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पाकिस्तान में राजनीतिक संकट: इमरान खान की बहन अडियाला जेल में मिलीं; CM अफरीदी पर हमला, राष्ट्रपति शासन की तैयारी

रवि चौहान दिसम्बर 2, 2025 0
इमरान खान की बहन अडियाला जेल में मिलीं
इमरान खान की बहन अडियाला जेल में मिलीं

पाकिस्तान में राजनीतिक उबाल: अडियाला जेल में इमरान खान से मिलने पहुँची बहन उज्मा खान; मौत की अफवाहें, CM अफरीदी पर हमला और राष्ट्रपति शासन की तैयारी 

पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर उग्र विरोध-प्रदर्शनों और गंभीर सत्ता संघर्ष की चपेट में है। पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की अडियाला जेल (रावलपिंडी) में लगातार हिरासत और उनसे मिलने पर लगे प्रतिबंधों ने पूरे देश में, खासकर खैबर पख्तूनख्वा (KP) में, अभूतपूर्व राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है। मंगलवार को जब इमरान खान की बहन उज्मा खान अपने भाई से मिलने के लिए 27 दिन के लंबे अंतराल के बाद जेल पहुँचीं, तो यह घटनाक्रम तनावपूर्ण माहौल में एक छोटी-सी राहत लेकर आया। इससे पहले, उन्होंने 5 नवंबर को अपनी बहन नौरीन खान से मुलाकात की थी।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पिछले सप्ताह परिवार के सदस्यों और समर्थकों को जेल प्रशासन द्वारा मिलने की अनुमति न दिए जाने के बाद, यह अफवाह फैल गई थी कि इमरान खान की मौत हो गई है और पाकिस्तान सरकार इस खबर को छिपा रही है। इन अफवाहों के कारण पूरे पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिसके मद्देनजर रावलपिंडी से लेकर इस्लामाबाद तक हाई अलर्ट जारी करना पड़ा और धारा 144 लागू कर दी गई।

इस पूरे विवाद का सबसे विवादास्पद पहलू तब सामने आया जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को 27 नवंबर को अडियाला जेल के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सड़क पर गिराकर पीटा। PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने KP में राष्ट्रपति शासन लगाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके लिए न्याय राज्य मंत्री अकील मलिक ने CM अफरीदी को सुरक्षा और प्रशासन की स्थिति संभालने में बुरी तरह विफल बताया है।

यह विस्तृत आलेख इमरान खान से मिलने पर लगे प्रतिबंधों, बहन उज्मा खान की जेल यात्रा, उनकी मौत की अफवाहों और विरोध-प्रदर्शनों, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में लागू धारा 144 और प्रतिबंधों (लाठी, पेट्रोल बम, नफरत भरे भाषण पर रोक), CM सोहेल अफरीदी पर सेना के आदेश पर पुलिस हमले की जघन्य घटना, खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन लगाने की धमकी, और इमरान खान के बेटे कासिम खान द्वारा पिता को 'डेथ सेल' में रखे जाने के आरोप के संदर्भ में 5000 शब्दों का गहन राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।


1. 🚶 27 दिन बाद मुलाकात: उज्मा खान की जेल यात्रा

इमरान खान को अडियाला जेल में रखे जाने के बाद से ही, उनके समर्थकों और परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने पर लगातार प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है।

1.1. मुलाकात का घटनाक्रम

  • लंबा अंतराल: इमरान खान 5 नवंबर को अपनी बहन नौरीन खान से मिलने के बाद, लगभग 27 दिन बाद अपने परिवार के किसी सदस्य से मिल रहे हैं।

  • उज्मा खान की मुलाकात: मंगलवार को उनकी बहन उज्मा खान रावलपिंडी की अडियाला जेल में उनसे मिलने पहुँचीं।

  • भेंट से पहले चर्चा: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुलाकात से पहले उज्मा ने अपनी बहन अलीमा खान से काफी देर तक बातचीत की, जो संभवतः जेल प्रशासन से अनुमति लेने या विरोध प्रदर्शन की रणनीति से संबंधित थी।

