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दावा-अफसर रिटायर होकर 20 साल बुक पब्लिश नहीं करा सकेंगे
जनरल नरवणे की किताब पर विवाद के बीच सरकार का बड़ा कदम; जानें क्या हैं नए नियम।

पूर्व अधिकारियों के लिए 20 साल का 'कूलिंग-ऑफ पीरियड'? जनरल नरवणे की अनपब्लिश किताब से शुरू हुआ नया राष्ट्रीय विवाद नई दिल्ली | 14 फरवरी 2026 भारत सरकार सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सेवा से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक करने के नियमों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, अब रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ पदों पर रहे अधिकारियों के लिए 20 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू किया जा सकता है। इस अवधि के दौरान वे अपनी सर्विस से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी या घटनाओं पर आधारित पुस्तक प्रकाशित नहीं कर सकेंगे। यह मुद्दा पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” (Four Stars of Destiny) को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच गरमाया है। 1. कैबिनेट में उठी कूलिंग-ऑफ पीरियड की मांग हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आधिकारिक एजेंडे से हटकर इस विषय पर चर्चा हुई। मंत्रियों की राय: कई वरिष्ठ मंत्रियों ने सुझाव दिया कि सैन्य और खुफिया सेवाओं जैसे अति-संवेदनशील पदों से रिटायर होने वाले अधिकारियों के लिए किताब लिखने से पहले एक लंबी समय-सीमा तय होनी चाहिए। उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को प्रभावित करने वाली गोपनीय जानकारियों को 'समय से पहले' सार्वजनिक होने से रोकना है। संभावित आदेश: हालांकि अभी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्द ही इस पर नए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। 2. जनरल नरवणे की किताब: विवाद की जड़ क्या है? जनरल एमएम नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे। उनकी आत्मकथा "फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी" जनवरी 2024 में रिलीज होनी थी, लेकिन यह रक्षा मंत्रालय के पास अटकी हुई है। विवाद के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: लद्दाख सीमा विवाद (2020): किताब में कथित तौर पर दावा किया गया है कि 31 अगस्त 2020 को कैलाश रेंज में चीनी उकसावे का जवाब देने के लिए सरकार की ओर से तत्काल कोई राजनीतिक निर्देश नहीं मिला था। सेना को अपने स्तर पर निर्णय लेने पड़े थे। अग्निपथ योजना: किताब के कुछ अंशों में 'अग्निपथ योजना' (अग्निवीर) के शुरुआती प्रस्ताव और कार्यान्वयन को लेकर भी खुलासे होने की बात कही गई है, जिसे सरकार असहज मान रही है। गैर-कानूनी सर्कुलेशन: राहुल गांधी द्वारा संसद में इस किताब का जिक्र करने के बाद इसका PDF और मैन्युस्क्रिप्ट सोशल मीडिया पर लीक हो गई। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है और कॉपीराइट उल्लंघन की जांच कर रही है। 3. वर्तमान नियम और कानून की स्थिति अभी रिटायर अधिकारियों के लिए निम्नलिखित कानूनी प्रावधान लागू होते हैं: नियम/कानून विवरण CCS Rules 1972 (2021 संशोधन) संवेदनशील या सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रकाशित करने से पहले संबंधित विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (OSA) राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गोपनीय डेटा को सार्वजनिक करना दंडनीय अपराध है। डिफेंस मिनिस्ट्री क्लियरेंस सैन्य अधिकारियों के लिए अपनी सर्विस लाइफ पर किताब लिखने के लिए सेना और मंत्रालय से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लेना होता है। 4. राहुल गांधी और 'किताब राजनीति' नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 4 फरवरी को संसद में किताब की एक प्रति (Copy) दिखाकर सरकार को घेरा था। उनका तर्क है कि जब किताब के प्री-ऑर्डर लिंक उपलब्ध थे और कुछ अंश न्यूज़ एजेंसियों ने छापे थे, तो इसे 'अनपब्लिश' मानकर चर्चा से रोकना गलत है। वहीं, सरकार का कहना है कि बिना क्लियरेंस के किसी संवेदनशील किताब के अंशों का राजनीतिक उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ है। 5. क्या होगा 20 साल के नियम का असर? अगर 20 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू होता है, तो: मेमॉयर (संस्मरण) पर रोक: कोई भी पूर्व सचिव, सेना प्रमुख या खुफिया एजेंसी का प्रमुख अपनी सेवा के अनुभव 20 साल तक नहीं लिख पाएगा। ऐतिहासिक रिकॉर्ड की कमी: विशेषज्ञों का मानना है कि इससे समकालीन इतिहास के सैन्य और प्रशासनिक दृष्टिकोण लुप्त हो सकते हैं। गोपनीयता की सुरक्षा: सरकार का मानना है कि 20 साल बाद कई संवेदनशील अभियान 'डिक्लासिफाइड' हो जाते हैं, तब उनका खुलासा करना देश के लिए कम जोखिम भरा होता है।

रवि चौहान फ़रवरी 14, 2026 0
लोकसभा में 'हरदीप पुरी इस्तीफा दो' के नारे लगे
9 मार्च तक स्थगित हुई संसद; निशिकांत दुबे का आरोप- राहुल गांधी कर रहे देश के बंटवारे की प्लानिंग।

संसद में घमासान: बजट सत्र का पहला चरण खत्म; राहुल गांधी पर 'देश के बंटवारे' की साजिश का आरोप, 9 मार्च तक सदन स्थगित नई दिल्ली | 13 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन भारी हंगामे और तीखे आरोपों की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों द्वारा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग और सत्ता पक्ष द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलने के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लोकसभा अब 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। यहाँ आज के घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का गंभीर आरोप: "सत्ता के लिए देश के बंटवारे की प्लानिंग कर रहे राहुल" बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया पर प्रहार: दुबे ने X पर लिखा कि राहुल गांधी सोरोस, फोर्ड फाउंडेशन और टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ मिलकर सत्ता पाने के लिए भारत के बंटवारे की योजना बना रहे हैं। सब्सटेंसिव मोशन: निशिकांत दुबे पहले ही राहुल गांधी के खिलाफ 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने राहुल की सदस्यता रद्द करने और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने स्पीकर से इस मुद्दे पर विशेष बहस की अनुमति मांगी है। 2. सरकार का रुख: "राहुल ने तोड़े नियम, हाउस तय करेगा सजा" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है: किताब और बजट भाषण: रिजिजू ने कहा कि राहुल ने एक 'अनपब्लिश्ड' किताब का गैर-कानूनी जिक्र किया और बजट भाषण में प्रधानमंत्री के लिए "बकवास" बातें कहीं। रणनीति में बदलाव: रिजिजू ने बताया कि चूंकि निशिकांत दुबे पहले ही सब्सटेंसिव मोशन ला चुके हैं, इसलिए सरकार अपना अलग नोटिस नहीं लाएगी। अब स्पीकर तय करेंगे कि इस मामले को प्रिविलेज कमेटी (विशेषाधिकार समिति) को भेजना है या सीधे सदन में चर्चा करानी है। 3. संसद के भीतर और बाहर संग्राम: "हरदीप पुरी इस्तीफा दो" शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया: एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा: कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने पहले आरोप लगाया था कि पुरी का नाम 'एपस्टीन फाइल्स' में है। आरजेडी का प्रदर्शन: आरजेडी सांसदों ने बिहार में आरक्षण कोटा 65% करने और इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की और पीएम मोदी व नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। कार्यवाही स्थगित: लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन में मात्र 10 मिनट ही चल पाई और हंगामे के चलते इसे 9 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। 4. कृषि मुद्दों पर बहस: शिवराज बनाम दिग्विजय और राजीव शुक्ला राज्यसभा में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई: MSP का सवाल: कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने पूछा कि एमएसपी को कानूनी दर्जा कब मिलेगा? शिवराज ने जवाब दिया कि मोदी सरकार ने लागत पर 50% लाभ जोड़कर एमएसपी तय की है, जो कांग्रेस सरकार में नहीं था। मूंग की फसल पर चुटकी: दिग्विजय सिंह के सवाल पर शिवराज ने मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे खुशी है कि पूर्व मुख्यमंत्री को मेरे संसदीय क्षेत्र (सीहोर) की इतनी चिंता है। हमने ही मूंग की पैदावार बढ़ाई है।" 📊 बजट सत्र 2026: एक नज़र में (पहला चरण) विवरण तिथि / स्थिति प्रारंभ 28 जनवरी 2026 प्रथम चरण का समापन 13 फरवरी 2026 सदन का ब्रेक 14 फरवरी से 8 मार्च (23 दिन) दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल 2025 प्रमुख टकराव US ट्रेड डील, एमएम नरवणे की किताब, अडानी-एपस्टीन फाइल्स और राहुल की सदस्यता। 5. कांग्रेस का पलटवार: "राहुल चुप नहीं रहेंगे" कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने कहा कि राहुल गांधी किसानों और देश के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, "चाहे उनकी मेंबरशिप चली जाए या राजनीतिक करियर खत्म करने की कोशिश हो, राहुल गांधी संसद में अपना मुंह बंद नहीं करेंगे। वे ट्रेड डील और किसानों के मुद्दे उठाते रहेंगे।"

रवि चौहान फ़रवरी 13, 2026 0
राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा
राहुल गांधी के खिलाफ 'लाइफटाइम बैन' का प्रस्ताव; निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस को सुनाई खरी-खोटी।

