देश

BJP की महिला लीडर, नेताओं को सप्लाई करती है लड़कियां:पटना के गर्ल्स हॉस्टल्स में स्टे सेंटर, सप्लायर बोली- विधायकों को पता, पूछने की हिम्मत नहीं (खबर कॉपी पेस्ट)

रवि चौहान नवम्बर 5, 2025 0

 

नोट- यह इन्वेस्टिगेशन खबर पूरी तहर से दैनिक भास्कर की वैबसाइट से हमने कॉपी की है‚ इसका सारा श्रेय भास्कर टीम को जाता है।

 

मैं नेताओं का टेस्ट जानती हूं। वह ग्लैमर वाली लड़कियां चाहते हैं। कोई सिंगल तो कोई डबल एंजॉय करता है। कभी-कभी तो एक ही लड़की से दो-दो नेता लग जाते हैं। ऐसे नेता भी हैं, जो पैसा देकर भी सेक्स नहीं करते हैं। इसलिए हम लोग टेस्ट के हिसाब से लड़कियां भेजते हैं।

आप तो कैंडिडेट्स सेट कीजिए हाई प्रोफाइल लड़कियों से ऐश कराने की जिम्मेदारी हमारी होगी। बिहार चुनाव में केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ी जिम्मेदारी दी है, इससे काम आसान हो जाएगा।

 

हर तरफ अपना जलवा है, हर पार्टी में अपने लोग हैं। इसलिए मेरी साइड से आप निश्चिंत रहिए, हमसे कोई सवाल नहीं कर सकता। पार्टी के विधायकों को भी पता है, लेकिन पूछने की हिम्मत किसी में नहीं। आप मुझे सामान्य लीडर मत समझिए, कई बड़े नेता हमारे संपर्क में हैं।

भास्कर के कैमरे पर यह दावा करती बीजेपी लीडर फूल जोशी हैं, जो झारखंड में पार्टी की अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री हैं। केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर वह बिहार विधानसभा चुनाव में ‘जय भाजपा, विजय भाजपा’ अभियान चला रही हैं।

दैनिक भास्कर के ऑपरेशन डर्टी पॉलिटिक्स में फूल जोशी के साथ उनके नेटवर्क में शामिल नेता और लड़कियां एक्सपोज हुई हैं।

 

ऑपरेशन डर्टी पॉलिटिक्स पार्टी- 1 में पढ़िए और देखिए लड़कियों की पूरी सप्लाई चेन...।

 

नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए हमने चुनाव के लिए 50 लड़कियों की डिमांड की थी। गैंग ने हमें 30 से ज्यादा लड़कियों की फोटो दिखाईं और कहा जो पसंद आए बता दीजिए।

नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए हमने चुनाव के लिए 50 लड़कियों की डिमांड की थी। गैंग ने हमें 30 से ज्यादा लड़कियों की फोटो दिखाईं और कहा जो पसंद आए बता दीजिए।

 

HAM पार्टी के नेता के सेक्स स्कैंडल से मिला इनपुट

 

BJP अनुसूचित जाति मोर्चा की मंत्री फूल जोशी तक भास्कर की टीम बिहार और झारखंड के बड़े नेटवर्क को खंगालने के बाद पहुंची। पहला इनपुट 10 जून 2025 को मिला, जब जीतनराम मांझी की HAM पार्टी के युवा मोर्चा के अध्यक्ष दिलीप पासवान और उसकी पत्नी किरन को मुजफ्फरपुर पुलिस ने सैक्स स्कैंडल में गिरफ्तार किया। पति-पत्नी का हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का बड़ा नेटवर्क था।

 

दैनिक भास्कर की टीम को HAM नेता दिलीप और उसकी पत्नी किरन से जुड़े कुछ अहम सुराग हाथ लगे। भास्कर रिपोर्टर के हाथ जो सबूत लगे, वह पुलिस की जांच में भी सामने आए। दोनों हाई प्रोफाइल लड़कियों की फोटो वॉट्सऐप पर वीआईपी लोगों को भेजते थे। बड़े-बड़े होटलों में लड़कियां भेजी जाती थीं।

इसमें नेता और बिजनेसमैन के साथ कई वीआईपी लोग शामिल थे। विधानसभा चुनाव में नेताओं को लड़कियां सप्लाई करने की प्लानिंग का भी पता चला। मुजफ्फरपुर से शुरू हुई भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पटना के गर्ल्स हॉस्टल्स का क्लू मिला।

10 जून 2025 को मुजफ्फरपुर पुलिस ने सैक्स स्कैंडल में HAM नेता दिलीप और उसकी पत्नी किरन को गिरफ्तार किया था। यहीं से हमें पटना के गर्ल्स हॉस्टल्स का क्लू मिला।

10 जून 2025 को मुजफ्फरपुर पुलिस ने सैक्स स्कैंडल में HAM नेता दिलीप और उसकी पत्नी किरन को गिरफ्तार किया था। यहीं से हमें पटना के गर्ल्स हॉस्टल्स का क्लू मिला।

 

भाजपा नेता के लिए काम करती है गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन

 

मुजफ्फरपुर से इनपुट मिलने के बाद हमने गर्ल्स हॉस्टल्स को आइडेंटिफाई करना शुरू किया। पटना में 12 से अधिक गर्ल्स हॉस्टल की रेकी करने और आसपास के लोगों से इनपुट जुटाने के बाद 8 अक्टूबर तक हमने पटना के 4 गर्ल्स हॉस्टल को आईडेंटिफाई किया।

