लश्कर आतंकी अबू मूसा की 'गर्दन काटने' की धमकी: PoK में उगल रहा जहर; पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड और पाकिस्तानी नेताओं पर भी हमला आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के ऑपरेटिंग कमांडर अबू मूसा कश्मीरी का एक बेहद भड़काऊ वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुलेआम हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और कश्मीर में 'जिहाद' की बात कर रहा है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में दिए गए इस भाषण में मूसा ने न केवल भारत को धमकी दी, बल्कि पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व को भी 'इस्लाम विरोधी' करार देकर अपनी ही सरकार को चुनौती दी है। 1. अबू मूसा की धमकी: "भीख से नहीं, गर्दन काटने से मिलेगी आजादी" लश्कर से जुड़े संगठन 'जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट' (JKUM) के सदस्य अबू मूसा ने अपने संबोधन में कट्टरपंथ और हिंसा का खुला समर्थन किया। हिंसा का आह्वान: मूसा ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का हल केवल 'जिहाद' में है। उसने भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि आजादी भीख मांगने से नहीं, बल्कि हिंदुओं की गर्दन काटने से मिलेगी। इजराइल-गाजा से तुलना: उसने कश्मीर की स्थिति की तुलना गाजा और फिलिस्तीन से की। मूसा का दावा है कि जिस तरह हमास ने इजराइल को चुनौती दी, वैसा ही कश्मीर में भी किया जाएगा। उसने कहा, "जब इजराइल को घुटने पर ले आए, तो कश्मीर में भी करेंगे।" 2. पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड: कौन है अबू मूसा? अबू मूसा केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, वह भारतीय सुरक्षा बलों की हिटलिस्ट में शामिल एक खतरनाक आतंकी हैंडलर है। 22 अप्रैल 2025 का हमला: पिछले साल पहलगाम में हुए बड़े आतंकी हमले का मास्टरमाइंड अबू मूसा को ही माना जाता है। पाकिस्तानी हैंडलर: जांच में सामने आया था कि PoK से दो हैंडलर—अबू मूसा और रिजवान हनीफ—आतंकियों को निर्देश दे रहे थे। आतंकी ट्रेनिंग: मूसा ने ही पाकिस्तान के मुरीदके में अफगान लड़ाकों को कश्मीर में घुसपैठ और हमले के लिए विशेष ट्रेनिंग दी थी। वह लश्कर के खूंखार आतंकी सैफुल्लाह कसूरी का बेहद करीबी माना जाता है। 📊 लश्कर की आतंकी प्रोफाइल: अबू मूसा और उसकी गतिविधियां श्रेणी विवरण और जानकारी नाम अबू मूसा कश्मीरी संगठन लश्कर-ए-तैयबा / जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट (JKUM) प्रमुख अपराध पहलगाम हमला (अप्रैल 2025), मुरीदके में ट्रेनिंग कैंप का संचालन। विचारधारा गाजा-फिलिस्तीन की तर्ज पर कश्मीर में 'जिहाद' का समर्थक। वर्तमान स्थिति पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय, घुसपैठ का मास्टरमाइंड। 3. 'पालतू सांप' अब पाकिस्तान को ही डसने लगे! हैरानी की बात यह है कि ये आतंकी अब अपने ही आकाओं (पाकिस्तान सरकार और सेना) पर सवाल उठा रहे हैं। पाकिस्तानी नेताओं को चुनौती: मूसा ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के नेता इस्लामी सिद्धांतों से भटक गए हैं। उसने कहा कि जो नेता जिहाद के लिए प्रतिबद्ध नहीं है, उसे हुकूमत करने का हक नहीं है। उसने मुजफ्फराबाद में पाक पीएम शहबाज शरीफ के सामने भी यह बात कहने का दावा किया। अशफाक राणा का तंज: लश्कर के एक अन्य कमांडर अशफाक राणा ने सीधे जनरल आसिम मुनीर को निशाने पर लिया। उसने कहा कि IMF से मिला कर्ज अधिकारियों ने बर्बाद किया। यदि यह पैसा सही जगह लगता, तो पाकिस्तान आज ब्रिटेन या स्पेन से ज्यादा विकसित होता। उसने दावा किया कि पाकिस्तान में पैदा होने वाला हर बच्चा कर्ज के बोझ के साथ जन्म ले रहा है। 4. भारतीय सुरक्षा बलों का कड़ा रुख आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि सीमा पार 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत सीमा पार आतंकी ढांचे को नष्ट कर रही है। हाई अलर्ट: अबू मूसा जैसे आतंकियों के भड़काऊ वीडियो सामने आने के बाद कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया जा सके।
🇵🇰 पाकिस्तान में लोकतंत्र शर्मसार: पंजाब असेंबली में CM सोहेल अफरीदी से हाथापाई; अफरीदी बोले- "यह मार्शल लॉ है" 1. 👊 विधानसभा के द्वार पर बदसलूकी शुक्रवार को जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पंजाब विधानसभा (लाहौर) में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, तब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें शारीरिक रूप से रोकने का प्रयास किया। वायरल वीडियो का सच: सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि मुख्यमंत्री को अंदर जाने से रोका जा रहा है। जब उनके साथी फतेह उल्लाह बुर्की ने बीच-बचाव किया, तो सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और धक्का देकर बाहर निकालने की कोशिश की। तनावपूर्ण माहौल: अन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को संभाला गया, लेकिन मुख्यमंत्री के स्तर के संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार पाकिस्तान के इतिहास में एक नया काला अध्याय है। 2. 🏛️ इमरान खान बनाम मरियम नवाज: दो राज्यों की जंग यह केवल सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं और दो कट्टर दुश्मन पार्टियों के बीच का टकराव है: पंजाब में PML-N की सत्ता: पंजाब की बागडोर नवाज शरीफ की बेटी और मुख्यमंत्री मरियम नवाज के हाथ में है। KP में PTI का परचम: सोहेल अफरीदी, इमरान खान की पार्टी PTI के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री हैं। राजनीतिक आरोप: अफरीदी ने मरियम नवाज की सरकार को "नकली सरकार" करार दिया और आरोप लगाया कि लाहौर में PTI कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है और सांसदों को डराया जा रहा है। 3. 🚨 "मार्शल लॉ जैसा व्यवहार": अफरीदी का तीखा प्रहार घटना के बाद सोहेल अफरीदी ने मीडिया से बात करते हुए कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा: लोकतंत्र खतरे में: "कोई भी लोकतांत्रिक सरकार मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करती। यह सीधे-सीधे मार्शल लॉ की याद दिलाता है।" रास्ते रोके गए: उन्होंने दावा किया कि चक्री और मंडी बहाउद्दीन में उनके काफिले को रोका गया, कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और वाहनों को नुकसान पहुँचाया गया। 4. 📅 प्रताड़ना का सिलसिला: एक महीने में दूसरी बार हमला हैरानी की बात यह है कि सोहेल अफरीदी के साथ एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना है: 28 नवंबर की घटना: रावलपिंडी की अडियाला जेल में जब अफरीदी इमरान खान से मिलने गए थे, तब पुलिस ने उनके बाल खींचे और उन्हें जमीन पर पटक दिया था। सेना का हस्तक्षेप: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये कार्रवाइयां अक्सर उच्च सैन्य आदेशों के प्रभाव में की जाती हैं, क्योंकि PTI समर्थकों और सेना के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
