देश

जम्मू–कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में घायल जवान शहीद
हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; किश्तवाड़ के जंगलों में जैश आतंकियों की तलाश जारी; जम्मू में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा।

किश्तवाड़ एनकाउंटर: हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 'ऑपरेशन त्राशी-1' के दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी, खौर सेक्टर में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़/जम्मू | 19 जनवरी 2026 जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ जारी जंग में भारत ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। रविवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में घायल हुए हवलदार गजेंद्र सिंह ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सेना ने अब इलाके में आतंकियों को घेरने के लिए 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत घेराबंदी और कड़ी कर दी है। 1. शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह को अंतिम विदाई रविवार शाम को किश्तवाड़ के सोनार गांव के जंगलों में हुई मुठभेड़ के दौरान 8 जवान घायल हुए थे। शहादत: हवलदार गजेंद्र सिंह को गंभीर चोटें आई थीं। सेना के अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मुठभेड़ का घटनाक्रम: रविवार शाम करीब 5:46 बजे तक आतंकियों और जवानों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी। सेना की 'वाइट नाइट कॉर्प्स' (White Knight Corps) के जवान अब अपने शहीद साथी का बदला लेने के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। 2. 'ऑपरेशन त्राशी-1': जंगलों में छिपे हैं जैश के आतंकी सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली है कि किश्तवाड़ के ऊपरी इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 2 से 3 खूंखार आतंकी छिपे हुए हैं। घेराबंदी: सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ को जोड़ने वाले घने जंगली रास्तों को चारों तरफ से सील कर दिया है। हाई-टेक सर्च: आतंकियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन कैमरों और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है। घने कोहरे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बावजूद सेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। 3. खौर सेक्टर में मिला 'PIA' लिखा पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़ में तनाव के बीच जम्मू के खौर सेक्टर (कचरियाल गांव) में एक संदिग्ध गुब्बारा मिलने से सनसनी फैल गई। दिखावट: यह गुब्बारा सफेद और हरे रंग का है और इसका आकार एक विमान (Aeroplane) जैसा है। संदिग्ध संकेत: गुब्बारे पर 'PIA' (Pakistan International Airlines) लिखा हुआ है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने इसे कब्जे में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि क्या यह केवल हवा के साथ आया है या इसके पीछे कोई जासूसी या उकसावे की साजिश है। 📊 जम्मू क्षेत्र में आतंकी घटनाएं: जनवरी 2026 तारीख स्थान विवरण 07 जनवरी कठुआ (बिलावर) सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच पहली मुठभेड़। 13 जनवरी कठुआ (नजोत जंगल) आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन और झड़प। 18-19 जनवरी किश्तवाड़ हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 7 अन्य जवान घायल। 19 जनवरी खौर सेक्टर पाकिस्तानी प्लेन के आकार का गुब्बारा बरामद। 4. गणतंत्र दिवस को लेकर हाई अलर्ट 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के मद्देनजर पूरे जम्मू संभाग में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। आतंकी साजिश: खुफिया इनपुट मिले हैं कि सीमा पार बैठे हैंडलर गणतंत्र दिवस के दौरान बड़ी गड़बड़ी करने के लिए आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहे हैं। एंटी-टेरर मिशन: सेना ने दिसंबर से ही जम्मू के जंगलों में छिपे करीब 35-40 आतंकियों को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रखा है।

रवि चौहान जनवरी 19, 2026 0
ईरान से लौटे भारतीय, दिल्ली एयरपोर्ट पर फूट-फूटकर रोए
ईरान में गृहयुद्ध के बीच वतन लौटे भारतीय छात्र; दिल्ली एयरपोर्ट पर छलक उठे आंसू; MEA ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी।

ईरान संकट: मौत के साये से वतन लौटे भारतीय; दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनों से लिपटकर रोए छात्र; 'रियाल' के पतन और 3000 मौतों के बीच डरावनी दास्तां नई दिल्ली | 17 जनवरी 2026 ईरान में जारी भीषण गृहयुद्ध और सरकार विरोधी हिंसा के बीच फंसे भारतीय नागरिकों की वतन वापसी शुरू हो गई है। शुक्रवार देर रात दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर एक भावुक नजारा देखने को मिला, जब 'मौत के मुहाने' से निकलकर दर्जनों छात्र और पेशेवर भारतीय धरती पर पहुंचे। ईरान द्वारा अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) खोलने के बाद, भारत सरकार की एडवाइजरी का पालन करते हुए ये नागरिक निजी और विशेष विमानों से वापस लौटे हैं। 1. दिल्ली एयरपोर्ट पर भावुक मंजर: "गाड़ियों के सामने आ जाते थे प्रदर्शनकारी" एयरपोर्ट के अराइवल टर्मिनल पर जैसे ही छात्र बाहर आए, वहां पहले से मौजूद उनके परिवार वाले उन्हें गले लगाकर फूट-फूटकर रोने लगे। छात्रों की जुबानी: मेडिकल स्टूडेंट अर्श दहरा ने बताया कि हालात अब बेकाबू हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में था, लेकिन डर इतना था कि हम जल्द से जल्द वहां से निकलना चाहते थे।" एक महीने का नरक: जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि पिछले एक महीने से वे घरों में कैद थे। अगर गलती से बाहर निकलते, तो प्रदर्शनकारी गाड़ियों के सामने आ जाते थे। पूरे शहर में गोलियों की आवाजें सुनाई देती हैं। 2. 31 प्रांतों में आग और 3000 से ज्यादा मौतें ईरान में 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब एक पूर्ण विद्रोह का रूप ले चुका है। मौत का आंकड़ा: स्थानीय और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की 'लाइव फायरिंग' में अब तक 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। कारण: मुख्य वजह है ईरानी मुद्रा 'रियाल' का ऐतिहासिक पतन ($1 = ~14.5 लाख रियाल) और 70% से ज्यादा महंगाई। लोग ब्रेड और चाय जैसी बुनियादी चीजों के लिए मोहताज हैं। डिजिटल ब्लैकआउट: ईरान में इंटरनेट पूरी तरह बंद है, जिससे वहां फंसे भारतीयों को अपने परिवार से बात करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 📊 ईरान में भारतीय: वर्तमान स्थिति और हेल्पलाइन श्रेणी विवरण और डेटा ईरान में कुल भारतीय लगभग 9,000 (अधिकांश छात्र और व्यापारी)। एडवाइजरी विदेश मंत्रालय ने 'उपलब्ध साधनों' से तुरंत देश छोड़ने को कहा है। मुख्य हेल्पलाइन नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102 आधिकारिक ईमेल cons.tehran@mea.gov.in ट्रम्प का रुख अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों की हत्या न रुकने पर 'सैन्य कार्रवाई' की धमकी दी है। 3. विदेश मंत्रालय (MEA) की रणनीति प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार अपने हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें: सरकार ने ईरान में रह रहे शेष भारतीयों को निर्देश दिया है कि वे अपने पासपोर्ट और वीजा हमेशा तैयार रखें ताकि इमरजेंसी इवैक्यूएशन (निकासी) के समय देरी न हो। एयरस्पेस का मुद्दा: 14 जनवरी को ईरान ने हवाई क्षेत्र बंद किया था, जिससे भारतीय विमान फंस गए थे। 15 जनवरी को इसे फिर से खोला गया, जिसके बाद एयर इंडिया और अन्य निजी एयरलाइंस ने भारतीयों को लाना शुरू किया। 4. विद्रोह की आग के पीछे के 5 बड़े कारण आर्थिक तबाही: रियाल की कीमत शून्य की ओर बढ़ रही है, जिससे मिडिल क्लास पूरी तरह खत्म हो गया है। व्यापारियों की हड़ताल: तेहरान के ऐतिहासिक बाजार 'बाजार-ए-बुजुर्ग' के बंद होने से पूरी सप्लाई चेन टूट गई है। शासन के खिलाफ गुस्सा: लोग अब अयातुल्ला खामेनेई के पोस्टर जला रहे हैं और पुरानी राजशाही की वापसी की मांग कर रहे हैं। इंटरनेट बैन: 180 घंटे से ज्यादा के डिजिटल ब्लैकआउट ने जनता के गुस्से को सड़कों पर और बढ़ा दिया है। वैश्विक दबाव: ट्रम्प प्रशासन के कड़े रुख ने प्रदर्शनकारियों को यह उम्मीद दी है कि उन्हें बाहरी मदद मिल सकती है।

रवि चौहान जनवरी 17, 2026 0
बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोंकी,हाईवे जाम किया
झारखंड में मजदूर की मौत पर बेलडांगा में भारी हिंसा; रेल और NH-12 जाम; सुवेंदु अधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप।

मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में भारी बवाल: झारखंड में मजदूर की मौत पर रेल-सड़क जाम; पत्रकार से मारपीट और सुवेंदु अधिकारी के 'पत्थरबाजी' के आरोप पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का बेलडांगा शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को सुलग उठा। झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 और बेलडांगा रेलवे स्टेशन पर कब्जा कर लिया। इस प्रदर्शन ने उग्र रूप धारण कर लिया, जिससे न केवल उत्तर और दक्षिण बंगाल का संपर्क कट गया, बल्कि हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। 1. घटना की जड़: झारखंड में अलाउद्दीन शेख की मौत विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण 30 वर्षीय प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख की मौत है। मृतक की प्रोफाइल: अलाउद्दीन बेलडांगा की सुजापुर कुम्हारपुर पंचायत का निवासी था और झारखंड में फेरी लगाकर अपना गुजारा करता था। संदिग्ध मौत: गुरुवार को झारखंड में उसके कमरे से उसका शव फंदे से लटका मिला। हत्या का आरोप: परिजनों और ग्रामीणों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उनका आरोप है कि अलाउद्दीन की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और फिर मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए शव लटका दिया गया। 2. प्रदर्शन बना हिंसक: रेल और सड़क संपर्क ठप शुक्रवार सुबह से ही हजारों की संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए, जिससे बंगाल की लाइफलाइन प्रभावित हुई: NH-12 जाम: प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे पर टायर जलाकर रास्ता बंद कर दिया। रेलवे ट्रैक बाधित: घंटों तक रेलवे ट्रैक पर बैठने के कारण सियालदह-लालगोला सेक्शन की ट्रेन सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। पत्रकार पर हमला: कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार के साथ प्रदर्शनकारियों ने मारपीट की, जिससे प्रेस जगत में भारी आक्रोश है। भारी बल तैनात: स्थिति को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। 📊 बेलडांगा तनाव: मुख्य अपडेट क्षेत्र वर्तमान स्थिति परिवहन NH-12 और रेल रूट बाधित; हजारों यात्री फंसे हुए हैं। हिंसा पत्थरबाजी और पत्रकार के साथ मारपीट की खबरें। मृतक का नाम अलाउद्दीन शेख (30 वर्ष)। प्रमुख मांग झारखंड में हत्या की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी। 3. राजनीतिक घमासान: ममता बनाम सुवेंदु इस घटना ने बंगाल की राजनीति में फिर से उबाल ला दिया है: ममता बनर्जी (CM): मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा, "अल्पसंख्यकों का गुस्सा जायज है।" उन्होंने प्रवासी मजदूरों पर अत्याचार की निंदा की और पीड़ित परिवार को सहायता का भरोसा दिया। सुवेंदु अधिकारी (LoP): विपक्ष के नेता ने ममता सरकार पर 'तुष्टिकरण' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है जबकि "असामाजिक तत्वों" ने पत्थरबाजी कर पूरे इलाके को बंधक बना लिया है। उन्होंने फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

