नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026
संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे तीखे टकरावों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। जहाँ एक ओर उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश किया गया है, वहीं दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक 'लीक' वीडियो के जरिए विपक्ष पर स्पीकर के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है।
यहाँ आज के घटनाक्रम और संसद के भीतर-बाहर चल रहे घमासान का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है:
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश किया।
आरोप: दुबे का दावा है कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं और संसद में लगातार झूठ बोल रहे हैं।
मांग: उन्होंने मांग की है कि न केवल राहुल की संसद सदस्यता रद्द की जाए, बल्कि उन पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए।
क्या होता है सब्सटेंसिव मोशन? यह एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव होता है, जो किसी गंभीर मामले (जैसे राष्ट्रपति, जज या सांसद के आचरण) पर सदन की राय या फैसला लेने के लिए लाया जाता है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर 4 फरवरी का एक वीडियो साझा किया, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है।
दावा: रिजिजू का कहना है कि 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में जबरन घुसे, उन्हें गालियां दीं और प्रधानमंत्री को धमकियां दीं।
प्रियंका गांधी पर निशाना: रिजिजू ने आरोप लगाया कि यह सब प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुआ और उन्होंने सांसदों को उकसाया।
प्रियंका की सफाई: प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "गाली देने वाली बात सरासर झूठ है। मैं वहां चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।"
राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'किसानों के साथ गद्दारी' बताने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभाला:
तथ्यों की सुरक्षा: गोयल ने स्पष्ट किया कि डील में 90-95% कृषि उत्पाद (डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, मक्का, दालें आदि) पूरी तरह बाहर रखे गए हैं ताकि भारतीय किसानों को कोई नुकसान न हो।
हमला: गोयल ने कहा, "राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा हैं। वे देश को तेजी से आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते और विकास के खिलाफ हैं।"
संसद के बाहर जब मीडिया ने राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल पूछा, तो वे भड़क गए:
मीडिया की भूमिका पर सवाल: राहुल ने पत्रकारों से कहा, "क्या आज का कोड वर्ड 'प्रिविलेज मोशन' है? कल 'ऑथेंटिकेट' था। आप लोग पूरी तरह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, थोड़ा तो ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश कीजिए। यह देश के साथ अन्याय है।"
अडानी-अंबानी का मुद्दा: राहुल अपनी इस बात पर कायम रहे कि अनिल अंबानी और अडानी के खिलाफ विदेशी फाइलों में सबूत हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है।
केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस संगठन महासचिव ने कहा कि सरकार राहुल गांधी की आवाज दबाने के लिए चेयर (स्पीकर) पर दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा, "पिछली बार सदस्यता छीनी तो जनता ने और ज्यादा वोट दिए, इस बार फांसी देना चाहते हैं तो दे दें, हम सच बोलते रहेंगे।"
सुप्रिया सुले: उन्होंने नए श्रम कानूनों (Labour Code) का विरोध करते हुए कहा कि जब देश के श्रमिक सड़कों पर हड़ताल कर रहे हैं, तब सदन में उनके खिलाफ बिल लाना अन्यायपूर्ण है।
| समय | घटना | विवरण |
| 11:15 AM | सदन स्थगित | विपक्ष के भारी हंगामे और 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के बीच लोकसभा 12 बजे तक स्थगित। |
| 12:10 PM | पीएम मोदी की एंट्री | प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, भाजपा सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। |
| 01:30 PM | राहुल का बयान | राहुल गांधी ने मीडिया को 'ऑब्जेक्टिव' रहने की सलाह दी। |
| 02:15 PM | मंडाविया का जवाब | श्रम मंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड का हड़ताल से ज्यादा समर्थन हो रहा है। |
| 02:30 PM | पीएम की तारीफ | मोदी ने निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के जवाब की सराहना की। |
यह पहली बार नहीं है जब राहुल की सदस्यता पर तलवार लटकी है:
मार्च 2023: 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता रद्द हुई थी।
