देश

स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव; गौरव गोगोई ने लगाए पक्षपात के आरोप, किरेन रिजिजू ने किया पलटवार।

लोकसभा में ऐतिहासिक टकराव: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश; विपक्ष का 'पक्षपात' का आरोप बनाम सरकार का 'भागने' का पलटवार नई दिल्ली | 10 मार्च 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में आज एक दुर्लभ और गहमागहमी भरा दिन रहा। लोकसभा में विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) पेश किया। सदन में 50 से अधिक सांसदों के समर्थन के बाद पीठासीन अधिकारी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिस पर अब 10 घंटे की मैराथन चर्चा होगी। विपक्ष ने स्पीकर पर सदन की कार्यवाही के दौरान सत्तापक्ष का साथ देने और विपक्षी आवाजों को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष के व्यवहार पर ही सवाल खड़े किए हैं। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और सदन में हुई तीखी बहस की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. अविश्वास प्रस्ताव: गौरव गोगोई के 3 बड़े प्रहार प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने स्पीकर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीन प्रमुख बिंदु रखे: भेदभाव का आरोप: गोगोई ने कहा, "बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 20 बार टोका गया। जब उन्होंने एक लेख का हवाला दिया तो उन्हें रोक दिया गया, जबकि सत्तापक्ष के सांसद सदन में प्रतिबंधित किताबें दिखा रहे थे और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।" माइक बंद करने की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि 9 फरवरी को शशि थरूर का माइक बंद कर दिया गया। जब माइक ही ऑफ हो, तो कोई सदस्य अपनी बात कैसे रख सकता है? यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। महिला सांसदों का अपमान: गोगोई ने ओम बिरला के उस पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि महिला सांसदों ने पीएम की चेयर घेर ली थी और उनके साथ "कुछ भी हो सकता था।" गोगोई ने इसे बेहद शर्मनाक और महिला सांसदों की गरिमा के खिलाफ बताया। 2. किरेन रिजिजू का पलटवार: "राहुल गांधी सदन से भाग जाते हैं" संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का बचाव करते हुए विपक्ष और राहुल गांधी पर तीखे व्यक्तिगत हमले किए: उपस्थिति पर सवाल: रिजिजू ने कहा कि जब सदन का महत्वपूर्ण सत्र चल रहा होता है, तब नेता प्रतिपक्ष विदेश चले जाते हैं। वे अपनी बात कहकर सदन से भाग जाते हैं और दूसरों को नहीं सुनते। मर्यादा का उल्लंघन: उन्होंने राहुल गांधी के पुराने व्यवहार (पीएम को गले लगाना और आंख मारना) का जिक्र करते हुए कहा कि जब नेता ऐसा होगा, तो बाकी सांसदों से क्या उम्मीद की जाए? उन्होंने के.सी. वेणुगोपाल द्वारा चेयर को 'यार' कहने पर भी आपत्ति जताई। प्रियंका गांधी का जिक्र: रिजिजू ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर प्रियंका गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाता, तो शायद सदन में कुछ अच्छा व्यवहार देखने को मिलता। 3. प्रियंका गांधी का तीखा जवाब: "सच्चाई पचती नहीं है" सदन में पहली बार आक्रामक अंदाज में दिख रही प्रियंका गांधी ने अपने भाई और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बचाव किया: निडर नेतृत्व: प्रियंका ने कहा, "इस देश में एक ही व्यक्ति है जो पिछले 12 सालों में इनके (बीजेपी) सामने झुका नहीं है। वह नेता प्रतिपक्ष है।" सच का सामना: उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन में खड़ होकर सत्तापक्ष के सामने जो सच बोलते हैं, वह इनसे पचता नहीं है, इसलिए वे उन पर निजी हमले करते हैं। 📊 सदन का समीकरण: अविश्वास प्रस्ताव मुख्य बिंदु विवरण प्रस्तावक विपक्ष (गौरव गोगोई द्वारा शुरुआत) समर्थन 50 से अधिक सांसद (अनिवार्य संख्या) मुख्य आरोप पक्षपात, माइक बंद करना, विपक्ष को बोलने न देना। चर्चा का समय 10 घंटे आवंटित सरकार का तर्क विपक्ष चर्चा से भागता है और स्पीकर का अपमान करता है। Export to Sheets 4. बहस के मुख्य मुद्दे: माइक, रूलिंग बुक और गरिमा सदन में बहस के दौरान कई ऐसे मुद्दे उठे जो पिछले कुछ समय से विवाद का केंद्र रहे हैं: माइक ऑफ विवाद: विपक्ष का दावा है कि जब भी संवेदनशील मुद्दे (जैसे अडानी या बेरोजगारी) उठाए जाते हैं, तो रणनीतिक रूप से माइक बंद कर दिया जाता है। पक्षपात: विपक्ष का कहना है कि स्पीकर सत्तापक्ष के मंत्रियों को बिना रोक-टोक बोलने देते हैं, लेकिन विपक्ष के सदस्यों को हर वाक्य पर 'रूल बुक' (नियमों की किताब) दिखाई जाती है। संसदीय भाषा: सत्तापक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चेयर के प्रति सम्मान नहीं रखते और असंसदीय भाषा का उपयोग करते हैं।

रवि चौहान मार्च 10, 2026 0
दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस
Delhi Excise Policy Case: केजरीवाल और सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस; CBI की अपील पर ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक।

शराब नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया की 'ईमानदारी' पर फिर कानूनी पेंच; दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 आरोपियों को जारी किया नोटिस, ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर लगाई रोक नई दिल्ली | 9 मार्च 2026 दिल्ली आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले में 'कट्टर ईमानदारी' और 'राजनीतिक साजिश' की जंग अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ CBI की अपील पर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण सुनवाई की। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले में सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट के उस आदेश और टिप्पणियों पर फिलहाल रोक लगा दी है, जो जांच एजेंसी और उसके अधिकारियों के खिलाफ थे। यहाँ इस अदालती कार्यवाही, राजनीतिक घमासान और CBI के दावों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख: 3 मुख्य निर्देश हाईकोर्ट ने CBI की 974 पेज की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निम्नलिखित आदेश दिए: नोटिस जारी: पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर CBI की याचिका पर पक्ष रखने को कहा गया है। ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक: ट्रायल कोर्ट ने CBI अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Action) के आदेश दिए थे, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। PMLA केस पर असर: हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग (ED) मामले में ट्रायल कोर्ट फिलहाल आगे की सुनवाई टाल दे, ताकि इस केस के नतीजे का उस पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। 2. CBI की दलील: "ट्रायल कोर्ट ने मिनी-ट्रायल जैसा व्यवहार किया" सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने CBI का पक्ष रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए: 974 पेज की चुनौती: CBI ने अपनी याचिका में कहा कि निचली अदालत ने चार्ज फ्रेमिंग (आरोप तय करने) के स्तर पर ही पूरे सबूतों की ऐसी जांच की, जैसे अंतिम फैसला सुनाया जा रहा हो। नियमों का उल्लंघन: जांच एजेंसी के मुताबिक, कानूनन इस स्तर पर केवल 'प्रथम दृष्टया' (Prima Facie) सबूत देखे जाते हैं, लेकिन कोर्ट ने गवाहों के बयानों की विस्तार से व्याख्या कर दी। अधिकारियों का बचाव: तुषार मेहता ने कहा कि जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देना गलत था, क्योंकि एजेंसी ने केवल तथ्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। 3. केजरीवाल का इमोशनल ब्रेकडाउन: "मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई" 27 फरवरी को बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने भावुक हो गए थे। उनके संबोधन की प्रमुख बातें: सत्य की जीत: केजरीवाल ने कहा, "आज ये साबित हो गया कि आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। मोदी और शाह ने मिलकर ये सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा था।" आंखों में आंसू: जब उन्होंने मनीष सिसोदिया के 2 साल और अपने 6 महीने के जेल प्रवास का जिक्र किया, तो वे रो पड़े। सिसोदिया ने उन्हें ढाढस बंधाया। पीएम को संदेश: उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि विपक्ष को झूठे केसों में फंसाने के बजाय महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर काम करके सत्ता में आएं। 📊 शराब नीति केस: अब तक का सफरनामा तारीख घटनाक्रम परिणाम फरवरी 2023 मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी शिक्षा मंत्री को जेल भेजा गया। मार्च 2024 अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी सिटिंग सीएम को घर से घसीटकर जेल ले जाया गया। 27 फरवरी 2026 राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला सभी 23 आरोपी डिस्चार्ज (बरी) किए गए। 27 फरवरी (शाम) CBI की अपील फैसले के 6 घंटे बाद हाईकोर्ट में याचिका। 9 मार्च 2026 हाईकोर्ट की सुनवाई आरोपियों को नोटिस; ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक। 4. CBI के संगीन आरोप: ₹100 करोड़ की 'साउथ ग्रुप' डील CBI की चार्जशीट और दावों के अनुसार, यह केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी: विजय नायर की भूमिका: केजरीवाल के करीबी विजय नायर ने शराब नीति में फायदा पहुँचाने के बदले के. कविता (BRS नेता) के 'साउथ ग्रुप' से ₹100 करोड़ वसूले। गोवा चुनाव कनेक्शन: एजेंसी का दावा है कि इस ₹100 करोड़ में से ₹44.5 करोड़ कैश गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किए गए। गोवा के दो पूर्व विधायकों ने भी पार्टी से कैश मिलने की बात स्वीकार की है। राजस्व का नुकसान: नियमों के उल्लंघन से निजी स्टेकहोल्डर्स को फायदा पहुँचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी। 5. राजनीतिक पलटवार: प्रियंका कक्कड़ और BJP का 'पोस्टर वॉर' अदालती कार्यवाही के साथ ही जुबानी जंग भी तेज है: AAP का पक्ष: प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा को इस मनगढ़ंत केस के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने ED/CBI के दुरुपयोग का आरोप लगाया। BJP का पोस्टर: भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर हमला किया— "AAP के पाप अभी धुले नहीं हैं"। भाजपा का तर्क है कि बरी होना अंतिम फैसला नहीं है और उच्च न्यायालय में सच सामने आएगा।

रवि चौहान मार्च 9, 2026 0
ईरान जंग पर विपक्ष का दोनों सदनों में हंगामा
Budget Session 2026: लोकसभा में ईरान-इजराइल जंग पर हंगामा; 67,000 भारतीयों की वापसी पर बोले एस. जयशंकर।

संसद में गूंजी 'महाजंग': अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध पर लोकसभा में भारी हंगामा; विदेश मंत्री बोले— "67,000 भारतीयों की वतन वापसी, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की पैनी नजर" नई दिल्ली | 9 मार्च 2026 संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध का साया भारतीय संसद पर साफ दिखाई दिया। विपक्ष ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के भारत पर पड़ने वाले सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की मांग को लेकर सदन में जमकर नारेबाजी की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में सरकार का पक्ष रखा और युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों को निकालने के लिए जारी 'महा-अभियान' का विवरण दिया। यहाँ संसद की कार्यवाही और विदेश मंत्री के संबोधन की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. सदन की कार्यवाही: नो कॉन्फिडेंस मोशन बनाम युद्ध पर चर्चा लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष की मांग: विपक्षी दल पश्चिम एशिया के हालातों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आ रही रुकावटों पर चर्चा की मांग कर रहे थे। सदन में "We Want Discussion" के नारे गूंजते रहे। सरकार का रुख: संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ लाए गए 'अविश्वास प्रस्ताव' (No Confidence Motion) पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष अन्य मुद्दों पर सदन को बाधित कर रहा है। सदन स्थगित: हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 2. विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संबोधन: 67,000 भारतीयों की सुरक्षित वापसी राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान डॉ. जयशंकर ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार की रणनीति साझा की। उन्होंने 6 मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला: 1. खाड़ी देशों का महत्व: वेस्ट एशिया में एक करोड़ से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं। इस क्षेत्र में स्थिरता भारत के राष्ट्रीय हित के लिए अनिवार्य है। 2. ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security): यह इलाका भारत के लिए तेल और गैस का सबसे बड़ा सप्लायर है। सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार की अस्थिरता भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। 3. भारतीयों की वापसी: 8 मार्च 2026 तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर सुरक्षित क्षेत्रों या भारत की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। 4. मर्चेंट नेवी का नुकसान: विदेश मंत्री ने दुख जताया कि इस युद्ध में हमने दो भारतीय नाविकों को खो दिया है, जबकि एक अब भी लापता है। मुंबई के शिपिंग डायरेक्टरेट ने सभी नाविकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। 5. ईरान में नेतृत्व संकट: जयशंकर ने स्वीकार किया कि ईरान के टॉप लीडरशिप लेवल पर कई लोगों के मारे जाने के कारण वर्तमान में वहां के नेतृत्व से संपर्क करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है। 6. भारत-ईरान सहयोग: उन्होंने बताया कि ईरानी विदेश मंत्री ने भारतीय पोर्ट (कोच्चि) पर ईरानी वॉरशिप 'लावन' को डॉक करने की अनुमति देने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया है। 📊 संसद और युद्ध: मुख्य आंकड़े श्रेणी विवरण डेटा / स्थिति भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में कुल संख्या 1 करोड़ (लगभग) वतन वापसी अब तक सुरक्षित निकले नागरिक 67,000 हताहत (भारतीय) मर्चेंट नेवी के कर्मचारी 2 मृत, 1 लापता ऊर्जा संकट कच्चे तेल की स्थिति सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा संसदीय स्थिति लोकसभा मंगलवार 11 बजे तक स्थगित 3. 'वॉरशिप लावन' और भारत की कूटनीतिक भूमिका ईरान और इजराइल के बीच जारी सीधी जंग के बीच भारत एक संतुलित भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है: कोच्चि पोर्ट डॉकिंग: ईरान के युद्धपोत 'लावन' को कोच्चि में जगह देना भारत के मानवीय और कूटनीतिक सहयोग का हिस्सा है। शांति की अपील: जयशंकर ने दोहराया कि भारत किसी भी पक्ष का समर्थन करने के बजाय 'शांति और बातचीत' (Dialogue and Diplomacy) के पक्ष में है। 4. विपक्ष का वॉकआउट और नारेबाजी जब विदेश मंत्री राज्यसभा में अपना बयान दे रहे थे, तब विपक्ष ने असंतोष जताते हुए सदन से वॉकआउट किया। लोकसभा में भी जब उन्होंने बोलना शुरू किया, तो विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर हंगामा किया। विपक्ष का तर्क है कि सरकार युद्ध के कारण होने वाली महंगाई और तेल की कीमतों पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।

