मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है।
माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं।
घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया।
इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...
पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
मेरठ का सुनीता हत्याकांड: जेल में पारस सोम ने कबूली 3 साल की 'अधूरी लवस्टोरी'; बोला- 'रूबी ने भागने की जिद की, उसने मुझे अपने जूते तक दे दिए' मेरठ | 17 जनवरी 2026 मेरठ के चर्चित सुनीता हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। हत्या के मुख्य आरोपी पारस सोम से उसके वकील बलराम सोम ने मेरठ जिला जेल के मुलाकाती कमरे में करीब एक घंटे तक बातचीत की। इस दौरान पारस ने अपनी और रूबी की 3 साल पुरानी प्रेम कहानी का खुलासा किया। पारस का दावा है कि वह निर्दोष है और पूरी साजिश रूबी के परिवार की ओर से उसकी शादी कहीं और तय करने के बाद शुरू हुई थी। 1. 9वीं का छात्र और 12वीं की छात्रा: स्कूल से शुरू हुआ सफर पारस ने बताया कि उनके प्यार की शुरुआत गांव के जनता इंटर कॉलेज से हुई थी। पहली मुलाकात: पारस तब 9वीं में था और रूबी 12वीं की छात्रा थी। उम्र में रूबी उससे बड़ी थी। स्कूल में पानी पीने के दौरान हुई एक मुस्कुराहट दोस्ती में बदल गई। शादी में इकरार: स्कूल छूटने के बाद करीब 3 साल पहले गांव की एक शादी में दोनों दोबारा मिले। वहीं से उनकी दोस्ती ने प्यार का रूप लिया। पारस ने बताया कि वे घंटों फोन पर बात करते थे और रूबी उसे 'लव लेटर' भी भेजती थी। 2. जब परिवार को पता चला 'अफेयर' का सच साल 2024 में दोनों के रिश्ते की खबर पूरे गांव में फैल गई। इसके बाद स्थितियां बिगड़ गईं: पंचायती समझौता: दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद पारस से उसका मोबाइल छीन लिया गया। छिपकर बातचीत: मोबाइल न होने पर पारस अपनी मां के फोन से या दोस्तों के फोन से रूबी से बात करता था। रूबी भी उसे कॉल करती थी। पारस का दावा है कि उसके पास आज भी वे चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स सुरक्षित हैं। 3. भागने की प्लानिंग: "जबरन शादी नहीं करूंगी" पारस के अनुसार, रूबी के घरवाले उसकी शादी कहीं और तय कर चुके थे। रूबी का अल्टीमेटम: रूबी ने अपने माता-पिता से साफ कह दिया था कि वह पारस के अलावा किसी से शादी नहीं करेगी। भागने की जिद: पारस ने वकील को बताया कि भागने की पूरी योजना रूबी की थी। उसने फोन पर रोते हुए कहा था, "हमें घर से भागना ही होगा, वरना ये लोग मेरी शादी जबरन करा देंगे।" 📊 केस फाइल: पारस और रूबी की फरारी का सच घटनाक्रम विवरण हत्या का दिन पारस का दावा है कि उसने सुनीता (रूबी की मां) को नहीं मारा, वह निर्दोष है। नंगे पांव फरारी कपसाड़ से भागते समय पारस का जूता नहर में बह गया। तब रूबी ने अपने जूते उतारकर पारस को दिए। सफर ट्रक से लिफ्ट लेकर सहारनपुर पहुंचे। पकड़े जाने के समय भी पारस ने रूबी के ही जूते पहने थे। पारस की मांग "मैं आज भी रूबी से शादी करना चाहता हूं, वह दबाव में झूठ बोल रही है।" 4. रूबी के यू-टर्न पर पारस का दर्द जेल में पारस इस बात को लेकर सबसे ज्यादा परेशान दिखा कि रूबी अब उसके खिलाफ बयान क्यों दे रही है। दबाव का शक: पारस ने वकील से कहा, "मुझे समझ नहीं आ रहा वह झूठ क्यों बोल रही है। शायद उसके घरवाले उसे डरा रहे हैं या बंधक बना लिया है।" सबूतों का दावा: पारस ने बताया कि उसके पास रूबी के लिखे लव लेटर, साथ में खिंचवाई गई फोटो और चैट्स के बैकअप मौजूद हैं, जो वह कोर्ट में पेश करेगा। 