उत्तर प्रदेश

अविमुक्तेश्वरानंद बोले- सुप्रीम कोर्ट के कंधे पर बंदूक मत रखो
Shankaracharya Avimukteshwaranand vs Prayagraj Administration: माघ मेला प्रशासन ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम; शंकराचार्य पद को लेकर नोटिस चस्पा।

प्रयागराज माघ मेला: शंकराचार्य की पदवी पर आर-पार; प्रशासन ने चस्पा किया नोटिस, अविमुक्तेश्वरानंद बोले- 'क्या अब प्रशासन तय करेगा कि मैं शंकराचार्य हूं या नहीं?' प्रयागराज | 20 जनवरी 2026 संगम नगरी प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच विवाद ने अब बेहद उग्र रूप ले लिया है। मेला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए शंकराचार्य के शिविर पर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें उनसे 24 घंटे के भीतर यह साबित करने को कहा गया है कि वे किस आधार पर खुद को ज्योतिषपीठ का शंकराचार्य लिख रहे हैं। वहीं, सड़क पर धरना दे रहे अविमुक्तेश्वरानंद ने पलटवार करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या और संतों का अपमान करार दिया है। 1. रात 12 बजे नोटिस और सुबह की गहमागहमी प्रशासन और शंकराचार्य के बीच गतिरोध तब और बढ़ गया जब कानूनी नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू हुई। मिडनाइट ड्रामा: सोमवार रात करीब 12 बजे कानूनगो अनिल कुमार नोटिस लेकर शंकराचार्य के शिविर पहुंचे। हालांकि, शिष्यों ने यह कहकर नोटिस लेने से मना कर दिया कि इतनी रात में कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं है। नोटिस चस्पा: मंगलवार सुबह प्रशासन ने दोबारा शिविर का रुख किया और गेट पर नोटिस चस्पा कर दिया। यह नोटिस मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की ओर से जारी किया गया है। मुख्य आधार: नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के 14 अक्टूबर 2022 के आदेश का हवाला दिया गया है, जिसमें ज्योतिषपीठ के पद पर अंतिम फैसला होने तक किसी को भी शंकराचार्य घोषित करने या पट्टाभिषेक करने पर रोक लगाई गई थी। 2. अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा प्रहार: 'प्रशासन की बंदूक, सुप्रीम कोर्ट का कंधा' नोटिस के जवाब में शंकराचार्य ने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए हैं। सरकार के विरोधाभास: उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान खुद सरकार ने एक आधिकारिक पत्रिका छापी थी, जिसमें उन्हें 'शंकराचार्य' के रूप में संबोधित किया गया था। अब प्रशासन अपनी गलती छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के कंधे पर बंदूक रखकर चला रहा है। पद की गरिमा: उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई जिलाधिकारी या देश का राष्ट्रपति यह तय नहीं कर सकता कि कौन शंकराचार्य है। उन्होंने कहा, "शंकराचार्य का निर्णय केवल शंकराचार्य ही करेंगे। दो पीठ हमें शंकराचार्य मानती हैं, अब प्रशासन को और क्या प्रमाण चाहिए?" 📊 विवाद के मुख्य बिंदु: पद, परंपरा और कानून श्रेणी प्रशासन का तर्क (नोटिस) शंकराचार्य का तर्क (जवाब) कोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने केस लंबित रहने तक पट्टाभिषेक पर रोक लगाई है। कोर्ट ने पद पर बैठने से रोका है, लेकिन मान्यता संतों से मिलती है। शिविर का बोर्ड बोर्ड पर "ज्योतिषपीठ का शंकराचार्य" लिखना कोर्ट की अवहेलना है। सरकार ने खुद अपनी पत्रिका में मुझे शंकराचार्य छापा है। मान्यता पदवी विवादित है (अविमुक्तेश्वरानंद बनाम वासुदेवानंद)। अन्य पीठों के शंकराचार्य मुझे स्वीकार करते हैं, यही सबसे बड़ा प्रमाण है। वर्तमान स्थिति 24 घंटे में प्रमाण देने का अल्टीमेटम। जब तक माफी नहीं, तब तक आश्रम में प्रवेश नहीं; फुटपाथ पर रहेंगे। 3. मौनी अमावस्या का वो विवाद जिसने आग सुलगाई इस पूरे विवाद की जड़ 18 फरवरी (मौनी अमावस्या) को हुई घटना है। पालकी रोकने पर बवाल: शंकराचार्य पालकी में बैठकर संगम स्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पुलिस ने उन्हें रोक दिया और पैदल जाने को कहा। झड़प और हिरासत: शिष्यों और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कई शिष्यों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने पालकी को खींचकर संगम से 1 किमी दूर कर दिया था। प्रायश्चित धरना: इसी अपमान से आहत होकर शंकराचार्य ने शिविर त्याग दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि वे हर मेले में आएंगे, लेकिन प्रशासन के व्यवहार के विरोध में फुटपाथ पर ही रहेंगे। 4. ज्योतिषपीठ का पुराना विवाद ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य पद को लेकर दशकों से कानूनी लड़ाई चल रही है। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँचा है। प्रशासन इसी कानूनी पेच का सहारा लेकर अविमुक्तेश्वरानंद की आधिकारिक पदवी को चुनौती दे रहा है, जबकि शंकराचार्य इसे अपनी धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप मान रहे हैं।

रवि चौहान जनवरी 20, 2026 0
ठाकुर लड़के-दलित लड़की की लव स्टोरी
जेल में पारस सोम का खुलासा; 'रूबी ने दी थी भागने की सलाह, उसी के जूते पहनकर भागा था'; 3 साल की लवस्टोरी का सच।

मेरठ का सुनीता हत्याकांड: जेल में पारस सोम ने कबूली 3 साल की 'अधूरी लवस्टोरी'; बोला- 'रूबी ने भागने की जिद की, उसने मुझे अपने जूते तक दे दिए' मेरठ | 17 जनवरी 2026 मेरठ के चर्चित सुनीता हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। हत्या के मुख्य आरोपी पारस सोम से उसके वकील बलराम सोम ने मेरठ जिला जेल के मुलाकाती कमरे में करीब एक घंटे तक बातचीत की। इस दौरान पारस ने अपनी और रूबी की 3 साल पुरानी प्रेम कहानी का खुलासा किया। पारस का दावा है कि वह निर्दोष है और पूरी साजिश रूबी के परिवार की ओर से उसकी शादी कहीं और तय करने के बाद शुरू हुई थी। 1. 9वीं का छात्र और 12वीं की छात्रा: स्कूल से शुरू हुआ सफर पारस ने बताया कि उनके प्यार की शुरुआत गांव के जनता इंटर कॉलेज से हुई थी। पहली मुलाकात: पारस तब 9वीं में था और रूबी 12वीं की छात्रा थी। उम्र में रूबी उससे बड़ी थी। स्कूल में पानी पीने के दौरान हुई एक मुस्कुराहट दोस्ती में बदल गई। शादी में इकरार: स्कूल छूटने के बाद करीब 3 साल पहले गांव की एक शादी में दोनों दोबारा मिले। वहीं से उनकी दोस्ती ने प्यार का रूप लिया। पारस ने बताया कि वे घंटों फोन पर बात करते थे और रूबी उसे 'लव लेटर' भी भेजती थी। 2. जब परिवार को पता चला 'अफेयर' का सच साल 2024 में दोनों के रिश्ते की खबर पूरे गांव में फैल गई। इसके बाद स्थितियां बिगड़ गईं: पंचायती समझौता: दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद पारस से उसका मोबाइल छीन लिया गया। छिपकर बातचीत: मोबाइल न होने पर पारस अपनी मां के फोन से या दोस्तों के फोन से रूबी से बात करता था। रूबी भी उसे कॉल करती थी। पारस का दावा है कि उसके पास आज भी वे चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स सुरक्षित हैं। 3. भागने की प्लानिंग: "जबरन शादी नहीं करूंगी" पारस के अनुसार, रूबी के घरवाले उसकी शादी कहीं और तय कर चुके थे। रूबी का अल्टीमेटम: रूबी ने अपने माता-पिता से साफ कह दिया था कि वह पारस के अलावा किसी से शादी नहीं करेगी। भागने की जिद: पारस ने वकील को बताया कि भागने की पूरी योजना रूबी की थी। उसने फोन पर रोते हुए कहा था, "हमें घर से भागना ही होगा, वरना ये लोग मेरी शादी जबरन करा देंगे।" 📊 केस फाइल: पारस और रूबी की फरारी का सच घटनाक्रम विवरण हत्या का दिन पारस का दावा है कि उसने सुनीता (रूबी की मां) को नहीं मारा, वह निर्दोष है। नंगे पांव फरारी कपसाड़ से भागते समय पारस का जूता नहर में बह गया। तब रूबी ने अपने जूते उतारकर पारस को दिए। सफर ट्रक से लिफ्ट लेकर सहारनपुर पहुंचे। पकड़े जाने के समय भी पारस ने रूबी के ही जूते पहने थे। पारस की मांग "मैं आज भी रूबी से शादी करना चाहता हूं, वह दबाव में झूठ बोल रही है।" 4. रूबी के यू-टर्न पर पारस का दर्द जेल में पारस इस बात को लेकर सबसे ज्यादा परेशान दिखा कि रूबी अब उसके खिलाफ बयान क्यों दे रही है। दबाव का शक: पारस ने वकील से कहा, "मुझे समझ नहीं आ रहा वह झूठ क्यों बोल रही है। शायद उसके घरवाले उसे डरा रहे हैं या बंधक बना लिया है।" सबूतों का दावा: पारस ने बताया कि उसके पास रूबी के लिखे लव लेटर, साथ में खिंचवाई गई फोटो और चैट्स के बैकअप मौजूद हैं, जो वह कोर्ट में पेश करेगा। 5. वकील का पक्ष: "पारस अभी सदमे में है" वकील बलराम सोम के अनुसार, पारस फिलहाल मानसिक तनाव और घबराहट में है। कानूनी रणनीति: बचाव पक्ष अब उन कॉल डिटेल्स और मैसेज को जुटाने में लगा है, जो यह साबित कर सकें कि रूबी अपनी मर्जी से पारस के साथ गई थी। अगली मुलाकात: वकील अब पारस की मुलाकात उसके माता-पिता से कराएंगे ताकि वह सामान्य हो सके और घटना वाली रात का पूरा विवरण दे सके।

रवि चौहान जनवरी 17, 2026 0
सोनू हत्याकांड- मेरठ कमिश्नरी पर प्रदर्शन
मेरठ में कश्यप समाज का बड़ा प्रदर्शन; 'जिंदा जलाने' के आरोपी को बचाने का आरोप; बुलडोजर कार्रवाई पर उठे सवाल।