AN कॉलेज के पास एक गर्ल्स हॉस्टल का कनेक्शन झारखंड से मिला। यहां धनबाद की रहने वाली मिस्टी वार्डन है, जो भाजपा की महिला नेता फूल जोशी के नेटवर्क की बड़ी कड़ी है। पड़ताल के दौरान मिस्टी का कनेक्शन स्पा सेंटर से मिला।

 

स्पा सेंटर से मिस्टी तक पहुंचा रिपोर्टर

 

भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि मिस्टी का कनेक्शन पटना के कई स्पा सेंटर में लड़कियां सप्लाई करने वालों के साथ है। काफी छानबीन के बाद हम टीम पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में स्पा सेंटर चलाने वाले राहुल तक पहुंचे। राहुल ऑन डिमांड मिस्टी से लड़कियां मंगाता था।

भास्कर रिपोर्टर स्पा सेंटर खोलने के लिए एजेंट बनकर राहुल से मिले। राहुल शुरू में टालता रहा, लेकिन 10 से अधिक मुलाकातों के बाद वह मान गया। लड़कियों के लिए राहुल ने उसी मिस्टी का नंबर दिया जिसकी हमें तलाश थी। राहुल ने कॉल कर मिस्टी से हमारी डील कराई, इसके बाद हम मिस्टी के प्लान पर काम करने लगे। राहुल ने बताया कनेक्शन।

राहुल - मैं लड़की का नंबर दे देता हूं, आप बात कर लेना।

रिपोर्टर - बात कर लेगी ना, कोई दिक्कत?

राहुल - मैं बोल दूंगा, वह मैनेज कर देगी।

रिपोर्टर - उसका नेटवर्क है?

राहुल - झारखंड के कई बड़े सप्लायर से उसकी सेटिंग है, वह काम करा देगी।

रिपोर्टर - वह खुद काम नहीं करती है क्या?

राहुल - उससे मिलिए तो वह पूरी खान तक पहुंचा देगी।

अब तक पड़ताल में यह साफ हो चुका था कि लड़कियों की सप्लाई में मिस्टी बड़ी कड़ी है। वह पटना के स्पा सेंटर्स के साथ मिलकर नेता और वीआईपी लोगों को लड़कियां सप्लाई कर रही है। राहुल के जरिए हमने मिस्टी से मिलना शुरू किया।

इस नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए रिपोर्टर को एजेंट बनकर मिस्टी से चुनाव में नेताओं को लड़की सप्लाई की डील करनी पड़ी। मिस्टी से रिपोर्टर की 6 बार मुलाकात हुई। पढ़िए रिपोर्टर से मिस्टी की लड़कियों को लेकर पूरी डील..।

रिपोर्टर - आपका नेटवर्क काफी एक्टिव है, राहुल ने बोला है, आप मदद कर सकती हैं।

मिस्टी - बताइए क्या काम है?

रिपोर्टर - नेता के साथ काम करना है, आप काम की हैं या नहीं?

मिस्टी - हम तो काम करते ही हैं। घर से छिपकर यह पूरा काम करते हैं।

रिपोर्टर - पटना में आप अकेले रहती हैं क्या?

रिपोर्टर - नहीं बहुत लड़कियां हैं, मैं यहां हॉस्टल की वार्डन हूं।

मिस्टी - मेरे पास छत्तीसगढ़, एमपी, बिहार, झारखंड और पटना लोकल की लड़कियां हैं, व्यवस्था कर दूंगी।

रिपोर्टर - ऑफर बड़ा है, समझ गईं ना, बड़ी संख्या में लड़कियां चाहिए।

मिस्टी - अब तो छांटना पड़ेगा, आपको सब मिल जाएगा।

रिपोर्टर - पैसा कितना लगेगा? लड़कियों का रेट क्या होगा?

मिस्टी - मैं बात करके बता दूंगी, मैं धनबाद की हूं, वहीं का नेटवर्क बड़ा है।

रिपोर्टर - वहां से लड़कियां यहां आती हैं क्या?

मिस्टी - यहां झारखंड का पूरा नेटवर्क है। जितना अड्डा है, वहां 99% झारखंड के नेटवर्क से लड़कियां आती हैं।

रिपोर्टर - झारखंड में इतना बड़ा नेटवर्क कौन चलाता होगा?

मिस्टी - हैं, वहां की पॉलिटिक्स में एक्टिव हैं, वहीं पूरा नेटवर्क चलाती हूं।

रिपोर्टर - सेटिंग कीजिए, झारखंड से ही लड़कियों की डील करा दीजिए।

मिस्टी ने हमें नेताओं को लड़कियां सप्लाई करने का पूरा नेटवर्क समझाया।

मिस्टी ने हमें नेताओं को लड़कियां सप्लाई करने का पूरा नेटवर्क समझाया।

 

बड़ी डील कराने से पहले मिस्टी ने बताया पैकेज

 

लड़कियों की बड़ी सप्लायर तक पहुंचाने से पहले मिस्टी ने दोबारा रिपोर्टर से डील की। मिस्टी ने लड़कियों की फोटो दिखाई और फिर पैकेज पर पूरी बात की। इस डील में वह रिपोर्टर का बजट और नेताओं में पकड़ जानना चाहती थी। मिस्टी ने भाजपा और कांग्रेस की महिला नेताओं का खुलासा किया, जो लड़कियों की सप्लाई कर रही हैं।

 

मिस्टी - फोटो दिखाते हुए, यह पसंद है, थोड़ी सी सांवली है, लेकिन खुश कर देगी।

रिपोर्टर - देखिए, इलेक्शन का काम है, इसमें आप अच्छा समझ के ही दीजिए।

मिस्टी - देखिए, सारा फोटो देखिए, सब एक से बढ़कर एक हैं।

रिपोर्टर - इनका बजट क्या होता है?

