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गाजीपुर में हिंदू कारोबारी लिटन घोष की फावड़े से काटकर हत्या; भारत ने बांग्लादेश सरकार को चेताया।

रवि चौहान जनवरी 17, 2026 0
बांग्लादेश में हिंदू कारोबारी की पीट-पीटकर हत्या
बांग्लादेश में हिंदू कारोबारी की पीट-पीटकर हत्या

बांग्लादेश: गाजीपुर में हिंदू कारोबारी की फावड़े से काटकर हत्या; कर्मचारी को बचाने आए लिटन घोष पर हमला; भारत ने जताई गहरी चिंता

गाजीपुर (बांग्लादेश) | 17 जनवरी 2026

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार (17 जनवरी) को गाजीपुर जिले के कलिगंज में एक 55 वर्षीय हिंदू कारोबारी लिटन चंद्र घोष की पीट-पीटकर और फावड़े से हमला कर हत्या कर दी गई। यह घटना तब हुई जब लिटन अपनी दुकान में काम करने वाले एक नाबालिग हिंदू कर्मचारी को कट्टरपंथियों के हमले से बचाने की कोशिश कर रहे थे।


1. मामूली विवाद और मौत का तांडव

घटना सुबह करीब 11 बजे कलिगंज नगरपालिका क्षेत्र के बरनगर रोड स्थित 'बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल' में हुई।

  • विवाद की शुरुआत: मसूम मिया (28) नाम का युवक दुकान पर आया और 17 साल के कर्मचारी अनंत दास के साथ किसी मामूली बात पर उलझ गया। देखते ही देखते मसूम ने नाबालिग कर्मचारी को पीटना शुरू कर दिया।

  • पूरा परिवार बना हमलावर: विवाद बढ़ा तो मसूम के पिता मोहम्मद स्वपन मिया (55) और मां मजीदा खातून (45) भी मौके पर पहुँच गए।

  • बीच-बचाव की कीमत: दुकान मालिक लिटन चंद्र घोष ने जब अपने कर्मचारी अनंत को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया। इसी दौरान लिटन के सिर पर फावड़े (Spade) से जोरदार वार किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।


2. आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों को दबोचा

हत्या की खबर मिलते ही स्थानीय हिंदू समुदाय और व्यापारियों में भारी गुस्सा फैल गया।

  • नागरिक कार्रवाई: वहां मौजूद लोगों ने भागने की कोशिश कर रहे तीनों आरोपियों (पिता, माता और बेटे) को चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया।

  • पुलिस हिरासत: कलिगंज थाने के प्रभारी (OC) मोहम्मद जाकिर हुसैन ने बताया कि तीनों आरोपियों—स्वपन मिया, मजीदा खातून और मसूम मिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।


📊 बांग्लादेश में अल्पसंख्यक: बढ़ता खतरा और डेटा

श्रेणी विवरण
मृतक लिटन चंद्र घोष उर्फ काली (55 वर्ष), हिंदू कारोबारी।
आरोपी मसूम मिया, स्वपन मिया और मजीदा खातून (एक ही परिवार के)।
अल्पसंख्यक आबादी बांग्लादेश में अब हिंदू, सूफी और ईसाई 10% से भी कम बचे हैं।
भारत का रुख "अल्पसंख्यकों पर हमलों का पैटर्न चिंताजनक" - विदेश मंत्रालय।
चुनाव का साया फरवरी 2026 के राष्ट्रीय चुनाव से पहले हिंसा में 40% की वृद्धि।

3. भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: "सांप्रदायिक हिंसा का डरावना पैटर्न"

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना और बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर गंभीर रुख अपनाया है।

  • रणधीर जायसवाल (प्रवक्ता): उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और उनकी संपत्तियों पर बार-बार हो रहे हमलों का एक खतरनाक पैटर्न देख रहे हैं।

  • कट्टरपंथ का बचाव: भारत ने चिंता जताई कि कई बार इन हमलों को 'निजी रंजिश' का नाम देकर दबा दिया जाता है, जिससे कट्टरपंथियों को और बल मिलता है। भारत ने मांग की है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इन घटनाओं से सख्ती से निपटे।


4. सत्तापलट के बाद सुलगता बांग्लादेश

2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से बांग्लादेश में इस्लामी संगठनों (जैसे हिफ़ाज़त-ए-इस्लाम और जमात-ए-इस्लामी) की सक्रियता बढ़ गई है।

  • असुरक्षा का माहौल: 'बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद' के अनुसार, अल्पसंख्यकों के घरों और मंदिरों को निशाना बनाना अब आम बात हो गई है।