✈️ PIA की नीलामी: आरिफ हबीब और लकी सीमेंट के बीच 'महायुद्ध'; 3800 करोड़ के पार पहुंची बोली 1. 💰 बिडिंग राउंड: कौन है रेस में आगे? PIA में 75% हिस्सेदारी खरीदने के लिए क्लोज्ड और ओपन बिडिंग का दौर चला। पहले राउंड में तीन दावेदार थे, लेकिन एयरब्लू (Airblue) केवल 848 करोड़ की बोली लगाकर रेस से बाहर हो गई। आरिफ हबीब ग्रुप: फिलहाल 3872 करोड़ रुपए की बोली के साथ सबसे आगे है। लकी सीमेंट ग्रुप: इसने 3848 करोड़ रुपए की बोली लगाई है और दूसरे राउंड के लिए 30 मिनट का ब्रेक मांगा है। पारदर्शिता: पूरी प्रक्रिया को सरकारी टीवी पर लाइव दिखाया गया ताकि IMF और जनता के बीच पारदर्शिता बनी रहे। 2. 📉 पाकिस्तान को 'राष्ट्रीय गौरव' बेचने की नौबत क्यों आई? पाकिस्तान सरकार के पास अपनी एयरलाइन चलाने का अब कोई विकल्प नहीं बचा था। इसके पीछे मुख्य कारण हैं: IMF की कड़ी शर्त: पाकिस्तान को IMF से 7 अरब डॉलर का कर्ज चाहिए। इसके बदले शर्त है कि घाटे में चल रही 24 सरकारी कंपनियों का निजीकरण किया जाए। 25 हजार करोड़ का कर्ज: खराब मैनेजमेंट और भ्रष्टाचार के कारण PIA पर भारी कर्ज चढ़ चुका है। फर्जी लाइसेंस कांड: 2020 में प्लेन क्रैश के बाद जांच में पता चला कि 250 पायलटों के लाइसेंस संदिग्ध थे। इसके बाद यूरोप और ब्रिटेन ने PIA पर बैन लगा दिया था, जिससे कंपनी की कमर टूट गई। 3. 🛡️ सेना से जुड़ी कंपनी 'फौजी फर्टिलाइजर' का पीछे हटना नीलामी से ठीक दो दिन पहले सेना नियंत्रित फौजी फर्टिलाइजर (FFPL) ने नाम वापस लेकर सबको चौंका दिया। इसके पीछे कूटनीतिक कारण माने जा रहे हैं: IMF का डर: अगर सेना की कंपनी सीधे बोली जीतती, तो IMF इसे 'निजीकरण' नहीं मानता और लोन की प्रक्रिया अटक सकती थी। रणनीतिक चाल: नाम वापस लेने से अब सेना के पास मौका है कि वह बोली जीतने वाले निजी ग्रुप के साथ बाद में गठबंधन (Backdoor entry) कर सके। 4. 🤝 कर्मचारियों और सरकार का भविष्य सरकार ने नीलामी के नियमों में कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने का दावा किया है: जॉब गारंटी: नए मालिक को कम से कम 12 महीने तक किसी कर्मचारी को निकालने की अनुमति नहीं होगी। पेंशन: रिटायरमेंट और पेंशन का खर्च सरकार वहन करेगी, जबकि मौजूदा वेतन नया मालिक देगा। पैसा कहाँ जाएगा: 75% हिस्सेदारी की कुल राशि का 92.5% हिस्सा PIA के कर्ज चुकाने और ऑपरेशनल सुधार में लगेगा, जबकि केवल 7.5% सरकारी खजाने में जाएगा। 5. 🏗️ एविएशन सेक्टर में सुधार की उम्मीद पाकिस्तान का एविएशन सेक्टर उसकी GDP में मात्र 1.3% योगदान देता है, जबकि सऊदी अरब (8.5%) और यूएई (18%) में यह बहुत अधिक है। सरकार को उम्मीद है कि निजीकरण से PIA फिर से यूरोपीय रूट्स पर उड़ान भरेगी और विदेशी मुद्रा की कमाई शुरू होगी।
आसिम मुनीर का 'धार्मिक कार्ड': भारत से संघर्ष में 'दैवीय मदद' का दावा और तालिबान को अल्टीमेटम 1. 🛡️ 'ऑपरेशन सिंदूर' और दैवीय मदद का दावा जनरल आसिम मुनीर ने 10 दिसंबर के अपने भाषण में मई 2024 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए भीषण सैन्य संघर्ष का जिक्र किया। क्या था मामला? 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (26 नागरिकों की मौत) के जवाब में भारत ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। भारतीय वायुसेना और सेना ने PoK और पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। मुनीर का बयान: मुनीर ने दावा किया कि इस संघर्ष के दौरान "अल्लाह की मदद" ने पाकिस्तान को बचाया। उनके मुताबिक, दैवीय हस्तक्षेप की वजह से हालात पूरी तरह बिगड़ने (Full-scale war) से बच गए। हकीकत यह थी कि भारत ने इस दौरान पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह कर दिए थे और पाकिस्तान को 10 मई को समझौते की मेज पर आना पड़ा था। 2. 🕌 पाकिस्तान की तुलना मदीना से: टू-नेशन थ्योरी का राग मुनीर ने अपने संबोधन में पाकिस्तान को दुनिया का दूसरा सबसे पवित्र इस्लामी राज्य बताया। ऐतिहासिक तुलना: मुनीर ने कहा कि 1400 साल पहले पैगंबर मोहम्मद द्वारा स्थापित 'रियासत-ए-तैयबा' (मदीना) के बाद, पाकिस्तान ही वह दूसरा मुल्क है जिसकी बुनियाद 'कलमे' पर रखी गई है। हिंदुओं से अलग पहचान: उन्होंने फिर से 'टू-नेशन थ्योरी' को दोहराते हुए कहा कि "हम हर मामले में हिंदुओं से अलग हैं—हमारा धर्म, संस्कृति, रीति-रिवाज और सोच अलग है। इसीलिए हमारे पूर्वजों ने एक अलग देश बनाया।" 3. 🇦🇫 अफगानिस्तान और TTP को चेतावनी मुनीर ने पाकिस्तान की आंतरिक अशांति के लिए अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को जिम्मेदार ठहराया। अल्टीमेटम: मुनीर ने सीधे शब्दों में कहा कि अफगानिस्तान को पाकिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) में से किसी एक को चुनना होगा। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में हमला करने वाले 70% आतंकी अफगानी हैं। जिहाद पर नियंत्रण: उन्होंने धार्मिक विद्वानों के बीच कहा कि किसी भी देश में 'जिहाद' का ऐलान करने का हक केवल वहां की सरकार को है, किसी व्यक्ति या समूह को फतवा जारी करने का अधिकार नहीं है। 4. 🚀 फील्ड मार्शल मुनीर: पाकिस्तान के सबसे ताकतवर शख्स 4 दिसंबर 2025 को आसिम मुनीर को पाकिस्तान का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) नियुक्त किया गया। परमाणु कमान: CDF और आर्मी चीफ (COAS) दोनों पद एक साथ संभालने वाले वे पहले अधिकारी हैं। 27वें संवैधानिक संशोधन के बाद अब उनके पास पाकिस्तान के परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) का नियंत्रण भी है। कार्यकाल विस्तार: उनका कार्यकाल अब 5 साल का होगा, जिससे वे प्रधानमंत्री से भी अधिक शक्तिशाली हो गए हैं।
⚖️ पाकिस्तान में 'इमरान युग' पर संकट: तोशाखाना-2 केस में 17 साल की सजा; जानें बुशरा बीबी और उस 'बुल्गारी घड़ी' का पूरा सच 1. 🚨 तोशाखाना केस-2: क्या था ताजा मामला? यह मामला सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान द्वारा इमरान खान को उपहार में दिए गए एक बेहद महंगे 'बुल्गारी' (Bulgari) घड़ी सेट के अवैध निजीकरण से जुड़ा है। अदालत का फैसला: इमरान खान को 'आपराधिक विश्वासघात' (धारा 409) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। सजा में नरमी: अदालत ने इमरान खान की उम्र (73 साल) और बुशरा बीबी के महिला होने के आधार पर सजा में कुछ नरमी बरती, अन्यथा यह सजा और भी अधिक हो सकती थी। जुर्माना: सजा के साथ ही 16.4 करोड़ रुपए का जुर्माना न भरने पर सजा की अवधि और बढ़ाई जा सकती है। 2. 🕰️ 'घड़ी कांड' की इनसाइड स्टोरी: बुशरा बीबी की एक गलती और इमरान फँसे इस पूरे विवाद की जड़ 2018 में शुरू हुई, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान सऊदी अरब के दौरे पर गए थे। उपहार की कहानी: सऊदी प्रिंस ने इमरान को सोने और हीरों से जड़ित एक बेशकीमती घड़ी सेट उपहार में दिया था। इमरान ने इसे सरकारी खजाने (तोशाखाना) में जमा करने के बजाय अपनी पत्नी बुशरा को दे दिया। बिक्री की साजिश: बुशरा बीबी ने इस घड़ी की कीमत पता करने के लिए तत्कालीन मंत्री जुल्फी बुखारी को सौंपा। जब पता चला कि घड़ी करोड़ों की है, तो इसे बाजार में बेचने का फैसला लिया गया। पकड़ी गई चोरी: बुशरा की सहेली फराह खान और जुल्फी बुखारी जब एक नामी शोरूम पर इसे बेचने पहुंचे, तो शोरूम मालिक ने घड़ी की असलियत जानने के लिए मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को फोन कर दिया। कंपनी ने सीधे सऊदी प्रिंस के दफ्तर को सूचित किया कि उनके द्वारा उपहार में दी गई घड़ी बिकने आई है। यहीं से सारा राज खुल गया। लीक ऑडियो: बाद में बुशरा बीबी और जुल्फी बुखारी का एक ऑडियो लीक हुआ, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह सब इमरान खान की जानकारी और सहमति से हो रहा था। 