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न्यूयॉर्क कोर्ट में गुनाह कबूल; विकास यादव और RAW कनेक्शन पर FBI का बड़ा खुलासा।

रवि चौहान फ़रवरी 14, 2026 0
खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश का मामला
खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश का मामला

पन्नू हत्याकांड साजिश: निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल; न्यूयॉर्क कोर्ट में जुर्म कबूला, विकास यादव और रॉ (RAW) कनेक्शन पर बड़ा खुलासा

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली | 14 फरवरी 2026

खालिस्तानी अलगाववादी और भारत द्वारा घोषित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिकी धरती पर हत्या की साजिश रचने के हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता (53) ने न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई (FBI) के कड़े शिकंजे के बाद गुप्ता ने स्वीकार किया है कि उसने एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए सुपारी (Murder-for-hire) देने की साजिश रची थी।

अदालत ने निखिल गुप्ता को 24 साल की कैद की सजा सुनाई है। इस मामले ने भारत और अमेरिका के कूटनीतिक संबंधों में भी काफी हलचल पैदा की है, क्योंकि इसमें भारतीय खुफिया एजेंसी (RAW) के एक पूर्व अधिकारी का नाम भी शामिल है।


1. निखिल गुप्ता का जुर्म और कोर्ट का फैसला

शुक्रवार को न्यूयॉर्क की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान निखिल गुप्ता उर्फ 'निक' ने खुद पर लगे तीनों मुख्य आरोपों को स्वीकार कर लिया।

  • स्वीकार किए गए आरोप: 1. मर्डर-फॉर-हायर (पैसे लेकर हत्या कराना)।

    2. मर्डर-फॉर-हायर को अंजाम देने की साजिश।

    3. मनी लॉन्ड्रिंग (हवाला के जरिए पैसे पहुंचाना) की साजिश।

  • सजा का विवरण: कोर्ट ने उसे 24 साल की जेल की सजा सुनाई है। सजा का औपचारिक ऐलान 29 मई को किया जाएगा।

  • FBI का बयान: एफबीआई ने कहा कि यह अमेरिकी संप्रभुता और कानून का उल्लंघन था, जिसे उनकी एजेंसियों ने समय रहते 'अंडरकवर ऑपरेशन' के जरिए नाकाम कर दिया।


2. साजिश की पूरी टाइमलाइन: चार्जशीट के सनसनीखेज खुलासे

अमेरिकी जांच एजेंसियों (DOJ & FBI) ने इस साजिश की एक-एक कड़ी को जोड़ा है, जो मई 2023 से शुरू हुई थी:

समय घटनाक्रम
मई 2023 भारतीय अधिकारी (विकास यादव) ने निखिल गुप्ता को पन्नू की हत्या के लिए संपर्क किया।
29 मई 2023 गुप्ता ने एक हिटमैन की तलाश शुरू की, लेकिन वह शख्स अनजाने में अमेरिकी एजेंसी का 'अंडरकवर एजेंट' निकला।
9 जून 2023 पन्नू की हत्या के लिए 15,000 डॉलर (लगभग 12.5 लाख रुपये) की एडवांस पेमेंट हिटमैन को दी गई। कुल डील 1 लाख डॉलर में हुई थी।
11 जून 2023 पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के मद्देनजर साजिश को 10 दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया गया।
18 जून 2023 कनाडा में आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई।
19 जून 2023 गुप्ता ने हिटमैन को निज्जर की हत्या का वीडियो भेजा और कहा— "अब इंतजार की जरूरत नहीं, काम पूरा करो।"
30 जून 2023 निखिल गुप्ता को चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया।

3. विकास यादव (CC-1) और RAW कनेक्शन

अमेरिकी चार्जशीट में 'CC-1' (को-कॉन्स्पिरेटर) के रूप में जिस व्यक्ति का जिक्र किया गया, उसे बाद में विकास यादव के रूप में पहचाना गया।

  • कौन हैं विकास यादव? FBI के मुताबिक, विकास भारतीय खुफिया एजेंसी RAW से जुड़े थे। उनकी सैन्य वर्दी वाली तस्वीरें भी जारी की गईं।

  • भारत में गिरफ्तारी: विकास यादव को दिसंबर 2023 में दिल्ली पुलिस ने किडनैपिंग के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें उनका नाम गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से भी जोड़ा गया।

  • भारत सरकार का रुख: विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विकास यादव अब भारत सरकार के कर्मचारी नहीं हैं। भारत ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति भी बनाई है।


4. गुरपतवंत सिंह पन्नू: भारत के लिए 'मोस्ट वांटेड'

पन्नू केवल एक कनाडाई-अमेरिकी नागरिक नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है:

  • आतंकी घोषित: भारत ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया।

  • SFJ पर बैन: उसका संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) भारत में प्रतिबंधित है। वह अक्सर भारतीय विमानों को बम से उड़ाने और संसद पर हमले की धमकियां देता रहता है।