  • यूनुस सरकार का दावा: हालांकि, अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भारत के दावों को यह कहकर खारिज किया है कि ये खबरें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही हैं, लेकिन लिटन घोष जैसी घटनाएं जमीनी हकीकत को बयां कर रही हैं।

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#BangladeshNews-#SaveBangladeshiHindus-#GazipurMurder-#HumanRights-#MinoritiesUnderAttack-#MEAIndia-#BreakingNews-#SaifulIslamCase-#HinduLivesMatter
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

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75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

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मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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अमेरिकी राजदूत की ईरान को चेतावनी
ट्रम्प की चेतावनी के बाद झुका ईरान, रुकी 800 लोगों की फांसी; अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध।

ईरान पर UNSC की आपात बैठक: अमेरिका की 'सैन्य विकल्प' की चेतावनी; ट्रम्प के खौफ से 800 की फांसी रुकी; 180 घंटे से देश में 'डिजिटल ब्लैकआउट' संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में गुरुवार (15 जनवरी 2026) को ईरान संकट पर हुई आपात बैठक के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग तीखी हो गई। अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने स्पष्ट शब्दों में तेहरान को चेतावनी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नरसंहार रोकने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और उनके पास 'सभी विकल्प' खुले हैं। 1. माइक वाल्ट्ज का अल्टीमेटम: "ट्रम्प एक्शन वाले इंसान हैं" UNSC में अमेरिका के प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज ने ईरान के शासन को आईना दिखाते हुए कहा कि दुनिया अब और खामोश नहीं रहेगी। बहादुरी को सलाम: वाल्ट्ज ने उन ईरानी प्रदर्शनकारियों की सराहना की जो गोलियों के सामने खड़े होकर आजादी मांग रहे हैं। सीधी चेतावनी: उन्होंने कहा कि ट्रम्प केवल बातें नहीं करते, एक्शन लेते हैं। ईरान को समझ लेना चाहिए कि अगर क्रूरता नहीं रुकी, तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप से पीछे नहीं हटेगा। व्हाइट हाउस का दावा: प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने पुष्टि की कि ट्रम्प के सीधे दबाव के कारण ही ईरान ने अंतिम समय में 800 कैदियों की फांसी टाल दी है। 2. ईरान का पलटवार: "टकराव नहीं, लेकिन हमला हुआ तो जवाब देंगे" ईरान के उप-राजदूत गुलाम हुसैन दर्जी ने अमेरिकी आरोपों को 'झूठा' और 'दुष्प्रचार' बताया। इल्जाम: ईरान का दावा है कि प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतें हैं जो अशांति फैलाकर 'सत्ता परिवर्तन' (Regime Change) करना चाहती हैं। जवाबी हमला: दर्जी ने कहा कि ईरान तनाव नहीं चाहता, लेकिन अगर अमेरिका ने कोई भी आक्रामक कदम उठाया, तो उसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत "निर्णायक जवाब" दिया जाएगा। 📊 ईरान संकट: UNSC की बैठक के मुख्य बिंदु और डेटा श्रेणी विवरण और आंकड़े मौत का तांडव मानवाधिकार संगठनों के अनुसार 3,428 प्रदर्शनकारी मारे गए। गिरफ्तारियां अब तक 18,000 से अधिक लोग जेलों में बंद। नए प्रतिबंध अमेरिका ने अली लारीजानी समेत 18 व्यक्तियों/संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया। डिजिटल ब्लैकआउट 8 जनवरी से अब तक 180+ घंटे से इंटरनेट बंद (कनेक्टिविटी महज 1%)। वैश्विक रुख अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस (निंदा) बनाम रूस, चीन (हस्तक्षेप का विरोध)। 3. रूस और पश्चिमी देशों के बीच 'कोल्ड वॉर' सुरक्षा परिषद में ईरान को लेकर दुनिया दो धड़ों में बंट गई है: रूस की आपत्ति: रूसी राजदूत वासिली नेबेंजिया ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपनी आक्रामकता को सही ठहराने के लिए UNSC का इस्तेमाल कर रहा है। रूस ने चेतावनी दी कि ईरान पर हमले से पूरा मिडिल ईस्ट खून-खराबे में डूब जाएगा। यूरोपीय देशों का रुख: ब्रिटेन और फ्रांस ने ईरान की कार्रवाई को "क्रूर दमन" बताया और तेहरान पर नए कड़े प्रतिबंधों का समर्थन किया। 4. 180 घंटे का सन्नाटा: ईरान में 'डिजिटल दीवार' ईरान में इंटरनेट की स्थिति को 'डिजिटल ब्लैकआउट' घोषित किया गया है। नेट ब्लॉक के अनुसार, 9 करोड़ की आबादी को दुनिया से पूरी तरह काट दिया गया है। उद्देश्य: सरकार नहीं चाहती कि सुरक्षा बलों की बर्बरता के वीडियो दुनिया तक पहुँचें। प्रभाव: बैंकिंग सेवाएं, फोन लाइनें और सोशल मीडिया पूरी तरह ठप हैं। यह ईरान के इतिहास की सबसे लंबी सेंसरशिप है। 5. क्यों सुलग रहा है ईरान? (प्रमुख कारण) आर्थिक पतन: रियाल की वैल्यू गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है ($1 = ~14.5 लाख रियाल)। महंगाई की मार: चाय और ब्रेड जैसी बुनियादी चीजों पर 70% तक महंगाई बढ़ गई है। सत्ता के खिलाफ गुस्सा: प्रदर्शनकारी अब केवल सुधार नहीं, बल्कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई का इस्तीफा और राजशाही की वापसी की मांग कर रहे हैं।