मेरठ का सोनू हत्याकांड: कमिश्नरी पर कश्यप समाज का 'महाआक्रोश'; 'बुलडोजर' और 'जातिवाद' के आरोपों से गरमाई सियासत; 80 हजार की लूट और जिंदा जलाने की दहला देने वाली कहानी मेरठ (उत्तर प्रदेश) | 16 जनवरी 2026 मेरठ का ज्वालागढ़ क्षेत्र आज एक बार फिर सुलग उठा है। सोनू कश्यप की नृशंस हत्या के विरोध में शुक्रवार को कश्यप और निषाद समाज ने कमिश्नरी पार्क पर धावा बोल दिया। भारी पुलिस बल, PAC की दो कंपनियों और बैरिकेडिंग के बावजूद हजारों की संख्या में लोग 'सोनू को न्याय दो' के नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए हैं। यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि 'OBC बनाम ठाकुर' की राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आरोपी मुख्यमंत्री की बिरादरी से है, इसलिए पुलिस उसे बचा रही है। 1. दहला देने वाली वारदात: 80 हजार की लूट और जिंदा जलाया ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, यह हत्याकांड किसी भी रूह को कंपा देने वाला है। आखिरी बातचीत: सोनू की मौसी मदनवती ने बताया कि 5 जनवरी को सोनू ने फोन कर कहा था, "मौसी, मैं 80 हजार रुपए लेकर आ रहा हूं, भैया के साथ मिलकर नई बाइक खरीदेंगे।" * क्रूरता की हद: सोनू को बाइक तो क्या मिली, उसकी जान ले ली गई। पहले उसके सिर पर ईंट से हमला किया गया और फिर साक्ष्य मिटाने या पहचान छिपाने के लिए उसके शरीर पर तेल डालकर उसे जिंदा जला दिया गया। लूट: परिजनों का आरोप है कि सोनू के पास मौजूद 80 हजार रुपए गायब हैं, जिसका पुलिस ने कोई हिसाब नहीं दिया है। 2. प्रदर्शनकारियों की 5 प्रमुख मांगें सोनू के परिजनों और कश्यप समाज ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी हैं: निष्पक्ष जांच: पुलिस केवल एक 'नाबालिग ऑटो ड्राइवर' को पकड़कर पल्ला झाड़ रही है, जबकि परिवार का दावा है कि इसमें कई रसूखदार लोग शामिल हैं। आर्थिक सहायता: गरीब परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद मुआवजे की तत्काल मांग। सरकारी नौकरी: सोनू की बड़ी बहन आरती कश्यप को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए। सुरक्षा: गवाहों और परिवार को जान का खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग। रुपयों की बरामदगी: लूटे गए 80 हजार रुपए बरामद कर परिवार को सौंपे जाएं। 📊 मेरठ लाइव अपडेट: पल-पल की हलचल समय घटनाक्रम और अपडेट 02:02 PM सोनू की बहन आरती कश्यप का रो-रोकर बुरा हाल; कहा- पुलिस हमारे समर्थकों को रोक रही है। 02:30 PM आगरा, मुजफ्फरनगर और शामली से समर्थकों का पहुंचना जारी; पुलिस ने शहर की सीमाओं पर की नाकाबंदी। 03:44 PM सपा MLC किरण पाल को पुलिस ने सराधना पुल पर रोका; वे समर्थकों संग हाईवे पर ही धरने पर बैठे। 04:57 PM VIP पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का तीखा हमला- "पिछड़ा वर्ग का आरोपी होता तो अब तक बुलडोजर चल गया होता।" 06:48 PM कमिश्नरी पार्क छावनी में तब्दील; कश्यप समाज ने रात भर धरना देने का किया ऐलान। 3. 'बुलडोजर' और 'जातिवाद' पर छिड़ी जंग विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और कश्यप समाज के नेताओं ने सरकार की 'बुलडोजर नीति' पर सवाल उठाए हैं। पक्षपात का आरोप: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुलडोजर बिरादरी देखकर चलता है। अगर अपराधी ठाकुर समाज का है, तो कानून ढीला हो जाता है। वोट की चोट: "हम सरकार बना सकते हैं तो गिरा भी सकते हैं।" निषाद पार्टी और कश्यप समाज के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो आगामी चुनावों में भाजपा को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 4. पुलिस का 'हाउस अरेस्ट' और घेराबंदी प्रशासन ने इस महापंचायत को रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। नजरबंदी: आजाद समाज पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री संजीव पाल समेत कई नेताओं को उनके घरों में ही 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया गया है। सुरक्षा घेरा: कमिश्नरी पार्क की ओर आने वाले सभी रास्तों को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है ताकि भीड़ और न बढ़ सके।

रवि चौहान जनवरी 16, 2026 0
ब्लू ड्रम केस में फरवरी तक हो सकती है सजा
मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत मर्डर केस में फरवरी में आएगा फैसला; पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल को हो सकती है फांसी।

मेरठ 'ब्लू ड्रम' हत्याकांड: फरवरी 2026 तक आ सकता है फैसला; मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ की कातिल पत्नी और प्रेमी को मौत की सजा की मांग मेरठ के सबसे सनसनीखेज 'ब्लू ड्रम' मर्डर केस में इंसाफ की घड़ी करीब आ गई है। मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की नृशंस हत्या के मामले में आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फरवरी 2026 के अंत तक सजा सुनाई जा सकती है। सरकारी अधिवक्ता और पीड़ित पक्ष के वकीलों की तेज पैरवी ने इस केस को फाइनल स्टेज तक पहुंचा दिया है। 1. ट्रायल का स्टेटस: फरवरी में फैसले की प्रबल संभावना शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, सौरभ हत्याकांड का मुकदमा अब अपने अंतिम चरण (Final Phase) में है। गवाहियां लगभग पूरी: केस में अब तक 14 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अंतिम साक्ष्य: अब केवल 2-3 तकनीकी गवाहों की गवाही शेष है। इसमें मुख्य रूप से फॉरेंसिक फील्ड यूनिट इंचार्ज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (CCTV और मोबाइल डेटा) का 65B सर्टिफिकेट देने वाले विशेषज्ञ की गवाही होनी है। फाइनल आर्गुमेंट: इन गवाहियों के तुरंत बाद कोर्ट में अंतिम बहस शुरू होगी। जिस तेजी से सुनवाई हो रही है, माना जा रहा है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह तक अदालत अपना फैसला सुना देगी। 2. जघन्य हत्याकांड: रिश्तों का कत्ल और क्रूरता की हदें सौरभ राजपूत की हत्या केवल एक अपराध नहीं, बल्कि मानवीय क्रूरता की पराकाष्ठा थी। वकीलों ने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (विरलतम से विरल) श्रेणी का मामला बताया है। तीन टुकड़ों में लाश: आरोपियों ने सौरभ की हत्या के बाद उसके शरीर को तीन हिस्सों में काट दिया था। गर्दन और हाथों के पंजों को शरीर से अलग कर दिया गया था। सीमेंट से सील ड्रम: सबूत मिटाने के लिए शव को एक नीले ड्रम में डालकर उसमें सीमेंट भर दिया गया था, ताकि गंध बाहर न आए और लाश कभी न मिले। विश्वासघात: पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते का कत्ल करते हुए मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। 📊 केस फाइल: सौरभ राजपूत मर्डर मिस्ट्री विवरण प्रमुख जानकारी पीड़ित सौरभ राजपूत (मर्चेंट नेवी ऑफिसर) मुख्य आरोपी मुस्कान (पत्नी) और साहिल (प्रेमी) जेल की स्थिति दोनों 17 मार्च 2025 से मेरठ जिला जेल में बंद हैं। अपराध की प्रकृति हत्या, साक्ष्य मिटाना, आपराधिक साजिश (धारा 302, 201, 120B)। संभावित सजा मृत्युदंड (Fanging) या आजीवन कारावास। 3. क्या मुस्कान की नवजात बच्ची से सजा कम होगी? हाल ही में आरोपी मुस्कान ने जेल में एक बच्ची को जन्म दिया है। इस पर कानूनी विशेषज्ञों का रुख स्पष्ट है: सजा पर असर नहीं: कानून के अनुसार, जेल में महिला बंदी के बच्चे के पालन-पोषण का अलग प्रावधान है। 6 साल तक बच्चा मां के साथ जेल में रह सकता है, लेकिन यह मां के अपराध की गंभीरता या उसकी सजा को कम करने का आधार नहीं बन सकता। समान रोल, समान सजा: अभियोजन पक्ष का दावा है कि साहिल और मुस्कान दोनों का उद्देश्य और अपराध में भागीदारी 'समान' थी, इसलिए दोनों को फांसी या उम्रकैद की समान सजा मिलनी तय है। 4. मेरठ पुलिस और साक्ष्यों की मजबूती पुलिस ने इस केस में इलेक्ट्रॉनिक और साइंटिफिक साक्ष्यों का ऐसा जाल बुना है जिससे आरोपियों का बचना नामुमकिन माना जा रहा है। CCTV फुटेज: ड्रम ले जाते हुए और सामान खरीदते हुए आरोपियों की फुटेज। मोबाइल लोकेशन: हत्या के समय और शव को ठिकाने लगाने के दौरान दोनों की लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई। DNA रिपोर्ट: ड्रम से मिले अवशेषों का सौरभ के परिवार से मिलान।

रवि चौहान जनवरी 16, 2026 0
मेरठ सोनू कश्यप हत्याकांड पर शुरू हुई सियासत
रोनू कश्यप हत्याकांड पर भड़की सियासत; अखिलेश, मायावती और चंद्रशेखर ने की मुआवजे की मांग; 18 को महापंचायत।

मेरठ का 'ज्वालागढ़ कांड': रोनू कश्यप की 'क्रूर' हत्या पर गरमाई यूपी की सियासत; अखिलेश, मायावती और चंद्रशेखर ने खोला मोर्चा; 18 को महापंचायत मेरठ का सरधना क्षेत्र इस समय उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। कपसाड़ कांड की तपिश अभी शांत भी नहीं हुई थी कि उससे सटे ज्वालागढ़ गांव में कश्यप समाज के युवक रोनू उर्फ सोनू कश्यप (28) की वीभत्स हत्या ने सूबे के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। जहाँ पुलिस इसे आपसी विवाद और नाबालिग का कृत्य बता रही है, वहीं विपक्ष इसे 'ज़िंदा जलाने' की अमानवीय घटना करार देकर योगी सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेर रहा है। 1. क्या है ज्वालागढ़ कांड? (क्राइम फाइल) 5 जनवरी 2026 (सोमवार) को मेरठ के सरधना में अक्खेपुर-रार्धना रोड पर एक अधजली लाश मिली। मृतक की पहचान मुजफ्फरनगर के रोनू कश्यप के रूप में हुई। पुलिस की थ्योरी: पुलिस के अनुसार, रोनू और एक 16 वर्षीय टेंपो चालक के बीच टेंपो में तेज गाना बजाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी ने पहले रोनू को शराब पिलाई, फिर ईंट से सिर वार कर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को घसीटकर पत्तों और मोबिल ऑयल से जला दिया। परिजनों का आरोप: परिवार और स्थानीय लोगों का दावा है कि रोनू को ज़िंदा जलाया गया है और इसमें केवल एक नहीं, बल्कि कई लोग शामिल हैं। चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया है कि रोनू से 80,000 रुपये भी लूटे गए थे। 📊 पीड़ित परिवार की मार्मिक स्थिति सदस्य स्थिति रोनू कश्यप (मृतक) परिवार का इकलौता सहारा, मुंबई में हलवाई का काम करता था। बुजुर्ग माँ गंभीर रूप से बीमार, बेटे की शादी के सपने देख रही थीं। बड़ा भाई टीबी (TB) का मरीज, लंबे समय से इलाज चल रहा है। बड़ी बहन अविवाहित, दूसरों के घरों में काम करके गुजारा करती है। मकसद रोनू अपनी शादी के लिए लड़की देखने मुजफ्फरनगर से गांव आया था। 2. सियासी 'ज्वाला': अखिलेश, मायावती और चंद्रशेखर के कड़े तेवर इस घटना ने ठाकुर बनाम कश्यप (पिछड़ा वर्ग) का रंग ले लिया है, जिससे विपक्ष को 'PDA' और 'दलित-पिछड़ा' राजनीति को धार देने का मौका मिल गया है। अखिलेश यादव (सपा): उन्होंने इसे 'दबंगों का कुकृत्य' बताते हुए ट्वीट किया— "हम पूरे PDA समाज की तरफ से आवाज़ उठाते हैं। न्याय हो!" मायावती (BSP): बसपा सुप्रीमो ने इसे अति क्रूर और शर्मनाक घटना बताया। उन्होंने शासन-प्रशासन से अपराधियों के मन में 'कानून का डर' पैदा करने की मांग की। चंद्रशेखर आज़ाद (आसपा): नगीना सांसद ने इसे मानवता को शर्मसार करने वाला अपराध बताया। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी व मुआवजा मिले। चंद्रशेखर ने जल्द ही पीड़ित परिवार से मिलने का ऐलान किया है। नरेंद्र कश्यप (राज्यमंत्री): सरकार की ओर से डैमेज कंट्रोल के लिए राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप 14 जनवरी को मेरठ पहुँच रहे हैं। 3. स्थानीय विरोध और 18 जनवरी की महापंचायत अतुल प्रधान की सक्रियता: सरधना विधायक अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार से मिलकर 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद की है और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पुलिस पर दबाव बनाया है। कश्यप समाज का आक्रोश: 12 जनवरी को मुजफ्फरनगर डीएम कार्यालय पर भारी प्रदर्शन हुआ। अब कश्यप समाज ने 18 जनवरी 2026 (रविवार) को दौराला में एक विशाल 'शोक सभा' और पंचायत बुलाई है, जिसमें आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय होगी। 4. पुलिस की जांच और 'नाबालिग' का पेंच मेरठ पुलिस के लिए यह केस सिरदर्द बन गया है। साक्ष्य: पुलिस ने शराब के पाउच के बारकोड और ठेके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से आरोपी को ट्रैक किया। विवाद: पुलिस ने 24 घंटे में एक नाबालिग को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि पुलिस मुख्य आरोपियों को बचाने के लिए केवल एक नाबालिग पर ठीकरा फोड़ रही है।

