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अल-फलाह यूनिवर्सिटी: आतंकी लिंक के बाद छात्रों ने माँगा नाम बदलना और फीस वापसी | मान्यता खतरे में?

रवि चौहान नवम्बर 23, 2025 0
अल-फलाह यूनिवर्सिटी
अल-फलाह यूनिवर्सिटी

दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी जांच के घेरे में: छात्रों और अभिभावकों का भविष्य दांव पर

 

दिल्ली में हुए कार बम विस्फोट के बाद से हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) लगातार सुर्खियों में है और गहन जांच के दायरे में आ गई है। यूनिवर्सिटी से कथित आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों के लिंक सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिसने परिसर में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

 

😟 छात्र और अभिभावक मांग रहे हैं नाम बदलने और फीस वापसी

 

यूनिवर्सिटी के विवादों में घिरने के बाद अब यहां पढ़ने वाले छात्र और उनके अभिभावक गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। वे यूनिवर्सिटी से नाम बदलने और फीस वापस करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि आतंकी लिंक के कारण उनके बच्चों के भविष्य और डिग्री की साख खतरे में पड़ गई है।

 

🎙️ वीसी और एमबीबीएस छात्रों के बीच तीखी बहस: 40 मिनट का ऑडियो वायरल

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए, यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर (VC), भूपिंदर कौर आनंद, एमबीबीएस कर रहे छात्रों को समझाने के लिए खुद क्लास में पहुंचीं। हालांकि, यह बातचीत छात्रों और वीसी के बीच तीखी बहस में बदल गई। इस नोकझोंक का लगभग 40 मिनट का एक ऑडियो रिकॉर्डिंग छात्रों द्वारा वायरल किया गया है।

कुछ छात्रों ने दावा किया कि वीसी ने उन्हें धमकाने के अंदाज में वीडियो रिकॉर्ड करने से रोक दिया था। यह घटना यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूदा तनाव और प्रशासन तथा छात्रों के बीच अविश्वास के माहौल को दर्शाती है।

 

🔗 यूनिवर्सिटी बनी आतंकी मॉड्यूल का केंद्र?

 

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की चर्चा का मुख्य कारण यहां के कुछ फैकल्टी सदस्यों का कथित रूप से आतंकी गतिविधियों से जुड़ा होना है:

  • डॉ. शाहीन सईद: यूनिवर्सिटी की फार्माकोलॉजिस्ट।

  • डॉ. मुजम्मिल शकील: सर्जन।

  • डॉ. उमर नबी: मेडिसिन डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर, जो दिल्ली में सुसाइड बॉम्बर बने थे।

इन हाई-प्रोफाइल फैकल्टी सदस्यों के आतंकी मॉड्यूल से कथित जुड़ाव के कारण यूनिवर्सिटी अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत अन्य जांच एजेंसियों के रडार पर है। इन एजेंसियों का यूनिवर्सिटी में लगातार आना-जाना लगा हुआ है।

 

😨 भय का माहौल और पलायन

 

यूनिवर्सिटी से आतंकियों के लिंक सामने आने के बाद, स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में गहरा भय व्याप्त हो गया है। कई अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य की चिंता में उन्हें यूनिवर्सिटी से लेकर जा रहे हैं, जिससे परिसर में एक तरह का पलायन देखने को मिल रहा है।

शनिवार को 25 से अधिक पेरेंट्स ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर अपने बच्चों के करियर पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंता जताई।

 

🗣️ वीसी का आश्वासन: "सब फेयर होगा"

 

बढ़ते विरोध और चिंताओं के बीच, वीसी भूपिंदर कौर आनंद खुद छात्रों और अभिभावकों को समझा रही हैं।

  • वीसी ने छात्रों को आश्वस्त किया कि "अभी माहौल अलग है" और जब तक कोई आधिकारिक आदेश नहीं आता, तब तक चिंता की कोई बात नहीं है

  • उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां लगी हुई हैं और जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह "फेयर ही होगा"

