नोट- यह इन्वेस्टिगेशन खबर पूरी तहर से दैनिक भास्कर की वैबसाइट से हमने कॉपी की है‚ इसका सारा श्रेय भास्कर टीम को जाता है।

मैं नेताओं का टेस्ट जानती हूं। वह ग्लैमर वाली लड़कियां चाहते हैं। कोई सिंगल तो कोई डबल एंजॉय करता है। कभी-कभी तो एक ही लड़की से दो-दो नेता लग जाते हैं। ऐसे नेता भी हैं, जो पैसा देकर भी सेक्स नहीं करते हैं। इसलिए हम लोग टेस्ट के हिसाब से लड़कियां भेजते हैं।
आप तो कैंडिडेट्स सेट कीजिए हाई प्रोफाइल लड़कियों से ऐश कराने की जिम्मेदारी हमारी होगी। बिहार चुनाव में केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ी जिम्मेदारी दी है, इससे काम आसान हो जाएगा।
हर तरफ अपना जलवा है, हर पार्टी में अपने लोग हैं। इसलिए मेरी साइड से आप निश्चिंत रहिए, हमसे कोई सवाल नहीं कर सकता। पार्टी के विधायकों को भी पता है, लेकिन पूछने की हिम्मत किसी में नहीं। आप मुझे सामान्य लीडर मत समझिए, कई बड़े नेता हमारे संपर्क में हैं।
भास्कर के कैमरे पर यह दावा करती बीजेपी लीडर फूल जोशी हैं, जो झारखंड में पार्टी की अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री हैं। केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर वह बिहार विधानसभा चुनाव में ‘जय भाजपा, विजय भाजपा’ अभियान चला रही हैं।
दैनिक भास्कर के ऑपरेशन डर्टी पॉलिटिक्स में फूल जोशी के साथ उनके नेटवर्क में शामिल नेता और लड़कियां एक्सपोज हुई हैं।
ऑपरेशन डर्टी पॉलिटिक्स पार्टी- 1 में पढ़िए और देखिए लड़कियों की पूरी सप्लाई चेन...।

नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए हमने चुनाव के लिए 50 लड़कियों की डिमांड की थी। गैंग ने हमें 30 से ज्यादा लड़कियों की फोटो दिखाईं और कहा जो पसंद आए बता दीजिए।
HAM पार्टी के नेता के सेक्स स्कैंडल से मिला इनपुट
BJP अनुसूचित जाति मोर्चा की मंत्री फूल जोशी तक भास्कर की टीम बिहार और झारखंड के बड़े नेटवर्क को खंगालने के बाद पहुंची। पहला इनपुट 10 जून 2025 को मिला, जब जीतनराम मांझी की HAM पार्टी के युवा मोर्चा के अध्यक्ष दिलीप पासवान और उसकी पत्नी किरन को मुजफ्फरपुर पुलिस ने सैक्स स्कैंडल में गिरफ्तार किया। पति-पत्नी का हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का बड़ा नेटवर्क था।
दैनिक भास्कर की टीम को HAM नेता दिलीप और उसकी पत्नी किरन से जुड़े कुछ अहम सुराग हाथ लगे। भास्कर रिपोर्टर के हाथ जो सबूत लगे, वह पुलिस की जांच में भी सामने आए। दोनों हाई प्रोफाइल लड़कियों की फोटो वॉट्सऐप पर वीआईपी लोगों को भेजते थे। बड़े-बड़े होटलों में लड़कियां भेजी जाती थीं।
इसमें नेता और बिजनेसमैन के साथ कई वीआईपी लोग शामिल थे। विधानसभा चुनाव में नेताओं को लड़कियां सप्लाई करने की प्लानिंग का भी पता चला। मुजफ्फरपुर से शुरू हुई भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पटना के गर्ल्स हॉस्टल्स का क्लू मिला।

10 जून 2025 को मुजफ्फरपुर पुलिस ने सैक्स स्कैंडल में HAM नेता दिलीप और उसकी पत्नी किरन को गिरफ्तार किया था। यहीं से हमें पटना के गर्ल्स हॉस्टल्स का क्लू मिला।
भाजपा नेता के लिए काम करती है गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन
