भारत की कानून-व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच चल रही एक लंबी खींचतान आखिर बुधवार को उस समय निर्णायक मोड़ पर पहुंची, जब भारत का वांटेड गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई, जो खतरनाक अपराधों की एक लंबी फेहरिस्त में शामिल रहा है, को अमेरिका ने डिपोर्ट कर भारत भेज दिया। दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करते ही उसे NIA की स्पेशल टीम ने तुरंत कस्टडी में ले लिया।
यह वही अनमोल है, जिसका नाम सलमान खान फायरिंग केस, बाबा सिद्दीकी मर्डर, और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड सहित कई हाई-प्रोफाइल अपराधों में सामने आ चुका है। वह कई देशों में फरार चल रहा था और लगभग दो साल से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की निगरानी में था।
इस पूरी खबर के पीछे कई सवाल हैं—
अनमोल अमेरिका कैसे पहुंचा?
आखिर वहां पुलिस ने उसे क्यों पकड़ा?
डिपोर्ट करते समय USA ने किसी नेता को ईमेल क्यों भेजा?
भारत में आने के बाद उसे कहां ले जाया गया?
लॉरेंस-गोल्डी गिरोह का पूरा जाल आखिर चलता कैसे है?
और यह गैंग बॉलीवुड, राजनीति तथा पंजाब के गायक समुदाय पर इतने सालों से हमले क्यों कर रहा है?
इन सभी सवालों की तह तक जाने के लिए पूरी खबर को विस्तृत रूप में समझना जरूरी है।
नीचे पूरी रिपोर्ट 5000 शब्दों के करीब विस्तार से पेश है।
बुधवार की सुबह IGI एयरपोर्ट पर हलचल पहले से थोड़ी ज्यादा थी।
एक चार्टर फ्लाइट से अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 200 लोगों का बैच भारत लाया गया। यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था, लेकिन इस बैच में तीन भारतीय ऐसे थे जिन्हें पहले से ही खुफिया एजेंसियाँ टारगेट पर रखे हुए थीं। इन्हीं तीन में एक था अनमोल बिश्नोई — भारत का वांटेड गैंगस्टर, जो पिछले कई अपराधों का सिरमौर माना जाता है।
जैसे ही उसका नाम सूची में कन्फर्म हुआ, NIA, IB और स्पेशल सेल की टीमों ने एयरपोर्ट पर पोजीशन ले ली।
फ्लाइट उतरी…
200 लोगों को एक-एक करके क्लीयर किया गया…
और जैसे ही भानु प्रताप नाम का एक व्यक्ति कागजों में दिखा, सुरक्षा टीम पहले से सतर्क हो गई।
अमेरिकी एजेंसी द्वारा भेजे गए फिंगरप्रिंट और फेस मैपिंग की पुष्टि होने के बाद यह साफ हो गया—
यह भानु प्रताप नहीं बल्कि अनमोल बिश्नोई ही है।
इसके तुरंत बाद NIA ने उसे कस्टडी में ले लिया।
पूरी प्रक्रिया बेहद शांत, पेशेवर और तेज़ी से पूरी की गई।
गिरफ्तारी के बाद उसे कस्टडी ट्रांज़िट पर पटियाला हाउस कोर्ट ले जाने का फैसला हुआ।
यह बात मीडिया में पहले भी चर्चा में थी कि अनमोल अमेरिका में नकली पहचान भानु प्रताप के नाम से रह रहा था।
उसने फेक पासपोर्ट बनवाया, फर्जी दस्तावेज दिखाए और मैक्सिको की सीमा से अवैध रूप से USA में प्रवेश किया था।
लेकिन यह अपराध अमेरिका के लिए असली समस्या नहीं था।
उनके रिकॉर्ड में यह सामने आया कि—
वह भारत में “अंतरराष्ट्रीय माफिया नेटवर्क” का सक्रिय मेंबर है
वह भारत में कई VIP टारगेट किलिंग मामलों में वांटेड है
NIA ने उस पर ₹10 लाख का इनाम घोषित किया हुआ है
Interpol नोटिस भी जारी था
वह अमेरिका में भी नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा था
उसके पास गैंगस्टर कनेक्शन और हथियार सप्लाई चैन की पुख्ता जानकारी है
