हर इंसान चाहता है कि भगवान हमेशा उसके साथ रहें — उसकी रक्षा करें, जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
लोग मंदिर जाते हैं, पूजा करते हैं, दान देते हैं और तरह-तरह की साधनाएं करते हैं ताकि भगवान प्रसन्न रहें।
लेकिन कई बार मन में एक सवाल उठता है —
क्या सच में भगवान हमसे खुश हैं?
या कहीं ऐसा तो नहीं कि वे हमसे नाराज़ हैं?
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने इस गूढ़ प्रश्न का बड़ा ही सुंदर और सरल उत्तर अपने प्रवचन में दिया।
उन्होंने बताया कि भगवान की प्रसन्नता किसी बाहरी चीज या दिखावे से नहीं, बल्कि हमारे मन के भाव और कर्मों से जुड़ी होती है।
भगवान को खुश करने के लिए चढ़ावा या भव्य पूजा नहीं, बल्कि सच्चे मन का प्रेम और सही आचरण जरूरी है।
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, भगवान की प्रसन्नता का अंदाजा बाहरी चीजों से नहीं लगाया जा सकता।
जब मन के विचार पवित्र होने लगें, दूसरों के प्रति करुणा, प्रेम और मदद का भाव जागे — समझ लेना चाहिए कि भगवान प्रसन्न हैं।
जब हमें संतों की संगत अच्छी लगे, धार्मिक बातें सुनने में आनंद आए, और मन बुरे कर्मों से खुद दूर भागे,
तो यह भगवान की कृपा का संकेत है।
जब जीवन में सच्चाई, ईमानदारी और नम्रता बढ़ने लगे, तो यह भी संकेत है कि भगवान हमारे जीवन में सक्रिय हैं।
महाराज जी कहते हैं — “जब मन अच्छा बनने लगे, वही भगवान की खुशी का प्रमाण है।”
अगर मन में गुस्सा, लालच, ईर्ष्या या द्वेष बढ़ने लगे — तो यह संकेत है कि भगवान की कृपा दूर हो रही है।
जब बुद्धि भ्रमित हो जाए, सत्य और असत्य का भेद मिटने लगे, और व्यक्ति गलत दिशा में जाने लगे,
तो समझना चाहिए कि भगवान अप्रसन्न हैं। ऐसे समय में आत्म-चिंतन और सुधार की आवश्यकता होती है।
महाराज जी ने कहा कि भगवान की नाराज़गी का सबसे बड़ा संकेत है — शांति का चले जाना।
जब जीवन में बेचैनी, डर और चिंता बढ़ जाएं, तो यह ईश्वर से दूरी का प्रमाण है।
प्रेमानंद महाराज कहते हैं —
“भगवान को खुश करने का सबसे आसान तरीका है — सच्चे दिल से भक्ति करना।
उन्हें किसी चीज़ की जरूरत नहीं, बस प्रेम चाहिए।”
जब इंसान हर हाल में भगवान का नाम लेता है — चाहे समय अच्छा हो या बुरा —
तब भगवान उसकी हर सांस में बस जाते हैं।
और जब किसी को हर जगह — गरीब में, पशु-पक्षी में, पेड़-पौधों में, बुजुर्गों में —
भगवान का दर्शन होने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि भगवान उसके हृदय में स्थान बना चुके हैं।
यही सबसे बड़ा संकेत है कि भगवान प्रसन्न हैं।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
हर इंसान चाहता है कि भगवान हमेशा उसके साथ रहें — उसकी रक्षा करें, जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। लोग मंदिर जाते हैं, पूजा करते हैं, दान देते हैं और तरह-तरह की साधनाएं करते हैं ताकि भगवान प्रसन्न रहें। लेकिन कई बार मन में एक सवाल उठता है — क्या सच में भगवान हमसे खुश हैं? या कहीं ऐसा तो नहीं कि वे हमसे नाराज़ हैं? वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने इस गूढ़ प्रश्न का बड़ा ही सुंदर और सरल उत्तर अपने प्रवचन में दिया। उन्होंने बताया कि भगवान की प्रसन्नता किसी बाहरी चीज या दिखावे से नहीं, बल्कि हमारे मन के भाव और कर्मों से जुड़ी होती है। भगवान को खुश करने के लिए चढ़ावा या भव्य पूजा नहीं, बल्कि सच्चे मन का प्रेम और सही आचरण जरूरी है। 🌼 भगवान के खुश होने के संकेत प्रेमानंद महाराज के अनुसार, भगवान की प्रसन्नता का अंदाजा बाहरी चीजों से नहीं लगाया जा सकता। जब मन के विचार पवित्र होने लगें, दूसरों के प्रति करुणा, प्रेम और मदद का भाव जागे — समझ लेना चाहिए कि भगवान प्रसन्न हैं। जब हमें संतों की संगत अच्छी लगे, धार्मिक बातें सुनने में आनंद आए, और मन बुरे कर्मों से खुद दूर भागे, तो यह भगवान की कृपा का संकेत है। जब जीवन में सच्चाई, ईमानदारी और नम्रता बढ़ने लगे, तो यह भी संकेत है कि भगवान हमारे जीवन में सक्रिय हैं। महाराज जी कहते हैं — “जब मन अच्छा बनने लगे, वही भगवान की खुशी का प्रमाण है।” ⚡ भगवान के नाराज़ होने के संकेत अगर मन में गुस्सा, लालच, ईर्ष्या या द्वेष बढ़ने लगे — तो यह संकेत है कि भगवान की कृपा दूर हो रही है। जब बुद्धि भ्रमित हो जाए, सत्य और असत्य का भेद मिटने लगे, और व्यक्ति गलत दिशा में जाने लगे, तो समझना चाहिए कि भगवान अप्रसन्न हैं। ऐसे समय में आत्म-चिंतन और सुधार की आवश्यकता होती है। महाराज जी ने कहा कि भगवान की नाराज़गी का सबसे बड़ा संकेत है — शांति का चले जाना। जब जीवन में बेचैनी, डर और चिंता बढ़ जाएं, तो यह ईश्वर से दूरी का प्रमाण है। 💖 भगवान को खुश करने का असली तरीका प्रेमानंद महाराज कहते हैं — “भगवान को खुश करने का सबसे आसान तरीका है — सच्चे दिल से भक्ति करना। उन्हें किसी चीज़ की जरूरत नहीं, बस प्रेम चाहिए।” जब इंसान हर हाल में भगवान का नाम लेता है — चाहे समय अच्छा हो या बुरा — तब भगवान उसकी हर सांस में बस जाते हैं। और जब किसी को हर जगह — गरीब में, पशु-पक्षी में, पेड़-पौधों में, बुजुर्गों में — भगवान का दर्शन होने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि भगवान उसके हृदय में स्थान बना चुके हैं। यही सबसे बड़ा संकेत है कि भगवान प्रसन्न हैं।