रवि चौहान जनवरी 16, 2026 0
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का एक्शन
140 करोड़ की संपत्ति अटैच; दिल्ली ब्लास्ट और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा टेरर लिंक; चेयरमैन पर चार्जशीट।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का बड़ा एक्शन: 140 करोड़ की संपत्ति अटैच; दिल्ली ब्लास्ट और 'व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं तार प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली ब्लास्ट और आतंकी फंडिंग की जांच के तहत, एजेंसी ने यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क (Attach) कर दी हैं। इसके साथ ही अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके ट्रस्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट भी दाखिल की गई है। 1. ED की कार्रवाई: क्या-क्या हुआ अटैच? ED ने यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को 'अपराध की आय' (Proceeds of Crime) मानते हुए PMLA एक्ट के तहत ज़ब्त किया है। अचल संपत्ति: फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में फैली 54 एकड़ जमीन। इमारतें: यूनिवर्सिटी का मुख्य कैंपस, स्कूल बिल्डिंग, विभिन्न विभागों की इमारतें और छात्रों के हॉस्टल। चेयरमैन की गिरफ्तारी: ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को 18 नवंबर को 12 घंटे की छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। 2. दिल्ली ब्लास्ट और 'डॉक्टर' आतंकी का कनेक्शन अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम तब सुर्खियों में आया जब इसके एक डॉक्टर ने आतंकी हमले को अंजाम दिया। लाल किला ब्लास्ट: 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक चलती कार में धमाका हुआ था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले का मुख्य आरोपी यूनिवर्सिटी का डॉ. उमर उन नबी था। व्हाइट-कॉलर टेरर: जांच में पता चला कि यूनिवर्सिटी 'व्हाइट-कॉलर आतंकी मॉड्यूल' का केंद्र बनी हुई थी। NIA और पुलिस ने यहाँ से डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन सईद समेत 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। विस्फोटकों का जखीरा: आरोपियों के पास से 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे घातक विस्फोटक बरामद हुए थे। 📊 अल-फलाह यूनिवर्सिटी: जांच में हुए बड़े खुलासे श्रेणी विवरण और अनियमितताएं वित्तीय धोखाधड़ी झूठी मान्यता के दावे कर छात्रों से 415.10 करोड़ रुपये वसूले गए। शेल कंपनियां एक ही पते पर 9 फर्जी (शेल) कंपनियां रजिस्टर्ड पाई गईं। डेटा विसंगति कई कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज मिला और EPFO का कोई रिकॉर्ड नहीं था। आतंकी जुड़ाव प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के मॉड्यूल को पनाह देने का आरोप। 3. 'व्हाइट-कॉलर' मॉड्यूल का श्रीनगर से फरीदाबाद कनेक्शन अक्टूबर 2025 में श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगे थे, जिसमें सुरक्षा बलों पर हमले की धमकी दी गई थी। श्रीनगर पुलिस और SSP जीवी सुंदीप चक्रवर्ती की जांच जब आगे बढ़ी, तो तार फरीदाबाद की इस यूनिवर्सिटी से जुड़े। यह भारत में अपनी तरह का पहला मामला है जहाँ पढ़े-लिखे पेशेवर (डॉक्टर) सीधे तौर पर बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा पाए गए। 4. हरियाणा सरकार का सख्त कदम: प्रशासन भंग करने की तैयारी हरियाणा की सैनी सरकार इस यूनिवर्सिटी पर पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण लेने की तैयारी में है। नया विधेयक: 22 दिसंबर 2025 को विधानसभा में 'हरियाणा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक' पास किया गया है। अधिकार: यदि किसी यूनिवर्सिटी से राष्ट्रीय सुरक्षा या अखंडता को खतरा होता है, तो सरकार उसका प्रशासन भंग कर वहां अपना अधिकारी (Administrator) नियुक्त कर सकती है। छात्रों का भविष्य: ED ने कोर्ट से कहा है कि कानूनी कार्रवाई के बीच छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए सरकार जल्द ही प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है।

रवि चौहान जनवरी 16, 2026 0
BMC चुनाव में वोट करने बॉलीवुड सेलेब्स पहुंचे
अक्षय कुमार ने युवती को दिया मदद का भरोसा; सचिन तेंदुलकर, आमिर खान और हेमा मालिनी ने डाला वोट।

BMC चुनाव 2026: मतदान केंद्रों पर उमड़ा बॉलीवुड; अक्षय कुमार से मदद मांगने पर युवती ने छुए पैर, सचिन ने परिवार संग डाला वोट महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए आज, 15 जनवरी 2026 को लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। मुंबई के 'पावरफुल' बीएमसी (BMC) चुनावों में सुबह से ही बॉलीवुड सितारों और खेल जगत की हस्तियों का जमावड़ा लगा हुआ है। अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर और आमिर खान जैसे दिग्गजों ने न केवल अपना वोट डाला, बल्कि मुंबईवासियों से 'असली हीरो' बनने की अपील भी की। 1. अक्षय कुमार: "रिमोट कंट्रोल हमारे हाथ में है" बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना के साथ जुहू के एक पोलिंग बूथ पर सबसे पहले वोट डालने वालों में शामिल रहे। अपील: अक्षय ने वोटिंग के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते हुए कहा, "आज का दिन वह है जब रिमोट कंट्रोल हमारे हाथों में होता है। अगर मुंबई का असली हीरो बनना है, तो सिर्फ डायलॉग नहीं, वोट डालना जरूरी है।" मदद का भाव: पोलिंग बूथ के बाहर एक युवती ने अक्षय को रोककर बताया कि उसके पिता भारी कर्ज में हैं। भावुक होकर युवती ने अक्षय के पैर छूने की कोशिश की, जिस पर अक्षय ने उसे रोकते हुए कहा, "बेटा ऐसा मत कर।" उन्होंने तुरंत अपने स्टाफ को युवती का नंबर नोट करने का निर्देश दिया और मदद का आश्वासन दिया। ट्विंकल का नजरिया: ट्विंकल खन्ना ने कहा कि वोट देना हमें अपनी कहानी तय करने की ताकत और नियंत्रण देता है। 2. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने सपरिवार किया मतदान क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि और बेटी सारा तेंदुलकर के साथ बांद्रा के एक मतदान केंद्र पर पहुँचे। संदेश: सचिन ने मतदान को एक विशेषाधिकार बताया और कहा कि यह हमारी राय व्यक्त करने का सबसे बड़ा जरिया है। उन्होंने युवाओं से बड़ी संख्या में बाहर आने का आग्रह किया। 3. आमिर खान का परिवार और अन्य दिग्गज सितारे मुंबई के अलग-अलग इलाकों में सितारों की चमक देखने को मिली: आमिर खान: एक्टर आमिर खान ने भी अपना वोट डाला। उनके साथ उनके बेटे जुनैद खान, बेटी इरा खान और पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण राव भी अलग-अलग समय पर मतदान केंद्रों पर नजर आए। अनुभवी कलाकार: 91 वर्षीय दिग्गज गीतकार गुलजार, हेमा मालिनी, राकेश रोशन और सुनील शेट्टी ने भी सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हेमा मालिनी की मांग: हेमा मालिनी ने कहा, "अगर हमें गड्ढा मुक्त सड़कें, सुरक्षा और स्वच्छ हवा चाहिए, तो जिम्मेदारी लेनी होगी और वोट देना होगा।" 📊 मतदान करने पहुंचे प्रमुख सितारों की सूची सेलिब्रिटी विशेष टिप्पणी अक्षय कुमार & ट्विंकल सुबह सबसे पहले पहुंचने वाले सितारों में से एक। सचिन तेंदुलकर पत्नी अंजलि और बेटी सारा के साथ बांद्रा में मतदान किया। हेमा मालिनी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर वोट की अपील की। जॉन अब्राहम अपने वृद्ध माता-पिता के साथ मतदान करने पहुंचे। श्रद्धा कपूर प्रशंसकों के बीच घिरीं, वोट डालकर युवाओं को प्रेरित किया। तमन्ना भाटिया मुंबई की प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान किया। नाना पाटेकर पुणे से 4 घंटे का सफर तय कर वोट डालने दादर आए। 4. मतदान की ताज़ा स्थिति (दोपहर 2:30 बजे तक) वोटिंग प्रतिशत: महाराष्ट्र में दोपहर 1:30 बजे तक औसत मतदान लगभग 25-30% के आसपास दर्ज किया गया है। कोल्हापुर में सबसे अधिक (37%) और पुणे में मतदान थोड़ा धीमा रहा। सुरक्षा: मुंबई में 25,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्याही मिटाने का प्रयास अपराध माना जाएगा।

रवि चौहान जनवरी 15, 2026 0
महाराष्ट्र की 29 नगर-निगम में वोटिंग जारी
स्याही विवाद पर राज ठाकरे के आरोप; BMC चुनाव में दिग्गजों ने डाला वोट; कल आएंगे नतीजे।

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: स्याही मिटने के दावों पर राज ठाकरे का हमला; BMC ने किया खंडन; मुंबई में 227 सीटों पर वोटिंग जारी महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए आज (15 जनवरी 2026) मतदान हो रहा है। सुबह 7:30 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 5:30 बजे तक चलेगी, जिसके नतीजे कल शुक्रवार, 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में सबसे बड़ी जंग बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की 227 सीटों के लिए है, जहाँ 4 साल के लंबे अंतराल के बाद चुनाव हो रहे हैं। 1. 'न मिटने वाली स्याही' पर बड़ा बवाल वोटिंग शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद 'इंडेलिबल इंक' (न मिटने वाली स्याही) को लेकर विवाद छिड़ गया। राज ठाकरे और उद्धव का दावा: मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने वोट डालने के बाद दावा किया कि नई स्याही 'एसीटोन' या सैनिटाइजर लगाने से आसानी से मिट रही है। उन्होंने इसे सरकार की धांधली बताते हुए कहा, "सत्ता पाने के लिए सरकार कुछ भी कर सकती है।" उद्धव ठाकरे ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और सरकार के बीच 'मिलीभगत' का आरोप लगाया। आयोग की सफाई: राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने स्पष्ट किया कि केवल स्याही मिटाने से कोई दोबारा वोट नहीं डाल सकता। मतदाता का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज होता है। आयोग ने चेतावनी दी कि यदि कोई स्याही मिटाकर दोबारा वोट करने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। BMC का पक्ष: बीएमसी ने इन दावों को 'तथ्यात्मक रूप से गलत' बताया है। 2. BMC चुनाव: त्रिकोणीय मुकाबला और समीकरण मुंबई की 227 सीटों पर इस बार समीकरण काफी दिलचस्प हैं: महायुति (Mahayuti): भाजपा 137 और एकनाथ शिंदे की शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। MVA + MNS: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) 163 सीटों पर है, जबकि उन्होंने राज ठाकरे की मनसे (MNS) के साथ गठबंधन किया है जिसे 52 सीटें मिली हैं। तीसरा मोर्चा: कांग्रेस (143 सीटें) ने प्रकाश अंबेडकर की VBA (46 सीटें) के साथ हाथ मिलाया है। अजित पवार की NCP 94 सीटों पर अकेले मैदान में है। 📊 पोलिंग अपडेट और प्रमुख चेहरे विवरण ताज़ा स्थिति वोटर टर्नआउट (11:30 am) BMC: 17.73%, नवी मुंबई: 19.68%, ठाणे: 19%। दिग्गज मतदाता सीएम देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, मोहन भागवत, सचिन तेंदुलकर। बॉलीवुड की उपस्थिति श्रद्धा कपूर, ईशा कोप्पिकर, पद्मिनी कोल्हापुरे और सलीम खान ने वोट डाला। वोटिंग का नियम मुंबई में 1 वोट, लेकिन पुणे और अन्य शहरों में 3-4 वोट (मल्टी-मेम्बर वार्ड सिस्टम)। 3. अव्यवस्था: पोलिंग बूथ बदलने से मतदाता परेशान कई हाई-प्रोफाइल मतदाताओं और आम लोगों ने पोलिंग बूथ बदलने की शिकायत की: गणेश नाइक और प्रियंका चतुर्वेदी: महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक और शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि उनके पोलिंग बूथ बदल गए हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। EVM में खराबी: पुणे और नासिक के कुछ केंद्रों पर शुरुआती घंटों में EVM खराब होने की खबरें आईं, जिससे मतदान कुछ समय के लिए बाधित हुआ।