3. 📉 तोशाखाना के नियम और इमरान की धोखाधड़ी पाकिस्तान के कानून के अनुसार, राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को मिलने वाले 10 हजार रुपए से अधिक के उपहार सरकारी संपत्ति होते हैं। इन्हें 20% कीमत चुकाकर खरीदा जा सकता है। इमरान का फर्जीवाड़ा: इमरान खान ने 2 करोड़ रुपए की घड़ी की कीमत सरकारी रिकॉर्ड में महज 5 लाख रुपए दिखाई। उन्होंने इसी कम कीमत पर इसे तोशाखाना से खरीदा और फिर बाजार में असली कीमत (करोड़ों रुपए) पर बेचकर मुनाफा कमाया। महंगे तोहफों की लिस्ट: इमरान को प्रधानमंत्री रहते 108 तोहफे मिले। इनमें 8.5 करोड़ की घड़ी, 56 लाख के कफलिंक्स और 15 करोड़ की 7 रोलेक्स घड़ियां शामिल थीं। 4. 🔒 इमरान खान की कानूनी मुश्किलें इमरान खान अगस्त 2023 से ही भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में अडियाला जेल में बंद हैं। 100 से ज्यादा केस: उन पर सरकारी सीक्रेट लीक करने (सिफर केस), अल-कादिर ट्रस्ट केस (जमीन घोटाला) और 9 मई की हिंसा समेत 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। सेना का रुख: हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने उन्हें 'मानसिक रूप से बीमार' तक करार दिया है, जो इमरान और सेना के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
दिल्ली को 'दुल्हन' बनाने की धमकी: लश्कर कमांडर रऊफ का भड़काऊ वीडियो और भारत का 'ऑपरेशन सिंदूर' 1. 📢 हाफिज अब्दुल रऊफ का भड़काऊ बयान हाल ही में सोशल मीडिया पर लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ का एक वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो भले ही नवंबर का बताया जा रहा है, लेकिन इसकी गंभीरता ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। दिल्ली पर कब्जे का दावा: रऊफ ने अपने वीडियो में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साले अब्दुल रहमान मक्की (जिसकी मौत पिछले साल हुई थी) का हवाला देते हुए कहा, "हम एक दिन दिल्ली को दुल्हन बनाएंगे। गजवा-ए-हिंद होकर रहेगा।" शरिया की हुकूमत: आतंकी कमांडर ने भारत में निजाम बदलकर 'शरिया हुकूमत' लाने की बात कही और पाकिस्तान को इस्लामी देशों की एकमात्र परमाणु शक्ति बताते हुए शेखी बघारी। सैन्य ताकत को चुनौती: रऊफ ने दावा किया कि भारत के राफेल विमान, एस-400 मिसाइल सिस्टम और ड्रोन पाकिस्तान का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। 2. 🛡️ 'ऑपरेशन सिंदूर': भारत का सर्जिकल प्रहार हाफिज रऊफ की बौखलाहट के पीछे भारत का वह प्रहार है, जिसने पाकिस्तानी आतंकी ढांचे की कमर तोड़ दी। स्ट्राइक की वजह: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने 6-7 मई 2025 की रात को 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। तबाही का मंजर: रात 1:05 बजे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और PoK में मौजूद 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों पर 24 मिसाइलें दागीं। नुकसान: इस स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और 4 करीबी सहयोगी इस हमले में ढेर हो गए। 3. 🎭 पाकिस्तानी सेना का 'मौलवी' कार्ड ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब मारे गए आतंकियों के जनाजे की तस्वीरें सामने आईं, तो उसमें अब्दुल रऊफ पाकिस्तानी सैन्य अफसरों के साथ नजर आया। बचाव की कोशिश: अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने के लिए पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने रऊफ को एक 'आम आदमी' और 'साधारण मौलवी' बताने की कोशिश की। झूठ का पर्दाफाश: सेना ने रऊफ की जो आईडी और जन्म तारीख बताई, वह अमेरिका की प्रतिबंधित आतंकियों की सूची (SDN List) में मौजूद हाफिज अब्दुर रऊफ की डिटेल से हूबहू मेल खाती है। यह साबित करता है कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों को आधिकारिक संरक्षण दे रही है। 4. 🐍 सैफुल्लाह कसूरी: नफरत का दूसरा नाम लश्कर का डिप्टी चीफ और पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी भी लगातार भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है। धमकी: कसूरी ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसीम मुनीर से अपील की कि वे पीएम मोदी को 'सबक सिखाएं'। हिंदू विरोधी एजेंडा: कसूरी ने एक वीडियो में खुलेआम कहा कि हिंदुस्तान से हिंदुओं का सफाया होगा और पूरे भारत पर 'ला इलाहा इलल्लाह' का परचम लहराएगा। उसने पाकिस्तान में आई बाढ़ के लिए भी भारत को ही जिम्मेदार ठहराया। 5. 📉 कश्मीर में आतंकवाद की जमीनी हकीकत भले ही आतंकी कमांडर दावा कर रहे हैं कि कश्मीर की लड़ाई खत्म नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी कार्रवाइयों ने सीमा पार बैठे आकाओं में डर पैदा कर दिया है। रऊफ का यह कहना कि "ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत हमला नहीं करेगा", असल में उनकी घबराहट को छुपाने की कोशिश है।
पाकिस्तानी सेना प्रवक्ता का विवादित आचरण: महिला पत्रकार को आंख मारी, इमरान खान को बताया 'जेहनी मरीज' पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के प्रवक्ता, मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी, एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अपने विवादित आचरण के चलते सोशल मीडिया पर आलोचना का केंद्र बन गए हैं। एक महिला पत्रकार को आंख मारने और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर व्यक्तिगत हमला करने का उनका वीडियो वायरल हो गया है। 1. 😠 प्रेस ब्रीफिंग में विवादित आचरण यह घटना तब हुई जब पत्रकार अब्सा कोमान ने चौधरी से इमरान खान पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों (जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा, एंटी-स्टेट और 'दिल्ली के इशारों पर काम करना') की प्रकृति और आगे की कार्रवाई के बारे में सवाल पूछा। चौधरी की प्रतिक्रिया: इस सवाल के जवाब में, प्रवक्ता चौधरी ने तंज कसते हुए कहा: "एक चौथा पॉइंट जोड़ लें, वह (इमरान खान) एक जेहनी मरीज भी हैं।" आंख मारने की घटना: यह बात कहते हुए चौधरी ने मुस्कराकर पत्रकार को आंख मारी (Winked), जिससे यह घटना कैमरे में कैद हो गई और तुरंत वायरल हो गई। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर इस हरकत को अशोभनीय और अव्यावसायिक करार दिया गया। यूजर्स ने लिखा कि यह सब कैमरे के सामने हो रहा है और देश मजाक बन चुका है, जो पाकिस्तान में लोकतंत्र के पतन को दर्शाता है। 2. ⚔️ इमरान खान पर व्यक्तिगत हमले चौधरी ने प्रेस ब्रीफिंग में और कुछ दिन पहले भी, इमरान खान पर तीखे व्यक्तिगत हमले किए हैं, जो सेना और पूर्व पीएम के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। 