5. वकील का पक्ष: "पारस अभी सदमे में है" वकील बलराम सोम के अनुसार, पारस फिलहाल मानसिक तनाव और घबराहट में है। कानूनी रणनीति: बचाव पक्ष अब उन कॉल डिटेल्स और मैसेज को जुटाने में लगा है, जो यह साबित कर सकें कि रूबी अपनी मर्जी से पारस के साथ गई थी। अगली मुलाकात: वकील अब पारस की मुलाकात उसके माता-पिता से कराएंगे ताकि वह सामान्य हो सके और घटना वाली रात का पूरा विवरण दे सके।
मेरठ: रूबी की घर वापसी और 'सजे हाथों' का रहस्य; आरोपी पारस के नाबालिग होने का दावा; भावुक भाई ने गले लगा कर कहा- 'तू आ गई, इतना काफी है' मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड की पीड़िता रूबी 5 दिन बाद आखिरकार अपने घर पहुँच गई है। 12 जनवरी की रात लगभग 8 बजे पुलिस सुरक्षा के बीच उसे परिजनों को सौंपा गया। हालांकि, रूबी की बरामदगी के बाद सामने आए एक वीडियो और आरोपी पारस की उम्र को लेकर नए विवाद खड़े हो गए हैं। 1. घर वापसी और 'वाइन कलर' के सूट की चर्चा आशा ज्योति केंद्र से निकलते वक्त रूबी को शॉल और कंबल से पूरी तरह ढका गया था, लेकिन सुरक्षा घेरे से कार तक पहुँचने के दौरान उसके पहनावे ने सबका ध्यान खींचा। मैचिंग नेलपेंट और सजावटी सूट: वीडियो में रूबी वाइन (गहरे लाल) रंग का गोटेदार नया सूट और हाथों में मैचिंग नेलपेंट लगाए नजर आ रही है। गले में लाल रंग का सजावटी दुपट्टा भी चर्चा का विषय है। सवाल और कयास: 8 जनवरी को रूबी मजदूरी (गन्ना छीलने) के लिए पुराने कपड़ों में घर से निकली थी। चर्चा है कि फरारी के दौरान उसके पास ये नए सजावटी कपड़े और नेलपेंट कहाँ से आए? क्या रूबी और पारस ने इस दौरान शादी कर ली थी? भावुक क्षण: कार में बैठते ही बड़े भाई नरसी ने रूबी को सीने से लगा लिया। रूबी अपनी मां को न बचा पाने के गम में रोती रही, जिस पर भाई ने ढांढस बंधाया— "मां चली गई उसका अफसोस है, लेकिन तू सही-सलामत आ गई, हमारे लिए इतना ही काफी है।" 2. आरोपी पारस: बालिग या नाबालिग? इस मामले में एक और बड़ा कानूनी पेंच फंस गया है। आरोपी पारस सोम के दस्तावेजों के आधार पर उसके नाबालिग होने का दावा किया जा रहा है। दस्तावेजी उम्र: आरोपी के वकील बलराम सोम के अनुसार, पारस की उम्र 18 साल पूरा होने में अभी 4 महीने बाकी हैं। कानूनी प्रभाव: यदि पारस नाबालिग सिद्ध होता है, तो उसे जिला जेल में नहीं रखा जा सकता। उसे किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के सामने पेश कर बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। मंगलवार को वकील कोर्ट में इसके पुख्ता दस्तावेज पेश करेंगे। पुलिस की स्थिति: पुलिस ने पारस को न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेजा है, लेकिन उम्र के विवाद के बाद अब उसकी बोन-मैरो टेस्ट या मार्कशीट की जांच अनिवार्य हो गई है। 📊 रूबी केस: घटना से घर वापसी तक तारीख घटनाक्रम 8 जनवरी खेत जाते समय मां की हत्या और रूबी का कथित अपहरण। 10 जनवरी सहारनपुर/रुड़की से पारस और रूबी की बरामदगी। 11 जनवरी एसीजेएम-2 कोर्ट में रूबी के धारा 164 के तहत बयान दर्ज। 12 जनवरी काउंसलिंग के बाद रात 8 बजे रूबी को परिजनों को सौंपा गया। वर्तमान स्थिति रूबी घर पर सुरक्षित; गांव में भारी पुलिस बल और कैमरे तैनात। 3. सुरक्षा के कड़े इंतजाम कपसाड़ गांव में अभी भी तनावपूर्ण शांति है। रूबी की सुरक्षा को देखते हुए उसके घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस का कड़ा पहरा है। पुलिस अधिकारी अब रूबी के 164 के बयानों और पारस की उम्र के दस्तावेजों के आधार पर चार्जशीट तैयार करने में जुटे हैं।