  • अलगाववाद: पन्नू 'रेफरेंडम' के नाम पर पंजाब को भारत से अलग करने की साजिश रचता रहा है।


5. कूटनीतिक प्रभाव और जांच की दिशा

निखिल गुप्ता के कबूलनामे के बाद अमेरिका का दबाव भारत पर बढ़ सकता है।

  • प्रत्यर्पण: चेक रिपब्लिक से अमेरिका लाए जाने के बाद निखिल ने पहले खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन सबूतों के आगे उसे झुकना पड़ा।

  • सहयोग: अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि वे इस साजिश के पीछे के 'मास्टरमाइंड्स' तक पहुंचने के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।

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दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

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अमेरिका में बर्फीले तूफान से 11 हजार फ्लाइट रद्द
US Winter Storm: अमेरिका में बर्फीले तूफान 'नॉरईस्टर' का कहर; 11,000 उड़ानें रद्द, 37 इंच बर्फबारी ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड।

अमेरिका में 'बर्फ़ीला क़हर': 153 साल में पहली बार नहीं छपा बोस्टन ग्लोब; 11,000 उड़ानें रद्द, 6 लाख घरों की बत्ती गुल वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क | 25 फरवरी 2026 अमेरिका का उत्तर-पूर्वी हिस्सा इस वक्त पिछले एक दशक के सबसे शक्तिशाली 'नॉरईस्टर' (Nor'easter) बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है। रविवार से मंगलवार के बीच कुदरत के इस कहर ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। न्यूयॉर्क, मैसाचुसेट्स और रोड आइलैंड जैसे राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे न केवल जमीन बल्कि आसमान के रास्ते भी बंद हो गए हैं। यहाँ इस बर्फीले तूफान के प्रभाव, रिकॉर्ड और इसके पीछे के विज्ञान का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. एविएशन सेक्टर में हाहाकार: 11,000+ उड़ानें रद्द खराब विजिबिलिटी और रनवे पर जमी कई फीट बर्फ के कारण अमेरिका के प्रमुख एयरपोर्ट्स को अपना परिचालन रोकना पड़ा: उड़ानें रद्द: फ्लाइटअवेयर (FlightAware) के मुताबिक, रविवार से मंगलवार के बीच 11,055 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल की गईं। सोमवार का संकट: अकेले सोमवार को देश भर की करीब 20% उड़ानें (लगभग 5,700) रद्द रहीं। प्रभावित यात्री: हजारों यात्री न्यूयॉर्क के जेएफके (JFK), लागार्डिया और बोस्टन के लोगान एयरपोर्ट पर फंसे रहे। 2. 153 साल का रिकॉर्ड टूटा: अखबार तक नहीं छपा इस तूफान की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार 'द बोस्टन ग्लोब' ने अपने 153 साल के इतिहास में पहली बार प्रिंटिंग बंद रखी। वजह: भारी बर्फबारी के कारण प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी दफ्तर तक नहीं पहुंच सके और वितरण सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। अंधेरे में डूबे शहर: उत्तर-पूर्वी राज्यों में 6 लाख से ज्यादा घरों और दफ्तरों की बिजली गुल हो गई। सोमवार शाम तक करीब 5.2 लाख लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर थे। 3. बर्फबारी के नए रिकॉर्ड और इमरजेंसी नेशनल वेदर सर्विस (NWS) के आंकड़ों ने मौसम वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है: रोड आइलैंड: प्रोविडेंस में 32.8 इंच बर्फ गिरी, जिसने 1978 का 28.6 इंच का रिकॉर्ड तोड़ दिया। कुछ हिस्सों में यह 37 इंच तक पहुंच गई। न्यूयॉर्क: सेंट्रल पार्क में 20 इंच और लॉन्ग आइलैंड में 22 इंच बर्फ दर्ज की गई। राज्यों की प्रतिक्रिया: न्यूयॉर्क: गवर्नर कैथी होचुल ने पूरे राज्य में इमरजेंसी घोषित कर नेशनल गार्ड को तैनात किया है। मैसाचुसेट्स व रोड आइलैंड: गवर्नर्स ने सख्त ट्रैवल बैन लागू किया है, जिससे सड़कों पर केवल इमरजेंसी वाहनों को ही अनुमति दी गई है। 📊 तूफान का प्रभाव: एक नजर में राज्य / शहर बर्फबारी (इंच) मुख्य प्रभाव रोड आइलैंड 32.8 - 37" 1978 के बाद का सबसे भीषण तूफान; पूर्ण ट्रैवल बैन। न्यूयॉर्क सिटी 20 - 22" स्कूल, ब्रिज और ट्रेन सेवाएं (Amtrak) सस्पेंड। मैसाचुसेट्स 30"+ 5 लाख से अधिक घरों में ब्लैकआउट; अखबार प्रिंटिंग बंद। विमान सेवाएं - 11,055 उड़ानें रद्द (देशभर का 20% ट्रैफिक प्रभावित)। 4. क्या होता है 'नॉरईस्टर' और यह क्यों आता है? वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई सामान्य बर्फबारी नहीं बल्कि एक शक्तिशाली नॉरईस्टर (Nor'easter) तूफान है। नाम का अर्थ: इसे नॉरईस्टर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें हवाएं मुख्य रूप से उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा से आती हैं। निर्माण की प्रक्रिया: 1. ठंडी हवा: कनाडा की ओर से आने वाली ध्रुवीय ठंडी हवा दक्षिण की ओर बढ़ती है। 2. गर्म हवा: अटलांटिक महासागर से उठने वाली नम और गर्म हवा इससे टकराती है। 3. टक्कर: जब ये दोनों विपरीत हवाएं मिलती हैं, तो कम दबाव का क्षेत्र बनता है जो तेज हवाओं और भारी बर्फबारी में बदल जाता है। जेट स्ट्रीम की भूमिका: आसमान में ऊंचाई पर बहने वाली जेट स्ट्रीम हवाएं इस सिस्टम को और अधिक ऊर्जा प्रदान करती हैं, जिससे हवा की रफ्तार 110 मील प्रति घंटे तक पहुंच गई। 5. जनजीवन पर अन्य प्रभाव ट्रेन सेवाएं: न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच रेल सेवा (Amtrak) सोमवार रात तक पूरी तरह बंद रही। मनोरंजन: न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध थिएटर हब 'ब्रॉडवे' के सभी शो रद्द करने पड़े। स्कूल: न्यूयॉर्क में मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार से स्कूल खोलने की घोषणा की है, लेकिन कई इलाकों में अभी भी सड़कों से बर्फ हटाने का काम जारी है।