मिस्टी - 10 दिन का पैकेज होगा, एक दिन का 5 से 10 हजार देना होगा।

रिपोर्टर - रेट कैसे तय होता है?

मिस्टी - लड़की देखकर पैसा तय होता है, जैसी अदा वैसा पैसा। डे और नाइट का अलग-अलग रेट होता है।

रिपोर्टर - देखिए, एक्सपीरियंस वाला चाहिए।

मिस्टी - हम जो भी देंगे, एक्सपीरियंस वाला ही देंगे, ताकि अच्छे से हर किसी को खुश कर सके।

रिपोर्टर - फोटो वाली लड़कियां नेताओं के पास गई हैं या नहीं?

मिस्टी - हां-हां, गई हैं ना, माही है यहां से लेकर भुवनेश्वर तक गई हैं।

रिपोर्टर - तब ठीक है, इसके अलावा भी कुछ है क्या?

मिस्टी - झारखंड में एक दीदी हैं जो भाजपा से जुड़ी हुई हैं, दो दीदी हैं जो कांग्रेस से जुड़ी हैं। वह बड़ा काम करती हैं।

रिपोर्टर – धनबाद में कुछ है क्या?

मिस्टी – हां, धनबाद में बहुत है-विकास है, गुड़िया है, अब उनके ऊपर निर्भर करेगा, लेकिन मैं काम करा दूंगी।

रिपोर्टर - लड़कियां नेताओं के लिए हैं ना?

मिस्टी - हां-हां, मैं काम कराई हूं, उन लोगों से, अच्छा से काम किया था।

रिपोर्टर - आपकी नेता दीदी का काम कैसा है?

मिस्टी - भाजपा और कांग्रेस वाली दीदी सब अच्छा से काम कराती हैं। वह हर कास्ट की लड़कियां रखती हैं। दिल्ली की चलेगी क्या।

रिपोर्टर - हां, चल जाएगी।

मिस्टी - देखते हैं, धनबाद से होता है तो ठीक है, नहीं तो दिल्ली से करवा दूंगी। हमें अमाउंट बता दीजिए, लड़कियों को तय करना होगा।

रिपोर्टर - ठीक है, एकसाथ सभी लोग बैठकर बात कर लेंगे।

मिस्टी - मेरी शादी नहीं हुई है, लेकिन पटना में शादीशुदा की तरह रहना पड़ता है।

हमने जब चुनाव के लिए 50 लड़कियों की डिमांड की तो मिस्टी हमें फूल जोशी से मिलवाने झारखंड के धनबाद लेकर आई।

हमने जब चुनाव के लिए 50 लड़कियों की डिमांड की तो मिस्टी हमें फूल जोशी से मिलवाने झारखंड के धनबाद लेकर आई।

 

डील के लिए धनबाद ले गई मिस्टी

 

अब तक रिपोर्टर पर मिस्टी को पूरा भरोसा हो गया था। वह लड़कियों की सप्लाई के लिए साथ काम करने को तैयार हो गई थी। पूरा सेटअप तैयार करने और लड़कियों की सेटिंग के लिए उसने रिपोर्टर को धनबाद चलने के लिए कहा।

रिपोर्टर से ही ट्रेन की टिकट कराई, किसी तरह का शक नहीं हो इसलिए रिपोर्टर को साथ लेकर गई। धनबाद में मिस्टी ने जिस महिला को बड़े नेटवर्क वाली सप्लायर बताकर मिलाया वह झारखंड भाजपा की बड़ी लीडर निकली।

मिस्टी ने झारखंड के धनबाद में एक रेस्टोरेंट में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री फूल जोशी से हमारी मुलाकात कराई। फूल जोशी ने दावा किया कि वह बिहार विधानसभा चुनाव में कैंपेन करेंगी। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें बिहार चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी है।

मिस्टी ने प्लान समझाया तो फूल जोशी लड़कियों की व्यवस्था करने में जुट गईं। थोड़ी ही देर में उन्होंने बिहार, झारखंड ही नहीं देश के अन्य कई राज्यों से लेकर नेपाल तक की लड़कियों को खंगाल लिया।

फूल जोशी ने दावा किया कि वह चुनाव में बाढ़ में एनडीए कैंडिडेट के साथ रहेंगी।

 

रिपोर्टर से भाजपा लीडर फूल जोशी की पूरी डील...