  • बार-बार इनकार: पिछले मंगलवार को भी इमरान खान से मिलने उनके समर्थक और परिवार वाले पहुँचे थे, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं दी

1.2. कानूनी आदेशों की नाकामी

  • PTI का आरोप: PTI नेता असद कायसर ने कोर्ट के आदेशों के लागू न होने पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "कोर्ट अपने आदेश को लागू कराने में नाकाम रहा है और जेल प्रशासन भी कोर्ट के आदेशों का पालन करने को तैयार नहीं है।"

  • विरोध का कारण: परिवार के सदस्यों को कई हफ्तों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जो PTI के लिए बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन का मुख्य कारण बन गया है।


2. ☠️ 'मौत की अफवाह' और देशव्यापी विरोध

इमरान खान से मिलने पर बार-बार प्रतिबंध लगाने का सबसे गंभीर परिणाम उनकी मौत की अफवाहों के रूप में सामने आया।

2.1. अफवाह का जन्म

  • कारण: पिछले सप्ताह, जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को लगातार आठवीं बार खान से मिलने से रोका गया, तो यह विवाद और भड़क उठा। इसके बाद, खान के परिवार और समर्थकों को मिलने न देने पर उनकी मौत की अफवाहें तेज हो गईं।

  • परिवार का संदेह: खान के बेटे कासिम खान ने X पर अपने पिता के जिंदा होने का सबूत मांगा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बुआ को भी मिलने नहीं दिया जा रहा है और यह सब जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है क्योंकि सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है।

2.2. हाई अलर्ट और पाबंदियाँ

  • प्रदर्शन: अफवाहों को लेकर पूरे पाकिस्तान में बड़ा प्रदर्शन किया गया था। इमरान खान की बहनें भी 18 नवंबर को जेल के बाहर प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।

  • धारा 144: विरोध को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने रावलपिंडी में 1 से 3 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी है।

  • कड़े प्रतिबंध: डिप्टी कमिश्नर डॉ. हसन वकार द्वारा जारी आदेश में सार्वजनिक सभा, रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर बैन लगा दिया गया है। साथ ही, हथियार, लाठी, गुलेल, पेट्रोल बम, विस्फोटक सामग्री, नफरत भरे भाषण, पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

2.3. PTI की धमकी

PTI ने प्रतिबंधों के बावजूद मंगलवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर और रावलपिंडी (अडियाला जेल) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। PTI नेताओं का दावा है कि प्रदर्शन करने का फैसला कोर्ट आदेश को लागू कराने में नाकाम होने के कारण लिया गया है।


3. 💥 CM अफरीदी पर पुलिस हमला और सेना की भूमिका

विरोध प्रदर्शनों के दौरान खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री पर हुआ हमला इस राजनीतिक संकट का सबसे चौंकाने वाला और गंभीर पहलू है।

3.1. मुख्यमंत्री पर हमला

  • घटना: इमरान खान का समर्थन करने रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस ने 27 नवंबर को सड़क पर गिराकर पीटा था।

  • घटनाक्रम: पुलिस ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोका। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने CM को लात-घूंसे मारे और जमीन पर गिरा दिया।

  • PTI का आरोप: PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है।

3.2. सेना के आदेश का दावा

  • मीडिया रिपोर्ट: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CM सोहेल अफरीदी पर हमले की कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई। यह आरोप घटना की गंभीरता को कई गुना बढ़ा देता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना की राजनीतिक हस्तक्षेप में भूमिका की ओर इशारा करता है।

3.3. अफरीदी की प्रतिक्रिया

  • चेतावनी: अफरीदी ने धमकी दी कि अगर सरकार ने इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर सही जवाब नहीं दिए तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

  • सेना प्रमुख पर तंज: उन्होंने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं।


4. 🇵🇰 खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन की तैयारी

CM अफरीदी की विफलता और उनके विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए, केंद्र सरकार ने KP में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार करना शुरू कर दिया है।

4.1. न्याय राज्य मंत्री का बयान

  • अकील मलिक का आरोप: पाकिस्तान के न्याय राज्य मंत्री अकील मलिक ने सोमवार को कहा कि "पख्तूनख्वा में सुरक्षा और प्रशासन की हालत बहुत खराब हो चुकी है।"