इसके बाद अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने उसे गिरफ्तार किया।
कुछ महीनों की हिरासत के बाद उसे भारत के नामित “हाई रिस्क क्रिमिनल्स डिपोर्टेशन लिस्ट” में रखा गया।
और इसी प्रक्रिया में, 200 लोगों के साथ ही उसे भी भारत भेज दिया गया।
यह इस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प हिस्सा है।
मुंबई के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की अक्टूबर 2024 में हत्या कर दी गई थी।
उस मर्डर की जिम्मेदारी सीधे लॉरेंस-गोल्डी गिरोह ने ली थी।
बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी, जो खुद NCP के नेता हैं, अमेरिका से लगातार संपर्क में थे क्योंकि अनमोल उसी केस में वांटेड आरोपी था।
DHS ने उन्हें सीधे ईमेल भेजकर यह बताया कि—
अनमोल को गिरफ्तार कर लिया गया है
उसकी पहचान सत्यापित हो चुकी है
उसे भारत डिपोर्ट किया जा रहा है
जीशान ने मीडिया से यह बात सार्वजनिक की कि—
"यह हमारे लिए न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है। वह भारत लाया गया है, अब उसके अपराधों के लिए उसे सजा मिलनी चाहिए।"
अनमोल का नाम छोटे-मोटे अपराधों में नहीं, बल्कि भारत के सबसे हाई प्रोफाइल मामलों में आता है।
नीचे हर केस को विस्तार से समझिए।
14 अप्रैल 2024 की सुबह।
मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के सामने बाइक से आए दो शूटरों ने सलमान खान के घर पर 4 गोलियां चलाईं।
इस घटना के बाद पूरा बॉलीवुड दहल गया।
जांच में सामने आया कि—
लॉरेंस बिश्नोई ने जेल से ही सलमान को धमकियाँ दी थीं
1998 के काला हिरण केस को मुद्दा बनाया गया
सलमान को 2023 में ही Y+ सुरक्षा दी जा चुकी थी
शूटरों से जिसने सीधे संपर्क रखा था, वह अनमोल था
वह पूरी कार्रवाई को लाइव गाइड कर रहा था
इस केस में अनमोल को वांटेड घोषित किया गया।
12 अक्टूबर 2024, रात करीब 9:30 बजे।
बांद्रा में खेरवाड़ी सिग्नल पर पूर्व मंत्री व वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
जांच में पुलिस ने पाया कि—
शूटरों से लगातार फोन पर संपर्क में था अनमोल
हत्या के बाद शूटर्स ने फोटो और वीडियो भेजकर उसकी मृत्यु कन्फर्म की
इस केस में 26 आरोपी गिरफ्तार
पर मुख्य तीन वांटेड थे:
अनमोल बिश्नोई, शुभम लोनकर, जीशान मोहम्मद अख्तर
लॉरेंस ने खुद हत्या की जिम्मेदारी ली थी।
29 मई 2022, पंजाब के मानसा में सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई।
इस केस ने पूरे पंजाब, हरियाणा और देश को हिला दिया।
जांच से पता चला—
हत्या की साजिश तिहाड़ जेल में बैठा लॉरेंस ने रची
अनमोल और सचिन बिश्नोई ने बाहरी प्लानिंग की
गोल्डी बराड़ कनाडा से ऑपरेशन देख रहा था
टास्क देने से लेकर हथियार पहुंचाने तक, अनमोल की भूमिका महत्वपूर्ण थी
यही वह घटना थी जिसने अनमोल को पहली बार भारत की मुख्यधारा की खबरों में ला दिया।
लॉरेंस बिश्नोई साम्राज्य का पूरा ब्लूप्रिंट**
लॉरेंस का नाम पंजाब-हरियाणा के अपराध जगत में 2010 के आसपास उभरना शुरू हुआ।
लेकिन आज उसका नेटवर्क इतना बड़ा हो चुका है कि—
700 से ज्यादा शूटर उसके गिरोह में सक्रिय हैं
300 से ज्यादा गोलीबाज सिर्फ पंजाब से
ड्रग्स, हथियार, सुपारी किलिंग, फिरौती, प्रोटेक्शन मनी — सबका नेटवर्क
5 देश—कनाडा, दुबई, अमेरिका, नेपाल, पाकिस्तान में कनेक्शन
15 से ज्यादा गैंग उसकी “ब्रदरहुड अलायंस” का हिस्सा
