नई दिल्ली | 13 फरवरी 2026
संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन भारी हंगामे और तीखे आरोपों की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों द्वारा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग और सत्ता पक्ष द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलने के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लोकसभा अब 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
यहाँ आज के घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है:
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला।
सोशल मीडिया पर प्रहार: दुबे ने X पर लिखा कि राहुल गांधी सोरोस, फोर्ड फाउंडेशन और टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ मिलकर सत्ता पाने के लिए भारत के बंटवारे की योजना बना रहे हैं।
सब्सटेंसिव मोशन: निशिकांत दुबे पहले ही राहुल गांधी के खिलाफ 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने राहुल की सदस्यता रद्द करने और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने स्पीकर से इस मुद्दे पर विशेष बहस की अनुमति मांगी है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है:
किताब और बजट भाषण: रिजिजू ने कहा कि राहुल ने एक 'अनपब्लिश्ड' किताब का गैर-कानूनी जिक्र किया और बजट भाषण में प्रधानमंत्री के लिए "बकवास" बातें कहीं।
रणनीति में बदलाव: रिजिजू ने बताया कि चूंकि निशिकांत दुबे पहले ही सब्सटेंसिव मोशन ला चुके हैं, इसलिए सरकार अपना अलग नोटिस नहीं लाएगी। अब स्पीकर तय करेंगे कि इस मामले को प्रिविलेज कमेटी (विशेषाधिकार समिति) को भेजना है या सीधे सदन में चर्चा करानी है।
शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया:
एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा: कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने पहले आरोप लगाया था कि पुरी का नाम 'एपस्टीन फाइल्स' में है।
आरजेडी का प्रदर्शन: आरजेडी सांसदों ने बिहार में आरक्षण कोटा 65% करने और इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की और पीएम मोदी व नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा।
कार्यवाही स्थगित: लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन में मात्र 10 मिनट ही चल पाई और हंगामे के चलते इसे 9 मार्च तक स्थगित कर दिया गया।
राज्यसभा में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई:
MSP का सवाल: कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने पूछा कि एमएसपी को कानूनी दर्जा कब मिलेगा? शिवराज ने जवाब दिया कि मोदी सरकार ने लागत पर 50% लाभ जोड़कर एमएसपी तय की है, जो कांग्रेस सरकार में नहीं था।
मूंग की फसल पर चुटकी: दिग्विजय सिंह के सवाल पर शिवराज ने मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे खुशी है कि पूर्व मुख्यमंत्री को मेरे संसदीय क्षेत्र (सीहोर) की इतनी चिंता है। हमने ही मूंग की पैदावार बढ़ाई है।"
| विवरण | तिथि / स्थिति |
| प्रारंभ | 28 जनवरी 2026 |
| प्रथम चरण का समापन | 13 फरवरी 2026 |
| सदन का ब्रेक | 14 फरवरी से 8 मार्च (23 दिन) |
| दूसरा चरण | 9 मार्च से 2 अप्रैल 2025 |
| प्रमुख टकराव | US ट्रेड डील, एमएम नरवणे की किताब, अडानी-एपस्टीन फाइल्स और राहुल की सदस्यता। |
कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने कहा कि राहुल गांधी किसानों और देश के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, "चाहे उनकी मेंबरशिप चली जाए या राजनीतिक करियर खत्म करने की कोशिश हो, राहुल गांधी संसद में अपना मुंह बंद नहीं करेंगे। वे ट्रेड डील और किसानों के मुद्दे उठाते रहेंगे।"
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक: कर्नाटक 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर बैन लगाने वाला पहला राज्य; आंध्र प्रदेश में भी तैयारी बेंगलुरु | 6 मार्च 2026 भारत में डिजिटल सुरक्षा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा की है कि राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसी राह पर चलते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने भी 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए समान प्रतिबंध की तैयारी शुरू कर दी है। यहाँ इस बड़े फैसले, इसके लागू होने की प्रक्रिया और वैश्विक संदर्भों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बजट