  • विफलता: उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी वहां की स्थिति को सुधारने में बुरी तरह फेल रहे हैं। वह न तो केंद्र सरकार से कोई तालमेल रख रहे हैं और न ही जरूरी जगहों पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं।

4.2. राष्ट्रपति शासन का खतरा

  • संवैधानिक कार्रवाई: राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार करना, मुख्यमंत्री अफरीदी और PTI के लिए एक बड़ा झटका होगा। यह संवैधानिक रूप से चुनी हुई प्रांतीय सरकार को बर्खास्त करने की दिशा में एक कदम है।

  • कानून-व्यवस्था का बहाना: केंद्र सरकार ने जिला खुफिया समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि कुछ संगठन बड़े पैमाने पर लोगों को इकट्ठा करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और संवेदनशील ठिकानों, सरकारी इमारतों पर हमला करने की फिराक में हैं। इस रिपोर्ट का उपयोग राष्ट्रपति शासन लागू करने के कानूनी आधार के रूप में किया जा सकता है।


5. 💔 डेथ सेल और मानवाधिकारों का उल्लंघन

इमरान खान के बेटे कासिम खान द्वारा लगाए गए आरोपों ने जेल के भीतर इमरान खान की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

5.1. डेथ सेल में कैद

  • कासिम खान का आरोप: कासिम खान ने X पर लिखा कि उनके पिता को पिछले 6 हफ्तों से अकेले एक 'डेथ सेल' में रखा गया है।

  • सुरक्षा नियम का उल्लंघन: उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है।

5.2. मानवाधिकारों का उल्लंघन

  • अकेलापन: 'डेथ सेल' में लंबे समय तक अकेले रखना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन हो सकता है।

  • पारिवारिक भेंट: परिवार के सदस्यों को मिलने न देना भी जेल नियमों और कैदी के मूलभूत मानवाधिकारों का उल्लंघन है।


6. 🌐 निष्कर्ष: पाकिस्तान का अस्थिर भविष्य

इमरान खान से जुड़े ये सभी घटनाक्रम (मुलाकात पर प्रतिबंध, मौत की अफवाहें, CM पर हमला, राष्ट्रपति शासन की धमकी) यह दर्शाते हैं कि पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था गहरे संकट में है।

  • अलोकतांत्रिक कदम: CM पर हमला और राष्ट्रपति शासन की तैयारी जैसे कदम लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर सीधा हमला माने जा रहे हैं, जो देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण को और बढ़ाएगा।

  • सेना का हस्तक्षेप: CM अफरीदी पर हमले में सेना के आदेश का दावा, देश की राजनीतिक स्थिरता में सैन्य हस्तक्षेप की गहरी जड़ों को उजागर करता है।

  • PTI की चुनौती: PTI इन प्रतिबंधों और हमलों का उपयोग जनता की सहानुभूति हासिल करने और अपनी विरोध की लहर को मजबूत करने के लिए कर रही है।

  • आगे का रास्ता: जब तक इमरान खान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कानूनी अधिकारों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक रावलपिंडी और इस्लामाबाद का राजनीतिक उबाल कम होने की संभावना नहीं है।

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दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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ईरान भारतीय जहाजों को होर्मुज पार करने में मदद करेगा
ईरान का भारत को बड़ा ऑफर: होर्मुज में सुरक्षित गुजरेंगे भारतीय जहाज; ट्रंप ने चीन को दी 50% टैरिफ की सख्त चेतावनी।