यूपी वोटर लिस्ट का महा-शुद्धिकरण: 2.89 करोड़ नाम कटे; हर 5वां वोटर लिस्ट से बाहर, जानें क्या आपका नाम सुरक्षित है? 1. आंकड़ों का विश्लेषण: कहाँ और क्यों कटे इतने नाम? उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ से घटकर अब 12.55 करोड़ रह गई है। चुनाव आयोग ने इस सफाई के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं: शिफ्टेड (2.17 करोड़): सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है जो अपना निवास स्थान छोड़कर कहीं और बस गए हैं। मृत (46.23 लाख): डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए उन लोगों के नाम हटाए गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है लेकिन नाम सूची में दर्ज थे। डुप्लीकेट (25.47 लाख): सॉफ्टवेयर की मदद से उन वोटर्स को पकड़ा गया जिनका नाम एक से अधिक जगहों पर दर्ज था। जिलावार स्थिति: सर्वाधिक कटौती: राजधानी लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख नाम कटे हैं। न्यूनतम कटौती: ललितपुर जिले में सबसे कम 95 हजार नाम हटाए गए हैं। 2. देशव्यापी तस्वीर: यूपी ही नहीं, पूरे भारत में 'सफाई' यूपी से पहले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR लिस्ट लागू हो चुकी है, जहाँ कुल 3.69 करोड़ नाम हटाए गए। प्रमुख राज्य: तमिलनाडु (97 लाख), गुजरात (73 लाख), पश्चिम बंगाल (58.20 लाख), मध्य प्रदेश (42.74 लाख) और राजस्थान (41.85 लाख)। 📊 मतदाता सूची में बदलाव: एक नज़र में विवरण संख्या / विवरण पुरानी कुल संख्या 15.44 करोड़ नई ड्राफ्ट संख्या 12.55 करोड़ कुल नाम कटे 2.89 करोड़ (18%) दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 अंतिम सूची का प्रकाशन 6 मार्च 2026 3. राजनीतिक घमासान: अखिलेश यादव का मोर्चा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बड़े बदलाव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट बताते हुए कहा कि अगर वैध नामों को नहीं जोड़ा गया, तो यह गुस्सा जन आंदोलन का रूप ले लेगा। विपक्ष का आरोप है कि नाम काटने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। 4. आपके काम की बात: नाम कट गया है तो क्या करें? अगर ड्राफ्ट लिस्ट में आपका नाम नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपके पास 6 फरवरी 2026 तक का समय है। नाम जोड़ने के लिए (नया वोटर या कटा हुआ नाम): फॉर्म-6 भरें। नाम कटवाने के लिए: फॉर्म-7 भरें। सुधार या स्थान परिवर्तन के लिए: फॉर्म-8 भरें। विदेशियों (NRI) के लिए: फॉर्म-6A भरें। कैसे चेक करें नाम? आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या ceouttarpradesh.nic.in पर जाएं। अपना राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनें। अपने बूथ की पीडीएफ (PDF) डाउनलोड करें और नाम सर्च करें। आप 1950 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी मदद ले सकते हैं।