रवि चौहान जनवरी 15, 2026 0
रांची ED ऑफिस में जांच करने पहुंची झारखंड पुलिस
पूछताछ के दौरान मारपीट के आरोप में ED दफ्तर पहुंची पुलिस; कैशियर संतोष कुमार ने दर्ज कराई FIR।

रांची में ED बनाम पुलिस: मारपीट के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंची झारखंड पुलिस; 20 करोड़ के घोटाले का आरोपी बना 'पीड़ित' झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर केंद्रीय एजेंसी (ED) और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। पेयजल विभाग के एक कैशियर की शिकायत पर झारखंड पुलिस जांच के लिए रांची स्थित ED दफ्तर पहुंच गई है। आरोप है कि पूछताछ के दौरान ED के अधिकारियों ने आरोपी के साथ मारपीट की, जिससे उसके सिर में 6 टांके आए हैं। 1. क्या है पूरा मामला? (पेयजल विभाग के कैशियर का आरोप) रांची के संतोष कुमार, जो पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कैशियर हैं, ने ED के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक और असिस्टेंट शुभम के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कराई है। पूछताछ और मारपीट: संतोष के अनुसार, उन्हें 12 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि बयान दर्ज करने के दौरान उन पर अपराध स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। मना करने पर अधिकारियों ने डंडे से हमला किया, जिससे उनका सिर फट गया। सबूत मिटाने का दावा: FIR में आरोप है कि सिर फटने के बाद उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया (6 टांके लगे), जहाँ उन्हें सच न बताने की धमकी दी गई। वापस लाने पर उनकी खून से सनी टी-शर्ट उतरवाकर नई टी-शर्ट पहनाई गई ताकि सबूत मिटाया जा सके। बंधक बनाना: पीड़ित का दावा है कि उन्हें रात 10:45 बजे तक दफ्तर में रोके रखा गया और जबरन कोरे कागजों पर दस्तखत कराए गए। 2. कौन है संतोष कुमार? (गबन का इतिहास) शिकायतकर्ता संतोष कुमार खुद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं: 20 करोड़ का गबन: उन पर शहरी जलापूर्ति योजना की राशि में से 20 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का आरोप है। फर्जी बिल घोटाला: दिसंबर 2023 में दर्ज FIR के अनुसार, संतोष ने L&T कंपनी के नाम पर फर्जी बिल बनाकर 2.17 करोड़ रुपये फर्जी खातों में ट्रांसफर किए थे। ED की जांच: इसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में ED ने उन्हें समन किया था। संतोष फिलहाल जेल से जमानत पर बाहर हैं। 📊 घटनाक्रम और सुरक्षा की स्थिति विवरण वर्तमान स्थिति पुलिस की कार्रवाई सदर DSP और एयरपोर्ट थाना प्रभारी ED दफ्तर के अंदर जांच कर रहे हैं। ED की सुरक्षा राज्य पुलिस की एंट्री के बाद ED ने सुरक्षा के लिए सेंट्रल पुलिस फोर्सेस (CRPF) को तैनात किया है। आरोपी अधिकारी असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक और असिस्टेंट शुभम। राजनीतिक प्रतिक्रिया भाजपा ने इसे जांच रोकने की साजिश करार दिया है। 3. 'झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे': बाबूलाल मरांडी का हमला इस मामले पर सियासत भी गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। स्वतंत्र जांच में बाधा: मरांडी ने कहा कि बंगाल की तर्ज पर झारखंड में भी केंद्रीय एजेंसियों को डराने और झूठे मुकदमे दर्ज कराने का खेल शुरू हो गया है। चेतावनी: उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "हेमंत जी, कान खोलकर सुन लीजिए... झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे। भ्रष्टाचार की सजा आपको मिलकर रहेगी।"

रवि चौहान जनवरी 15, 2026 0
जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं
बंगाल में I-PAC पर छापा; दिल्ली, झारखंड और महाराष्ट्र का पैटर्न; क्या विपक्ष का आरोप सही है?

चुनावी मौसम में ED का 'एक्शन' मोड: बंगाल से तमिलनाडु तक पुराने केसों की खुली फाइलें; विपक्षी दलों ने टाइमिंग पर उठाए सवाल भारत में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही केंद्रीय जांच एजेंसियों, विशेषकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सक्रियता ने एक बार फिर देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। पश्चिम बंगाल में I-PAC से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी हो या तमिलनाडु में पुरानी फाइलों का खुलना, विपक्षी दलों का आरोप है कि ED की कार्रवाई का सीधा संबंध 'चुनावी टाइमिंग' से है। 1. पश्चिम बंगाल: 5 साल पुराने केस में चुनाव से ठीक पहले छापा मई 2026 से पहले पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ठीक इससे पहले 8 जनवरी को ED ने कोलकाता में I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के दफ्तर और इसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की। केस की पृष्ठभूमि: यह मामला 2,742 करोड़ रुपये की कोयला तस्करी से जुड़ा है। CBI ने नवंबर 2020 में FIR की थी और ED ने उसी समय जांच शुरू की थी। विवाद की वजह: मामला 5 साल पुराना है, लेकिन बड़ी कार्रवाई चुनाव से ठीक 2-3 महीने पहले हुई। आरोप: ममता बनर्जी ने इसे चुनावी लाभ के लिए 'एजेंसी का दुरुपयोग' बताया है, जबकि ED का दावा है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक पहुँचे हैं। 📊 ED की कार्रवाई का 'चुनावी पैटर्न': 4 राज्यों का विश्लेषण राज्य केस का समय कार्रवाई की टाइमिंग राजनीतिक परिणाम दिल्ली 2022 (शराब नीति) फरवरी 2025 चुनाव से पहले 2024 में CM अरेस्ट। भाजपा सत्ता में आई। झारखंड 2023 (जमीन घोटाला) नवंबर 2024 चुनाव से 10 महीने पहले सोरेन अरेस्ट। हेमंत सोरेन फिर से CM बने। महाराष्ट्र 2021 (मनी लॉन्ड्रिंग) नवंबर 2024 चुनाव से मात्र 6 दिन पहले छापेमारी। भाजपा गठबंधन की जीत। पश्चिम बंगाल 2020 (कोयला तस्करी) मार्च-अप्रैल 2026 चुनाव से 2 महीने पहले कार्रवाई। नतीजे प्रतीक्षित 2. आगामी चुनावों वाले राज्यों में ED की सक्रियता साल 2026 में बंगाल के अलावा चार अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव हैं, जहाँ ED ने अपनी फाइलें तेज कर दी हैं: तमिलनाडु: सत्ताधारी DMK के लिए शराब घोटाले, रियल एस्टेट और शेल कंपनियों से जुड़े पुराने मामले सिरदर्द बन रहे हैं। केरल: सोना तस्करी (Gold Smuggling) और सहकारी बैंक घोटालों में सत्ताधारी LDF सरकार घिरी हुई है। असम: यहाँ भाजपा की सरकार है, लेकिन विपक्षी कांग्रेस और AIUDF नेताओं पर कार्रवाई ने उनके चुनावी फंड और नेटवर्क को प्रभावित किया है। पुडुचेरी: कारोबारियों और राजनेताओं के पुराने गठजोड़ पर एजेंसी की पैनी नजर है। 3. 'एजेंसी' बनाम 'विपक्ष': आरोप और सफाई विपक्षी दलों (जैसे TMC, AAP, JMM, और शिवसेना-UBT) का एक साझा आरोप है कि ED का उपयोग 'चुनावी फंडिंग' रोकने और विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के लिए किया जाता है। विपक्ष का तर्क: कार्रवाई केवल चुनाव से पहले क्यों तेज होती है? चार्जशीट दाखिल करने में सालों क्यों लग जाते हैं? ED की सफाई: एजेंसी का कहना है कि जांच एक निरंतर प्रक्रिया है। सबूतों के आधार पर और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही गिरफ्तारियां या छापेमारी की जाती है, जिसका राजनीति या चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।

रवि चौहान जनवरी 13, 2026 0
आर्मी चीफ बोले- पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव
ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है; बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव; पाकिस्तान को आर्मी चीफ की सीधी चेतावनी।

आर्मी चीफ की चेतावनी: ऑपरेशन सिंदूर जारी; बॉर्डर पार 8 आतंकी कैंप सक्रिय, दुस्साहस किया तो पाकिस्तान को मिलेगा 'करारा जवाब' भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी समाप्त नहीं हुआ है और भारतीय सेना किसी भी आतंकी या सैन्य दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी ताकत के साथ तैयार है। यहाँ आर्मी चीफ के संबोधन और सीमा की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. ऑपरेशन सिंदूर: रणनीतिक जीत और पाक को बड़ा झटका जनरल द्विवेदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण बताया। बड़ा नुकसान: इस ऑपरेशन के दौरान 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा। 88 घंटे का अभियान: 7 मई को शुरू हुई 22 मिनट की शुरुआती स्ट्राइक और उसके बाद 88 घंटे चले समन्वित हमले ने पाकिस्तान की 'परमाणु धमकी' (Nuclear Blackmail) की रणनीति को पूरी तरह कमजोर कर दिया। लक्ष्य: सेना ने 9 में से 7 चिन्हित आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। 2. सीमा पर 'ड्रोन' और आतंकी कैंपों की हलचल बॉर्डर पर हाल ही में देखे गए ड्रोनों को लेकर आर्मी चीफ ने स्थिति साफ की। रक्षात्मक ड्रोन: 10 से 12 जनवरी के बीच सीमा पर जो छोटे ड्रोन देखे गए, वे पाकिस्तान द्वारा यह जांचने के लिए भेजे गए थे कि भारतीय सेना कहीं ढिलाई तो नहीं बरत रही। 8 सक्रिय कैंप: आर्मी चीफ ने खुलासा किया कि LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं, जहाँ ट्रेनिंग चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भी गलती होने पर सेना तुरंत एक्शन लेगी। 📊 भारतीय सेना की उपलब्धियां और रणनीतिक रुख (2025-26) श्रेणी विवरण और आंकड़े आतंकी सफाया 2025 में 31 आतंकी ढेर (ज्यादातर पाकिस्तानी)। ऑपरेशन महादेव पहलगाम हमले के आतंकियों का खात्मा। पर्यटन में सुधार अमरनाथ यात्रा में 4 लाख+ श्रद्धालु (5 साल का रिकॉर्ड)। रणनीतिक रुख पाकिस्तान-चीन का 1963 समझौता 'अवैध' घोषित। 3. चीन-पाक गठजोड़ पर सख्त प्रहार जनरल द्विवेदी ने 1963 के पाक-चीन समझौते को पूरी तरह अवैध करार दिया। शक्सगाम घाटी: पाकिस्तान द्वारा शक्सगाम घाटी का क्षेत्र चीन को सौंपना भारत स्वीकार नहीं करता। CPEC का विरोध: सेना प्रमुख ने कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है और हम इसे दोनों देशों की अवैध कार्रवाई मानते हैं। 4. कश्मीर में बदलाव की बयार सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर की बदलती तस्वीर पर खुशी जताई। आतंक से पर्यटन की ओर: अब घाटी में विकास के काम तेज हुए हैं और पर्यटन लौट रहा है। शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है।