अनमोल, गोल्डी, सचिन, फतेह नगरिया, दीपक तीतर, लकी पटियाल जैसे नाम उसके मुख्य ऑपरेटर्स में आते हैं।
अनमोल का असली नाम अनमोल बिश्नोई है।
लॉरेंस का छोटा भाई।
दोनों भाइयों ने बचपन में काफी संघर्ष झेला।
पिता पुलिस कॉन्स्टेबल थे,
परिवार आर्थिक तौर पर बेहद सामान्य।
पर कॉलेज जाते-जाते लॉरेंस गैंग में शामिल हो गया।
अनमोल भी उसके साथ ही जुड़ गया।
2014–16 में वह छोटे अपराधों में शामिल था।
2019 के बाद उसने विदेश में ठिकाने बनाने शुरू किए।
गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर उसने कनाडा और USA में सप्लाई चैन को मजबूत किया।
धीरे-धीरे वह
हथियार मंगवाने,
शूटर भेजने,
टारगेट तय करने
के काम में सबसे भरोसेमंद माना जाने लगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार—
वह मैक्सिको बॉर्डर से अवैध रूप से अमेरिका घुसा
कुछ समय टेक्सास में रहने की कोशिश की
फर्जी पासपोर्ट ने उसे बचा लिया
लेकिन पंजाब, मुंबई और दिल्ली पुलिस के लगातार इनपुट के बाद DHS ने उसे ट्रैक किया
इंटरपोल इनपुट ने उसकी पहचान पुख्ता कर दी
कुछ ही समय में वह हिरासत में था।
अमेरिका के लिए वह:
“Serious Foreign Criminal with Organized Crime Links”
की कैटेगरी में रखा गया।
अब NIA के सामने मुख्य कार्य हैं—
सलमान खान फायरिंग में उसकी भूमिका की पूछताछ
बाबा सिद्दीकी मर्डर की कड़ी
मूसेवाला केस का तकनीकी विवरण
लॉरेंस गैंग का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
हथियार सप्लाई चैन
विदेशी गैंगस्टर्स से फंडिंग
सोशल मीडिया के जरिए गैंग भर्ती
काला हिरण मामले से जुड़ी धमकियों का स्रोत
NIA उससे कई दिनों तक लगातार पूछताछ करेगी।
संभव है कि आगे ED भी शामिल हो जाए।
उसी बैच में अमेरिका ने दो और भारतीयों को डिपोर्ट किया, जो पंजाब से हैं।
अभी तक उनकी पहचान पब्लिक नहीं की गई है, लेकिन शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि—
दोनों कहीं न कहीं गैंग नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं
इनमें से एक का नाम पहले भी संदिग्ध सूची में आया था
इनका खुलासा आने वाले दिनों में होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि—
अनमोल की गिरफ्तारी लॉरेंस नेटवर्क के लिए सबसे बड़ा झटका है
यह पहली बार है जब उनका एक बड़ा इंटरनेशनल ऑपरेटर भारत आया है
इससे कई केसों में नए लिंक सामने आएंगे
कई छुपे हुए गैंगस्टर्स की जानकारी मिलेगी
पर साथ ही यह भी सच है कि—
गोल्डी बराड़ अभी भी कनाडा में है,
और उसके रहते गिरोह पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
लेकिन अनमोल के पकड़े जाने से
गैंग की रीढ़ जरूर कमजोर हो गई है।
अनमोल बिश्नोई की भारत वापसी महज एक गिरफ्तारी नहीं है—
यह उस पूरे अपराध नेटवर्क के लिए खतरे की घंटी है,
जो सालों से देशभर में आतंक, धमकी और हाई प्रोफाइल हत्याओं को अंजाम देता आया है।
अब आने वाले कुछ सप्ताह में—
कोर्ट में पेशी
कस्टोडियल पूछताछ
NIA की चार्जशीट
और अन्य एजेंसियों का दबाव
कई बड़े खुलासे करवाने वाले हैं।
यह मामला आने वाले महीनों में भारतीय न्यूज़ जगत की सबसे बड़ी हेडलाइन बनने वाला है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