मुजफ्फरपुर से इनपुट मिलने के बाद हमने गर्ल्स हॉस्टल्स को आइडेंटिफाई करना शुरू किया। पटना में 12 से अधिक गर्ल्स हॉस्टल की रेकी करने और आसपास के लोगों से इनपुट जुटाने के बाद 8 अक्टूबर तक हमने पटना के 4 गर्ल्स हॉस्टल को आईडेंटिफाई किया।
AN कॉलेज के पास एक गर्ल्स हॉस्टल का कनेक्शन झारखंड से मिला। यहां धनबाद की रहने वाली मिस्टी वार्डन है, जो भाजपा की महिला नेता फूल जोशी के नेटवर्क की बड़ी कड़ी है। पड़ताल के दौरान मिस्टी का कनेक्शन स्पा सेंटर से मिला।
स्पा सेंटर से मिस्टी तक पहुंचा रिपोर्टर
भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि मिस्टी का कनेक्शन पटना के कई स्पा सेंटर में लड़कियां सप्लाई करने वालों के साथ है। काफी छानबीन के बाद हम टीम पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में स्पा सेंटर चलाने वाले राहुल तक पहुंचे। राहुल ऑन डिमांड मिस्टी से लड़कियां मंगाता था।
भास्कर रिपोर्टर स्पा सेंटर खोलने के लिए एजेंट बनकर राहुल से मिले। राहुल शुरू में टालता रहा, लेकिन 10 से अधिक मुलाकातों के बाद वह मान गया। लड़कियों के लिए राहुल ने उसी मिस्टी का नंबर दिया जिसकी हमें तलाश थी। राहुल ने कॉल कर मिस्टी से हमारी डील कराई, इसके बाद हम मिस्टी के प्लान पर काम करने लगे। राहुल ने बताया कनेक्शन।

राहुल - मैं लड़की का नंबर दे देता हूं, आप बात कर लेना।
रिपोर्टर - बात कर लेगी ना, कोई दिक्कत?
राहुल - मैं बोल दूंगा, वह मैनेज कर देगी।
रिपोर्टर - उसका नेटवर्क है?
राहुल - झारखंड के कई बड़े सप्लायर से उसकी सेटिंग है, वह काम करा देगी।
रिपोर्टर - वह खुद काम नहीं करती है क्या?
राहुल - उससे मिलिए तो वह पूरी खान तक पहुंचा देगी।

अब तक पड़ताल में यह साफ हो चुका था कि लड़कियों की सप्लाई में मिस्टी बड़ी कड़ी है। वह पटना के स्पा सेंटर्स के साथ मिलकर नेता और वीआईपी लोगों को लड़कियां सप्लाई कर रही है। राहुल के जरिए हमने मिस्टी से मिलना शुरू किया।
इस नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए रिपोर्टर को एजेंट बनकर मिस्टी से चुनाव में नेताओं को लड़की सप्लाई की डील करनी पड़ी। मिस्टी से रिपोर्टर की 6 बार मुलाकात हुई। पढ़िए रिपोर्टर से मिस्टी की लड़कियों को लेकर पूरी डील..।
रिपोर्टर - आपका नेटवर्क काफी एक्टिव है, राहुल ने बोला है, आप मदद कर सकती हैं।
मिस्टी - बताइए क्या काम है?
रिपोर्टर - नेता के साथ काम करना है, आप काम की हैं या नहीं?
मिस्टी - हम तो काम करते ही हैं। घर से छिपकर यह पूरा काम करते हैं।
रिपोर्टर - पटना में आप अकेले रहती हैं क्या?
रिपोर्टर - नहीं बहुत लड़कियां हैं, मैं यहां हॉस्टल की वार्डन हूं।
मिस्टी - मेरे पास छत्तीसगढ़, एमपी, बिहार, झारखंड और पटना लोकल की लड़कियां हैं, व्यवस्था कर दूंगी।
रिपोर्टर - ऑफर बड़ा है, समझ गईं ना, बड़ी संख्या में लड़कियां चाहिए।
मिस्टी - अब तो छांटना पड़ेगा, आपको सब मिल जाएगा।
रिपोर्टर - पैसा कितना लगेगा? लड़कियों का रेट क्या होगा?
मिस्टी - मैं बात करके बता दूंगी, मैं धनबाद की हूं, वहीं का नेटवर्क बड़ा है।
रिपोर्टर - वहां से लड़कियां यहां आती हैं क्या?
मिस्टी - यहां झारखंड का पूरा नेटवर्क है। जितना अड्डा है, वहां 99% झारखंड के नेटवर्क से लड़कियां आती हैं।
रिपोर्टर - झारखंड में इतना बड़ा नेटवर्क कौन चलाता होगा?
