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Bangladesh Out of T20 World Cup 2026: ICC ने बांग्लादेश को वर्ल्ड कप से हटाया; स्कॉटलैंड की एंट्री; जय शाह का सख्त फैसला।

T20 वर्ल्ड कप: बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर बाहर; स्कॉटलैंड की एंट्री, जय शाह की अध्यक्षता में ICC का बड़ा फैसला; मुस्तफिजुर विवाद ने खत्म किया सफर दुबई/नई दिल्ली | 23 जनवरी 2026 क्रिकेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश को 2026 टी-20 वर्ल्ड कप से आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया है। 24 घंटे की समयसीमा (डेडलाइन) खत्म होने के बाद भी जब बांग्लादेश सरकार और बोर्ड (BCB) ने अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया, तो ICC ने उनकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला लिया। ICC के नए चेयरमैन जय शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद टूर्नामेंट के शेड्यूल को बरकरार रखते हुए बांग्लादेश का अध्याय समाप्त कर दिया गया है। 1. ICC की कार्रवाई: अपील भी खारिज, स्कॉटलैंड इन बांग्लादेश ने इस मामले को लेकर डिस्प्यूट रिजोल्यूशन कमेटी (DRC) का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। DRC का फैसला: कमेटी ने वेन्यू बदलने की मांग को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया। स्कॉटलैंड को मौका क्यों: स्कॉटलैंड की टी-20 रैंकिंग 14 है और पिछले वर्ल्ड कप में उसने शानदार खेल दिखाया था। 2021 में उसने बांग्लादेश को हराया भी था। इसी प्रदर्शन के आधार पर उसे ग्रुप-C में जगह मिली है। ग्रुप-C की नई तस्वीर: अब स्कॉटलैंड इस ग्रुप में वेस्टइंडीज, इटली, इंग्लैंड और नेपाल के साथ भिड़ेगा। 2. मुस्तफिजुर रहमान: 9.2 करोड़ की डील से टूर्नामेंट के बहिष्कार तक विवाद की जड़ में बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच का अनुबंध रहा। शुरुआत: 16 दिसंबर को मुस्तफिजुर 9.2 करोड़ में बिके, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के बाद भारत में उनका विरोध हुआ। 3 जनवरी को BCCI के हस्तक्षेप के बाद KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया। सरकार का हस्तक्षेप: यूनुस सरकार ने इसे अपमान माना, पहले IPL के प्रसारण पर रोक लगाई और फिर सुरक्षा का बहाना बनाकर वर्ल्ड कप वेन्यू बदलने की जिद की। 📊 बहिष्कार से बांग्लादेश को होने वाले 5 बड़े नुकसान नुकसान के क्षेत्र प्रभाव का विवरण IPL बैन भविष्य में बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर पाकिस्तान की तरह IPL में स्थायी प्रतिबंध लग सकता है। आर्थिक चोट ICC से मिलने वाली करीब 5 लाख डॉलर (4.15 करोड़ रुपये) की भागीदारी राशि डूबेगी। रैंकिंग में गिरावट टीम और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की ICC रैंकिंग में भारी गिरावट आएगी। क्रिकेट डिप्लोमेसी भारत अब बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) खेलने से इनकार कर सकता है। खिलाड़ियों का आक्रोश तमीम इकबाल जैसे दिग्गजों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इससे अगली पीढ़ी का करियर बर्बाद होगा। 3. पाकिस्तान का 'यू-टर्न': साथ दिया पर बहिष्कार नहीं बांग्लादेश को उम्मीद थी कि पाकिस्तान भी उसके समर्थन में वर्ल्ड कप छोड़ देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मीटिंग का सच: PCB ने मीटिंग में बांग्लादेश के पक्ष में वोट तो दिया, लेकिन जब टूर्नामेंट छोड़ने की बात आई, तो पाकिस्तान पीछे हट गया। अकेला पड़ा बांग्लादेश: कल की मीटिंग में भारत के पक्ष में 14 और बांग्लादेश के पक्ष में केवल 2 (बांग्लादेश और पाकिस्तान) वोट पड़े थे। 4. स्कॉटलैंड का नया शेड्यूल (ग्रुप-C) अब बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड इन तारीखों और मैदानों पर खेलेगा: 07 फरवरी: बनाम वेस्टइंडीज (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) 09 फरवरी: बनाम इटली (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) 14 फरवरी: बनाम इंग्लैंड (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) 17 फरवरी: बनाम नेपाल (वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई)