रवि चौहान जनवरी 13, 2026 0
बच्चे की तरह भाई से चिपकी कपसाड़ कांड पीड़िता
रूबी पहुंची घर; वीडियो में दिखे सजे हाथ और नया सूट, उठी शादी की चर्चा; आरोपी पारस के नाबालिग होने का दावा।

मेरठ: रूबी की घर वापसी और 'सजे हाथों' का रहस्य; आरोपी पारस के नाबालिग होने का दावा; भावुक भाई ने गले लगा कर कहा- 'तू आ गई, इतना काफी है' मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड की पीड़िता रूबी 5 दिन बाद आखिरकार अपने घर पहुँच गई है। 12 जनवरी की रात लगभग 8 बजे पुलिस सुरक्षा के बीच उसे परिजनों को सौंपा गया। हालांकि, रूबी की बरामदगी के बाद सामने आए एक वीडियो और आरोपी पारस की उम्र को लेकर नए विवाद खड़े हो गए हैं। 1. घर वापसी और 'वाइन कलर' के सूट की चर्चा आशा ज्योति केंद्र से निकलते वक्त रूबी को शॉल और कंबल से पूरी तरह ढका गया था, लेकिन सुरक्षा घेरे से कार तक पहुँचने के दौरान उसके पहनावे ने सबका ध्यान खींचा। मैचिंग नेलपेंट और सजावटी सूट: वीडियो में रूबी वाइन (गहरे लाल) रंग का गोटेदार नया सूट और हाथों में मैचिंग नेलपेंट लगाए नजर आ रही है। गले में लाल रंग का सजावटी दुपट्टा भी चर्चा का विषय है। सवाल और कयास: 8 जनवरी को रूबी मजदूरी (गन्ना छीलने) के लिए पुराने कपड़ों में घर से निकली थी। चर्चा है कि फरारी के दौरान उसके पास ये नए सजावटी कपड़े और नेलपेंट कहाँ से आए? क्या रूबी और पारस ने इस दौरान शादी कर ली थी? भावुक क्षण: कार में बैठते ही बड़े भाई नरसी ने रूबी को सीने से लगा लिया। रूबी अपनी मां को न बचा पाने के गम में रोती रही, जिस पर भाई ने ढांढस बंधाया— "मां चली गई उसका अफसोस है, लेकिन तू सही-सलामत आ गई, हमारे लिए इतना ही काफी है।" 2. आरोपी पारस: बालिग या नाबालिग? इस मामले में एक और बड़ा कानूनी पेंच फंस गया है। आरोपी पारस सोम के दस्तावेजों के आधार पर उसके नाबालिग होने का दावा किया जा रहा है। दस्तावेजी उम्र: आरोपी के वकील बलराम सोम के अनुसार, पारस की उम्र 18 साल पूरा होने में अभी 4 महीने बाकी हैं। कानूनी प्रभाव: यदि पारस नाबालिग सिद्ध होता है, तो उसे जिला जेल में नहीं रखा जा सकता। उसे किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के सामने पेश कर बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। मंगलवार को वकील कोर्ट में इसके पुख्ता दस्तावेज पेश करेंगे। पुलिस की स्थिति: पुलिस ने पारस को न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेजा है, लेकिन उम्र के विवाद के बाद अब उसकी बोन-मैरो टेस्ट या मार्कशीट की जांच अनिवार्य हो गई है। 📊 रूबी केस: घटना से घर वापसी तक तारीख घटनाक्रम 8 जनवरी खेत जाते समय मां की हत्या और रूबी का कथित अपहरण। 10 जनवरी सहारनपुर/रुड़की से पारस और रूबी की बरामदगी। 11 जनवरी एसीजेएम-2 कोर्ट में रूबी के धारा 164 के तहत बयान दर्ज। 12 जनवरी काउंसलिंग के बाद रात 8 बजे रूबी को परिजनों को सौंपा गया। वर्तमान स्थिति रूबी घर पर सुरक्षित; गांव में भारी पुलिस बल और कैमरे तैनात। 3. सुरक्षा के कड़े इंतजाम कपसाड़ गांव में अभी भी तनावपूर्ण शांति है। रूबी की सुरक्षा को देखते हुए उसके घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस का कड़ा पहरा है। पुलिस अधिकारी अब रूबी के 164 के बयानों और पारस की उम्र के दस्तावेजों के आधार पर चार्जशीट तैयार करने में जुटे हैं।

रवि चौहान जनवरी 13, 2026 0
'मेरा रूबी से 3 साल पुराना अफेयर, मैं निर्दोष हूं'
पारस सोम जेल भेजा गया; कोर्ट में कहा- 'रिश्ता सच्चा है'; रूबी को काउंसलिंग के लिए भेजा।

मेरठ हत्याकांड: "जज साहब! मैं निर्दोष हूं, हमारा रिश्ता सच्चा है" — कोर्ट में पारस की गुहार; 14 दिन की जेल, रूबी को काउंसलिंग के लिए भेजा मेरठ के कपसाड़ गांव में मां की हत्या और बेटी के कथित अपहरण मामले में नया मोड़ आ गया है। मुख्य आरोपी पारस सोम ने मेरठ की कोर्ट में खुद को बेगुनाह बताते हुए इस पूरी घटना को 'प्रेम प्रसंग' का नाम दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पारस को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि रूबी को काउंसलिंग के लिए भेजा गया है। यहाँ इस पूरे कानूनी ड्रामे और पुलिस की जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. कोर्ट रूम ड्रामा: पारस सोम की दलील विशेष सीजेएम विकास सावन की कोर्ट में पेशी के दौरान पारस सोम ने भावुक होकर जज के सामने अपनी बात रखी। बयान: "जज साहब! मैं निर्दोष हूं। मेरा और रूबी का रिश्ता 3 साल पुराना और सच्चा है। कोई किडनैपिंग नहीं हुई, वह अपनी मर्जी से मेरे साथ आई थी।" बचाव पक्ष का दावा: पारस के वकील बलराम सोम का कहना है कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और वे जेल में मिलकर पूरी सच्चाई सामने लाएंगे। न्यायिक आदेश: कोर्ट ने पारस को जेल भेज दिया है। दूसरी ओर, रूबी को एसीजेएम-2 नम्रता की कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे काउंसलिंग के लिए भेजा गया है। 📍 फरारी की पूरी टाइमलाइन (60 घंटे का घटनाक्रम) तारीख समय स्थान और गतिविधि 8 जनवरी दोपहर कपसाड़ में हत्या के बाद पारस और रूबी खतौली पहुँचे। 8 जनवरी रात दिल्ली के एक होटल में रुके। यहाँ रूबी को मां की मौत की खबर मिली। 9 जनवरी दिन गुरुग्राम में दोस्त के यहाँ रुके; मीडिया के जरिए गांव के हालात देखे। 9 जनवरी रात गुरुग्राम से ट्रेन पकड़कर सहारनपुर (टपरी गांव) अपनी बहन के घर पहुँचे। 10 जनवरी शाम हरिद्वार जाते समय रुड़की रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने दोनों को दबोचा। 2. एसएसपी मेरठ का बयान: "4 राज्यों के 7 जिलों में दबिश" एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने सफल ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया: पुलिस की तत्परता: 10 से ज्यादा टीमें गठित की गई थीं। 60 घंटों के भीतर आरोपी को अरेस्ट और युवती को सकुशल बरामद किया गया। ट्रैकिंग: मैनुअल मुखबिरी, इंटेलिजेंस और सर्विलांस के जरिए पुलिस ने इनका पीछा किया। 4 राज्यों के 7 जिलों में पुलिस ने छापे मारे थे। मेडिकल और बयान: युवती का मेडिकल कराया गया है और कोर्ट में उसके बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। इन्हीं बयानों के आधार पर मुकदमे में आगे की धाराएं बढ़ाई जाएंगी। 3. सियासत और गांव का तनाव यह मामला दलित बनाम राजपूत होने के कारण राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील हो गया है। चंद्रशेखर और अतुल प्रधान: सांसद चंद्रशेखर आजाद और सपा विधायक अतुल प्रधान के हस्तक्षेप के बाद गांव में भारी पुलिस बल और आरएएफ (RAF) तैनात है। अंतिम संस्कार: वारदात के 30 घंटे बाद और प्रशासन द्वारा 10 लाख की मदद के आश्वासन के बाद ही मृतका का अंतिम संस्कार हो सका था।

रवि चौहान जनवरी 12, 2026 0
मेरठ में अगवा करके दलित लड़की को दिल्ली ले गया
रूबी और पारस सहारनपुर से गिरफ्तार; 3 साल के अफेयर की कहानी आई सामने; मेरठ कोर्ट में पेशी आज।