मिस्टी - हैं, वहां की पॉलिटिक्स में एक्टिव हैं, वहीं पूरा नेटवर्क चलाती हूं।
रिपोर्टर - सेटिंग कीजिए, झारखंड से ही लड़कियों की डील करा दीजिए।

मिस्टी ने हमें नेताओं को लड़कियां सप्लाई करने का पूरा नेटवर्क समझाया।
बड़ी डील कराने से पहले मिस्टी ने बताया पैकेज
लड़कियों की बड़ी सप्लायर तक पहुंचाने से पहले मिस्टी ने दोबारा रिपोर्टर से डील की। मिस्टी ने लड़कियों की फोटो दिखाई और फिर पैकेज पर पूरी बात की। इस डील में वह रिपोर्टर का बजट और नेताओं में पकड़ जानना चाहती थी। मिस्टी ने भाजपा और कांग्रेस की महिला नेताओं का खुलासा किया, जो लड़कियों की सप्लाई कर रही हैं।
मिस्टी - फोटो दिखाते हुए, यह पसंद है, थोड़ी सी सांवली है, लेकिन खुश कर देगी।
रिपोर्टर - देखिए, इलेक्शन का काम है, इसमें आप अच्छा समझ के ही दीजिए।
मिस्टी - देखिए, सारा फोटो देखिए, सब एक से बढ़कर एक हैं।
रिपोर्टर - इनका बजट क्या होता है?
मिस्टी - 10 दिन का पैकेज होगा, एक दिन का 5 से 10 हजार देना होगा।
रिपोर्टर - रेट कैसे तय होता है?
मिस्टी - लड़की देखकर पैसा तय होता है, जैसी अदा वैसा पैसा। डे और नाइट का अलग-अलग रेट होता है।
रिपोर्टर - देखिए, एक्सपीरियंस वाला चाहिए।
मिस्टी - हम जो भी देंगे, एक्सपीरियंस वाला ही देंगे, ताकि अच्छे से हर किसी को खुश कर सके।
रिपोर्टर - फोटो वाली लड़कियां नेताओं के पास गई हैं या नहीं?
मिस्टी - हां-हां, गई हैं ना, माही है यहां से लेकर भुवनेश्वर तक गई हैं।
रिपोर्टर - तब ठीक है, इसके अलावा भी कुछ है क्या?
मिस्टी - झारखंड में एक दीदी हैं जो भाजपा से जुड़ी हुई हैं, दो दीदी हैं जो कांग्रेस से जुड़ी हैं। वह बड़ा काम करती हैं।
रिपोर्टर – धनबाद में कुछ है क्या?
मिस्टी – हां, धनबाद में बहुत है-विकास है, गुड़िया है, अब उनके ऊपर निर्भर करेगा, लेकिन मैं काम करा दूंगी।
रिपोर्टर - लड़कियां नेताओं के लिए हैं ना?
मिस्टी - हां-हां, मैं काम कराई हूं, उन लोगों से, अच्छा से काम किया था।
रिपोर्टर - आपकी नेता दीदी का काम कैसा है?
मिस्टी - भाजपा और कांग्रेस वाली दीदी सब अच्छा से काम कराती हैं। वह हर कास्ट की लड़कियां रखती हैं। दिल्ली की चलेगी क्या।
रिपोर्टर - हां, चल जाएगी।
मिस्टी - देखते हैं, धनबाद से होता है तो ठीक है, नहीं तो दिल्ली से करवा दूंगी। हमें अमाउंट बता दीजिए, लड़कियों को तय करना होगा।
रिपोर्टर - ठीक है, एकसाथ सभी लोग बैठकर बात कर लेंगे।
मिस्टी - मेरी शादी नहीं हुई है, लेकिन पटना में शादीशुदा की तरह रहना पड़ता है।

हमने जब चुनाव के लिए 50 लड़कियों की डिमांड की तो मिस्टी हमें फूल जोशी से मिलवाने झारखंड के धनबाद लेकर आई।
डील के लिए धनबाद ले गई मिस्टी
अब तक रिपोर्टर पर मिस्टी को पूरा भरोसा हो गया था। वह लड़कियों की सप्लाई के लिए साथ काम करने को तैयार हो गई थी। पूरा सेटअप तैयार करने और लड़कियों की सेटिंग के लिए उसने रिपोर्टर को धनबाद चलने के लिए कहा।
रिपोर्टर से ही ट्रेन की टिकट कराई, किसी तरह का शक नहीं हो इसलिए रिपोर्टर को साथ लेकर गई। धनबाद में मिस्टी ने जिस महिला को बड़े नेटवर्क वाली सप्लायर बताकर मिलाया वह झारखंड भाजपा की बड़ी लीडर निकली।

मिस्टी ने झारखंड के धनबाद में एक रेस्टोरेंट में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री फूल जोशी से हमारी मुलाकात कराई। फूल जोशी ने दावा किया कि वह बिहार विधानसभा चुनाव में कैंपेन करेंगी। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें बिहार चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी है।
मिस्टी ने प्लान समझाया तो फूल जोशी लड़कियों की व्यवस्था करने में जुट गईं। थोड़ी ही देर में उन्होंने बिहार, झारखंड ही नहीं देश के अन्य कई राज्यों से लेकर नेपाल तक की लड़कियों को खंगाल लिया।
फूल जोशी ने दावा किया कि वह चुनाव में बाढ़ में एनडीए कैंडिडेट के साथ रहेंगी।
रिपोर्टर से भाजपा लीडर फूल जोशी की पूरी डील...