4 दिन Ago
बांग्लादेश को भारत में ही खेलने होंगे वर्ल्ड कप मैच; ICC में पाकिस्तान को छोड़ सभी खिलाफ; 22 जनवरी को अंतिम फैसला।

T20 वर्ल्ड कप: ICC का बांग्लादेश को 'अंतिम अल्टीमेटम'; भारत में ही खेलने होंगे सभी मैच, 22 जनवरी को होगा फैसला; पाकिस्तान को छोड़ बाकी 14 देश BCB के खिलाफ दुबई/ढाका | 21 जनवरी 2026 टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी और वेन्यू को लेकर चल रहा विवाद अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की वेन्यू बदलने या ग्रुप बदलने की किसी भी मांग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बुधवार को हुई हाई-प्रोफाइल मीटिंग में ICC ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश को अपना फैसला बदलने के लिए 24 घंटे का आखिरी समय दिया है। यहाँ ICC की बैठक और इस विवाद से जुड़ी 5 बड़ी बातें दी गई हैं: 1. ICC में बांग्लादेश अलग-थलग: 14 बनाम 1 का मुकाबला ICC बोर्ड की बैठक में बांग्लादेश की मांग पर वोटिंग हुई, जिसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए: विरोध में भारी मत: कुल 16 सदस्य देशों में से 14 ने BCB की मांग के खिलाफ वोट किया। इन देशों का मानना है कि शेड्यूल में अंतिम समय पर बदलाव करना संभव नहीं है। अकेला समर्थक: केवल पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया। पाकिस्तान पहले ही धमकी दे चुका है कि यदि बांग्लादेश हटा, तो वह भी टूर्नामेंट छोड़ सकता है। रिप्लेसमेंट प्लान: ICC ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 22 जनवरी तक बांग्लादेश तैयार नहीं होता है, तो उसकी जगह रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को ग्रुप-C में शामिल कर लिया जाएगा। 2. सुरक्षा रिपोर्ट: "भारत में कोई खतरा नहीं" BCB लगातार अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर भारत में खेलने से बच रहा है, लेकिन ICC की जांच रिपोर्ट कुछ और ही कहती है: क्लीन चिट: ICC के सिक्योरिटी असेसमेंट में पाया गया है कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों, प्रशंसकों और मीडियाकर्मियों को भारत में कोई खतरा नहीं है। राजनीतिक दबाव: ICC ने माना कि यह मामला सुरक्षा से ज्यादा मुस्तफिजुर रहमान को IPL से हटाए जाने और बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के बाद उपजे राजनीतिक तनाव से जुड़ा है। 3. लिटन दास का बयान: "हम खुद सस्पेंस में हैं" बांग्लादेशी कप्तान लिटन दास ने मौजूदा स्थिति पर अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा, "वर्ल्ड कप अभी दूर है और हमें खुद नहीं पता कि हम भारत जाएंगे या नहीं। पूरा देश सस्पेंस में है और बोर्ड ने अभी हमसे इस पर कोई सीधी बात नहीं की है।" यह बयान टीम के भीतर चल रही मानसिक उथल-पुथल को दर्शाता है। 📊 अगर बांग्लादेश हटता है, तो क्या बदलेगा? श्रेणी वर्तमान स्थिति (बांग्लादेश) संभावित बदलाव (स्कॉटलैंड) ग्रुप ग्रुप-C (कोलकाता/मुंबई) स्कॉटलैंड इसी ग्रुप में शामिल होगा। पहला मैच 07 फरवरी बनाम वेस्टइंडीज स्कॉटलैंड 07 फरवरी को कोलकाता में खेलेगा। अन्य विरोधी इटली, इंग्लैंड, नेपाल स्कॉटलैंड इन सभी टीमों से भिड़ेगा। वजह सुरक्षा और IPL विवाद (मुस्तफिजुर)। यूरोपियन क्वालिफायर में नंबर-3 होने का लाभ। 4. "झुकेंगे नहीं": बांग्लादेश सरकार का सख्त रुख बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने एक बार फिर दोहराया है कि वे ICC की 'अनुचित शर्तें' नहीं मानेंगे। BCCI पर आरोप: नजरुल का कहना है कि ICC भारतीय बोर्ड के इशारों पर काम कर रहा है। विवाद की जड़: मुस्तफिजुर रहमान को KKR (9.20 करोड़ की डील) से रिलीज किए जाने को बांग्लादेश ने अपना 'राष्ट्रीय अपमान' मान लिया है, जिसके बाद से ही भारत में न खेलने की जिद शुरू हुई। 5. शेड्यूल में बदलाव की मांग खारिज BCB ने एक 'बीच का रास्ता' निकालने के लिए अपने मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी: ग्रुप-B बनाम ग्रुप-C: बांग्लादेश चाहता था कि उसे ग्रुप-B में डाल दिया जाए, जिसके मैच श्रीलंका में होने हैं। शेड्यूल की जटिलता: ICC ने इसे यह कहकर खारिज कर दिया कि इससे ब्रॉडकास्टिंग, लॉजिस्टिक्स और टिकटों की बिक्री पर बुरा असर पड़ेगा। अब बांग्लादेश को या तो कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेलना होगा या टूर्नामेंट से बाहर बैठना होगा।