हालांकि, छात्रों को मीडिया से दूरी बनाए रखने के लिए सख्त हिदायत दी गई है, जिससे यह संदेश जाता है कि प्रबंधन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।

 

❓ छात्रों ने उठाया स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर सवाल

 

छात्रों ने यूनिवर्सिटी के बारे में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर भी सवाल उठाया। छात्रों ने पूरे बयान को क्लास में प्ले करके सुना और वीसी से यह मांग की कि यूनिवर्सिटी को खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


 

🎤 वीसी और छात्रों के बीच हुई बहस के तीखे अंश

 

वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में वीसी और छात्रों के बीच हुई बातचीत यूनिवर्सिटी के भीतर के तनावपूर्ण माहौल को स्पष्ट रूप से दर्शाती है:

 

📱 फोन रिकॉर्डिंग पर वीसी का गुस्सा

 

वीसी ने क्लास में प्रवेश करते ही छात्रों के हाथ में फोन देखकर नाराजगी व्यक्त की:

वीसी: "ये फोन बंद करो, कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला इससे। आप डॉक्टर्स हैं, क्या कर रहे हैं? आपको एड्रेस करने आई हूं। मैं कभी इमेजिन नहीं कर सकती कि आप लोग फोन उठा के वीडियो बना रहे हो। इतनी हिम्मत है आप में? आपका दिमाग तो बहुत तेज चल रहा है।"

वीसी का यह आक्रामक रुख छात्रों को वीडियो रिकॉर्डिंग से रोकने की कोशिश के रूप में देखा गया।

 

🏫 कॉलेज की पुरानी साख और मौजूदा जांच

 

वीसी ने कॉलेज की पिछली प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए वर्तमान स्थिति को संबोधित किया:

वीसी: "ये बहुत ही रेअर इस्टेब्लिस्ड कॉलेज है... हमारी यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी भी थी, लेकिन ये चीजें हमारे पकड़ में नहीं आई कि ये सब हो रहा है। अभी कॉलेज को लेकर जांच की जा रही है। मैं नहीं जानती क्या होने वाला है, लेकिन यूनिवर्सिटी में इतनी ज्यादा स्ट्रेंथ है कि कोई और इसकी जिम्मेदारी लेने में असमर्थ होगा। ये घटना इतनी बड़ी है कि मेरी कहानियां नहीं काम आएंगी। इसमें हायर अथॉरिटी से अलग ही फेयर डिसीजन लिया जाएगा।"

 

🛡️ सुरक्षा और हॉस्टल चेकिंग पर सवाल

 

छात्रों ने अपनी सुरक्षा और हॉस्टल में चेकिंग को लेकर तीखे सवाल पूछे:

स्टूडेंट्स: "मैम हमारी सिक्योरिटी का क्या होगा... बॉयज हॉस्टल की चेकिंग हो गई, गर्ल्स की क्यों नहीं हुई?"

वीसी: "क्या गर्ल्स हॉस्टल में चेकिंग नहीं हुई?"

 

📜 NAAC शोकॉज नोटिस पर गोलमोल जवाब

 

छात्रों ने NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) से यूनिवर्सिटी को मिले एक शोकॉज नोटिस के संबंध में भी सवाल किया:

स्टूडेंट्स: "मैम लास्ट थर्सडे को NAAC से एक शोकॉज नोटिस आया था और उसमें 7 पॉइंट्स दिए थे कॉलेज को और एक सप्ताह का समय दिया था। क्या आपने उसका आंसर दिया था?"