संसद में संग्राम: राहुल गांधी के खिलाफ 'लाइफटाइम बैन' का मोशन; निर्मला सीतारमण का 'मगरमच्छ के आंसू' वाला तंज और चैंबर विवाद पर प्रियंका की सफाई नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के सबसे तनावपूर्ण दिनों में से एक रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब 'निजी हमलों' और 'संवैधानिक नोटिस' तक पहुंच गई है। जहाँ एक ओर भाजपा ने राहुल गांधी की सदस्यता खत्म कर उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर महंगाई के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन': राहुल गांधी पर चौतरफा घेराबंदी भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश कर सियासी हलकों में खलबली मचा दी है। गंभीर आरोप: दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों (जैसे जॉर्ज सोरोस) के इशारे पर देश को गुमराह कर रहे हैं। बड़ी मांग: उन्होंने मांग की है कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जाए और उन पर चुनाव लड़ने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। रिकॉर्ड से हटाने का नोटिस: बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने राहुल के बजट भाषण के उन हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने का औपचारिक नोटिस दिया है, जिनके पक्ष में उन्होंने अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं। 2. निर्मला सीतारमण का राज्यसभा में पलटवार: "कांग्रेस के मगरमच्छ के आंसू" वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया: महंगाई और डेटा: वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस महंगाई को लेकर सिर्फ 'मगरमच्छ के आंसू' बहाती है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम किया है और राजकोष का पैसा सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाया है। डिजिटल क्रांति: उन्होंने जानकारी दी कि डीबीटी (DBT) के जरिए ₹48 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे गए, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों को खत्म किया गया। पैसों का तालाब: सीतारमण ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र के पास पैसों का कोई तालाब नहीं है, बल्कि यह टैक्सपेयर्स का पैसा है जिसका एक-एक पैसा सही जगह इस्तेमाल हो रहा है। 3. चैंबर विवाद और प्रियंका गांधी का बचाव संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में गालियां दीं। इस पर प्रियंका गांधी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की: सफाई: प्रियंका ने कहा, "गालियां देने की बात पूरी तरह झूठी है। कुछ सांसद भड़क गए थे और उन्होंने अपना विरोध जाहिर किया, लेकिन मैंने किसी को नहीं उकसाया। मैं चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" मोदी पर तंज: प्रियंका ने यह भी कहा कि अगर राहुल के खिलाफ प्रस्ताव आ रहा है, तो 56 इंच की छाती नपवाने वाले मोदी जी के खिलाफ भी प्रिविलेज मोशन आना चाहिए। 4. राहुल गांधी का मीडिया पर गुस्सा: "क्या यही आज का कीवर्ड है?" संसद के बाहर जब राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल किया गया, तो उन्होंने मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए: मीडिया को नसीहत: राहुल ने कहा, "क्या आपको भाजपा से कोड वर्ड मिलते हैं? कल 'ऑथेंटिकेट' था, आज 'प्रिविलेज मोशन' है। आप लोग कम से कम थोड़ा ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश करें। आप इस देश के साथ अन्याय कर रहे हैं।" अडानी-अंबानी विवाद: राहुल ने अपनी बात दोहराई कि इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी और अडानी के मामले में सरकार दबाव में है और वे सच बोलते रहेंगे। 5. लेबर कोड पर सदन में बहस और बाहर हड़ताल श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने सदन में 'औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक 2026' पेश किया और इसे पास कराया: मांडविया का पक्ष: उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। जितने लोग हड़ताल पर हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग इस नए कानून का समर्थन कर रहे हैं। सुप्रिया सुले की आपत्ति: सुप्रिया सुले ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, "विडंबना देखिए, सदन के अंदर हम श्रम कानूनों पर बहस कर रहे हैं और बाहर देश का श्रमिक हड़ताल पर बैठा है।" 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:00 AM हंगामा विपक्ष ने 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के साथ सदन की कार्यवाही बाधित की। 12:10 PM पीएम की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, जहाँ सत्ता पक्ष के सांसदों ने नारेबाजी की। 04:22 PM बिल पास औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक 2026 संसद में पास हुआ। 05:30 PM स्थगन लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित। 6. राहुल गांधी की सदस्यता का संकट: इतिहास और कानून राहुल गांधी के खिलाफ निशिकांत दुबे का नोटिस उनकी सदस्यता के लिए दोबारा संकट पैदा कर सकता है: पिछला मामला: मार्च 2023 में 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद बहाल किया गया था। कानूनी पहलू: सब्सटेंसिव मोशन एक स्वतंत्र प्रस्ताव है। यदि स्पीकर इसे स्वीकार करते हैं और सदन में यह पास हो जाता है, तो राहुल गांधी के संसदीय करियर पर गंभीर असर पड़ सकता है।

रवि चौहान फ़रवरी 12, 2026 0
राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा
निशिकांत दुबे ने की राहुल गांधी को उम्रभर के लिए बैन करने की मांग; किरेन रिजिजू ने जारी किया 'गाली-गलौज' वाला वीडियो।

संसद में महासंग्राम: राहुल गांधी की सदस्यता पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग; निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' और 'चैंबर हंगामे' के वीडियो पर छिड़ी जंग नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे तीखे टकरावों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। जहाँ एक ओर उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश किया गया है, वहीं दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक 'लीक' वीडियो के जरिए विपक्ष पर स्पीकर के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम और संसद के भीतर-बाहर चल रहे घमासान का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का बड़ा दांव: राहुल गांधी पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश किया। आरोप: दुबे का दावा है कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं और संसद में लगातार झूठ बोल रहे हैं। मांग: उन्होंने मांग की है कि न केवल राहुल की संसद सदस्यता रद्द की जाए, बल्कि उन पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। क्या होता है सब्सटेंसिव मोशन? यह एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव होता है, जो किसी गंभीर मामले (जैसे राष्ट्रपति, जज या सांसद के आचरण) पर सदन की राय या फैसला लेने के लिए लाया जाता है। 2. किरेन रिजिजू का वीडियो बम: "स्पीकर के चैंबर में दी गईं गालियां" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर 4 फरवरी का एक वीडियो साझा किया, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। दावा: रिजिजू का कहना है कि 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में जबरन घुसे, उन्हें गालियां दीं और प्रधानमंत्री को धमकियां दीं। प्रियंका गांधी पर निशाना: रिजिजू ने आरोप लगाया कि यह सब प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुआ और उन्होंने सांसदों को उकसाया। प्रियंका की सफाई: प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "गाली देने वाली बात सरासर झूठ है। मैं वहां चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" 3. ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का राहुल को जवाब राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'किसानों के साथ गद्दारी' बताने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभाला: तथ्यों की सुरक्षा: गोयल ने स्पष्ट किया कि डील में 90-95% कृषि उत्पाद (डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, मक्का, दालें आदि) पूरी तरह बाहर रखे गए हैं ताकि भारतीय किसानों को कोई नुकसान न हो। हमला: गोयल ने कहा, "राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा हैं। वे देश को तेजी से आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते और विकास के खिलाफ हैं।" 4. राहुल गांधी का मीडिया पर पलटवार: "आप भाजपा के लिए काम कर रहे हैं" संसद के बाहर जब मीडिया ने राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल पूछा, तो वे भड़क गए: मीडिया की भूमिका पर सवाल: राहुल ने पत्रकारों से कहा, "क्या आज का कोड वर्ड 'प्रिविलेज मोशन' है? कल 'ऑथेंटिकेट' था। आप लोग पूरी तरह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, थोड़ा तो ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश कीजिए। यह देश के साथ अन्याय है।" अडानी-अंबानी का मुद्दा: राहुल अपनी इस बात पर कायम रहे कि अनिल अंबानी और अडानी के खिलाफ विदेशी फाइलों में सबूत हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है। 5. केसी वेणुगोपाल और सुप्रिया सुले का पक्ष केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस संगठन महासचिव ने कहा कि सरकार राहुल गांधी की आवाज दबाने के लिए चेयर (स्पीकर) पर दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा, "पिछली बार सदस्यता छीनी तो जनता ने और ज्यादा वोट दिए, इस बार फांसी देना चाहते हैं तो दे दें, हम सच बोलते रहेंगे।" सुप्रिया सुले: उन्होंने नए श्रम कानूनों (Labour Code) का विरोध करते हुए कहा कि जब देश के श्रमिक सड़कों पर हड़ताल कर रहे हैं, तब सदन में उनके खिलाफ बिल लाना अन्यायपूर्ण है। 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:15 AM सदन स्थगित विपक्ष के भारी हंगामे और 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के बीच लोकसभा 12 बजे तक स्थगित। 12:10 PM पीएम मोदी की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, भाजपा सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। 01:30 PM राहुल का बयान राहुल गांधी ने मीडिया को 'ऑब्जेक्टिव' रहने की सलाह दी। 02:15 PM मंडाविया का जवाब श्रम मंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड का हड़ताल से ज्यादा समर्थन हो रहा है। 02:30 PM पीएम की तारीफ मोदी ने निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के जवाब की सराहना की। Export to Sheets 6. राहुल गांधी की सदस्यता का कानूनी इतिहास यह पहली बार नहीं है जब राहुल की सदस्यता पर तलवार लटकी है: मार्च 2023: 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता रद्द हुई थी। अगस्त 2023: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद सदस्यता बहाल हुई। नया संकट: निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' यदि स्वीकार होता है, तो यह राहुल गांधी के राजनीतिक करियर के लिए अब तक की सबसे बड़ी कानूनी और संवैधानिक चुनौती बन सकता है।

रवि चौहान फ़रवरी 12, 2026 0
राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा
निशिकांत दुबे ने की राहुल गांधी को उम्रभर के लिए बैन करने की मांग; किरेन रिजिजू ने जारी किया 'गाली-गलौज' वाला वीडियो।

संसद में महासंग्राम: राहुल गांधी की सदस्यता पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग; निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' और 'चैंबर हंगामे' के वीडियो पर छिड़ी जंग नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे तीखे टकरावों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। जहाँ एक ओर उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश किया गया है, वहीं दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक 'लीक' वीडियो के जरिए विपक्ष पर स्पीकर के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम और संसद के भीतर-बाहर चल रहे घमासान का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का बड़ा दांव: राहुल गांधी पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश किया। आरोप: दुबे का दावा है कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं और संसद में लगातार झूठ बोल रहे हैं। मांग: उन्होंने मांग की है कि न केवल राहुल की संसद सदस्यता रद्द की जाए, बल्कि उन पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। क्या होता है सब्सटेंसिव मोशन? यह एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव होता है, जो किसी गंभीर मामले (जैसे राष्ट्रपति, जज या सांसद के आचरण) पर सदन की राय या फैसला लेने के लिए लाया जाता है। 2. किरेन रिजिजू का वीडियो बम: "स्पीकर के चैंबर में दी गईं गालियां" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर 4 फरवरी का एक वीडियो साझा किया, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। दावा: रिजिजू का कहना है कि 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में जबरन घुसे, उन्हें गालियां दीं और प्रधानमंत्री को धमकियां दीं। प्रियंका गांधी पर निशाना: रिजिजू ने आरोप लगाया कि यह सब प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुआ और उन्होंने सांसदों को उकसाया। प्रियंका की सफाई: प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "गाली देने वाली बात सरासर झूठ है। मैं वहां चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" 3. ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का राहुल को जवाब राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'किसानों के साथ गद्दारी' बताने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभाला: तथ्यों की सुरक्षा: गोयल ने स्पष्ट किया कि डील में 90-95% कृषि उत्पाद (डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, मक्का, दालें आदि) पूरी तरह बाहर रखे गए हैं ताकि भारतीय किसानों को कोई नुकसान न हो। हमला: गोयल ने कहा, "राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा हैं। वे देश को तेजी से आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते और विकास के खिलाफ हैं।" 4. राहुल गांधी का मीडिया पर पलटवार: "आप भाजपा के लिए काम कर रहे हैं" संसद के बाहर जब मीडिया ने राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल पूछा, तो वे भड़क गए: मीडिया की भूमिका पर सवाल: राहुल ने पत्रकारों से कहा, "क्या आज का कोड वर्ड 'प्रिविलेज मोशन' है? कल 'ऑथेंटिकेट' था। आप लोग पूरी तरह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, थोड़ा तो ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश कीजिए। यह देश के साथ अन्याय है।" अडानी-अंबानी का मुद्दा: राहुल अपनी इस बात पर कायम रहे कि अनिल अंबानी और अडानी के खिलाफ विदेशी फाइलों में सबूत हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है। 5. केसी वेणुगोपाल और सुप्रिया सुले का पक्ष केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस संगठन महासचिव ने कहा कि सरकार राहुल गांधी की आवाज दबाने के लिए चेयर (स्पीकर) पर दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा, "पिछली बार सदस्यता छीनी तो जनता ने और ज्यादा वोट दिए, इस बार फांसी देना चाहते हैं तो दे दें, हम सच बोलते रहेंगे।" सुप्रिया सुले: उन्होंने नए श्रम कानूनों (Labour Code) का विरोध करते हुए कहा कि जब देश के श्रमिक सड़कों पर हड़ताल कर रहे हैं, तब सदन में उनके खिलाफ बिल लाना अन्यायपूर्ण है। 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:15 AM सदन स्थगित विपक्ष के भारी हंगामे और 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के बीच लोकसभा 12 बजे तक स्थगित। 12:10 PM पीएम मोदी की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, भाजपा सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। 01:30 PM राहुल का बयान राहुल गांधी ने मीडिया को 'ऑब्जेक्टिव' रहने की सलाह दी। 02:15 PM मंडाविया का जवाब श्रम मंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड का हड़ताल से ज्यादा समर्थन हो रहा है। 02:30 PM पीएम की तारीफ मोदी ने निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के जवाब की सराहना की। 6. राहुल गांधी की सदस्यता का कानूनी इतिहास यह पहली बार नहीं है जब राहुल की सदस्यता पर तलवार लटकी है: मार्च 2023: 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता रद्द हुई थी। अगस्त 2023: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद सदस्यता बहाल हुई। नया संकट: निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' यदि स्वीकार होता है, तो यह राहुल गांधी के राजनीतिक करियर के लिए अब तक की सबसे बड़ी कानूनी और संवैधानिक चुनौती बन सकता है।