'नारसिसिस्ट' (आत्ममुग्ध): चौधरी ने इमरान खान को 'नारसिसिस्ट' (आत्ममुग्ध) बताते हुए आरोप लगाया कि इमरान को लगता है कि अगर वे सत्ता में नहीं हैं तो कुछ भी मौजूद नहीं रहना चाहिए। जेल विजिट पर आरोप: उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेल में इमरान खान से मिलने वाले लोगों का इस्तेमाल सेना के खिलाफ नफरत भड़काने के लिए किया जा रहा है। संविधान की सीमाएं: चौधरी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि किसी को भी पाकिस्तान की सेना और जनता के बीच दरार पैदा नहीं करने दी जाएगी, क्योंकि संविधान में अधिकारों के साथ सीमाएं भी होती हैं, खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में। बदले में इमरान का हमला: चौधरी का यह बयान तब आया जब इमरान खान ने सोशल मीडिया पर सेना प्रमुख जनरल मुनीर को मानसिक तौर पर अस्थिर बताया था और उन पर संविधान की तबाही का आरोप लगाया था। 3. 🚫 पंजाब असेंबली में पीटीआई पर प्रतिबंध का प्रस्ताव पाकिस्तान की सियासत में एक और बड़ा विवाद शुरू हो गया है, जो इमरान खान की राजनीतिक राह को और मुश्किल बना सकता है। प्रस्ताव पास: मंगलवार को पंजाब असेंबली ने एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई (PTI) पर बैन लगाने की मांग की गई है। आरोप: असेंबली ने आरोप लगाया कि इमरान खान और उनकी पार्टी 'देश के खिलाफ काम कर रहे हैं' और 'एंटी-स्टेट बातें फैला रहे हैं'। भारत का संदर्भ: PML-N विधायक ताहिर परवेज द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में, सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ की गई और कहा गया कि उन्होंने हमेशा देश को बड़े दुश्मनों, खासकर भारत, से बचाया है। प्रस्ताव में पीटीआई संस्थापक को 'दुश्मन देशों के हाथ की कठपुतली' बताया गया। 4. 📰 पाकिस्तानी नेताओं का पुराना विवादित आचरण चौधरी की यह हरकत कोई नई बात नहीं है। पाकिस्तान के कई नेता और अधिकारियों पर पहले भी सार्वजनिक तौर पर महिलाओं के साथ अशोभनीय व्यवहार के आरोप लग चुके हैं: यूसुफ रजा गिलानी: 13 साल पहले, पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी पर भी एक रैली के दौरान महिला पत्रकार शेरी रहमान के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ (गलत तरीके से छूने) का वीडियो वायरल हुआ था। इमरान खान: तीन साल पहले, इमरान खान खुद भी एक महिला पार्टी वर्कर से अश्लील बातें करने के कथित ऑडियो टैप स्कैंडल में फंस चुके थे। उनकी पार्टी ने हालांकि इन टेप्स को फर्जी बताया था। क्या आप जानना चाहेंगे कि पंजाब असेंबली के प्रस्ताव में पीटीआई पर 'दुश्मन देशों के हाथ की कठपुतली' होने का आरोप लगाने के पीछे मुख्य राजनीतिक आधार क्या हैं?
पाकिस्तान में ऐतिहासिक सैन्य बदलाव: फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने CDF का पद संभाला, भारत को सख्त चेतावनी दी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सोमवार को रावलपिंडी के GHQ (जनरल हेडक्वार्टर) में आयोजित एक समारोह में आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान के नए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) का पद संभाल लिया। यह नियुक्ति पाकिस्तान के सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि आसिम मुनीर देश के पहले सैन्य अधिकारी हैं जो एकसाथ CDF और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) दोनों पद संभालेंगे। 1. ⚔️ भारत को 'तेज और कड़ा' जवाब देने की चेतावनी पदभार संभालने के बाद अपने भाषण में, फील्ड मार्शल मुनीर ने भारत को सीधे तौर पर चेतावनी दी और देश की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान के आक्रामक रुख को स्पष्ट किया। कड़ा रुख: मुनीर ने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान पर कोई हमला होता है तो उसका जवाब "पहले से भी ज्यादा तेज और कड़ा होगा।" उन्होंने भारत को संदेश दिया कि वे किसी गलतफहमी में न रहें। ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ: उन्होंने मई में उनके नेतृत्व में पाकिस्तान द्वारा भारत को 'मुंहतोड़ जवाब' देने का दावा किया और 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तानी सेना और नागरिकों के धैर्य की तारीफ की। आधुनिक युद्ध की चुनौती: उन्होंने स्वीकार किया कि मॉर्डन युद्ध अब साइबरस्पेस, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, स्पेस, इन्फॉर्मेशन वॉर, AI और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे नए क्षेत्रों तक बढ़ गया है। उन्होंने सेना के लिए इन चुनौतियों के अनुसार खुद को ढालना जरूरी बताया। 2. ⚠️ अफगानिस्तान और TTP को स्पष्ट संदेश फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अफगान तालिबान सरकार को भी एक सख्त अल्टीमेटम दिया, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। एक को चुनें: उन्होंने अफगान तालिबान को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें पाकिस्तान तालिबान (TTP) और पाकिस्तान सरकार में से किसी एक से ही बेहतर रिश्ते रखने चाहिए। सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं: मुनीर ने दोहराया कि पाकिस्तान एक शांति पसंद देश है, लेकिन देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आतंकी समर्थन का आरोप: उन्होंने अफगान तालिबान पर पाकिस्तान में एक्टिव आतंकियों (TTP) का समर्थन करने का आरोप लगाया। भारत पर TTP का समर्थन करने का आरोप: पाकिस्तान TTP को आतंकवादी संगठन मानता है और मुनीर ने पहले भी दावा किया था कि तालिबान उन ग्रुप्स का समर्थन करता है जिन्हें भारत मदद करता है। 3. 🚀 पाकिस्तान के सैन्य ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव आसिम मुनीर की नियुक्ति पाकिस्तान के डिफेंस फोर्सेज की संगठनात्मक संरचना में एक मौलिक बदलाव लाती है। CDF पद का सृजन: यह पद पिछले महीने हुए 27वें संवैधानिक संशोधन के तहत बनाया गया, जिसने पुराने चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) के पद की जगह ली। सर्वाधिक शक्तिशाली व्यक्ति: मुनीर पाकिस्तान के पहले सैन्य अधिकारी हैं जो एकसाथ CDF और COAS दोनों पद संभालेंगे। इस पद के मिलते ही उन्हें पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की कमान भी मिल गई, जिससे वे देश के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं। CDS/COAS कार्यकाल: दोनों पदों पर उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। डिफेंस फोर्सेज हेडक्वार्टर (DFHQ): नए बने डिफेंस फोर्सेज हेडक्वार्टर का उद्देश्य थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त क्षमताओं को एकजुट करना है ताकि मल्टी-डोमेन ऑपरेशन की ताकत बढ़ाई जा सके। मुनीर ने स्पष्ट किया कि यह मुख्यालय केवल तालमेल करेगा, जबकि तीनों सेनाओं की संगठनात्मक संरचना और स्वायत्तता बनी रहेगी। 4. 📅 नियुक्ति का विवरण नियुक्ति तिथि: पाकिस्तान सरकार ने 4 दिसंबर को आसिम मुनीर को CDF और COAS नियुक्त किया। पदभार ग्रहण: 8 दिसंबर (सोमवार)। पदोन्नति: मुनीर को इसी साल फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया था। संवैधानिक संशोधन: पाकिस्तानी संसद ने 12 नवंबर को सेना की ताकत बढ़ाने वाला 27वां संवैधानिक संशोधन पास किया था। क्या आप जानना चाहेंगे कि 'ऑपरेशन सिंदूर' क्या था जिसका जिक्र फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अपने भाषण में किया है?