रवि चौहान मार्च 9, 2026 0
कर्नाटक बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर बैन लगाएगा
Social Media Ban in Karnataka: 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध; कर्नाटक बना देश का पहला राज्य।

सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक: कर्नाटक 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर बैन लगाने वाला पहला राज्य; आंध्र प्रदेश में भी तैयारी बेंगलुरु | 6 मार्च 2026 भारत में डिजिटल सुरक्षा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा की है कि राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसी राह पर चलते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने भी 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए समान प्रतिबंध की तैयारी शुरू कर दी है। यहाँ इस बड़े फैसले, इसके लागू होने की प्रक्रिया और वैश्विक संदर्भों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बजट भाषण: "बच्चों का भविष्य प्राथमिकता" कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बजट पेश करते हुए इस कड़े कानून की आवश्यकता पर जोर दिया: गलत प्रभाव की चिंता: सीएम ने कहा कि बच्चों में मोबाइल और सोशल मीडिया की लत तेजी से बढ़ रही है, जिससे उनके मानसिक विकास और व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। नियमों की तैयारी: इस बैन को तकनीकी रूप से कैसे लागू किया जाएगा, इसके लिए आईटी विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों की टीम नियम तैयार कर रही है। नशे के खिलाफ जंग: सरकार ने केवल डिजिटल ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में नशे (Drugs) की समस्या को खत्म करने के लिए सख्त निगरानी और काउंसलिंग केंद्र खोले जाएंगे। 2. कैसे लागू होगा यह बैन? (एज वेरिफिकेशन और DPDP एक्ट) सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अब बच्चों की उम्र छिपाना आसान नहीं होगा। यह प्रस्ताव भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 (DPDP) और 2025 के नियमों के साथ एकीकृत किया जाएगा: पैरेंटल कंसेंट (माता-पिता की अनुमति): किसी भी नाबालिग का अकाउंट बनाने से पहले माता-पिता की डिजिटल सहमति अनिवार्य होगी। डिजिटल लॉकर और पहचान: उम्र के सत्यापन (Age Verification) के लिए सरकारी पहचान प्रणाली या डिजिटल लॉकर का उपयोग किया जाएगा। कंपनियों की जिम्मेदारी: फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि वे नाबालिगों के अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करें। 3. आंध्र प्रदेश की तैयारी: 13 साल की डेडलाइन कर्नाटक के फैसले के कुछ ही घंटों बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंधित करने जा रही है। नायडू ने इसे "भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित करने वाला कदम" बताया। 📊 सोशल मीडिया बैन: भारत बनाम दुनिया देश / राज्य उम्र सीमा कानून / स्थिति कर्नाटक (भारत) 16 साल से कम बजट 2026 में घोषणा; देश का पहला राज्य। ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल' (नवंबर 2024) लागू। आंध्र प्रदेश (भारत) 13 साल से कम विधानसभा में प्रस्ताव पेश। अमेरिका (कुछ राज्य) 14-16 साल कई राज्यों में पैरेंटल कंट्रोल कानून लागू। 4. टीनएजर्स और सोशल मीडिया: आकर्षण और जोखिम मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, किशोरावस्था (Teenage) में सोशल मीडिया के प्रति झुकाव के गहरे कारण हैं: सोशल वैलिडेशन: टीनएजर्स के लिए लाइक्स, कमेंट्स और व्यूज केवल संख्या नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास का जरिया हैं। इंस्टेंट रिएक्शन उन्हें यह महसूस कराता है कि वे समाज में मायने रखते हैं। वर्चुअल आइडेंटिटी: बच्चे अक्सर अपनी असल जिंदगी से ज्यादा अपनी वर्चुअल पहचान (Profile) को संवारने में समय बिताते हैं, जिससे वे वास्तविक सामाजिक कौशल (Social Skills) खो देते हैं। साइबर जोखिम: कम उम्र में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से साइबर बुलिंग, प्राइवेसी ब्रीच और हानिकारक कंटेंट का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। 5. ऑस्ट्रेलिया मॉडल से प्रेरणा कर्नाटक सरकार का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया के 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल 2024' से प्रेरित माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने बड़ी टेक कंपनियों पर यह जिम्मेदारी डाली है कि वे उम्र की सख्त जांच करें। वहां इस कानून के उल्लंघन पर कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।

रवि चौहान मार्च 6, 2026 0
आंध्र प्रदेश- पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 20 लोगों की मौत
Andhra Pradesh Firecracker Blast: काकीनाडा की पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 20 की मौत; धान के खेतों में बिखरे मिले शव।

आंध्र प्रदेश: काकीनाडा की पटाखा यूनिट में भीषण धमाका; 20 मजदूरों की मौत, धान के खेतों में बिखरे मिले शवों के चिथड़े काकीनाडा | 28 फरवरी 2026 आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार दोपहर वेटलापलेम गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई (Firecracker Unit) में जोरदार विस्फोट होने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री ताश के पत्तों की तरह ढह गई और वहां काम कर रहे मजदूरों के शवों के टुकड़े कई मीटर दूर खेतों में जाकर गिरे। यहाँ इस भीषण त्रासदी, राहत कार्य और सरकार की प्रतिक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. दोपहर 2 बजे का वो भयावह मंजर प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे हुआ: भीषण आवाज: धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के घरों की खिड़कियां चटक गईं और लोग भूकंप की आशंका से घरों से बाहर निकल आए। मलबे का ढेर: विस्फोट के कुछ ही सेकंड के भीतर पूरी यूनिट जलकर राख हो गई। मौके पर केवल काला धुआं और मलबे का ढेर नजर आ रहा था। खेतों में बिखरी लाशें: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ब्लास्ट के दबाव के कारण मजदूरों के शव उड़कर पास के धान के खेतों में जा गिरे। स्थानीय ग्रामीण खाद की बोरियों से बनी चादरों (बाराकालू) में क्षत-विक्षत शवों को समेटते देखे गए, जो बेहद डरावना मंजर था। 2. राहत एवं बचाव कार्य: ड्रोन से की जा रही तलाश प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है: ड्रोन का उपयोग: खेतों में फसल घनी होने के कारण शवों के हिस्सों और लापता लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद ली है। गंभीर रूप से झुलसे घायल: काकीनाडा गवर्नमेंट हॉस्पिटल के अधीक्षक के अनुसार, अस्पताल लाए गए 6 घायल 90% से 100% तक झुलस चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक है और मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। 📊 हादसे का विवरण: एक नजर में विवरण तथ्य स्थान वेटलापलेम गांव, काकीनाडा जिला (आंध्र प्रदेश) समय शनिवार दोपहर, लगभग 2:00 बजे मृतकों की संख्या 20 (पुष्टि हो चुकी है) घायलों की स्थिति 6 गंभीर (90-100% बर्न इंजरी) धमाके की तीव्रता 5 किमी के दायरे में सुनाई दी मुख्य कारण पटाखा निर्माण के दौरान बारूद में विस्फोट (जांच जारी) 3. मुख्यमंत्री और सरकार की प्रतिक्रिया हादसे की खबर मिलते ही राज्य सरकार सक्रिय हो गई है: चंद्रबाबू नायडू का शोक: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने स्थानीय मंत्रियों और जिला कलेक्टर को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने और पीड़ितों के परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री का बयान: राज्य की गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने कहा कि प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराना है। उन्होंने फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश भी दिए हैं। 4. जांच के घेरे में सुरक्षा मानक प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, धमाके के समय यूनिट के भीतर 20 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। अब जांच इस दिशा में की जा रही है कि: क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था? क्या क्षमता से अधिक विस्फोटक सामग्री वहां जमा की गई थी? क्या निर्माण प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था?

रवि चौहान फ़रवरी 28, 2026 0
दिल्ली शराब नीति केस; केजरीवाल बोले- मोदी-शाह ने साजिश रची
Delhi Liquor Policy Case Verdict: अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया CBI केस में बरी; कोर्ट ने जांच एजेंसी को जमकर लताड़ा।

शराब नीति केस: केजरीवाल और सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपी बरी; कोर्ट ने CBI को लगाई फटकार, कहा- "बिना सबूत के फंसाया गया" नई दिल्ली | 27 फरवरी 2026 दिल्ली की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े CBI केस में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और संजय सिंह सहित सभी 23 आरोपियों को बरी (Discharge) कर दिया है। कोर्ट ने न केवल आरोपियों को राहत दी, बल्कि जांच एजेंसी CBI की कार्यप्रणाली और उसकी चार्जशीट पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। यहाँ इस ऐतिहासिक फैसले, केजरीवाल के बयानों और केस की पूरी डिटेल दी गई है: 1. राउज एवेन्यू कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: "फर्जी और बेकार केस" स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने करीब 600 पन्नों के अपने आदेश में CBI की जांच की धज्जियां उड़ा दीं। अदालत की फटकार: जज ने कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में ऐसी कई चीजें हैं जिनका किसी गवाह या सबूत से कोई लेना-देना नहीं है। भ्रामक बयान: कोर्ट ने पाया कि CBI आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रही है। चार्जशीट में भ्रामक बयान दर्ज किए गए थे जो सबूतों का समर्थन नहीं करते। केजरीवाल पर टिप्पणी: कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अरविंद केजरीवाल को बिना किसी ठोस आधार और सबूत के इस केस में फंसाया गया था। 2. केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस: "अब कत्ल कराकर ही मुझे रोक सकते हैं" अदालत के फैसले के बाद केजरीवाल ने पार्टी दफ्तर में हुंकार भरी। वे मीडिया से बात करते हुए भावुक भी हुए। मोदी-शाह पर हमला: केजरीवाल ने कहा, "यह पूरा षड्यंत्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने रचा था। वे AAP को चुनाव में हरा नहीं पाए, तो हमें खत्म करने के लिए ED-CBI पीछे छोड़ दी।" इज्जत की कमाई: केजरीवाल ने रोते हुए कहा, "मैंने पूरी जिंदगी सिर्फ इज्जत और ईमानदारी कमाई है। इन्होंने उसी पर चोट करने की कोशिश की। आज कोर्ट ने साबित कर दिया कि हम 'कट्टर ईमानदार' हैं।" चुनाव की चुनौती: पूर्व CM ने चुनौती देते हुए कहा, "आज दिल्ली में चुनाव करा लो, अगर भाजपा की 10 सीटें भी आ जाएं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।" ट्रम्प का जिक्र: केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी विदेशी दबाव (ट्रम्प) के सामने कमजोर पड़ रहे हैं, जबकि घर में विपक्ष को कुचलने में लगे हैं। 📊 केस की पूरी टाइमलाइन: 2022 से 2026 तक वर्ष / तारीख घटनाक्रम अगस्त 2022 CBI ने नई शराब नीति में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की। सितंबर 2022 ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और छापेमारी शुरू की। फरवरी 2023 मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया। मार्च 2024 अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री रहते हुए जेल भेजा गया। जुलाई-सितंबर 2024 सुप्रीम कोर्ट से सभी बड़े नेताओं को जमानत मिली। 27 फरवरी 2026 राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI केस में सभी 23 आरोपियों को बरी किया। 3. CBI के 5 बड़े दावे जिन्हें कोर्ट ने नकारा CBI ने अपनी चार्जशीट में जो बड़े दावे किए थे, वे अदालती कसौटी पर टिक नहीं पाए: साउथ ग्रुप से डील: CBI का दावा था कि विजय नायर के जरिए के. कविता और 'साउथ ग्रुप' से 100 करोड़ की रिश्वत ली गई। गोवा चुनाव में खर्च: आरोप था कि 44.5 करोड़ रुपये कैश गोवा चुनाव में खर्च किए गए। लाइसेंसिंग में फायदा: दावा किया गया कि शराब निर्माताओं और थोक विक्रेताओं का एक गुट (Cartel) बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाया गया। विजय नायर की भूमिका: नायर को केजरीवाल का 'कैश हैंडलर' बताया गया था। नियमों का उल्लंघन: चार्जशीट में कहा गया था कि प्रॉफिट मार्जिन को जानबूझकर 12% किया गया ताकि भ्रष्टाचार हो सके। 4. कानूनी असर: ED केस का क्या होगा? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि CBI केस में बरी होने का सीधा असर ED (प्रवर्तन निदेशालय) के मामले पर पड़ेगा। आधार खत्म: चूंकि ED का मनी लॉन्ड्रिंग केस CBI की FIR (शेड्यूल्ड ऑफेंस) पर आधारित होता है, इसलिए जब मुख्य केस ही गिर गया है, तो ED का मामला भी कमजोर पड़ गया है। अपील की तैयारी: CBI ने कहा है कि वह ट्रायल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तुरंत दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेगी। 5. समर्थकों का जश्न और भावुक दृश्य कोर्ट के बाहर जैसे ही फैसले की खबर आई, AAP कार्यकर्ताओं ने 'गदा' लहराकर और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। केजरीवाल अपनी कार की सनरूफ से बाहर निकलकर समर्थकों का अभिवादन करते दिखे। सिसोदिया और केजरीवाल एक-दूसरे के गले लगकर भावुक होते नजर आए।