रवि चौहान फ़रवरी 12, 2026 0
सीतारमण बोलीं- पेट्रोल बंगाल में दिल्ली से ₹10 ज्यादा महंगा
निर्मला सीतारमण ने TMC और राहुल गांधी के आरोपों को धोया; अडाणी, GST और एपस्टीन फाइल्स पर संसद में भारी बवाल।

संसद में बजट संग्राम: निर्मला सीतारमण का TMC को कड़ा जवाब; राहुल गांधी का अडाणी-एपस्टीन पर हमला और विशेषाधिकार हनन का नोटिस नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का बुधवार का दिन आरोपों, तीखी बहसों और कूटनीतिक सवालों के नाम रहा। एक तरफ जहाँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी दलों, विशेषकर TMC और कांग्रेस के आंकड़ों को 'झूठ' बताकर खारिज किया, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के सामने 'सरेंडर' करने और अडाणी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर दबाव होने का सनसनीखेज आरोप लगाया। सदन की कार्यवाही और गरमागरम बहस के मुख्य बिंदु यहाँ विस्तार से दिए गए हैं: 1. निर्मला सीतारमण का प्रहार: "TMC कट मनी ले रही है और नाम GST का दे रही है" वित्त मंत्री ने बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी: जीएसटी पर स्पष्टीकरण: सीतारमण ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने यह कहकर झूठ फैलाया कि जन्म से लेकर मृत्यु तक हर चीज पर जीएसटी लग रहा है। उन्होंने सवाल किया— दूध, पढ़ाई, पेंसिल शार्पनर, किताबों और स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी कब लगा? फ्यूनरल और बीमा: उन्होंने स्पष्ट किया कि अंत्येष्टि (Funeral) पर कोई जीएसटी नहीं है और हालिया सुधारों में स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा से भी जीएसटी हटा दिया गया है। कट मनी का तंज: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की बात को दोहराते हुए सीतारमण ने कहा कि बंगाल में उनके लोग 'कट मनी' ले रहे हैं और जनता को यह बता रहे हैं कि यह जीएसटी है। पेट्रोल की कीमतें: वित्त मंत्री ने चुनौती दी कि यदि बंगाल सरकार जनता का बोझ कम करना चाहती है, तो वह पेट्रोल पर अपना टैक्स कम करे, जो दिल्ली से ₹10 महंगा है। 2. राहुल गांधी के आरोप: "प्रधानमंत्री ने भारत माता को बेच दिया" नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में सरकार की विदेश नीति और अडाणी समूह के अमेरिकी केस को लेकर गंभीर हमले किए: अडाणी और मोदी: राहुल ने कहा कि अमेरिका में अडाणी पर जो केस चल रहा है, वह दरअसल पीएम मोदी को नियंत्रित करने का एक तरीका है। उन्होंने दावा किया कि "प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिख रहा है।" एपस्टीन फाइल्स: राहुल गांधी ने सदन में 'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अनिल अंबानी का नाम है। उन्होंने हरदीप सिंह पुरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि "मैं जानता हूं कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था।" अमेरिका के सामने सरेंडर: राहुल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने भारतीय डेटा और किसानों के हितों को अमेरिका को सौंप दिया है। उन्होंने कहा, "हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं, बराबरी पर बात होनी चाहिए।" 3. किरेन रिजिजू का पलटवार: राहुल के खिलाफ 'विशेषाधिकार नोटिस' राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया: विशेषाधिकार नोटिस (Privilege Notice): केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया है और प्रधानमंत्री व मंत्रियों पर बिना सबूत बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इसके लिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाया जाएगा। बदतमीजी के आरोप: रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की है। 4. बजट चर्चा के अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स अखिलेश यादव को जवाब: निर्मला सीतारमण ने अखिलेश यादव के यूपी में बुलेट ट्रेन न मिलने के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि दो हाईस्पीड कॉरिडोर यूपी से गुजरते हैं और रेलवे बजट में यूपी का हिस्सा बढ़ाया गया है। किसानों के लिए AI: वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़े। केरल और कम्युनिस्ट सरकार: सीतारमण ने कहा कि केरल जैसे राज्यों में कम्युनिस्ट सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां SC-ST के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं। ओवैसी का 'गोरी चमड़ी' वाला बयान: AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि "वह 'गोरी चमड़ी' वाला डोनाल्ड ट्रम्प कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम रूस से तेल खरीदें या नहीं।" 📊 संसद में टकराव के प्रमुख मुद्दे नेता मुख्य आरोप / बयान सरकार का जवाब / स्टैंड राहुल गांधी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर किया; अडाणी-एपस्टीन का मुद्दा। रिजिजू बोले- सबूत दें या विशेषाधिकार नोटिस झेलें। अभिषेक बनर्जी जन्म से मृत्यु तक हर चीज पर GST लग रहा है। सीतारमण बोलीं- यह कोरा झूठ है, बंगाल सरकार पेट्रोल के दाम घटाए। अखिलेश यादव यूपी को बजट में कुछ नहीं मिला, बुलेट ट्रेन नहीं दी। सीतारमण बोलीं- डेटा गलत है, यूपी रेलवे बजट में वृद्धि हुई है। असदुद्दीन ओवैसी अमेरिकी टैरिफ हमारी संप्रभुता पर हमला है। सरकार ने कहा- हमने किसानों के हित को ध्यान में रखकर डील की। 5. स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर 120 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। नियम के अनुसार, जब तक इस पर चर्चा नहीं हो जाती, ओम बिरला सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे। इस प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना है।

रवि चौहान फ़रवरी 11, 2026 0
दिल्ली पुलिस ने पेंगुइन इंडिया को नोटिस भेजा
दिल्ली पुलिस का पेंगुइन इंडिया को नोटिस; 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के उन अंशों पर बवाल, जिन्होंने हिलाई मोदी सरकार।

जनरल एमएम नरवणे की 'लीक' किताब पर दिल्ली पुलिस का एक्शन: पेंगुइन इंडिया को नोटिस; राहुल गांधी का बड़ा हमला- 'पीएम मोदी जिम्मेदारी लेने से डरे' नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की संस्मरण पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अदालती और पुलिसिया कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रकाशन संस्था पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी कर किताब के लीक होने और प्री-प्रिंट कॉपी सर्कुलेट होने पर जवाब मांगा है। वहीं, इस मुद्दे पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक संग्राम छिड़ा हुआ है। यहाँ इस पूरे विवाद, किताब के विवादित अंश और चल रही जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: स्पेशल सेल का पेंगुइन को नोटिस दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। नोटिस का आधार: सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन न्यूज फोरम पर इस किताब की टाइपसेट PDF कॉपी और कवर इमेज वायरल हो रही थी। पुलिस का मानना है कि यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है क्योंकि किताब को अभी रक्षा मंत्रालय से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) नहीं मिला है। पेंगुइन का बचाव: पेंगुइन इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके सभी अधिकार सुरक्षित हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि न तो कोई छपी हुई कॉपी बाजार में है और न ही डिजिटल वर्जन। 2. राहुल गांधी के गंभीर आरोप: "आर्मी चीफ या पेंगुइन, कौन झूठ बोल रहा?" लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि जनरल नरवणे ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी किताब उपलब्ध होने की बात कही थी। असुविधाजनक सच: राहुल गांधी ने कहा, "किताब में ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए बहुत असुविधाजनक हैं, इसलिए इसे दबाया जा रहा है।" जिम्मेदारी का सवाल: राहुल ने संसद में किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें लिखा है कि चीन के साथ तनाव के वक्त पीएम मोदी ने जनरल नरवणे से कहा था- "जो उचित समझो, वो करो!" राहुल का तर्क है कि प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण सैन्य फैसले की जिम्मेदारी लेने से पल्ला झाड़ लिया था। 3. 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का सबसे बड़ा खुलासा: 31 अगस्त 2020 की रात कांग्रेस द्वारा साझा किए गए किताब के अंशों में लद्दाख के रेचिन ला में भारत-चीन के बीच हुए उस तनाव का जिक्र है, जिसने लगभग युद्ध की स्थिति पैदा कर दी थी: तारीख: 31 अगस्त, 2020 (रात का घटनाक्रम) रात 8:15 बजे: सूचना मिली कि चीनी टैंक भारतीय ठिकानों की ओर बढ़ रहे हैं। रात 8:30 – 10:10 बजे: जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और NSA अजित डोभाल से संपर्क किया और "स्पष्ट निर्देश" मांगे कि क्या चीनी टैंकों पर फायर खोलना चाहिए? असमंजस की स्थिति: सेना प्रमुख को ऊपर से कोई ठोस आदेश नहीं मिल रहा था। नॉर्दर्न कमांड के चीफ योगेश जोशी ने बताया कि टैंक अब केवल 500 मीटर दूर हैं और आर्टिलरी फायर ही एकमात्र रास्ता है। रात 10:30 बजे: राजनाथ सिंह का फोन आया और उन्होंने पीएम मोदी का संदेश दिया- "जो उचित समझो, वो करो।" नरवणे का निष्कर्ष: नरवणे ने किताब में लिखा है कि यह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला होने वाला था। उन्हें ब्रीफ किया गया था, लेकिन पीएम ने सीधा फैसला लेने के बजाय पूरी जिम्मेदारी सेना प्रमुख पर डाल दी। 📊 विवाद का टाइमलाइन: 2023 से 2026 तक समय घटनाक्रम 2023 जनरल नरवणे ने किताब का ड्राफ्ट रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा। 2024 किताब की कुछ कॉपियां अमेजन पर 'प्री-ऑर्डर' के लिए दिखीं, फिर हट गईं। फरवरी 2026 राहुल गांधी ने संसद में किताब के पन्ने लहराए; 8 सांसदों का निलंबन हुआ। 10 फरवरी 2026 पेंगुइन इंडिया ने ट्वीट डिलीट किया और दबाव में होने के आरोप लगे। 11 फरवरी 2026 दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पेंगुइन को नोटिस भेजा। 4. अग्निवीर योजना पर नरवणे का रुख किताब में केवल चीन विवाद ही नहीं, बल्कि मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी 'अग्निवीर योजना' का भी रिव्यू किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, नरवणे ने इस योजना के लागू होने के तरीके और इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर कुछ सवाल उठाए हैं, जिसे सरकार सार्वजनिक नहीं होने देना चाहती। 5. किरेन रिजिजू का पलटवार केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहे हैं। सरकार का रुख है कि सेना के आंतरिक दस्तावेजों और संस्मरणों को बिना आधिकारिक मंजूरी के प्रकाशित करना 'ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट' का उल्लंघन हो सकता है।