पाकिस्तान में राजनीतिक उबाल: अडियाला जेल में इमरान खान से मिलने पहुँची बहन उज्मा खान; मौत की अफवाहें, CM अफरीदी पर हमला और राष्ट्रपति शासन की तैयारी पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर उग्र विरोध-प्रदर्शनों और गंभीर सत्ता संघर्ष की चपेट में है। पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की अडियाला जेल (रावलपिंडी) में लगातार हिरासत और उनसे मिलने पर लगे प्रतिबंधों ने पूरे देश में, खासकर खैबर पख्तूनख्वा (KP) में, अभूतपूर्व राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है। मंगलवार को जब इमरान खान की बहन उज्मा खान अपने भाई से मिलने के लिए 27 दिन के लंबे अंतराल के बाद जेल पहुँचीं, तो यह घटनाक्रम तनावपूर्ण माहौल में एक छोटी-सी राहत लेकर आया। इससे पहले, उन्होंने 5 नवंबर को अपनी बहन नौरीन खान से मुलाकात की थी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पिछले सप्ताह परिवार के सदस्यों और समर्थकों को जेल प्रशासन द्वारा मिलने की अनुमति न दिए जाने के बाद, यह अफवाह फैल गई थी कि इमरान खान की मौत हो गई है और पाकिस्तान सरकार इस खबर को छिपा रही है। इन अफवाहों के कारण पूरे पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिसके मद्देनजर रावलपिंडी से लेकर इस्लामाबाद तक हाई अलर्ट जारी करना पड़ा और धारा 144 लागू कर दी गई। इस पूरे विवाद का सबसे विवादास्पद पहलू तब सामने आया जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को 27 नवंबर को अडियाला जेल के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सड़क पर गिराकर पीटा। PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने KP में राष्ट्रपति शासन लगाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके लिए न्याय राज्य मंत्री अकील मलिक ने CM अफरीदी को सुरक्षा और प्रशासन की स्थिति संभालने में बुरी तरह विफल बताया है। यह विस्तृत आलेख इमरान खान से मिलने पर लगे प्रतिबंधों, बहन उज्मा खान की जेल यात्रा, उनकी मौत की अफवाहों और विरोध-प्रदर्शनों, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में लागू धारा 144 और प्रतिबंधों (लाठी, पेट्रोल बम, नफरत भरे भाषण पर रोक), CM सोहेल अफरीदी पर सेना के आदेश पर पुलिस हमले की जघन्य घटना, खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन लगाने की धमकी, और इमरान खान के बेटे कासिम खान द्वारा पिता को 'डेथ सेल' में रखे जाने के आरोप के संदर्भ में 5000 शब्दों का गहन राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। 1. 🚶 27 दिन बाद मुलाकात: उज्मा खान की जेल यात्रा इमरान खान को अडियाला जेल में रखे जाने के बाद से ही, उनके समर्थकों और परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने पर लगातार प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। 1.1. मुलाकात का घटनाक्रम लंबा अंतराल: इमरान खान 5 नवंबर को अपनी बहन नौरीन खान से मिलने के बाद, लगभग 27 दिन बाद अपने परिवार के किसी सदस्य से मिल रहे हैं। उज्मा खान की मुलाकात: मंगलवार को उनकी बहन उज्मा खान रावलपिंडी की अडियाला जेल में उनसे मिलने पहुँचीं। भेंट से पहले चर्चा: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुलाकात से पहले उज्मा ने अपनी बहन अलीमा खान से काफी देर तक बातचीत की, जो संभवतः जेल प्रशासन से अनुमति लेने या विरोध प्रदर्शन की रणनीति से संबंधित थी। बार-बार इनकार: पिछले मंगलवार को भी इमरान खान से मिलने उनके समर्थक और परिवार वाले पहुँचे थे, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं दी। 1.2. कानूनी आदेशों की नाकामी PTI का आरोप: PTI नेता असद कायसर ने कोर्ट के आदेशों के लागू न होने पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "कोर्ट अपने आदेश को लागू कराने में नाकाम रहा है और जेल प्रशासन भी कोर्ट के आदेशों का पालन करने को तैयार नहीं है।" विरोध का कारण: परिवार के सदस्यों को कई हफ्तों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जो PTI के लिए बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन का मुख्य कारण बन गया है। 2. ☠️ 'मौत की अफवाह' और देशव्यापी विरोध इमरान खान से मिलने पर बार-बार प्रतिबंध लगाने का सबसे गंभीर परिणाम उनकी मौत की अफवाहों के रूप में सामने आया। 2.1. अफवाह का जन्म कारण: पिछले सप्ताह, जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को लगातार आठवीं बार खान से मिलने से रोका गया, तो यह विवाद और भड़क उठा। इसके बाद, खान के परिवार और समर्थकों को मिलने न देने पर उनकी मौत की अफवाहें तेज हो गईं। परिवार का संदेह: खान के बेटे कासिम खान ने X पर अपने पिता के जिंदा होने का सबूत मांगा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बुआ को भी मिलने नहीं दिया जा रहा है और यह सब जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है क्योंकि सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है। 2.2. हाई अलर्ट और पाबंदियाँ प्रदर्शन: अफवाहों को लेकर पूरे पाकिस्तान में बड़ा प्रदर्शन किया गया था। इमरान खान की बहनें भी 18 नवंबर को जेल के बाहर प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। धारा 144: विरोध को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने रावलपिंडी में 1 से 3 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी है। कड़े प्रतिबंध: डिप्टी कमिश्नर डॉ. हसन वकार द्वारा जारी आदेश में सार्वजनिक सभा, रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर बैन लगा दिया गया है। साथ ही, हथियार, लाठी, गुलेल, पेट्रोल बम, विस्फोटक सामग्री, नफरत भरे भाषण, पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। 2.3. PTI की धमकी PTI ने प्रतिबंधों के बावजूद मंगलवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर और रावलपिंडी (अडियाला जेल) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। PTI नेताओं का दावा है कि प्रदर्शन करने का फैसला कोर्ट आदेश को लागू कराने में नाकाम होने के कारण लिया गया है। 3. 💥 CM अफरीदी पर पुलिस हमला और सेना की भूमिका विरोध प्रदर्शनों के दौरान खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री पर हुआ हमला इस राजनीतिक संकट का सबसे चौंकाने वाला और गंभीर पहलू है। 3.1. मुख्यमंत्री पर हमला घटना: इमरान खान का समर्थन करने रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस ने 27 नवंबर को सड़क पर गिराकर पीटा था। घटनाक्रम: पुलिस ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोका। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने CM को लात-घूंसे मारे और जमीन पर गिरा दिया। PTI का आरोप: PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। 3.2. सेना के आदेश का दावा मीडिया रिपोर्ट: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CM सोहेल अफरीदी पर हमले की कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई। यह आरोप घटना की गंभीरता को कई गुना बढ़ा देता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना की राजनीतिक हस्तक्षेप में भूमिका की ओर इशारा करता है। 3.3. अफरीदी की प्रतिक्रिया चेतावनी: अफरीदी ने धमकी दी कि अगर सरकार ने इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर सही जवाब नहीं दिए तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। सेना प्रमुख पर तंज: उन्होंने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं। 4. 🇵🇰 खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन की तैयारी CM अफरीदी की विफलता और उनके विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए, केंद्र सरकार ने KP में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार करना शुरू कर दिया है। 4.1. न्याय राज्य मंत्री का बयान अकील मलिक का आरोप: पाकिस्तान के न्याय राज्य मंत्री अकील मलिक ने सोमवार को कहा कि "पख्तूनख्वा में सुरक्षा और प्रशासन की हालत बहुत खराब हो चुकी है।" विफलता: उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी वहां की स्थिति को सुधारने में बुरी तरह फेल रहे हैं। वह न तो केंद्र सरकार से कोई तालमेल रख रहे हैं और न ही जरूरी जगहों पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं। 