देश

अल-फलाह यूनिवर्सिटी: आतंकी लिंक के बाद छात्रों ने माँगा नाम बदलना और फीस वापसी | मान्यता खतरे में?

रवि चौहान नवम्बर 23, 2025 0
अल-फलाह यूनिवर्सिटी
अल-फलाह यूनिवर्सिटी

दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी जांच के घेरे में: छात्रों और अभिभावकों का भविष्य दांव पर

 

दिल्ली में हुए कार बम विस्फोट के बाद से हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) लगातार सुर्खियों में है और गहन जांच के दायरे में आ गई है। यूनिवर्सिटी से कथित आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों के लिंक सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिसने परिसर में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

 

😟 छात्र और अभिभावक मांग रहे हैं नाम बदलने और फीस वापसी

 

यूनिवर्सिटी के विवादों में घिरने के बाद अब यहां पढ़ने वाले छात्र और उनके अभिभावक गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। वे यूनिवर्सिटी से नाम बदलने और फीस वापस करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि आतंकी लिंक के कारण उनके बच्चों के भविष्य और डिग्री की साख खतरे में पड़ गई है।

 

🎙️ वीसी और एमबीबीएस छात्रों के बीच तीखी बहस: 40 मिनट का ऑडियो वायरल

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए, यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर (VC), भूपिंदर कौर आनंद, एमबीबीएस कर रहे छात्रों को समझाने के लिए खुद क्लास में पहुंचीं। हालांकि, यह बातचीत छात्रों और वीसी के बीच तीखी बहस में बदल गई। इस नोकझोंक का लगभग 40 मिनट का एक ऑडियो रिकॉर्डिंग छात्रों द्वारा वायरल किया गया है।

कुछ छात्रों ने दावा किया कि वीसी ने उन्हें धमकाने के अंदाज में वीडियो रिकॉर्ड करने से रोक दिया था। यह घटना यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूदा तनाव और प्रशासन तथा छात्रों के बीच अविश्वास के माहौल को दर्शाती है।

 

🔗 यूनिवर्सिटी बनी आतंकी मॉड्यूल का केंद्र?

 

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की चर्चा का मुख्य कारण यहां के कुछ फैकल्टी सदस्यों का कथित रूप से आतंकी गतिविधियों से जुड़ा होना है:

  • डॉ. शाहीन सईद: यूनिवर्सिटी की फार्माकोलॉजिस्ट।

  • डॉ. मुजम्मिल शकील: सर्जन।

  • डॉ. उमर नबी: मेडिसिन डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर, जो दिल्ली में सुसाइड बॉम्बर बने थे।

इन हाई-प्रोफाइल फैकल्टी सदस्यों के आतंकी मॉड्यूल से कथित जुड़ाव के कारण यूनिवर्सिटी अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत अन्य जांच एजेंसियों के रडार पर है। इन एजेंसियों का यूनिवर्सिटी में लगातार आना-जाना लगा हुआ है।

 

😨 भय का माहौल और पलायन

 

यूनिवर्सिटी से आतंकियों के लिंक सामने आने के बाद, स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में गहरा भय व्याप्त हो गया है। कई अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य की चिंता में उन्हें यूनिवर्सिटी से लेकर जा रहे हैं, जिससे परिसर में एक तरह का पलायन देखने को मिल रहा है।

शनिवार को 25 से अधिक पेरेंट्स ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर अपने बच्चों के करियर पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंता जताई।

 

🗣️ वीसी का आश्वासन: "सब फेयर होगा"

 

बढ़ते विरोध और चिंताओं के बीच, वीसी भूपिंदर कौर आनंद खुद छात्रों और अभिभावकों को समझा रही हैं।

  • वीसी ने छात्रों को आश्वस्त किया कि "अभी माहौल अलग है" और जब तक कोई आधिकारिक आदेश नहीं आता, तब तक चिंता की कोई बात नहीं है

  • उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां लगी हुई हैं और जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह "फेयर ही होगा"