फूल - आप लोग प्रोफेशनल हैं, या किसी के लिए काम कर रहे हैं।
रिपोर्टर - हम चुनाव के लिए काम कर रहे हैं, 2020 में भी अपना काम हुआ था।
फूल - हम बीजेपी के प्रदेश मंत्री हैं, हमे बाढ़ में कैंपेन की जिम्मेदारी मिली है।
रिपोर्टर - आप बिहार में रहिएगा तो काम आसान होगा।
फूल - बाढ़ में रहेंगे, सब करा देंगे। लड़कियों की सेफ्टी और पेमेंट की कंडीशन तय कर लीजिए।
रिपोर्टर - आपने पार्टी के लिए प्रोवाइड कराई हैं कि नहीं?
फूल - मैं अपनी पार्टी के लिए नहीं कराई हूं।
रिपोर्टर - हमें ऐसी लड़की चाहिए जो नेताओं को पसंद आएं।
फूल - हां, एक से बढ़कर एक होंगी। कैसे ले जाइएगा, 2 दिन के लिए या लंबे समय के लिए।
रिपोर्टर - सिस्टम क्या है, आप तो ज्यादा जानती होंगी।
फूल - देखिए, आप 2 से 4 लड़की ले जाएंगे या और ज्यादा चाहिए।
रिपोर्टर - हमें अधिक चाहिए। आपको तो सब पता होगा, बड़े पद पर ऐसे नहीं पहुंची हैं।
फूल - कोई भी घर छोड़कर जाएगा तो उसे उस हिसाब से पैसा चाहिए।
रिपोर्टर - हमें तो पूरी तरह से प्रोफेशनल ही चाहिए।

फूल जोशी ने हमें कहा, कि विधायक और पार्टी के बड़े नेताओं को इस नेटवर्क के बारे में सब पता है, लेकिन कोई कुछ बोल नहीं सकता है।
फूल जोशी बोली - कई राज्यों में भेजती है लड़कियां
भाजपा नेता फूल जोशी ने दावा किया, वह झारखंड बिहार ही नहीं कई राज्यों में लड़कियां भेजती हैं। जैसा पैसा मिलता है, वैसी लड़कियां भेजी जाती हैं।
रिपोर्टर - कहां, कहां भेजती हैं लड़कियां?