अगस्त 2023: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद सदस्यता बहाल हुई।
नया संकट: निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' यदि स्वीकार होता है, तो यह राहुल गांधी के राजनीतिक करियर के लिए अब तक की सबसे बड़ी कानूनी और संवैधानिक चुनौती बन सकता है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
संसद में संग्राम: राहुल गांधी के खिलाफ 'लाइफटाइम बैन' का मोशन; निर्मला सीतारमण का 'मगरमच्छ के आंसू' वाला तंज और चैंबर विवाद पर प्रियंका की सफाई नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के सबसे तनावपूर्ण दिनों में से एक रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब 'निजी हमलों' और 'संवैधानिक नोटिस' तक पहुंच गई है। जहाँ एक ओर भाजपा ने राहुल गांधी की सदस्यता खत्म कर उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर महंगाई के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन': राहुल गांधी पर चौतरफा घेराबंदी भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश कर सियासी हलकों में खलबली मचा दी है। गंभीर आरोप: दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों (जैसे जॉर्ज सोरोस) के इशारे पर देश को गुमराह कर रहे हैं। बड़ी मांग: उन्होंने मांग की है कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जाए और उन पर चुनाव लड़ने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। रिकॉर्ड से हटाने का नोटिस: बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने राहुल के बजट भाषण के उन हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने का औपचारिक नोटिस दिया है, जिनके पक्ष में उन्होंने अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं। 2. निर्मला सीतारमण का राज्यसभा में पलटवार: "कांग्रेस के मगरमच्छ के आंसू" वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया: महंगाई और डेटा: वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस महंगाई को लेकर सिर्फ 'मगरमच्छ के आंसू' बहाती है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम किया है और राजकोष का पैसा सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाया है। डिजिटल क्रांति: उन्होंने जानकारी दी कि डीबीटी (DBT) के जरिए ₹48 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे गए, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों को खत्म किया गया। पैसों का तालाब: सीतारमण ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र के पास पैसों का कोई तालाब नहीं है, बल्कि यह टैक्सपेयर्स का पैसा है जिसका एक-एक पैसा सही जगह इस्तेमाल हो रहा है। 3. चैंबर विवाद और प्रियंका गांधी का बचाव संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में गालियां दीं। इस पर प्रियंका गांधी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की: सफाई: प्रियंका ने कहा, "गालियां देने की बात पूरी तरह झूठी है। कुछ सांसद भड़क गए थे और उन्होंने अपना विरोध जाहिर किया, लेकिन मैंने किसी को नहीं उकसाया। मैं चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" मोदी पर तंज: प्रियंका ने यह भी कहा कि अगर राहुल के खिलाफ प्रस्ताव आ रहा है, तो 56 इंच की छाती नपवाने वाले मोदी जी के खिलाफ भी प्रिविलेज मोशन आना चाहिए। 4. राहुल गांधी का मीडिया पर गुस्सा: "क्या यही आज का कीवर्ड है?" संसद के बाहर जब राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल किया गया, तो उन्होंने मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए: मीडिया को नसीहत: राहुल ने कहा, "क्या आपको भाजपा से कोड वर्ड मिलते हैं? कल 'ऑथेंटिकेट' था, आज 'प्रिविलेज मोशन' है। आप लोग कम से कम थोड़ा ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश करें। आप इस देश के साथ अन्याय कर रहे हैं।" अडानी-अंबानी विवाद: राहुल ने अपनी बात दोहराई कि इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी और अडानी के मामले में सरकार दबाव में है और वे सच बोलते रहेंगे। 5. लेबर कोड पर सदन में बहस और बाहर हड़ताल श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने सदन में 'औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक 2026' पेश किया और इसे पास कराया: मांडविया का पक्ष: उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। जितने लोग हड़ताल पर हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग इस नए कानून का समर्थन कर रहे हैं। सुप्रिया सुले की आपत्ति: सुप्रिया सुले ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, "विडंबना देखिए, सदन के अंदर हम श्रम कानूनों पर बहस कर रहे हैं और बाहर देश का श्रमिक हड़ताल पर बैठा है।" 