रवि चौहान जनवरी 13, 2026 0
इंदौर में 7 वाहन टकराए, कार पर चढ़ी पिकअप
महू के भेरू घाट पर 7 गाड़ियां भिड़ीं; ट्रक के ब्रेक फेल होने से कारों पर चढ़ा टैंकर; बाल-बाल बचे 8 लोग।

इंदौर-मुंबई हाईवे पर भीषण हादसा: अनियंत्रित ट्रक ने 7 वाहनों को रौंदा; कारों पर चढ़े टैंकर, एयरबैग्स ने बचाई 8 लोगों की जान इंदौर के महू स्थित मानपुर भेरू घाट पर शनिवार सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ। मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार ट्रक के ब्रेक फेल होने के कारण 7 वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक और गैस टैंकर कारों के ऊपर चढ़ गए, जिससे हाईवे पर घंटों लंबा जाम लग गया। 1. ढलान पर 'मौत' बनकर दौड़ा ट्रक प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, मानपुर भेरू घाट का यह हिस्सा करीब 2 किलोमीटर लंबी ढलान वाला है। ब्रेक फेल का कहर: इंदौर से हैदराबाद जा रहे एक ट्रक के अचानक ब्रेक फेल हो गए। ढलान होने के कारण ट्रक की रफ्तार बेकाबू हो गई। चेन रिएक्शन: अनियंत्रित ट्रक सबसे पहले आगे चल रहे आयशर वाहन में घुसा। इसके बाद आयशर ने आगे खड़ी कार को टक्कर मारी और देखते ही देखते पिकअप, ट्रेलर और गैस टैंकर सहित 7 वाहन एक-दूसरे में समा गए। ट्रक ड्राइवर का दावा: ड्राइवर मोहम्मद आरिफ ने बताया कि उसने भीड़भाड़ वाली सर्विस लेन से बचने के लिए ट्रक को दूसरी तरफ मोड़ा ताकि जानमाल का नुकसान कम हो। 2. चमत्कार: एयरबैग्स और किस्मत ने बचाई जिंदगियां हादसे की तस्वीरें जितनी डरावनी हैं, राहत की बात उतनी ही सुखद है कि इस भीषण भिड़ंत में किसी की जान नहीं गई। कार में थे 4 बच्चे: उज्जैन से त्र्यंबकेश्वर जा रहे जयदीप की कार में 8 लोग सवार थे, जिनमें 4 बच्चे शामिल थे। जयदीप ने बताया कि पीछे से जोरदार टक्कर लगते ही उनकी कार के एयरबैग्स खुल गए, जिससे सभी सुरक्षित बच गए। पिकअप पलटी: राजस्थान के रघुवीर ने बताया कि जाम में खड़ी उनकी कार पर टक्कर के बाद एक पिकअप आकर पलट गई, लेकिन वे भी बाल-बाल बच गए। 📊 हादसे का विवरण: एक नजर में श्रेणी विवरण स्थान मानपुर भेरू घाट, महू (इंदौर), मुंबई-आगरा हाईवे समय शनिवार सुबह, 10 जनवरी 2026 वाहनों की संख्या 7 (ट्रक, टैंकर, ट्रेलर, आयशर, पिकअप और कारें) कारण ट्रक के ब्रेक फेल होना और घाट की ढलान जनहानि शून्य (कोई घायल या मृत नहीं) 3. हाईवे पर लगा घंटों लंबा जाम टक्कर के बाद वाहनों का मलबा और गैस टैंकर के सड़क पर फंसे होने के कारण मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। प्रशासनिक कार्रवाई: मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र हीहोर ने बताया कि क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम जारी है। पाइप लोड ट्रॉले का केबिन पूरी तरह पिचक गया है, जिसे निकालने में मशक्कत करनी पड़ रही है। यातायात: पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से रूट डायवर्ट किया है ताकि यात्रियों को ढलान पर फंसे होने से बचाया जा सके।

रवि चौहान जनवरी 10, 2026 0
ममता बोलीं– मेरे पास शाह के खिलाफ पेन ड्राइव
ममता बनर्जी बनाम अमित शाह: "मेरे पास पेन ड्राइव है"; ED रेड पर TMC का महा-विरोध; कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई टली।

ममता बनाम शाह: बंगाल में संवैधानिक 'महा-संग्राम'; 'पेन ड्राइव' से 'पॉलिटिकल डेटा' तक छिड़ी कानूनी जंग पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद शुरू हुआ विवाद अब एक पूर्ण संवैधानिक संकट और सड़कों पर महा-संग्राम का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है, वहीं दिल्ली में टीएमसी सांसदों और कोलकाता की सड़कों पर हजारों कार्यकर्ताओं ने 'एजेंसी राज' के खिलाफ हुंकार भरी है। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम, राजनीतिक आरोपों और कानूनी पेचों का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. "मेरे पास पेन ड्राइव है": ममता बनर्जी का अमित शाह पर बड़ा हमला कोलकाता में एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभूतपूर्व दावे किए। कोयला घोटाले का पलटवार: ममता ने आरोप लगाया कि कोयला घोटाले की असली रकम बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और खुद गृह मंत्री अमित शाह तक पहुँचती है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत 'पेन ड्राइव' में मौजूद हैं। सुवेंदु अधिकारी पर आरोप: उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी इस पैसे के लेन-देन में शामिल हैं। डेटा चोरी का डर: ममता का सबसे गंभीर आरोप यह है कि ED ने कोयला घोटाले के बहाने I-PAC से टीएमसी का चुनावी डेटा, रणनीति और उम्मीदवारों की लिस्ट चुराने की कोशिश की है। 2. दिल्ली से कोलकाता तक विरोध की आग तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए 'दिल्ली चलो' का नारा दिया। दिल्ली में धक्का-मुक्की: गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी सांसदों (डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा) को दिल्ली पुलिस ने घसीटकर हिरासत में लिया। महुआ मोइत्रा ने इसे लोकतंत्र का अपमान बताया। कोलकाता मार्च: कोलकाता में ममता बनर्जी के साथ जनसैलाब उमड़ा। उन्होंने कहा कि "अगर कोई मुझे छेड़ता है, तो मैं छोड़ती नहीं हूँ।" संवैधानिक संस्थानों पर सवाल: सीएम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में शाह के पुराने सहयोगियों को बिठाया गया है ताकि बंगाल में 'जनादेश' को प्रभावित किया जा सके। 📊 विवाद के मुख्य केंद्र: आंकड़े और आरोप मुद्दा टीएमसी (TMC) का पक्ष भाजपा/ED का पक्ष ED रेड का कारण राजनीतिक प्रतिशोध और डेटा चोरी। 2020 का कोयला तस्करी और हवाला मामला। हस्तक्षेप मुख्यमंत्री का अपने कार्यकर्ताओं की रक्षा करना। सीएम ने जांच में बाधा डाली और फाइलें जब्त कीं। I-PAC की भूमिका एक प्रोफेशनल चुनावी रणनीतिकार फर्म। हवाला धन प्राप्त करने वाली एक संदिग्ध इकाई। कानूनी स्थिति ED पर 2 FIR दर्ज कराई गईं। हाईकोर्ट में सीएम के खिलाफ याचिका दायर। 3. कलकत्ता हाईकोर्ट: हंगामे की भेंट चढ़ी सुनवाई ED ने ममता बनर्जी द्वारा जांच में बाधा डालने और फाइलें ले जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट में अराजकता: कोर्ट परिसर में वकीलों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ और हंगामे के कारण जस्टिस सुवरा घोष की बेंच ने सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी है। प्रतिवादी: ED ने अपनी याचिका में ममता बनर्जी के अलावा डीजीपी और पुलिस कमिश्नर को भी पक्षकार बनाया है। 4. बीजेपी और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया रविशंकर प्रसाद (BJP): "आजाद भारत में ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक सीएम खुद जाकर रेड रुकवाए। यह दिखाता है कि ममता को राज खुलने का डर है।" मोहन यादव (CM, MP): उन्होंने ममता की हरकत को 'हल्की हरकत' करार दिया और कहा कि संवैधानिक शपथ का उल्लंघन हुआ है। अधीर रंजन चौधरी (Congress): उन्होंने टीएमसी पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी मजदूरों पर हमले पर चुप रहती है। 5. I-PAC: वह संस्था जिसके लिए 'आर-पार' की जंग छिड़ी I-PAC (Indian Political Action Committee) कोई साधारण कंपनी नहीं रह गई है। प्रतीक जैन इसके वर्तमान सर्वेसर्वा हैं। महत्व: ममता के लिए रणनीति बनाना, डेटा एनालिसिस और वोटर आउटरीच का पूरा जिम्मा इसी संस्था पर है। यही कारण है कि ममता बनर्जी ने इसे अपनी पार्टी का 'अंग' मानकर खुद रेड स्थल पर मोर्चा संभाला।

रवि चौहान जनवरी 9, 2026 0
Agnivesh Agarwal Death News: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का निधन; स्कीइंग एक्सीडेंट के बाद न्यूयॉर्क में कार्डियक अरेस्ट।