फूल - कई राज्यों में भेजती हूं, जयपुर तक भेजी है। स्पेशल डिमांड थी।
रिपोर्टर - कैसी स्पेशल लड़कियां।
फूल - सुंदर सेक्सी वाली, यही नेताओं को भी चाहिए होती है। ऐसी ही डिमांड देवघर में बालू माफिया की थी।
रिपोर्टर - कहां से आई थीं लड़कियां।
फूल - सब अपने नेटवर्क होती हैं, पैसे से मतलब है। मैंने बोल दिया, अच्छा पैसा मिलेगा तो चली गईं।

ये बीजेपी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष का लेटर है जो फूल जोशी ने हमें दिखाया। इसमें उसका नाम 15 नंबर पर है। उसका पद अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री है।
एक नेता के लिए एक टाइम पर 2-2 लड़कियों का अरेजमेंट
डील के दौरान रिपोर्टर के सामने ही मिस्टी और फूल की बातचीत ने चौंका दिया। दोनों ने एक नेता के लिए एक साथ एक समय पर 2-2 लड़कियों को भेजी हैं। इतना ही नहीं एक लड़की के साथ 2-2 नेताओं को भी भेज देती हैं। देखिए नेताओं के क्या-क्या शौक हैं।
मिस्टी - दीदी एक नेता के लिए दो लड़की तैयार हो जाएंगी ना।
फूल - हां-यार, तैयार हो जाएंगी, क्यों नहीं होगी। पेमेंट क्या देंगे ये मायने रखता है।
मिस्टी - जिसने बाहर काम किया है, वह सब संभाल लेगी। हमने भी काम किया है, मुझे पता है।
फूल - दो-तीन लेकर चले जाइए, पहले काम कराकर देख लीजिए। अच्छा हुआ तो और लड़की देंगे।
रिपोर्टर - नेता लोग ऐसा ही चाहते हैं क्या।
फूल - हां, यही तो होता है। आप पहले 6 से 7 लड़कियां ले जाइए, फिर चुनाव में जितनी चाहिएगा उतनी देंगे।
रिपोर्टर - अभी शुरुआत ही हम 50 से करना चाहते हैं।
फूल - देखिए, आप दोनों नए हैं, ना हम आपको जानते हैं और ना आप हमें जानते हैं। पहले थोड़ा विश्वास बढ़ जाए।

फूल जोशी ने हमें अपने फेसबुक पर बिहार चुनाव के कैंपेन के दौरान की तस्वीर दिखाई।
मिस्टी बोली हॉस्टल से नेताओं के पास जाएंगीं लड़कियां
फूल जोशी से मिस्टी ने कहा, लड़कियां पटना में गर्ल्स हॉस्टल में मैं रखवा दूंगी। सेफ्टी की तो चिंता ही नहीं है। सब सुरक्षित मेरी निगरानी में रहेंगी। रिपोर्टर ने जब लड़कियों से बात कराने को कहा तो फूल जोशी और मिस्टी ने 12 से ज्यादा लड़कियों से वीडियो कॉल पर बात करा दी।
दोनों ने बात कराते हुए उनसे यह भी सवाल किया कि नेताओं को खुश करने के लिए जाना है, कैसे काम करोगी बता दो। लड़कियों ने अपना एक्सपीरियंस और काम करने का तरीका भी वीडियो कॉल पर बताया।
फूल जोशी ने झारखंड, यूपी, एमपी, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और नेपाल की लड़कियों से वीडियो कॉल पर बात कराई। दोनों ने दो से ढाई घंटे का समय मांगा और कहा आपकी चॉइस की लड़कियों को साथ भेज देंगे।
इस दौरान मिस्टी और फूल जोशी ने मोबाइल पर 70 से अधिक लड़कियों की फोटो उनकी प्रोफाइल के साथ दिखाई। बाद में दोनों ने मिलकर लड़कियों की फोटो भी प्रोफाइल के साथ हमें वॉट्सऐप पर भेजीं।
विधायक जानता है, पूछने की हिम्मत नहीं होती
फूल जोशी ने ये स्वीकार किया कि वह लड़कियों की सप्लाई करती है, इसकी जानकारी पार्टी के कई लोगों को है। यहां तक की उसने विधायक के बारे में कहा, वह जानते हैं लेकिन कभी पूछ नहीं पाए। पूछने की हिम्मत नहीं होती है।
मुझसे सवाल पूछने की हिम्मत कोई नहीं करता है। फूल ने बताया, इतने बड़े-बड़े नेताओं से संपर्क है, अपनी छवि भी तो बचानी रहती है। इसलिए बड़ा अलर्ट होकर सारा काम किया जाता है।
रिपोर्टर - आप पॉलिटिक्स में हैं, आपको तो नेताओं के लिए व्यवस्था करनी पड़ती होगी।
फूल - सब सीक्रेट होता है, सबको पता भी नहीं। विधायक को पता चला, लेकिन पूछने की हिम्मत नहीं हुई।
रिपोर्टर - आपके बारे में विधायक को पता है?
फूल - हां, बिहार के भी कई नेताओं से अच्छा संबंध है, नेताओं से मुलाकात होती है तो बिहार बुलाते हैं।
रिपोर्टर - आपको पार्टी में लड़कियां देनी पड़ती होंगी, आप इतने बड़े पद पर ऐसे नहीं पहुंची होंगी।
फूल - नहीं मैं पार्टी में नहीं देती हूं, बाहर के लिए सब काम होता है। बहुत वीआईपी लोग हैं, डिमांड करते हैं।
रिपोर्ट - पैकेज क्या होता है, हमारा सिस्टम क्या होगा?