पटना यूनिवर्सिटी में भारी हंगामा: CM नीतीश ने किया 147 करोड़ के भवनों का उद्घाटन; छात्र नेताओं ने 'डिप्टी CM गो बैक' के लगाए नारे पटना | 30 मार्च 2026 पटना विश्वविद्यालय (PU) के परिसर में आज उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवनों का उद्घाटन करने पहुंचे। एक तरफ जहां विश्वविद्यालय को आधुनिक बुनियादी ढांचा मिला, वहीं दूसरी ओर छात्र राजनीति और प्रशासनिक खींचतान ने कार्यक्रम के रंग में भंग डाल दिया। छात्र नेताओं के उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री को अपना संबोधन और कार्यक्रम महज 7 से 8 मिनट में समेटकर वहां से निकलना पड़ा। यहाँ इस हंगामे, उद्घाटन और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. क्यों भड़के छात्र? सम्मान और स्वायत्तता की लड़ाई हंगामे की मुख्य वजह कार्यक्रम के निमंत्रण और प्रोटोकॉल को लेकर रही। कुलपति की अनदेखी का आरोप: छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में खुद छात्र संघ और यहां तक कि कुलपति (VC) को भी उचित सम्मान या निमंत्रण नहीं दिया गया। "BJP ऑफिस नहीं बनने देंगे": छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि कैंपस को राजनीतिक अखाड़ा बनाया जा रहा है। उन्होंने कुलपति से कहा, "आप अपने लिए खड़े होइए सर, हम आपके साथ हैं। हम यूनिवर्सिटी को बीजेपी का कार्यालय नहीं बनने देंगे।" नारेबाजी: प्रदर्शनकारी छात्रों ने पटना डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को 'गो बैक' के नारों के साथ घेर लिया। 2. नीतीश कुमार का 8 मिनट का 'रैपिड' कार्यक्रम तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को अति संक्षिप्त रखा: पीछा करते छात्र: मुख्यमंत्री कैंपस में जहां-जाते, छात्र नेताओं का जत्था उनके पीछे-पीछे नारेबाजी करते हुए दौड़ता रहा। समर्थन और विरोध का संगम: हंगामे के बीच कुछ छात्र नीतीश कुमार के समर्थन में भी दिखे। उन्होंने "शेर आया, शेर आया" और "बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो" के नारे लगाए। कुछ छात्र हाथों में पोस्टर लिए थे जिस पर लिखा था— "हम छात्रों का अभिमान"। 3. 147.29 करोड़ की सौगात: क्या है खास? हंगामे से इतर, पटना यूनिवर्सिटी को आज दो अत्याधुनिक इमारतें मिली हैं जो शिक्षा और प्रशासन का नया केंद्र बनेंगी: भवन का नाम लागत विशेषता प्रशासनिक भवन (G+8) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 9 मंजिला इमारत, जहाँ विश्वविद्यालय का मुख्यालय शिफ्ट होगा। एकेडमिक भवन (G+9) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 10 मंजिला इमारत, जहाँ दरभंगा हाउस के सभी PG विभाग शिफ्ट होंगे। हाइ-टेक सुविधाएं: हर फ्लोर पर CCTV कैमरा, कंट्रोल रूम, मीटिंग हॉल और सेमिनार हॉल की व्यवस्था है। ईको-फ्रेंडली: परिसर में बिजली कटने की स्थिति के लिए विशाल सौर ऊर्जा (Solar) प्लांट और अपना विद्युत सब-स्टेशन बनाया गया है। 4. दरभंगा हाउस और वाणिज्य कॉलेज का नया ठिकाना नए भवनों के उद्घाटन के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे: दरभंगा हाउस: वर्तमान में यहाँ चल रहे सभी पोस्ट ग्रेजुएट (PG) विभाग नए एकेडमिक ब्लॉक में चले जाएंगे। वाणिज्य कॉलेज: खाली हुए दरभंगा हाउस में फिलहाल वाणिज्य कॉलेज को शिफ्ट किया जाएगा, जिससे छात्रों को अधिक स्थान मिल सकेगा। पार्किंग और गार्डन: तीन एकड़ में फैले इस परिसर में पार्किंग की आधुनिक व्यवस्था और सुंदर गार्डन का निर्माण भी किया जा रहा है। 