वीसी: "हम ऐसे नोटिस को भूल जाते हैं... NAAC जो है, वो कुछ समय पहले एक्सपायर हो गया था... हम ट्राई कर रहे हैं। NAAC का मेडिकल पर तो कोई असर नहीं पड़ेगा, यूनिवर्सिटी पर असर पड़ेगा।"

वीसी ने नोटिस के जवाब को स्पष्ट रूप से टाल दिया और विस्तृत जानकारी से बचने की कोशिश की। जब छात्रों ने नोटिस का तीसरा पॉइंट पढ़कर सुनाया, तो वीसी ने उनकी बात को अनदेखा कर दिया और यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर चर्चा शुरू कर दी।

 

🎓 AIU की सदस्यता और आतंकी गतिविधि का प्रभाव

 

छात्रों ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन (AIU) की सदस्यता समाप्त होने पर भी सवाल उठाया।

वीसी: "हमारे पास AIU की मेंबरशिप नहीं है। यूनिवर्सिटी से टेररिज्म एक्टीविटी से जुड़े लोग पकड़े गए हैं, जिसका असर हमारी सपोर्ट पर पड़ेगा, लेकिन हम अभी ठीक स्थान पर हैं, सब ठीक चल रहा है और जांच में सब फेयर ही होगा।"

 

🏷️ नाम बदलने की मांग

 

शुरुआत में वीसी ने पूछा कि क्या 'अल-फलाह' नाम से कोई समस्या थी, जिस पर छात्रों ने हाँ में जवाब दिया।

वीसी: "वैसे यहां ये सब नहीं होता तो भी क्या अल फलाह के नाम से प्रॉब्लम थी?" स्टूडेंट्स: "नहीं मैम हमें कोई प्रॉब्लम नहीं थी।"

लेकिन अब आतंकी लिंक सामने आने के बाद छात्रों की राय बदल गई है:

वीसी: "(एग्रेसिव होते हुए) क्या कभी किसी ने एड्रेस डाला हो और पाकिस्तान का एड्रेस आ गया हो?" स्टूडेंट्स: "नहीं मैम, एड्रेस में फरीदाबाद ही आता है।"

वीसी: "अल फलाह के नाम से कोई प्रॉब्लम नहीं है।" स्टूडेंट्स: "अब फर्क पड़ रहा है। अल फलाह के नाम से प्रॉब्लम है। अल फलाह का नाम बदलना चाहिए।"

यह बातचीत स्पष्ट करती है कि छात्र अब यूनिवर्सिटी के नाम से जुड़े नकारात्मक जुड़ाव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं और इसे अपने भविष्य के लिए खतरा मान रहे हैं।


 

👨‍👩‍👧‍👦 अभिभावकों का प्रतिनिधिमंडल और तीखे सवाल

 

22 नवंबर को यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी प्रबंधन से मिला। उन्होंने एक मांग पत्र सौंपा और प्रबंधन से कड़े सवाल पूछे।

  • अभिभावकों का सवाल: प्रबंधन ने ऐसे डॉक्टरों की नियुक्ति क्यों की, जिसने उनके छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया?

  • सबसे बड़ी चिंता: अगर यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द कर दी गई, तो उनके बच्चों का क्या होगा? उन्होंने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए मोटी रकम खर्च की है।

अभिभावकों की यह चिंता स्वाभाविक है, क्योंकि एमबीबीएस जैसी डिग्री के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं और अगर डिग्री देने वाली संस्था की साख खत्म हो जाती है, तो उनके बच्चों का करियर चौपट हो सकता है।

 

🛡️ प्रबंधन का दावा: मान्यता पर कोई खतरा नहीं

 

यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने अभिभावकों और छात्रों को आश्वस्त करने की कोशिश की है:

  • प्रबंधन का दावा: यूनिवर्सिटी की मान्यता को कोई खतरा नहीं है

  • उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद हरियाणा सरकार के कुछ लोगों ने यूनिवर्सिटी का दौरा किया था और कुछ कागजात लिए थे, लेकिन अभी तक उन्होंने कोई रिपोर्ट नहीं दी है

  • प्रबंधन का तर्क है कि अगर मान्यता को लेकर कोई बुरी खबर होती, तो वह अब तक आ जाती

 

⚖️ अल्पसंख्यक दर्जा खत्म होने को लेकर नोटिस जारी

 