मेरठ हत्याकांड में नया मोड़: 'अफेयर' के लिए मां की हत्या और फिर फरार; सहारनपुर से पकड़े गए रूबी और पारस मेरठ के कपसाड़ गांव में हुए चर्चित हत्याकांड और युवती के अपहरण मामले ने अब एक बिल्कुल नया मोड़ ले लिया है। पुलिस कस्टडी में आरोपी पारस सोम ने जो खुलासे किए हैं, उन्होंने शुरुआती 'अपहरण' की कहानी को 'प्रेम प्रसंग और आपसी सहमति से भागने' की ओर मोड़ दिया है। हालांकि, मां की बेरहमी से हत्या का आरोप अभी भी पारस पर बरकरार है। 1. 3 साल का अफेयर और भागने का खौफनाक अंत पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी पारस सोम ने बताया कि वह और रूबी पिछले तीन सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शादी का दबाव: हाल ही में रूबी के परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। इसी बात से परेशान होकर दोनों ने घर छोड़कर भागने का प्लान बनाया। हत्या की वजह: 8 जनवरी को जब दोनों भागने वाले थे, तब मां सुनीता ने इसका विरोध किया। गुस्से में आकर पारस ने फरसे से हमला कर उनकी हत्या कर दी और रूबी को साथ ले गया। अंतिम संस्कार का विवाद: इस खौफनाक वारदात के बाद परिवार 30 घंटे तक अंतिम संस्कार न करने पर अड़ा रहा, जिसे प्रशासन ने 10 लाख के मुआवजे और न्याय के भरोसे के बाद शांत कराया। 📍 फरारी का रूट: कपसाड़ से सहारनपुर तक का सफर तारीख स्थान क्या हुआ? 8 जनवरी खतौली वारदात के बाद पारस अपनी रिश्तेदारी में पहुँचा। 8 जनवरी रात दिल्ली एक होटल में रात बिताई, यहीं रूबी को माँ की मौत का पता चला। 9 जनवरी गुरुग्राम पारस अपने दोस्त के यहाँ रुका और मीडिया पर नजर रखी। 9 जनवरी रात सहारनपुर गुरुग्राम से ट्रेन पकड़कर टपरी (सहारनपुर) अपनी बहन के घर पहुँचे। 10 जनवरी रुड़की स्टेशन हरिद्वार जाते समय पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। 2. सर्विलांस और पुलिस की घेराबंदी पारस का मोबाइल लगातार पुलिस की रडार पर था। एक कॉल और गिरफ्तारी: शनिवार को हरिद्वार जाते समय पारस ने एक सह-यात्री के फोन से अपने पूर्व मालिक (झोलाछाप डॉक्टर राजेंद्र) को फोन किया। मेरठ पुलिस ने लोकेशन मिलते ही हरिद्वार पुलिस को अलर्ट किया। रुड़की में ट्रैप: हरिद्वार एसएसपी के निर्देश पर रुड़की रेलवे स्टेशन की घेराबंदी की गई और ट्रेन पहुँचते ही दोनों को हिरासत में ले लिया गया। देर रात दोनों को मेरठ लाया गया। 3. कानूनी स्थिति और कोर्ट में पेशी आज पुलिस दोनों को विशेष सीजेएम कोर्ट (Special CJM Court) में पेश करेगी। रूबी के बयान: रूबी के बयानों पर सबकी नजर है। यदि वह कोर्ट में पारस के दावों की पुष्टि करती है, तो केस की दिशा बदल सकती है। फिलहाल उसे 'आशा ज्योति केंद्र' की कस्टडी में रखा गया है। सुनीता हत्याकांड: पुलिस का कहना है कि दोनों को हत्या का आरोपी बनाया जाएगा। रूबी के बयानों के आधार पर मुकदमे में अपहरण के बजाय अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी। 4. गरमाई सियासत: चंद्रशेखर और अतुल प्रधान की एंट्री चूंकि मामला दलित युवती और राजपूत युवक से जुड़ा है, इसलिए राजनीतिक तनाव चरम पर है। अतुल प्रधान: सपा विधायक की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई और वे धरने पर बैठे। चंद्रशेखर आजाद: शनिवार को सांसद चंद्रशेखर आजाद बैरिकेडिंग कूदकर पैदल ही गांव की ओर निकल पड़े। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और न्याय की मांग की। सुरक्षा: गांव में तनाव को देखते हुए आरएएफ (RAF) और 10 थानों की पुलिस अब भी तैनात है।

रवि चौहान जनवरी 11, 2026 0
मेरठ में दलित मां का 30 घंटे बाद अंतिम संस्कार; सपा विधायक- पुलिस में धक्का-मुक्की
मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण मामले में 30 घंटे बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

मेरठ दलित महिला हत्याकांड और अपहरण: 30 घंटे के तनाव के बाद अंतिम संस्कार; 'बुलडोजर' और 'न्याय' की मांग के बीच सुलगता कपसाड़ गांव उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का कपसाड़ गांव इस समय एक भीषण सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव की गिरफ्त में है। एक दलित महिला की बेरहमी से हत्या और उसकी युवा बेटी के अपहरण ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि राज्य की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है। 1. घटनाक्रम: खेत की पगडंडी से शुरू हुआ मातम गुरुवार की सुबह मेरठ के कपसाड़ गांव में एक सामान्य दिन की शुरुआत हुई थी, लेकिन दोपहर होते-होते यहाँ चीख-पुकार मच गई। दुस्साहस: एक दलित महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी। रास्ते में आरोपी कंपाउंडर पारस ने लड़की के साथ छेड़छाड़ की। हत्या और अपहरण: जब माँ ने अपनी बेटी की अस्मत बचाने के लिए विरोध किया, तो आरोपी ने आव देखा न ताव और फरसे (धारदार हथियार) से हमला कर माँ की नृशंस हत्या कर दी। इसके बाद वह लड़की को जबरन अगवा कर फरार हो गया। शादी की खुशियां मातम में: पीड़िता के पिता सत्येंद्र ने रोते हुए बताया कि बेटी की शादी तय हो चुकी थी। मई की तारीख को बदलकर अप्रैल का मुहूर्त निकलवाना था, लेकिन एक झटके में सब बर्बाद हो गया। 2. 30 घंटे का 'डेडलॉक' और प्रशासनिक कवायद घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया था। उनकी मांग थी कि जब तक बेटी सकुशल नहीं मिलती और आरोपी गिरफ्तार नहीं होता, वे टस से मस नहीं होंगे। भारी सुरक्षा बल: गांव में तनाव को देखते हुए 10 थानों की फोर्स, आरएएफ (RAF) और पीएसी (PAC) तैनात कर दी गई। पूरा गांव एक छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासन का समझौता: 30 घंटे की लंबी जद्दोजहद और मान-मनौव्वल के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। प्रशासन ने तुरंत 10 लाख रुपये का चेक सौंपा। अंतिम संस्कार: भारी सुरक्षा के बीच मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन गांव में अब भी गुस्सा शांत नहीं हुआ है। 📊 पीड़ित परिवार की 4 प्रमुख मांगें और सरकारी आश्वासन मांग स्थिति / आश्वासन बेटी की सकुशल बरामदगी पुलिस की 5 टीमें और क्राइम ब्रांच लगातार दबिश दे रही हैं। 50 लाख की आर्थिक मदद 10 लाख दिए गए, बाकी के लिए शासन को फाइल भेजी गई। सरकारी नौकरी परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी का आश्वासन। शस्त्र लाइसेंस सुरक्षा की दृष्टि से शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया पर विचार। 3. राजनीति का अखाड़ा बना कपसाड़: सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष इस घटना ने मेरठ की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है। अतुल प्रधान बनाम पुलिस: सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान जब गांव पहुँचे, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी धक्का-मुक्की हुई। उन्हें गांव के बाहर रोका गया, जहाँ वे समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। ढाई घंटे बाद उन्हें मिलने की अनुमति मिली। अखिलेश यादव का हस्तक्षेप: सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पीड़ित पिता से फोन पर बात की और 3 लाख रुपये की निजी आर्थिक मदद की घोषणा की। संगीत सोम की एंट्री: बीजेपी के कद्दावर नेता संगीत सोम भी गांव पहुँचे और परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। आजाद समाज पार्टी और भाकियू: चंद्रशेखर आजाद की पार्टी और किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने प्रशासन पर दबाव और बढ़ा दिया है। 4. भाई की आशंका: "मेरी बहन के साथ कुछ अनहोनी न हो जाए" पीड़िता के भाई नरसिंह का बयान दिल दहला देने वाला है। उसने कहा कि 24 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है और आरोपी ने अभी तक कोई सुराग नहीं छोड़ा है। बुलडोजर की मांग: परिजनों की मांग है कि आरोपी पारस के घर पर बुलडोजर चलाया जाए ताकि अपराधियों में खौफ पैदा हो। अनहोनी का डर: भाई को डर है कि आरोपी उसकी बहन को नुकसान पहुँचा सकता है।

रवि चौहान जनवरी 9, 2026 0
यूपी SIR - हर पांचवां वोटर लिस्ट से बाहर
UP SIR Draft Voter List 2026: 2.89 Crore Names Deleted; हर 5वां वोटर लिस्ट से बाहर; अपना नाम कैसे चेक करें?

यूपी वोटर लिस्ट का महा-शुद्धिकरण: 2.89 करोड़ नाम कटे; हर 5वां वोटर लिस्ट से बाहर, जानें क्या आपका नाम सुरक्षित है? 1. आंकड़ों का विश्लेषण: कहाँ और क्यों कटे इतने नाम? उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ से घटकर अब 12.55 करोड़ रह गई है। चुनाव आयोग ने इस सफाई के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं: शिफ्टेड (2.17 करोड़): सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है जो अपना निवास स्थान छोड़कर कहीं और बस गए हैं। मृत (46.23 लाख): डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए उन लोगों के नाम हटाए गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है लेकिन नाम सूची में दर्ज थे। डुप्लीकेट (25.47 लाख): सॉफ्टवेयर की मदद से उन वोटर्स को पकड़ा गया जिनका नाम एक से अधिक जगहों पर दर्ज था। जिलावार स्थिति: सर्वाधिक कटौती: राजधानी लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख नाम कटे हैं। न्यूनतम कटौती: ललितपुर जिले में सबसे कम 95 हजार नाम हटाए गए हैं। 2. देशव्यापी तस्वीर: यूपी ही नहीं, पूरे भारत में 'सफाई' यूपी से पहले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR लिस्ट लागू हो चुकी है, जहाँ कुल 3.69 करोड़ नाम हटाए गए। प्रमुख राज्य: तमिलनाडु (97 लाख), गुजरात (73 लाख), पश्चिम बंगाल (58.20 लाख), मध्य प्रदेश (42.74 लाख) और राजस्थान (41.85 लाख)। 📊 मतदाता सूची में बदलाव: एक नज़र में विवरण संख्या / विवरण पुरानी कुल संख्या 15.44 करोड़ नई ड्राफ्ट संख्या 12.55 करोड़ कुल नाम कटे 2.89 करोड़ (18%) दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 अंतिम सूची का प्रकाशन 6 मार्च 2026 3. राजनीतिक घमासान: अखिलेश यादव का मोर्चा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बड़े बदलाव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट बताते हुए कहा कि अगर वैध नामों को नहीं जोड़ा गया, तो यह गुस्सा जन आंदोलन का रूप ले लेगा। विपक्ष का आरोप है कि नाम काटने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। 4. आपके काम की बात: नाम कट गया है तो क्या करें? अगर ड्राफ्ट लिस्ट में आपका नाम नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपके पास 6 फरवरी 2026 तक का समय है। नाम जोड़ने के लिए (नया वोटर या कटा हुआ नाम): फॉर्म-6 भरें। नाम कटवाने के लिए: फॉर्म-7 भरें। सुधार या स्थान परिवर्तन के लिए: फॉर्म-8 भरें। विदेशियों (NRI) के लिए: फॉर्म-6A भरें। कैसे चेक करें नाम? आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या ceouttarpradesh.nic.in पर जाएं। अपना राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनें। अपने बूथ की पीडीएफ (PDF) डाउनलोड करें और नाम सर्च करें। आप 1950 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी मदद ले सकते हैं।

रवि चौहान जनवरी 6, 2026 0
28 साल बाद ‘मृत’ माने गए बुजुर्ग जिंदा लौटे
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर में SIR सर्वे ने 28 साल बाद बिछड़े को मिलवाया; मृत मान लिया गया शरीफ लौटा घर।