1 सप्ताह Ago
बांग्लादेश हटा तो पाकिस्तान भी नहीं खेलेगा वर्ल्ड कप; PCB ने रोकी तैयारियां; मुस्तफिजुर विवाद ने बढ़ाई रार।

T20 वर्ल्ड कप में 'क्रिकेट गृहयुद्ध': बांग्लादेश को हटाया तो पाकिस्तान भी छोड़ेगा टूर्नामेंट; PCB ने रोकी तैयारियां; BCB की ग्रुप बदलने की मांग ICC ने ठुकराई कराची/ढाका/दुबई | 20 जनवरी 2026 टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से पहले क्रिकेट जगत में भूचाल आ गया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने धमकी दी है कि यदि बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किया गया, तो पाकिस्तान भी वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस ले लेगा। यह विवाद तब गहराया जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में BCCI और भारत सरकार के सख्त रुख के बाद मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर कर दिया गया। इसके जवाब में बांग्लादेश ने भारत में खेलने से मना कर दिया और अब पाकिस्तान ने बांग्लादेश का पक्ष लेकर मामले को और पेचीदा बना दिया है। 1. पाकिस्तान की 'धमकी' और PCB का सब्सटिट्यूट प्लान पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो न्यूज ने दावा किया है कि PCB के भीतर भारी मंथन चल रहा है। तैयारियां ठप: PCB सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड ने वर्ल्ड कप के लिए चल रही सभी तैयारियां फिलहाल रोक दी हैं। मैनेजमेंट को आदेश: टीम मैनेजमेंट से कहा गया है कि वे एक 'बैकअप प्लान' तैयार रखें। अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट में नहीं खेलता है, तो खिलाड़ियों के लिए वैकल्पिक सीरीज या कैंप आयोजित किए जा सकें। ** एकजुटता का संदेश:** पाकिस्तान का मानना है कि बांग्लादेश के बिना टूर्नामेंट का कोई महत्व नहीं है और वह एशियाई एकजुटता के नाम पर यह दांव खेल रहा है। 2. ICC ने खारिज की बांग्लादेश की 'सुरक्षा दलील' बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) चाहता था कि उसे भारत में न खेलना पड़े, इसके लिए उसने ग्रुप बदलने की मांग की थी। ग्रुप-C विवाद: बांग्लादेश के सभी ग्रुप मैच कोलकाता और मुंबई में होने हैं। BCB ने मांग की थी कि उन्हें ग्रुप-B में डाल दिया जाए ताकि उनके मैच श्रीलंका में शिफ्ट हो जाएं। ICC का अल्टीमेटम: 17 जनवरी को ढाका में हुई बैठक में ICC ने साफ कर दिया कि ग्रुप नहीं बदले जाएंगे। ICC ने BCB को 21 जनवरी तक का समय दिया है। यदि बांग्लादेश खेलने नहीं आता है, तो उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया जाएगा। 