होर्मुज संकट में भारत को ईरान का 'सुरक्षा कवच': भारतीय जहाजों को मिलेगा सुरक्षित रास्ता; ट्रंप की चीन को 50% टैरिफ की धमकी नई दिल्ली/तेहरान | 13 अप्रैल 2026 मध्य पूर्व (Middle East) के युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह भारतीय व्यापारिक जहाजों को इस खतरनाक युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने में पूरी मदद करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस क्षेत्र में पूरी तरह सैन्य नाकाबंदी करने का आदेश दिया है। यहाँ ईरान के भारत प्रेम, ट्रंप के नए प्रतिबंधों और पिछले 24 घंटों के 5 बड़े अपडेट्स की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. भारत-ईरान 'मैत्री': समुद्र में मिलेगा विशेष गलियारा भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने नई दिल्ली के साथ चल रही उच्च स्तरीय बातचीत की पुष्टि की है: सुरक्षित मार्ग: राजदूत फतहली ने स्पष्ट किया कि ईरान और भारत के संबंध ऐतिहासिक हैं और मौजूदा तनाव के बावजूद ईरान चाहता है कि भारतीय जहाज बिना किसी बाधा के गुजरें। बातचीत का असर: नई दिल्ली और तेहरान के बीच 'बैक-चैनल' डिप्लोमेसी रंग ला रही है। ईरान, भारतीय जहाजों को विशेष 'एस्कॉर्ट' या सुरक्षा देने के लिए तैयार है। ईरान की शर्त: हालांकि ईरान ने यह भी दोहराया कि यदि उसके बंदरगाहों पर हमला हुआ, तो वह खाड़ी के किसी भी पोर्ट को सुरक्षित नहीं रहने देगा। IRGC ने चेतावनी दी है कि "सुरक्षा या तो सबके लिए होगी, या किसी के लिए नहीं।" 2. अमेरिका की 'ग्रैंड नाकेबंदी' और सोमवार की समय सीमा अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने युद्ध के मोर्चे पर एक नई और सख्त लाइन खींच दी है: पोर्ट ब्लॉकेड: अमेरिका सोमवार शाम से ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय इलाकों की पूर्ण नाकाबंदी शुरू करने जा रहा है। जहाजों की जांच: इसके तहत ईरान आने वाले या वहां से निकलने वाले किसी भी देश के जहाज को अमेरिकी नौसेना रोक सकती है और उसकी तलाशी ले सकती है। उद्देश्य: ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह पंगु बनाना ताकि वह युद्ध जारी रखने में सक्षम न रहे। 📊 युद्ध के 24 घंटे: 5 सबसे बड़े अपडेट्स घटना विवरण संभावित असर चीन को धमकी ट्रंप ने कहा—ईरान की मदद की तो चीन पर 50% टैरिफ लगेगा। ग्लोबल ट्रेड वॉर शुरू होने का खतरा। होर्मुज टोल ईरान ने जहाजों से रियाल में टोल (टैक्स) देना अनिवार्य किया। शिपिंग कंपनियों पर भारी आर्थिक बोझ। अल-अक्सा विवाद इजराइली मंत्री बेन गविर के मस्जिद दौरे का जॉर्डन ने विरोध किया। मुस्लिम देशों में आक्रोश और तनाव में वृद्धि। जासूसी कांड ईरान ने 50 लोगों को अमेरिका-इजराइल के लिए जासूसी करते पकड़ा। ईरान के भीतर कड़े दमनकारी चक्र की शुरुआत। अमेरिकी नेवी होर्मुज में टोल देने वाले जहाजों को अमेरिका रास्ते में ही रोक लेगा। अमेरिका-ईरान के बीच सीधी नौसैनिक भिड़ंत। 3. ट्रंप का 'टैरिफ वार': चीन और ईरान का गठजोड़ निशाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार अपनी व्यापारिक शक्ति का इस्तेमाल युद्ध के हथियार के रूप में किया है: चीन पर दबाव: अमेरिका को खुफिया जानकारी मिली है कि चीन पर्दे के पीछे से ईरान की सैन्य और वित्तीय मदद कर रहा है। 50% का प्रहार: ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि चीन नहीं रुका, तो उसके हर सामान पर 50% का आयात शुल्क (Custom Duty) लगा दिया जाएगा। इससे अमेरिकी बाजार में चीनी सामान की बिक्री ठप हो सकती है। 4. रियाल में 'टोल' और संप्रभुता की जंग ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना पूर्ण नियंत्रण जताते हुए एक नया आर्थिक नियम लागू किया है: टोल टैक्स: अब वहां से गुजरने वाले हर कमर्शियल जहाज को ईरान को 'गुजरने का शुल्क' देना होगा। मुद्रा: यह भुगतान केवल ईरान की मुद्रा 'रियाल' में स्वीकार किया जाएगा। यह डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देने की तेहरान की एक सोची-समझी चाल है। अमेरिकी पलटवार: ट्रंप ने साफ किया है कि जो जहाज ईरान को यह टोल देंगे, अमेरिकी नौसेना उन्हें अपना 'दुश्मन' मानकर रास्ते में ही रोक लेगी।