स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है।

  • नोटिस का कारण: दिल्ली ब्लास्ट में आतंकवादियों का सीधा संबंध सामने आने के बाद आयोग ने यूनिवर्सिटी से पूछा है कि क्यों न यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक दर्जा रद्द कर दिया जाए।

  • सुनवाई की तारीख: इस मामले पर 4 दिसंबर को सुनवाई होगी, जिसमें यूनिवर्सिटी को अपना पक्ष रखना होगा।

यदि यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक दर्जा रद्द होता है, तो इसके संचालन, प्रवेश प्रक्रिया और फंडिंग पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे यूनिवर्सिटी की वित्तीय और प्रशासनिक स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।

 

🏥 25 से अधिक डॉक्टर छुट्टी पर गए

 

शनिवार को यूनिवर्सिटी से 25 से ज़्यादा डॉक्टर छुट्टी लेकर अपने घर चले गए। उन्होंने कहा कि वे सब सोमवार को वापस आ जाएंगे, लेकिन इस घटना ने भी परिसर में तनाव और अटकलों को बढ़ा दिया है। यह भी बताया गया है कि यूनिवर्सिटी में कश्मीरी डॉक्टरों की संख्या अच्छी खासी है, और इन डॉक्टर्स का एक साथ छुट्टी पर जाना मौजूदा जांच के माहौल में कई सवाल खड़े करता है।


 

🔮 भविष्य की अनिश्चितता

 

अल-फलाह यूनिवर्सिटी अब दोहरी लड़ाई लड़ रही है: एक ओर जांच एजेंसियों के साथ अपनी साख बचाने की, और दूसरी ओर अपने छात्रों और अभिभावकों के बढ़ते अविश्वास और विरोध का सामना करने की।

विश्वविद्यालय के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वह 4 दिसंबर को NCMEI की सुनवाई में अपना पक्ष मजबूती से रखे और जांच में पूरा सहयोग दे, ताकि छात्रों के भविष्य को बचाया जा सके। हालांकि, जिस तरह से नाम बदलने, फीस वापसी और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि यूनिवर्सिटी को अपनी छवि सुधारने और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए कड़े और पारदर्शी कदम उठाने होंगे।

फिलहाल, हजारों छात्रों का भविष्य, जिन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, इस विवादित यूनिवर्सिटी के भविष्य पर निर्भर करता है, जिस पर देश की सुरक्षा एजेंसियां कड़ी नजर रखे हुए हैं।


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दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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जम्मू–कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में घायल जवान शहीद
हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; किश्तवाड़ के जंगलों में जैश आतंकियों की तलाश जारी; जम्मू में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा।