 

फूल - आप लोग प्रोफेशनल हैं, या किसी के लिए काम कर रहे हैं।

रिपोर्टर - हम चुनाव के लिए काम कर रहे हैं, 2020 में भी अपना काम हुआ था।

फूल - हम बीजेपी के प्रदेश मंत्री हैं, हमे बाढ़ में कैंपेन की जिम्मेदारी मिली है।

रिपोर्टर - आप बिहार में रहिएगा तो काम आसान होगा।

फूल - बाढ़ में रहेंगे, सब करा देंगे। लड़कियों की सेफ्टी और पेमेंट की कंडीशन तय कर लीजिए।

रिपोर्टर - आपने पार्टी के लिए प्रोवाइड कराई हैं कि नहीं?

फूल - मैं अपनी पार्टी के लिए नहीं कराई हूं।

रिपोर्टर - हमें ऐसी लड़की चाहिए जो नेताओं को पसंद आएं।

फूल - हां, एक से बढ़कर एक होंगी। कैसे ले जाइएगा, 2 दिन के लिए या लंबे समय के लिए।

रिपोर्टर - सिस्टम क्या है, आप तो ज्यादा जानती होंगी।

फूल - देखिए, आप 2 से 4 लड़की ले जाएंगे या और ज्यादा चाहिए।

रिपोर्टर - हमें अधिक चाहिए। आपको तो सब पता होगा, बड़े पद पर ऐसे नहीं पहुंची हैं।

फूल - कोई भी घर छोड़कर जाएगा तो उसे उस हिसाब से पैसा चाहिए।

रिपोर्टर - हमें तो पूरी तरह से प्रोफेशनल ही चाहिए।

फूल जोशी ने हमें कहा, कि विधायक और पार्टी के बड़े नेताओं को इस नेटवर्क के बारे में सब पता है, लेकिन कोई कुछ बोल नहीं सकता है।

फूल जोशी ने हमें कहा, कि विधायक और पार्टी के बड़े नेताओं को इस नेटवर्क के बारे में सब पता है, लेकिन कोई कुछ बोल नहीं सकता है।

 

फूल जोशी बोली - कई राज्यों में भेजती है लड़कियां

 

भाजपा नेता फूल जोशी ने दावा किया, वह झारखंड बिहार ही नहीं कई राज्यों में लड़कियां भेजती हैं। जैसा पैसा मिलता है, वैसी लड़कियां भेजी जाती हैं।

रिपोर्टर - कहां, कहां भेजती हैं लड़कियां?

फूल - कई राज्यों में भेजती हूं, जयपुर तक भेजी है। स्पेशल डिमांड थी।

रिपोर्टर - कैसी स्पेशल लड़कियां।

फूल - सुंदर सेक्सी वाली, यही नेताओं को भी चाहिए होती है। ऐसी ही डिमांड देवघर में बालू माफिया की थी।

रिपोर्टर - कहां से आई थीं लड़कियां।

फूल - सब अपने नेटवर्क होती हैं, पैसे से मतलब है। मैंने बोल दिया, अच्छा पैसा मिलेगा तो चली गईं।

ये बीजेपी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष का लेटर है जो फूल जोशी ने हमें दिखाया। इसमें उसका नाम 15 नंबर पर है। उसका पद अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री है।

ये बीजेपी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष का लेटर है जो फूल जोशी ने हमें दिखाया। इसमें उसका नाम 15 नंबर पर है। उसका पद अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री है।

 

एक नेता के लिए एक टाइम पर 2-2 लड़कियों का अरेजमेंट

 

डील के दौरान रिपोर्टर के सामने ही मिस्टी और फूल की बातचीत ने चौंका दिया। दोनों ने एक नेता के लिए एक साथ एक समय पर 2-2 लड़कियों को भेजी हैं। इतना ही नहीं एक लड़की के साथ 2-2 नेताओं को भी भेज देती हैं। देखिए नेताओं के क्या-क्या शौक हैं।

मिस्टी - दीदी एक नेता के लिए दो लड़की तैयार हो जाएंगी ना।

फूल - हां-यार, तैयार हो जाएंगी, क्यों नहीं होगी। पेमेंट क्या देंगे ये मायने रखता है।

मिस्टी - जिसने बाहर काम किया है, वह सब संभाल लेगी। हमने भी काम किया है, मुझे पता है।

फूल - दो-तीन लेकर चले जाइए, पहले काम कराकर देख लीजिए। अच्छा हुआ तो और लड़की देंगे।

रिपोर्टर - नेता लोग ऐसा ही चाहते हैं क्या।

फूल - हां, यही तो होता है। आप पहले 6 से 7 लड़कियां ले जाइए, फिर चुनाव में जितनी चाहिएगा उतनी देंगे।

रिपोर्टर - अभी शुरुआत ही हम 50 से करना चाहते हैं।

फूल - देखिए, आप दोनों नए हैं, ना हम आपको जानते हैं और ना आप हमें जानते हैं। पहले थोड़ा विश्वास बढ़ जाए।

फूल जोशी ने हमें अपने फेसबुक पर बिहार चुनाव के कैंपेन के दौरान की तस्वीर दिखाई।

फूल जोशी ने हमें अपने फेसबुक पर बिहार चुनाव के कैंपेन के दौरान की तस्वीर दिखाई।

 

मिस्टी बोली हॉस्टल से नेताओं के पास जाएंगीं लड़कियां

 

फूल जोशी से मिस्टी ने कहा, लड़कियां पटना में गर्ल्स हॉस्टल में मैं रखवा दूंगी। सेफ्टी की तो चिंता ही नहीं है। सब सुरक्षित मेरी निगरानी में रहेंगी। रिपोर्टर ने जब लड़कियों से बात कराने को कहा तो फूल जोशी और मिस्टी ने 12 से ज्यादा लड़कियों से वीडियो कॉल पर बात करा दी।