हालांकि, छात्रों को मीडिया से दूरी बनाए रखने के लिए सख्त हिदायत दी गई है, जिससे यह संदेश जाता है कि प्रबंधन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।

 

❓ छात्रों ने उठाया स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर सवाल

 

छात्रों ने यूनिवर्सिटी के बारे में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर भी सवाल उठाया। छात्रों ने पूरे बयान को क्लास में प्ले करके सुना और वीसी से यह मांग की कि यूनिवर्सिटी को खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


 

🎤 वीसी और छात्रों के बीच हुई बहस के तीखे अंश

 

वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में वीसी और छात्रों के बीच हुई बातचीत यूनिवर्सिटी के भीतर के तनावपूर्ण माहौल को स्पष्ट रूप से दर्शाती है:

 

📱 फोन रिकॉर्डिंग पर वीसी का गुस्सा

 

वीसी ने क्लास में प्रवेश करते ही छात्रों के हाथ में फोन देखकर नाराजगी व्यक्त की:

वीसी: "ये फोन बंद करो, कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला इससे। आप डॉक्टर्स हैं, क्या कर रहे हैं? आपको एड्रेस करने आई हूं। मैं कभी इमेजिन नहीं कर सकती कि आप लोग फोन उठा के वीडियो बना रहे हो। इतनी हिम्मत है आप में? आपका दिमाग तो बहुत तेज चल रहा है।"

वीसी का यह आक्रामक रुख छात्रों को वीडियो रिकॉर्डिंग से रोकने की कोशिश के रूप में देखा गया।

 

🏫 कॉलेज की पुरानी साख और मौजूदा जांच

 

वीसी ने कॉलेज की पिछली प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए वर्तमान स्थिति को संबोधित किया:

वीसी: "ये बहुत ही रेअर इस्टेब्लिस्ड कॉलेज है... हमारी यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी भी थी, लेकिन ये चीजें हमारे पकड़ में नहीं आई कि ये सब हो रहा है। अभी कॉलेज को लेकर जांच की जा रही है। मैं नहीं जानती क्या होने वाला है, लेकिन यूनिवर्सिटी में इतनी ज्यादा स्ट्रेंथ है कि कोई और इसकी जिम्मेदारी लेने में असमर्थ होगा। ये घटना इतनी बड़ी है कि मेरी कहानियां नहीं काम आएंगी। इसमें हायर अथॉरिटी से अलग ही फेयर डिसीजन लिया जाएगा।"

 

🛡️ सुरक्षा और हॉस्टल चेकिंग पर सवाल

 

छात्रों ने अपनी सुरक्षा और हॉस्टल में चेकिंग को लेकर तीखे सवाल पूछे:

स्टूडेंट्स: "मैम हमारी सिक्योरिटी का क्या होगा... बॉयज हॉस्टल की चेकिंग हो गई, गर्ल्स की क्यों नहीं हुई?"

वीसी: "क्या गर्ल्स हॉस्टल में चेकिंग नहीं हुई?"

 

📜 NAAC शोकॉज नोटिस पर गोलमोल जवाब

 

छात्रों ने NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) से यूनिवर्सिटी को मिले एक शोकॉज नोटिस के संबंध में भी सवाल किया:

स्टूडेंट्स: "मैम लास्ट थर्सडे को NAAC से एक शोकॉज नोटिस आया था और उसमें 7 पॉइंट्स दिए थे कॉलेज को और एक सप्ताह का समय दिया था। क्या आपने उसका आंसर दिया था?"