भाषण: "बच्चों का भविष्य प्राथमिकता" कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बजट पेश करते हुए इस कड़े कानून की आवश्यकता पर जोर दिया: गलत प्रभाव की चिंता: सीएम ने कहा कि बच्चों में मोबाइल और सोशल मीडिया की लत तेजी से बढ़ रही है, जिससे उनके मानसिक विकास और व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। नियमों की तैयारी: इस बैन को तकनीकी रूप से कैसे लागू किया जाएगा, इसके लिए आईटी विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों की टीम नियम तैयार कर रही है। नशे के खिलाफ जंग: सरकार ने केवल डिजिटल ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में नशे (Drugs) की समस्या को खत्म करने के लिए सख्त निगरानी और काउंसलिंग केंद्र खोले जाएंगे। 2. कैसे लागू होगा यह बैन? (एज वेरिफिकेशन और DPDP एक्ट) सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अब बच्चों की उम्र छिपाना आसान नहीं होगा। यह प्रस्ताव भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 (DPDP) और 2025 के नियमों के साथ एकीकृत किया जाएगा: पैरेंटल कंसेंट (माता-पिता की अनुमति): किसी भी नाबालिग का अकाउंट बनाने से पहले माता-पिता की डिजिटल सहमति अनिवार्य होगी। डिजिटल लॉकर और पहचान: उम्र के सत्यापन (Age Verification) के लिए सरकारी पहचान प्रणाली या डिजिटल लॉकर का उपयोग किया जाएगा। कंपनियों की जिम्मेदारी: फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि वे नाबालिगों के अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करें। 3. आंध्र प्रदेश की तैयारी: 13 साल की डेडलाइन कर्नाटक के फैसले के कुछ ही घंटों बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंधित करने जा रही है। नायडू ने इसे "भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित करने वाला कदम" बताया। 📊 सोशल मीडिया बैन: भारत बनाम दुनिया देश / राज्य उम्र सीमा कानून / स्थिति कर्नाटक (भारत) 16 साल से कम बजट 2026 में घोषणा; देश का पहला राज्य। ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल' (नवंबर 2024) लागू। आंध्र प्रदेश (भारत) 13 साल से कम विधानसभा में प्रस्ताव पेश। अमेरिका (कुछ राज्य) 14-16 साल कई राज्यों में पैरेंटल कंट्रोल कानून लागू। 4. टीनएजर्स और सोशल मीडिया: आकर्षण और जोखिम मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, किशोरावस्था (Teenage) में सोशल मीडिया के प्रति झुकाव के गहरे कारण हैं: सोशल वैलिडेशन: टीनएजर्स के लिए लाइक्स, कमेंट्स और व्यूज केवल संख्या नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास का जरिया हैं। इंस्टेंट रिएक्शन उन्हें यह महसूस कराता है कि वे समाज में मायने रखते हैं। वर्चुअल आइडेंटिटी: बच्चे अक्सर अपनी असल जिंदगी से ज्यादा अपनी वर्चुअल पहचान (Profile) को संवारने में समय बिताते हैं, जिससे वे वास्तविक सामाजिक कौशल (Social Skills) खो देते हैं। साइबर जोखिम: कम उम्र में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से साइबर बुलिंग, प्राइवेसी ब्रीच और हानिकारक कंटेंट का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। 5. ऑस्ट्रेलिया मॉडल से प्रेरणा कर्नाटक सरकार का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया के 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल 2024' से प्रेरित माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने बड़ी टेक कंपनियों पर यह जिम्मेदारी डाली है कि वे उम्र की सख्त जांच करें। वहां इस कानून के उल्लंघन पर कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।
भोपाल में कांग्रेस की 'किसान महाचौपाल': राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, कहा- "अडाणी और एपस्टीन केस के दबाव में देश का डेटा और किसानों को अमेरिका के हाथों बेचा" भोपाल | 24 फरवरी 2026 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कांग्रेस की 'किसान महाचौपाल' के दौरान राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (US-India Trade Deal) को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने इस समझौते को 'डील' नहीं बल्कि देश के किसानों और डेटा का 'आत्मसमर्पण' करार दिया। यहाँ राहुल गांधी के भाषण, खड़गे के प्रहार और इस महाचौपाल की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. राहुल गांधी का आरोप: "दबाव और धमकी में हुई ट्रेड