रवि चौहान फ़रवरी 27, 2026 0
9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत
Nagaur School Tragedy: नागौर के प्राइवेट स्कूल में 9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत; 4 महीने पहले भाई की भी ऐसे ही हुई थी जान।

राजस्थान के नागौर में मासूम पर कुदरत का कहर: 9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत; 4 महीने पहले भाई ने भी इसी तरह तोड़ा था दम नागौर (गोटन) | 26 फरवरी 2026 राजस्थान के नागौर जिले के गोटन कस्बे से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने न केवल चिकित्सा जगत को हैरान कर दिया है, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गोटन इंटरनेशनल स्कूल में 5वीं कक्षा में पढ़ने वाली 9 वर्षीय मासूम दिव्या की स्कूल ग्राउंड में खेलते समय अचानक हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) से मौत हो गई। सबसे दुखद पहलू यह है कि ठीक 4 महीने पहले दिव्या के सगे भाई की भी इसी तरह अचानक मौत हो गई थी। गुरुवार को इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। यहाँ इस दुखद घटना, पारिवारिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञों की राय का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. स्कूल में खेल रही थी, अचानक लड़खड़ाकर गिरी घटना 23 फरवरी 2026 की सुबह करीब 7:48 बजे की है। स्कूल डायरेक्टर रामकुंवार ओला के अनुसार: सामान्य सुबह: तालनपुर निवासी राजेंद्र बापेडिया की बेटी दिव्या रोज की तरह स्कूल आई थी। सुबह की प्रार्थना (प्रेयर) शुरू होने में अभी कुछ समय बाकी था। खेलते-खेलते मौत: दिव्या ग्राउंड में अपने सहपाठियों के साथ खेल रही थी। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि दौड़ते-दौड़ते दिव्या अचानक लड़खड़ाई और मुंह के बल जमीन पर गिर पड़ी। अस्पताल में मृत घोषित: स्कूल स्टाफ तुरंत उसे गोटन के राजकीय अस्पताल ले गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का मानना है कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। 2. एक ही परिवार में दो मासूमों का जाना: भाई की भी हुई थी ऐसी ही मौत यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए दोहरी त्रासदी है। दिव्या के परिजनों ने बताया कि यह उनके घर में दूसरी ऐसी मौत है: अभिषेक की मौत: दिव्या के बड़े भाई अभिषेक की मौत भी महज 4 महीने पहले 9 सितंबर 2025 को हुई थी। समान लक्षण: अभिषेक भी घर पर खेल रहा था और अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे भी अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। जेनेटिक संदेह: एक ही परिवार के दो बच्चों की इस तरह अचानक मौत ने डॉक्टरों को किसी 'जेनेटिक हार्ट कंडिशन' (अनुवांशिक हृदय रोग) की ओर इशारा करने पर मजबूर कर दिया है। 📊 घटनाक्रम: एक नजर में विवरण तथ्य छात्रा का नाम दिव्या (9 वर्ष), कक्षा 5 स्थान गोटन इंटरनेशनल स्कूल, नागौर (राजस्थान) तारीख और समय 23 फरवरी 2026, सुबह 7:48 बजे भाई की मौत 9 सितंबर 2025 (4 महीने पहले) प्रारंभिक कारण कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) 3. मेडिकल जांच और परिजनों का निर्णय अस्पताल के डॉक्टरों ने दिव्या के शरीर की प्राथमिक जांच की: कोई चोट नहीं: दिव्या के शरीर पर गिरने से लगी मामूली खरोंच के अलावा कोई आंतरिक या गंभीर बाहरी चोट के निशान नहीं थे। पोस्टमॉर्टम से इनकार: भाई को खोने के बाद अब इकलौती बेटी को खो चुके माता-पिता पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने दिव्या का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। 4. विशेषज्ञों की चेतावनी: बच्चों में बढ़ता साइलेंट हार्ट अटैक पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में युवाओं और बच्चों में अचानक हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसके कई कारण हो सकते हैं: हाइपरट्रोफिक कार्डियोमायोपैथी (HCM): यह एक जेनेटिक बीमारी है जिसमें दिल की मांसपेशियां असामान्य रूप से मोटी हो जाती हैं, जिससे अचानक धड़कन रुक सकती है। जन्मजात हृदय दोष: कई बार बच्चों के दिल में जन्म से ही कुछ छेद या नसों की गड़बड़ी होती है जो सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आती। पोस्ट-कोविड प्रभाव: कुछ डॉक्टर इसे कोविड-19 के बाद शरीर में आए सूक्ष्म बदलावों से भी जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि इस पर अभी शोध जारी है।

रवि चौहान फ़रवरी 26, 2026 0
राहुल बोले-मोदी ने अमेरिका से देश बेचने की डील की
Rahul Gandhi Bhopal Kisan Chaupal: "मोदी ने दबाव में देश बेचा"; राहुल गांधी का अडाणी और एपस्टीन फाइल्स पर बड़ा धमाका।

भोपाल में कांग्रेस की 'किसान महाचौपाल': राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, कहा- "अडाणी और एपस्टीन केस के दबाव में देश का डेटा और किसानों को अमेरिका के हाथों बेचा" भोपाल | 24 फरवरी 2026 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कांग्रेस की 'किसान महाचौपाल' के दौरान राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (US-India Trade Deal) को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने इस समझौते को 'डील' नहीं बल्कि देश के किसानों और डेटा का 'आत्मसमर्पण' करार दिया। यहाँ राहुल गांधी के भाषण, खड़गे के प्रहार और इस महाचौपाल की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. राहुल गांधी का आरोप: "दबाव और धमकी में हुई ट्रेड डील" राहुल गांधी ने भोपाल के मंच से प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि यह समझौता किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और राजनीतिक बचाव के लिए किया गया है। अडाणी और एपस्टीन कनेक्शन: राहुल ने दावा किया कि अमेरिका में अडाणी पर चल रहे क्रिमिनल केस और 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) में कुछ नामों के होने के डर से सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी को दो ग्रिप से चोक कर दिया गया है। एक तरफ अडाणी का केस है, दूसरी तरफ एपस्टीन की फाइल्स।" डेटा की चोरी: राहुल ने कहा कि 21वीं सदी का सबसे कीमती संसाधन 'डेटा' है। अमेरिका को चीन का मुकाबला करने के लिए भारत के डेटा की जरूरत है और पीएम मोदी ने इस डील की एक छोटी सी स्क्रिप्ट में पूरा डेटा अमेरिका के हवाले कर दिया। किसानों का नुकसान: राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिका से सोया, कपास और भुट्टा (कॉर्न) को जीरो टैक्स पर भारत लाने की छूट दी जा रही है, जिससे भारतीय किसानों की कमर टूट जाएगी। 2. खड़गे का कटाक्ष: "नरेंद्र मोदी अब 'सरेंडर मोदी' हैं" कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री पर कड़े शब्दों में प्रहार किया: नाम बदलने की राजनीति: खड़गे ने कहा, "मोदी जी का काम सिर्फ योजनाओं और रास्तों के नाम बदलना है। चूंकि उनका जन्म कांग्रेस शासनकाल में हुआ था, तो उन्हें अपना नाम भी बदल लेना चाहिए।" कमजोर नेतृत्व: खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ट्रंप के सामने "यस सर" (Yes Sir) कहने के अलावा कुछ नहीं कर पाते। उन्होंने दावा किया कि भारत जो पहले व्यापार में लाभ कमाता था, अब वह भारी घाटे की ओर बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर: खड़गे ने आरोप लगाया कि ट्रंप के कहने पर मोदी जी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' रोककर बड़ी गलती की और देश के स्वाभिमान से समझौता किया। 3. पूर्व आर्मी चीफ नरवणे और चीनी घुसपैठ का मुद्दा राहुल गांधी ने संसद में खुद को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाते हुए पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का जिक्र किया। अकेला छोड़ा गया: राहुल ने कहा कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे, तब रक्षा मंत्री, एनएसए और विदेश मंत्री ने हाथ खड़े कर दिए थे। नरवणे ने लिखा है कि सरकार ने उस वक्त सेना को अकेला छोड़ दिया था। संसद में सेंसरशिप: राहुल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने यह मुद्दा लोकसभा में उठाना चाहा, तो अमित शाह और पीएम मोदी के इशारे पर उन्हें बोलने नहीं दिया गया। 📊 ट्रेड डील के खिलाफ कांग्रेस के 5 प्रमुख तर्क मुद्दा कांग्रेस का दावा / आरोप प्रक्रिया बिना कैबिनेट और मंत्रियों (नितिन गडकरी, शिवराज सिंह) से पूछे डील फाइनल की गई। टैक्स भारत को अमेरिका से आने वाले माल पर टैक्स कम करना होगा, जबकि भारत को कोई विशेष छूट नहीं मिली। इंडस्ट्री कपास और टेक्सटाइल सेक्टर बर्बाद हो जाएगा क्योंकि सस्ता अमेरिकी कपास बाजार में भर जाएगा। डेटा सुरक्षा भारत का विशाल डेटा अमेरिका के तकनीकी दिग्गजों को सौंप दिया गया है। दबाव अडाणी पर अमेरिकी कार्रवाई रोकने के बदले यह 'देश बेचने' की डील की गई। 4. बीजेपी का पलटवार: "राहुल का बयान राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में" मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग और सीएम डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। राष्ट्रद्रोह: विश्वास सारंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि खराब करना राहुल की आदत है। उनके बयान राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आते हैं। कृषि ज्ञान पर सवाल: सीएम मोहन यादव ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को यह भी नहीं पता कि रबी और खरीफ की फसलें क्या होती हैं। कांग्रेस ने दशकों तक किसानों के साथ अन्याय किया है। 5. महाचौपाल की झलकियां: हल भेंट और धक्का-मुक्की हल भेंट: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य नेताओं ने राहुल और खड़गे को 'हल' भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं का जोश: भारी भीड़ के कारण पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई जगहों पर धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बिजली के खंभों और रेलिंग पर चढ़कर झंडे लहराते नजर आए। घायल कार्यकर्ता: राहुल गांधी ने मंच पर एक कार्यकर्ता से मुलाकात की जिसे पुलिसिया कार्रवाई के दौरान चोटें आई थीं।

रवि चौहान फ़रवरी 24, 2026 0
अमेरिकी टैरिफ डील, राहुल बोले- मोदी ने विश्वासघात किया
US-India Trade Deal Controversy: राहुल गांधी और खड़गे का मोदी सरकार पर हमला; बोले- "टैरिफ डील में किया भारत का आत्मसमर्पण"।