वीसी: "हम ऐसे नोटिस को भूल जाते हैं... NAAC जो है, वो कुछ समय पहले एक्सपायर हो गया था... हम ट्राई कर रहे हैं। NAAC का मेडिकल पर तो कोई असर नहीं पड़ेगा, यूनिवर्सिटी पर असर पड़ेगा।"

वीसी ने नोटिस के जवाब को स्पष्ट रूप से टाल दिया और विस्तृत जानकारी से बचने की कोशिश की। जब छात्रों ने नोटिस का तीसरा पॉइंट पढ़कर सुनाया, तो वीसी ने उनकी बात को अनदेखा कर दिया और यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर चर्चा शुरू कर दी।

 

🎓 AIU की सदस्यता और आतंकी गतिविधि का प्रभाव

 

छात्रों ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन (AIU) की सदस्यता समाप्त होने पर भी सवाल उठाया।

वीसी: "हमारे पास AIU की मेंबरशिप नहीं है। यूनिवर्सिटी से टेररिज्म एक्टीविटी से जुड़े लोग पकड़े गए हैं, जिसका असर हमारी सपोर्ट पर पड़ेगा, लेकिन हम अभी ठीक स्थान पर हैं, सब ठीक चल रहा है और जांच में सब फेयर ही होगा।"

 

🏷️ नाम बदलने की मांग

 

शुरुआत में वीसी ने पूछा कि क्या 'अल-फलाह' नाम से कोई समस्या थी, जिस पर छात्रों ने हाँ में जवाब दिया।

वीसी: "वैसे यहां ये सब नहीं होता तो भी क्या अल फलाह के नाम से प्रॉब्लम थी?" स्टूडेंट्स: "नहीं मैम हमें कोई प्रॉब्लम नहीं थी।"

लेकिन अब आतंकी लिंक सामने आने के बाद छात्रों की राय बदल गई है:

वीसी: "(एग्रेसिव होते हुए) क्या कभी किसी ने एड्रेस डाला हो और पाकिस्तान का एड्रेस आ गया हो?" स्टूडेंट्स: "नहीं मैम, एड्रेस में फरीदाबाद ही आता है।"

वीसी: "अल फलाह के नाम से कोई प्रॉब्लम नहीं है।" स्टूडेंट्स: "अब फर्क पड़ रहा है। अल फलाह के नाम से प्रॉब्लम है। अल फलाह का नाम बदलना चाहिए।"

यह बातचीत स्पष्ट करती है कि छात्र अब यूनिवर्सिटी के नाम से जुड़े नकारात्मक जुड़ाव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं और इसे अपने भविष्य के लिए खतरा मान रहे हैं।


 

👨‍👩‍👧‍👦 अभिभावकों का प्रतिनिधिमंडल और तीखे सवाल

 

22 नवंबर को यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी प्रबंधन से मिला। उन्होंने एक मांग पत्र सौंपा और प्रबंधन से कड़े सवाल पूछे।

  • अभिभावकों का सवाल: प्रबंधन ने ऐसे डॉक्टरों की नियुक्ति क्यों की, जिसने उनके छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया?

  • सबसे बड़ी चिंता: अगर यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द कर दी गई, तो उनके बच्चों का क्या होगा? उन्होंने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए मोटी रकम खर्च की है।

अभिभावकों की यह चिंता स्वाभाविक है, क्योंकि एमबीबीएस जैसी डिग्री के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं और अगर डिग्री देने वाली संस्था की साख खत्म हो जाती है, तो उनके बच्चों का करियर चौपट हो सकता है।

 

🛡️ प्रबंधन का दावा: मान्यता पर कोई खतरा नहीं

 

यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने अभिभावकों और छात्रों को आश्वस्त करने की कोशिश की है:

  • प्रबंधन का दावा: यूनिवर्सिटी की मान्यता को कोई खतरा नहीं है

  • उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद हरियाणा सरकार के कुछ लोगों ने यूनिवर्सिटी का दौरा किया था और कुछ कागजात लिए थे, लेकिन अभी तक उन्होंने कोई रिपोर्ट नहीं दी है

  • प्रबंधन का तर्क है कि अगर मान्यता को लेकर कोई बुरी खबर होती, तो वह अब तक आ जाती

 

⚖️ अल्पसंख्यक दर्जा खत्म होने को लेकर नोटिस जारी

 

स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है।

  • नोटिस का कारण: दिल्ली ब्लास्ट में आतंकवादियों का सीधा संबंध सामने आने के बाद आयोग ने यूनिवर्सिटी से पूछा है कि क्यों न यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक दर्जा रद्द कर दिया जाए।