फूल - पैकेज वाला लीजिएगा, 10 दिनों का पैकेज ले लीजिए। दो तरह से काम होता है, आप जैसा चाहिए।
रिपोर्टर - बता दीजिए, हम तैयार रहेंगे।
फूल - रेट और लड़कियों के एक्सपीरियंस के साथ डे व नाइट का अलग-अलग पैकेज होता है।
रिपोर्टर - लड़कियां कहां धनबाद से जाएंगी?
फूल - वहां के लोग लोकल नहीं मांगते हैं। धनबाद से लेकर कई शहरों से भेजा जाता है।
रिपोर्टर - झारखंड पूरा बिहार संभालता है, 99 प्रतिशत धनबाद का एजेंट सप्लाई देता है।

ऑपरेशन डर्टी पॉलिटिक्स के पार्ट-2 में कल देखिए विदेशों से कैसे मंगाई जाती हैं लड़कियां और कैसे चलता है एजेंट्स का पूरा नेटवर्क....
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
लोकसभा में ऐतिहासिक टकराव: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश; विपक्ष का 'पक्षपात' का आरोप बनाम सरकार का 'भागने' का पलटवार नई दिल्ली | 10 मार्च 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में आज एक दुर्लभ और गहमागहमी भरा दिन रहा। लोकसभा में विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) पेश किया। सदन में 50 से अधिक सांसदों के समर्थन के बाद पीठासीन अधिकारी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिस पर अब 10 घंटे की मैराथन चर्चा होगी। विपक्ष ने स्पीकर पर सदन की कार्यवाही के दौरान सत्तापक्ष का साथ देने और विपक्षी आवाजों को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष के व्यवहार पर ही सवाल खड़े किए हैं। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और सदन में हुई तीखी बहस की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. अविश्वास प्रस्ताव: गौरव गोगोई के 3 बड़े प्रहार प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने स्पीकर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीन प्रमुख बिंदु रखे: भेदभाव का आरोप: गोगोई ने कहा, "बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 20 बार टोका गया। जब उन्होंने एक लेख का हवाला दिया तो उन्हें रोक दिया गया, जबकि सत्तापक्ष के सांसद सदन में प्रतिबंधित किताबें दिखा रहे थे और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।" माइक बंद करने की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि 9 फरवरी को शशि थरूर का माइक बंद कर दिया गया। जब माइक ही ऑफ हो, तो कोई सदस्य अपनी बात कैसे रख सकता है? यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। महिला सांसदों का अपमान: गोगोई ने ओम बिरला के उस पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि महिला सांसदों ने पीएम की चेयर घेर ली थी और उनके साथ "कुछ भी हो सकता था।" गोगोई ने इसे बेहद शर्मनाक और महिला सांसदों की गरिमा के खिलाफ बताया। 2. किरेन रिजिजू का पलटवार: "राहुल गांधी सदन से भाग जाते हैं" संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का बचाव करते हुए विपक्ष और राहुल गांधी पर तीखे व्यक्तिगत हमले किए: उपस्थिति पर सवाल: रिजिजू ने कहा कि जब सदन का महत्वपूर्ण सत्र चल रहा होता है, तब नेता प्रतिपक्ष विदेश चले जाते हैं। वे अपनी बात कहकर सदन से भाग जाते हैं और दूसरों को नहीं सुनते। मर्यादा का उल्लंघन: उन्होंने राहुल गांधी के पुराने व्यवहार (पीएम को गले लगाना और आंख मारना) का जिक्र करते हुए कहा कि जब नेता ऐसा होगा, तो बाकी सांसदों से क्या उम्मीद की जाए? उन्होंने के.सी. वेणुगोपाल द्वारा चेयर को 'यार' कहने पर भी आपत्ति जताई। प्रियंका गांधी का जिक्र: रिजिजू ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर प्रियंका गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाता, तो शायद सदन में कुछ अच्छा व्यवहार देखने को मिलता। 3. प्रियंका गांधी का तीखा जवाब: "सच्चाई पचती नहीं है" सदन में पहली बार आक्रामक अंदाज में दिख रही प्रियंका गांधी ने अपने भाई और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बचाव किया: निडर नेतृत्व: प्रियंका ने कहा, "इस देश में एक ही व्यक्ति है जो पिछले 12 सालों में इनके (बीजेपी) सामने झुका नहीं है। वह नेता प्रतिपक्ष है।" सच का सामना: उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन में खड़ होकर सत्तापक्ष के सामने जो सच बोलते हैं, वह इनसे पचता नहीं है, इसलिए वे उन पर निजी हमले करते हैं। 