SIR की शक्ति: मुजफ्फरनगर में 28 साल बाद 'जिंदा' लौटे शरीफ; कागजों की तलाश ने अपनों से मिलवाया 1. 1997 से लापता और मान लिए गए थे 'मृत' खतौली के मोहल्ला बालक राम के रहने वाले मोहम्मद शरीफ (70) साल 1997 में अपनी दूसरी पत्नी के साथ पश्चिम बंगाल चले गए थे। संपर्क टूटा: शुरुआती दौर में लैंडलाइन के जरिए बात होती रही, लेकिन धीरे-धीरे संपर्क पूरी तरह खत्म हो गया। तलाश की हार: परिजनों ने पश्चिम बंगाल के खड़गपुर और आसनसोल की खाक छानी, लेकिन शरीफ का कोई सुराग नहीं मिला। थक-हारकर करीब 20 साल पहले परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था। 2. सरकारी प्रक्रिया बनी घर वापसी का जरिया पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सर्वे के दौरान शरीफ को अपने मूल निवास के दस्तावेजों की सख्त जरूरत पड़ी। दस्तावेजों की मजबूरी: इसी जरूरत ने 28 साल बाद शरीफ के कदम उनके पैतृक गांव खतौली की ओर मोड़ दिए। अचानक वापसी: जब शरीफ अचानक अपने घर के सामने खड़े हुए, तो भतीजे अकलिम और अन्य रिश्तेदारों को लगा कि कोई मजाक कर रहा है, लेकिन सामने साक्षात 'चाचा' को पाकर सबकी आंखें नम हो गईं। 3. अपनों को खोने का गम और पाने की खुशी 28 साल के इस लंबे अंतराल ने बहुत कुछ बदल दिया था। शरीफ जब लौटे, तो उन्हें पता चला कि उनके दादा और कई करीबी अब इस दुनिया में नहीं रहे। अपने नाती-पोतों को पहली बार देख शरीफ फूट-फूटकर रो पड़े। मोहल्ले में मेले जैसा माहौल हो गया और रिश्तेदारों ने वीडियो कॉल के जरिए इस ऐतिहासिक पल का लुत्फ उठाया। 4. बंगाल में बसी है नई दुनिया शरीफ ने बताया कि वह बंगाल के वेदनापुर में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ खुशहाल जीवन बिता रहे हैं। उस दौर में संचार साधनों की कमी के कारण वे चाहकर भी संपर्क नहीं कर सके। अब जरूरी दस्तावेज लेकर वे वापस बंगाल रवाना हो गए हैं, लेकिन इस बार उनका परिवार उनके साथ 'जुड़ा' हुआ है।

रवि चौहान जनवरी 1, 2026 0
70 लाख घूस लेते महिला IRS अफसर समेत 5 गिरफ्तार
झांसी CBI रेड: IRS प्रभा भंडारी और 2 सुपरिटेंडेंट ₹70 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार; ₹1.60 करोड़ कैश जब्त।

⚖️ झांसी में CBI का मेगा ऑपरेशन: IRS प्रभा भंडारी समेत 5 गिरफ्तार; ₹1.60 करोड़ कैश और सोने का जखीरा बरामद 1. भ्रष्टाचार का हाई-प्रोफाइल 'ट्रैप': ₹70 लाख लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं डिप्टी कमिश्नर उत्तर प्रदेश के झांसी में सीबीआई (CBI) ने भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। केंद्रीय जीएसटी (CGST) विभाग की डिप्टी कमिश्नर और आईआरएस (IRS) अधिकारी प्रभा भंडारी को उनके दो सहयोगियों के साथ ₹70 लाख की रिश्वत लेते हुए बीच सड़क पर गिरफ्तार किया गया। कौन-कौन हुए गिरफ्तार: इस कार्रवाई में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के अलावा सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा को दबोचा गया है। साथ ही, घूस की सेटिंग करने वाले वकील नरेश कुमार गुप्ता और रिश्वत देने वाले कारोबारी राजू मंगनानी (जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक) को भी गिरफ्तार किया गया है। डील की हकीकत: सीबीआई के अनुसार, ये अधिकारी एक फर्म पर हुई छापेमारी के मामले को रफा-दफा करने और टैक्स चोरी की फाइल दबाने के लिए ₹1.5 करोड़ की मांग कर रहे थे। ₹70 लाख इस घूस की पहली किस्त थी। 2. बरामदगी ने उड़ाए होश: नोटों के पहाड़ और बेहिसाब जेवर गिरफ्तारी के बाद जब सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों के घरों और ठिकानों की तलाशी ली, तो वहां काली कमाई का अंबार मिला। नकद राशि: तलाशी के दौरान कुल ₹1.60 करोड़ नकद (Cash) बरामद किए गए हैं। इसमें ₹70 लाख रिश्वत के थे और ₹90 लाख उनके निजी ठिकानों से मिले। सोना और संपत्तियां: भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण बरामद हुए हैं। इसके अलावा, कई बेनामी संपत्तियों और रियल एस्टेट निवेश के दस्तावेज भी सीबीआई ने जब्त किए हैं, जिनकी जांच जारी है। 3. 'ऑपरेशन झांसी' की पूरी कहानी: 12 दिन पहले शुरू हुआ खेल यह पूरा मामला 19 दिसंबर को शुरू हुआ था, जब प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सीजीएसटी टीम ने 'जय दुर्गा हार्डवेयर' पर छापा मारा था। सेटिंग का जाल: छापेमारी के बाद विभाग ने भारी टैक्स चोरी का दावा किया था। इसी मामले को खत्म करने के लिए वकील नरेश गुप्ता के जरिए सेटिंग का खेल शुरू हुआ। सीबीआई की मुस्तैदी: सीबीआई को इस डील की गुप्त सूचना मिल गई थी। जांच एजेंसी ने मंगलवार को ही केस दर्ज किया और बिना स्थानीय पुलिस को बताए झांसी में घेराबंदी कर दी। बुधवार शाम को जैसे ही घूस का लेनदेन हुआ, टीम ने सभी को दबोच लिया।

रवि चौहान दिसम्बर 31, 2025 0
संगीत सोम बोले-शाहरुख खान गद्दार, बांग्लादेशी क्रिकेटर को खरीदा
संगीत सोम का शाहरुख खान पर हमला: "गद्दार" बोलकर KKR से बांग्लादेशी खिलाड़ी निकालने की दी चेतावनी।

🚩 संगीत सोम का तीखा हमला: "शाहरुख जैसे गद्दार देश बर्दाश्त नहीं करेंगे" मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान संगीत सोम ने बांग्लादेशी क्रिकेटर नाहिद राणा (जिन्हें KKR ने खरीदा है) के चयन पर कड़ी आपत्ति जताई। शाहरुख खान पर निशाना: सोम ने कहा कि शाहरुख खान जैसे लोग देश के पैसे से बांग्लादेशी खिलाड़ियों को पाल रहे हैं, जबकि वहां हिंदुओं का कत्लेआम हो रहा है। उन्होंने शाहरुख को 'गद्दार' तक कह डाला। खिलाड़ी को चेतावनी: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेशी खिलाड़ी भारत में खेलने आएगा, तो वह यहां से सुरक्षित बाहर कदम नहीं रख पाएगा। तर्क: सोम का कहना है कि जब पाकिस्तान के खिलाड़ी भारत में नहीं खेल सकते, तो बांग्लादेश के क्यों? जहां प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दी जा रही हैं और हिंदुओं का उत्पीड़न हो रहा है। 🕉️ देवकी नंदन ठाकुर की चेतावनी: "KKR का बहिष्कार करेंगे हिंदू" मथुरा में कथा के दौरान देवकी नंदन ठाकुर ने भी कड़ा रुख अपनाया: हीरो से जीरो: उन्होंने शाहरुख खान को याद दिलाया कि उन्हें भारतीयों ने ही हीरो बनाया है, और वही जनता उन्हें 'जीरो' भी बना सकती है। निष्कासन की मांग: उन्होंने मांग की कि KKR तुरंत बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से बाहर करे। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो पूरा हिंदू समाज KKR और उसकी टीम का बहिष्कार करेगा। संवेदना का सवाल: उन्होंने पूछा कि क्या KKR मालिक को उस 6 साल की हिंदू बच्ची के जलाए जाने का दुख नहीं है, जो बांग्लादेश में हिंसा का शिकार हुई? 📝 संगीत सोम के बयान की 5 बड़ी बातें गद्दारों पर नजर: देश के अंदर छिपे गद्दारों पर पैनी नजर रखने की जरूरत है, जो अलग-अलग तरीके से भारत को कमजोर कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था: यूपी में भाजपा सरकार ने अतीक और मुख्तार जैसे माफियाओं का सफाया कर सुरक्षा का माहौल बनाया है। चुनाव का दावा: आगामी चुनावों में भाजपा 350 से अधिक सीटें जीतेगी और विपक्ष 20-30 सीटों पर सिमट जाएगा। विदेशी सम्मान: पीएम मोदी के नेतृत्व में आज अमेरिका समेत पूरी दुनिया भारत का सम्मान कर रही है। बहिष्कार का आह्वान: बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ रेप और हत्याएं हो रही हैं, ऐसे में वहां के खिलाड़ियों का स्वागत भारत में नहीं होगा। 🔍 विवाद की जड़ (Context) हाल ही में आईपीएल ऑक्शन में KKR ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज नाहिद राणा को ₹9.5 करोड़ में खरीदा है। बांग्लादेश में जारी हिंदू विरोधी हिंसा और वहां की अंतरिम सरकार के भारत विरोधी बयानों के कारण भारत में इस खरीद का भारी विरोध हो रहा है। क्या आप चाहते हैं कि मैं इस विवाद पर सोशल मीडिया पर चल रहे 'Boycott KKR' ट्रेंड की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करूँ?

रवि चौहान दिसम्बर 31, 2025 0
मुंह में यूरिन करने की धमकी देने वाली दरोगा लाइनहाजिर
Meerut Police Row: मेरठ में महिला दरोगा की बदतमीजी; कपल को दी शर्मनाक धमकी, कार पर ₹43 हजार का चालान; अलीगढ़ SSP ने किया लाइन हाजिर।

खाकी का 'अहंकार': मेरठ में महिला दरोगा की गुंडागर्दी; कपल को दी यूरिन करने की धमकी, अब हुईं लाइन हाजिर 1. 🛑 आबूलेन मार्केट में हाई वोल्टेज ड्रामा रविवार शाम करीब 7 बजे, जब मेरठ का आबूलेन और बॉम्बे बाजार खरीदारों से खचाखच भरा था, तब अलीगढ़ में तैनात दरोगा रचना राठी अपनी निजी आई-20 कार से वहां पहुंचीं। जाम में कार फंसने पर दरोगा का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने अपनी वर्दी की हनक दिखाना शुरू कर दिया। विवाद की वजह: ट्रैफिक जाम में सामने खड़ी कार ने जब तुरंत रास्ता नहीं दिया, तो रचना राठी कार से नीचे उतरीं और सामने वाले कपल पर हमलावर हो गईं। शर्मनाक धमकी: वायरल वीडियो में दरोगा को यह कहते सुना जा सकता है— "पुलिस की वर्दी पहन के खड़ी हूं, दरोगा हूं मैं, मुंह में यूरिन कर दूंगी। गाड़ी नहीं हटाई तो बेल्ट से पीटूंगी।" 2. 🕵️ सरकारी ड्यूटी के नाम पर 'शॉपिंग' और चालानों की फेहरिस्त पुलिस जांच में दरोगा की पोल खुलती गई: झूठ का सहारा: दरोगा रचना राठी अलीगढ़ के महुआ थाने से सरकारी काम का बहाना बनाकर मुजफ्फरनगर के लिए निकली थीं, लेकिन वह दोस्तों के साथ मेरठ में शॉपिंग करने पहुंच गईं। नियम तोड़ने की आदत: जिस कार (i-20) में दरोगा सवार थीं, उस पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के 14 चालान लंबित हैं, जिनकी कुल राशि 43,782 रुपए है। खुद कानून का पालन कराने वाली दरोगा ही नियमों की धज्जियां उड़ा रही थीं। 3. ⚖️ त्वरित कार्रवाई: लाइन हाजिर और जांच मामले का वीडियो सोमवार शाम वायरल होने के बाद मेरठ SSP डॉ. विपिन ताडा ने तुरंत संज्ञान लिया। अलीगढ़ SSP को रिपोर्ट: जांच में दरोगा की पहचान होने के बाद अलीगढ़ SSP को रिपोर्ट भेजी गई। सजा: अलीगढ़ SSP ने आरोपी दरोगा रचना राठी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दिए हैं। 4. 👩‍✈️ कौन हैं रचना राठी? 28 वर्षीय रचना राठी मूल रूप से बागपत की रहने वाली हैं और 2023 बैच की उप-निरीक्षक (SI) हैं। उनकी पहली पोस्टिंग अलीगढ़ में हुई थी। महज दो साल की नौकरी में इस तरह के आचरण ने पुलिस महकमे की छवि को धूमिल किया है।