वेदांता साम्राज्य के उत्तराधिकारी अग्निवेश अग्रवाल का निधन: एक 'मॉडर्न लीडर' का दुखद अंत और अनिल अग्रवाल का 75% दान का संकल्प वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) के संस्थापक और दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में इलाज के दौरान आए कार्डियक अरेस्ट ने भारतीय उद्योग जगत के एक चमकते सितारे को हमेशा के लिए बुझा दिया। यहाँ अग्निवेश अग्रवाल के जीवन, उनके औद्योगिक योगदान और इस दुखद घटना का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. घटनाक्रम: स्कीइंग दुर्घटना से अस्पताल तक अग्निवेश अग्रवाल पिछले कुछ समय से अमेरिका में थे, जहाँ एक स्कीइंग ट्रिप के दौरान वे दुर्घटना का शिकार हो गए थे। इलाज और उम्मीद: गंभीर चोटों के बाद उन्हें न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार को उम्मीद थी कि वे रिकवर कर रहे हैं। अंतिम क्षण: 7 जनवरी 2026 को अचानक उन्हें कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया, जिसे डॉक्टर संभाल नहीं सके। रात 10 बजे अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर इस अपूरणीय क्षति की पुष्टि की। पिता का भावुक संदेश: अनिल अग्रवाल ने लिखा कि यह उनके जीवन का सबसे "अंधकारमय दिन" है। उन्होंने अपने बेटे को एक संगीतकार, खिलाड़ी और दयालु लीडर के रूप में याद किया। 2. अग्निवेश अग्रवाल का औद्योगिक सफर: 'माइनिंग के आधुनिक चाणक्य' अग्निवेश सिर्फ एक बड़े साम्राज्य के वारिस नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत से वेदांता ग्रुप को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया था। हिंदुस्तान जिंक का कायाकल्प: 2019 तक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन रहते हुए उन्होंने माइनिंग (खनन) की पुरानी तकनीकों को बदलकर उन्हें इंटरनेशनल बेंचमार्क के बराबर खड़ा किया। उन्होंने माइनिंग में डिजिटलीकरण और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा दिया। फुजैराह गोल्ड (UAE): संयुक्त अरब अमीरात में सोने और चांदी की विशाल रिफाइनरी खड़ी करने का पूरा श्रेय अग्निवेश को जाता है। आज यह रिफाइनरी वेदांता की वैश्विक ताकत का एक बड़ा हिस्सा है। विविध भूमिकाएँ: वे तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड सदस्य थे और स्टरलाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी कई प्रमुख कंपनियों में डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 📊 अग्निवेश अग्रवाल: एक संक्षिप्त परिचय विवरण जानकारी जन्म 3 जून 1976, पटना (बिहार) शिक्षा मेयो कॉलेज (अजमेर) प्रमुख पद पूर्व चेयरमैन, हिंदुस्तान जिंक; फाउंडर, फुजैराह गोल्ड पारिवारिक स्थिति पत्नी पूजा बांगर (श्री सीमेंट के एमडी की बेटी) रुचि स्कीइंग, संगीत, खिलाड़ी विरासत वेदांता ग्रुप के आधुनिक प्रबंधन के सूत्रधार 3. अनिल अग्रवाल का बड़ा संकल्प: 75% निजी संपत्ति दान बेटे के निधन के गम के बीच अनिल अग्रवाल ने अपनी उस प्रतिज्ञा को दोहराया जो उन्होंने अपने बेटे से की थी। परोपकार का मार्ग: उन्होंने घोषणा की कि वे अपनी निजी कमाई का 75% हिस्सा समाज सेवा और परोपकार के लिए दान करेंगे। सन्देश: यह कदम दर्शाता है कि अग्रवाल परिवार व्यापारिक सफलता से ऊपर मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्थान को प्राथमिकता देता है। 4. प्रधानमंत्री मोदी और उद्योग जगत की संवेदनाएं अग्निवेश के निधन की खबर मिलते ही देश भर में शोक की लहर दौड़ गई। PM मोदी का संदेश: प्रधानमंत्री ने गहरा दुख जताते हुए लिखा कि अग्निवेश का जाना झकझोर देने वाला है। उन्होंने अनिल अग्रवाल की भावुकता को महसूस करते हुए परिवार को इस कठिन समय में 'ओम शांति' और हिम्मत की दुआ दी। कॉर्पोरेट जगत: टाटा, रिलायंस और बिड़ला समूहों के कई दिग्गजों ने अग्निवेश को एक ऐसा युवा नेतृत्वकर्ता बताया जिसने हमेशा 'प्रोफेशनलिज्म' और 'दयालुता' के बीच संतुलन बनाए रखा।

रवि चौहान जनवरी 8, 2026 0
TMC आईटी सेल इन्चार्ज के घर-ऑफिस पर ED के छापे
ED vs Mamata Banerjee: छापेमारी के दौरान CM का दखल; I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर से फाइलें ले जाने का आरोप; हाईकोर्ट में कल सुनवाई।

⚖️ बंगाल में संवैधानिक टकराव: ED बनाम ममता बनर्जी; छापेमारी के बीच CM की एंट्री और 'हरी फाइल' का रहस्य 1. घटनाक्रम: सुबह की छापेमारी से दोपहर के ड्रामे तक गुरुवार की सुबह 6:00 बजे ED की टीम ने कोलकाता में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास और साल्ट लेक स्थित कार्यालय पर दस्तक दी। यह कार्रवाई कथित कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी थी। CM की एंट्री: सुबह 11:30 बजे के करीब स्थिति तब बदल गई जब कोलकाता पुलिस कमिश्नर लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के घर पहुँचे। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं। दस्तावेज 'जब्त' करने का आरोप: ED का दावा है कि मुख्यमंत्री वहां से कुछ महत्वपूर्ण भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने साथ ले गईं। जब वे बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल देखी गई, जिसने नए विवाद को जन्म दे दिया। ऑफिस पर धावा: इसके बाद ममता बनर्जी साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय भी गईं, जहाँ ED का आरोप है कि राज्य पुलिस की मदद से जाँच प्रक्रिया को बाधित किया गया। 2. ED का पक्ष: कोयला तस्करी और हवाला का लिंक ED ने स्पष्ट किया है कि यह छापेमारी किसी राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा नहीं है, बल्कि पुख्ता सबूतों पर आधारित है। केस हिस्ट्री: यह मामला 2020 में CBI द्वारा दर्ज अनुप माजी उर्फ लाला के कोयला तस्करी सिंडिकेट से जुड़ा है। आरोप है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स की खदानों से अवैध खुदाई कर करोड़ों रुपये का काला धन बनाया गया। I-PAC का कनेक्शन: ED का दावा है कि एक हवाला ऑपरेटर ने कोयला तस्करी का पैसा I-PAC (Indian Political Action Committee) को ट्रांसफर किया। एजेंसी के अनुसार, यह फर्म मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों में शामिल है। कानूनी कदम: ED ने इस 'हस्तक्षेप' के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। जस्टिस सुवरा घोष की बेंच शुक्रवार को इस पर सुनवाई करेगी। 📊 छापेमारी और विवाद: मुख्य बिंदु पक्ष मुख्य तर्क / आरोप ED (प्रवर्तन निदेशालय) मुख्यमंत्री ने जांच में बाधा डाली और सबूत (डिवाइस/फाइलें) जबरन अपने साथ ले गईं। ममता बनर्जी (CM) गृह मंत्री अमित शाह राजनीति से प्रेरित होकर मेरी पार्टी की चुनावी रणनीति और डेटा लूट रहे हैं। I-PAC / प्रतीक जैन ED पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की 'चोरी' का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी। भाजपा (BJP) मुख्यमंत्री का केंद्रीय एजेंसी के काम में दखल देना असंवैधानिक है; उन पर कानूनी कार्रवाई हो। 3. ममता बनर्जी का पलटवार: "प्रधानमंत्री जी, गृह मंत्री को कंट्रोल करें" मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। पार्टी डेटा की सुरक्षा: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ED का मकसद कोयला तस्करी नहीं, बल्कि टीएमसी की हार्ड डिस्क, उम्मीदवारों की सूची और चुनावी रणनीति को हथियाना है। अमित शाह पर निशाना: उन्होंने गृह मंत्री को 'शरारती' बताते हुए कहा कि जो देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहे, वे विपक्षी दलों के दफ्तरों में डाका डाल रहे हैं। लोकतांत्रिक चुनौती: उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि अगर वे बंगाल जीतना चाहते हैं, तो लोकतांत्रिक तरीके से लड़ें, एजेंसियों के पीछे छिपकर नहीं। 4. क्या है I-PAC? (नॉलेज पॉइंट) I-PAC यानी Indian Political Action Committee भारत की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक सलाहकार फर्मों में से एक है। स्थापना: 2013 में प्रशांत किशोर और प्रतीक जैन ने इसकी शुरुआत की थी (पहले नाम CAG था)। TMC से जुड़ाव: 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद से यह फर्म ममता बनर्जी की पार्टी के लिए डेटा एनालिसिस, कैंपेनिंग (जैसे 'दीदीर दूत') और सोशल मीडिया मैनेजमेंट का काम देख रही है। प्रतीक जैन: वर्तमान में I-PAC के सर्वेसर्वा हैं और टीएमसी के आईटी सेल के प्रमुख की भूमिका में भी देखे जाते हैं। ⚖️ बंगाल में संवैधानिक टकराव: ED बनाम ममता बनर्जी; छापेमारी के बीच CM की एंट्री और 'हरी फाइल' का रहस्य 1. घटनाक्रम: सुबह की छापेमारी से दोपहर के ड्रामे तक गुरुवार की सुबह 6:00 बजे ED की टीम ने कोलकाता में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास और साल्ट लेक स्थित कार्यालय पर दस्तक दी। यह कार्रवाई कथित कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी थी। CM की एंट्री: सुबह 11:30 बजे के करीब स्थिति तब बदल गई जब कोलकाता पुलिस कमिश्नर लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के घर पहुँचे। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं। दस्तावेज 'जब्त' करने का आरोप: ED का दावा है कि मुख्यमंत्री वहां से कुछ महत्वपूर्ण भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने साथ ले गईं। जब वे बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल देखी गई, जिसने नए विवाद को जन्म दे दिया। ऑफिस पर धावा: इसके बाद ममता बनर्जी साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय भी गईं, जहाँ ED का आरोप है कि राज्य पुलिस की मदद से जाँच प्रक्रिया को बाधित किया गया। 2. ED का पक्ष: कोयला तस्करी और हवाला का लिंक ED ने स्पष्ट किया है कि यह छापेमारी किसी राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा नहीं है, बल्कि पुख्ता सबूतों पर आधारित है। केस हिस्ट्री: यह मामला 2020 में CBI द्वारा दर्ज अनुप माजी उर्फ लाला के कोयला तस्करी सिंडिकेट से जुड़ा है। आरोप है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स की खदानों से अवैध खुदाई कर करोड़ों रुपये का काला धन बनाया गया। I-PAC का कनेक्शन: ED का दावा है कि एक हवाला ऑपरेटर ने कोयला तस्करी का पैसा I-PAC (Indian Political Action Committee) को ट्रांसफर किया। एजेंसी के अनुसार, यह फर्म मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों में शामिल है। कानूनी कदम: ED ने इस 'हस्तक्षेप' के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। जस्टिस सुवरा घोष की बेंच शुक्रवार को इस पर सुनवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। पार्टी डेटा की सुरक्षा: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ED का मकसद कोयला तस्करी नहीं, बल्कि टीएमसी की हार्ड डिस्क, उम्मीदवारों की सूची और चुनावी रणनीति को हथियाना है। अमित शाह पर निशाना: उन्होंने गृह मंत्री को 'शरारती' बताते हुए कहा कि जो देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहे, वे विपक्षी दलों के दफ्तरों में डाका डाल रहे हैं। लोकतांत्रिक चुनौती: उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि अगर वे बंगाल जीतना चाहते हैं, तो लोकतांत्रिक तरीके से लड़ें, एजेंसियों के पीछे छिपकर नहीं। 4. क्या है I-PAC? (नॉलेज पॉइंट) I-PAC यानी Indian Political Action Committee भारत की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक सलाहकार फर्मों में से एक है। स्थापना: 2013 में प्रशांत किशोर और प्रतीक जैन ने इसकी शुरुआत की थी (पहले नाम CAG था)। TMC से जुड़ाव: 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद से यह फर्म ममता बनर्जी की पार्टी के लिए डेटा एनालिसिस, कैंपेनिंग (जैसे 'दीदीर दूत') और सोशल मीडिया मैनेजमेंट का काम देख रही है। प्रतीक जैन: वर्तमान में I-PAC के सर्वेसर्वा हैं और टीएमसी के आईटी सेल के प्रमुख की भूमिका में भी देखे जाते हैं। 📊 छापेमारी और विवाद: मुख्य बिंदु पक्ष मुख्य तर्क / आरोप ED (प्रवर्तन निदेशालय) मुख्यमंत्री ने जांच में बाधा डाली और सबूत (डिवाइस/फाइलें) जबरन अपने साथ ले गईं। ममता बनर्जी (CM) गृह मंत्री अमित शाह राजनीति से प्रेरित होकर मेरी पार्टी की चुनावी रणनीति और डेटा लूट रहे हैं। I-PAC / प्रतीक जैन ED पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की 'चोरी' का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी। भाजपा (BJP) मुख्यमंत्री का केंद्रीय एजेंसी के काम में दखल देना असंवैधानिक है; उन पर कानूनी कार्रवाई हो। 3. ममता बनर्जी का पलटवार: "प्रधानमंत्री जी, गृह मंत्री को कंट्रोल करें" ममता बनर्जी का पलटवार: "प्रधानमंत्री जी, गृह मंत्री को कंट्रोल करें" मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। पार्टी डेटा की सुरक्षा: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ED का मकसद कोयला तस्करी नहीं, बल्कि टीएमसी की हार्ड डिस्क, उम्मीदवारों की सूची और चुनावी रणनीति को हथियाना है। अमित शाह पर निशाना: उन्होंने गृह मंत्री को 'शरारती' बताते हुए कहा कि जो देश की सुरक्षा नहीं कर पा रहे, वे विपक्षी दलों के दफ्तरों में डाका डाल रहे हैं। लोकतांत्रिक चुनौती: उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि अगर वे बंगाल जीतना चाहते हैं, तो लोकतांत्रिक तरीके से लड़ें, एजेंसियों के पीछे छिपकर नहीं। 4. क्या है I-PAC? (नॉलेज पॉइंट) I-PAC यानी Indian Political Action Committee भारत की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक सलाहकार फर्मों में से एक है। स्थापना: 2013 में प्रशांत किशोर और प्रतीक जैन ने इसकी शुरुआत की थी (पहले नाम CAG था)। TMC से जुड़ाव: 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद से यह फर्म ममता बनर्जी की पार्टी के लिए डेटा एनालिसिस, कैंपेनिंग (जैसे 'दीदीर दूत') और सोशल मीडिया मैनेजमेंट का काम देख रही है। प्रतीक जैन: वर्तमान में I-PAC के सर्वेसर्वा हैं और टीएमसी के आईटी सेल के प्रमुख की भूमिका में भी देखे जाते हैं।