📊 सदन का समीकरण: अविश्वास प्रस्ताव मुख्य बिंदु विवरण प्रस्तावक विपक्ष (गौरव गोगोई द्वारा शुरुआत) समर्थन 50 से अधिक सांसद (अनिवार्य संख्या) मुख्य आरोप पक्षपात, माइक बंद करना, विपक्ष को बोलने न देना। चर्चा का समय 10 घंटे आवंटित सरकार का तर्क विपक्ष चर्चा से भागता है और स्पीकर का अपमान करता है। Export to Sheets 4. बहस के मुख्य मुद्दे: माइक, रूलिंग बुक और गरिमा सदन में बहस के दौरान कई ऐसे मुद्दे उठे जो पिछले कुछ समय से विवाद का केंद्र रहे हैं: माइक ऑफ विवाद: विपक्ष का दावा है कि जब भी संवेदनशील मुद्दे (जैसे अडानी या बेरोजगारी) उठाए जाते हैं, तो रणनीतिक रूप से माइक बंद कर दिया जाता है। पक्षपात: विपक्ष का कहना है कि स्पीकर सत्तापक्ष के मंत्रियों को बिना रोक-टोक बोलने देते हैं, लेकिन विपक्ष के सदस्यों को हर वाक्य पर 'रूल बुक' (नियमों की किताब) दिखाई जाती है। संसदीय भाषा: सत्तापक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चेयर के प्रति सम्मान नहीं रखते और असंसदीय भाषा का उपयोग करते हैं।
आंध्र प्रदेश: काकीनाडा की पटाखा यूनिट में भीषण धमाका; 20 मजदूरों की मौत, धान के खेतों में बिखरे मिले शवों के चिथड़े काकीनाडा | 28 फरवरी 2026 आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार दोपहर वेटलापलेम गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई (Firecracker Unit) में जोरदार विस्फोट होने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री ताश के पत्तों की तरह ढह गई और वहां काम कर रहे मजदूरों के शवों के टुकड़े कई मीटर दूर खेतों में जाकर गिरे। यहाँ इस भीषण त्रासदी, राहत कार्य और सरकार की प्रतिक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. दोपहर 2 बजे का वो भयावह मंजर प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे हुआ: भीषण आवाज: धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के घरों की खिड़कियां चटक गईं और लोग भूकंप की आशंका से घरों से बाहर निकल आए। मलबे का ढेर: विस्फोट के कुछ ही सेकंड के भीतर पूरी यूनिट जलकर राख हो गई। मौके पर केवल काला धुआं और मलबे का ढेर नजर आ रहा था। खेतों में बिखरी लाशें: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ब्लास्ट के दबाव के कारण मजदूरों के शव उड़कर पास के धान के खेतों में जा गिरे। स्थानीय ग्रामीण खाद की बोरियों से बनी चादरों (बाराकालू) में क्षत-विक्षत शवों को समेटते देखे गए, जो बेहद डरावना मंजर था। 2. राहत एवं बचाव कार्य: ड्रोन से की जा रही तलाश प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है: ड्रोन का उपयोग: खेतों में फसल घनी होने के कारण शवों के हिस्सों और लापता लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद ली है। गंभीर रूप से झुलसे घायल: काकीनाडा गवर्नमेंट हॉस्पिटल के अधीक्षक के अनुसार, अस्पताल लाए गए 6 घायल 90% से 100% तक झुलस चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक है और मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। 📊 हादसे का विवरण: एक नजर में विवरण तथ्य स्थान वेटलापलेम गांव, काकीनाडा जिला (आंध्र प्रदेश) समय शनिवार दोपहर, लगभग 2:00 बजे मृतकों की संख्या 20 (पुष्टि हो चुकी है) घायलों की स्थिति 6 गंभीर (90-100% बर्न इंजरी) धमाके की तीव्रता 5 किमी के दायरे में सुनाई दी मुख्य कारण पटाखा निर्माण के दौरान बारूद में विस्फोट (जांच जारी) 3. मुख्यमंत्री और सरकार की प्रतिक्रिया हादसे की खबर मिलते ही राज्य सरकार सक्रिय हो गई है: चंद्रबाबू नायडू का शोक: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने स्थानीय मंत्रियों और जिला कलेक्टर को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने और पीड़ितों के परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री का बयान: राज्य की गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने कहा कि प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराना है। उन्होंने फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश भी दिए हैं। 4. जांच के घेरे में सुरक्षा मानक प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, धमाके के समय यूनिट के भीतर 20 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। अब जांच इस दिशा में की जा रही है कि: क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था? क्या क्षमता से अधिक विस्फोटक सामग्री वहां जमा की गई थी? क्या निर्माण प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था?