5. समझाने की कोशिशें रहीं नाकाम जब छात्र बेकाबू होने लगे, तो सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने मोर्चा संभाला: विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी CM): उन्होंने छात्रों को शांत करने और उनकी बात सुनने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। सुनील कुमार (शिक्षा मंत्री): शिक्षा मंत्री ने भी छात्रों को समझाने का प्रयास किया कि यह विकास का कार्य है, लेकिन छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर गेट पर ताला लगाने की जिद पर अड़े रहे।
Gemini said राहुल गांधी का वडोदरा में बड़ा हमला: "मोदी 100% ट्रम्प के कंट्रोल में हैं; अडाणी केस असल में प्रधानमंत्री को धमकाने के लिए है" वडोदरा | 23 मार्च 2026 कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित 'आदिवासी अधिकार संवाद' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल ने वैश्विक भू-राजनीति से लेकर स्थानीय आदिवासी अधिकारों तक के मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि भारत की विदेश नीति और आर्थिक फैसले अब वाशिंगटन (अमेरिका) से तय हो रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में हैं। यहाँ राहुल गांधी के भाषण की विस्तृत रिपोर्ट और मुख्य बिंदु दिए गए हैं: 1. ट्रम्प-मोदी और अडाणी कनेक्शन: "कम्प्रोमाइज्ड हैं प्रधानमंत्री" राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी संसद में अमेरिका या ट्रम्प के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल पा रहे हैं: ट्रम्प का कंट्रोल: राहुल ने कहा, "मोदी जी ने लोकसभा में 25 मिनट भाषण दिया, लेकिन अमेरिका के खिलाफ चुप रहे। वे 100% ट्रम्प के कंट्रोल में हैं और संसद में डिबेट नहीं कर सकते क्योंकि वे कम्प्रोमाइज्ड (समझौतावादी) हैं।" अडाणी केस का सच: राहुल के मुताबिक, अमेरिका में अडाणी पर चल रहा कानूनी केस असल में पीएम मोदी को संदेश देने के लिए है। उन्होंने दावा किया कि ट्रम्प का सीधा मैसेज है— "ज्यादा ऊटपटांग हरकत की तो समझ लेना, मैं तुम्हारा करियर खत्म कर सकता हूं।" तेल और गैस पर सरेंडर: राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी ने ट्रम्प को आश्वासन दिया है कि भारत रूस, ईरान या वेनेजुएला से तेल खरीदने से पहले अमेरिका से पूछेगा। "आप जो हुक्म करेंगे, हम वही करेंगे"—यह आज की विदेश नीति बन गई है। 2. आदिवासी बनाम वनवासी: "जल-जंगल-जमीन" की लड़ाई राहुल गांधी ने आदिवासियों की पहचान और अधिकारों पर RSS-BJP की विचारधारा पर सवाल उठाए: असली मालिक: राहुल ने कहा कि 'आदिवासी' का मतलब है इस देश के असली मालिक, जिनकी इस जमीन पर पहली दावेदारी है। शब्दों का खेल: उन्होंने आरोप लगाया कि RSS 'वनवासी' शब्द का इस्तेमाल करके आदिवासियों को केवल जंगल का निवासी बताना चाहती है, ताकि उनसे उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकार छीने जा सकें। बिरसा मुंडा का अपमान: राहुल ने कहा कि बीजेपी बिरसा मुंडा की मूर्ति के सामने हाथ तो जोड़ती है, लेकिन उनके उन विचारों पर हमला करती है जिनके लिए वे शहीद हुए थे। 