रवि चौहान जनवरी 8, 2026 0
सुप्रीम कोर्ट बोला-कुत्ते इंसानी डर पहचानते हैं, इसलिए काटते हैं:
Supreme Court Stray Dog Hearing 2026: "Dogs can sense fear"; जस्टिस नाथ के व्यक्तिगत अनुभव और चूहों की आबादी वाला विवाद।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों पर 'महा-सुनवाई': "कुत्ते डर भांप लेते हैं"; जजों के पर्सनल अनुभव और चूहों की आबादी वाला अजीब तर्क 1. जस्टिस नाथ का व्यक्तिगत अनुभव: "अपना सिर मत हिलाइए" सुनवाई के दौरान एक बड़ा पल तब आया जब जस्टिस नाथ ने कुत्तों के व्यवहार (Animal Behavior) पर टिप्पणी की। जज का तर्क: जस्टिस नाथ ने कहा कि "कुत्ते इंसानों के डर को पहचान लेते हैं। जब उन्हें लगता है कि सामने वाला डर रहा है, तो वे अक्सर हमला कर देते हैं।" टकराव: जब कुत्तों के समर्थकों (Animal Lovers) की तरफ से पेश वकील ने इस बात पर असहमति जताते हुए अपना सिर हिलाया, तो जस्टिस नाथ ने कड़े शब्दों में कहा, "अपना सिर मत हिलाइए, मैं यह बात अपने व्यक्तिगत अनुभव से कह रहा हूँ।" 2. इंफ्रास्ट्रक्चर का संकट: देश में सिर्फ 5 सरकारी शेल्टर! याचिकाकर्ता के वकील ने देश में कुत्तों के प्रबंधन को लेकर एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया: शेल्टर होम की कमी: पूरे भारत में सिर्फ 5 सरकारी शेल्टर होम बताए गए, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता मात्र 100 कुत्तों की है। लापरवाही: राज्यों ने जो डेटा दिया है, उसमें यह स्पष्ट नहीं है कि नगर पालिकाएं कितने शेल्टर चला रही हैं। वकील ने तर्क दिया कि जब तक पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं होगा, कुत्तों को सड़कों से हटाकर रखा कहाँ जाएगा? 📊 सुनवाई की 6 सबसे बड़ी बातें और कानूनी दलीलें मुख्य बिंदु दलील और कोर्ट का रुख मालिक कौन? पालतू कुत्ते का मालिक होता है, लेकिन आवारा कुत्ते का कोई नहीं। क्या यह राज्य की जिम्मेदारी नहीं है? सुरक्षित रास्ता ABC (Animal Birth Control) नियम ऐसे होने चाहिए कि नागरिक के घर तक का रास्ता सुरक्षित रहे। रिहायशी इलाके आदेश सिर्फ स्कूलों या अस्पतालों तक सीमित न हो, बल्कि रिहायशी कॉलोनियों पर भी लागू हो। डॉग लवर्स पर शर्त NGO को याचिका लगाने के लिए फीस देनी होती है। कोर्ट ने कहा- "शर्त न होती तो यहाँ पंडाल लगाना पड़ता।" अधूरे आंकड़े कुत्तों की आखिरी गणना 2009 में हुई थी। बिना सही संख्या जाने प्रबंधन नामुमकिन है। इकोलॉजिकल बैलेंस क्या कुत्तों को हटाने से चूहों और बंदरों का आतंक बढ़ जाएगा? 3. 'कुत्ते बनाम चूहे' का विवाद: "तो क्या बिल्लियां ले आएं?" एनिमल वेलफेयर की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह ने एक ऐसा तर्क दिया जिस पर कोर्ट ने चुटकी ली। तर्क: वकील ने कहा कि "अगर कुत्तों को सड़कों से हटा दिया गया, तो चूहों की आबादी अनियंत्रित रूप से बढ़ जाएगी, जो बीमारियां फैलाएंगे। कुत्ते पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) बनाए रखते हैं।" कोर्ट का कटाक्ष: इस पर जस्टिस मेहता ने मजाकिया लहजे में कहा, "यह कैसा संबंध है? तो क्या हमें और बिल्लियां ले आनी चाहिए?" कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हर कुत्ते को हटाने का आदेश नहीं दिया, बल्कि केवल नियमों के अनुसार उनके प्रबंधन की बात की है। 4. पिछले 7 महीनों का लेखा-जोखा इस संवेदनशील मुद्दे पर पिछले 7 महीनों में 6 बार सुनवाई हो चुकी है। नवंबर 2025 का आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड्स जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाया जाए और उन्हें शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए। अधिकारों का संतुलन: कोर्ट अब एक ऐसे फॉर्मूले पर काम कर रहा है जहां पशु अधिकार (Animal Rights) और नागरिकों की सुरक्षा (Right to Safe Environment) के बीच संतुलन बनाया जा सके।

रवि चौहान जनवरी 8, 2026 0
दिल्ली में आधी रात पुलिस-MCD टीम पर पथराव
Delhi Ramlila Maidan Violence 2026: फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पथराव; 5 पुलिसकर्मी घायल; जानें क्या है अतिक्रमण विवाद का सच?

दिल्ली हिंसा विश्लेषण: रामलीला मैदान में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर पथराव; मस्जिद की अफवाह से भड़की भीड़, 5 पुलिसकर्मी घायल 1. घटनाक्रम: शांतिपूर्ण अभियान से हिंसक झड़प तक मंगलवार की शाम दिल्ली नगर निगम (MCD) के 17 बुलडोजर तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान इलाके में पहुंचे। लक्ष्य था—हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध ढांचों को हटाना। हिंसा का ट्रिगर: जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, सोशल मीडिया (विशेषकर फेसबुक और व्हाट्सएप) पर खालिद मलिक नामक व्यक्ति द्वारा एक भ्रामक पोस्ट डाली गई। इसमें दावा किया गया कि 'मस्जिद को गिराया जा रहा है'। भीड़ का हमला: इस वीडियो के वायरल होते ही चंद मिनटों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। भीड़ ने पुलिस और एमसीडी कर्मियों को निशाना बनाकर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस की कार्रवाई: अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस संघर्ष में 5 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 2. प्रशासनिक स्पष्टीकरण: क्या तोड़ा गया और क्या नहीं? एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर विवेक कुमार ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद को खरोंच तक नहीं आई है। क्या तोड़ा गया: कोर्ट के आदेशानुसार एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर, एक बैंक्वेट हॉल (बारात घर) और कुछ अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया। कानूनी आधार: यह कार्रवाई 12 नवंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा दिए गए उस निर्देश का हिस्सा थी, जिसमें 38,940 वर्ग फुट सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने को कहा गया था। 📊 विवादित जमीन और कानूनी स्थिति: एक नजर में पक्ष दलील / स्थिति MCD 0.195 एकड़ जमीन पर कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। यह पूरी तरह अतिक्रमण है। मस्जिद समिति यह जमीन वक्फ संपत्ति है और वे इसका लीज किराया देते हैं। हाईकोर्ट (6 जन) मामले को सुनवाई योग्य माना और सभी पक्षों को नोटिस जारी कर 22 अप्रैल तक जवाब मांगा। मुख्य विवाद बारात घर और दुकानों पर आपत्ति नहीं, लेकिन कब्रिस्तान की जमीन को लेकर चिंता है। 3. गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज और खालिद मलिक के सोशल मीडिया हैंडल की जांच के आधार पर कार्रवाई की है: गिरफ्तार उपद्रवी: मोहम्मद आरिब, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद काशिफ और मोहम्मद हामिद। नाबालिग की संलिप्तता: एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है, जो पत्थरबाजी में शामिल था। खालिद मलिक: पुलिस भड़काऊ पोस्ट डालने वाले मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है, जिसने 'मस्जिद' का नाम लेकर भीड़ को उकसाया। 4. हाईकोर्ट का रुख: अगली सुनवाई 22 अप्रैल दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन हिंसा हुई (6 जनवरी), उसी दिन दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अमित बंसल ने इस मामले में नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार, शहरी विकास मंत्रालय, डीडीए और वक्फ बोर्ड से इस जमीन की मिल्कियत पर स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 22 अप्रैल 2026 तय की है, लेकिन तब तक अतिक्रमण हटाने पर कोई औपचारिक स्टे (STAY) नहीं दिया गया था।

रवि चौहान जनवरी 7, 2026 0
17 मौतें और सिस्टम बेखबर…दूषित पानी पर हाईकोर्ट की फटकार
Indore Bhagirathpura Water Crisis Update: हाईकोर्ट की इंदौर नगर निगम को फटकार; 17 की मौत; जीतू पटवारी का विरोध प्रदर्शन; अगली सुनवाई 15 जनवरी।