अमेरिकी टैरिफ डील पर 'सियासी रार': विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा; राहुल गांधी बोले- "पीएम का विश्वासघात उजागर", खड़गे ने पूछा- "सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया?" नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 अमेरिकी टैरिफ और भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर भारत में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुराने टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद, भारतीय विपक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने बिना कानूनी स्थिति स्पष्ट हुए 'जल्दबाजी' में समझौता किया, जिससे भारत के हितों को नुकसान पहुँचा है। यहाँ विपक्ष के आरोपों, अमेरिकी कोर्ट के फैसले और ट्रम्प के नए 10% ग्लोबल टैरिफ का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. विपक्ष का प्रहार: "हताशा में किया गया आत्मसमर्पण" कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मोदी सरकार की 'ट्रेड डिप्लोमेसी' पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं: राहुल गांधी: शनिवार को राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी का "विश्वासघात" अब सबके सामने है। उन्होंने दावा किया कि भारत इस व्यापार समझौते में फिर से "आत्मसमर्पण" कर देगा, जिससे देश की आर्थिक स्वायत्तता खतरे में पड़ेगी। मल्लिकार्जुन खड़गे: कांग्रेस अध्यक्ष ने इस समझौते को एक 'ट्रैप डील' (Trap Deal) करार दिया। उन्होंने पूछा कि सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया? क्या सरकार पर किसी तरह का दबाव था? जयराम रमेश: उन्होंने कहा कि यदि सरकार महज 18 दिन और रुक जाती, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की बेहतर रक्षा की जा सकती थी। 2. दिग्गज नेताओं की 4 बड़ी टिप्पणियां विपक्ष के प्रमुख चेहरों ने सरकार की रणनीति को 'असंतुलित' बताया है: नेता मुख्य आरोप / टिप्पणी मल्लिकार्जुन खड़गे क्या यह 'एप्सटीन फाइल्स' का दबाव था? सरकार 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान की रक्षा करने में विफल रही। जयराम रमेश प्रधानमंत्री की हताशा के कारण यह समझौता भारत पर थोपा जा रहा है। 18 दिन का इंतजार भारी पड़ता। मनीष तिवारी यह फैसला लोकतंत्र के लिए जरूरी है। न्यायपालिका को कार्यपालिका की 'तानाशाही' वाली ज्यादती रोकनी ही चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ और अमेरिकी आयात पर लगभग जीरो; यह डील पूरी तरह असंतुलित और एकतरफा है। 3. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का 'ऐतिहासिक' फैसला शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से राष्ट्रपति ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट का तर्क: संविधान के अनुसार, टैक्स या टैरिफ लगाने का अधिकार केवल संसद (कांग्रेस) को है। राष्ट्रपति 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का बहाना बनाकर संसद की शक्तियों को नहीं छीन सकते। भारत पर असर: इस फैसले के बाद भारत पर लगा 18% रेसिप्रोकल टैरिफ कानूनी तौर पर अवैध हो गया था। विपक्ष का तर्क यही है कि यदि भारत रुकता, तो उसे कोई भी टैरिफ देने की जरूरत नहीं पड़ती। 4. ट्रम्प का जवाबी दांव: 10% नया ग्लोबल टैरिफ कोर्ट के फैसले के मात्र 3 घंटे के भीतर डोनाल्ड ट्रम्प ने नया दांव खेल दिया: नया कानून (Section-122): ट्रम्प ने 'ट्रेड एक्ट 1974' की धारा 122 का उपयोग करते हुए दुनिया भर पर 10% टैरिफ लगा दिया। लागू होने की तारीख: यह नया टैरिफ 24 फरवरी 2026 की आधी रात से लागू होगा। भारत की स्थिति: बीबीसी के अनुसार, अब भारत पर टैरिफ 18% से घटकर 10% रह जाएगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी को अपना "अच्छा दोस्त" बताते हुए कहा कि ट्रेड डील जारी रहेगी। 5. व्यापार समझौते का वर्तमान स्टेटस वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, विवादों के बावजूद प्रक्रिया जारी है: फरवरी अंत: अंतरिम व्यापार समझौता फाइनल हो जाएगा। मार्च: समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे। अप्रैल: डील पूरी तरह लागू हो जाएगी। भारत की रियायत: भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने पर सहमति जताई है।

रवि चौहान फ़रवरी 21, 2026 0
शशि थरूर बोले-बड़े इवेंट्स में गड़बड़ियां हो सकती हैं
शि थरूर ने समिट की तारीफ की, गलगोटिया विवाद को बताया 'बड़े आयोजन की छोटी भूल'; राहुल गांधी ने घेरा।

AI समिट विवाद पर शशि थरूर का संतुलित रुख: 'बड़े आयोजनों में छोटी गड़बड़ियां मुमकिन'; गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद के बीच राहुल गांधी ने सरकार को घेरा नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' अपने समापन की ओर है, लेकिन यह आयोजन तकनीकी नवाचारों से अधिक राजनीतिक विवादों और 'गलगोटिया यूनिवर्सिटी कांड' के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। जहाँ एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस समिट को 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर तमाशा' करार दिया है, वहीं कांग्रेस के ही वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने एक संतुलित टिप्पणी करते हुए आयोजन की सराहना की है। यहाँ शशि थरूर के बयान, गलगोटिया विवाद और इस समिट से जुड़ी हर बड़ी जानकारी का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. शशि थरूर की टिप्पणी: "बड़े इवेंट में ऐसी समस्याएं हो सकती हैं" अपनी नई किताब (श्री नारायण गुरु के जीवन पर आधारित) के विमोचन के दौरान थरूर ने समिट और देश की रक्षा नीति पर अपने विचार साझा किए: सकारात्मक पक्ष: थरूर ने कहा कि समिट के पहले कुछ दिन शानदार रहे। दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी एक 'एकीकृत दुनिया' (Integrated World) का मजबूत संदेश देती है। विवाद पर नरम रुख: गलगोटिया विवाद पर उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में कुछ गड़बड़ियां हो सकती हैं, लेकिन मुख्य फोकस भारत की लीडरशिप पर होना चाहिए। रक्षा नीति पर सरकार का समर्थन: थरूर ने 'राफेल' और भारत की रक्षा तैयारियों पर सरकार का बचाव किया। उन्होंने इसे "डिफेंसिव डिफेंस" (Defensive Defense) बताया, जिसका अर्थ है खुद को इतना मजबूत करना कि कोई दूसरा देश हमला करने का दुस्साहस न कर सके। 'केरल स्टोरी 2' का विरोध: थरूर ने आने वाली फिल्म 'केरल स्टोरी 2' को 'नफरत फैलाने वाली' बताया और कहा कि कुछ इक्का-दुक्का मामलों को बड़ी कहानी बनाकर पेश करना गलत है। 2. गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद: चीनी रोबोट को बताया अपना 'आविष्कार' समिट के दौरान उस समय बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग 'ओरायन' प्रदर्शित किया गया। धोखाधड़ी का आरोप: यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि यह उनका स्वदेशी नवाचार है। हालांकि, जल्द ही यह खुलासा हुआ कि यह चीनी कंपनी यूनिट्री (Unitree) का 'Go2' मॉडल है, जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा एक रेडीमेड कोरियन ड्रोन को भी अपना बताया गया। आयोजकों की कार्रवाई: विवाद बढ़ते ही यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया गया। उनके पवेलियन की बिजली काट दी गई और वहां ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई। यूनिट्री रोबोट की विशेषता: यूनिट्री का यह रोबोटिक डॉग AI से लैस है जो उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने और बाधाओं को पहचानने में सक्षम है। 3. राहुल गांधी और कांग्रेस का कड़ा प्रहार: "देश का मजाक बनवाया" कांग्रेस ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और विशेषकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर तीखा हमला बोला है: राहुल गांधी का बयान: नेता विपक्ष ने कहा कि भारत के पास डेटा और टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन सरकार ने इस समिट को केवल एक 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल' (अव्यवस्थित प्रचार तमाशा) बनाकर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय छवि: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चीनी मीडिया भारतीय समिट का मजाक उड़ा रही है, क्योंकि हम उनके रोबोट को अपना बताकर पेश कर रहे थे। उन्होंने इसे देश की छवि को अपूरणीय क्षति बताया। 4. गलगोटिया यूनिवर्सिटी की सफाई: "चलता-फिरता क्लासरूम" चौतरफा घिरने के बाद यूनिवर्सिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा: दावे का खंडन: यूनिवर्सिटी ने अब मान लिया है कि उन्होंने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी इसे अपना आविष्कार नहीं कहा (हालांकि वायरल वीडियो में स्टाफ इसे अपना प्रोजेक्ट बताते दिखे थे)। सीखने का जरिया: यूनिवर्सिटी का तर्क है कि वे दुनिया की बेहतरीन टेक्नोलॉजी कैंपस में लाते हैं ताकि छात्र उन पर प्रयोग कर सकें और भविष्य में ऐसी मशीनें भारत में बना सकें। उन्होंने इसे छात्रों के लिए एक 'चलता-फिरता क्लासरूम' बताया। 📊 इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: एक नजर में मुख्य बिंदु विवरण उद्घाटन 16 फरवरी 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा। स्थान भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली। उद्देश्य खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI के उपयोग को बढ़ावा देना। थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय"। मुख्य आकर्षण स्टार्टअप्स के पवेलियंस और ग्लोबल AI सॉल्यूशंस। प्रमुख विवाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी (चीनी रोबोट कांड) और यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन। 5. समिट का भविष्य और भारत की AI ड्राइव तमाम विवादों के बावजूद, यह समिट भारत के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके जरिए भारत को ग्लोबल AI हब बनाने का विजन रखा है। समिट में यह दिखाया गया है कि कैसे भविष्य में: खेती: एआई के जरिए फसलों की बीमारियों और मौसम का सटीक अनुमान। शिक्षा: छात्रों के लिए पर्सनलाइज्ड लर्निंग टूल्स। स्वास्थ्य: बीमारियों का शुरुआती स्तर पर सटीक डायग्नोसिस।

रवि चौहान फ़रवरी 20, 2026 0
AI समिट में यूथ कांग्रेस का टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन
AI Summit 2026 Protest: भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस का हंगामा; 'PM is Compromised' के टी-शर्ट दिखाए, भाजपा ने राहुल गांधी को घेरा।

भारत मंडपम में हंगामा: AI समिट 2026 में यूथ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन; 'PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड' के लगाए नारे, भाजपा ने बताया 'एंटी-इंडिया' प्रयोग नई दिल्ली | 20 फरवरी 2026 राजधानी के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे पांच दिवसीय 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' के अंतिम चरणों के बीच शुक्रवार को भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और कॉरपोरेट हितों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को भी तेज कर दिया है। यहाँ इस घटनाक्रम, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और समिट से जुड़े विवादों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. प्रदर्शन का घटनाक्रम: जैकेट के नीचे छिपाकर लाए टी-शर्ट यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे हॉल नंबर 5 के पास हुई, जहाँ AI के वैश्विक भविष्य पर चर्चा चल रही थी। विरोध का तरीका: करीब 15-20 कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए एंट्री की थी। उन्होंने सुरक्षा घेरे को चकमा देने के लिए जैकेट और स्वेटर के नीचे विरोध वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। नारेबाजी: समिट हॉल के भीतर पहुँचते ही कार्यकर्ताओं ने अपनी जैकेट उतार दी और सफेद टी-शर्ट लहराने लगे। टी-शर्ट पर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो के साथ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ (प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है) लिखा था। हिरासत: दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 से 5 मुख्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, बाकी प्रदर्शनकारियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए की जा रही है। 2. भाजपा का तीखा हमला: "कांग्रेस का मतलब एंटी-इंडिया" भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन को भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश बताया है। संबित पात्रा का आरोप: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने दावा किया कि यह कोई अचानक हुआ प्रदर्शन नहीं था। इसकी योजना राहुल गांधी के आवास पर सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा की मौजूदगी में बनाई गई थी। उन्होंने इसे "संयोग नहीं, प्रयोग" करार दिया। पीयूष गोयल की प्रतिक्रिया: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह राहुल गांधी की हताशा का प्रतीक है, जहाँ वे सरकार को निशाना बनाने के लिए देश के गौरव का अपमान कर रहे हैं। शहजाद पूनावाला: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए AI का मतलब 'एंटी-इंडिया' है और वे भारत की उपलब्धियों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। 3. यूथ कांग्रेस का पक्ष: "देशहित से समझौता मंजूर नहीं" इंडियन यूथ कांग्रेस ने इस विरोध को 'कर्तव्य' बताया है। उदय भानु चिब (अध्यक्ष, IYC): उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता "राहुल गांधी के सिपाही" हैं और वे डरेंगे नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति में 'नरमी' और कॉरपोरेट घरानों के प्रति 'झुकाव' साफ नजर आ रहा है। तर्क: कांग्रेस का दावा है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देश के युवाओं और किसानों के हितों की अनदेखी की गई है, जिसके खिलाफ आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है। 📊 इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: मुख्य तथ्य विवरण जानकारी उद्घाटन 16 फरवरी 2026 (पीएम मोदी द्वारा)। अवधि 16 से 21 फरवरी 2026 (भीड़ के कारण एक दिन बढ़ाया गया)। प्रतिभागी 100+ देश, 20+ राष्ट्राध्यक्ष, 60+ मंत्री और 45+ टेक दिग्गज। थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" (सभी का कल्याण)। विवाद का केंद्र गलगोटिया यूनिवर्सिटी का रोबोटिक डॉग 'ओरायन'। 4. गलगोटिया यूनिवर्सिटी और 'चीनी रोबोट' विवाद समिट के शुरुआती दिनों में ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जिसे राहुल गांधी ने "PR तमाशा" बताया था: नकली इनोवेशन: उत्तर प्रदेश की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एक रोबोटिक डॉग 'ओरायन' प्रदर्शित किया और इसे अपना आविष्कार बताया। सच्चाई का खुलासा: टेक एक्सपर्ट्स ने जल्द ही पहचान लिया कि यह चीनी कंपनी 'Unitree' का 'Go2' मॉडल है। इसी तरह एक ड्रोन भी रेडीमेड निकला। शर्मिंदगी: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इस 'झूठ' को प्रमोट कर रहे थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख गिरी। बाद में सरकार ने यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर कर दिया और यूनिवर्सिटी ने भी स्वीकार किया कि वह डॉग उन्होंने नहीं बनाया था। 5. विपक्ष की मिली-जुली प्रतिक्रिया जहाँ यूथ कांग्रेस आक्रामक रही, वहीं विपक्षी गठबंधन के कुछ अन्य नेताओं ने समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन को लेकर असहमति जताई। RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि यद्यपि देश में आक्रोश है, लेकिन इस तरह के वैश्विक कार्यक्रमों में प्रदर्शन करना उचित नहीं था।