3. ट्रेड डील और किसानों का संकट राहुल ने हालिया भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चिंता जताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने भारत के कृषि क्षेत्र को अमेरिकी कॉर्पोरेट्स के लिए खोल दिया है: असमान मुकाबला: भारत में छोटे किसान (1-5 एकड़) हाथ से मेहनत करते हैं, जबकि अमेरिका में 10,000 एकड़ के खेतों में मशीनों से खेती होती है। नुकसान: अगर दाल, सोयाबीन, फल और कपास जैसे अमेरिकी उत्पाद बिना शुल्क के भारत आए, तो हमारे किसानों की कमर टूट जाएगी। पहले सरकार इस पर राजी नहीं थी, लेकिन अब ट्रम्प के दबाव में इसे लागू किया जा रहा है। 📊 राहुल गांधी के भाषण की 6 बड़ी बातें मुद्दा राहुल गांधी का बयान युद्ध का दावा ट्रम्प बार-बार कहते हैं कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध रुकवाया, यह हमारी सेना का अपमान है और मोदी चुप हैं। अडाणी का ढांचा मोदी और बीजेपी का पूरा फाइनेंशियल स्ट्रक्चर अडाणी है। सारा इन्फ्रास्ट्रक्चर उन्हें सौंप दिया गया है। प्रतिनिधित्व अडाणी की कंपनी, निजी अस्पतालों या यूनिवर्सिटी के मालिकों में एक भी आदिवासी नहीं मिलेगा। निजीकरण पब्लिक सेक्टर खत्म किए जा रहे हैं ताकि दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का रिजर्वेशन खत्म हो जाए। संविधान पर हमला जब आदिवासियों की जमीन बिना मुआवजे के छीनी जाती है, तो वह सीधे संविधान पर हमला है। जातिगत जनगणना जब भी मैं इसकी बात करता हूं, RSS-BJP मुझ पर आक्रमण करती है क्योंकि वे सच से डरते हैं। Export to Sheets 4. गुजरात निकाय चुनाव: मिशन 2026 राहुल गांधी का यह दौरा गुजरात में होने वाले आगामी स्थानीय निकाय (नगर निगम और जिला पंचायत) चुनावों के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है: चुनावों का ऐलान: गुजरात विधानसभा का सत्र 25 मार्च को खत्म हो रहा है। इसके ठीक बाद 26 मार्च को राज्य चुनाव आयोग चुनावों के शेड्यूल की घोषणा कर सकता है। कांग्रेस की सक्रियता: राहुल के इस दौरे के बाद कांग्रेस के अन्य केंद्रीय नेताओं के भी गुजरात आने की संभावना है। कांग्रेस आदिवासियों और किसानों के मुद्दों के सहारे राज्य में अपनी खोई हुई जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है।
नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा': बेगूसराय में 330 करोड़ की योजनाओं की सौगात; मंच से महिलाओं को टोका— "कहां भाग रही हो", हेलीपैड पर बैल ने मचाया तांडव बेगूसराय/शेखपुरा | 14 मार्च 2026 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षी 'समृद्धि यात्रा' के तहत शनिवार को बेगूसराय पहुंचे। यहाँ उन्होंने विकास योजनाओं की झड़ी लगाते हुए विरोधियों पर तीखे प्रहार किए। हालांकि, यह यात्रा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि सुरक्षा में चूक, मंच पर नोक-झोंक और 'निशांत कुमार' के समर्थन में लगे नारों ने इस दौरे को काफी चर्चा में ला दिया है। यहाँ मुख्यमंत्री के बेगूसराय और शेखपुरा दौरे की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. सुरक्षा में बड़ी चूक: हेलीपैड पर बैल का 'आतंक' मुख्यमंत्री के आने से कुछ समय पहले बेगूसराय के हेलीपैड पर अफरा-तफरी मच गई: पुलिसवालों को दौड़ाया: एक आवारा बैल सुरक्षा घेरा तोड़कर हेलीपैड के अंदर घुस गया। बैल इतना आक्रामक था कि उसने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। फायर ब्रिगेड पर चढ़े जवान: बैल के हमले से बचने के लिए एक पुलिसकर्मी को जान बचाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी के ऊपर चढ़ना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद बैल को परिसर से बाहर खदेड़ा गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लैंड हुआ। 