📊 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का शेड्यूल और विवाद की जड़ तारीख मैच (प्रतिद्वंद्वी) वेन्यू (मैदान) स्थिति 07 फरवरी बनाम वेस्टइंडीज ईडन गार्डन्स, कोलकाता टूर्नामेंट का पहला मैच। 09 फरवरी बनाम इटली ईडन गार्डन्स, कोलकाता सुरक्षा को लेकर BCB चिंतित। 14 फरवरी बनाम इंग्लैंड ईडन गार्डन्स, कोलकाता भारत विरोधी प्रदर्शनों का डर। 17 फरवरी बनाम नेपाल वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच। 3. मुस्तफिजुर रहमान और IPL विवाद का सच विवाद की शुरुआत क्रिकेट के मैदान से नहीं, बल्कि राजनीति और सांप्रदायिक हिंसा से हुई। ऑक्शन और रिलीज: 16 दिसंबर को KKR ने मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। हिंदुओं की हत्या का असर: बांग्लादेश में 7 हिंदुओं की हत्या के बाद भारत में मुस्तफिजुर का विरोध तेज हो गया। BCCI ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें IPL खेलने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद 3 जनवरी को KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया। प्रसारण पर रोक: इस कार्रवाई से बौखलाई बांग्लादेश सरकार ने अपने देश में IPL के ब्रॉडकास्ट (प्रसारण) पर बैन लगा दिया और अब वर्ल्ड कप वेन्यू बदलने की जिद पर अड़ी है। 4. बांग्लादेश सरकार का कड़ा रुख: "शर्तें नहीं मानेंगे" बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने स्पष्ट किया है कि वे झुकने को तैयार नहीं हैं। भारत का दबाव: नजरुल ने आरोप लगाया कि ICC भारतीय बोर्ड (BCCI) के दबाव में काम कर रहा है। स्पष्ट संदेश: उन्होंने कहा, "अगर हम पर अनुचित शर्तें थोपी गईं, तो हम टूर्नामेंट नहीं खेलेंगे। हमारे लिए अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा और आत्मसम्मान सबसे ऊपर है।" 5. वर्ल्ड कप पर मंडराते संकट के बादल 7 फरवरी से शुरू होने वाले इस मेगा इवेंट पर अब रद्द होने या प्रमुख टीमों के न होने का खतरा मंडरा रहा है। ब्रॉडकास्टर्स का नुकसान: अगर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच के मुकाबले नहीं होते हैं, तो ICC और स्पॉन्सरशिप पार्टनर्स को करोड़ों डॉलर का नुकसान हो सकता है। सुरक्षा का भरोसा: ICC का कहना है कि भारत में बांग्लादेशी टीम को 'हेड ऑफ स्टेट' (राष्ट्राध्यक्ष) स्तर की सुरक्षा दी जाएगी, लेकिन BCB इसे मानने को तैयार नहीं है।

1 सप्ताह Ago
Trump's New Map: कनाडा और ग्रीनलैंड को दिखाया अमेरिका का हिस्सा; दावोस में नाटो चीफ संग इमरजेंसी बैठक; ग्रीनलैंड में सैन्य विमान तैनात।