रवि चौहान फ़रवरी 11, 2026 0
लोकसभा में रिजिजू बोले- PM पर आरोप लगाया, सबूत दें
राहुल ने अडानी और एपस्टीन फाइल्स पर सरकार को घेरा; किरेन रिजिजू बोले- लाएंगे प्रिविलेज नोटिस।

संसद में राहुल गांधी का 'महा-भाषण': अडानी, एपस्टीन फाइल्स और भारत माता को बेचने के आरोपों से दहला सदन; सरकार लाएगी प्रिविलेज नोटिस नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 बजट सत्र के 11वें दिन लोकसभा में उस वक्त सियासी भूचाल आ गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइल्स, अडानी विवाद और इंडो-यूएस ट्रेड डील को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने "भारत माता को बेच दिया है।" वहीं, सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस (विशेषाधिकार हनन) लाने का ऐलान किया है। संसद की इस ऐतिहासिक और विवादास्पद कार्यवाही का विस्तृत ब्यौरा नीचे दिया गया है: 1. "अडानी पर केस, दरअसल मोदी पर केस है" राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत अडानी समूह पर अमेरिका में चल रहे कानूनी मामलों से की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कॉर्पोरेट मामला नहीं है, बल्कि भाजपा के वित्तीय ढांचे (Financial Structure) की जड़ें इससे जुड़ी हैं। सीधा आरोप: राहुल ने कहा, "अडानी पर जो केस अमेरिका में चल रहा है, वह असल में पीएम मोदी पर है। अगर अडानी का ढांचा गिरता है, तो भाजपा का आर्थिक तंत्र भी ढह जाएगा।" किरेन रिजिजू का हस्तक्षेप: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी को ये आरोप साबित करने होंगे, अन्यथा इन्हें रिकॉर्ड से हटा दिया जाए। राहुल ने जवाब दिया, "मेरे पास सारे सबूत हैं और मैं अभी देने को तैयार हूं।" 2. एपस्टीन फाइल्स और हरदीप पुरी का जिक्र राहुल गांधी ने पहली बार भारतीय संसद में विवादित 'एपस्टीन फाइल्स' का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी फाइल्स में भारतीय नेताओं और उद्योगपतियों के नाम शामिल हैं। हरदीप पुरी और अनिल अंबानी: राहुल ने सदन के बाहर कहा कि अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइल्स में हरदीप सिंह पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "अनिल अंबानी जेल क्यों नहीं गए? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं जानता हूं और हरदीप पुरी भी जानते हैं कि उन्हें एपस्टीन से किसने मिलवाया था।" सरकार का पलटवार: किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी नोटिस के मंत्रियों पर गंभीर और झूठे आरोप लगा रहे हैं, जो संसदीय मर्यादा के खिलाफ है। 3. भारत-अमेरिका ट्रेड डील: "क्या आपने भारत माता को बेच दिया?" राहुल गांधी ने हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'सरेंडर' करार दिया। उन्होंने डेटा सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा। डेटा की चोरी: राहुल ने कहा, "AI के इस दौर में डेटा नया 'पेट्रोल' है। अमेरिका को अपनी सुपरपावर बनाए रखने के लिए भारतीय डेटा चाहिए और मोदी सरकार ने इसे उन्हें सौंप दिया है।" किसानों पर चोट: राहुल ने आंकड़ों के साथ दावा किया कि ट्रेड डील के कारण अमेरिकी आयात 46 अरब डॉलर से बढ़कर 146 अरब डॉलर हो जाएगा। हमारा टैरिफ 3% से बढ़कर 18% हो गया है, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे। इमोशनल हमला: उन्होंने चिल्लाते हुए पूछा, "क्या आपको भारत माता को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका के हाथों में गिरवी रख दी है।" 4. "प्रधानमंत्री के हाथ में किसी और की कमान है" राहुल ने प्रधानमंत्री की शारीरिक भाषा (Body Language) पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे डरे हुए हैं। मार्शल आर्ट का उदाहरण: राहुल ने जूडो-कराटे का उदाहरण देते हुए कहा, "जियोपॉलिटिक्स में ग्रिप (पकड़) देखी जाती है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री का गला पकड़ रखा है, इसलिए वे ऐसे फैसले ले रहे हैं जो भारत के हित में नहीं हैं।" जवाबदेही: राहुल ने कहा कि अगर 'इंडिया ब्लॉक' सत्ता में होता, तो हम बराबरी पर बात करते। हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं। 📊 संसद डायरी: आज के मुख्य घटनाक्रम विषय राहुल गांधी का बयान सरकार का पक्ष अडानी केस यह भाजपा का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है। यह बेबुनियाद और झूठा आरोप है। एपस्टीन फाइल्स इसमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी का नाम है। बिना सबूत और नोटिस के आरोप लगाना अपराध है। ट्रेड डील भारत माता को बेच दिया गया है। यह डील भारत के विकास के लिए मील का पत्थर है। विपक्षी सांसद 8 सांसदों का निलंबन लोकतंत्र की हत्या है। निलंबन वापस नहीं होगा, उन्होंने मर्यादा तोड़ी है। 5. किरेन रिजिजू का आरोप: "स्पीकर को गालियां दी गईं" संसदीय कार्य मंत्री ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ बदसलूकी और गाली-गलौज की। चैंबर में घुसपैठ: रिजिजू के अनुसार, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में सांसदों ने स्पीकर का अपमान किया। प्रिविलेज नोटिस: सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ सदन को गुमराह करने के लिए 'विशेषाधिकार हनन' का नोटिस लाने का फैसला किया है। 6. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सस्पेंस विपक्ष द्वारा ओम बिरला को हटाने के नोटिस में तकनीकी खामियां पाई गई हैं (जैसे कि साल 2025 लिखा होना)। हालांकि, स्पीकर ने उदारता दिखाते हुए सचिवालय को नोटिस की खामियां दूर कर उस पर विचार करने को कहा है। अगली तारीख: इस अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। तब तक ओम बिरला सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे।

रवि चौहान फ़रवरी 11, 2026 0
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश
विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ पेश किया नोटिस; राहुल गांधी का जनरल नरवणे की किताब पर बड़ा दावा; अखिलेश बोले- बजट दिशाहीन।

संसद में महासंग्राम: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का ऐतिहासिक कदम; 'नरवणे बुक' और बजट पर घमासान नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में आज का दिन बेहद उथल-पुथल भरा रहा। बजट सत्र के 10वें दिन विपक्ष ने एक बड़ा संवैधानिक दांव खेलते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) का नोटिस पेश कर दिया। उधर, सदन के बाहर पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की किताब को लेकर राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच 'जुबानी जंग' तेज हो गई है। यहाँ आज की संसदीय कार्यवाही और विवादों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: मुख्य वजह और प्रक्रिया विपक्ष ने लोकसभा सचिवालय को दोपहर 1:14 बजे आधिकारिक नोटिस सौंपा। इस कदम के पीछे की कूटनीति और नियम निम्नलिखित हैं: आरोप: प्रस्ताव में कहा गया है कि स्पीकर ओम बिरला खुलेआम 'एकतरफा' तरीके से सदन चला रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों (जैसे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव) पर बोलने नहीं दिया गया और विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए 8 सांसदों को मनमाने ढंग से सस्पेंड किया गया। नोटिस पर हस्ताक्षर: कुल 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कांग्रेस, सपा, डीएमके और वामपंथी दल शामिल हैं। TMC का रुख: दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने फिलहाल इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे प्रस्ताव का समर्थन करते हैं लेकिन स्पीकर को जवाब देने के लिए 1-2 दिन का समय दिया जाना चाहिए था। राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं: सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुद इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं, जो एक सोची-समझी रणनीतिक दूरी हो सकती है। संवैधानिक प्रावधान: यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत दिया गया है। स्पीकर ने सेक्रेटरी जनरल को इस नोटिस की जांच करने का निर्देश दिया है। 2. सदन की कार्यवाही: हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल मंगलवार को लोकसभा में कामकाज के नाम पर केवल शोर-शराबा ही देखने को मिला: 11:00 AM: सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आ गए। महज 1 मिनट में कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विशेष बात यह थी कि आज स्पीकर की कुर्सी पर ओम बिरला नहीं, बल्कि पीसी मोहन बैठे थे। 12:00 PM: दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष ने 'वी वॉन्ट जस्टिस' के नारे जारी रखे। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने हाथ जोड़कर विपक्ष से बजट पर चर्चा करने की विनती की, लेकिन शोर नहीं थमा और सदन 2 बजे तक स्थगित हो गया। 02:00 PM: तीसरी बार कार्यवाही शुरू होने पर केपी तेनेट्टी ने चेयर संभाली। हंगामे के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट पर चर्चा की शुरुआत की। 3. 'नरवणे बुक' कॉन्ट्रोवर्सी: राहुल गांधी का बड़ा बयान सदन के बाहर राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर सरकार को घेरा: "या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन (पब्लिशर)। नरवणे ने खुद X पर पोस्ट किया था कि किताब उपलब्ध है। मैं पेंगुइन के बजाय एक पूर्व आर्मी चीफ की बात पर विश्वास करना चुनूंगा। सरकार इस किताब से डरी हुई है क्योंकि इसमें अग्निवीर, चीन विवाद और इंडो-US ट्रेड डील से जुड़ी असुविधाजनक बातें हैं।" उधर, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब पब्लिशर कह रहा है कि किताब छपी ही नहीं, तो राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं। 📊 बजट चर्चा: शशि थरूर और अखिलेश यादव के प्रहार जब 2 बजे बजट पर चर्चा शुरू हुई, तो विपक्ष ने सरकार के आर्थिक दावों की धज्जियां उड़ाईं: नेता मुख्य आरोप / बिंदु शशि थरूर सरकार केवल 'हेडलाइन मैनेजमेंट' करती है। जल जीवन और SC विकास योजनाओं का पैसा खर्च ही नहीं हुआ। आम जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ गया है। अखिलेश यादव यह बजट 'दिशाहीन' है। 11 साल से बजट आ रहा है लेकिन लोगों की आय नहीं बढ़ी। सरकार बताए कि '0' बड़ा है या '18' (टैक्स कटौती का संदर्भ)। अखिलेश यादव यूपी के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। यूएस डील के बाद विदेशी माल आएगा, तो हमारे किसान क्या उगाएंगे? 4. सत्ता पक्ष का बचाव और जवाबी हमला किरेन रिजिजू का वीडियो: रिजिजू ने 4 फरवरी के हंगामे का वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गुंडागर्दी कर रहे थे और पीएम की सीट तक पहुंच गए थे। गिरिराज सिंह का प्रहार: उन्होंने नेहरू पर कश्मीर को गिरवी रखने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। संख्या बल: रिजिजू ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के पास नंबर नहीं हैं, इसलिए वे अविश्वास प्रस्ताव के जरिए स्पीकर को हटा नहीं पाएंगे, वे केवल ड्रामा कर रहे हैं।