रवि चौहान दिसम्बर 30, 2025 0
रैपिड रेल में गंदा काम करने वाले स्टूडेंट्स की पहचान
Namo Bharat Train Viral Video Case: छात्रा ने की सुसाइड की कोशिश, रिश्तेदार के घर भेजी गई; वीडियो लीक करने वाला ऑपरेटर बर्खास्त।

🚆 नमो भारत ट्रेन अश्लील वीडियो मामला: लोकलाज के डर से छात्रा ने की खुदकुशी की कोशिश; ऑपरेटर बर्खास्त, FIR दर्ज 1. 🚨 छात्रा की मानसिक स्थिति और परिवार का दर्द वीडियो वायरल होने के बाद छात्रा इतनी गहरे सदमे और मानसिक दबाव में चली गई कि उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने का प्रयास किया। आत्महत्या की कोशिश: लोकलाज और सोशल मीडिया पर हुई बदनामी से आहत होकर छात्रा ने जान देने की कोशिश की। समय रहते परिवार ने उसे बचा लिया और उपचार के बाद सुरक्षा के मद्देनजर उसे दूसरे शहर में किसी रिश्तेदार के घर भेज दिया है। बिखरा हुआ परिवार: छात्रा गाजियाबाद की रहने वाली है और बालिग है। वह बीसीए (BCA) की पढ़ाई कर रही है। उसके चाचा का कहना है कि बदनामी इतनी ज्यादा है कि लोग घर के अंदर झांकते हुए निकलते हैं। परिवार अब पुलिस गिरफ्तारी के डर और समाज के ताने-बाने के बीच डरा-सहमा है। 2. 📹 घटना का विवरण: प्रीमियम कोच में हुई थी हरकत एनसीआरटीसी (NCRTC) की जांच के अनुसार, यह घटना 24 नवंबर 2024 की शाम करीब 4 बजे की है। रूट: ट्रेन दुहाई स्टेशन से मुरादनगर की ओर जा रही थी। प्रीमियम कोच-23 की सीटें खाली थीं, जिसका फायदा उठाकर छात्र-छात्रा ने अश्लील कृत्य किया। पहचान: छात्रा कॉलेज यूनिफॉर्म और आईकार्ड में थी, जबकि छात्र सफेद स्वेटर में था। दोनों एक ही समाज (जाट बिरादरी) से ताल्लुक रखते हैं और उनके घर महज 3 किलोमीटर की दूरी पर हैं। 3. ⚖️ कानूनी कार्रवाई: ऑपरेटर पर गिरी गाज इस मामले में केवल छात्र-छात्रा ही नहीं, बल्कि वीडियो लीक करने वाले कर्मचारी पर भी सख्त कार्रवाई हुई है। ऑपरेटर बर्खास्त: नमो भारत के ट्रेन ऑपरेटर रिषभ ने केबिन के अंदर मोबाइल का इस्तेमाल कर सीसीटीवी फुटेज रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। कंपनी ने इसे सेवा शर्तों का उल्लंघन मानते हुए 3 दिसंबर को उसे नौकरी से निकाल दिया। FIR दर्ज: मुरादनगर थाने में सुरक्षा प्रमुख दुष्यंत कुमार की शिकायत पर छात्र-छात्रा और वीडियो वायरल करने वाले ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 4. 🏘️ पड़ोसियों और छात्रों की राय शादी का सुझाव: पड़ोसियों का मानना है कि चूंकि दोनों बच्चे एक ही समाज से हैं, इसलिए बिरादरी के लोगों को मिलकर उनकी शादी करा देनी चाहिए ताकि मामला शांत हो सके और परिवार बस जाए। करियर पर खतरा: कॉलेज के अन्य छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि ऐसी गलतियों से करियर तबाह हो जाता है। शिक्षकों के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में बहुत होशियार और फोकस्ड थी, लेकिन इस एक गलती ने सब कुछ बदल दिया। 5. 🧐 डिजिटल एथिक्स और प्राइवेसी पर सवाल यह घटना सिखाती है कि सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी हर पल रहती है। साथ ही, ट्रेन ऑपरेटर द्वारा वीडियो वायरल करना यह दर्शाता है कि डेटा सुरक्षा कितनी चुनौतीपूर्ण है। एक निजी पल का सार्वजनिक होना न केवल अपराध है, बल्कि किसी की जान पर भी बन आती है।

रवि चौहान दिसम्बर 24, 2025 0
मेरठ में रैपिड रेल में छात्र-छात्रा की गंदी हरकत
Rapid Rail Viral Video: दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल में छात्र-छात्रा की अश्लील हरकत; स्कूल यूनिफॉर्म में दिखी लड़की, CCTV फुटेज वायरल

🚫 रैपिड रेल में अश्लीलता: स्कूल यूनिफॉर्म में छात्रा और युवक की गंदी हरकत CCTV में कैद; NCRTC और पुलिस सख्त 1. 🎥 क्या है पूरा मामला? वायरल वीडियो का सच यह घटना 24 नवंबर की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सार्वजनिक हुआ है। वीडियो मोदीनगर से मेरठ के बीच के सफर का है। घटना का विवरण: वीडियो में एक छात्रा स्कूल यूनिफॉर्म में नजर आ रही है, जबकि उसके साथ एक युवक सफेद स्वेटर में बैठा है। ट्रेन के केबिन में अन्य यात्री भी मौजूद थे, लेकिन उनकी मौजूदगी को नजरअंदाज करते हुए युवक पहले छात्रा को चूमता है और फिर चादर की ओट लेकर दोनों आपत्तिजनक हरकतें करने लगते हैं। सुरक्षा में चूक या लापरवाही: रैपिड रेल पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों से लैस है। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थल पर ऐसी हरकत होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। 2. ⚖️ पुलिस और NCRTC की कार्रवाई वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) और पुलिस महकमा सक्रिय हो गया है। जांच का घेरा: पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, टिकट बुकिंग डेटा और ट्रेन के समय के आधार पर युवक और छात्रा की पहचान करने में जुटी है। दावा किया जा रहा है कि छात्रा मेरठ के एक प्रतिष्ठित स्कूल की है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है। वीडियो लीक पर सवाल: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि रैपिड रेल के कंट्रोल रूम से यह संवेदनशील वीडियो बाहर कैसे आया और किसने इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया? NCRTC अपने ही कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रहा है। अधिकारियों का बयान: एसपी आयुष विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया है कि वीडियो का संज्ञान लिया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 3. 🚆 नमो भारत (रैपिड रेल) की खासियतें और सुरक्षा तंत्र जिस ट्रेन में यह घटना हुई, वह देश की सबसे आधुनिक परिवहन प्रणालियों में से एक है: स्पीड और सुरक्षा: 180 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड वाली यह ट्रेन फिलहाल 160 किमी/घंटा पर चल रही है। सुरक्षा के लिए इसमें प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD) लगे हैं, जो ट्रेन के दरवाजों के साथ ही खुलते और बंद होते हैं। एआई सुरक्षा (AI Security): स्टेशनों पर यात्रियों की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सक्षम डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। कोच की सुविधा: ट्रेन में 6 कोच हैं, जिसमें एक महिलाओं के लिए आरक्षित है और एक प्रीमियम कोच है। पूरी ट्रेन सीसीटीवी कैमरों से कवर है। 4. 📢 प्रशासन की अपील और सामाजिक संदेश NCRTC और पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन में गरिमा बनाए रखें। नियमों का पालन: परिवहन साधनों में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि दंडनीय अपराध है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि ऐसी कोई भी हरकत देखने पर तुरंत कोच में लगे इमरजेंसी बटन या अधिकारियों को सूचना दें। साइबर सतर्कता: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अश्लील वीडियो को शेयर न करें, क्योंकि यह आईटी एक्ट के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

रवि चौहान दिसम्बर 20, 2025 0
पश्चिमी यूपी के 22 जिलों में बंद, वकील सड़क पर
West UP High Court Bench Protest: मेरठ समेत 22 जिलों में ऐतिहासिक 'महाबंद'; वकीलों ने भरी हुंकार- 'बेंच नहीं, तो वोट नहीं'

⚖️ वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की हुंकार: 22 जिलों में ऐतिहासिक 'महाबंद', ठप रहा मेरठ; वकीलों का नारा- 'बेंच नहीं, तो वोट नहीं' 1. 🛑 मेरठ बंद: ठप रहा कारोबार और सेवाएं बुधवार सुबह 11 बजे से ही मेरठ के प्रमुख बाजारों—खैरनगर, बुढ़ाना गेट और जिमखाना मैदान में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदारों ने स्वेच्छा से शटर गिराकर वकीलों की मांग का समर्थन किया। स्वास्थ्य सेवाएं: डॉक्टरों ने एकजुटता दिखाते हुए ओपीडी (OPD) सेवाएं कैंसिल कर दीं, हालांकि आपातकालीन सेवाएं सुचारु रहीं। शिक्षा: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) ने बंद की गंभीरता को देखते हुए 17 दिसंबर की सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। अब ये परीक्षाएं 12 जनवरी को होंगी। नगर निगम: सफाई मजदूर संघ ने भी काम बंद रखा, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। 2. 🏛️ वकीलों का आक्रोश: '5 दशकों का संघर्ष' हाईकोर्ट बेंच की मांग पिछले 50 वर्षों से लंबित है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि हर बार पूर्वांचल की 'लॉबी' पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भारी पड़ती है। बुलंदशहर: अंसारी रोड और चौक बाजार पूरी तरह बंद रहे। व्यापारियों और वकीलों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। हापुड़: वकीलों ने तहसील चौराहे पर चक्का जाम किया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बाद में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। बागपत: कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी (DM) के न मिलने पर वकील भड़क गए और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम कर 'डीएम मुर्दाबाद' के नारे लगाए। बिजनौर: अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला जड़ दिया और कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। 3. 💬 राजनीतिक घमासान: भाजपा बनाम विपक्ष बेंच की मांग को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सपा विधायक रफीक अंसारी: उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है। सबसे ज्यादा सांसद और विधायक भाजपा के हैं, फिर भी वेस्ट यूपी की उपेक्षा की जा रही है। भाजपा नेता सुस्त हैं।" सपा विधायक अतुल प्रधान: उन्होंने इसे 'जनांदोलन' बताते हुए कहा कि प्रयागराज जाना आम जनता की गाढ़ी कमाई और समय की बर्बादी है। उन्होंने कहा, "जनता को न सेंट्रल मार्केट मिली और न ही बेंच।" राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत (भाजपा): उन्होंने आंकड़ों के साथ बेंच की आवश्यकता का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 63% मुकदमे पश्चिमी यूपी के हैं। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कम मुकदमों पर भी 5वीं बेंच दी गई है, तो यूपी में मेरठ, आगरा और गोरखपुर को बेंच क्यों नहीं मिल सकती? बसपा और कांग्रेस: बसपा ने कहा कि भाजपा की उदासीनता के कारण बेंच नहीं आ पा रही है, वहीं कांग्रेस ने तर्क दिया कि मेरठ से लाहौर और दिल्ली नजदीक हैं, लेकिन इलाहाबाद बहुत दूर है। 4. 📊 आंकड़ों में समझें जरूरत हाईकोर्ट बेंच की मांग केवल वकीलों की नहीं, बल्कि न्याय की सुलभता की मांग है: उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल: 2,40,928 वर्ग किमी। लंबित मुकदमे: लगभग 10,32,238। इलाहाबाद हाईकोर्ट का बोझ: लखनऊ और इलाहाबाद बेंच में 5-5 लाख से अधिक मुकदमे लंबित हैं। दूरी: पश्चिमी यूपी के जिलों (जैसे सहारनपुर, मेरठ) से इलाहाबाद की दूरी लगभग 700-800 किमी है, जिससे मुकदमों की पैरवी करना आम नागरिक के लिए आर्थिक रूप से कठिन हो जाता है। 5. 🤝 1200 संगठनों का महा-समर्थन अधिवक्ताओं के अनुसार, इस बार का बंद इसलिए सफल रहा क्योंकि इसे 1200 से अधिक व्यापारिक और सामाजिक संगठनों का लिखित समर्थन प्राप्त था। पेट्रोल पंप, स्कूल-कॉलेज, ट्रांसपोर्ट और मंडी संगठनों ने खुद आगे आकर बंद को सफल बनाया। सरधना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम त्यागी के नेतृत्व में वकीलों ने नवीन मंडी में भी प्रतिष्ठान बंद कराए।