डील" राहुल गांधी ने भोपाल के मंच से प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि यह समझौता किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और राजनीतिक बचाव के लिए किया गया है। अडाणी और एपस्टीन कनेक्शन: राहुल ने दावा किया कि अमेरिका में अडाणी पर चल रहे क्रिमिनल केस और 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) में कुछ नामों के होने के डर से सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी को दो ग्रिप से चोक कर दिया गया है। एक तरफ अडाणी का केस है, दूसरी तरफ एपस्टीन की फाइल्स।" डेटा की चोरी: राहुल ने कहा कि 21वीं सदी का सबसे कीमती संसाधन 'डेटा' है। अमेरिका को चीन का मुकाबला करने के लिए भारत के डेटा की जरूरत है और पीएम मोदी ने इस डील की एक छोटी सी स्क्रिप्ट में पूरा डेटा अमेरिका के हवाले कर दिया। किसानों का नुकसान: राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिका से सोया, कपास और भुट्टा (कॉर्न) को जीरो टैक्स पर भारत लाने की छूट दी जा रही है, जिससे भारतीय किसानों की कमर टूट जाएगी। 2. खड़गे का कटाक्ष: "नरेंद्र मोदी अब 'सरेंडर मोदी' हैं" कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री पर कड़े शब्दों में प्रहार किया: नाम बदलने की राजनीति: खड़गे ने कहा, "मोदी जी का काम सिर्फ योजनाओं और रास्तों के नाम बदलना है। चूंकि उनका जन्म कांग्रेस शासनकाल में हुआ था, तो उन्हें अपना नाम भी बदल लेना चाहिए।" कमजोर नेतृत्व: खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ट्रंप के सामने "यस सर" (Yes Sir) कहने के अलावा कुछ नहीं कर पाते। उन्होंने दावा किया कि भारत जो पहले व्यापार में लाभ कमाता था, अब वह भारी घाटे की ओर बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर: खड़गे ने आरोप लगाया कि ट्रंप के कहने पर मोदी जी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' रोककर बड़ी गलती की और देश के स्वाभिमान से समझौता किया। 3. पूर्व आर्मी चीफ नरवणे और चीनी घुसपैठ का मुद्दा राहुल गांधी ने संसद में खुद को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाते हुए पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का जिक्र किया। अकेला छोड़ा गया: राहुल ने कहा कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे, तब रक्षा मंत्री, एनएसए और विदेश मंत्री ने हाथ खड़े कर दिए थे। नरवणे ने लिखा है कि सरकार ने उस वक्त सेना को अकेला छोड़ दिया था। संसद में सेंसरशिप: राहुल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने यह मुद्दा लोकसभा में उठाना चाहा, तो अमित शाह और पीएम मोदी के इशारे पर उन्हें बोलने नहीं दिया गया। 📊 ट्रेड डील के खिलाफ कांग्रेस के 5 प्रमुख तर्क मुद्दा कांग्रेस का दावा / आरोप प्रक्रिया बिना कैबिनेट और मंत्रियों (नितिन गडकरी, शिवराज सिंह) से पूछे डील फाइनल की गई। टैक्स भारत को अमेरिका से आने वाले माल पर टैक्स कम करना होगा, जबकि भारत को कोई विशेष छूट नहीं मिली। इंडस्ट्री कपास और टेक्सटाइल सेक्टर बर्बाद हो जाएगा क्योंकि सस्ता अमेरिकी कपास बाजार में भर जाएगा। डेटा सुरक्षा भारत का विशाल डेटा अमेरिका के तकनीकी दिग्गजों को सौंप दिया गया है। दबाव अडाणी पर अमेरिकी कार्रवाई रोकने के बदले यह 'देश बेचने' की डील की गई। 4. बीजेपी का पलटवार: "राहुल का बयान राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में" मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग और सीएम डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। राष्ट्रद्रोह: विश्वास सारंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि खराब करना राहुल की आदत है। उनके बयान राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आते हैं। कृषि ज्ञान पर सवाल: सीएम मोहन यादव ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को यह भी नहीं पता कि रबी और खरीफ की फसलें क्या होती हैं। कांग्रेस ने दशकों तक किसानों के साथ अन्याय किया है। 5. महाचौपाल की झलकियां: हल भेंट और धक्का-मुक्की हल भेंट: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य नेताओं ने राहुल और खड़गे को 'हल' भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं का जोश: भारी भीड़ के कारण पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई जगहों पर धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बिजली के खंभों और रेलिंग पर चढ़कर झंडे लहराते नजर आए। घायल कार्यकर्ता: राहुल गांधी ने मंच पर एक कार्यकर्ता से मुलाकात की जिसे पुलिसिया कार्रवाई के दौरान चोटें आई थीं।
राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी: करणी सेना का कार्यकर्ता कोटा से गिरफ्तार; पवन खेड़ा ने भाजपा-RSS को बताया 'गोडसे फैक्ट्री' नई दिल्ली/कोटा | 19 फरवरी 2026 देश की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेस ने राहुल गांधी और विपक्ष के 25 सांसदों को जान से मारने की धमकी मिलने का दावा किया। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि यह राहुल गांधी के खिलाफ हिंसा को वैध बनाने की एक सुनियोजित साजिश है। वीडियो सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर राजस्थान की कोटा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। यहाँ इस पूरे विवाद, धमकी भरे वीडियो और पृष्ठभूमि का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. पवन खेड़ा का गंभीर आरोप: "एक और गोडसे तैयार किया जा रहा है" कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भाजपा और आरएसएस (RSS) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने धमकी वाले वीडियो को साझा करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं: गोडसे फैक्ट्री: खेड़ा ने लिखा कि पूरा तंत्र एक 'गोडसे फैक्ट्री' की तरह काम कर रहा है। कट्टरपंथ के जरिए फॉलोअर्स के मन में नफरत भरी जा रही है ताकि वे हिंसा पर उतर आएं। किरेन रिजिजू पर निशाना: उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। खेड़ा के अनुसार, रिजिजू ने देश को गुमराह किया कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर का अपमान किया, जिससे इस तरह के कट्टरपंथी तत्वों को बल मिला। सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा' बताना विपक्ष को बदनाम करने का एक सुनियोजित अभियान है। 2. क्या है वायरल वीडियो में? (धमकी का विवरण) वीडियो में खुद को करणी सेना का संभागीय प्रवक्ता बताने वाला राज आमेरा नजर आ रहा है। उसने वीडियो में कहा: राहुल गांधी को धमकी: उसने सीधे तौर पर कहा, "राहुल गांधी सुन लें, उनके घर में घुसकर गोली मारेंगे।" 25 सांसदों को चेतावनी: आरोपी ने दावा किया कि संसद में स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में हुई घटना के लिए जिम्मेदार 25 सांसदों के घरों में तोड़फोड़ की जाएगी। वजह: उसने कहा कि किरेन रिजिजू के बयान को सुनने के बाद वह गुस्से में है और अपनी इस धमकी के लिए जेल जाने को भी तैयार है। 3. आरोपी राज आमेरा की गिरफ्तारी और सफाई वीडियो वायरल होने के बाद कोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राज आमेरा को उद्योग नगर इलाके से पकड़ लिया। आरोपी का यू-टर्न: पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आमेरा के सुर बदल गए। उसने हाथ जोड़कर कहा, "मुझे इस वीडियो की जानकारी नहीं है। विपक्ष ने मेरी फेक आईडी बनाकर यह वीडियो वायरल किया होगा।" पहचान: वह कोटा के उद्योग नगर का रहने वाला है और उसे महज 3 दिन पहले ही करणी सेना का संभागीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। 4. विवाद की जड़: ओम बिरला और अविश्वास प्रस्ताव यह पूरा विवाद 11 फरवरी को संसद में हुई एक घटना से शुरू हुआ था: भाजपा का दावा: सरकार का आरोप है कि प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल की मौजूदगी में 25 कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनसे बदसलूकी की। विपक्ष का रुख: कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। स्पीकर की अनुपस्थिति: सूत्रों के अनुसार, ओम बिरला ने तब तक सदन की कार्यवाही से दूर रहने का फैसला किया है जब तक अविश्वास प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता। इस पर चर्चा 9 मार्च को होने की संभावना है। 📊 घटनाक्रम की टाइमलाइन तिथि घटना 11 फरवरी 2026 स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में कथित बदसलूकी और विवाद की शुरुआत। 13 फरवरी 2026 बजट सत्र का पहला हिस्सा समाप्त; विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव दिया। 19 फरवरी 2026 राज आमेरा का धमकी भरा वीडियो वायरल; पवन खेड़ा का 'गोडसे फैक्ट्री' वाला बयान। 19 फरवरी 2026 (शाम) कोटा पुलिस द्वारा आरोपी राज आमेरा गिरफ्तार। 9 मार्च 2026 अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में संभावित चर्चा।