रवि चौहान फ़रवरी 10, 2026 0
पेंगुइन का दावा- नरवणे की किताब पब्लिश नहीं हुई
राहुल गांधी बनाम पेंगुइन इंडिया; 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के लीक होने पर दिल्ली पुलिस की FIR।

जनरल नरवणे की किताब पर 'महा-महाभारत': राहुल गांधी बोले- पेंगुइन या पूर्व आर्मी चीफ, कोई एक झूठ बोल रहा है; FIR के बाद विवाद गहराया नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर देश की राजनीति और पब्लिशिंग जगत में भूचाल आ गया है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा किताब के प्रकाशित न होने के दावे और राहुल गांधी द्वारा सेना प्रमुख की 'सच्चाई' पर दिए गए बयान ने इस विवाद को अब सीधे 'भरोसे की जंग' बना दिया है। यहाँ इस पूरे विवाद के प्रमुख बिंदु और किताब के विवादित अंश दिए गए हैं: 1. राहुल गांधी का हमला: "किस पर करें भरोसा?" मंगलवार को लोकसभा के बाहर राहुल गांधी ने पेंगुइन इंडिया की सफाई पर तीखा पलटवार किया: विवादित ट्वीट: राहुल ने कहा कि जनरल नरवणे ने खुद 'X' पर पोस्ट कर अपनी किताब का लिंक साझा किया था। सीधा सवाल: "या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन कंपनी। मैंने आर्मी चीफ पर विश्वास करना चुना है। क्या आप एक जनरल के बजाय पब्लिशिंग कंपनी पर यकीन करेंगे?" दबाव का आरोप: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि भारी सरकारी दबाव के कारण पेंगुइन ने अपना पुराना ट्वीट और लिंक डिलीट किया है, जबकि किताब 2024 में अमेजन पर उपलब्ध थी। 2. पेंगुइन और दिल्ली पुलिस की सफाई पब्लिशर का स्टैंड: पेंगुइन रैंडम हाउस ने आधिकारिक तौर पर कहा कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और इसका कोई भी हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया है। FIR दर्ज: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किताब की PDF कॉपी ऑनलाइन लीक होने के मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि रक्षा मंत्रालय से अभी तक पब्लिकेशन के लिए आवश्यक मंजूरी (Clearance) नहीं मिली है। 3. 'अग्निवीर' और 'चीनी घुसपैठ' के खुलासे किताब की जो कथित कॉपी चर्चा में है, उसमें लद्दाख संकट (31 अगस्त 2020) के दौरान प्रधानमंत्री के एक निर्देश का जिक्र है, जो सरकार के लिए असहज करने वाला है: समय (31 अगस्त 2020) घटनाक्रम (अनपब्लिश्ड बुक के अनुसार) रात 8:15 बजे चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर भारतीय पोस्ट के करीब बढ़ रहे थे। रात 9:25 बजे जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से 'स्पष्ट निर्देश' मांगे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रात 10:10 बजे चीनी टैंक चोटी से महज 500 मीटर दूर थे। आर्टिलरी फायर खोलने की स्थिति बनी। रात 10:30 बजे राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी से बात कर निर्देश दिया— "जो उचित समझो, वो करो।" नरवणे का कथित बयान: "पूरी जिम्मेदारी मुझ पर डाल दी गई थी। पीएम ने ब्रीफिंग ली, लेकिन फैसला लेने से मना कर दिया था।" 4. संसद में गतिरोध और सस्पेंशन राहुल की कोशिश: राहुल गांधी संसद में इस किताब के अंश पढ़ना चाहते थे और किताब की कॉपी लेकर सदन में पहुंचे थे। सस्पेंशन: इस मुद्दे पर हंगामे के चलते लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 8 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड कर दिया था। सरकार का तर्क है कि जिस किताब का अस्तित्व ही नहीं है, उस पर चर्चा कैसे हो सकती है? 📊 जनरल एम.एम. नरवणे: करियर प्रोफाइल पद: 27वें थल सेना प्रमुख (2019-2022)। चुनौतियां: उनके कार्यकाल में गलवान हिंसा और चीन के साथ सबसे बड़ा सैन्य तनाव रहा। किताब की स्थिति: एक साल से अधिक समय से रक्षा मंत्रालय (MoD) के पास रिव्यू के लिए लंबित।

रवि चौहान फ़रवरी 10, 2026 0
फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या
राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी की हत्या; कैदी अब्बू जट ने नीमका जेल में मार डाला।

राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी का जेल में मर्डर: फरीदाबाद की नीमका जेल में खूंखार कैदी 'अब्बू जट' ने नुकीली चीज से उतारा मौत के घाट फरीदाबाद | 9 फरवरी 2026 हरियाणा की हाई-सिक्योरिटी वाली फरीदाबाद (नीमका) जेल से सनसनीखेज खबर सामने आई है। अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश रचने के आरोपी अलकायदा (AQIS) के आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई है। इस वारदात को मर्डर केस में बंद खूंखार कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने अंजाम दिया। यहाँ इस हाई-प्रोफाइल मर्डर से जुड़ी पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हाई-सिक्योरिटी सेल में खूनी संघर्ष घटना रविवार देर रात की है, जब नीमका जेल की अति विशेष सुरक्षा सेल (High Security Cell) में बंद दोनों कैदियों के बीच विवाद हुआ। नुकीली चीज से हमला: अरुण चौधरी ने किसी नुकीली चीज से अब्दुल रहमान पर ताबड़तोड़ वार किए। आतंकी अब्दुल लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मर्डर का समय: जेल प्रशासन को देर रात वारदात का पता चला, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल भिजवाया गया। 2. कौन था आतंकी अब्दुल रहमान? यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला 20 वर्षीय अब्दुल रहमान कोई साधारण अपराधी नहीं था: राम मंदिर की साजिश: उसे 2 मार्च 2025 को फरीदाबाद के पाली इलाके से गुजरात ATS और हरियाणा STF ने पकड़ा था। उसके पास से 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। आतंकी कनेक्शन: वह अलकायदा (AQIS) के हैंडलर अबू सूफियान के संपर्क में था और उसे 4 अप्रैल को अयोध्या में धमाका करने का निर्देश मिला था। सोशल मीडिया से भर्ती: पेशे से ई-रिक्शा चलाने वाला अब्दुल भड़काऊ वीडियो के जरिए आतंकियों के रडार पर आया था। जांच एजेंसियां हैरान थीं कि एक गरीब रिक्शा चालक के पास महंगा मोबाइल और हथियार कहाँ से आए। 3. कातिल अरुण चौधरी: जम्मू का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल की हत्या करने वाला अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट भी अपराध की दुनिया का बड़ा नाम है: अक्षय शर्मा हत्याकांड: अरुण जम्मू के सांबा में हुए चर्चित अक्षय शर्मा मर्डर केस का मुख्य आरोपी है। कठुआ जेल से ट्रांसफर: 2024 में उसने इंस्टाग्राम लाइव आकर कठुआ जेल प्रशासन पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे फरीदाबाद की नीमका जेल शिफ्ट किया गया था। 📊 जेल सुरक्षा पर सवाल: एक साथ क्यों थे दोनों? कैदी का नाम श्रेणी केस / आरोप अब्दुल रहमान आतंकी (AQIS) राम मंदिर उड़ाने की साजिश, विस्फोटक अधिनियम अरुण चौधरी गैंगस्टर हत्या, रंगदारी और जेल प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप विवाद का विषय: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक कट्टरपंथी आतंकी और एक खूंखार गैंगस्टर को एक ही हाई-सिक्योरिटी सेल में क्यों रखा गया था? 4. जांच और सुरक्षा ऑडिट जेल सूत्रों के मुताबिक, अरुण चौधरी को सुरक्षा कारणों से 'अति विशेष सेल' में रखा गया था, जहाँ अब्दुल रहमान भी बंद था। हत्या में इस्तेमाल की गई 'नुकीली चीज' जेल के भीतर कैसे पहुंची, इसकी जांच के लिए DC और जेल महानिदेशक ने सख्त आदेश दिए हैं। डबुआ थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

रवि चौहान फ़रवरी 9, 2026 0
राहुल बोले- स्पीकर ने कमिट किया, क्या आप बोलने देंगे
Lok Sabha Adjourned: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी; राहुल गांधी बोले- सरकार बहस से डर रही है।

संसद में घमासान: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष; राहुल गांधी को बोलने न देने पर लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित नई दिल्ली | 9 फरवरी 2026 बजट सत्र के 9वें दिन संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न मिलने और स्पीकर द्वारा महिला सांसदों पर लगाए गए आरोपों के विरोध में सदन की कार्यवाही मात्र 13 मिनट ही चल पाई। अब खबरें आ रही हैं कि विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A.) लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। यहाँ आज की कार्यवाही और विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है: 1. राहुल गांधी बनाम सरकार: "बोलने देंगे या नहीं?" दोपहर 2 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो राहुल गांधी और आसंदी (स्पीकर की चेयर) पर बैठीं संध्या राय के बीच तीखी बहस हुई: राहुल का दावा: राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर ने एक घंटे पहले केबिन में उनसे वादा किया था कि बजट चर्चा से पहले उन्हें बोलने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने सीधे सवाल किया— "क्या आप मुझे बोलने देंगी या नहीं?" सरकार का पलटवार: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि वे भी केबिन में थे और ऐसा कोई 'कमिटमेंट' नहीं हुआ था। नतीजा: हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 2. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार, विपक्ष स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। नियम: इस प्रस्ताव को लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों का लिखित समर्थन और 14 दिन का नोटिस जरूरी है। वजह: कांग्रेस की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर दुख जताया है कि उन्होंने सत्ता पक्ष के दबाव में विपक्ष की महिला सांसदों पर 'झूठे और अपमानजनक' आरोप लगाए हैं। 3. प्रियंका गांधी का हमला: "मोदी जी में सदन आने की हिम्मत नहीं" कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा: "नरेंद्र मोदी जी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की, इसलिए स्पीकर से सफाई दिलवा रहे हैं। स्पीकर पर इतना प्रेशर है कि उन्हें खुद बयान देना पड़ रहा है। महिला सांसदों का अपमान किया गया है।" 📊 सदन के भीतर क्या है विवाद के मुख्य मुद्दे? मुद्दा विपक्ष का आरोप सरकार/स्पीकर का पक्ष जनरल नरवणे की किताब सरकार चर्चा से डर रही है और बोलने नहीं दे रही। रक्षा मंत्री के अनुसार किताब अभी छपी ही नहीं है। महिला सांसद विवाद स्पीकर ने महिला सांसदों पर झूठे आरोप लगाए। सत्ता पक्ष का दावा है कि विपक्षी सदस्य मर्यादा लांघ रहे हैं। बजट और US डील किसानों पर असर और US डील पर चर्चा नहीं हो रही। विपक्ष बिना नोटिस दिए किसी भी मुद्दे पर बोलना चाहता है। 4. राहुल गांधी के 3 बड़े सवाल सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाए: सरकार बहस से क्यों डर रही है? खासकर बजट और अमेरिकी सौदों (US Deals) पर। गलत जानकारी: रक्षा मंत्री ने सदन में झूठ क्यों बोला कि नरवणे की किताब छपी नहीं है, जबकि वह बाजार में है? झूठे आरोप: यह झूठ फैलाया गया कि विपक्ष पीएम को धमकी दे रहा है। अगर ऐसा है, तो एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार क्यों नहीं करते?