2. मंच से महिलाओं को टोका: "बैठिए और चुपचाप सुनिए" सभा के दौरान एक अजीब स्थिति पैदा हो गई जब संबोधन के बीच ही कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें सीधे टोकते हुए कहा: तल्ख तेवर: "अरे कहां भाग रही हो? हम बोलना बंद कर दें क्या? कोई पीछे भाग रहा है, कोई आगे। बैठिए अभी, हाथ उठाकर बताइए हम बोलें या नहीं? अब तो सब कुछ कर ही रहे हैं, फिर क्यों भाग रही हो? चुपचाप बैठिए और सुनिए।" 3. 'निशांत कुमार' के नारे और सियासी हलचल कार्यक्रम के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात तब हुई जब मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम (सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा) की मौजूदगी में भीड़ से नारे लगने लगे— "बिहार का CM कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो।" > निशांत कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं, जो आमतौर पर राजनीति से दूर रहते हैं। इन नारों ने भविष्य के उत्तराधिकार को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। 4. संबोधन की मुख्य बातें: 'जंगलराज' बनाम 'कानून का राज' नीतीश कुमार ने अपने भाषण में लालू यादव की पुरानी सरकार पर जमकर हमला बोला और अपनी उपलब्धियां गिनाईं: हिंदू-मुस्लिम शांति: CM ने कहा, "पहले आए दिन झगड़े होते थे। हमने कब्रिस्तानों की घेराबंदी की और मंदिरों की बाउंड्री बनवाई। आज सब जगह शांति है।" शिक्षा और स्वास्थ्य: 2005 से पहले बिहार की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, जिसे हमने मेडिकल कॉलेज खुलवाकर और शिक्षकों की भर्ती कर सुधारा। मुफ्त बिजली और सोलर: "गांव-गांव बिजली पहुँचाने के बाद अब हम सोलर पैनल लगा रहे हैं। आपकी छत पर सोलर लगेगा और खर्चा सरकार उठाएगी।" रोजगार का लक्ष्य: CM ने दावा किया कि अब तक 50 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है और अगले 5 सालों में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का लक्ष्य है। 📊 बेगूसराय और शेखपुरा: विकास का लेखा-जोखा जिला योजनाओं की संख्या कुल लागत (करोड़ में) मुख्य आकर्षण बेगूसराय 402 योजनाएं ₹330 करोड़ कैंपा कोला फैक्ट्री की आधारशिला, बियाडा कैंपस। शेखपुरा 100+ योजनाएं ₹300 करोड़+ सर्वा पंचायत का विकास, समीक्षा बैठक। जीविका दीदियां 9,715 समूह ₹578.09 करोड़ बैंक ऋण और चेक वितरण। 5. जीविका दीदियों को 'थैंक्यू' और सम्मान मुख्यमंत्री ने बेगूसराय में जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का जायजा लिया। उन्होंने दीदियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कई बार 'थैंक्यू' और 'बधाई हो' कहा। चेक वितरण: 578 करोड़ रुपये का बैंक ऋण ऋण चेक वितरित किया गया। अधिकार केंद्र: दीदियों को 'अधिकार केंद्र' की चाबियां सौंपी गईं, जो ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण का केंद्र बनेंगे। 6. शेखपुरा का दौरा: 2 घंटे 5 मिनट का प्रवास बेगूसराय के बाद CM शेखपुरा के बरबीघा पहुंचे। यहाँ सर्वा गांव में उन्होंने 300 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। दोपहर 2:55 बजे वे पटना के लिए रवाना हो गए।