इंदौर जल संकट: "स्वच्छ शहर की छवि को गहरा घाव"; हाईकोर्ट ने कहा- दोषियों पर तय होगी क्रिमिनल लायबिलिटी, पीड़ितों को मिलेगा और मुआवजा 1. हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: "इंदौर अब चर्चा का गलत विषय" जस्टिस की खंडपीठ ने मंगलवार को 5 जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। कोर्ट के तेवर बेहद सख्त थे: छवि का नुकसान: कोर्ट ने कहा कि जो इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर (Cleanest City) होने का गौरव रखता है, वह आज दूषित पानी से मौतों के कारण पूरे भारत में शर्मिंदा हो रहा है। मौलिक अधिकार: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छ पेयजल जनता का मौलिक अधिकार है। इससे समझौता 'अपराध' की श्रेणी में आता है। क्रिमिनल लायबिलिटी: हाईकोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही सिद्ध हुई तो नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों पर न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि सिविल और क्रिमिनल केस भी दर्ज किए जाएंगे। मुआवजे पर पुनर्विचार: सरकार द्वारा घोषित मुआवजे को कोर्ट ने कम माना है और इसके बढ़ाने के संकेत दिए हैं। 2. प्रशासन की लापरवाही के 3 बड़े खुलासे सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कोर्ट के सामने चौंकाने वाले तथ्य रखे: पुराने आदेश की अवमानना: 31 दिसंबर 2025 को भी कोर्ट ने निर्देश दिए थे, लेकिन उन पर अमल नहीं हुआ। फंड की कमी का बहाना: 2022 में महापौर ने नई पाइपलाइन का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन बजट न मिलने के कारण काम लटका रहा। प्रदूषण बोर्ड की पुरानी रिपोर्ट: 2017-18 में इंदौर के 60 में से 59 पानी के सैंपल फेल हुए थे, फिर भी प्रशासन सोता रहा। 📊 भागीरथपुरा स्वास्थ्य बुलेटिन: वर्तमान स्थिति विवरण आंकड़े / स्थिति कुल मौतें 17 (अब तक) नए मामले (मंगलवार) 38 नए मरीज कुल अस्पताल में भर्ती 110 मरीज डिस्चार्ज हुए मरीज 311 लोग गंभीर मरीज (ICU) 15 मरीज 3. सियासी रण: भागीरथपुरा बना 'छावनी', पटवारी-सिंघार की पुलिस से भिड़ंत दोपहर करीब एक बजे भागीरथपुरा में भारी हंगामा हुआ। बैरिकेडिंग और वज्र वाहन: पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया था ताकि कांग्रेस नेताओं को रोका जा सके। जीतू पटवारी और उमंग सिंघार का दौरा: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने भारी विरोध के बीच बैरिकेड्स लांघकर पीड़ितों के घर का रुख किया। उनकी पुलिस अधिकारियों से काफी बहस भी हुई। इस्तीफे की मांग: जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। आर्थिक सहायता: पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने भी अपनी ही सरकार से मृतकों के लिए 5 लाख रुपए मुआवजे की मांग कर डाली है। 4. हाईकोर्ट का '7 सूत्रीय' एक्शन प्लान कोर्ट ने इस पूरे मामले को सुलझाने और जवाबदेही तय करने के लिए 7 श्रेणियां बनाई हैं: आपात निर्देश: प्रभावितों को तुरंत इलाज और टैंकर से पानी। सुधारात्मक उपाय: पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत। जिम्मेदारी: किसकी गलती से गंदा पानी नर्मदा लाइन में मिला? अनुशासनात्मक कार्रवाई: लापरवाह अधिकारियों को निलंबित करना। मुआवजा: उचित आर्थिक सहायता तय करना। स्थानीय निकाय निर्देश: नगर निगम के लिए नए प्रोटोकॉल। पारदर्शिता: जनता को पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट रोज बताना।

रवि चौहान जनवरी 6, 2026 0
इंदौर में जहरीला पानी...अब तक 17 की मौत
इंदौर भागीरथपुरा जल संकट: अब तक 17 की मौत; AIIMS और ICMR की टीमें जांच में जुटीं।

इंदौर भागीरथपुरा जल संकट: अब तक 17 की मौत; AIIMS और ICMR की टीमें जांच में जुटीं, हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट 1. ताजा अपडेट: 17वीं मौत और किडनी फेल्योर का मामला धार के रहने वाले रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा (69) की रविवार को मौत हो गई। वे अपने बेटे से मिलने इंदौर आए थे। कारण: डॉक्टरों के अनुसार, दूषित पानी पीने के कारण उन्हें गंभीर डायरिया हुआ, जिससे उनकी किडनी खराब हो गई। वेंटिलेटर पर रहने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल की स्थिति: वर्तमान में 142 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू में अभी भी 7 मरीज जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। 2. प्रशासन की कार्रवाई और डिजिटल सर्वे कलेक्टर शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में समीक्षा बैठक की। डिजिटल सर्वे: सोमवार से घर-घर डिजिटल सर्वे शुरू किया गया है। ऐप के जरिए डेटा लिया जा रहा है कि किस घर में कौन सा पानी (नर्मदा, बोरिंग या टैंकर) इस्तेमाल हो रहा है और परिवार में कितने लोग बीमार हैं। वैज्ञानिक जांच: कोलकाता के वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष और डॉ. गौतम चौधरी वैज्ञानिक तरीके से पानी के रैंडम सैंपल ले रहे हैं ताकि संक्रमण के सटीक स्रोत का पता लगाया जा सके। मरम्मत: नर्मदा पाइपलाइन और बोरिंग लीकेज को सुधारने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। वर्तमान में पेयजल की आपूर्ति टैंकरों द्वारा की जा रही है। 📊 चिकित्सा शब्दावली का अंतर: आउटब्रेक, एपिडेमिक और पैंडेमिक आम जनता के बीच भ्रम को दूर करने के लिए विशेषज्ञों ने इन तीन स्थितियों के बीच का अंतर स्पष्ट किया है: स्थिति क्षेत्र का दायरा उदाहरण आउटब्रेक (Outbreak) बहुत छोटा और स्थानीय क्षेत्र (जैसे एक मोहल्ला)। भागीरथपुरा की वर्तमान स्थिति। एपिडेमिक (Epidemic) एक बड़ा क्षेत्र या पूरा शहर/राज्य। किसी राज्य में अचानक फैला डेंगू या मलेरिया। पैंडेमिक (Pandemic) कई देश, महाद्वीप या पूरी दुनिया। कोविड-19। 3. हाईकोर्ट में सुनवाई और सरकार का पक्ष इंदौर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा। विवाद: जहाँ एक ओर मीडिया रिपोर्ट्स में सरकार द्वारा 'महामारी' स्वीकारने की बात कही जा रही है, वहीं सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी का कहना है कि यह 'महामारी' नहीं बल्कि 'आउटब्रेक' है। इसी आधार पर स्वास्थ्यकर्मियों की रद्द की गई छुट्टियाँ फिर से बहाल कर दी गई हैं। 🛡️ बचाव के उपाय: दूषित पानी से कैसे बचें? जब तक पाइपलाइन पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाती, विशेषज्ञ निम्नलिखित सुझाव दे रहे हैं: पानी उबालें: पानी को कम से कम 20 मिनट तक उबालकर ही पिएं। क्लोरीन का उपयोग: पानी को शुद्ध करने के लिए सरकारी क्लोरीन की गोलियों का इस्तेमाल करें। बाहरी भोजन से बचें: कटे हुए फल और बाहर की बर्फ/जूस से परहेज करें। लक्षणों को पहचानें: उल्टी-दस्त होने पर तुरंत ओआरएस (ORS) लें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचें।

रवि चौहान जनवरी 5, 2026 0
सऊदी से ज्यादा तेल फिर भी दाने-दाने को मोहताज वेनेजुएला
Venezuela Crisis Inside Story: वेनेजुएला की बर्बादी और भारत पर असर; क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदला समीकरण।

वेनेजुएला की बर्बादी से भारत के फायदे तक: तेल का खेल और 'हाइपरइन्फ्लेशन' की खौफनाक दास्तान 1. स्वर्णिम युग: जब वेनेजुएला दुनिया का 'दुबई' था 1950 से 1970 के दशक तक वेनेजुएला की गिनती दुनिया के सबसे अमीर देशों में होती थी। चौथा सबसे अमीर देश: 1952 में वेनेजुएला की प्रति व्यक्ति आय कई यूरोपीय देशों से अधिक थी। OPEC की नींव: वेनेजुएला ने ही दुनिया को सिखाया कि तेल को हथियार कैसे बनाया जाए। 1960 में ओपेक (OPEC) के गठन में इसकी केंद्रीय भूमिका थी। विलासिता का दौर: कराकस के लोग वीकेंड शॉपिंग के लिए मियामी जाते थे और वेनेजुएला दुनिया में स्कॉच व्हिस्की का सबसे बड़ा आयातक था। 2. डच डिजीज और विनाश का ब्लूप्रिंट अर्थशास्त्र में 'डच डिजीज' (Dutch Disease) उस स्थिति को कहते हैं जब कोई देश केवल एक संसाधन (यहाँ तेल) पर इतना निर्भर हो जाए कि उसकी खेती और मैन्युफैक्चरिंग उद्योग खत्म हो जाएं। मुफ्तखोरी की राजनीति: 1999 के बाद ह्यूगो शावेज और बाद में मादुरो ने लोकलुभावन योजनाओं (Populist schemes) में तेल का सारा पैसा खर्च कर दिया। तकनीकी पतन: सरकारी कंपनी PDVSA से अनुभवी इंजीनियरों को निकालकर पार्टी कार्यकर्ताओं को भर दिया गया, जिससे तेल निकालने की क्षमता 35 लाख बैरल से गिरकर 8 लाख बैरल पर आ गई। 📊 वेनेजुएला का आर्थिक पतन: आंकड़ों की जुबानी वर्ष GDP (अरब डॉलर में) स्थिति 2012 $372.59 शिखर पर (Highest Level) 2020 $43.79 पतन की पराकाष्ठा 2026 $101 (अनुमानित) मामूली सुधार, लेकिन अस्थिर 3. 'हाइपरइन्फ्लेशन': जब नोटों की गड्डियों से खरीदा जाने लगा सामान वेनेजुएला की महंगाई का आलम ऐसा था कि वहां नोटों की गिनती नहीं, बल्कि तौल की जाती थी। महंगाई दर: 1,30,000% के पार। एक दर्जन अंडों की कीमत करोड़ों बोलिवर (स्थानीय मुद्रा) तक पहुँच गई। मानवीय संकट: लोग कुपोषण के शिकार हुए और 60 लाख से ज्यादा लोग देश छोड़कर पड़ोसी देशों में शरणार्थी बन गए। 4. भारत के लिए अवसर: सस्ता तेल और राहत की उम्मीद वेनेजुएला में हुए इस सत्ता परिवर्तन का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आपकी जेब पर पड़ सकता है। A. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट संभव भारत अपनी तेल जरूरतों का 85% आयात करता है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत वेनेजुएला से तेल नहीं ले पा रहा था। रूस जैसा डिस्काउंट: यदि अमेरिका समर्थित सरकार आती है और प्रतिबंध हटते हैं, तो भारत को वेनेजुएला से भारी छूट पर कच्चा तेल मिल सकता है। आपूर्ति में वृद्धि: ग्लोबल मार्केट में वेनेजुएला के तेल की वापसी से वैश्विक तेल कीमतें गिरेंगी, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता हो सकता है। B. रिलायंस और ONGC की चांदी रिलायंस इंडस्ट्रीज: जामनगर रिफ़ाइनरी दुनिया की उन चुनिंदा रिफ़ाइनरियों में से है जो वेनेजुएला के 'भारी' (Heavy) क्रूड को प्रोसेस कर सकती है। रिलायंस के लिए यह कच्चे माल का सबसे सस्ता स्रोत बनेगा। ONGC विदेश: वेनेजुएला के तेल कुओं में ONGC का करोड़ों डॉलर का निवेश फंसा हुआ है। नई सरकार आने से यह निवेश फिर से सक्रिय हो जाएगा और भारत को डिविडेंड मिलना शुरू होगा।