रवि चौहान दिसम्बर 17, 2025 0
विराट-अनुष्का इस साल तीसरी बार संत प्रेमानंद से मिले
Virat Kohli Performance and Spirituality: प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के बाद विराट के खेल में क्या बदलाव आया? जानें अध्यात्म का 'किंग कोहली' की फॉर्म पर असर

वृंदावन में विराट-अनुष्का: प्रेमानंद महाराज से तीसरी मुलाकात, 'हम सब श्रीजी के हैं' का मिला उपदेश 1. 🙏 केली कुंज आश्रम में तीसरी मुलाकात विराट कोहली और अनुष्का शर्मा मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। दोनों घुटनों के बल बैठकर, हाथ जोड़कर पूरी विनम्रता के साथ संत प्रेमानंद महाराज जी की बातें सुनते रहे। अनुष्का की भावना: अनुष्का ने महाराज जी से कहा, "महाराज जी, हम आपके हैं और आप हमारे हैं।" महाराज जी का उपदेश: इस पर प्रेमानंद जी ने मुस्कुराते हुए कहा, "हम सब श्रीजी (राधा रानी) के हैं। खूब आनंद पूर्वक रहो, मस्त रहो, भगवान के आश्रित रहो।" 2. 💡 कर्म, भक्ति और प्रभु आश्रय पर गुरु मंत्र प्रेमानंद महाराज जी ने विराट और अनुष्का को जीवन की सफलता और शांति के लिए गहन उपदेश दिए: कार्य ही सेवा: उन्होंने कहा, "अपने काम को भगवान की सेवा समझिए।" उनका उपदेश था कि जीवन को उन्नतशील बनाने के लिए गंभीर भाव और विनम्रता आवश्यक है। असली पिता की खोज: महाराज जी ने मनुष्य जन्म के अंतिम लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा, "जब तक भगवान न मिल जाएं, हमारी यात्रा रुकनी नहीं है।" उन्होंने समझाया कि हमने अनंत जन्मों में संसार में सबको अपना बनाया, लेकिन अब एक बार उस 'असली पिता' (ईश्वर) को देखना चाहिए, जिसने हमें प्रकट किया। ईश्वरीय व्यवस्था: प्रेमानंद जी ने भगवद्गीता का उदाहरण देते हुए कहा कि जो भगवान का अनन्य चिंतन करता है, उसके योग (अप्राप्त की प्राप्ति) और क्षेम (प्राप्त की रक्षा) की जिम्मेदारी स्वयं भगवान लेते हैं। अहंकार से दूर होकर भगवान के आश्रय में आने पर जीवन की व्यवस्था अपने आप सुधर जाती है। [Image showing Virat Kohli with Tilak and Tulsi Mala sitting humbly with Anushka Sharma before Premanand Maharaj] 3. 🛡️ विश्वास और गुरु परंपरा महाराज जी ने समझाया कि भौतिक जीवन में सफलता केवल अभ्यास और पुण्य (प्रारब्ध) से मिलती है, लेकिन आध्यात्मिक सफलता के लिए विश्वास जरूरी है। गुरु का हाथ: उन्होंने रामायण का उदाहरण दिया कि रावण का पतन विवेक की कमी और भगवान से विमुख होने के कारण हुआ। उन्होंने कहा, "हम सब गुरु, आचार्य और इष्ट के सहारे आगे बढ़ते हैं। यह परंपरा हाथ पकड़कर मंजिल तक पहुंचाने वाली है।" 4. 📅 पिछले दो दौरे: असफलता और साधना पर चर्चा विराट और अनुष्का का प्रेमानंद महाराज जी से मिलना कोई नया नहीं है। इस साल उनकी यह तीसरी मुलाकात थी, जिसमें खेल और आध्यात्म के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई: दौरा संख्या तिथि (2025) मुख्य विषय प्रेमानंद महाराज का उपदेश पहला 10 जनवरी असफलता में धैर्य और साधना "अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित है। असफलता में भी भगवान का स्मरण करते हुए धैर्य रखना चाहिए।" उन्होंने विराट की क्रिकेट को उनकी साधना बताया। दूसरा 14 मई वैभव और कृपा का अंतर "वैभव मिलना कृपा नहीं, यह पुण्य है। भगवान की कृपा अंदर का चिंतन बदलना है।" उन्होंने कहा कि अनुकूलता नहीं, बल्कि विपरीतता संसार का राग नष्ट करती है। तीसरा मंगलवार काम को सेवा और प्रभु का आश्रय "हम सब श्रीजी के हैं। अपने काम को भगवान की सेवा समझो। एक बार उस असली पिता को देखो।" 5. 🏏 टेस्ट संन्यास के बाद भी मिले थे विराट कोहली ने जब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी, उसके ठीक अगले दिन (14 मई, 2025) वे अनुष्का के साथ महाराज जी के दर्शन करने पहुंचे थे। यह दर्शाता है कि अपने जीवन के बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों के समय भी यह जोड़ा आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए वृंदावन का रुख करता है।

रवि चौहान दिसम्बर 16, 2025 0
मथुरा में 8 बसें-3 कारें टकराईं, 13 जिंदा जले
Yamuna Expressway Safety: कोहरे में एक्सीडेंट से बचने के लिए 7 अनिवार्य नियम; यमुना एक्सप्रेस-वे पर ड्राइविंग के दौरान बरतें ये सावधानियाँ

🔥 यमुना एक्सप्रेस-वे हादसा: कोहरे का कहर, 8 बसें और 3 कारें भिड़ीं; 13 की जलकर मौत, शवों के अवशेषों से DNA पहचान 1. 🚨 त्रासदी का केंद्र: माइलस्टोन 127 हादसा मथुरा के थाना बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 127 पर हुआ। कैसे हुआ हादसा: सुबह के समय एक्सप्रेस-वे पर घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता (Visibility) शून्य हो गई थी। एक स्लीपर बस के सामने अचानक धुंध आ गई, जिसके चलते ड्राइवर ने आपातकालीन ब्रेक लगाया। इसके ठीक बाद पीछे चल रही 6 अन्य बसें और 4 कारें ताबड़तोड़ तरीके से एक-दूसरे से भिड़ती चली गईं। भीषण आग: टक्कर इतनी भीषण थी कि एसी बसों में तुरंत आग लग गई। लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शी भगवान दास के अनुसार, टक्कर के बाद ऐसा लगा जैसे "बम फटा हो"। देखते ही देखते बसें आग का गोला बन गईं और यात्रियों की चीख-पुकार मच गई। 2. 💔 जलकर हुई मौतें और अंगों की पहचान का संकट हादसे में मरने वालों की संख्या 13 बताई गई है। मरने वालों में प्रयागराज निवासी भाजपा नेता अखिलेंद्र प्रतापपुर (राजू यादव के नाम से भी जाने जाते थे) भी शामिल हैं। शिनाख्त का संकट: आग की भयावहता ऐसी थी कि शव पूरी तरह जलकर कंकाल या टुकड़ों में बदल गए। पुलिस को 17 पॉलिथीन बैग में कटे हुए अंगों के अवशेष मोर्चरी तक ले जाने पड़े। DNA टेस्ट: एसएसपी श्लोक कुमार ने पुष्टि की है कि इन अवशेषों की पहचान के लिए अब डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। फिलहाल केवल तीन मृतकों (रामपाल-आजमगढ़, सुल्तान-गोंडा, अखिलेंद्र-प्रयागराज) की शिनाख्त हो पाई है। लापता परिजन: राठ हमीरपुर से आए गुलजारी लाल जैसे कई परिजन अभी भी अपने लापता सदस्यों की तलाश में अस्पताल पहुँच रहे हैं, जिन्हें बस से बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया था। 3. ⏱️ 6 घंटे चला मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की 50 जवानों की टीम ने 9 थानों की पुलिस के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसे पूरा करने में 6 घंटे लगे। स्थानीय मदद: पुलिस के पहुंचने से पहले ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए थे। चश्मदीदों ने बताया कि लोगों ने बसों के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश की। आरोप: हालांकि, कुछ जीवित बचे लोगों ने आरोप लगाया है कि रेस्क्यू ऑपरेशन और फायर ब्रिगेड की टीम घंटेभर बाद पहुंची। गोंडा से दिल्ली जा रही शालिनी ने बताया कि "फायर ब्रिगेड अगर टाइम पर आती तो शायद कुछ जानें बच जातीं।" यातायात बाधित: हादसे के कारण यमुना एक्सप्रेस-वे पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। मलबा हटाने के बाद ही यातायात शुरू हो सका। 4. 🏥 घायलों का उपचार और सीएम का मुआवजा हादसे में घायल हुए 70 से अधिक लोगों को तत्काल 11 एम्बुलेंसों की मदद से मथुरा जिला अस्पताल और वृंदावन संयुक्त जिला अस्पताल भेजा गया। रेफर: गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मुआवजे का ऐलान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है। जांच के आदेश: प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जिसका नेतृत्व एडीएम प्रशासन अमरेश करेंगे। 5. 📞 जिला प्रशासन का हेल्पलाइन नंबर जिला प्रशासन ने लोगों की मदद और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: अपर जिलाधिकारी (Dr. पंकज कुमार वर्मा): 9454417583 एसपी ग्रामीण (सुरेश चंद्र रावत): 9454401103 कंट्रोल रूम मथुरा: 0565 2403200

