और शोषण का दावा मेरठ | 5 फरवरी 2026 '10 वाला बिस्कुट कितने का...' रील से रातों-रात मशहूर हुए मेरठ के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शादाब जकाती बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। झारखंड की रहने वाली एक महिला यूट्यूबर ने उन पर एक साल तक बंधक बनाकर रखने, घरेलू काम कराने और शारीरिक व मानसिक शोषण करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। यहाँ इस पूरे विवाद की मुख्य बातें दी गई हैं: 1. पीड़िता का आरोप: "शादाब ने जिंदगी बर्बाद की" पीड़िता चांदनी उर्फ तबस्सुम (यूट्यूबर) ने मेरठ के इंचौली थाने में तहरीर दी है: बंधक और धमकी: चांदनी का दावा है कि शादाब ने उसे काम देने के बहाने बुलाया और एक साल तक घर में बंधक बनाकर रखा। विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। अश्लील कंटेंट: महिला का आरोप है कि शादाब मोटिवेशनल वीडियो के नाम पर अश्लील कंटेंट बनाता है और महिलाओं का शोषण करता है। मारपीट: आरोप है कि 15 जनवरी को शादाब की पत्नी साजिया ने भी चांदनी के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिसके बाद वह सुसाइड करने वाली थी, लेकिन पति के साथ मिलने पर उसने पुलिस की शरण ली। 2. कौन है शादाब जकाती? शादाब जकाती मेरठ के इंचौली क्षेत्र का रहने वाला है और सऊदी अरब में ड्राइवर रह चुका है। फेमस रील: उसका डायलॉग "10 वाला बिस्कुट कितने का है जी..." इतना वायरल हुआ कि इसे बादशाह, रिंकू सिंह और कुलदीप यादव जैसे दिग्गजों ने कॉपी किया। विवादित इतिहास: शादाब पहले भी एक वीडियो के लिए गिरफ्तार हो चुका है, जिसमें उसने एक बच्ची की मां पर अभद्र कमेंट किए थे और बदले में 'KISS' की मांग की थी। 📊 शादाब जकाती केस: अब तक क्या हुआ? पक्ष विवरण पीड़िता चांदनी (झारखंड), 2017 से मेरठ में निवासी। आरोप बंधक बनाना, अश्लील कंटेंट निर्माण, मारपीट, शोषण। पुलिस कार्रवाई इंचौली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है; अभी FIR दर्ज होना बाकी है। शादाब का पक्ष शादाब की ओर से अभी कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है। 3. पुलिस का बयान इंचौली थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार त्रिपाठी के अनुसार, महिला की तहरीर मिल गई है। आरोप काफी गंभीर हैं, इसलिए मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।