ट्रम्प का 'ग्रेटर अमेरिका' प्लान: ग्रीनलैंड पर नाटो चीफ से फोन पर बात, दावोस में होगी इमरजेंसी बैठक; सोशल मीडिया पर शेयर किया ग्रीनलैंड-कनाडा-वेनेजुएला वाला 'नया नक्शा' वाशिंगटन/नुउक | 20 जनवरी 2026 दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड को लेकर वैश्विक राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को नाटो (NATO) चीफ मार्क रूट से फोन पर लंबी बातचीत की, जिसके बाद ग्रीनलैंड मुद्दे को सुलझाने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस में एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है। इस कूटनीतिक हलचल के बीच ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक विवादित नक्शा पोस्ट किया है, जिसमें कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को संयुक्त राज्य अमेरिका के हिस्से के रूप में दिखाया गया है। यह नक्शा दुनिया भर में चर्चा और विवाद का विषय बन गया है। 1. ट्रम्प और नाटो चीफ की 'दावोस डील' ट्रम्प ने मार्क रूट के साथ हुई बातचीत को 'अति प्रभावशाली' बताया। शांति के लिए ताकत: ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गैर-परक्राम्य (Non-negotiable) है। उन्होंने कहा, "दुनिया में शांति केवल ताकत के जरिए ही आ सकती है, और अमेरिका सबसे ताकतवर है।" रूट का संदेश: ट्रम्प ने मार्क रूट का एक निजी संदेश साझा किया जिसमें रूट ने ट्रम्प की सीरिया और गाजा नीतियों की प्रशंसा की और ग्रीनलैंड मामले में 'रास्ता निकालने' की प्रतिबद्धता जताई। दावोस बैठक: ग्रीनलैंड के भविष्य और डेनमार्क के साथ जारी तनाव को कम करने के लिए दावोस में अंतरराष्ट्रीय हितधारकों की बैठक होगी। 2. ग्रीनलैंड में सैन्य टकराव की आहट: अमेरिका और डेनमार्क ने भेजे विमान कूटनीति के साथ-साथ जमीन पर सैन्य हलचल भी तेज हो गई है: अमेरिकी विमान: अमेरिका ने NORAD (North American Aerospace Defense Command) का एक सैन्य विमान ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस (थुले एयर बेस) भेजा है। कमांड ने इसे 'नियमित रक्षा गतिविधि' बताया है। डेनमार्क का जवाब: डेनमार्क ने भी चुप बैठने के बजाय सोमवार को कई विमानों के जरिए अतिरिक्त सैनिक और भारी सैन्य उपकरण ग्रीनलैंड पहुंचाए। यूरोपीय मोर्चेबंदी: जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और फिनलैंड जैसे देश पहले ही 'ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस' के तहत वहां अपने सैनिक भेज चुके हैं, जिसे ट्रम्प प्रशासन एक चुनौती के रूप में देख रहा है। 📊 ग्रीनलैंड का सैन्य ढांचा: वर्तमान तैनाती पक्ष यूनिट / बेस सैनिक संख्या मुख्य कार्य अमेरिका पिटुफिक स्पेस बेस (थुले) ~150-200 मिसाइल चेतावनी, स्पेस निगरानी। डेनमार्क जॉइंट आर्कटिक कमांड ~150-200 संप्रभुता रक्षा, सर्च एंड रेस्क्यू। स्पेशल यूनिट सीरियस डॉग स्लेज पेट्रोल 12-14 कुत्तों की स्लेज से आर्कटिक गश्त। NATO (EU) आर्कटिक एंड्योरेंस ~40-50 राजनीतिक एकजुटता का संदेश। 