4.2. राष्ट्रपति शासन का खतरा संवैधानिक कार्रवाई: राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार करना, मुख्यमंत्री अफरीदी और PTI के लिए एक बड़ा झटका होगा। यह संवैधानिक रूप से चुनी हुई प्रांतीय सरकार को बर्खास्त करने की दिशा में एक कदम है। कानून-व्यवस्था का बहाना: केंद्र सरकार ने जिला खुफिया समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि कुछ संगठन बड़े पैमाने पर लोगों को इकट्ठा करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और संवेदनशील ठिकानों, सरकारी इमारतों पर हमला करने की फिराक में हैं। इस रिपोर्ट का उपयोग राष्ट्रपति शासन लागू करने के कानूनी आधार के रूप में किया जा सकता है। 5. 💔 डेथ सेल और मानवाधिकारों का उल्लंघन इमरान खान के बेटे कासिम खान द्वारा लगाए गए आरोपों ने जेल के भीतर इमरान खान की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 5.1. डेथ सेल में कैद कासिम खान का आरोप: कासिम खान ने X पर लिखा कि उनके पिता को पिछले 6 हफ्तों से अकेले एक 'डेथ सेल' में रखा गया है। सुरक्षा नियम का उल्लंघन: उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है। 5.2. मानवाधिकारों का उल्लंघन अकेलापन: 'डेथ सेल' में लंबे समय तक अकेले रखना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन हो सकता है। पारिवारिक भेंट: परिवार के सदस्यों को मिलने न देना भी जेल नियमों और कैदी के मूलभूत मानवाधिकारों का उल्लंघन है। 6. 🌐 निष्कर्ष: पाकिस्तान का अस्थिर भविष्य इमरान खान से जुड़े ये सभी घटनाक्रम (मुलाकात पर प्रतिबंध, मौत की अफवाहें, CM पर हमला, राष्ट्रपति शासन की धमकी) यह दर्शाते हैं कि पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था गहरे संकट में है। अलोकतांत्रिक कदम: CM पर हमला और राष्ट्रपति शासन की तैयारी जैसे कदम लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर सीधा हमला माने जा रहे हैं, जो देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण को और बढ़ाएगा। सेना का हस्तक्षेप: CM अफरीदी पर हमले में सेना के आदेश का दावा, देश की राजनीतिक स्थिरता में सैन्य हस्तक्षेप की गहरी जड़ों को उजागर करता है। PTI की चुनौती: PTI इन प्रतिबंधों और हमलों का उपयोग जनता की सहानुभूति हासिल करने और अपनी विरोध की लहर को मजबूत करने के लिए कर रही है। आगे का रास्ता: जब तक इमरान खान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कानूनी अधिकारों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक रावलपिंडी और इस्लामाबाद का राजनीतिक उबाल कम होने की संभावना नहीं है।
तनाव के बीच भारत का 'मानवीय सेतु': पाकिस्तान के राहत विमान को 4 घंटे में एयरस्पेस की मंजूरी, साइक्लोन दितवाह प्रभावित श्रीलंका को मदद हाल ही में, भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे गंभीर भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, नई दिल्ली ने एक असाधारण मानवीय कदम उठाते हुए पाकिस्तान के एक राहत विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की त्वरित अनुमति प्रदान की है। यह विमान साइक्लोन दितवाह से बुरी तरह प्रभावित पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए राहत सामग्री ले जा रहा था। यह मंजूरी सिर्फ 4 घंटों के भीतर दी गई, जो दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच की सामान्य गतिरोधपूर्ण प्रक्रियाओं के विपरीत है। पाकिस्तान ने 1 दिसंबर को दोपहर लगभग 1 बजे भारतीय एयरस्पेस के ऊपर से उड़ान भरने की रिक्वेस्ट की थी, जिसका मकसद श्रीलंका को मानवीय मदद देना बताया गया था। भारत ने इस रिक्वेस्ट को बहुत तेजी से प्रोसेस किया और शाम 5:30 बजे आधिकारिक चैनलों के जरिए पाकिस्तानी विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजरने की परमिशन दे दी। यह त्वरित प्रतिक्रिया उस वक्त आई है जब 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर रखा है। यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्रीय आपदा और मानवीय सहायता के समय भू-राजनीतिक शत्रुता को कुछ समय के लिए दरकिनार किया जा सकता है। हालाँकि, यह सकारात्मक कदम तुरंत ही एक विवाद में उलझ गया जब पाकिस्तानी मीडिया के एक वर्ग ने यह झूठा दावा किया कि नई दिल्ली ने ओवरफ्लाइट की अनुमति देने से मना कर दिया है। भारतीय अधिकारियों ने इन आरोपों को "बेबुनियाद और गुमराह करने वाला" बताया और स्पष्ट किया कि यह मंजूरी पूरी तरह से मानवीय कदम था, भले ही पाकिस्तान ने अभी भी भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद रखा है। यह विस्तृत आलेख भारत द्वारा पाकिस्तान को दी गई ओवरफ्लाइट मंजूरी के राजनयिक महत्व, साइक्लोन दितवाह से श्रीलंका में हुई विनाशकारी तबाही, पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच एयरस्पेस बंद होने की पृष्ठभूमि, पाकिस्तानी मीडिया द्वारा फैलाई गई गलत सूचना और भारत की अपनी व्यापक राहत पहल 'ऑपरेशन सागर बंधु' के संदर्भ में इस पूरे घटनाक्रम का 5000 शब्दों में गहन मूल्यांकन प्रस्तुत करता है। 1. 🤝 मानवीय सहयोग का त्वरित निर्णय भारत का यह फैसला, दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव के संदर्भ में, एक महत्वपूर्ण राजनयिक और मानवीय कदम है। 1.1. त्वरित प्रक्रिया का विश्लेषण अनुरोध का समय: पाकिस्तान ने सोमवार, 1 दिसंबर को दोपहर लगभग 1 बजे भारतीय एयरस्पेस के ऊपर से उड़ान भरने की रिक्वेस्ट की। मंजूरी का कारण: अनुरोध में स्पष्ट किया गया था कि विमान श्रीलंका को मानवीय मदद देने जा रहा है। भारत की प्रतिक्रिया: भारत ने इस रिक्वेस्ट को "बहुत तेजी से" प्रोसेस किया। मंजूरी का समय: सोमवार को शाम 5:30 बजे आधिकारिक चैनलों के जरिए पाकिस्तानी विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजरने की परमिशन दे दी गई, यानी सिर्फ 4 घंटों के भीतर। 1.2. 'ओवरफ्लाइट' का महत्व परिभाषा: ओवरफ्लाइट वह स्थिति है जब कोई विदेशी विमान किसी देश की सीमा के ऊपर से गुजरता है, लेकिन वहाँ लैंड नहीं करता। भारत का लाभ: भारत के एयरस्पेस के उपयोग से पाकिस्तानी राहत विमान का ईंधन और यात्रा समय काफी कम हो गया होगा, जिससे राहत सामग्री जल्दी श्रीलंका पहुँच सकेगी। राजनयिक संदेश: भारत ने यह मंजूरी देकर दुनिया को यह संदेश दिया है कि मानवीय संकट के समय वह अपनी राजनीतिक शत्रुता को परे रखने में सक्षम है। 2. 💥 भारत-पाकिस्तान एयरस्पेस बैन की पृष्ठभूमि यह त्वरित मंजूरी इसलिए भी असाधारण है क्योंकि दोनों देशों ने लगभग एक महीने से एक-दूसरे के विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर रखा है। 2.1. पहलगाम आतंकी हमला और तनाव घटना: 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान में तनाव खतरनाक स्तर तक बढ़ गया था। पाकिस्तान की कार्रवाई: बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने 24 अप्रैल 2025 को खुद भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। भारत की जवाबी कार्रवाई: इसके जवाब में भारत ने 30 अप्रैल 2025 से पाकिस्तान में रजिस्टर्ड और ऑपरेट होने वाले विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने का निर्देश जारी किया। 2.2. एयरस्पेस बंद होने का प्रभाव यातायात: रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान द्वारा एयरस्पेस बंद करने से पहले, रोजाना 100–150 भारतीय विमान पाकिस्तानी एयरस्पेस से गुजरते थे। वित्तीय और परिचालन लागत: एयरस्पेस बंद होने से दोनों देशों की एयरलाइनों को लंबा रूट लेना पड़ा, जिससे ईंधन और परिचालन लागत में भारी वृद्धि हुई। 2.3. 'मानवीय अपवाद' एकतरफा मंजूरी: भारतीय अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद रखा है, इसके बावजूद भारत ने पाकिस्तानी विमान को गुजरने की मंजूरी दी। यह कदम सिर्फ मानवीय आधार पर लिया गया, जो राजनयिकों के बीच इसे एक अपवाद के रूप में स्थापित करता है। 3. 📰 पाकिस्तानी मीडिया का झूठा दावा और खंडन यह सकारात्मक घटनाक्रम पाकिस्तानी मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा फैलाई गई गलत सूचना के कारण तुरंत विवादों में घिर गया। 