रवि चौहान फ़रवरी 20, 2026 0
राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी
राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी: करणी सेना का कार्यकर्ता कोटा से गिरफ्तार; पवन खेड़ा ने भाजपा को घेरा।

राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी: करणी सेना का कार्यकर्ता कोटा से गिरफ्तार; पवन खेड़ा ने भाजपा-RSS को बताया 'गोडसे फैक्ट्री' नई दिल्ली/कोटा | 19 फरवरी 2026 देश की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेस ने राहुल गांधी और विपक्ष के 25 सांसदों को जान से मारने की धमकी मिलने का दावा किया। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि यह राहुल गांधी के खिलाफ हिंसा को वैध बनाने की एक सुनियोजित साजिश है। वीडियो सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर राजस्थान की कोटा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। यहाँ इस पूरे विवाद, धमकी भरे वीडियो और पृष्ठभूमि का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. पवन खेड़ा का गंभीर आरोप: "एक और गोडसे तैयार किया जा रहा है" कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भाजपा और आरएसएस (RSS) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने धमकी वाले वीडियो को साझा करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: गोडसे फैक्ट्री: खेड़ा ने लिखा कि पूरा तंत्र एक 'गोडसे फैक्ट्री' की तरह काम कर रहा है। कट्टरपंथ के जरिए फॉलोअर्स के मन में नफरत भरी जा रही है ताकि वे हिंसा पर उतर आएं। किरेन रिजिजू पर निशाना: उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। खेड़ा के अनुसार, रिजिजू ने देश को गुमराह किया कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर का अपमान किया, जिससे इस तरह के कट्टरपंथी तत्वों को बल मिला। सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा' बताना विपक्ष को बदनाम करने का एक सुनियोजित अभियान है। 2. क्या है वायरल वीडियो में? (धमकी का विवरण) वीडियो में खुद को करणी सेना का संभागीय प्रवक्ता बताने वाला राज आमेरा नजर आ रहा है। उसने वीडियो में कहा: राहुल गांधी को धमकी: उसने सीधे तौर पर कहा, "राहुल गांधी सुन लें, उनके घर में घुसकर गोली मारेंगे।" 25 सांसदों को चेतावनी: आरोपी ने दावा किया कि संसद में स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में हुई घटना के लिए जिम्मेदार 25 सांसदों के घरों में तोड़फोड़ की जाएगी। वजह: उसने कहा कि किरेन रिजिजू के बयान को सुनने के बाद वह गुस्से में है और अपनी इस धमकी के लिए जेल जाने को भी तैयार है। 3. आरोपी राज आमेरा की गिरफ्तारी और सफाई वीडियो वायरल होने के बाद कोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज आमेरा को उद्योग नगर इलाके से पकड़ लिया। आरोपी का यू-टर्न: पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आमेरा के सुर बदल गए। उसने हाथ जोड़कर कहा, "मुझे इस वीडियो की जानकारी नहीं है। विपक्ष ने मेरी फेक आईडी बनाकर यह वीडियो वायरल किया होगा।" पहचान: वह कोटा के उद्योग नगर का रहने वाला है और उसे महज 3 दिन पहले ही करणी सेना का संभागीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। 4. विवाद की जड़: ओम बिरला और अविश्वास प्रस्ताव यह पूरा विवाद 11 फरवरी को संसद में हुई एक घटना से शुरू हुआ था: भाजपा का दावा: सरकार का आरोप है कि प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल की मौजूदगी में 25 कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनसे बदसलूकी की। विपक्ष का रुख: कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। स्पीकर की अनुपस्थिति: सूत्रों के अनुसार, ओम बिरला ने तब तक सदन की कार्यवाही से दूर रहने का फैसला किया है जब तक अविश्वास प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता। इस पर चर्चा 9 मार्च को होने की संभावना है। 📊 घटनाक्रम की टाइमलाइन तिथि घटना 11 फरवरी 2026 स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में कथित बदसलूकी और विवाद की शुरुआत। 13 फरवरी 2026 बजट सत्र का पहला हिस्सा समाप्त; विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव दिया। 19 फरवरी 2026 राज आमेरा का धमकी भरा वीडियो वायरल; पवन खेड़ा का 'गोडसे फैक्ट्री' वाला बयान। 19 फरवरी 2026 (शाम) कोटा पुलिस द्वारा आरोपी राज आमेरा गिरफ्तार। 9 मार्च 2026 अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में संभावित चर्चा।

रवि चौहान फ़रवरी 19, 2026 0
दावा-अफसर रिटायर होकर 20 साल बुक पब्लिश नहीं करा सकेंगे
जनरल नरवणे की किताब पर विवाद के बीच सरकार का बड़ा कदम; जानें क्या हैं नए नियम।

पूर्व अधिकारियों के लिए 20 साल का 'कूलिंग-ऑफ पीरियड'? जनरल नरवणे की अनपब्लिश किताब से शुरू हुआ नया राष्ट्रीय विवाद नई दिल्ली | 14 फरवरी 2026 भारत सरकार सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सेवा से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक करने के नियमों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, अब रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ पदों पर रहे अधिकारियों के लिए 20 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू किया जा सकता है। इस अवधि के दौरान वे अपनी सर्विस से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी या घटनाओं पर आधारित पुस्तक प्रकाशित नहीं कर सकेंगे। यह मुद्दा पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” (Four Stars of Destiny) को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच गरमाया है। 1. कैबिनेट में उठी कूलिंग-ऑफ पीरियड की मांग हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आधिकारिक एजेंडे से हटकर इस विषय पर चर्चा हुई। मंत्रियों की राय: कई वरिष्ठ मंत्रियों ने सुझाव दिया कि सैन्य और खुफिया सेवाओं जैसे अति-संवेदनशील पदों से रिटायर होने वाले अधिकारियों के लिए किताब लिखने से पहले एक लंबी समय-सीमा तय होनी चाहिए। उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को प्रभावित करने वाली गोपनीय जानकारियों को 'समय से पहले' सार्वजनिक होने से रोकना है। संभावित आदेश: हालांकि अभी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्द ही इस पर नए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। 2. जनरल नरवणे की किताब: विवाद की जड़ क्या है? जनरल एमएम नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे। उनकी आत्मकथा "फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी" जनवरी 2024 में रिलीज होनी थी, लेकिन यह रक्षा मंत्रालय के पास अटकी हुई है। विवाद के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: लद्दाख सीमा विवाद (2020): किताब में कथित तौर पर दावा किया गया है कि 31 अगस्त 2020 को कैलाश रेंज में चीनी उकसावे का जवाब देने के लिए सरकार की ओर से तत्काल कोई राजनीतिक निर्देश नहीं मिला था। सेना को अपने स्तर पर निर्णय लेने पड़े थे। अग्निपथ योजना: किताब के कुछ अंशों में 'अग्निपथ योजना' (अग्निवीर) के शुरुआती प्रस्ताव और कार्यान्वयन को लेकर भी खुलासे होने की बात कही गई है, जिसे सरकार असहज मान रही है। गैर-कानूनी सर्कुलेशन: राहुल गांधी द्वारा संसद में इस किताब का जिक्र करने के बाद इसका PDF और मैन्युस्क्रिप्ट सोशल मीडिया पर लीक हो गई। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है और कॉपीराइट उल्लंघन की जांच कर रही है। 3. वर्तमान नियम और कानून की स्थिति अभी रिटायर अधिकारियों के लिए निम्नलिखित कानूनी प्रावधान लागू होते हैं: नियम/कानून विवरण CCS Rules 1972 (2021 संशोधन) संवेदनशील या सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रकाशित करने से पहले संबंधित विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (OSA) राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गोपनीय डेटा को सार्वजनिक करना दंडनीय अपराध है। डिफेंस मिनिस्ट्री क्लियरेंस सैन्य अधिकारियों के लिए अपनी सर्विस लाइफ पर किताब लिखने के लिए सेना और मंत्रालय से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लेना होता है। 4. राहुल गांधी और 'किताब राजनीति' नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 4 फरवरी को संसद में किताब की एक प्रति (Copy) दिखाकर सरकार को घेरा था। उनका तर्क है कि जब किताब के प्री-ऑर्डर लिंक उपलब्ध थे और कुछ अंश न्यूज़ एजेंसियों ने छापे थे, तो इसे 'अनपब्लिश' मानकर चर्चा से रोकना गलत है। वहीं, सरकार का कहना है कि बिना क्लियरेंस के किसी संवेदनशील किताब के अंशों का राजनीतिक उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ है। 5. क्या होगा 20 साल के नियम का असर? अगर 20 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू होता है, तो: मेमॉयर (संस्मरण) पर रोक: कोई भी पूर्व सचिव, सेना प्रमुख या खुफिया एजेंसी का प्रमुख अपनी सेवा के अनुभव 20 साल तक नहीं लिख पाएगा। ऐतिहासिक रिकॉर्ड की कमी: विशेषज्ञों का मानना है कि इससे समकालीन इतिहास के सैन्य और प्रशासनिक दृष्टिकोण लुप्त हो सकते हैं। गोपनीयता की सुरक्षा: सरकार का मानना है कि 20 साल बाद कई संवेदनशील अभियान 'डिक्लासिफाइड' हो जाते हैं, तब उनका खुलासा करना देश के लिए कम जोखिम भरा होता है।

रवि चौहान फ़रवरी 14, 2026 0
लोकसभा में 'हरदीप पुरी इस्तीफा दो' के नारे लगे
9 मार्च तक स्थगित हुई संसद; निशिकांत दुबे का आरोप- राहुल गांधी कर रहे देश के बंटवारे की प्लानिंग।