किश्तवाड़ एनकाउंटर: हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 'ऑपरेशन त्राशी-1' के दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी, खौर सेक्टर में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़/जम्मू | 19 जनवरी 2026 जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ जारी जंग में भारत ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। रविवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में घायल हुए हवलदार गजेंद्र सिंह ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सेना ने अब इलाके में आतंकियों को घेरने के लिए 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत घेराबंदी और कड़ी कर दी है। 1. शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह को अंतिम विदाई रविवार शाम को किश्तवाड़ के सोनार गांव के जंगलों में हुई मुठभेड़ के दौरान 8 जवान घायल हुए थे। शहादत: हवलदार गजेंद्र सिंह को गंभीर चोटें आई थीं। सेना के अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मुठभेड़ का घटनाक्रम: रविवार शाम करीब 5:46 बजे तक आतंकियों और जवानों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी। सेना की 'वाइट नाइट कॉर्प्स' (White Knight Corps) के जवान अब अपने शहीद साथी का बदला लेने के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। 2. 'ऑपरेशन त्राशी-1': जंगलों में छिपे हैं जैश के आतंकी सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली है कि किश्तवाड़ के ऊपरी इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 2 से 3 खूंखार आतंकी छिपे हुए हैं। घेराबंदी: सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ को जोड़ने वाले घने जंगली रास्तों को चारों तरफ से सील कर दिया है। हाई-टेक सर्च: आतंकियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन कैमरों और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है। घने कोहरे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बावजूद सेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। 3. खौर सेक्टर में मिला 'PIA' लिखा पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़ में तनाव के बीच जम्मू के खौर सेक्टर (कचरियाल गांव) में एक संदिग्ध गुब्बारा मिलने से सनसनी फैल गई। दिखावट: यह गुब्बारा सफेद और हरे रंग का है और इसका आकार एक विमान (Aeroplane) जैसा है। संदिग्ध संकेत: गुब्बारे पर 'PIA' (Pakistan International Airlines) लिखा हुआ है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने इसे कब्जे में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि क्या यह केवल हवा के साथ आया है या इसके पीछे कोई जासूसी या उकसावे की साजिश है। 📊 जम्मू क्षेत्र में आतंकी घटनाएं: जनवरी 2026 तारीख स्थान विवरण 07 जनवरी कठुआ (बिलावर) सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच पहली मुठभेड़। 13 जनवरी कठुआ (नजोत जंगल) आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन और झड़प। 18-19 जनवरी किश्तवाड़ हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 7 अन्य जवान घायल। 19 जनवरी खौर सेक्टर पाकिस्तानी प्लेन के आकार का गुब्बारा बरामद। 4. गणतंत्र दिवस को लेकर हाई अलर्ट 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के मद्देनजर पूरे जम्मू संभाग में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। आतंकी साजिश: खुफिया इनपुट मिले हैं कि सीमा पार बैठे हैंडलर गणतंत्र दिवस के दौरान बड़ी गड़बड़ी करने के लिए आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहे हैं। एंटी-टेरर मिशन: सेना ने दिसंबर से ही जम्मू के जंगलों में छिपे करीब 35-40 आतंकियों को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रखा है।

रवि चौहान जनवरी 19, 2026 0
ईरान से लौटे भारतीय, दिल्ली एयरपोर्ट पर फूट-फूटकर रोए

ईरान में गृहयुद्ध के बीच वतन लौटे भारतीय छात्र; दिल्ली एयरपोर्ट पर छलक उठे आंसू; MEA ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी।

बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोंकी,हाईवे जाम किया

झारखंड में मजदूर की मौत पर बेलडांगा में भारी हिंसा; रेल और NH-12 जाम; सुवेंदु अधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप।

दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का एक्शन

140 करोड़ की संपत्ति अटैच; दिल्ली ब्लास्ट और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा टेरर लिंक; चेयरमैन पर चार्जशीट।

BMC चुनाव में वोट करने बॉलीवुड सेलेब्स पहुंचे
अक्षय कुमार ने युवती को दिया मदद का भरोसा; सचिन तेंदुलकर, आमिर खान और हेमा मालिनी ने डाला वोट।