रवि चौहान फ़रवरी 9, 2026 0
पंजाब में लॉ छात्रा की हत्या कर सुसाइड किया
Tarn Taran Law College Shootout: तरनतारन लॉ कॉलेज में मर्डर और सुसाइड; एकतरफा प्यार में संदीप कौर की हत्या; क्लासरूम का CCTV आया सामने।

तरनतारन लॉ कॉलेज में खूनी खेल: एकतरफा प्यार में छात्र ने छात्रा को सिर में मारी गोली, फिर खुद को भी उड़ाया; 6 बहनों की इकलौती उम्मीद खत्म तरनतारन | 9 फरवरी 2026 पंजाब के तरनतारन स्थित एक लॉ कॉलेज में सोमवार सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक छात्र ने भरी क्लास में अपनी सहपाठी छात्रा की हत्या कर खुदकुशी कर ली। 'वेलेंटाइन वीक' के दौरान हुए इस दिल दहला देने वाले कांड की वजह एकतरफा प्यार और छात्रा द्वारा शादी के प्रस्ताव को ठुकराना बताया जा रहा है। यहाँ इस वारदात की पूरी टाइमलाइन और विवरण दिया गया है: 1. सीसीटीवी में कैद मौत का मंजर कॉलेज के क्लासरूम से आए फुटेज के अनुसार, सुबह 9:16 बजे खौफनाक वारदात हुई: बातचीत और हत्या: आरोपी प्रिंसराज सिंह क्लास में संदीप कौर (20) के पास जाकर बैठा। कुछ देर बात करने के बाद उसने अचानक बैग से पिस्टल निकाली और संदीप के सिर से सटाकर गोली मार दी। खुदकुशी: संदीप के गिरते ही प्रिंसराज ने तुरंत पिस्टल दोबारा लोड की और खुद की कनपटी पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पॉइंट ब्लैंक रेंज: हमला इतनी करीब से था कि संदीप का ब्रेन फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 2. हत्या की वजह: एकतरफा प्यार और दबाव पुलिस जांच के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार: सगाई बन गई दुश्मन: मृतक छात्रा संदीप कौर की हाल ही में सगाई हुई थी। प्रिंसराज उस पर सगाई तोड़ने और उससे शादी करने का दबाव बना रहा था। रिजेक्शन का बदला: माना जा रहा है कि 8 फरवरी (प्रपोज डे) को प्रिंसराज ने उसे प्रपोज किया था, लेकिन संदीप के इनकार के बाद उसने कत्ल की साजिश रची। 3. परिवार का दर्द: "टीचर ने कहा- चोट लगी है" संदीप की मां हरजिंदर कौर ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं: गुमराह करने का आरोप: मां ने बताया कि कॉलेज से फोन आया कि बेटी का झगड़ा हुआ है और उसे मामूली चोट लगी है। जब वे कॉलेज पहुंचे, तो वहां उनकी बेटी की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। इकलौता सहारा: संदीप के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह 6 बहनों और एक छोटे भाई के परिवार में बड़ी उम्मीद थी। 📊 केस फाइल: मुख्य बिंदु विवरण जानकारी मृतक छात्रा संदीप कौर (लॉ फर्स्ट ईयर) आरोपी छात्र प्रिंसराज सिंह (तरनतारन निवासी) हथियार अवैध पिस्टल (पुलिस जांच जारी) सुरक्षा चूक कॉलेज गेट पर चेकिंग न होना, बैग में पिस्टल ले जाना 4. कॉलेज प्रबंधन पर उठते सवाल वारदात के बाद गुस्साए परिजनों ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। किसी ने यह चेक नहीं किया कि छात्र बैग में हथियार लेकर क्लासरूम तक कैसे पहुंच गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि प्रिंसराज के पास पिस्टल कहाँ से आया। एसीपी जगबीर के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार उसके पिता का लाइसेंसी था या उसने अवैध रूप से खरीदा था।

रवि चौहान फ़रवरी 9, 2026 0
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला गिरा
सूरजकुंड मेला दुर्घटना 2026: सूरजकुंड मेला में झूला गिरा; पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल; डीसी ने दिया विस्तृत जांच आदेश।

सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा: झूला गिरने से इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल; मेला ग्राउंड खाली कराकर जांच के आदेश फरीदाबाद | 7 फरवरी 2026 हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में शनिवार को खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। मेले के एम्यूजमेंट पार्क में एक बड़ा झूला अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान चली गई, जबकि 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यहाँ हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है: 1. कैसे हुआ हादसा? शनिवार की भीड़ के दौरान मेले में लगा एक बड़ा झूला (Giant Swing) हवा में था, तभी तकनीकी खराबी के कारण वह अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़ा। इंस्पेक्टर की मौत: हादसे की चपेट में आने से पलवल के चांदहट थाने के SHO जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। वे मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात थे। चीख-पुकार: झूले पर उस वक्त 18 लोग सवार थे। झूला गिरते ही मेले में भगदड़ मच गई। चश्मदीदों के मुताबिक, झूला पहले रेलिंग में अटका और फिर अचानक धड़ाम से नीचे आ गिरा। 2. प्रशासन की कार्रवाई: मेला ग्राउंड खाली हादसे के तुरंत बाद फरीदाबाद के डिप्टी कमिश्नर (DC) आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ग्राउंड खाली: सुरक्षा और जांच के मद्देनजर मेला ग्राउंड को तुरंत खाली करा दिया गया। घायलों का उपचार: कुल 13 घायलों में से 9 को निजी अस्पताल और 3 को बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच के आदेश: DC सिन्हा ने कहा कि वेंडर की लापरवाही की गहन जांच होगी। टूरिज्म विभाग की डेली इंस्पेक्शन रिपोर्ट की भी समीक्षा की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त एफआईआर दर्ज की जाएगी। 3. गेट गिरने की दूसरी घटना झूला गिरने से पहले शनिवार शाम को ही गेट नंबर-2 के पास बना एक डिजाइनर गेट भी अचानक गिर गया था। यह गेट पहले से ही झुका हुआ था। इसकी चपेट में आने से एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने मलबा हटाया। 📊 सूरजकुंड मेला 2026: एक नज़र में विवरण जानकारी अवधि 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक प्रतिभागी 30 राज्यों के 1150 कलाकार और 46 देश उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा हादसे का शिकार इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद (SHO, चांदहट) कुल घायल 13 व्यक्ति 4. चश्मदीद की जुबानी दुकानदार राघव ने बताया, "झूला गिरते ही लोग चिल्लाने लगे। मैंने अपनी जान जोखिम में डालकर झूले पर चढ़कर 7-8 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा। तभी अचानक झूले का बाकी हिस्सा भी नीचे आ गिरा और रेलिंग मेरे कंधे पर लगी। वहां खड़े इंस्पेक्टर साहब बुरी तरह घायल हो गए थे।"

रवि चौहान फ़रवरी 7, 2026 0
मणिपुर- डिप्टी सीएम की हत्या पर ₹20 लाख का इनाम
चुराचांदपुर में डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन; विधायकों पर इनाम का ऐलान; मणिपुर बंद।

मणिपुर फिर अशांत: डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ चुराचांदपुर में हिंसक प्रदर्शन; विधायकों को मारने पर 'इनाम' का ऐलान चुराचांदपुर | 6 फरवरी 2026 मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम से शुरू हुई हिंसा शुक्रवार को और भयावह हो गई है। राज्य की नई सरकार में नेम्चा किप्गेन को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाए जाने के विरोध में कुकी समुदाय के बीच गहरी दरार पैदा हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सुरक्षाबलों पर पथराव किया, बल्कि विधायकों के खिलाफ 'डेथ वारंट' जैसी विवादित घोषणाएं भी की हैं। यहाँ मणिपुर के मौजूदा तनाव की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हिंसक झड़पें और सुरक्षाबलों का पीछे हटना चुराचांदपुर के तुइबोंग मेन मार्केट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है: सुरक्षाबलों पर हमला: सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को बैरकों में धकेलने की कोशिश की और भारी पत्थरबाजी की। असम राइफल्स की तैनाती: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए असम राइफल्स को लगाया गया, लेकिन भीड़ के हिंसक रुख को देखते हुए उन्हें अस्थाई रूप से पीछे हटना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। चक्का जाम: प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया है। 2. विधायकों को जान से मारने की धमकी और 'इनाम' हिंसा के बीच कुछ कट्टरपंथी संगठनों ने चौंकाने वाले ऐलान किए हैं: नेम्चा किप्गेन: डिप्टी सीएम को मारने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही गई है। विधायक एलएम खाउते और एन सेनाते: इन विधायकों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। विश्वासघात का आरोप: कुकी संगठनों का आरोप है कि इन विधायकों ने मैतेई-बहुल सरकार का साथ देकर अपने समुदाय के साथ 'गद्दारी' की है। 📊 मणिपुर विधानसभा में कुकी विधायकों की स्थिति कुल कुकी विधायक भाजपा के विधायक हमार जनजाति प्रतिनिधि ताजा विवाद की वजह 10 07 एन सेनाते (NDA हिस्सा) नई सरकार में डिप्टी सीएम पद स्वीकार करना 3. कुकी समुदाय में दो फाड़ सरकार गठन को लेकर कुकी समाज अब दो गुटों में बंट गया है: विरोध करने वाला धड़ा: इनका मानना है कि इंफाल में हुई हत्याओं और संपत्तियों के नुकसान के बाद मैतेई नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होना शहीदों का अपमान है। आदिवासी संगठन 'जॉइंट फोरम ऑफ सेवन' ने आज 12 घंटे का बंद बुलाया है। समर्थन करने वाला धड़ा: विधायकों का कहना है कि वे समुदाय की सुरक्षा, विकास और बातचीत के रास्ते खोलने के लिए सरकार का हिस्सा बने हैं। 4. पहली महिला डिप्टी सीएम पर संकट नेम्चा किप्गेन मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच चुकी हैं, लेकिन उनके अपने ही गृह जिले चुराचांदपुर में उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। कुकी वीमेंस ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने उनके पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन किया है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
नारेबाजी के बाद लोकसभा सोमवार तक स्थगित
लोकसभा सोमवार तक स्थगित; राहुल गांधी बनाम रवनीत बिट्टू; निशिकांत दुबे बनाएंगे नेहरू-गांधी परिवार पर 'रिसर्च सेंटर'।