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:00 AM हंगामा विपक्ष ने 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के साथ सदन की कार्यवाही बाधित की। 12:10 PM पीएम की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, जहाँ सत्ता पक्ष के सांसदों ने नारेबाजी की। 04:22 PM बिल पास औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक 2026 संसद में पास हुआ। 05:30 PM स्थगन लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित। 6. राहुल गांधी की सदस्यता का संकट: इतिहास और कानून राहुल गांधी के खिलाफ निशिकांत दुबे का नोटिस उनकी सदस्यता के लिए दोबारा संकट पैदा कर सकता है: पिछला मामला: मार्च 2023 में 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद बहाल किया गया था। कानूनी पहलू: सब्सटेंसिव मोशन एक स्वतंत्र प्रस्ताव है। यदि स्पीकर इसे स्वीकार करते हैं और सदन में यह पास हो जाता है, तो राहुल गांधी के संसदीय करियर पर गंभीर असर पड़ सकता है।
जनरल एमएम नरवणे की 'लीक' किताब पर दिल्ली पुलिस का एक्शन: पेंगुइन इंडिया को नोटिस; राहुल गांधी का बड़ा हमला- 'पीएम मोदी जिम्मेदारी लेने से डरे' नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की संस्मरण पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अदालती और पुलिसिया कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रकाशन संस्था पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी कर किताब के लीक होने और प्री-प्रिंट कॉपी सर्कुलेट होने पर जवाब मांगा है। वहीं, इस मुद्दे पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक संग्राम छिड़ा हुआ है। यहाँ इस पूरे विवाद, किताब के विवादित अंश और चल रही जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: स्पेशल सेल का पेंगुइन को नोटिस दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। नोटिस का आधार: सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन न्यूज फोरम पर इस किताब की टाइपसेट PDF कॉपी और कवर इमेज वायरल हो रही थी। पुलिस का मानना है कि यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है क्योंकि किताब को अभी रक्षा मंत्रालय से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) नहीं मिला है। पेंगुइन का बचाव: पेंगुइन इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके सभी अधिकार सुरक्षित हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि न तो कोई छपी हुई कॉपी बाजार में है और न ही डिजिटल वर्जन। 2. राहुल गांधी के गंभीर आरोप: "आर्मी चीफ या पेंगुइन, कौन झूठ बोल रहा?" लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि जनरल नरवणे ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी किताब उपलब्ध होने की बात कही थी। असुविधाजनक सच: राहुल गांधी ने कहा, "किताब में ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए बहुत असुविधाजनक हैं, इसलिए इसे दबाया जा रहा है।" जिम्मेदारी का सवाल: राहुल ने संसद में किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें लिखा है कि चीन के साथ तनाव के वक्त पीएम मोदी ने जनरल नरवणे से कहा था- "जो उचित समझो, वो करो!" राहुल का तर्क है कि प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण सैन्य फैसले की जिम्मेदारी लेने से पल्ला झाड़ लिया था। 3. 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का सबसे बड़ा खुलासा: 31 अगस्त 2020 की रात कांग्रेस द्वारा साझा किए गए किताब के अंशों में लद्दाख के रेचिन ला में भारत-चीन के बीच हुए उस तनाव का जिक्र है, जिसने लगभग युद्ध की स्थिति पैदा कर दी थी: तारीख: 31 अगस्त, 2020 (रात का घटनाक्रम) रात 8:15 बजे: सूचना मिली कि चीनी टैंक भारतीय ठिकानों की ओर बढ़ रहे हैं। रात 8:30 – 10:10 बजे: जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और NSA अजित डोभाल से संपर्क किया और "स्पष्ट निर्देश" मांगे कि क्या चीनी टैंकों पर फायर खोलना चाहिए? असमंजस की स्थिति: सेना प्रमुख को ऊपर से कोई ठोस आदेश नहीं मिल रहा था। नॉर्दर्न कमांड के चीफ योगेश जोशी ने बताया कि टैंक अब केवल 500 मीटर दूर हैं और आर्टिलरी फायर ही एकमात्र रास्ता है। रात 10:30 बजे: राजनाथ सिंह का फोन आया और उन्होंने पीएम मोदी का संदेश दिया- "जो उचित समझो, वो करो।" नरवणे का निष्कर्ष: नरवणे ने किताब में लिखा है कि यह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला होने वाला था। उन्हें ब्रीफ किया गया था, लेकिन पीएम ने सीधा फैसला लेने के बजाय पूरी जिम्मेदारी सेना प्रमुख पर डाल दी। 