रवि चौहान अप्रैल 13, 2026 0
इजराइल का तेहरान में तीन एयरपोर्ट पर हमला

इजराइल की ईरान पर भीषण स्ट्राइक: 3 एयरपोर्ट्स और बुशहर नेवल बेस तबाह; साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से ईरान में ऊर्जा संकट।

ईरान की मिडिल ईस्ट में 8 ब्रिज उड़ाने की धमकी

ईरान की बड़ी धमकी: मिडिल ईस्ट के 8 पुल निशाने पर; होर्मुज संकट पर भारत ने दुनिया को झकझोरा—"हमने अपने नाविक खोए हैं"।

ट्रम्प बोले- अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगा

डोनाल्ड ट्रम्प का ऐलान: "अमेरिका अब किसी की मदद नहीं करेगा; होर्मुज से तेल लेना है तो खुद अपनी सेना भेजें"; इस्फहान में हथियार डिपो तबाह।

इजराइल ने CNN पत्रकारों से बदसलूकी पर बटालियन सस्पेंड की:
इजराइली सेना का बड़ा फैसला: CNN पत्रकारों से मारपीट के बाद नेत्जाह बटालियन सस्पेंड; वेस्ट बैंक में ऑपरेशन पर रोक।

वेस्ट बैंक में CNN टीम से बदसलूकी: इजराइली सेना ने पूरी बटालियन को किया सस्पेंड; नेत्जाह येहूदा यूनिट की ऑपरेशनल गतिविधियों पर लगी रोक यरुशलम/वेस्ट बैंक | 30 मार्च 2026 इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी गांव तयासिर में CNN के पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट के मामले में एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सेना ने इस घटना में शामिल पूरी बटालियन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह बटालियन विवादित नेत्जाह येहूदा (Netzah Yehuda) यूनिट का हिस्सा है। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, इस बटालियन को वेस्ट बैंक से हटाकर ट्रेनिंग बेस पर भेज दिया गया है और जांच पूरी होने तक इसकी सभी ऑपरेशनल गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। 1. क्या थी घटना? 26 मार्च का वो मंजर यह घटना पिछले हफ्ते 26 मार्च को उस समय हुई जब CNN के वरिष्ठ पत्रकार जेरेमी डायमंड अपनी टीम के साथ तयासिर गांव में रिपोर्टिंग कर रहे थे। रिपोर्टिंग का विषय: टीम वहां इजराइली सेटलर्स (बसावट करने वालों) द्वारा किए गए हालिया हमलों के बाद के हालात को कैमरे में कैद कर रही थी। अचानक हमला: चश्मदीदों से बात करने के दौरान इजराइली सैनिकों की एक टुकड़ी वहां पहुंची। बातचीत जल्द ही विवाद में बदल गई और सैनिकों ने पत्रकारों को हिरासत में ले लिया। हिंसा: आरोप है कि एक सैनिक ने फोटो जर्नलिस्ट सिरिल थियोफिलॉस का गला जकड़ लिया और उन्हें जमीन पर पटक दिया, जिससे उनका महंगा कैमरा टूट गया। सैनिकों ने पत्रकारों पर बंदूकें भी तानीं, जबकि उन्होंने अपनी पहचान (Press ID) उजागर कर दी थी। 2. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: प्रेस की आजादी पर हमला अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (FPA) ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है: निंदा प्रस्ताव: संगठन ने इसे प्रेस की आजादी पर सीधा और हिंसक हमला करार दिया। दुश्मनी का माहौल: FPA ने कहा कि पत्रकारों को डराना और उन पर हथियार तानना यह दर्शाता है कि ग्राउंड पर मीडिया के प्रति दुश्मनी बढ़ रही है। जांच की मांग: संगठन ने इजराइल सरकार से मांग की है कि केवल सस्पेंशन काफी नहीं है, बल्कि जिम्मेदार सैनिकों पर आपराधिक मुकदमा चलना चाहिए। 