रवि चौहान जनवरी 16, 2026 0
ट्रम्प पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत 75 देशों के लिए वीजा सर्विस रोकेंगे

अमेरिका ने 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा रोका; पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल सूची में शामिल।

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अमेरिका की धमकी के बाद ईरान पीछे हटा

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थाइलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर क्रेन गिरी, 30 की मौत
Thailand Train Accident: थाईलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर गिरी क्रेन; 30 की मौत, 67 घायल; छात्रों से भरी थी ट्रेन।

थाईलैंड ट्रेन हादसा: 65 फीट ऊंचाई से पैसेंजर ट्रेन पर गिरी क्रेन; 30 लोगों की मौत, 67 घायल; ट्रेन में सवार थे 195 छात्र थाईलैंड के नाखोन राचासिमा प्रांत में बुधवार को एक हृदयविदारक रेल दुर्घटना हुई। एक निर्माणाधीन रेल ब्रिज पर काम कर रही विशालकाय क्रेन अचानक 65 फीट की ऊंचाई से तेज रफ्तार पैसेंजर ट्रेन पर गिर गई। इस जघन्य हादसे में अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है और 67 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। 1. कैसे हुआ हादसा? (घटनाक्रम) समय और स्थान: यह दुर्घटना बुधवार को नाखोन राचासिमा प्रांत के सिखियो जिले में हुई। ट्रेन राजधानी बैंकॉक से उबोन राचाथानी की ओर जा रही थी। तेज रफ्तार: हादसे के समय ट्रेन लगभग 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही थी। अचानक प्रहार: रेल ब्रिज के निर्माण में लगी क्रेन अचानक ट्रेन के तीन डिब्बों पर गिर गई। क्रेन का वजन और ऊंचाई इतनी अधिक थी कि ट्रेन का एक डिब्बा दो हिस्सों में कट गया। आग और विस्फोट: स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्रेन गिरने के बाद दो जोरदार धमाके हुए और डिब्बों में भीषण आग लग गई। 2. हताहतों का विवरण: डिब्बों में फंसे थे छात्र ट्रेन में कुल 195 लोग सवार थे, जिनमें से अधिकांश स्कूल के छात्र थे। मौत: अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बचाव दल ने मलबे से शव निकालने का काम जारी रखा है। घायल: 67 घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। ड्राइवर की स्थिति: क्रेन इतनी अचानक गिरी कि ड्राइवर को आपातकालीन ब्रेक लगाने का भी मौका नहीं मिला। 📸 हादसे की भयावहता: मुख्य बिंदु विवरण प्रभाव क्रेन की ऊंचाई 65 फीट से सीधी टक्कर। ट्रेन की गति 120 किमी/घंटा। नुकसान ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरे, दो हिस्सों में कटे और आग लगी। रेस्क्यू ऑपरेशन कटर मशीनों से डिब्बे काटकर यात्रियों को निकाला गया। 3. जांच और लापरवाही के सवाल रेलवे अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जांच की जा रही है: सुरक्षा नियमों का उल्लंघन: क्या ब्रिज निर्माण के समय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था? तकनीकी विफलता: क्या क्रेन में कोई यांत्रिक खराबी थी या यह मानवीय चूक का परिणाम है?

रवि चौहान जनवरी 14, 2026 0
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रवि चौहान जनवरी 21, 2026 0