BMC चुनाव 2026: मतदान केंद्रों पर उमड़ा बॉलीवुड; अक्षय कुमार से मदद मांगने पर युवती ने छुए पैर, सचिन ने परिवार संग डाला वोट महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए आज, 15 जनवरी 2026 को लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। मुंबई के 'पावरफुल' बीएमसी (BMC) चुनावों में सुबह से ही बॉलीवुड सितारों और खेल जगत की हस्तियों का जमावड़ा लगा हुआ है। अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर और आमिर खान जैसे दिग्गजों ने न केवल अपना वोट डाला, बल्कि मुंबईवासियों से 'असली हीरो' बनने की अपील भी की। 1. अक्षय कुमार: "रिमोट कंट्रोल हमारे हाथ में है" बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना के साथ जुहू के एक पोलिंग बूथ पर सबसे पहले वोट डालने वालों में शामिल रहे। अपील: अक्षय ने वोटिंग के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते हुए कहा, "आज का दिन वह है जब रिमोट कंट्रोल हमारे हाथों में होता है। अगर मुंबई का असली हीरो बनना है, तो सिर्फ डायलॉग नहीं, वोट डालना जरूरी है।" मदद का भाव: पोलिंग बूथ के बाहर एक युवती ने अक्षय को रोककर बताया कि उसके पिता भारी कर्ज में हैं। भावुक होकर युवती ने अक्षय के पैर छूने की कोशिश की, जिस पर अक्षय ने उसे रोकते हुए कहा, "बेटा ऐसा मत कर।" उन्होंने तुरंत अपने स्टाफ को युवती का नंबर नोट करने का निर्देश दिया और मदद का आश्वासन दिया। ट्विंकल का नजरिया: ट्विंकल खन्ना ने कहा कि वोट देना हमें अपनी कहानी तय करने की ताकत और नियंत्रण देता है। 2. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने सपरिवार किया मतदान क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि और बेटी सारा तेंदुलकर के साथ बांद्रा के एक मतदान केंद्र पर पहुँचे। संदेश: सचिन ने मतदान को एक विशेषाधिकार बताया और कहा कि यह हमारी राय व्यक्त करने का सबसे बड़ा जरिया है। उन्होंने युवाओं से बड़ी संख्या में बाहर आने का आग्रह किया। 3. आमिर खान का परिवार और अन्य दिग्गज सितारे मुंबई के अलग-अलग इलाकों में सितारों की चमक देखने को मिली: आमिर खान: एक्टर आमिर खान ने भी अपना वोट डाला। उनके साथ उनके बेटे जुनैद खान, बेटी इरा खान और पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण राव भी अलग-अलग समय पर मतदान केंद्रों पर नजर आए। अनुभवी कलाकार: 91 वर्षीय दिग्गज गीतकार गुलजार, हेमा मालिनी, राकेश रोशन और सुनील शेट्टी ने भी सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हेमा मालिनी की मांग: हेमा मालिनी ने कहा, "अगर हमें गड्ढा मुक्त सड़कें, सुरक्षा और स्वच्छ हवा चाहिए, तो जिम्मेदारी लेनी होगी और वोट देना होगा।" 📊 मतदान करने पहुंचे प्रमुख सितारों की सूची सेलिब्रिटी विशेष टिप्पणी अक्षय कुमार & ट्विंकल सुबह सबसे पहले पहुंचने वाले सितारों में से एक। सचिन तेंदुलकर पत्नी अंजलि और बेटी सारा के साथ बांद्रा में मतदान किया। हेमा मालिनी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर वोट की अपील की। जॉन अब्राहम अपने वृद्ध माता-पिता के साथ मतदान करने पहुंचे। श्रद्धा कपूर प्रशंसकों के बीच घिरीं, वोट डालकर युवाओं को प्रेरित किया। तमन्ना भाटिया मुंबई की प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान किया। नाना पाटेकर पुणे से 4 घंटे का सफर तय कर वोट डालने दादर आए। 4. मतदान की ताज़ा स्थिति (दोपहर 2:30 बजे तक) वोटिंग प्रतिशत: महाराष्ट्र में दोपहर 1:30 बजे तक औसत मतदान लगभग 25-30% के आसपास दर्ज किया गया है। कोल्हापुर में सबसे अधिक (37%) और पुणे में मतदान थोड़ा धीमा रहा। सुरक्षा: मुंबई में 25,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्याही मिटाने का प्रयास अपराध माना जाएगा।

रवि चौहान जनवरी 15, 2026 0
महाराष्ट्र की 29 नगर-निगम में वोटिंग जारी

स्याही विवाद पर राज ठाकरे के आरोप; BMC चुनाव में दिग्गजों ने डाला वोट; कल आएंगे नतीजे।

रांची ED ऑफिस में जांच करने पहुंची झारखंड पुलिस

पूछताछ के दौरान मारपीट के आरोप में ED दफ्तर पहुंची पुलिस; कैशियर संतोष कुमार ने दर्ज कराई FIR।

जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं

बंगाल में I-PAC पर छापा; दिल्ली, झारखंड और महाराष्ट्र का पैटर्न; क्या विपक्ष का आरोप सही है?