संसद में घमासान: लोकसभा 9 फरवरी तक स्थगित; राहुल गांधी को बिट्टू की 'पाठशाला' वाली सलाह और 'ट्रैप डील' पर बवाल नई दिल्ली | 6 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का पहला चरण हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का भारी शोर-शराबा जारी रहा। सुरक्षा आशंकाओं और व्यक्तिगत टिप्पणियों के बीच लोकसभा की कार्यवाही महज 10 मिनट (3 मिनट और 7 मिनट के दो सत्र) ही चल सकी, जिसके बाद इसे सोमवार 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यहाँ आज की संसदीय गहमागहमी की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. "पीएम की पाठशाला में जाएं राहुल": रवनीत बिट्टू का तंज केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और राहुल गांधी के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। बालक और पाठशाला: बिट्टू ने राहुल पर कटाक्ष करते हुए कहा, "कल सबने उन्हें बालक कहा। आज पीएम की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होना सिखाया गया। अगर राहुल भी वहां चले जाएं, तो शायद जीवन में कामयाब हो जाएं।" माफी की मांग: बीजेपी सांसद शशांक मणि ने मांग की कि राहुल गांधी को बिट्टू के खिलाफ 'गद्दार' शब्द इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। 2. नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना और 'लाइब्रेरी' का दांव बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने देश की वर्तमान समस्याओं के लिए सीधे तौर पर नेहरू-गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया। रिसर्च सेंटर: दुबे ने घोषणा की कि वे एक ऐसी लाइब्रेरी और रिसर्च सेंटर बनाएंगे जहां जनता को यह बताया जाएगा कि नेहरू-गांधी परिवार ने देश के साथ क्या किया है। उन्होंने लोगों से इस हेतु पुरानी किताबें दान करने का आग्रह किया। विपक्ष का पलटवार: सपा सांसद राजीव राय और शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी ने इंदिरा गांधी और नेहरू के खिलाफ की गई टिप्पणियों को 'निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। 3. '56 इंच का सीना और सुरक्षा ड्रामा': विपक्ष के सवाल स्पीकर ओम बिरला द्वारा पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मणिकम टैगोर: "हमारे पीएम 56 इंच के सीने वाले हैं, फिर वे ऐसा ड्रामा क्यों कर रहे हैं? क्या वे अपने ही सांसदों से डरे हुए हैं?" प्रमोद तिवारी: उन्होंने कहा कि खुद को असुरक्षित बताकर पीएम ने सदन के सभी सांसदों को असुरक्षित महसूस कराया है। 📊 संसद डायरी: आज क्या हुआ? घटना विवरण लोकसभा स्थगन हंगामे के कारण सोमवार 9 फरवरी सुबह 11 बजे तक स्थगित। राज्यसभा प्राइवेट मेंबर बिल पेश हुए, लेकिन खड़गे और पीएम के भाषण पर बहस के बाद सोमवार तक स्थगित। सस्पेंडेड सांसदों का प्रदर्शन 8 निलंबित सांसदों ने 'ट्रेड डील' को 'ट्रैप डील' बताते हुए संसद के बाहर नारेबाजी की। ऐतिहासिक रिकॉर्ड 2004 के बाद पहली बार राष्ट्रपति का धन्यवाद प्रस्ताव बिना पीएम के भाषण के लोकसभा में पास हुआ। 4. बजट सत्र का अगला पड़ाव बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। सरकार की योजना विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 और प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 जैसे महत्वपूर्ण बिलों को पास कराने की है। हालांकि, विपक्ष 'भारत-अमेरिका ट्रेड डील' और 'आर्मी चीफ की किताब' के मुद्दों पर झुकने को तैयार नहीं है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
एक्टर राजपाल यादव ने किया सरेंडर
राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर किया सरेंडर; चेक बाउंस मामले में 9 करोड़ का बकाया; 25 लाख का चेक भी नहीं आया काम।

राजपाल यादव ने किया जेल में सरेंडर: चेक बाउंस मामले में हाई कोर्ट का सख्त रुख; 9 करोड़ का बकाया, 25 लाख का चेक लेकर पहुंचे थे एक्टर नई दिल्ली | 5 फरवरी 2026 मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े आदेश के बाद राजपाल यादव ने गुरुवार को जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। यह मामला 16 साल पुराने 5 करोड़ रुपये के कर्ज और चेक बाउंस से जुड़ा है, जो ब्याज समेत अब करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। यहाँ इस पूरे कानूनी मामले और आज की अदालती कार्यवाही की मुख्य जानकारी दी गई है: 1. कोर्ट की फटकार: "राहत से पहले सरेंडर जरूरी" राजपाल यादव गुरुवार को सरेंडर करने के बाद व्यक्तिगत रूप से दिल्ली हाई कोर्ट के सामने पेश हुए और राहत की गुहार लगाई। अधूरा भुगतान: राजपाल यादव कोर्ट में 25 लाख रुपये का चेक लेकर आए थे और बाकी रकम जल्द चुकाने का भरोसा दिया। कोर्ट का रुख: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी राहत पर विचार करने से पहले सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। कोर्ट ने कहा कि पहले दी गई राहत बार-बार दिए गए झूठे आश्वासनों के आधार पर थी, जिन्हें एक्टर ने कभी पूरा नहीं किया। 2. मामला क्या है? (2010 से अब तक) यह विवाद राजपाल यादव की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'अता पता लापता' से शुरू हुआ था। कर्ज की शुरुआत: फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने 2010 में 'मुरली प्रोजेक्ट्स' नामक कंपनी से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। चेक बाउंस: 2012 में फिल्म फ्लॉप हो गई, जिसके बाद कर्ज लौटाने के लिए दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए। सजा: 2018 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद वे लगातार ऊपरी अदालतों में अपील और समझौते का झांसा देकर समय मांगते रहे। 📊 राजपाल यादव केस: मुख्य आंकड़े विवरण सांख्यिकी / जानकारी मूल कर्ज (2010) ₹5 करोड़ वर्तमान बकाया (ब्याज सहित) ₹9 करोड़ कोर्ट में आज पेश किया गया चेक ₹25 लाख सजा की अवधि 6 महीने (ट्रायल कोर्ट द्वारा) मुख्य फिल्म अता पता लापता (2012) 3. टाइपिंग मिस्टेक के बहाने खारिज हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की उन दलीलों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें उन्होंने डिमांड ड्राफ्ट में 'तकनीकी या टाइपिंग गलती' का हवाला देकर समय मांगा था। कोर्ट ने कहा कि ये दलीलें अब भरोसे के लायक नहीं हैं। रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा रकम को तुरंत शिकायतकर्ता कंपनी को सौंपने का आदेश दिया गया है।

रवि चौहान फ़रवरी 5, 2026 0
स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था
पीएम मोदी पर हमले की साजिश की धमकी; स्पीकर ओम बिरला ने तौला संबोधित; कांग्रेस पर गंभीर आरोप।

संसद में सुरक्षा अलर्ट: 'पीएम मोदी पर हमले की थी साजिश'; स्पीकर बोले- इसी डर से टाला प्रधानमंत्री का भाषण नई दिल्ली | 5 फरवरी 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में गुरुवार को एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में बताया कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोई 'अप्रत्याशित घटना' (हमला या शारीरिक क्षति) हो सकती थी। इसी सुरक्षा आशंका के चलते प्रधानमंत्री का बुधवार शाम 5 बजे होने वाला संबोधन टालना पड़ा और सदन को स्थगित करना पड़ा। यहाँ संसद में मचे इस अभूतपूर्व हंगामे की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. स्पीकर का सनसनीखेज दावा: "हमले की थी आशंका" लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की गरिमा और सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की: सुरक्षा जोखिम: स्पीकर ने कहा, "कल अध्यक्ष कार्यालय में जो हुआ, वह इतिहास में कभी नहीं हुआ। आशंका थी कि जब पीएम जवाब देने आएंगे, तो विपक्षी सांसद उनकी सीट के पास पहुंचकर कोई बड़ी घटना कर सकते हैं।" महिला सांसदों का घेराव: बिरला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह महिला सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेरा और पोस्टर लहराए, वह देश ने देखा। इसी वजह से मैंने खुद पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया था। 2. 'एजेंट' के तौर पर महिला सांसद? सूत्रों का बड़ा दावा न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं: हमले की योजना: दावा किया गया है कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पर हमले की योजना बना रही थी। महिलाएं बनीं ढाल: योजना के तहत महिला सांसदों को आगे किया गया था ताकि सुरक्षाकर्मी (मार्शल) उन पर कड़ा बल प्रयोग न कर सकें। बैनर और घेराव: बुधवार शाम महिला सांसदों ने पीएम की सीट को घेरकर "जो सही है, वो करो" (Do what is right) के बैनर लहराए थे, जो 8 सांसदों के निलंबन के विरोध में था। 📊 संसदीय इतिहास में पहली बार (2004 के बाद) घटना विवरण धन्यवाद प्रस्ताव गुरुवार को हंगामे के बीच पास कर दिया गया। पीएम का भाषण 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के भाषण के पास हुआ। सस्पेंशन विवाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन पर विपक्ष अड़ा रहा। किताब विवाद राहुल गांधी जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक लेकर अड़े रहे। 3. राहुल गांधी की 'चुनौती' और नरवणे की किताब विपक्ष के हंगामे की एक बड़ी वजह पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की वह अप्रकाशित किताब है, जिसे राहुल गांधी ने सदन में सार्वजनिक करने की जिद पकड़ रखी है। राहुल का दावा: राहुल ने किताब का पेज दिखाते हुए कहा कि पीएम ने चीन विवाद पर आर्मी चीफ से कहा था, "जो उचित समझो वह करो।" सीधी चुनौती: राहुल ने कहा कि पीएम में सदन में आने की हिम्मत नहीं है, अगर वे आते तो मैं खुद उन्हें यह किताब भेंट करता। 4. स्पीकर के ऑफिस में तीखी बहस सदन के भीतर ही नहीं, स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में भी बीजेपी और विपक्षी सांसदों के बीच जुबानी जंग हुई। वायरल वीडियो में महिला सांसद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ बहस करती नजर आ रही हैं। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है।

रवि चौहान फ़रवरी 5, 2026 0
राहुल ने नरवणे की किताब दिखाई, बोले- पीएम को दूंगा
Parliament Ruckus 2026: नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंचे राहुल गांधी; रवनीत बिट्टू को कहा 'गद्दार'; क्या है 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' विवाद?