दोनों ने बात कराते हुए उनसे यह भी सवाल किया कि नेताओं को खुश करने के लिए जाना है, कैसे काम करोगी बता दो। लड़कियों ने अपना एक्सपीरियंस और काम करने का तरीका भी वीडियो कॉल पर बताया।

फूल जोशी ने झारखंड, यूपी, एमपी, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और नेपाल की लड़कियों से वीडियो कॉल पर बात कराई। दोनों ने दो से ढाई घंटे का समय मांगा और कहा आपकी चॉइस की लड़कियों को साथ भेज देंगे।

इस दौरान मिस्टी और फूल जोशी ने मोबाइल पर 70 से अधिक लड़कियों की फोटो उनकी प्रोफाइल के साथ दिखाई। बाद में दोनों ने मिलकर लड़कियों की फोटो भी प्रोफाइल के साथ हमें वॉट्सऐप पर भेजीं।

 

 

विधायक जानता है, पूछने की हिम्मत नहीं होती

 

फूल जोशी ने ये स्वीकार किया कि वह लड़कियों की सप्लाई करती है, इसकी जानकारी पार्टी के कई लोगों को है। यहां तक की उसने विधायक के बारे में कहा, वह जानते हैं लेकिन कभी पूछ नहीं पाए। पूछने की हिम्मत नहीं होती है।

मुझसे सवाल पूछने की हिम्मत कोई नहीं करता है। फूल ने बताया, इतने बड़े-बड़े नेताओं से संपर्क है, अपनी छवि भी तो बचानी रहती है। इसलिए बड़ा अलर्ट होकर सारा काम किया जाता है।

रिपोर्टर - आप पॉलिटिक्स में हैं, आपको तो नेताओं के लिए व्यवस्था करनी पड़ती होगी।

फूल - सब सीक्रेट होता है, सबको पता भी नहीं। विधायक को पता चला, लेकिन पूछने की हिम्मत नहीं हुई।

रिपोर्टर - आपके बारे में विधायक को पता है?

फूल - हां, बिहार के भी कई नेताओं से अच्छा संबंध है, नेताओं से मुलाकात होती है तो बिहार बुलाते हैं।

रिपोर्टर - आपको पार्टी में लड़कियां देनी पड़ती होंगी, आप इतने बड़े पद पर ऐसे नहीं पहुंची होंगी।

फूल - नहीं मैं पार्टी में नहीं देती हूं, बाहर के लिए सब काम होता है। बहुत वीआईपी लोग हैं, डिमांड करते हैं।

रिपोर्ट - पैकेज क्या होता है, हमारा सिस्टम क्या होगा?

फूल - पैकेज वाला लीजिएगा, 10 दिनों का पैकेज ले लीजिए। दो तरह से काम होता है, आप जैसा चाहिए।

रिपोर्टर - बता दीजिए, हम तैयार रहेंगे।

फूल - रेट और लड़कियों के एक्सपीरियंस के साथ डे व नाइट का अलग-अलग पैकेज होता है।

रिपोर्टर - लड़कियां कहां धनबाद से जाएंगी?

फूल - वहां के लोग लोकल नहीं मांगते हैं। धनबाद से लेकर कई शहरों से भेजा जाता है।

रिपोर्टर - झारखंड पूरा बिहार संभालता है, 99 प्रतिशत धनबाद का एजेंट सप्लाई देता है।

ऑपरेशन डर्टी पॉलिटिक्स के पार्ट-2 में कल देखिए विदेशों से कैसे मंगाई जाती हैं लड़कियां और कैसे चलता है एजेंट्स का पूरा नेटवर्क....

Tags

#bpwwomanleader #girlssupply #girls-hostel #patna #biharnews #politicalscandal #sextrafficking #mla #bjp
Popular post
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

देश

View more
दावा-अफसर रिटायर होकर 20 साल बुक पब्लिश नहीं करा सकेंगे
जनरल नरवणे की किताब पर विवाद के बीच सरकार का बड़ा कदम; जानें क्या हैं नए नियम।