रवि चौहान दिसम्बर 16, 2025 0
कफ सिरप का मास्टरमाइंड गिड़गिड़ाया, बोला-बेगुनाह हूं
कोडीन सिरप मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का वीडियो: 'मैंने जहर नहीं बेचा', सीएम योगी से न्याय की गुहार | धनंजय सिंह के साथ वायरल फोटो पर सफाई

🛑 कोडीन सिरप तस्करी मामला: शुभम जायसवाल ने खुद को बताया बेगुनाह वाराणसी में करोड़ों रुपये के कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के मास्टरमाइंड और फरार आरोपी शुभम जायसवाल ने शुक्रवार को 13 मिनट का एक वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया है। इस वीडियो में शुभम ने न केवल अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों को खारिज किया है, बल्कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है, और सीएम योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। फरार चल रहे शुभम जायसवाल को STF तलाश रही है, जबकि उसके पिता और कुछ साथी गिरफ्तार हो चुके हैं। 1. 🎤 वीडियो में शुभम जायसवाल के मुख्य दावे शुभम जायसवाल ने खुद को दवा व्यवसायी बताते हुए, मीडिया और राजनीतिक टिप्पणियों पर सफाई दी: शुभम का दावा आरोपों का खंडन Phensydil सिरप की प्रकृति यह सिरप न तो जहरीली है, न ही प्रतिबंधित है। यह एक सामान्य श्रेणी की खांसी की दवा है और बच्चों के लिए नहीं, बल्कि एडल्ट के लिए है। बच्चों की मौत उन्होंने दावा किया कि उनकी बेची गई दवाओं से बच्चों की मौत नहीं हुई है। बच्चों की मौत 'कोडीन युक्त कोल्ड ड्रिफ सिरप' पीने से हुई थी। राजनीतिक टिप्पणी उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से ऐसी राजनीति न करने और भ्रम न फैलाने की अपील की कि बच्चों की मौत वाली सिरप वाराणसी से बेची गई थी। दवा व्यवसाय का तरीका शुभम ने दावा किया कि उसने सारा क्रय-विक्रय ड्रग एक्ट का पालन करते हुए और लाइसेंस धारकों को ही किया है, तथा भुगतान बैंक खाते में लिया गया है। गिरफ्तारी/केस का कारण उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग अफसरों ने उनसे पैसे मांगे थे। पैसे न देने पर अफसर जबरन उनके खिलाफ हर जगह नाम लिखवा रहे हैं और उन्हें फंसा रहे हैं। अपराधिक रिकॉर्ड शुभम ने कहा कि उनकी कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं है और न ही उनका गाजियाबाद में पकड़े गए सौरभ त्यागी से कोई संबंध है। राजनीतिक संबंध उन्होंने बाहुबली धनंजय सिंह के साथ वायरल तस्वीरों पर सफाई दी और कहा कि उनके किसी भी नेता या राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं हैं। सीएम योगी से अपील उन्होंने सीएम योगी से हाथ जोड़कर मामले की जांच कराने की गुहार लगाई और कहा कि वह बेगुनाह हैं और उनके पास हर तरह के सबूत (डॉक्यूमेंट) हैं। 2. 🚨 शुभम जायसवाल पर लगे गंभीर आरोप आरोपों के मुताबिक, शुभम जायसवाल एक अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना है जो कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप का अवैध कारोबार कर रहा था। अवैध कारोबार: शुभम और उसके पिता भोला जायसवाल सहित काशी के 28 दवा कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने ₹100 करोड़ की 89 लाख शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप खरीदी और बेची। फर्जी फर्में: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) की जांच में खुलासा हुआ कि काशी के 93 मेडिकल स्टोर के नाम पर 84 लाख शीशी प्रतिबंधित सिरप खरीदी-बेची गई, जिनमें से ज्यादातर मेडिकल स्टोर मौके पर बंद या मौजूद नहीं थे। बंद फर्मों को बिक्री: जांच में सामने आया कि मेसर्स सृष्टि फार्मा, जीटी इंटरप्राइजेज, शिवम फार्मा सहित 9 बंद फर्मों को कफ सिरप बेचा गया। ये फर्में सिर्फ कोडीन युक्त सिरप की खरीद-बिक्री के लिए ही फर्जी बनाई गई थीं। व्यापक नेटवर्क: यह अवैध कारोबार नेटवर्क काशी से शुरू होकर बंगाल और बांग्लादेश तक फैला हुआ था। FIR: सोनभद्र, जौनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, चंदौली समेत कई जनपदों में शुभम जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज हैं। 3. 🔍 जांच एजेंसियों की कार्रवाई फरार होने के बावजूद, जांच एजेंसियां शुभम और उसके परिवार पर शिकंजा कस रही हैं: पिता गिरफ्तार: शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया। वह थाईलैंड भागने की फिराक में था। अन्य गिरफ्तारी: शुभम के साथी अमित सिंह टाटा और STF से बर्खास्त कॉन्स्टेबल आलोक सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। ED की कार्रवाई: छापेमारी: बुधवार (3 दिसंबर) को ED की तीन सदस्यीय टीम ने वाराणसी में शुभम जायसवाल के दो घरों (प्रहलाद घाट और सिगरा) पर छापेमारी की। नोटिस: ED टीम ने सिगरा स्थित आवास पर उनकी मां को नोटिस की कॉपी रिसीव कराई, जो टीम को देखकर रोने लगीं और हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगीं। समन: सहायक निदेशक प्रवीण कुमार ने शुभम जायसवाल को 8 दिसंबर को दस्तावेजों के साथ ईडी लखनऊ दफ्तर में पेश होने के लिए समन जारी किया। संपत्ति की जानकारी: ED ने पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, समस्त चल-अचल संपत्ति की जानकारी, सभी कंपनियों/फर्मों की जानकारी (जिसमें वह डायरेक्टर, पार्टनर या प्रोपराइटर है), और 2015-16 से अब तक के इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी मांगी है। बैंक खाते फ्रीज: शुभम के सभी बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। क्या आप इस अवैध कोडीन सिरप तस्करी के कारण उत्पन्न होने वाले कानूनी या स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बारे में अधिक जानकारी जानना चाहेंगे?

रवि चौहान दिसम्बर 5, 2025 0
आजम के बेटे को फिर 7 साल की सजा
अब्दुल्ला आजम को तीसरी बार 7 साल की सजा: फर्जी पासपोर्ट मामले में दोषी करार, बाप-बेटे रामपुर जेल में

⚖️ फर्जी पासपोर्ट मामला: अब्दुल्ला आजम को तीसरी बार 7 साल की सजा समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान को एक और बड़ा झटका लगा है। रामपुर की MP/MLA कोर्ट ने फर्जी पासपोर्ट मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए 7 साल की सजा सुनाई है और ₹50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया। अब्दुल्ला आजम वर्तमान में रामपुर जेल में बंद हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश हुए। 1. 📅 जन्मतिथि फर्जीवाड़ा: सजा की हैट्रिक फर्जी पासपोर्ट मामले में यह अब्दुल्ला आजम को मिली तीसरी सजा है, जो जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा करने से जुड़ी हुई है। मामला सजा का विवरण सजा की तिथि वर्तमान स्थिति 1. फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) 7-7 साल की सजा (आजम, तंजीन और अब्दुल्ला) 2023   2. फर्जी पैन कार्ड मामला 7-7 साल की सजा (आजम और अब्दुल्ला) 18 दिन पहले (नवंबर 2025)   3. फर्जी पासपोर्ट मामला 7 साल की सजा और ₹50 हजार जुर्माना (अब्दुल्ला) 5 दिसंबर 2025   आजम खान की स्थिति: अब्दुल्ला और उनके पिता आजम खान, दोनों ही फर्जी पैन कार्ड मामले में 7-7 साल की सजा मिलने के बाद 17 नवंबर से रामपुर जेल में बंद हैं। आजम खान लगभग 23 महीने जेल में बिताने के बाद 23 सितंबर को जमानत पर बाहर आए थे, लेकिन 55 दिन बाद ही उन्हें वापस जेल जाना पड़ा। 2. 📄 फर्जी पासपोर्ट मामले का विवरण (2019) फर्जी पासपोर्ट का यह मामला 2019 का है, जिसकी FIR भाजपा नेता (और अब विधायक) आकाश सक्सेना ने रामपुर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई थी। आरोप: FIR में कहा गया था कि अब्दुल्ला आजम ने धोखे से और जाली दस्तावेजों के आधार पर दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाए और उनका इस्तेमाल किया। पहला पासपोर्ट (सही): इसमें जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज थी, जो उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड के अनुसार सही थी। दूसरा पासपोर्ट (फर्जी): इसमें जन्मतिथि 1990 दर्ज थी, जिसका इस्तेमाल अवैध रूप से किया गया। 3. 📉 विवाद की जड़: चुनाव जीतने के लिए फर्जीवाड़ा इस पूरे विवाद की जड़ 2017 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी हुई है, जब आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला को रामपुर की स्वार सीट से चुनाव लड़ाना चाहते थे। चरण घटनाक्रम जरूरत अब्दुल्ला की उम्र विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए 25 साल से कम थी, क्योंकि एजुकेशन सर्टिफिकेट में दर्ज उनकी डेट ऑफ बर्थ (1993) आड़े आ रही थी। फर्जीवाड़ा आजम खान ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए लखनऊ नगर निगम से बेटे का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) बनवाया, जिसमें जन्मतिथि बदली गई। आगे की गलती इसी फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर अब्दुल्ला ने फर्जी पैन कार्ड और दो पासपोर्ट बनवाए। चुनाव और रद्द 2017 में अब्दुल्ला चुनाव जीत गए। लेकिन बसपा उम्मीदवार नवाब काजिम अली खान ने फर्जी पैन कार्ड का मुद्दा उठाया। जाँच में पाया गया कि अब्दुल्ला ने फर्जी आयु प्रमाण पत्र पर चुनाव लड़ा, और उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। मुकदमे इस मामले में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने भी केस दर्ज कराया। मुकदमे में अब्दुल्ला के साथ आजम खान और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा को भी सजा हुई थी। वर्तमान चुनावी स्थिति: अब्दुल्ला ने 2022 के विधानसभा चुनाव में स्वार सीट से दोबारा जीत हासिल की थी, लेकिन सरकारी काम में बाधा डालने के एक मुकदमे में उन्हें फिर 3 साल से ज्यादा की सजा हुई और उनकी सदस्यता दोबारा रद्द हो गई। 4. ⚔️ आजम के विरोधी आकाश सक्सेना आजम खान के खिलाफ 43 मामलों में सीधे पक्षकार बने भाजपा विधायक आकाश सक्सेना इस कानूनी लड़ाई में प्रमुख चेहरा हैं। भूमिका: आकाश सक्सेना ने ही फर्जी पासपोर्ट मामले में FIR दर्ज कराई थी। राजनीतिक जीत: आजम खान की विधायकी जाने के बाद रामपुर शहर सीट पर हुए उपचुनाव (दिसंबर 2022) में आकाश सक्सेना ने आजम के करीबी आसिम रजा को 25,703 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। बयान: आजम को सजा होने पर उन्होंने कहा, "जिसने जो गलत किया है वो सजा मिल रही है।" क्या आप आजम खान परिवार से जुड़े अन्य कानूनी मामलों या स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव के नतीजों के बारे में अधिक जानना चाहेंगे?

रवि चौहान दिसम्बर 5, 2025 0
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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बांग्लादेश को भारत में ही खेलने होंगे वर्ल्ड कप मैच; ICC में पाकिस्तान को छोड़ सभी खिलाफ; 22 जनवरी को अंतिम फैसला।

रवि चौहान जनवरी 21, 2026 0