आर्मी चीफ बोले- पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव
ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है; बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव; पाकिस्तान को आर्मी चीफ की सीधी चेतावनी।

आर्मी चीफ की चेतावनी: ऑपरेशन सिंदूर जारी; बॉर्डर पार 8 आतंकी कैंप सक्रिय, दुस्साहस किया तो पाकिस्तान को मिलेगा 'करारा जवाब' भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी समाप्त नहीं हुआ है और भारतीय सेना किसी भी आतंकी या सैन्य दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी ताकत के साथ तैयार है। यहाँ आर्मी चीफ के संबोधन और सीमा की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. ऑपरेशन सिंदूर: रणनीतिक जीत और पाक को बड़ा झटका जनरल द्विवेदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण बताया। बड़ा नुकसान: इस ऑपरेशन के दौरान 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा। 88 घंटे का अभियान: 7 मई को शुरू हुई 22 मिनट की शुरुआती स्ट्राइक और उसके बाद 88 घंटे चले समन्वित हमले ने पाकिस्तान की 'परमाणु धमकी' (Nuclear Blackmail) की रणनीति को पूरी तरह कमजोर कर दिया। लक्ष्य: सेना ने 9 में से 7 चिन्हित आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। 2. सीमा पर 'ड्रोन' और आतंकी कैंपों की हलचल बॉर्डर पर हाल ही में देखे गए ड्रोनों को लेकर आर्मी चीफ ने स्थिति साफ की। रक्षात्मक ड्रोन: 10 से 12 जनवरी के बीच सीमा पर जो छोटे ड्रोन देखे गए, वे पाकिस्तान द्वारा यह जांचने के लिए भेजे गए थे कि भारतीय सेना कहीं ढिलाई तो नहीं बरत रही। 8 सक्रिय कैंप: आर्मी चीफ ने खुलासा किया कि LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं, जहाँ ट्रेनिंग चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भी गलती होने पर सेना तुरंत एक्शन लेगी। 📊 भारतीय सेना की उपलब्धियां और रणनीतिक रुख (2025-26) श्रेणी विवरण और आंकड़े आतंकी सफाया 2025 में 31 आतंकी ढेर (ज्यादातर पाकिस्तानी)। ऑपरेशन महादेव पहलगाम हमले के आतंकियों का खात्मा। पर्यटन में सुधार अमरनाथ यात्रा में 4 लाख+ श्रद्धालु (5 साल का रिकॉर्ड)। रणनीतिक रुख पाकिस्तान-चीन का 1963 समझौता 'अवैध' घोषित। 3. चीन-पाक गठजोड़ पर सख्त प्रहार जनरल द्विवेदी ने 1963 के पाक-चीन समझौते को पूरी तरह अवैध करार दिया। शक्सगाम घाटी: पाकिस्तान द्वारा शक्सगाम घाटी का क्षेत्र चीन को सौंपना भारत स्वीकार नहीं करता। CPEC का विरोध: सेना प्रमुख ने कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है और हम इसे दोनों देशों की अवैध कार्रवाई मानते हैं। 4. कश्मीर में बदलाव की बयार सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर की बदलती तस्वीर पर खुशी जताई। आतंक से पर्यटन की ओर: अब घाटी में विकास के काम तेज हुए हैं और पर्यटन लौट रहा है। शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है।

रवि चौहान जनवरी 13, 2026 0
इंदौर में 7 वाहन टकराए, कार पर चढ़ी पिकअप

महू के भेरू घाट पर 7 गाड़ियां भिड़ीं; ट्रक के ब्रेक फेल होने से कारों पर चढ़ा टैंकर; बाल-बाल बचे 8 लोग।

ममता बोलीं– मेरे पास शाह के खिलाफ पेन ड्राइव

ममता बनर्जी बनाम अमित शाह: "मेरे पास पेन ड्राइव है"; ED रेड पर TMC का महा-विरोध; कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई टली।

Agnivesh Agarwal Death News: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का निधन; स्कीइंग एक्सीडेंट के बाद न्यूयॉर्क में कार्डियक अरेस्ट।

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