संसद में घमासान: बजट सत्र का पहला चरण खत्म; राहुल गांधी पर 'देश के बंटवारे' की साजिश का आरोप, 9 मार्च तक सदन स्थगित नई दिल्ली | 13 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन भारी हंगामे और तीखे आरोपों की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों द्वारा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग और सत्ता पक्ष द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलने के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लोकसभा अब 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। यहाँ आज के घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का गंभीर आरोप: "सत्ता के लिए देश के बंटवारे की प्लानिंग कर रहे राहुल" बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया पर प्रहार: दुबे ने X पर लिखा कि राहुल गांधी सोरोस, फोर्ड फाउंडेशन और टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ मिलकर सत्ता पाने के लिए भारत के बंटवारे की योजना बना रहे हैं। सब्सटेंसिव मोशन: निशिकांत दुबे पहले ही राहुल गांधी के खिलाफ 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने राहुल की सदस्यता रद्द करने और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने स्पीकर से इस मुद्दे पर विशेष बहस की अनुमति मांगी है। 2. सरकार का रुख: "राहुल ने तोड़े नियम, हाउस तय करेगा सजा" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है: किताब और बजट भाषण: रिजिजू ने कहा कि राहुल ने एक 'अनपब्लिश्ड' किताब का गैर-कानूनी जिक्र किया और बजट भाषण में प्रधानमंत्री के लिए "बकवास" बातें कहीं। रणनीति में बदलाव: रिजिजू ने बताया कि चूंकि निशिकांत दुबे पहले ही सब्सटेंसिव मोशन ला चुके हैं, इसलिए सरकार अपना अलग नोटिस नहीं लाएगी। अब स्पीकर तय करेंगे कि इस मामले को प्रिविलेज कमेटी (विशेषाधिकार समिति) को भेजना है या सीधे सदन में चर्चा करानी है। 3. संसद के भीतर और बाहर संग्राम: "हरदीप पुरी इस्तीफा दो" शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया: एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा: कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने पहले आरोप लगाया था कि पुरी का नाम 'एपस्टीन फाइल्स' में है। आरजेडी का प्रदर्शन: आरजेडी सांसदों ने बिहार में आरक्षण कोटा 65% करने और इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की और पीएम मोदी व नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। कार्यवाही स्थगित: लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन में मात्र 10 मिनट ही चल पाई और हंगामे के चलते इसे 9 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। 4. कृषि मुद्दों पर बहस: शिवराज बनाम दिग्विजय और राजीव शुक्ला राज्यसभा में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई: MSP का सवाल: कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने पूछा कि एमएसपी को कानूनी दर्जा कब मिलेगा? शिवराज ने जवाब दिया कि मोदी सरकार ने लागत पर 50% लाभ जोड़कर एमएसपी तय की है, जो कांग्रेस सरकार में नहीं था। मूंग की फसल पर चुटकी: दिग्विजय सिंह के सवाल पर शिवराज ने मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे खुशी है कि पूर्व मुख्यमंत्री को मेरे संसदीय क्षेत्र (सीहोर) की इतनी चिंता है। हमने ही मूंग की पैदावार बढ़ाई है।" 📊 बजट सत्र 2026: एक नज़र में (पहला चरण) विवरण तिथि / स्थिति प्रारंभ 28 जनवरी 2026 प्रथम चरण का समापन 13 फरवरी 2026 सदन का ब्रेक 14 फरवरी से 8 मार्च (23 दिन) दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल 2025 प्रमुख टकराव US ट्रेड डील, एमएम नरवणे की किताब, अडानी-एपस्टीन फाइल्स और राहुल की सदस्यता। 5. कांग्रेस का पलटवार: "राहुल चुप नहीं रहेंगे" कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने कहा कि राहुल गांधी किसानों और देश के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, "चाहे उनकी मेंबरशिप चली जाए या राजनीतिक करियर खत्म करने की कोशिश हो, राहुल गांधी संसद में अपना मुंह बंद नहीं करेंगे। वे ट्रेड डील और किसानों के मुद्दे उठाते रहेंगे।"

रवि चौहान फ़रवरी 13, 2026 0
राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा
राहुल गांधी के खिलाफ 'लाइफटाइम बैन' का प्रस्ताव; निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस को सुनाई खरी-खोटी।

संसद में संग्राम: राहुल गांधी के खिलाफ 'लाइफटाइम बैन' का मोशन; निर्मला सीतारमण का 'मगरमच्छ के आंसू' वाला तंज और चैंबर विवाद पर प्रियंका की सफाई नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के सबसे तनावपूर्ण दिनों में से एक रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब 'निजी हमलों' और 'संवैधानिक नोटिस' तक पहुंच गई है। जहाँ एक ओर भाजपा ने राहुल गांधी की सदस्यता खत्म कर उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर महंगाई के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन': राहुल गांधी पर चौतरफा घेराबंदी भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश कर सियासी हलकों में खलबली मचा दी है। गंभीर आरोप: दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों (जैसे जॉर्ज सोरोस) के इशारे पर देश को गुमराह कर रहे हैं। बड़ी मांग: उन्होंने मांग की है कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जाए और उन पर चुनाव लड़ने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। रिकॉर्ड से हटाने का नोटिस: बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने राहुल के बजट भाषण के उन हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने का औपचारिक नोटिस दिया है, जिनके पक्ष में उन्होंने अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं। 2. निर्मला सीतारमण का राज्यसभा में पलटवार: "कांग्रेस के मगरमच्छ के आंसू" वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया: महंगाई और डेटा: वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस महंगाई को लेकर सिर्फ 'मगरमच्छ के आंसू' बहाती है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम किया है और राजकोष का पैसा सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाया है। डिजिटल क्रांति: उन्होंने जानकारी दी कि डीबीटी (DBT) के जरिए ₹48 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे गए, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों को खत्म किया गया। पैसों का तालाब: सीतारमण ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र के पास पैसों का कोई तालाब नहीं है, बल्कि यह टैक्सपेयर्स का पैसा है जिसका एक-एक पैसा सही जगह इस्तेमाल हो रहा है। 3. चैंबर विवाद और प्रियंका गांधी का बचाव संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में गालियां दीं। इस पर प्रियंका गांधी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की: सफाई: प्रियंका ने कहा, "गालियां देने की बात पूरी तरह झूठी है। कुछ सांसद भड़क गए थे और उन्होंने अपना विरोध जाहिर किया, लेकिन मैंने किसी को नहीं उकसाया। मैं चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" मोदी पर तंज: प्रियंका ने यह भी कहा कि अगर राहुल के खिलाफ प्रस्ताव आ रहा है, तो 56 इंच की छाती नपवाने वाले मोदी जी के खिलाफ भी प्रिविलेज मोशन आना चाहिए। 4. राहुल गांधी का मीडिया पर गुस्सा: "क्या यही आज का कीवर्ड है?" संसद के बाहर जब राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल किया गया, तो उन्होंने मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए: मीडिया को नसीहत: राहुल ने कहा, "क्या आपको भाजपा से कोड वर्ड मिलते हैं? कल 'ऑथेंटिकेट' था, आज 'प्रिविलेज मोशन' है। आप लोग कम से कम थोड़ा ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश करें। आप इस देश के साथ अन्याय कर रहे हैं।" अडानी-अंबानी विवाद: राहुल ने अपनी बात दोहराई कि इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी और अडानी के मामले में सरकार दबाव में है और वे सच बोलते रहेंगे। 5. लेबर कोड पर सदन में बहस और बाहर हड़ताल श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने सदन में 'औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक 2026' पेश किया और इसे पास कराया: मांडविया का पक्ष: उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। जितने लोग हड़ताल पर हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग इस नए कानून का समर्थन कर रहे हैं। सुप्रिया सुले की आपत्ति: सुप्रिया सुले ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, "विडंबना देखिए, सदन के अंदर हम श्रम कानूनों पर बहस कर रहे हैं और बाहर देश का श्रमिक हड़ताल पर बैठा है।" 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:00 AM हंगामा विपक्ष ने 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के साथ सदन की कार्यवाही बाधित की। 12:10 PM पीएम की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, जहाँ सत्ता पक्ष के सांसदों ने नारेबाजी की। 04:22 PM बिल पास औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक 2026 संसद में पास हुआ। 05:30 PM स्थगन लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित। 6. राहुल गांधी की सदस्यता का संकट: इतिहास और कानून राहुल गांधी के खिलाफ निशिकांत दुबे का नोटिस उनकी सदस्यता के लिए दोबारा संकट पैदा कर सकता है: पिछला मामला: मार्च 2023 में 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद बहाल किया गया था। कानूनी पहलू: सब्सटेंसिव मोशन एक स्वतंत्र प्रस्ताव है। यदि स्पीकर इसे स्वीकार करते हैं और सदन में यह पास हो जाता है, तो राहुल गांधी के संसदीय करियर पर गंभीर असर पड़ सकता है।

रवि चौहान फ़रवरी 12, 2026 0
राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा
निशिकांत दुबे ने की राहुल गांधी को उम्रभर के लिए बैन करने की मांग; किरेन रिजिजू ने जारी किया 'गाली-गलौज' वाला वीडियो।

संसद में महासंग्राम: राहुल गांधी की सदस्यता पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग; निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' और 'चैंबर हंगामे' के वीडियो पर छिड़ी जंग नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे तीखे टकरावों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। जहाँ एक ओर उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश किया गया है, वहीं दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक 'लीक' वीडियो के जरिए विपक्ष पर स्पीकर के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम और संसद के भीतर-बाहर चल रहे घमासान का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का बड़ा दांव: राहुल गांधी पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश किया। आरोप: दुबे का दावा है कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं और संसद में लगातार झूठ बोल रहे हैं। मांग: उन्होंने मांग की है कि न केवल राहुल की संसद सदस्यता रद्द की जाए, बल्कि उन पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। क्या होता है सब्सटेंसिव मोशन? यह एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव होता है, जो किसी गंभीर मामले (जैसे राष्ट्रपति, जज या सांसद के आचरण) पर सदन की राय या फैसला लेने के लिए लाया जाता है। 2. किरेन रिजिजू का वीडियो बम: "स्पीकर के चैंबर में दी गईं गालियां" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर 4 फरवरी का एक वीडियो साझा किया, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। दावा: रिजिजू का कहना है कि 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में जबरन घुसे, उन्हें गालियां दीं और प्रधानमंत्री को धमकियां दीं। प्रियंका गांधी पर निशाना: रिजिजू ने आरोप लगाया कि यह सब प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुआ और उन्होंने सांसदों को उकसाया। प्रियंका की सफाई: प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "गाली देने वाली बात सरासर झूठ है। मैं वहां चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" 3. ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का राहुल को जवाब राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'किसानों के साथ गद्दारी' बताने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभाला: तथ्यों की सुरक्षा: गोयल ने स्पष्ट किया कि डील में 90-95% कृषि उत्पाद (डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, मक्का, दालें आदि) पूरी तरह बाहर रखे गए हैं ताकि भारतीय किसानों को कोई नुकसान न हो। हमला: गोयल ने कहा, "राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा हैं। वे देश को तेजी से आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते और विकास के खिलाफ हैं।" 4. राहुल गांधी का मीडिया पर पलटवार: "आप भाजपा के लिए काम कर रहे हैं" संसद के बाहर जब मीडिया ने राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल पूछा, तो वे भड़क गए: मीडिया की भूमिका पर सवाल: राहुल ने पत्रकारों से कहा, "क्या आज का कोड वर्ड 'प्रिविलेज मोशन' है? कल 'ऑथेंटिकेट' था। आप लोग पूरी तरह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, थोड़ा तो ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश कीजिए। यह देश के साथ अन्याय है।" अडानी-अंबानी का मुद्दा: राहुल अपनी इस बात पर कायम रहे कि अनिल अंबानी और अडानी के खिलाफ विदेशी फाइलों में सबूत हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है। 5. केसी वेणुगोपाल और सुप्रिया सुले का पक्ष केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस संगठन महासचिव ने कहा कि सरकार राहुल गांधी की आवाज दबाने के लिए चेयर (स्पीकर) पर दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा, "पिछली बार सदस्यता छीनी तो जनता ने और ज्यादा वोट दिए, इस बार फांसी देना चाहते हैं तो दे दें, हम सच बोलते रहेंगे।" सुप्रिया सुले: उन्होंने नए श्रम कानूनों (Labour Code) का विरोध करते हुए कहा कि जब देश के श्रमिक सड़कों पर हड़ताल कर रहे हैं, तब सदन में उनके खिलाफ बिल लाना अन्यायपूर्ण है। 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:15 AM सदन स्थगित विपक्ष के भारी हंगामे और 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के बीच लोकसभा 12 बजे तक स्थगित। 12:10 PM पीएम मोदी की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, भाजपा सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। 01:30 PM राहुल का बयान राहुल गांधी ने मीडिया को 'ऑब्जेक्टिव' रहने की सलाह दी। 02:15 PM मंडाविया का जवाब श्रम मंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड का हड़ताल से ज्यादा समर्थन हो रहा है। 02:30 PM पीएम की तारीफ मोदी ने निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के जवाब की सराहना की। Export to Sheets 6. राहुल गांधी की सदस्यता का कानूनी इतिहास यह पहली बार नहीं है जब राहुल की सदस्यता पर तलवार लटकी है: मार्च 2023: 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता रद्द हुई थी। अगस्त 2023: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद सदस्यता बहाल हुई। नया संकट: निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' यदि स्वीकार होता है, तो यह राहुल गांधी के राजनीतिक करियर के लिए अब तक की सबसे बड़ी कानूनी और संवैधानिक चुनौती बन सकता है।

रवि चौहान फ़रवरी 12, 2026 0
राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा
निशिकांत दुबे ने की राहुल गांधी को उम्रभर के लिए बैन करने की मांग; किरेन रिजिजू ने जारी किया 'गाली-गलौज' वाला वीडियो।

