अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के हालिया बयान ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। लुटनिक का दावा है कि भारत के साथ व्यापार समझौता किसी नीतिगत मतभेद के कारण नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समय पर फोन न करने की वजह से लटका हुआ है।
यहाँ इस पूरे कूटनीतिक और आर्थिक विवाद का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है:
एक पॉडकास्ट के दौरान हॉवर्ड लुटनिक ने खुलासा किया कि ट्रंप प्रशासन और भारत के बीच ट्रेड डील लगभग फाइनल हो चुकी थी।
तीन शुक्रवार की डेडलाइन: भारत को बातचीत अंतिम रूप देने के लिए 'तीन शुक्रवार' का समय दिया गया था।
सीधे संवाद की उम्मीद: लुटनिक के अनुसार, ट्रंप चाहते थे कि पीएम मोदी उन्हें सीधे कॉल करके डील क्लोज करें। लेकिन भारतीय पक्ष इस 'प्रोटोकॉल' से असहज था और कॉल नहीं किया गया।
अवसर चूक गया: जब भारत ने 3 हफ्ते बाद संपर्क किया, तब तक अमेरिका वियतनाम, फिलीपींस और इंडोनेशिया के साथ डील कर चुका था। लुटनिक ने स्पष्ट कहा— "वह ट्रेन स्टेशन छोड़ चुकी है।"
भारत सरकार ने लुटनिक के इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है।
8 बार हुई बातचीत: MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि साल 2025 में ही मोदी और ट्रंप के बीच 8 बार फोन पर बात हो चुकी है। यह कहना गलत है कि संवाद की कमी थी।
निरंतर वार्ता: भारत 13 फरवरी 2025 से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काम कर रहा है और कई दौर की बातचीत के बाद दोनों देश डील के काफी करीब हैं।
| वित्तीय वर्ष | ट्रेड डेफिसिट (बिलियन डॉलर) | भारत पर अमेरिकी टैरिफ |
| 2020-21 | 22.73 | सामान्य |
| 2022-23 | 27.70 | सामान्य |
| 2024-25 | 41.18 | 50% (कुल) |
विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेड डील के रुकने का असली खामियाजा भारत को भारी टैक्स के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
25% रेसिप्रोकल टैरिफ: ट्रंप प्रशासन ने 'जैसे को तैसा' नीति के तहत भारतीय सामानों पर शुल्क लगाया।
25% रूसी तेल पेनाल्टी: रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने अतिरिक्त 25% शुल्क लगाया है। अमेरिका का तर्क है कि भारत अप्रत्यक्ष रूप से रूस की युद्ध मशीनरी की मदद कर रहा है।
कुल 50% का बोझ: यह भारी टैरिफ भारतीय निर्यातकों (आईटी, टेक्सटाइल, फार्मा) के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना मुश्किल बना रहा है।
अमेरिका के लिए भारत के साथ बढ़ता व्यापार घाटा एक बड़ा मुद्दा है।
2024-25 में यह घाटा 41.18 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है।
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि भारत अमेरिका को सामान अधिक बेच रहा है, जबकि अमेरिकी सामानों (जैसे हार्ले डेविडसन और कृषि उत्पाद) पर भारत ने उच्च शुल्क लगा रखा है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: एक 'कॉल' जिसने बदल दी व्यापारिक समीकरण अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के हालिया बयान ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। लुटनिक का दावा है कि भारत के साथ व्यापार समझौता किसी नीतिगत मतभेद के कारण नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समय पर फोन न करने की वजह से लटका हुआ है। यहाँ इस पूरे कूटनीतिक और आर्थिक विवाद का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. "एक फोन कॉल" का विवाद: लुटनिक का दावा एक पॉडकास्ट के दौरान हॉवर्ड लुटनिक ने खुलासा किया कि ट्रंप प्रशासन और भारत के बीच ट्रेड डील लगभग फाइनल हो चुकी थी। तीन शुक्रवार की डेडलाइन: भारत को बातचीत अंतिम रूप देने के लिए 'तीन शुक्रवार' का समय दिया गया था। सीधे संवाद की उम्मीद: लुटनिक के अनुसार, ट्रंप चाहते थे कि पीएम मोदी उन्हें सीधे कॉल करके डील क्लोज करें। लेकिन भारतीय पक्ष इस 'प्रोटोकॉल' से असहज था और कॉल नहीं किया गया। अवसर चूक गया: जब भारत ने 3 हफ्ते बाद संपर्क किया, तब तक अमेरिका वियतनाम, फिलीपींस और इंडोनेशिया के साथ डील कर चुका था। लुटनिक ने स्पष्ट कहा— "वह ट्रेन स्टेशन छोड़ चुकी है।" 2. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) का पलटवार भारत सरकार ने लुटनिक के इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है। 8 बार हुई बातचीत: MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि साल 2025 में ही मोदी और ट्रंप के बीच 8 बार फोन पर बात हो चुकी है। यह कहना गलत है कि संवाद की कमी थी। निरंतर वार्ता: भारत 13 फरवरी 2025 से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काम कर रहा है और कई दौर की बातचीत के बाद दोनों देश डील के काफी करीब हैं। 📊 भारत-अमेरिका व्यापार घाटा और टैरिफ की स्थिति वित्तीय वर्ष ट्रेड डेफिसिट (बिलियन डॉलर) भारत पर अमेरिकी टैरिफ 2020-21 22.73 सामान्य 2022-23 27.70 सामान्य 2024-25 41.18 50% (कुल) 3. 50% टैरिफ का गणित: रूसी तेल और 'ईगो' विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेड डील के रुकने का असली खामियाजा भारत को भारी टैक्स के रूप में भुगतना पड़ रहा है। 25% रेसिप्रोकल टैरिफ: ट्रंप प्रशासन ने 'जैसे को तैसा' नीति के तहत भारतीय सामानों पर शुल्क लगाया। 25% रूसी तेल पेनाल्टी: रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने अतिरिक्त 25% शुल्क लगाया है। अमेरिका का तर्क है कि भारत अप्रत्यक्ष रूप से रूस की युद्ध मशीनरी की मदद कर रहा है। कुल 50% का बोझ: यह भारी टैरिफ भारतीय निर्यातकों (आईटी, टेक्सटाइल, फार्मा) के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना मुश्किल बना रहा है। 4. व्यापार घाटे की बढ़ती खाई (Trade Deficit) अमेरिका के लिए भारत के साथ बढ़ता व्यापार घाटा एक बड़ा मुद्दा है। 2024-25 में यह घाटा 41.18 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि भारत अमेरिका को सामान अधिक बेच रहा है, जबकि अमेरिकी सामानों (जैसे हार्ले डेविडसन और कृषि उत्पाद) पर भारत ने उच्च शुल्क लगा रखा है।
नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।