3. नेत्जाह येहूदा यूनिट: धार्मिक पहचान और विवादों का नाता नेत्जाह येहूदा यूनिट इजराइली सेना की कफिर ब्रिगेड का हिस्सा है। इसका इतिहास और संरचना इसे अन्य यूनिट्स से अलग बनाती है: गठन (1999): इसे विशेष रूप से हरेदी (अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स) समुदाय के लिए बनाया गया था, जिन्हें पहले सैन्य सेवा से छूट मिली हुई थी। धार्मिक नियम: इस यूनिट में महिलाएं शामिल नहीं होतीं। यहां केवल कोषेर (Kosher) खाना दिया जाता है और सैनिकों को धार्मिक प्रार्थनाओं के लिए समय दिया जाता है। विवादित इतिहास: यह यूनिट लंबे समय से मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों में घिरी रही है। 2022: 79 वर्षीय फिलिस्तीनी-अमेरिकी उमर असअद की सैनिकों द्वारा बांधे जाने के बाद मौत हो गई थी। मार्च 2026: यरुशलम में एक CNN प्रोड्यूसर का हाथ फ्रैक्चर करने का आरोप भी इसी यूनिट से जुड़ी गतिविधियों पर लगा है। 📊 नेत्जाह येहूदा यूनिट: एक नजर में विशेषता विवरण स्थापना 1999 (हरेदी समुदाय के लिए) मुख्य कार्य वेस्ट बैंक में गश्त और सुरक्षा विवाद मानवाधिकार उल्लंघन, अत्यधिक बल प्रयोग ताजा कार्रवाई पूरी बटालियन सस्पेंड, ऑपरेशनल रोक अमेरिकी रुख प्रतिबंध लगाने पर विचार (Leahy Law के तहत) 4. अमेरिका की नजर और संभावित प्रतिबंध नेत्जाह येहूदा यूनिट की गतिविधियों पर केवल इजराइल के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है। अमेरिकी जांच: 2022 के अंत से अमेरिका इस यूनिट की जांच कर रहा है। लेही कानून (Leahy Law): ऐसी खबरें हैं कि जो बाइडन और अब ट्रम्प प्रशासन भी इस यूनिट पर मानवाधिकारों के हनन के कारण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह इजराइली सेना की पहली ऐसी यूनिट होगी जिसे अमेरिकी सैन्य सहायता प्राप्त करने से रोक दिया जाएगा। 5. सेना का अगला कदम: 'एथिकल री-ट्रेनिंग' इजराइली सेना ने स्पष्ट किया है कि बटालियन को केवल हटाया नहीं गया है, बल्कि उन्हें प्रोफेशनल और एथिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। जांच प्रक्रिया: सैन्य पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या सैनिकों ने नियमों (Rules of Engagement) का उल्लंघन किया। कमांड लेवल पर बदलाव: बटालियन के कमांडरों से भी पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने पत्रकारों के साथ हो रही बदसलूकी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए।

रवि चौहान मार्च 30, 2026 0
रूस 4 महीने तक पेट्रोल नहीं बेचेगा

रूस का पेट्रोल निर्यात पर 4 महीने का बैन; चीन और तुर्किये पर संकट, जानें भारत के 'प्रीमियम' तेल सौदे का पूरा सच।

60 साल में पहली बार अल-अक्सा मस्जिद ईद में बंद

ईद 2026: युद्ध के बीच मिसाइलों के साये में नमाज; यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद 60 साल बाद बंद, रूस में 2 लाख लोग जुटे।

आसिम मुनीर की शिया धर्मगुरुओं को धमकी

पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर का विवादित बयान: "ईरान प्रेमी पाकिस्तान छोड़ दें"; शिया समुदाय और फौज के बीच टकराव बढ़ा।

ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर हमला
ईरान-इजराइल युद्ध डे-22: नतांज परमाणु केंद्र पर हवाई हमला; हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया बेस पर मिसाइलें, क्या अब शुरू होगा 'न्यूक्लियर वॉर'?