📊 विवाद का टाइमलाइन: 2023 से 2026 तक समय घटनाक्रम 2023 जनरल नरवणे ने किताब का ड्राफ्ट रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा। 2024 किताब की कुछ कॉपियां अमेजन पर 'प्री-ऑर्डर' के लिए दिखीं, फिर हट गईं। फरवरी 2026 राहुल गांधी ने संसद में किताब के पन्ने लहराए; 8 सांसदों का निलंबन हुआ। 10 फरवरी 2026 पेंगुइन इंडिया ने ट्वीट डिलीट किया और दबाव में होने के आरोप लगे। 11 फरवरी 2026 दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पेंगुइन को नोटिस भेजा। 4. अग्निवीर योजना पर नरवणे का रुख किताब में केवल चीन विवाद ही नहीं, बल्कि मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी 'अग्निवीर योजना' का भी रिव्यू किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, नरवणे ने इस योजना के लागू होने के तरीके और इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर कुछ सवाल उठाए हैं, जिसे सरकार सार्वजनिक नहीं होने देना चाहती। 5. किरेन रिजिजू का पलटवार केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहे हैं। सरकार का रुख है कि सेना के आंतरिक दस्तावेजों और संस्मरणों को बिना आधिकारिक मंजूरी के प्रकाशित करना 'ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट' का उल्लंघन हो सकता है।
राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी का जेल में मर्डर: फरीदाबाद की नीमका जेल में खूंखार कैदी 'अब्बू जट' ने नुकीली चीज से उतारा मौत के घाट फरीदाबाद | 9 फरवरी 2026 हरियाणा की हाई-सिक्योरिटी वाली फरीदाबाद (नीमका) जेल से सनसनीखेज खबर सामने आई है। अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश रचने के आरोपी अलकायदा (AQIS) के आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई है। इस वारदात को मर्डर केस में बंद खूंखार कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने अंजाम दिया। यहाँ इस हाई-प्रोफाइल मर्डर से जुड़ी पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हाई-सिक्योरिटी सेल में खूनी संघर्ष घटना रविवार देर रात की है, जब नीमका जेल की अति विशेष सुरक्षा सेल (High Security Cell) में बंद दोनों कैदियों के बीच विवाद हुआ। नुकीली चीज से हमला: अरुण चौधरी ने किसी नुकीली चीज से अब्दुल रहमान पर ताबड़तोड़ वार किए। आतंकी अब्दुल लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मर्डर का समय: जेल प्रशासन को देर रात वारदात का पता चला, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल भिजवाया गया। 2. कौन था आतंकी अब्दुल रहमान? यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला 20 वर्षीय अब्दुल रहमान कोई साधारण अपराधी नहीं था: राम मंदिर की साजिश: उसे 2 मार्च 2025 को फरीदाबाद के पाली इलाके से गुजरात ATS और हरियाणा STF ने पकड़ा था। उसके पास से 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। आतंकी कनेक्शन: वह अलकायदा (AQIS) के हैंडलर अबू सूफियान के संपर्क में था और उसे 4 अप्रैल को अयोध्या में धमाका करने का निर्देश मिला था। सोशल मीडिया से भर्ती: पेशे से ई-रिक्शा चलाने वाला अब्दुल भड़काऊ वीडियो के जरिए आतंकियों के रडार पर आया था। जांच एजेंसियां हैरान थीं कि एक गरीब रिक्शा चालक के पास महंगा मोबाइल और हथियार कहाँ से आए। 3. कातिल अरुण चौधरी: जम्मू का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल की हत्या करने वाला अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट भी अपराध की दुनिया का बड़ा नाम है: अक्षय शर्मा हत्याकांड: अरुण जम्मू के सांबा में हुए चर्चित अक्षय शर्मा मर्डर केस का मुख्य आरोपी है। कठुआ जेल से ट्रांसफर: 2024 में उसने इंस्टाग्राम लाइव आकर कठुआ जेल प्रशासन पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे फरीदाबाद की नीमका जेल शिफ्ट किया गया था। 📊 जेल सुरक्षा पर सवाल: एक साथ क्यों थे दोनों? कैदी का नाम श्रेणी केस / आरोप अब्दुल रहमान आतंकी (AQIS) राम मंदिर उड़ाने की साजिश, विस्फोटक अधिनियम अरुण चौधरी गैंगस्टर हत्या, रंगदारी और जेल प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप विवाद का विषय: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक कट्टरपंथी आतंकी और एक खूंखार गैंगस्टर को एक ही हाई-सिक्योरिटी सेल में क्यों रखा गया था? 4. जांच और सुरक्षा ऑडिट जेल सूत्रों के मुताबिक, अरुण चौधरी को सुरक्षा कारणों से 'अति विशेष सेल' में रखा गया था, जहाँ अब्दुल रहमान भी बंद था। हत्या में इस्तेमाल की गई 'नुकीली चीज' जेल के भीतर कैसे पहुंची, इसकी जांच के लिए DC और जेल महानिदेशक ने सख्त आदेश दिए हैं। डबुआ थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।