3. 'ग्रेटर अमेरिका' मैप: कनाडा और वेनेजुएला पर नजर? ट्रम्प द्वारा साझा किए गए नक्शे ने राजनयिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। विस्तारवाद: नक्शे में न केवल ग्रीनलैंड, बल्कि कनाडा और वेनेजुएला को भी अमेरिका के हिस्से के रूप में रंगा गया है। कनाडा का रुख: कनाडा ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन इसे ट्रम्प की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के चरम विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। वेनेजुएला: दक्षिण अमेरिका के तेल समृद्ध देश वेनेजुएला को अमेरिकी नक्शे में दिखाना ट्रम्प की ऊर्जा सुरक्षा नीति का हिस्सा माना जा रहा है। 4. ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए 'गोल्ड माइन' क्यों है? ट्रम्प की इस जिद के पीछे ठोस आर्थिक और रणनीतिक कारण हैं: प्राकृतिक संसाधन: ग्रीनलैंड में 'रेयर अर्थ एलिमेंट्स' (Rare Earth Elements) का भंडार है। वर्तमान में चीन इनका 90% उत्पादन नियंत्रित करता है। ग्रीनलैंड पर नियंत्रण चीन की निर्भरता खत्म कर देगा। नई शिपिंग रूट्स: ग्लोबल वार्मिंग से बर्फ पिघल रही है, जिससे आर्कटिक में नए व्यापारिक रास्ते खुल रहे हैं। अमेरिका इन रास्तों पर अपना प्रभुत्व चाहता है। मिसाइल डिफेंस: यह रूस और अमेरिका के बीच सबसे छोटा हवाई मार्ग है, जो मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। रणनीतिक घेराबंदी: यहाँ से अमेरिका रूस और चीन की आर्कटिक गतिविधियों पर सीधी नजर रख सकता है। 5. कानूनी पेच: क्या ग्रीनलैंड को खरीदा जा सकता है? नाटो के नियमों के मुताबिक, यह प्रक्रिया लगभग असंभव है: Article 5 का उल्लंघन: अमेरिका और डेनमार्क दोनों नाटो सदस्य हैं। एक सदस्य दूसरे की जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता। जनमत संग्रह (Referendum): 2009 के 'सेल्फ गवर्नमेंट एक्ट' के अनुसार, ग्रीनलैंड के लोग केवल जनमत संग्रह के जरिए ही स्वतंत्र हो सकते हैं या किसी अन्य देश के साथ जुड़ने का फैसला ले सकते हैं। डेनिश संसद की मंजूरी भी अनिवार्य है। 6. आर्थिक युद्ध: यूरोप का 'ट्रेड बाजूका' यूरोपीय संघ (EU) ने ट्रम्प के 10% टैरिफ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ट्रेड बाजूका: EU अपने 'एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट' का इस्तेमाल कर अमेरिकी उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने और 750 बिलियन डॉलर के ऊर्जा समझौते को रद्द करने की धमकी दे रहा है। 1 फरवरी की डेडलाइन: ट्रम्प का टैरिफ 1 फरवरी से लागू होगा, जिससे ट्रांस-अटलांटिक व्यापारिक संबंध अब तक के सबसे बुरे दौर में पहुँच सकते हैं।