पूर्व अधिकारियों के लिए 20 साल का 'कूलिंग-ऑफ पीरियड'? जनरल नरवणे की अनपब्लिश किताब से शुरू हुआ नया राष्ट्रीय विवाद नई दिल्ली | 14 फरवरी 2026 भारत सरकार सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सेवा से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक करने के नियमों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, अब रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ पदों पर रहे अधिकारियों के लिए 20 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू किया जा सकता है। इस अवधि के दौरान वे अपनी सर्विस से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी या घटनाओं पर आधारित पुस्तक प्रकाशित नहीं कर सकेंगे। यह मुद्दा पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” (Four Stars of Destiny) को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच गरमाया है। 1. कैबिनेट में उठी कूलिंग-ऑफ पीरियड की मांग हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आधिकारिक एजेंडे से हटकर इस विषय पर चर्चा हुई। मंत्रियों की राय: कई वरिष्ठ मंत्रियों ने सुझाव दिया कि सैन्य और खुफिया सेवाओं जैसे अति-संवेदनशील पदों से रिटायर होने वाले अधिकारियों के लिए किताब लिखने से पहले एक लंबी समय-सीमा तय होनी चाहिए। उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को प्रभावित करने वाली गोपनीय जानकारियों को 'समय से पहले' सार्वजनिक होने से रोकना है। संभावित आदेश: हालांकि अभी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्द ही इस पर नए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। 2. जनरल नरवणे की किताब: विवाद की जड़ क्या है? जनरल एमएम नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे। उनकी आत्मकथा "फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी" जनवरी 2024 में रिलीज होनी थी, लेकिन यह रक्षा मंत्रालय के पास अटकी हुई है। विवाद के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: लद्दाख सीमा विवाद (2020): किताब में कथित तौर पर दावा किया गया है कि 31 अगस्त 2020 को कैलाश रेंज में चीनी उकसावे का जवाब देने के लिए सरकार की ओर से तत्काल कोई राजनीतिक निर्देश नहीं मिला था। सेना को अपने स्तर पर निर्णय लेने पड़े थे। अग्निपथ योजना: किताब के कुछ अंशों में 'अग्निपथ योजना' (अग्निवीर) के शुरुआती प्रस्ताव और कार्यान्वयन को लेकर भी खुलासे होने की बात कही गई है, जिसे सरकार असहज मान रही है। गैर-कानूनी सर्कुलेशन: राहुल गांधी द्वारा संसद में इस किताब का जिक्र करने के बाद इसका PDF और मैन्युस्क्रिप्ट सोशल मीडिया पर लीक हो गई। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है और कॉपीराइट उल्लंघन की जांच कर रही है। 3. वर्तमान नियम और कानून की स्थिति अभी रिटायर अधिकारियों के लिए निम्नलिखित कानूनी प्रावधान लागू होते हैं: नियम/कानून विवरण CCS Rules 1972 (2021 संशोधन) संवेदनशील या सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रकाशित करने से पहले संबंधित विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (OSA) राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गोपनीय डेटा को सार्वजनिक करना दंडनीय अपराध है। डिफेंस मिनिस्ट्री क्लियरेंस सैन्य अधिकारियों के लिए अपनी सर्विस लाइफ पर किताब लिखने के लिए सेना और मंत्रालय से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लेना होता है। 4. राहुल गांधी और 'किताब राजनीति' नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 4 फरवरी को संसद में किताब की एक प्रति (Copy) दिखाकर सरकार को घेरा था। उनका तर्क है कि जब किताब के प्री-ऑर्डर लिंक उपलब्ध थे और कुछ अंश न्यूज़ एजेंसियों ने छापे थे, तो इसे 'अनपब्लिश' मानकर चर्चा से रोकना गलत है। वहीं, सरकार का कहना है कि बिना क्लियरेंस के किसी संवेदनशील किताब के अंशों का राजनीतिक उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ है। 5. क्या होगा 20 साल के नियम का असर? अगर 20 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू होता है, तो: मेमॉयर (संस्मरण) पर रोक: कोई भी पूर्व सचिव, सेना प्रमुख या खुफिया एजेंसी का प्रमुख अपनी सेवा के अनुभव 20 साल तक नहीं लिख पाएगा। ऐतिहासिक रिकॉर्ड की कमी: विशेषज्ञों का मानना है कि इससे समकालीन इतिहास के सैन्य और प्रशासनिक दृष्टिकोण लुप्त हो सकते हैं। गोपनीयता की सुरक्षा: सरकार का मानना है कि 20 साल बाद कई संवेदनशील अभियान 'डिक्लासिफाइड' हो जाते हैं, तब उनका खुलासा करना देश के लिए कम जोखिम भरा होता है।

रवि चौहान फ़रवरी 14, 2026 0
लोकसभा में 'हरदीप पुरी इस्तीफा दो' के नारे लगे

9 मार्च तक स्थगित हुई संसद; निशिकांत दुबे का आरोप- राहुल गांधी कर रहे देश के बंटवारे की प्लानिंग।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा

राहुल गांधी के खिलाफ 'लाइफटाइम बैन' का प्रस्ताव; निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस को सुनाई खरी-खोटी।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा

निशिकांत दुबे ने की राहुल गांधी को उम्रभर के लिए बैन करने की मांग; किरेन रिजिजू ने जारी किया 'गाली-गलौज' वाला वीडियो।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं आएगा
निशिकांत दुबे ने की राहुल गांधी को उम्रभर के लिए बैन करने की मांग; किरेन रिजिजू ने जारी किया 'गाली-गलौज' वाला वीडियो।