ईरान-इजराइल-अमेरिका जंग: 22वां दिन | नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर भीषण हमला, हिंद महासागर में अमेरिकी बेस पर मिसाइलें और डिएगो गार्सिया की तकरार तेहरान/वॉशिंगटन/यरुशलम | 21 मार्च 2026 आज 21 मार्च 2026 है और मध्य पूर्व (Middle East) में छिड़ी महाजंग अपने 22वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। आज की सुबह दुनिया के लिए सबसे चौंकाने वाली खबर लेकर आई, जब अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान के सबसे संवेदनशील और सबसे बड़े परमाणु ठिकाने 'नतांज न्यूक्लियर सेंटर' को निशाना बनाया। इसके साथ ही जंग का दायरा अब खाड़ी देशों से निकलकर हिंद महासागर तक फैल गया है। यहाँ आज के घटनाक्रम, सैन्य कार्रवाई और वैश्विक कूटनीति की सबसे विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर हमला: क्या परमाणु खतरा बढ़ा? ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी 'तसनीम' के अनुसार, शनिवार सुबह अमेरिकी और इजराइली लड़ाकू विमानों ने नतांज परमाणु केंद्र पर कई मिसाइलें दागीं। हमले का मकसद: नतांज ईरान का वह केंद्र है जहाँ यूरेनियम इनरिचमेंट (संवर्धन) किया जाता है। इजराइल का मानना है कि यहाँ ईरान गुप्त रूप से परमाणु बम बनाने की तैयारी कर रहा था। जमीनी स्थिति: इस प्लांट का बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे (Underground) बना है ताकि बंकर-बस्टर मिसाइलों से बचा जा सके। राहत की खबर: ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमले के बावजूद अभी तक कोई रेडियोएक्टिव (परमाणु विकिरण) रिसाव नहीं हुआ है। आसपास की नागरिक आबादी पूरी तरह सुरक्षित है। 2. हिंद महासागर में कोहराम: डिएगो गार्सिया पर ईरानी मिसाइलें जंग अब केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रही। ईरान ने पहली बार इतनी लंबी दूरी की मार करते हुए हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के साझा सैन्य बेस 'डिएगो गार्सिया' को निशाना बनाया है। हमला: शुक्रवार सुबह ईरान ने 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) के अनुसार, दोनों मिसाइलें बेस को हिट करने में नाकाम रहीं और समुद्र में जा गिरीं। ब्रिटेन की निंदा: ब्रिटेन ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। ब्रिटेन सीधे तौर पर जंग में शामिल नहीं है, लेकिन उसने अमेरिका को अपने इस रणनीतिक द्वीप (Diego Garcia) का उपयोग करने की अनुमति दी है। महत्व: तेहरान से यह बेस करीब 3,800 से 5,000 किलोमीटर दूर है। यहाँ से अमेरिका अपने बी-52 बॉम्बर और टैंकर विमान संचालित करता है। 3. लाइव ब्लॉग अपडेट्स: पल-पल की खबरें (21 मार्च 2026) समय स्थान घटना 05:10 PM डिएगो गार्सिया ब्रिटेन ने ईरानी हमले को क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया। 05:05 PM इजराइल IRGC का दावा- इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला, उड़ानें प्रभावित। 04:32 PM रामसर, ईरान एक घर पर अमेरिकी-इजराइली हवाई हमला; माता-पिता और एक मासूम बच्चे की मौत। 04:18 PM बगदाद, इराक इराकी खुफिया मुख्यालय के पास ड्रोन गिरा; एक उच्च अधिकारी की मौत। 03:12 PM बगदाद रिहायशी इलाके में दूसरा ड्रोन हमला; एक स्पोर्ट्स क्लब में गिरा निगरानी ड्रोन। 01:38 PM तेहरान IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी का अंतिम संस्कार, हजारों की भीड़ उमड़ी। 