संसद में महासंग्राम: राहुल गांधी की सदस्यता पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग; निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' और 'चैंबर हंगामे' के वीडियो पर छिड़ी जंग नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे तीखे टकरावों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। जहाँ एक ओर उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश किया गया है, वहीं दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक 'लीक' वीडियो के जरिए विपक्ष पर स्पीकर के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम और संसद के भीतर-बाहर चल रहे घमासान का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का बड़ा दांव: राहुल गांधी पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश किया। आरोप: दुबे का दावा है कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं और संसद में लगातार झूठ बोल रहे हैं। मांग: उन्होंने मांग की है कि न केवल राहुल की संसद सदस्यता रद्द की जाए, बल्कि उन पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। क्या होता है सब्सटेंसिव मोशन? यह एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव होता है, जो किसी गंभीर मामले (जैसे राष्ट्रपति, जज या सांसद के आचरण) पर सदन की राय या फैसला लेने के लिए लाया जाता है। 2. किरेन रिजिजू का वीडियो बम: "स्पीकर के चैंबर में दी गईं गालियां" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर 4 फरवरी का एक वीडियो साझा किया, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। दावा: रिजिजू का कहना है कि 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में जबरन घुसे, उन्हें गालियां दीं और प्रधानमंत्री को धमकियां दीं। प्रियंका गांधी पर निशाना: रिजिजू ने आरोप लगाया कि यह सब प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुआ और उन्होंने सांसदों को उकसाया। प्रियंका की सफाई: प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "गाली देने वाली बात सरासर झूठ है। मैं वहां चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" 3. ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का राहुल को जवाब राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'किसानों के साथ गद्दारी' बताने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभाला: तथ्यों की सुरक्षा: गोयल ने स्पष्ट किया कि डील में 90-95% कृषि उत्पाद (डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, मक्का, दालें आदि) पूरी तरह बाहर रखे गए हैं ताकि भारतीय किसानों को कोई नुकसान न हो। हमला: गोयल ने कहा, "राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा हैं। वे देश को तेजी से आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते और विकास के खिलाफ हैं।" 4. राहुल गांधी का मीडिया पर पलटवार: "आप भाजपा के लिए काम कर रहे हैं" संसद के बाहर जब मीडिया ने राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल पूछा, तो वे भड़क गए: मीडिया की भूमिका पर सवाल: राहुल ने पत्रकारों से कहा, "क्या आज का कोड वर्ड 'प्रिविलेज मोशन' है? कल 'ऑथेंटिकेट' था। आप लोग पूरी तरह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, थोड़ा तो ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश कीजिए। यह देश के साथ अन्याय है।" अडानी-अंबानी का मुद्दा: राहुल अपनी इस बात पर कायम रहे कि अनिल अंबानी और अडानी के खिलाफ विदेशी फाइलों में सबूत हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है। 5. केसी वेणुगोपाल और सुप्रिया सुले का पक्ष केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस संगठन महासचिव ने कहा कि सरकार राहुल गांधी की आवाज दबाने के लिए चेयर (स्पीकर) पर दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा, "पिछली बार सदस्यता छीनी तो जनता ने और ज्यादा वोट दिए, इस बार फांसी देना चाहते हैं तो दे दें, हम सच बोलते रहेंगे।" सुप्रिया सुले: उन्होंने नए श्रम कानूनों (Labour Code) का विरोध करते हुए कहा कि जब देश के श्रमिक सड़कों पर हड़ताल कर रहे हैं, तब सदन में उनके खिलाफ बिल लाना अन्यायपूर्ण है। 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:15 AM सदन स्थगित विपक्ष के भारी हंगामे और 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के बीच लोकसभा 12 बजे तक स्थगित। 12:10 PM पीएम मोदी की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, भाजपा सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। 01:30 PM राहुल का बयान राहुल गांधी ने मीडिया को 'ऑब्जेक्टिव' रहने की सलाह दी। 02:15 PM मंडाविया का जवाब श्रम मंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड का हड़ताल से ज्यादा समर्थन हो रहा है। 02:30 PM पीएम की तारीफ मोदी ने निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के जवाब की सराहना की। 6. राहुल गांधी की सदस्यता का कानूनी इतिहास यह पहली बार नहीं है जब राहुल की सदस्यता पर तलवार लटकी है: मार्च 2023: 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता रद्द हुई थी। अगस्त 2023: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद सदस्यता बहाल हुई। नया संकट: निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' यदि स्वीकार होता है, तो यह राहुल गांधी के राजनीतिक करियर के लिए अब तक की सबसे बड़ी कानूनी और संवैधानिक चुनौती बन सकता है।

रवि चौहान फ़रवरी 12, 2026 0
सीतारमण बोलीं- पेट्रोल बंगाल में दिल्ली से ₹10 ज्यादा महंगा
निर्मला सीतारमण ने TMC और राहुल गांधी के आरोपों को धोया; अडाणी, GST और एपस्टीन फाइल्स पर संसद में भारी बवाल।

संसद में बजट संग्राम: निर्मला सीतारमण का TMC को कड़ा जवाब; राहुल गांधी का अडाणी-एपस्टीन पर हमला और विशेषाधिकार हनन का नोटिस नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का बुधवार का दिन आरोपों, तीखी बहसों और कूटनीतिक सवालों के नाम रहा। एक तरफ जहाँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी दलों, विशेषकर TMC और कांग्रेस के आंकड़ों को 'झूठ' बताकर खारिज किया, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के सामने 'सरेंडर' करने और अडाणी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर दबाव होने का सनसनीखेज आरोप लगाया। सदन की कार्यवाही और गरमागरम बहस के मुख्य बिंदु यहाँ विस्तार से दिए गए हैं: 1. निर्मला सीतारमण का प्रहार: "TMC कट मनी ले रही है और नाम GST का दे रही है" वित्त मंत्री ने बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी: जीएसटी पर स्पष्टीकरण: सीतारमण ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने यह कहकर झूठ फैलाया कि जन्म से लेकर मृत्यु तक हर चीज पर जीएसटी लग रहा है। उन्होंने सवाल किया— दूध, पढ़ाई, पेंसिल शार्पनर, किताबों और स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी कब लगा? फ्यूनरल और बीमा: उन्होंने स्पष्ट किया कि अंत्येष्टि (Funeral) पर कोई जीएसटी नहीं है और हालिया सुधारों में स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा से भी जीएसटी हटा दिया गया है। कट मनी का तंज: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की बात को दोहराते हुए सीतारमण ने कहा कि बंगाल में उनके लोग 'कट मनी' ले रहे हैं और जनता को यह बता रहे हैं कि यह जीएसटी है। पेट्रोल की कीमतें: वित्त मंत्री ने चुनौती दी कि यदि बंगाल सरकार जनता का बोझ कम करना चाहती है, तो वह पेट्रोल पर अपना टैक्स कम करे, जो दिल्ली से ₹10 महंगा है। 2. राहुल गांधी के आरोप: "प्रधानमंत्री ने भारत माता को बेच दिया" नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में सरकार की विदेश नीति और अडाणी समूह के अमेरिकी केस को लेकर गंभीर हमले किए: अडाणी और मोदी: राहुल ने कहा कि अमेरिका में अडाणी पर जो केस चल रहा है, वह दरअसल पीएम मोदी को नियंत्रित करने का एक तरीका है। उन्होंने दावा किया कि "प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिख रहा है।" एपस्टीन फाइल्स: राहुल गांधी ने सदन में 'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अनिल अंबानी का नाम है। उन्होंने हरदीप सिंह पुरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि "मैं जानता हूं कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था।" अमेरिका के सामने सरेंडर: राहुल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने भारतीय डेटा और किसानों के हितों को अमेरिका को सौंप दिया है। उन्होंने कहा, "हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं, बराबरी पर बात होनी चाहिए।" 3. किरेन रिजिजू का पलटवार: राहुल के खिलाफ 'विशेषाधिकार नोटिस' राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया: विशेषाधिकार नोटिस (Privilege Notice): केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया है और प्रधानमंत्री व मंत्रियों पर बिना सबूत बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इसके लिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाया जाएगा। बदतमीजी के आरोप: रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की है। 4. बजट चर्चा के अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स अखिलेश यादव को जवाब: निर्मला सीतारमण ने अखिलेश यादव के यूपी में बुलेट ट्रेन न मिलने के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि दो हाईस्पीड कॉरिडोर यूपी से गुजरते हैं और रेलवे बजट में यूपी का हिस्सा बढ़ाया गया है। किसानों के लिए AI: वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़े। केरल और कम्युनिस्ट सरकार: सीतारमण ने कहा कि केरल जैसे राज्यों में कम्युनिस्ट सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां SC-ST के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं। ओवैसी का 'गोरी चमड़ी' वाला बयान: AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि "वह 'गोरी चमड़ी' वाला डोनाल्ड ट्रम्प कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम रूस से तेल खरीदें या नहीं।" 📊 संसद में टकराव के प्रमुख मुद्दे नेता मुख्य आरोप / बयान सरकार का जवाब / स्टैंड राहुल गांधी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर किया; अडाणी-एपस्टीन का मुद्दा। रिजिजू बोले- सबूत दें या विशेषाधिकार नोटिस झेलें। अभिषेक बनर्जी जन्म से मृत्यु तक हर चीज पर GST लग रहा है। सीतारमण बोलीं- यह कोरा झूठ है, बंगाल सरकार पेट्रोल के दाम घटाए। अखिलेश यादव यूपी को बजट में कुछ नहीं मिला, बुलेट ट्रेन नहीं दी। सीतारमण बोलीं- डेटा गलत है, यूपी रेलवे बजट में वृद्धि हुई है। असदुद्दीन ओवैसी अमेरिकी टैरिफ हमारी संप्रभुता पर हमला है। सरकार ने कहा- हमने किसानों के हित को ध्यान में रखकर डील की। 5. स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर 120 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। नियम के अनुसार, जब तक इस पर चर्चा नहीं हो जाती, ओम बिरला सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे। इस प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना है।

रवि चौहान फ़रवरी 11, 2026 0
दिल्ली पुलिस ने पेंगुइन इंडिया को नोटिस भेजा
दिल्ली पुलिस का पेंगुइन इंडिया को नोटिस; 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के उन अंशों पर बवाल, जिन्होंने हिलाई मोदी सरकार।

जनरल एमएम नरवणे की 'लीक' किताब पर दिल्ली पुलिस का एक्शन: पेंगुइन इंडिया को नोटिस; राहुल गांधी का बड़ा हमला- 'पीएम मोदी जिम्मेदारी लेने से डरे' नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की संस्मरण पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अदालती और पुलिसिया कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रकाशन संस्था पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी कर किताब के लीक होने और प्री-प्रिंट कॉपी सर्कुलेट होने पर जवाब मांगा है। वहीं, इस मुद्दे पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक संग्राम छिड़ा हुआ है। यहाँ इस पूरे विवाद, किताब के विवादित अंश और चल रही जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: स्पेशल सेल का पेंगुइन को नोटिस दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। नोटिस का आधार: सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन न्यूज फोरम पर इस किताब की टाइपसेट PDF कॉपी और कवर इमेज वायरल हो रही थी। पुलिस का मानना है कि यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है क्योंकि किताब को अभी रक्षा मंत्रालय से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) नहीं मिला है। पेंगुइन का बचाव: पेंगुइन इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके सभी अधिकार सुरक्षित हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि न तो कोई छपी हुई कॉपी बाजार में है और न ही डिजिटल वर्जन। 2. राहुल गांधी के गंभीर आरोप: "आर्मी चीफ या पेंगुइन, कौन झूठ बोल रहा?" लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि जनरल नरवणे ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी किताब उपलब्ध होने की बात कही थी। असुविधाजनक सच: राहुल गांधी ने कहा, "किताब में ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए बहुत असुविधाजनक हैं, इसलिए इसे दबाया जा रहा है।" जिम्मेदारी का सवाल: राहुल ने संसद में किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें लिखा है कि चीन के साथ तनाव के वक्त पीएम मोदी ने जनरल नरवणे से कहा था- "जो उचित समझो, वो करो!" राहुल का तर्क है कि प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण सैन्य फैसले की जिम्मेदारी लेने से पल्ला झाड़ लिया था। 3. 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का सबसे बड़ा खुलासा: 31 अगस्त 2020 की रात कांग्रेस द्वारा साझा किए गए किताब के अंशों में लद्दाख के रेचिन ला में भारत-चीन के बीच हुए उस तनाव का जिक्र है, जिसने लगभग युद्ध की स्थिति पैदा कर दी थी: तारीख: 31 अगस्त, 2020 (रात का घटनाक्रम) रात 8:15 बजे: सूचना मिली कि चीनी टैंक भारतीय ठिकानों की ओर बढ़ रहे हैं। रात 8:30 – 10:10 बजे: जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और NSA अजित डोभाल से संपर्क किया और "स्पष्ट निर्देश" मांगे कि क्या चीनी टैंकों पर फायर खोलना चाहिए? असमंजस की स्थिति: सेना प्रमुख को ऊपर से कोई ठोस आदेश नहीं मिल रहा था। नॉर्दर्न कमांड के चीफ योगेश जोशी ने बताया कि टैंक अब केवल 500 मीटर दूर हैं और आर्टिलरी फायर ही एकमात्र रास्ता है। रात 10:30 बजे: राजनाथ सिंह का फोन आया और उन्होंने पीएम मोदी का संदेश दिया- "जो उचित समझो, वो करो।" नरवणे का निष्कर्ष: नरवणे ने किताब में लिखा है कि यह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला होने वाला था। उन्हें ब्रीफ किया गया था, लेकिन पीएम ने सीधा फैसला लेने के बजाय पूरी जिम्मेदारी सेना प्रमुख पर डाल दी। 📊 विवाद का टाइमलाइन: 2023 से 2026 तक समय घटनाक्रम 2023 जनरल नरवणे ने किताब का ड्राफ्ट रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा। 2024 किताब की कुछ कॉपियां अमेजन पर 'प्री-ऑर्डर' के लिए दिखीं, फिर हट गईं। फरवरी 2026 राहुल गांधी ने संसद में किताब के पन्ने लहराए; 8 सांसदों का निलंबन हुआ। 10 फरवरी 2026 पेंगुइन इंडिया ने ट्वीट डिलीट किया और दबाव में होने के आरोप लगे। 11 फरवरी 2026 दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पेंगुइन को नोटिस भेजा। 4. अग्निवीर योजना पर नरवणे का रुख किताब में केवल चीन विवाद ही नहीं, बल्कि मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी 'अग्निवीर योजना' का भी रिव्यू किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, नरवणे ने इस योजना के लागू होने के तरीके और इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर कुछ सवाल उठाए हैं, जिसे सरकार सार्वजनिक नहीं होने देना चाहती। 5. किरेन रिजिजू का पलटवार केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहे हैं। सरकार का रुख है कि सेना के आंतरिक दस्तावेजों और संस्मरणों को बिना आधिकारिक मंजूरी के प्रकाशित करना 'ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट' का उल्लंघन हो सकता है।