अमेरिकी टैरिफ डील पर 'सियासी रार': विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा; राहुल गांधी बोले- "पीएम का विश्वासघात उजागर", खड़गे ने पूछा- "सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया?" नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 अमेरिकी टैरिफ और भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर भारत में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुराने टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद, भारतीय विपक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने बिना कानूनी स्थिति स्पष्ट हुए 'जल्दबाजी' में समझौता किया, जिससे भारत के हितों को नुकसान पहुँचा है। यहाँ विपक्ष के आरोपों, अमेरिकी कोर्ट के फैसले और ट्रम्प के नए 10% ग्लोबल टैरिफ का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. विपक्ष का प्रहार: "हताशा में किया गया आत्मसमर्पण" कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मोदी सरकार की 'ट्रेड डिप्लोमेसी' पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं: राहुल गांधी: शनिवार को राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी का "विश्वासघात" अब सबके सामने है। उन्होंने दावा किया कि भारत इस व्यापार समझौते में फिर से "आत्मसमर्पण" कर देगा, जिससे देश की आर्थिक स्वायत्तता खतरे में पड़ेगी। मल्लिकार्जुन खड़गे: कांग्रेस अध्यक्ष ने इस समझौते को एक 'ट्रैप डील' (Trap Deal) करार दिया। उन्होंने पूछा कि सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया? क्या सरकार पर किसी तरह का दबाव था? जयराम रमेश: उन्होंने कहा कि यदि सरकार महज 18 दिन और रुक जाती, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की बेहतर रक्षा की जा सकती थी। 2. दिग्गज नेताओं की 4 बड़ी टिप्पणियां विपक्ष के प्रमुख चेहरों ने सरकार की रणनीति को 'असंतुलित' बताया है: नेता मुख्य आरोप / टिप्पणी मल्लिकार्जुन खड़गे क्या यह 'एप्सटीन फाइल्स' का दबाव था? सरकार 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान की रक्षा करने में विफल रही। जयराम रमेश प्रधानमंत्री की हताशा के कारण यह समझौता भारत पर थोपा जा रहा है। 18 दिन का इंतजार भारी पड़ता। मनीष तिवारी यह फैसला लोकतंत्र के लिए जरूरी है। न्यायपालिका को कार्यपालिका की 'तानाशाही' वाली ज्यादती रोकनी ही चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ और अमेरिकी आयात पर लगभग जीरो; यह डील पूरी तरह असंतुलित और एकतरफा है। 3. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का 'ऐतिहासिक' फैसला शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से राष्ट्रपति ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट का तर्क: संविधान के अनुसार, टैक्स या टैरिफ लगाने का अधिकार केवल संसद (कांग्रेस) को है। राष्ट्रपति 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का बहाना बनाकर संसद की शक्तियों को नहीं छीन सकते। भारत पर असर: इस फैसले के बाद भारत पर लगा 18% रेसिप्रोकल टैरिफ कानूनी तौर पर अवैध हो गया था। विपक्ष का तर्क यही है कि यदि भारत रुकता, तो उसे कोई भी टैरिफ देने की जरूरत नहीं पड़ती। 4. ट्रम्प का जवाबी दांव: 10% नया ग्लोबल टैरिफ कोर्ट के फैसले के मात्र 3 घंटे के भीतर डोनाल्ड ट्रम्प ने नया दांव खेल दिया: नया कानून (Section-122): ट्रम्प ने 'ट्रेड एक्ट 1974' की धारा 122 का उपयोग करते हुए दुनिया भर पर 10% टैरिफ लगा दिया। लागू होने की तारीख: यह नया टैरिफ 24 फरवरी 2026 की आधी रात से लागू होगा। भारत की स्थिति: बीबीसी के अनुसार, अब भारत पर टैरिफ 18% से घटकर 10% रह जाएगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी को अपना "अच्छा दोस्त" बताते हुए कहा कि ट्रेड डील जारी रहेगी। 5. व्यापार समझौते का वर्तमान स्टेटस वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, विवादों के बावजूद प्रक्रिया जारी है: फरवरी अंत: अंतरिम व्यापार समझौता फाइनल हो जाएगा। मार्च: समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे। अप्रैल: डील पूरी तरह लागू हो जाएगी। भारत की रियायत: भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने पर सहमति जताई है।