रवि चौहान फ़रवरी 25, 2026 0
मेक्सिको में सेना ने सबसे बड़े ड्रग माफिया को मारा

El Mencho Killed: मेक्सिको की सेना ने ड्रग माफिया 'एल मेंचो' को मारा; देशभर में भारी हिंसा और आगजनी; ट्रम्प का दबाव आया काम।

नेपाल- बस हाईवे से नदी में गिरी, 18 की मौत:25 घायल, मरने वालों में 2 विदेशी नागरिक; कंट्रोल खोने से हादसा

Nepal Bus Accident: धादिंग में त्रिशूली नदी में गिरी बस; 18 यात्रियों की मौत, 2 विदेशी नागरिक भी शामिल।

तारिक रहमान के पीएम बनते ही बांग्लादेशी सेना में फेरबदल

Bangladesh Army Shuffle: तारिक रहमान ने सेना में किया बड़ा फेरबदल; इंटेलिजेंस और कमांड पदों पर वफादारों की नियुक्ति।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ रद्द किए
US Supreme Court strikes down Trump Tariffs: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ को किया अवैध; राष्ट्रपति ने 10% नया ग्लोबल टैरिफ थोपा।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ट्रम्प को बड़ा झटका: दुनियाभर पर लगाए गए टैरिफ रद्द; राष्ट्रपति ने 3 घंटे में 'सेक्शन 122' के जरिए फिर ठोका 10% ग्लोबल टैरिफ वॉशिंगटन | 21 फरवरी 2026 अमेरिका में कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच एक ऐतिहासिक टकराव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ को अवैध और असंवैधानिक घोषित कर दिया। कोर्ट के इस फैसले से भारत पर लगा 18% रेसिप्रोकल टैरिफ भी तुरंत प्रभाव से खत्म हो गया है। हालांकि, कोर्ट के इस आदेश के महज 3 घंटे के भीतर ट्रम्प ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 10% नया ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। यहाँ इस अदालती फैसले, ट्रम्प की प्रतिक्रिया और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके असर का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. सुप्रीम कोर्ट का फैसला: "राष्ट्रपति संसद का स्थान नहीं ले सकते" सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए ट्रम्प प्रशासन की व्यापारिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया: कानूनी आधार का अभाव: कोर्ट ने कहा कि ट्रम्प ने IEEPA (इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट, 1977) का गलत इस्तेमाल किया। टैरिफ एक प्रकार का टैक्स है, और टैक्स लगाने का अधिकार अमेरिकी संविधान के तहत केवल संसद (कांग्रेस) को है, राष्ट्रपति को नहीं। फटाकर: जजों ने कहा कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ 'युद्ध' की स्थिति में नहीं है, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर इस तरह के व्यापक टैरिफ नहीं थोपे जा सकते। अल्पमत की राय: जस्टिस ब्रेट कैवनॉ समेत तीन जजों ने इस फैसले से असहमति जताई। कैवनॉ ने भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगाए गए टैरिफ का समर्थन करते हुए इसे विदेश नीति का हिस्सा माना था। 2. ट्रम्प का पलटवार: 'सेक्शन 122' के तहत नया आदेश सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रम्प ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और जजों को "देश के लिए कलंक" बताया। उन्होंने हार मानने के बजाय ट्रेड एक्ट 1974 के 'सेक्शन 122' का सहारा लिया: 10% ग्लोबल टैरिफ: ट्रम्प ने 24 फरवरी से दुनिया भर के देशों (भारत, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ) पर 10% का एक समान टैरिफ लगा दिया है। भारत को आंशिक राहत: चूंकि भारत पर पहले 18% टैरिफ था, अब वह घटकर 10% रह जाएगा। ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ हुई ट्रेड डील पर इसका असर नहीं पड़ेगा और पीएम मोदी उनके अच्छे दोस्त बने रहेंगे। रिफंड से इनकार: ट्रम्प ने साफ कर दिया कि उनकी सरकार अब तक वसूले गए 200 अरब डॉलर में से एक पैसा भी कंपनियों को वापस नहीं करेगी। 📊 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदली हुई स्थिति टैरिफ की श्रेणी पहले की स्थिति वर्तमान स्थिति (कोर्ट के बाद) ट्रम्प का नया आदेश (24 Feb से) भारत पर टैरिफ 18% (रेसिप्रोकल) 0% (अवैध घोषित) 10% (नया ग्लोबल टैरिफ) चीन पर टैरिफ 34% (बेसलाइन) 0% (अवैध घोषित) 10% (नया ग्लोबल टैरिफ) मैक्सिको/कनाडा 25% (फेंटेनाइल मुद्दा) 0% (अवैध घोषित) 10% (नया ग्लोबल टैरिफ) स्टील/एल्युमिनियम अलग कानून के तहत लागू रहेगा लागू रहेगा 3. 'सेक्शन 122' क्या है? यह अमेरिकी राष्ट्रपति को दी गई एक आपातकालीन शक्ति है जिसका उपयोग 55 साल पहले रिचर्ड निक्सन ने किया था: यह कानून राष्ट्रपति को तब अधिकार देता है जब देश को भारी व्यापार घाटे या आर्थिक संकट का खतरा हो। इसके तहत बिना संसद की मंजूरी के 150 दिनों तक अस्थायी टैरिफ लगाया जा सकता है। ट्रम्प ने कुछ उत्पादों को इससे छूट दी है, जिनमें महत्वपूर्ण खनिज, दवाइयां, टमाटर और संतरा जैसे कृषि उत्पाद शामिल हैं। 4. 200 अरब डॉलर का रिफंड सस्पेंस पिछले एक साल में ट्रम्प प्रशासन ने दुनिया भर से 200 अरब डॉलर से ज्यादा का टैरिफ वसूला है। कानूनी पेंच: सुप्रीम कोर्ट ने रिफंड पर कोई आदेश नहीं दिया है। सरकार की दलील: ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि रिफंड देने से अमेरिकी खजाना खाली हो जाएगा। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह मामला अब अगले कई सालों तक अदालतों में खिंच सकता है। 5. मुकदमे की पृष्ठभूमि: 12 राज्यों ने खोला था मोर्चा ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ सिर्फ विदेशी देश ही नहीं, बल्कि अमेरिका के भीतर भी भारी विरोध था: 12 अमेरिकी राज्यों (न्यूयॉर्क, इलिनॉय, एरिजोना आदि) और कई छोटे कारोबारियों ने यह मुकदमा दायर किया था। उनका तर्क था कि टैरिफ की वजह से अमेरिका में महंगाई बढ़ रही है और छोटे व्यापारियों की कमर टूट रही है। निचली अदालतों ने भी पहले इसे गैरकानूनी करार दिया था, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट की अंतिम मुहर लग गई है।

रवि चौहान फ़रवरी 21, 2026 0
ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं

India-US Trade Deal Update: ट्रम्प का 10% ग्लोबल टैरिफ और भारत पर प्रभाव; अप्रैल से लागू होगा ऐतिहासिक व्यापार समझौता।

ट्रम्प बोले- मैंने भारत-PAK को 200% टैरिफ की चेतावनी दी

Trump Board of Peace: डोनाल्ड ट्रम्प का दावा- 200% टैरिफ की धमकी देकर रुकवाया भारत-पाक युद्ध; शहबाज शरीफ ने बताया 'रक्षक'।

ब्रिटेन ने अमेरिका को एयरबेस देने से इनकार किया

ब्रिटेन का ईरान पर हमले के लिए एयरबेस देने से इनकार; डिएगो गार्सिया विवाद पर डोनाल्ड ट्रम्प और कीर स्टार्मर में ठनी।

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