रवि चौहान जनवरी 4, 2026 0
IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर शाहरुख का विरोध
जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बयान: उन्होंने शाहरुख खान को 'चरित्रहीन' और 'गद्दार' बताते हुए कहा कि वह हीरो कहलाने के लायक नहीं हैं।

🚩 "शाहरुख खान हीरो नहीं, गद्दार हैं": बांग्लादेशी क्रिकेटर की IPL एंट्री पर भड़के रामभद्राचार्य और देवकीनंदन ठाकुर 1. जगद्गुरु रामभद्राचार्य का कड़ा प्रहार: "चरित्रहीनता का परिचय" पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान की आलोचना करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की है। चरित्र पर सवाल: उन्होंने कहा, "शाहरुख खान कोई हीरो नहीं हैं। उनका कोई चरित्र नहीं है। वे गद्दारों जैसा आचरण कर रहे हैं।" * विरोध का कारण: जगद्गुरु का तर्क है कि जिस समय पड़ोसी देश में हिंदुओं का खून बह रहा है, उस समय वहां के खिलाड़ी को करोड़ों में खरीदना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। 2. देवकीनंदन ठाकुर की भावुक अपील: "9.2 करोड़ पीड़ितों को दें" प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने शाहरुख खान को 'पत्थर दिल' करार दिया है। क्रूरता का आरोप: उन्होंने पूछा कि कोई इतना पत्थर दिल कैसे हो सकता है कि उन लोगों के देश से क्रिकेटर लाए जहां हमारी बहनों-बेटियों का सम्मान सुरक्षित नहीं है। प्रायश्चित का सुझाव: देवकीनंदन ठाकुर ने मांग की है कि KKR मुस्तफिजुर रहमान को टीम से तुरंत बाहर करे और उन्हें दी जाने वाली 9.2 करोड़ रुपए की राशि बांग्लादेश में पीड़ित हिंदू परिवारों को दान की जाए। 3. संगीत सोम का 'गद्दारी' वाला वार भाजपा नेता संगीत सोम ने इस विवाद को राष्ट्रवाद से जोड़ दिया है। पाकिस्तान और बांग्लादेश का कनेक्शन: सोम ने आरोप लगाया कि शाहरुख खान जैसे लोग कभी पाकिस्तान का तो कभी बांग्लादेश का समर्थन करते हैं। चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट कहा, "जब पाकिस्तान के खिलाड़ी भारत में नहीं खेल सकते, तो बांग्लादेशी कैसे खेलेंगे? हम उन्हें खेलने नहीं देंगे।" 📊 मुस्तफिजुर रहमान: 9.2 करोड़ की 'विवादित' डील विवरण जानकारी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान (बाएं हाथ के तेज गेंदबाज) फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) कीमत 9.20 करोड़ रुपए (मिनी ऑक्शन, अबुधाबी) विवाद का कारण बांग्लादेश में 12 दिन में 3 हिंदुओं की हत्या और व्यापक हिंसा

रवि चौहान जनवरी 2, 2026 0
इंदौर निगम एडिशनल कमिश्नर, इंजीनियर को हटाया
Indore Poisonous Water Case: राहुल गांधी का सरकार पर हमला; निगम कमिश्नर को नोटिस, एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया हटाए गए।

💧 इंदौर जल त्रासदी: प्रशासनिक गाज, राहुल-खरगे का प्रहार और उमा भारती की 'परीक्षा' 1. प्रशासनिक हड़कंप: कमिश्नर को नोटिस, एडिशनल कमिश्नर बर्खास्त इंदौर नगर निगम की घोर लापरवाही के कारण हुई मौतों पर अब मुख्यमंत्री सचिवालय सख्त नजर आ रहा है। कारण बताओ नोटिस: निगम कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को गंभीर लापरवाही के लिए 'शो-कॉज' नोटिस जारी किया गया है। बड़ी कार्रवाई: एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया को तत्काल प्रभाव से इंदौर से हटा दिया गया है। साथ ही, जल वितरण विभाग के प्रभारी सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से उनका प्रभार छीन लिया गया है। NHRC का हस्तक्षेप: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को अल्टीमेटम देते हुए 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। 2. मौतों के आंकड़ों पर 'सफेद झूठ' का आरोप मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में जो स्टेटस रिपोर्ट पेश की है, उसने विवाद को और हवा दे दी है। सरकार का दावा: रिपोर्ट में केवल 4 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। जमीनी हकीकत: स्थानीय निवासियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार अब तक 15 लोगों (5 महीने के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक) की जान जा चुकी है। हाईकोर्ट की सुनवाई: अगली सुनवाई 6 जनवरी को होनी है। इस बीच, मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की मांग वाली अर्जी पर कोर्ट ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। 3. राहुल गांधी का हमला: "मध्य प्रदेश कुप्रशासन का एपिसेंटर" नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को 'अधिकारों की हत्या' करार दिया है। राहुल के तीखे सवाल: उन्होंने पूछा कि जब लोग बार-बार गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, तो सप्लाई बंद क्यों नहीं की गई? सीवर का पानी पीने के पाइप में कैसे मिला? अहंकार बनाम संवेदना: राहुल ने कहा कि भाजपा के नेता सांत्वना देने के बजाय अहंकारी बयान दे रहे हैं। उन्होंने इसे 'डबल इंजन' सरकार की विफलता बताया। 4. मल्लिकार्जुन खरगे और उमा भारती के कड़े रुख खरगे का प्रहार: कांग्रेस अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी जी 'स्वच्छ भारत' का ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन इंदौर की मौतों पर मौन हैं। उन्होंने इसे "लंबे-चौड़े भाषणों और झूठ-प्रपंच" की सरकार बताया। उमा भारती की चेतावनी: पूर्व सीएम उमा भारती ने अपनी ही सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि ₹2 लाख का चेक किसी की जिंदगी की कीमत नहीं हो सकता। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए "परीक्षा की घड़ी" बताया और दोषियों को अधिकतम दंड देने की मांग की।

रवि चौहान जनवरी 2, 2026 0
कर्नाटक सरकार के सर्वे में दावा-91% ने माना चुनाव निष्पक्ष
EVM पर विश्वास: राज्य के 83.61% उत्तरदाताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को पूरी तरह भरोसेमंद बताया है।

🗳️ कर्नाटक का 'जनादेश': 91% नागरिकों को EVM और चुनावी निष्पक्षता पर अटूट भरोसा; सरकारी रिपोर्ट ने पलटी सियासत 1. सर्वे की पृष्ठभूमि: कांग्रेस सरकार की एजेंसी का बड़ा खुलासा कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी (KMEA) ने अगस्त 2025 में एक विस्तृत अध्ययन पूरा किया, जिसकी रिपोर्ट हाल ही में सार्वजनिक हुई है। इस स्टडी का शीर्षक है— 'लोकसभा चुनाव 2024: नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार (KAP) का एंडलाइन सर्वे'। यह सर्वे चुनाव आयोग के SVEEP (सिस्टेमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) कार्यक्रम के प्रभाव को मापने के लिए किया गया था। चूँकि कर्नाटक में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार है, इसलिए इस रिपोर्ट के निष्कर्षों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, क्योंकि यह राहुल गांधी के उन आरोपों को कमजोर करता है जिसमें वे अक्सर ईवीएम पर संदेह जताते हैं। 2. डेटा का गहराई से विश्लेषण: कहाँ कितना भरोसा? सर्वे ने कर्नाटक के 34 चुनावी जिलों के 102 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया। इसमें 5,100 मतदाताओं की राय ली गई, जिसमें पुरुष और महिलाओं की भागीदारी लगभग बराबर (50-50%) थी। A. चुनाव की निष्पक्षता पर राय: राज्य के 91.31% लोगों का स्पष्ट मानना है कि भारत में चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं। कलबुर्गी डिवीजन: यहाँ सबसे अधिक भरोसा देखा गया। 84.67% सहमत और 10.19% पूरी तरह सहमत थे। राहुल गांधी ने इसी क्षेत्र में 'वोट चोरी' का आरोप लगाया था, लेकिन यहाँ की जनता का भरोसा सबसे मजबूत निकला। बेंगलुरु डिवीजन: यहाँ अन्य क्षेत्रों की तुलना में थोड़ा संदेह दिखा। 9.67% लोगों ने असहमति जताई और 3.56% ने पूरी असहमति। B. EVM की सटीकता: ईवीएम पर भरोसे को लेकर आंकड़े चौंकाने वाले हैं: 83.61% उत्तरदाताओं ने माना कि EVM सटीक नतीजे देती है (इसमें 69.39% सहमत और 14.22% पूरी तरह सहमत हैं)। न्यूट्रल राय: करीब 6.76% लोग ऐसे थे जिन्होंने न तो सहमति जताई और न ही असहमति। क्षेत्रीय अंतर: कलबुर्गी में EVM पर भरोसा 94.48% (सहमति + पूर्ण सहमति) के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि बेंगलुरु में पूर्ण सहमति का स्तर सबसे कम (9.28%) था। 3. चुनावी भ्रष्टाचार और प्रलोभन: एक कड़वी हकीकत भले ही लोग EVM पर भरोसा करते हों, लेकिन रिपोर्ट ने चुनावों में धनबल के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर चिंता जताई है: पैसे का प्रभाव: 49.55% लोगों का मानना है कि चुनावों में पैसे का गलत इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। प्रलोभन का अनुभव: 16.33% मतदाताओं (करीब 833 लोगों) ने स्वीकार किया कि उन्हें वोट के बदले लालच देने की कोशिश की गई। लालच के प्रकार: सरकारी योजनाओं का लाभ: 42.26% मामलों में वोट के बदले सरकारी लाभ का वादा किया गया। नौकरी का वादा: 34.09% मामलों में रोजगार दिलाने का प्रलोभन दिया गया। 4. सामाजिक दृष्टिकोण: मतदान में महिलाओं की स्वायत्तता रिपोर्ट में महिलाओं की मतदान प्रक्रिया में भागीदारी पर भी सवाल किए गए: पुरुषों की सलाह: 37.71% लोगों का मानना है कि महिलाओं को वोट देने से पहले परिवार के पुरुषों या बुजुर्गों से सलाह लेनी चाहिए। विरोध: हालांकि, इसके विरोध में बड़ा वर्ग खड़ा दिखा। 51.64% (37.86% असहमत और 13.78% पूरी तरह असहमत) लोगों का मानना है कि महिलाओं को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना चाहिए। 5. राजनीतिक प्रतिक्रिया: भाजपा का राहुल गांधी पर वार जैसे ही यह रिपोर्ट सार्वजनिक हुई, भाजपा ने इसे राहुल गांधी के खिलाफ एक कूटनीतिक हथियार बना लिया। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने इसे "कांग्रेस के मुंह पर करारा तमाचा" करार दिया। भाजपा का तर्क है कि जब कांग्रेस की अपनी सरकार की एजेंसी कह रही है कि 91% लोग चुनाव प्रक्रिया और EVM पर भरोसा करते हैं, तो राहुल गांधी विदेशी धरती या रैलियों में लोकतंत्र पर सवाल उठाकर देश का अपमान कर रहे हैं।

रवि चौहान जनवरी 2, 2026 0
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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रवि चौहान जनवरी 21, 2026 0