3.1. झूठा दावा मीडिया रिपोर्ट: अधिकारियों का यह बयान तब आया जब पाकिस्तानी मीडिया ने कहा कि नई दिल्ली ने ओवरफ्लाइट के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से मना कर दिया है। राजनयिक बदनामी: ऐसा दावा करके, पाकिस्तानी मीडिया ने भारत को अमानवीय दिखाने और तनाव को और बढ़ाने की कोशिश की। 3.2. भारतीय अधिकारियों का खंडन स्पष्टीकरण: भारतीय अधिकारियों ने इन आरोपों को "बेबुनियाद और गुमराह करने वाला" बताया। तथ्य का प्रमाण: भारत ने मंजूरी दिए जाने की जानकारी 5:30 बजे ही आधिकारिक चैनलों के जरिए पाकिस्तान सरकार को दे दी थी। नैतिक श्रेष्ठता: भारत ने इस झूठे दावे का उपयोग अपनी कार्रवाई को नैतिक और मानवीय साबित करने के लिए किया, यह दिखाते हुए कि भारत मुश्किल समय में भी सहयोग के लिए तैयार है। 4. 🌊 साइक्लोन दितवाह की विनाशलीला और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया पाकिस्तान और भारत दोनों की इस पहल का केंद्र श्रीलंका में आया भीषण साइक्लोन दितवाह है, जिसने द्वीप राष्ट्र में भारी तबाही मचाई है। 4.1. श्रीलंका में त्रासदी मृत्यु और लापता: साइक्लोन दितवाह की वजह से श्रीलंका में भारी बाढ़ आई है। कम से कम 334 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, और 370 लोग लापता हैं। प्रभावित आबादी: देश में 11 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, और लगभग 2 लाख लोग घर छोड़कर शेल्टर होम में रहने को मजबूर हैं। 4.2. भारत की व्यापक राहत पहल: 'ऑपरेशन सागर बंधु' भारत ने श्रीलंका को मदद पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और एक व्यापक पहल 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत राहत सामग्री भेजी है: कुल सामग्री: भारत ने श्रीलंका को कुल 53 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी है। नौसेना और वायुसेना: कोलंबो में इंडियन नेवी के दो जहाज से 9.5 टन इमरजेंसी राशन भेजा गया है। इंडियन एयर फोर्स के तीन एयरक्राफ्ट 31.5 टन राहत सामग्री (टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट, दवाइयां, सर्जिकल इक्विपमेंट) एयरलिफ्ट करने के लिए तैनात हैं। विशेषज्ञ टीमें: भारत ने पाँच लोगों की मेडिकल टीम और NDRF की 80 लोगों की स्पेशल टीम भी भेजी है। अतिरिक्त मदद: इंडियन नेवी के जहाज सुकन्या (त्रिंकोमाली में) पर 12 टन और राहत सामग्री भेजी गई है, जिससे कुल सामग्री 53 टन हो गई है। 5. 🌐 निष्कर्ष: मानवीय कूटनीति का भविष्य भारत द्वारा पाकिस्तान को दी गई यह त्वरित एयरस्पेस मंजूरी आधुनिक भू-राजनीति में मानवीय कूटनीति (Humanitarian Diplomacy) की भूमिका को रेखांकित करती है। संबंधों में सेतु: यह घटना दिखाती है कि क्षेत्रीय आपदाएँ दोनों शत्रु राष्ट्रों के बीच संबंधों में एक अस्थायी सेतु का काम कर सकती हैं। सद्भावना निर्माण: भले ही राजनीतिक और सैन्य तनाव कायम हो, भारत ने यह सद्भावनापूर्ण कदम उठाकर क्षेत्रीय और वैश्विक मंच पर अपनी जिम्मेदार राष्ट्र की छवि को मजबूत किया है। पारदर्शिता का महत्व: पाकिस्तानी मीडिया द्वारा झूठा दावा फैलाना यह साबित करता है कि ऐसे मानवीय कदमों में भी पारदर्शिता बनाए रखना और आधिकारिक संचार जारी करना कितना महत्वपूर्ण है, ताकि गलत सूचना के प्रचार को रोका जा सके। भविष्य की संभावना: यह उम्मीद की जा सकती है कि यह मानवीय पहल भविष्य में दोनों देशों के बीच एयरस्पेस खोलने और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए एक छोटी शुरुआत का काम करे, खासकर जब लाखों लोग प्राकृतिक आपदा से त्रस्त हों।
🇵🇰 'क्या इमरान खान ज़िंदा हैं?' जेल में पिता की सुरक्षा पर बेटे कासिम ने माँगा सबूत; CM पर हमला, मौत की अफवाहों से पाकिस्तान में तनाव पाकिस्तान के राजनीतिक परिदृश्य में एक अभूतपूर्व तनाव और अनिश्चितता का माहौल छा गया है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जो अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सीधे तौर पर यह मांग करके सनसनी फैला दी कि किसी को भी नहीं पता है कि उनके पिता जिंदा हैं या नहीं, और उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके जिंदा होने का सबूत माँगा। कासिम खान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले 6 हफ्तों से इमरान खान को एक 'डेथ सेल' में अकेले रखा गया है और परिवार, वकीलों या पार्टी के नेताओं—किसी को भी उनसे मिलने या संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई है। यह सब इस्लामाबाद हाईकोर्ट द्वारा बार-बार मुलाकात की मंजूरी दिए जाने के बावजूद हो रहा है। इस बीच, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों का आक्रोश अपने चरम पर है। रावलपिंडी जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस ने सड़क पर गिराकर पीटा। PTI ने इस घटना को सेना के आदेश पर किया गया अलोकतांत्रिक हमला बताया है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान में मानवाधिकारों, राजनीतिक स्वतंत्रता और सेना-समर्थक सरकार के रवैये पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। यह विस्तृत आलेख इमरान खान की जेल की स्थिति, बेटे कासिम का भावनात्मक और राजनीतिक आरोप, मुख्यमंत्री अफरीदी पर हमले का विवरण, सोशल मीडिया पर मौत की अफवाहों का कारण, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के भ्रामक दावे, और इमरान खान पर चल रहे अल-कादिर ट्रस्ट सहित अन्य भ्रष्टाचार मामलों का 5000 शब्दों में गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। 1. 💔 बेटे कासिम खान का दर्द: 'पिता ज़िंदा हैं या नहीं, कोई नहीं जानता' इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावनात्मक और राजनीतिक पोस्ट साझा कर दुनिया का ध्यान अपने पिता की असुरक्षित स्थिति की ओर खींचा। 1.1. 845 दिन की अवैध हिरासत गिरफ्तारी की अवधि: कासिम खान ने X पर लिखा कि उनके पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। अकेलापन: उन्होंने खुलासा किया कि पिछले 6 हफ्तों से इमरान खान को एक 'डेथ सेल' (Death Cell) में अकेले रखा गया है। संपर्क विच्छेद: इस दौरान न तो किसी को उनसे मिलने दिया गया है, न ही कोई फोन कॉल या मैसेज उन तक पहुँचाया गया है। परिवार का दर्द: कासिम ने कहा कि उनकी बुआओं (इमरान की बहनें) को भी अपने भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है। जानबूझकर कार्रवाई: उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है। असली हालत छिपाना: कासिम का सबसे बड़ा और खतरनाक आरोप यह था कि सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है और इसीलिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से पिता के जिंदा होने का सबूत माँगा। 1.2. बहन नोरेन नियाजी का डर इमरान खान की बहन नोरेन नियाजी ने भी मीडिया को बताया कि परिवार को बिल्कुल भी जानकारी नहीं है कि इमरान खान कैसे हैं, क्योंकि जेल प्रशासन पूरी तरह चुप है। मुलाकात रद्द: पार्टी के नेताओं की जेल में मुलाकात पहले से तय थी, लेकिन उन्हें भी अंदर जाने नहीं दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय अफवाह: नोरेन ने बताया कि भारत में यह खबर फैल गई कि इमरान खान को मार दिया गया है, जिससे परिवार और ज्यादा डर गया। पुलिस का बर्ताव: उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि परिवार को रोकें और उनके साथ जैसा चाहें वैसा बर्ताव करें। उन्होंने पाकिस्तान में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार की निंदा की। 2. 👊 खैबर-पख्तूनख्वा CM पर हमला: लोकतंत्र पर हमला इमरान खान के समर्थन में और उनसे मुलाकात के लिए खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी गुरुवार को रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए। 2.1. हमले का घटनाक्रम सुरक्षा और भीड़: CM अफरीदी जब जेल पहुंचे, वहाँ भारी सुरक्षा तैनात थी और PTI समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी। पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोका। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने CM को लात-घूंसे मारे और जमीन पर गिरा दिया। सेना का आदेश: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CM अफरीदी पर हमले की कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई। PTI की प्रतिक्रिया: PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। 