संसद में महासंग्राम: राहुल गांधी की सदस्यता पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग; निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' और 'चैंबर हंगामे' के वीडियो पर छिड़ी जंग नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे तीखे टकरावों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। जहाँ एक ओर उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश किया गया है, वहीं दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक 'लीक' वीडियो के जरिए विपक्ष पर स्पीकर के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम और संसद के भीतर-बाहर चल रहे घमासान का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का बड़ा दांव: राहुल गांधी पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश किया। आरोप: दुबे का दावा है कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं और संसद में लगातार झूठ बोल रहे हैं। मांग: उन्होंने मांग की है कि न केवल राहुल की संसद सदस्यता रद्द की जाए, बल्कि उन पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। क्या होता है सब्सटेंसिव मोशन? यह एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव होता है, जो किसी गंभीर मामले (जैसे राष्ट्रपति, जज या सांसद के आचरण) पर सदन की राय या फैसला लेने के लिए लाया जाता है। 2. किरेन रिजिजू का वीडियो बम: "स्पीकर के चैंबर में दी गईं गालियां" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर 4 फरवरी का एक वीडियो साझा किया, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। दावा: रिजिजू का कहना है कि 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में जबरन घुसे, उन्हें गालियां दीं और प्रधानमंत्री को धमकियां दीं। प्रियंका गांधी पर निशाना: रिजिजू ने आरोप लगाया कि यह सब प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुआ और उन्होंने सांसदों को उकसाया। प्रियंका की सफाई: प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "गाली देने वाली बात सरासर झूठ है। मैं वहां चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" 3. ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का राहुल को जवाब राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'किसानों के साथ गद्दारी' बताने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभाला: तथ्यों की सुरक्षा: गोयल ने स्पष्ट किया कि डील में 90-95% कृषि उत्पाद (डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, मक्का, दालें आदि) पूरी तरह बाहर रखे गए हैं ताकि भारतीय किसानों को कोई नुकसान न हो। हमला: गोयल ने कहा, "राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा हैं। वे देश को तेजी से आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते और विकास के खिलाफ हैं।" 4. राहुल गांधी का मीडिया पर पलटवार: "आप भाजपा के लिए काम कर रहे हैं" संसद के बाहर जब मीडिया ने राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल पूछा, तो वे भड़क गए: मीडिया की भूमिका पर सवाल: राहुल ने पत्रकारों से कहा, "क्या आज का कोड वर्ड 'प्रिविलेज मोशन' है? कल 'ऑथेंटिकेट' था। आप लोग पूरी तरह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, थोड़ा तो ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश कीजिए। यह देश के साथ अन्याय है।" अडानी-अंबानी का मुद्दा: राहुल अपनी इस बात पर कायम रहे कि अनिल अंबानी और अडानी के खिलाफ विदेशी फाइलों में सबूत हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है। 5. केसी वेणुगोपाल और सुप्रिया सुले का पक्ष केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस संगठन महासचिव ने कहा कि सरकार राहुल गांधी की आवाज दबाने के लिए चेयर (स्पीकर) पर दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा, "पिछली बार सदस्यता छीनी तो जनता ने और ज्यादा वोट दिए, इस बार फांसी देना चाहते हैं तो दे दें, हम सच बोलते रहेंगे।" सुप्रिया सुले: उन्होंने नए श्रम कानूनों (Labour Code) का विरोध करते हुए कहा कि जब देश के श्रमिक सड़कों पर हड़ताल कर रहे हैं, तब सदन में उनके खिलाफ बिल लाना अन्यायपूर्ण है। 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:15 AM सदन स्थगित विपक्ष के भारी हंगामे और 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के बीच लोकसभा 12 बजे तक स्थगित। 12:10 PM पीएम मोदी की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, भाजपा सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। 01:30 PM राहुल का बयान राहुल गांधी ने मीडिया को 'ऑब्जेक्टिव' रहने की सलाह दी। 02:15 PM मंडाविया का जवाब श्रम मंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड का हड़ताल से ज्यादा समर्थन हो रहा है। 02:30 PM पीएम की तारीफ मोदी ने निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के जवाब की सराहना की। 6. राहुल गांधी की सदस्यता का कानूनी इतिहास यह पहली बार नहीं है जब राहुल की सदस्यता पर तलवार लटकी है: मार्च 2023: 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता रद्द हुई थी। अगस्त 2023: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद सदस्यता बहाल हुई। नया संकट: निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' यदि स्वीकार होता है, तो यह राहुल गांधी के राजनीतिक करियर के लिए अब तक की सबसे बड़ी कानूनी और संवैधानिक चुनौती बन सकता है।

रवि चौहान फ़रवरी 12, 2026 0
सीतारमण बोलीं- पेट्रोल बंगाल में दिल्ली से ₹10 ज्यादा महंगा

निर्मला सीतारमण ने TMC और राहुल गांधी के आरोपों को धोया; अडाणी, GST और एपस्टीन फाइल्स पर संसद में भारी बवाल।

दिल्ली पुलिस ने पेंगुइन इंडिया को नोटिस भेजा

दिल्ली पुलिस का पेंगुइन इंडिया को नोटिस; 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के उन अंशों पर बवाल, जिन्होंने हिलाई मोदी सरकार।

लोकसभा में रिजिजू बोले- PM पर आरोप लगाया, सबूत दें

राहुल ने अडानी और एपस्टीन फाइल्स पर सरकार को घेरा; किरेन रिजिजू बोले- लाएंगे प्रिविलेज नोटिस।

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश
विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ पेश किया नोटिस; राहुल गांधी का जनरल नरवणे की किताब पर बड़ा दावा; अखिलेश बोले- बजट दिशाहीन।