संसद में 'किताब' पर रार: नरवणे की बुक लेकर पहुंचे राहुल गांधी; बिट्टू को कहा 'गद्दार दोस्त', मिला करारा जवाब नई दिल्ली | 4 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का छठा दिन भी भारी हंगामे और व्यक्तिगत छींटाकशी की भेंट चढ़ गया। पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की 'अनपब्लिश्ड बुक' (अप्रकाशित किताब) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राहुल गांधी बनाम केंद्र सरकार की सीधी लड़ाई में बदल गया है। वहीं, संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। यहाँ आज की कार्यवाही और विवादों की बड़ी रिपोर्ट दी गई है: 1. "ये रही किताब": राहुल गांधी की पीएम को चुनौती राहुल गांधी बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की उस किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे, जिसके अस्तित्व से सरकार इनकार कर रही है। विवादित पेज: राहुल ने मीडिया को किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें कथित तौर पर लिखा है कि प्रधानमंत्री ने लद्दाख गतिरोध के दौरान आर्मी चीफ से कहा था— "जो उचित समझो वह करो!" पीएम को ऑफर: राहुल ने कहा, "रक्षा मंत्री कह रहे हैं कि ऐसी कोई किताब नहीं है। मैं आज यह किताब लेकर आया हूँ। अगर प्रधानमंत्री में हिम्मत है और वे सदन में आते हैं, तो मैं खुद उन्हें यह किताब भेंट करूँगा ताकि वे इसे पढ़ें।" सदन में अड़ंगा: राहुल इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन स्पीकर ने इसकी अनुमति नहीं दी है। 2. राहुल vs बिट्टू: "गद्दार दोस्त" और "नंबर वन टेररिस्ट" संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई बहस ने सबका ध्यान खींचा: राहुल का तंज: बिट्टू को देखकर राहुल ने हंसते हुए कहा, "देखो एक गद्दार आ रहा है... हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त! चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में ही आओगे।" बिट्टू का पलटवार: केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने राहुल से हाथ नहीं मिलाया और मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मेरा देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।" इतिहास की कड़वाहट: गौरतलब है कि बिट्टू पहले कांग्रेस में ही थे और राहुल के करीबी माने जाते थे। 2024 चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हुए। बिट्टू ने पूर्व में राहुल गांधी को "देश का नंबर वन टेररिस्ट" भी कहा था। 📊 रवनीत सिंह बिट्टू: कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर विवरण जानकारी कांग्रेस कार्यकाल 2009, 2014 और 2019 में कांग्रेस सांसद रहे। बीजेपी एंट्री 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले। 2024 चुनाव परिणाम लुधियाना से चुनाव हारे (कांग्रेस के राजा वारिंग से)। वर्तमान पद राज्यसभा सांसद और रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री। 3. नरवणे की किताब का क्या है विवाद? पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की संस्मरण (Memoirs) 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के प्रकाशन पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा रखी है। आरोप: विपक्ष का दावा है कि इस किताब में अग्निपथ योजना और लद्दाख में चीन के साथ हुए तनाव को लेकर ऐसी बातें हैं जो सरकार की छवि बिगाड़ सकती हैं। सरकार का पक्ष: रक्षा मंत्रालय और बीजेपी सांसदों का कहना है कि यह किताब अभी आधिकारिक तौर पर आई ही नहीं है, इसलिए इसके किसी भी आर्टिकल या अंश को सदन के रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता।

रवि चौहान फ़रवरी 4, 2026 0
मस्क $850 बिलियन संपत्ति वाले दुनिया के पहले इंसान बने
Elon Musk Net Worth 2026: इलॉन मस्क बने दुनिया के पहले $850 बिलियन वाले शख्स; स्पेसएक्स-xAI मर्जर ने बनाया इतिहास।

इलॉन मस्क का धमाका: $850 बिलियन की नेटवर्थ के साथ रचा इतिहास; बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति न्यूयॉर्क | 4 फरवरी 2026 दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन इलॉन मस्क ने अपनी संपत्ति में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया है। मस्क की कुल नेटवर्थ अब $850 बिलियन (करीब 77 लाख करोड़ रुपए) को पार कर गई है। यह कारनामा उनकी दो बड़ी कंपनियों, स्पेसएक्स (SpaceX) और xAI, के विलय (Merger) के बाद हुआ है। मस्क अब आधिकारिक तौर पर इतिहास के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। यहाँ मस्क की इस गगनचुंबी सफलता की 5 बड़ी बातें दी गई हैं: 1. एक दिन में 7 लाख करोड़ का मुनाफा स्पेसएक्स और xAI के विलय की खबर के बाद मस्क की संपत्ति में एक ही दिन में $84 बिलियन (करीब 7 लाख करोड़ रुपए) का इजाफा हुआ। मर्जर की वैल्यू: नई बनी संयुक्त कंपनी की कुल वैल्यू $1.25 ट्रिलियन (करीब 104 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है। मस्क की हिस्सेदारी: इस नई जाइंट कंपनी में मस्क की 43% हिस्सेदारी है, जिसकी अकेले की कीमत $542 बिलियन है। 2. पड़ोसी देशों की GDP से भी अमीर मस्क की दौलत अब इतनी अधिक हो गई है कि वह कई देशों की पूरी अर्थव्यवस्था से बड़े हो चुके हैं: देशों की तुलना: मस्क की नेटवर्थ अब पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल की संयुक्त GDP से भी ज्यादा है। भारतीय अमीरों से तुलना: यह भारत के टॉप 40 सबसे अमीर व्यक्तियों की कुल संपत्ति से भी अधिक है। 3. सिर्फ 4 महीने में बनाया रिकॉर्ड मस्क की दौलत पिछले 4 महीनों में 70% की रफ्तार से बढ़ी है: अक्टूबर 2025: $500 बिलियन का आंकड़ा छूने वाले पहले इंसान बने। दिसंबर 2025: टेस्ला स्टॉक ऑप्शंस और स्पेसएक्स की वैल्यू बढ़ने से $700 बिलियन क्लब में पहुंचे। फरवरी 2026: $850 बिलियन के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। 📊 मस्क बनाम दुनिया के अन्य रईस रैंक नाम नेटवर्थ (बिलियन डॉलर) स्रोत 1 इलॉन मस्क $852.5 B Tesla, SpaceX, xAI 2 लैरी पेज $281 B Google 3 सर्गेई ब्रिन $255 B Google 4 जेफ बेजोस $250 B Amazon मस्क दूसरे नंबर के लैरी पेज से करीब $571 बिलियन ज्यादा अमीर हैं। 4. मस्क की सफलता के तीन बड़े स्तंभ टेस्ला (Tesla): इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति की शुरुआत। मस्क के पास इसके स्टॉक और ऑप्शंस का बड़ा हिस्सा है। स्पेसएक्स (SpaceX): मंगल पर बस्ती बसाने का सपना। अब xAI के साथ मिलकर यह मस्क की सबसे मूल्यवान संपत्ति बन गई है। न्यूरालिंक (Neuralink): इंसानी दिमाग को कंप्यूटर से जोड़ने वाली चिप। भविष्य की सबसे क्रांतिकारी तकनीक।

रवि चौहान फ़रवरी 4, 2026 0
लोकसभा में राहुल के भाषण पर लगातार दूसरे दिन हंगामा
Parliament Session 2026: लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच पर भारी हंगामा; 8 विपक्षी सांसद सस्पेंड; जानें क्या है नियम 374।

संसद में महासंग्राम: राहुल की स्पीच पर लगातार दूसरे दिन हंगामा; 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित नई दिल्ली | 3 फरवरी 2026 लोकसभा में आज भारी शोर-शराबा और धक्का-मुक्की देखने को मिली। कांग्रेस नेता और नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व आर्मी चीफ की एक 'अनपब्लिश्ड बुक' (अप्रकाशित किताब) के आर्टिकल को सदन में पेश करने की कोशिश के बाद सदन अखाड़े में तब्दील हो गया। हंगामे के चलते पीठासीन अधिकारी ने विपक्ष के 8 सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया है। 1. 14 मिनट का संघर्ष: राहुल ने फिर घेरा राहुल गांधी ने मंगलवार दोपहर 2 बजे सदन में बोलने की कोशिश की, लेकिन सत्ता पक्ष के विरोध के कारण वे अपनी बात पूरी नहीं कर सके। पूर्व आर्मी चीफ का मुद्दा: राहुल ने पूर्व सेना प्रमुख की किताब का हवाला देते हुए कुछ गंभीर आरोप लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "मुझे बोलने दिया जाए, यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।" NDA का विरोध: जैसे ही राहुल ने बोलना शुरू किया, एनडीए सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। राहुल करीब 14 मिनट तक खड़े रहे, लेकिन शोर के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। 2. विपक्ष की एकजुटता: बोलने से किया इनकार जब स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल को रोककर अन्य दलों के सांसदों को बोलने का मौका दिया, तो विपक्ष ने अभूतपूर्व एकजुटता दिखाई: सहयोगियों का साथ: सपा के नरेश उत्तम पटेल, TMC की शताब्दी रॉय और DMK के कातिर आनंद ने राहुल के समर्थन में बोलने से साफ इनकार कर दिया। नारेबाजी और पेपर स्प्रे: विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और नारेबाजी की। कुछ सांसदों ने पीठासीन अधिकारी की चेयर की तरफ कागज के गोले बनाकर उछाले। 3. 'नियम 374' के तहत 8 सांसदों पर गिरी गाज हंगामे और आसन की अवमानना को देखते हुए पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने कड़ा रुख अपनाया: निलंबन: सदन की कार्यवाही में जानबूझकर बाधा डालने और मर्यादा तोड़ने के आरोप में 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। संसद परिसर में प्रदर्शन: निलंबन के तुरंत बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन की सीढ़ियों पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 🔍 क्या है नियम 374 और 374A? (जिसके तहत हुई कार्रवाई) नियम प्रावधान नियम 374 स्पीकर उस सांसद को सस्पेंड कर सकते हैं जो जानबूझकर सदन की कार्यवाही रोकता है। यह निलंबन अधिकतम सत्र के अंत तक हो सकता है। नियम 374A 2001 में जोड़ा गया यह नियम स्पीकर को अधिकार देता है कि वेल में आने या नारे लगाने वाले सांसद को तुरंत (बिना प्रस्ताव के) सस्पेंड कर सकें। वेतन और भत्ते सस्पेंशन के दौरान भी सांसदों को पूरी सैलरी मिलती है। 'काम नहीं, वेतन नहीं' की नीति अभी तक लागू नहीं हुई है। 4. संसद में हंगामे की मुख्य वजहें विपक्ष ने हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील और लद्दाख बॉर्डर पर चीनी टैंकों की कथित मौजूदगी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार इन संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष की आवाज दबा रही है और उनका माइक बंद किया जा रहा है।

रवि चौहान फ़रवरी 3, 2026 0
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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टी-20 वर्ल्डकप- भारतीय खिलाड़ी परिवार के साथ नहीं रहेंगे
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भारतीय क्रिकेटर वर्ल्ड कप के दौरान पत्नियों को साथ नहीं रख सकेंगे; नियम तोड़ा तो IPL से होंगे बाहर।

रवि चौहान फ़रवरी 10, 2026 0