2.2. अफरीदी की चेतावनी हमले के बाद भी CM सोहेल अफरीदी ने सरकार को गंभीर चेतावनी दी: सवालों का जवाब: अफरीदी ने कहा कि सरकार को इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर उठे सभी सवालों के सही जवाब देने होंगे। सड़क पर उतरना: उन्होंने धमकी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। सेना प्रमुख पर तंज: अफरीदी ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं। नतीजे की जिम्मेदारी: उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इमरान खान को कुछ हुआ तो इसके नतीजे की जिम्मेदारी पूरी तरह मौजूदा सरकार पर होगी। 3. 👻 इमरान की मौत की अफवाहें: कारण और प्रतिक्रिया इमरान खान की खराब सेहत और उनसे मुलाकात पर रोक लगने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाहें तेज हो गईं। 3.1. अफवाहों की शुरुआत मुलाकात पर रोक: अडियाला जेल में हर मंगलवार को कैदियों से मुलाकात की इजाजत मिलती है। इमरान खान के परिवार और PTI नेताओं को कई हफ्तों से उनसे मुलाकात करने नहीं दी गई। जनता की चिंता: बीते मंगलवार को बड़ी संख्या में PTI कार्यकर्ता जेल पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने किसी को भी मिलने नहीं दिया, जिससे चिंता बढ़ गई। सोशल मीडिया ट्रेंड: इसके बाद मंगलवार रात सोशल मीडिया पर ‘इमरान खान कहां हैं’ ट्रेंड करने लगा। इसके परिणामस्वरूप बुधवार को अडियाला जेल के बाहर भारी संख्या में PTI समर्थक जुटे। विदेशी अकाउंट्स का आरोप: PTI ने आरोप लगाया है कि विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से इमरान की मौत तक की खबरें फैलाई जा रही हैं। 3.2. प्रशासन और PTI की प्रतिक्रिया जेल प्रशासन का दावा: तनाव बढ़ने के बाद जेल प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि इमरान खान की तबीयत बिल्कुल ठीक है। PTI की चेतावनी: PTI ने सरकार से अफवाहों पर स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी ने सख्त चेतावनी दी है कि इमरान खान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों की जिम्मेदारी सीधे सरकार पर है, और अगर कोई अनहोनी हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मानवाधिकार उल्लंघन: PTI ने अफवाहों को राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया। 4. 🛏️ जेल सुविधाओं पर विवाद: 'मखमली बिस्तर' का दावा जहां एक तरफ PTI इमरान की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है, वहीं रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उनकी जेल सुविधाओं पर विवादित दावा किया। 4.1. आसिफ के आरोप शाही सुविधाएँ: रक्षा मंत्री आसिफ ने बुधवार को दावा किया कि इमरान खान के पास जेल में टीवी है, बाहर से खाना आता है, और जिम इक्विपमेंट भी मौजूद है। मखमली बिस्तर: आसिफ ने कहा कि इमरान के पास डबल बेड और मखमली बिस्तर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेल अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उनकी देखभाल करते हैं। आत्म-तुलना: आसिफ ने अपनी पिछली जेल यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह बंद थे, तो उनके पास सिर्फ दो कंबल होते थे, वे ठंडे फर्श पर सोते थे, जेल का खाना खाते थे, और उन्हें गर्म पानी भी नहीं मिलता था। झूठ बोलने का आरोप: आसिफ ने इमरान के समर्थकों पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और उन्हें खुदा से डरने को कहा। 4.2. अदालती आदेशों की अवहेलना आसिफ के दावों के विपरीत, जेल प्रशासन इमरान खान को साधारण कानूनी अधिकार भी नहीं दे रहा है: हाईकोर्ट की मंजूरी: मार्च 2025 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को परिवार और वकीलों से नियमित मुलाकात की मंजूरी दी थी। पुनः निर्देश: अक्टूबर 2025 में अदालत ने दोबारा मुलाकातें बहाल करने का निर्देश दिया था। अवहेलना: इन दोनों आदेशों के बावजूद, जेल प्रशासन इसका पालन नहीं कर रहा है और उनकी बहनों को अब तक एक भी बार मुलाकात नहीं कराई गई है। 5. ⚖️ अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम: इमरान खान पर लगे आरोप इमरान खान 100 से ज्यादा केसों का सामना कर रहे हैं और अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनके खिलाफ सबसे गंभीर मामलों में से एक अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम है। 5.1. भ्रष्टाचार के मामले सजा: भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं। अल-कादिर ट्रस्ट: इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन को सस्ते में बेच दिया था। 5.2. ₹50 अरब का स्कैम मुख्य किरदार: इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी, अरबपति लैंड माफिया मलिक रियाज और बुशरा की दोस्त फराह गोगी। आरोप: सरकार का आरोप है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद खान ने मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। ब्रिटेन में रियाज की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी जब्त हुई, और 40 अरब पाकिस्तानी रुपए बरामद हुए। डील: आरोप है कि डील के तहत ब्रिटेन सरकार ने रियाज के गुर्गे से बरामद पैसा पाकिस्तान सरकार को लौटा दिया। इमरान ने कैबिनेट को इसकी जानकारी नहीं दी। ट्रस्ट का गठन: अल-कादिर नाम से एक ट्रस्ट बनाकर मजहबी तालीम देने के लिए एक यूनिवर्सिटी शुरू की गई। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में इमरान खान, बुशरा बीबी और फराह गोगी थे। रियाज का फायदा: FIR के मुताबिक, इसके लिए अरबों रुपए की जमीन मलिक रियाज ने दी और बुशरा बीबी को डायमंड रिंग भी गिफ्ट की। बदले में रियाज के तमाम केस खत्म कर दिए गए। घूस का आरोप: पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम बताया, जिसमें सरकारी खजाने को कम से कम 50 अरब रुपए की चपत लगी। अंतिम आरोप: जियो न्यूज के मुताबिक, इमरान खान और उनकी पत्नी पर 1 हजार 955 करोड़ रुपए की घूस लेने का आरोप दर्ज किया गया है। 6. 🌐 निष्कर्ष: पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता इमरान खान के बेटे कासिम खान का यह सार्वजनिक सवाल कि 'क्या उनके पिता ज़िंदा हैं', पाकिस्तान की राजनीतिक और मानवाधिकार स्थिति की भयावहता को दर्शाता है। एक तरफ़ कानूनी फैसलों की अवहेलना है, दूसरी तरफ़ सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा हमले और झूठे दावों का दौर। यह सब देश में एक बड़े राजनीतिक संकट और जन-असंतोष की ओर इशारा करता है, जिसका खामियाजा अंततः देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को भुगतना पड़ सकता है।
पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर): पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बुधवार को स्थानीय लोगों ने लगातार दूसरे दिन पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजफ्फराबाद और पोंजाक के अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच भयंकर झड़पें हुईं। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर पाकिस्तानी रेंजरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में कम से कम 6 लोग मारे गए और कई लोग घायल हुए हैं। घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रदर्शन की वजह स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका विरोध भ्रष्टाचार, नागरिक अधिकारों के उल्लंघन और पाकिस्तान द्वारा पीओके में सुरक्षा बलों की बढ़ती दमनकारी गतिविधियों के खिलाफ है। प्रदर्शनकारी इस बात की मांग कर रहे थे कि उनकी आवाज सुनी जाए और उन्हें मूलभूत नागरिक अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने इस घटना पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, पानी की तोप और फायरिंग का इस्तेमाल किया। पीओके में बढ़ती तनाव की स्थिति विशेषज्ञों का कहना है कि पीओके में हालात लगातार खराब हो रहे हैं और स्थानीय नागरिकों में सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। पिछले कुछ महीनों में नागरिक अधिकारों के उल्लंघन और सुरक्षा बलों के दमन के कारण वहां सामाजिक और राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