संसद में महासंग्राम: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का ऐतिहासिक कदम; 'नरवणे बुक' और बजट पर घमासान नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में आज का दिन बेहद उथल-पुथल भरा रहा। बजट सत्र के 10वें दिन विपक्ष ने एक बड़ा संवैधानिक दांव खेलते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) का नोटिस पेश कर दिया। उधर, सदन के बाहर पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की किताब को लेकर राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच 'जुबानी जंग' तेज हो गई है। यहाँ आज की संसदीय कार्यवाही और विवादों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: मुख्य वजह और प्रक्रिया विपक्ष ने लोकसभा सचिवालय को दोपहर 1:14 बजे आधिकारिक नोटिस सौंपा। इस कदम के पीछे की कूटनीति और नियम निम्नलिखित हैं: आरोप: प्रस्ताव में कहा गया है कि स्पीकर ओम बिरला खुलेआम 'एकतरफा' तरीके से सदन चला रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों (जैसे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव) पर बोलने नहीं दिया गया और विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए 8 सांसदों को मनमाने ढंग से सस्पेंड किया गया। नोटिस पर हस्ताक्षर: कुल 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कांग्रेस, सपा, डीएमके और वामपंथी दल शामिल हैं। TMC का रुख: दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने फिलहाल इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे प्रस्ताव का समर्थन करते हैं लेकिन स्पीकर को जवाब देने के लिए 1-2 दिन का समय दिया जाना चाहिए था। राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं: सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुद इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं, जो एक सोची-समझी रणनीतिक दूरी हो सकती है। संवैधानिक प्रावधान: यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत दिया गया है। स्पीकर ने सेक्रेटरी जनरल को इस नोटिस की जांच करने का निर्देश दिया है। 2. सदन की कार्यवाही: हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल मंगलवार को लोकसभा में कामकाज के नाम पर केवल शोर-शराबा ही देखने को मिला: 11:00 AM: सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आ गए। महज 1 मिनट में कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विशेष बात यह थी कि आज स्पीकर की कुर्सी पर ओम बिरला नहीं, बल्कि पीसी मोहन बैठे थे। 12:00 PM: दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष ने 'वी वॉन्ट जस्टिस' के नारे जारी रखे। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने हाथ जोड़कर विपक्ष से बजट पर चर्चा करने की विनती की, लेकिन शोर नहीं थमा और सदन 2 बजे तक स्थगित हो गया। 02:00 PM: तीसरी बार कार्यवाही शुरू होने पर केपी तेनेट्टी ने चेयर संभाली। हंगामे के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट पर चर्चा की शुरुआत की। 3. 'नरवणे बुक' कॉन्ट्रोवर्सी: राहुल गांधी का बड़ा बयान सदन के बाहर राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर सरकार को घेरा: "या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन (पब्लिशर)। नरवणे ने खुद X पर पोस्ट किया था कि किताब उपलब्ध है। मैं पेंगुइन के बजाय एक पूर्व आर्मी चीफ की बात पर विश्वास करना चुनूंगा। सरकार इस किताब से डरी हुई है क्योंकि इसमें अग्निवीर, चीन विवाद और इंडो-US ट्रेड डील से जुड़ी असुविधाजनक बातें हैं।" उधर, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब पब्लिशर कह रहा है कि किताब छपी ही नहीं, तो राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं। 📊 बजट चर्चा: शशि थरूर और अखिलेश यादव के प्रहार जब 2 बजे बजट पर चर्चा शुरू हुई, तो विपक्ष ने सरकार के आर्थिक दावों की धज्जियां उड़ाईं: नेता मुख्य आरोप / बिंदु शशि थरूर सरकार केवल 'हेडलाइन मैनेजमेंट' करती है। जल जीवन और SC विकास योजनाओं का पैसा खर्च ही नहीं हुआ। आम जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ गया है। अखिलेश यादव यह बजट 'दिशाहीन' है। 11 साल से बजट आ रहा है लेकिन लोगों की आय नहीं बढ़ी। सरकार बताए कि '0' बड़ा है या '18' (टैक्स कटौती का संदर्भ)। अखिलेश यादव यूपी के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। यूएस डील के बाद विदेशी माल आएगा, तो हमारे किसान क्या उगाएंगे? 4. सत्ता पक्ष का बचाव और जवाबी हमला किरेन रिजिजू का वीडियो: रिजिजू ने 4 फरवरी के हंगामे का वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गुंडागर्दी कर रहे थे और पीएम की सीट तक पहुंच गए थे। गिरिराज सिंह का प्रहार: उन्होंने नेहरू पर कश्मीर को गिरवी रखने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। संख्या बल: रिजिजू ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के पास नंबर नहीं हैं, इसलिए वे अविश्वास प्रस्ताव के जरिए स्पीकर को हटा नहीं पाएंगे, वे केवल ड्रामा कर रहे हैं।

रवि चौहान फ़रवरी 10, 2026 0
पेंगुइन का दावा- नरवणे की किताब पब्लिश नहीं हुई

राहुल गांधी बनाम पेंगुइन इंडिया; 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के लीक होने पर दिल्ली पुलिस की FIR।

फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या

राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी की हत्या; कैदी अब्बू जट ने नीमका जेल में मार डाला।

राहुल बोले- स्पीकर ने कमिट किया, क्या आप बोलने देंगे

Lok Sabha Adjourned: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी; राहुल गांधी बोले- सरकार बहस से डर रही है।

0 Comments

Top week

टी-20 वर्ल्डकप- भारतीय खिलाड़ी परिवार के साथ नहीं रहेंगे
खेल

भारतीय क्रिकेटर वर्ल्ड कप के दौरान पत्नियों को साथ नहीं रख सकेंगे; नियम तोड़ा तो IPL से होंगे बाहर।

रवि चौहान फ़रवरी 10, 2026 0