रवि चौहान फ़रवरी 11, 2026 0
लोकसभा में रिजिजू बोले- PM पर आरोप लगाया, सबूत दें
राहुल ने अडानी और एपस्टीन फाइल्स पर सरकार को घेरा; किरेन रिजिजू बोले- लाएंगे प्रिविलेज नोटिस।

संसद में राहुल गांधी का 'महा-भाषण': अडानी, एपस्टीन फाइल्स और भारत माता को बेचने के आरोपों से दहला सदन; सरकार लाएगी प्रिविलेज नोटिस नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 बजट सत्र के 11वें दिन लोकसभा में उस वक्त सियासी भूचाल आ गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइल्स, अडानी विवाद और इंडो-यूएस ट्रेड डील को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने "भारत माता को बेच दिया है।" वहीं, सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस (विशेषाधिकार हनन) लाने का ऐलान किया है। संसद की इस ऐतिहासिक और विवादास्पद कार्यवाही का विस्तृत ब्यौरा नीचे दिया गया है: 1. "अडानी पर केस, दरअसल मोदी पर केस है" राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत अडानी समूह पर अमेरिका में चल रहे कानूनी मामलों से की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कॉर्पोरेट मामला नहीं है, बल्कि भाजपा के वित्तीय ढांचे (Financial Structure) की जड़ें इससे जुड़ी हैं। सीधा आरोप: राहुल ने कहा, "अडानी पर जो केस अमेरिका में चल रहा है, वह असल में पीएम मोदी पर है। अगर अडानी का ढांचा गिरता है, तो भाजपा का आर्थिक तंत्र भी ढह जाएगा।" किरेन रिजिजू का हस्तक्षेप: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी को ये आरोप साबित करने होंगे, अन्यथा इन्हें रिकॉर्ड से हटा दिया जाए। राहुल ने जवाब दिया, "मेरे पास सारे सबूत हैं और मैं अभी देने को तैयार हूं।" 2. एपस्टीन फाइल्स और हरदीप पुरी का जिक्र राहुल गांधी ने पहली बार भारतीय संसद में विवादित 'एपस्टीन फाइल्स' का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी फाइल्स में भारतीय नेताओं और उद्योगपतियों के नाम शामिल हैं। हरदीप पुरी और अनिल अंबानी: राहुल ने सदन के बाहर कहा कि अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइल्स में हरदीप सिंह पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "अनिल अंबानी जेल क्यों नहीं गए? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं जानता हूं और हरदीप पुरी भी जानते हैं कि उन्हें एपस्टीन से किसने मिलवाया था।" सरकार का पलटवार: किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी नोटिस के मंत्रियों पर गंभीर और झूठे आरोप लगा रहे हैं, जो संसदीय मर्यादा के खिलाफ है। 3. भारत-अमेरिका ट्रेड डील: "क्या आपने भारत माता को बेच दिया?" राहुल गांधी ने हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'सरेंडर' करार दिया। उन्होंने डेटा सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा। डेटा की चोरी: राहुल ने कहा, "AI के इस दौर में डेटा नया 'पेट्रोल' है। अमेरिका को अपनी सुपरपावर बनाए रखने के लिए भारतीय डेटा चाहिए और मोदी सरकार ने इसे उन्हें सौंप दिया है।" किसानों पर चोट: राहुल ने आंकड़ों के साथ दावा किया कि ट्रेड डील के कारण अमेरिकी आयात 46 अरब डॉलर से बढ़कर 146 अरब डॉलर हो जाएगा। हमारा टैरिफ 3% से बढ़कर 18% हो गया है, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे। इमोशनल हमला: उन्होंने चिल्लाते हुए पूछा, "क्या आपको भारत माता को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका के हाथों में गिरवी रख दी है।" 4. "प्रधानमंत्री के हाथ में किसी और की कमान है" राहुल ने प्रधानमंत्री की शारीरिक भाषा (Body Language) पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे डरे हुए हैं। मार्शल आर्ट का उदाहरण: राहुल ने जूडो-कराटे का उदाहरण देते हुए कहा, "जियोपॉलिटिक्स में ग्रिप (पकड़) देखी जाती है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री का गला पकड़ रखा है, इसलिए वे ऐसे फैसले ले रहे हैं जो भारत के हित में नहीं हैं।" जवाबदेही: राहुल ने कहा कि अगर 'इंडिया ब्लॉक' सत्ता में होता, तो हम बराबरी पर बात करते। हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं। 📊 संसद डायरी: आज के मुख्य घटनाक्रम विषय राहुल गांधी का बयान सरकार का पक्ष अडानी केस यह भाजपा का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है। यह बेबुनियाद और झूठा आरोप है। एपस्टीन फाइल्स इसमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी का नाम है। बिना सबूत और नोटिस के आरोप लगाना अपराध है। ट्रेड डील भारत माता को बेच दिया गया है। यह डील भारत के विकास के लिए मील का पत्थर है। विपक्षी सांसद 8 सांसदों का निलंबन लोकतंत्र की हत्या है। निलंबन वापस नहीं होगा, उन्होंने मर्यादा तोड़ी है। 5. किरेन रिजिजू का आरोप: "स्पीकर को गालियां दी गईं" संसदीय कार्य मंत्री ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ बदसलूकी और गाली-गलौज की। चैंबर में घुसपैठ: रिजिजू के अनुसार, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में सांसदों ने स्पीकर का अपमान किया। प्रिविलेज नोटिस: सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ सदन को गुमराह करने के लिए 'विशेषाधिकार हनन' का नोटिस लाने का फैसला किया है। 6. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सस्पेंस विपक्ष द्वारा ओम बिरला को हटाने के नोटिस में तकनीकी खामियां पाई गई हैं (जैसे कि साल 2025 लिखा होना)। हालांकि, स्पीकर ने उदारता दिखाते हुए सचिवालय को नोटिस की खामियां दूर कर उस पर विचार करने को कहा है। अगली तारीख: इस अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। तब तक ओम बिरला सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे।

रवि चौहान फ़रवरी 11, 2026 0
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश
विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ पेश किया नोटिस; राहुल गांधी का जनरल नरवणे की किताब पर बड़ा दावा; अखिलेश बोले- बजट दिशाहीन।

संसद में महासंग्राम: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का ऐतिहासिक कदम; 'नरवणे बुक' और बजट पर घमासान नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में आज का दिन बेहद उथल-पुथल भरा रहा। बजट सत्र के 10वें दिन विपक्ष ने एक बड़ा संवैधानिक दांव खेलते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) का नोटिस पेश कर दिया। उधर, सदन के बाहर पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की किताब को लेकर राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच 'जुबानी जंग' तेज हो गई है। यहाँ आज की संसदीय कार्यवाही और विवादों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: मुख्य वजह और प्रक्रिया विपक्ष ने लोकसभा सचिवालय को दोपहर 1:14 बजे आधिकारिक नोटिस सौंपा। इस कदम के पीछे की कूटनीति और नियम निम्नलिखित हैं: आरोप: प्रस्ताव में कहा गया है कि स्पीकर ओम बिरला खुलेआम 'एकतरफा' तरीके से सदन चला रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों (जैसे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव) पर बोलने नहीं दिया गया और विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए 8 सांसदों को मनमाने ढंग से सस्पेंड किया गया। नोटिस पर हस्ताक्षर: कुल 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कांग्रेस, सपा, डीएमके और वामपंथी दल शामिल हैं। TMC का रुख: दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने फिलहाल इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे प्रस्ताव का समर्थन करते हैं लेकिन स्पीकर को जवाब देने के लिए 1-2 दिन का समय दिया जाना चाहिए था। राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं: सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुद इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं, जो एक सोची-समझी रणनीतिक दूरी हो सकती है। संवैधानिक प्रावधान: यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत दिया गया है। स्पीकर ने सेक्रेटरी जनरल को इस नोटिस की जांच करने का निर्देश दिया है। 2. सदन की कार्यवाही: हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल मंगलवार को लोकसभा में कामकाज के नाम पर केवल शोर-शराबा ही देखने को मिला: 11:00 AM: सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आ गए। महज 1 मिनट में कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विशेष बात यह थी कि आज स्पीकर की कुर्सी पर ओम बिरला नहीं, बल्कि पीसी मोहन बैठे थे। 12:00 PM: दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष ने 'वी वॉन्ट जस्टिस' के नारे जारी रखे। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने हाथ जोड़कर विपक्ष से बजट पर चर्चा करने की विनती की, लेकिन शोर नहीं थमा और सदन 2 बजे तक स्थगित हो गया। 02:00 PM: तीसरी बार कार्यवाही शुरू होने पर केपी तेनेट्टी ने चेयर संभाली। हंगामे के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट पर चर्चा की शुरुआत की। 3. 'नरवणे बुक' कॉन्ट्रोवर्सी: राहुल गांधी का बड़ा बयान सदन के बाहर राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर सरकार को घेरा: "या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन (पब्लिशर)। नरवणे ने खुद X पर पोस्ट किया था कि किताब उपलब्ध है। मैं पेंगुइन के बजाय एक पूर्व आर्मी चीफ की बात पर विश्वास करना चुनूंगा। सरकार इस किताब से डरी हुई है क्योंकि इसमें अग्निवीर, चीन विवाद और इंडो-US ट्रेड डील से जुड़ी असुविधाजनक बातें हैं।" उधर, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब पब्लिशर कह रहा है कि किताब छपी ही नहीं, तो राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं। 📊 बजट चर्चा: शशि थरूर और अखिलेश यादव के प्रहार जब 2 बजे बजट पर चर्चा शुरू हुई, तो विपक्ष ने सरकार के आर्थिक दावों की धज्जियां उड़ाईं: नेता मुख्य आरोप / बिंदु शशि थरूर सरकार केवल 'हेडलाइन मैनेजमेंट' करती है। जल जीवन और SC विकास योजनाओं का पैसा खर्च ही नहीं हुआ। आम जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ गया है। अखिलेश यादव यह बजट 'दिशाहीन' है। 11 साल से बजट आ रहा है लेकिन लोगों की आय नहीं बढ़ी। सरकार बताए कि '0' बड़ा है या '18' (टैक्स कटौती का संदर्भ)। अखिलेश यादव यूपी के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। यूएस डील के बाद विदेशी माल आएगा, तो हमारे किसान क्या उगाएंगे? 4. सत्ता पक्ष का बचाव और जवाबी हमला किरेन रिजिजू का वीडियो: रिजिजू ने 4 फरवरी के हंगामे का वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गुंडागर्दी कर रहे थे और पीएम की सीट तक पहुंच गए थे। गिरिराज सिंह का प्रहार: उन्होंने नेहरू पर कश्मीर को गिरवी रखने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। संख्या बल: रिजिजू ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के पास नंबर नहीं हैं, इसलिए वे अविश्वास प्रस्ताव के जरिए स्पीकर को हटा नहीं पाएंगे, वे केवल ड्रामा कर रहे हैं।

रवि चौहान फ़रवरी 10, 2026 0
Popular post
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

Top week

शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक
उत्तर प्रदेश

Shankaracharya Avimukteshwaranand Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर लगाई रोक; नार्को टेस्ट की दी चुनौती।

रवि चौहान फ़रवरी 27, 2026 0