4. कूटनीतिक हलचल: पीएम मोदी और पुतिन का रुख एक ओर जहाँ मिसाइलें बरस रही हैं, वहीं दूसरी ओर नवरोज और ईद के मौके पर बड़े नेताओं के बीच बातचीत भी हुई: पीएम मोदी का संदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान से फोन पर बात की। उन्होंने ईद और नवरोज की बधाई दी, लेकिन साथ ही समुद्री रास्तों (Shipping Routes) की सुरक्षा पर चिंता जताई। मोदी ने स्पष्ट कहा कि वैश्विक व्यापार के लिए जहाजों के रास्ते सुरक्षित रहना अनिवार्य है। पुतिन की 'सच्ची दोस्ती': रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान को अपना 'वफादार दोस्त' बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई से तेल संकट बढ़ेगा। रूस ने ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई को निशाना बनाने की कोशिशों की भी निंदा की। 5. ईरान की रणनीति: "होर्मुज बंद नहीं, लेकिन..." ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक महत्वपूर्ण इंटरव्यू में दो टूक बातें कहीं: रास्ते की शर्त: उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है, लेकिन केवल उन देशों के लिए जो ईरान के संपर्क में रहेंगे। हमलावर देशों के लिए यह रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा। जंग का अंत: अराघची ने कहा कि ईरान को सिर्फ 'सीजफायर' (युद्धविराम) नहीं चाहिए, बल्कि जंग पूरी तरह खत्म होने की लिखित गारंटी चाहिए। 6. साइबर वॉर: इजराइली जनरल का ईमेल हैक? ईरानी हैकर ग्रुप 'हंदाला' ने दावा किया है कि उन्होंने इजराइली ब्रिगेडियर जनरल एरन ओरताल का ईमेल हैक कर लिया है। दावा: हैकर्स के पास 1 लाख से ज्यादा सीक्रेट ईमेल होने की बात कही गई है, जिनमें इजराइली सेना की भविष्य की योजनाओं का विवरण है। हालांकि, इजराइल ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है। 7. ट्रम्प का 'विक्ट्री कार्ड' और नाटो पर गुस्सा डोनाल्ड ट्रम्प ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर अपने लक्ष्यों को स्पष्ट किया: ईरान की मिसाइल क्षमता को पूरी तरह खत्म करना। ईरान के रक्षा उत्पादन ढांचे को नष्ट करना। नौसेना और वायुसेना को पंगु बनाना। यह सुनिश्चित करना कि ईरान कभी परमाणु बम न बना सके। नाटो की आलोचना: ट्रम्प ने नाटो देशों को 'कमजोर' बताते हुए कहा कि वे तेल की महंगाई पर रोते तो हैं, लेकिन होर्मुज खुलवाने में अमेरिका की मदद नहीं करते। 8. आर्थिक राहत: भारत के लिए ईरानी तेल का रास्ता खुला अमेरिकी ट्रेजरी ने 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है। नियम: जो ईरानी तेल 20 मार्च तक जहाजों पर लोड हो चुका है, उसे भारत और अन्य एशियाई देश खरीद सकते हैं। उपलब्धता: फिलहाल समुद्र में करीब 18 करोड़ बैरल ईरानी तेल मौजूद है। भारतीय रिफाइनरियां अब इस 'डिस्काउंटेड' तेल को उतारने की तैयारी कर रही हैं, जिससे घरेलू स्तर पर तेल की कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है।

रवि चौहान मार्च 21, 2026 0
पाकिस्तान को सस्ता तेल देने को तैयार रूस

पाकिस्तान में हाहाकार: सिर्फ 11 दिन का तेल बचा; रूस ने दी 'सस्ते तेल' की लाइफलाइन, क्या शहबाज सरकार बचा पाएगी देश?

वेनेजुएला-ईरान के बाद क्यूबा पर हमला कर सकता है अमेरिका

Trump's Cuba Threat: "मैं क्यूबा पर कब्जा करूंगा"; तेल की सप्लाई बंद होने से अंधेरे में डूबा देश, अस्पतालों में हाहाकार।

अमेरिका-इजराइल का ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर हमला

Middle East War Day 18: भारत ने ईरान को भेजी दवाओं की खेप; इजराइल का दावा- मार गिराए ईरानी खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब।

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रवि चौहान अप्रैल 3, 2026 0