1 सप्ताह Ago
बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर:भारत में खेलने से इनकार किया था
खेल
Bangladesh Out of T20 World Cup 2026: ICC ने बांग्लादेश को वर्ल्ड कप से हटाया; स्कॉटलैंड की एंट्री; जय शाह का सख्त फैसला।

T20 वर्ल्ड कप: बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर बाहर; स्कॉटलैंड की एंट्री, जय शाह की अध्यक्षता में ICC का बड़ा फैसला; मुस्तफिजुर विवाद ने खत्म किया सफर दुबई/नई दिल्ली | 23 जनवरी 2026 क्रिकेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश को 2026 टी-20 वर्ल्ड कप से आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया है। 24 घंटे की समयसीमा (डेडलाइन) खत्म होने के बाद भी जब बांग्लादेश सरकार और बोर्ड (BCB) ने अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया, तो ICC ने उनकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला लिया। ICC के नए चेयरमैन जय शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद टूर्नामेंट के शेड्यूल को बरकरार रखते हुए बांग्लादेश का अध्याय समाप्त कर दिया गया है। 1. ICC की कार्रवाई: अपील भी खारिज, स्कॉटलैंड इन बांग्लादेश ने इस मामले को लेकर डिस्प्यूट रिजोल्यूशन कमेटी (DRC) का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। DRC का फैसला: कमेटी ने वेन्यू बदलने की मांग को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया। स्कॉटलैंड को मौका क्यों: स्कॉटलैंड की टी-20 रैंकिंग 14 है और पिछले वर्ल्ड कप में उसने शानदार खेल दिखाया था। 2021 में उसने बांग्लादेश को हराया भी था। इसी प्रदर्शन के आधार पर उसे ग्रुप-C में जगह मिली है। ग्रुप-C की नई तस्वीर: अब स्कॉटलैंड इस ग्रुप में वेस्टइंडीज, इटली, इंग्लैंड और नेपाल के साथ भिड़ेगा। 2. मुस्तफिजुर रहमान: 9.2 करोड़ की डील से टूर्नामेंट के बहिष्कार तक विवाद की जड़ में बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच का अनुबंध रहा। शुरुआत: 16 दिसंबर को मुस्तफिजुर 9.2 करोड़ में बिके, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के बाद भारत में उनका विरोध हुआ। 3 जनवरी को BCCI के हस्तक्षेप के बाद KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया। सरकार का हस्तक्षेप: यूनुस सरकार ने इसे अपमान माना, पहले IPL के प्रसारण पर रोक लगाई और फिर सुरक्षा का बहाना बनाकर वर्ल्ड कप वेन्यू बदलने की जिद की। 📊 बहिष्कार से बांग्लादेश को होने वाले 5 बड़े नुकसान नुकसान के क्षेत्र प्रभाव का विवरण IPL बैन भविष्य में बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर पाकिस्तान की तरह IPL में स्थायी प्रतिबंध लग सकता है। आर्थिक चोट ICC से मिलने वाली करीब 5 लाख डॉलर (4.15 करोड़ रुपये) की भागीदारी राशि डूबेगी। रैंकिंग में गिरावट टीम और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की ICC रैंकिंग में भारी गिरावट आएगी। क्रिकेट डिप्लोमेसी भारत अब बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) खेलने से इनकार कर सकता है। खिलाड़ियों का आक्रोश तमीम इकबाल जैसे दिग्गजों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इससे अगली पीढ़ी का करियर बर्बाद होगा। 3. पाकिस्तान का 'यू-टर्न': साथ दिया पर बहिष्कार नहीं बांग्लादेश को उम्मीद थी कि पाकिस्तान भी उसके समर्थन में वर्ल्ड कप छोड़ देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मीटिंग का सच: PCB ने मीटिंग में बांग्लादेश के पक्ष में वोट तो दिया, लेकिन जब टूर्नामेंट छोड़ने की बात आई, तो पाकिस्तान पीछे हट गया। अकेला पड़ा बांग्लादेश: कल की मीटिंग में भारत के पक्ष में 14 और बांग्लादेश के पक्ष में केवल 2 (बांग्लादेश और पाकिस्तान) वोट पड़े थे। 4. स्कॉटलैंड का नया शेड्यूल (ग्रुप-C) अब बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड इन तारीखों और मैदानों पर खेलेगा: 07 फरवरी: बनाम वेस्टइंडीज (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) 09 फरवरी: बनाम इटली (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) 14 फरवरी: बनाम इंग्लैंड (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) 17 फरवरी: बनाम नेपाल (वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई)

रवि चौहान जनवरी 24, 2026 0
Photo:PIXABAY
Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

शेयर मार्केट डाउन
Share Market Closing 26 September 2025: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, सिर्फ कुछ कंपनियों के शेयर बढ़त में

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

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मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

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