  • सुनवाई की तारीख: इस मामले पर 4 दिसंबर को सुनवाई होगी, जिसमें यूनिवर्सिटी को अपना पक्ष रखना होगा।

यदि यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक दर्जा रद्द होता है, तो इसके संचालन, प्रवेश प्रक्रिया और फंडिंग पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे यूनिवर्सिटी की वित्तीय और प्रशासनिक स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।

 

🏥 25 से अधिक डॉक्टर छुट्टी पर गए

 

शनिवार को यूनिवर्सिटी से 25 से ज़्यादा डॉक्टर छुट्टी लेकर अपने घर चले गए। उन्होंने कहा कि वे सब सोमवार को वापस आ जाएंगे, लेकिन इस घटना ने भी परिसर में तनाव और अटकलों को बढ़ा दिया है। यह भी बताया गया है कि यूनिवर्सिटी में कश्मीरी डॉक्टरों की संख्या अच्छी खासी है, और इन डॉक्टर्स का एक साथ छुट्टी पर जाना मौजूदा जांच के माहौल में कई सवाल खड़े करता है।


 

🔮 भविष्य की अनिश्चितता

 

अल-फलाह यूनिवर्सिटी अब दोहरी लड़ाई लड़ रही है: एक ओर जांच एजेंसियों के साथ अपनी साख बचाने की, और दूसरी ओर अपने छात्रों और अभिभावकों के बढ़ते अविश्वास और विरोध का सामना करने की।

विश्वविद्यालय के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वह 4 दिसंबर को NCMEI की सुनवाई में अपना पक्ष मजबूती से रखे और जांच में पूरा सहयोग दे, ताकि छात्रों के भविष्य को बचाया जा सके। हालांकि, जिस तरह से नाम बदलने, फीस वापसी और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि यूनिवर्सिटी को अपनी छवि सुधारने और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए कड़े और पारदर्शी कदम उठाने होंगे।

फिलहाल, हजारों छात्रों का भविष्य, जिन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, इस विवादित यूनिवर्सिटी के भविष्य पर निर्भर करता है, जिस पर देश की सुरक्षा एजेंसियां कड़ी नजर रखे हुए हैं।


क्या आप चाहेंगे कि मैं आपको इस विषय से जुड़ी NIA की जांच या NCMEI के नोटिस के बारे में कोई विशिष्ट जानकारी ढूंढ कर दूं?

Tags

#AlFalahUniversity #अलफलाहयूनिवर्सिटी #DelhiBlast #TerrorLink #फरीदाबाद #HaryanaNews #StudentsFuture #VCStudentClash #NCMEI #ब्रेकिंगन्यूज़
Popular post
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

देश

View more
पटना यूनिवर्सिटी में नीतीश के कार्यक्रम में हंगामा
पटना यूनिवर्सिटी में CM नीतीश का विरोध: 147 करोड़ के भवनों का उद्घाटन; छात्रों ने डिप्टी CM को घेरा, VC के अपमान का लगाया आरोप।

पटना यूनिवर्सिटी में भारी हंगामा: CM नीतीश ने किया 147 करोड़ के भवनों का उद्घाटन; छात्र नेताओं ने 'डिप्टी CM गो बैक' के लगाए नारे पटना | 30 मार्च 2026 पटना विश्वविद्यालय (PU) के परिसर में आज उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवनों का उद्घाटन करने पहुंचे। एक तरफ जहां विश्वविद्यालय को आधुनिक बुनियादी ढांचा मिला, वहीं दूसरी ओर छात्र राजनीति और प्रशासनिक खींचतान ने कार्यक्रम के रंग में भंग डाल दिया। छात्र नेताओं के उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री को अपना संबोधन और कार्यक्रम महज 7 से 8 मिनट में समेटकर वहां से निकलना पड़ा। यहाँ इस हंगामे, उद्घाटन और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. क्यों भड़के छात्र? सम्मान और स्वायत्तता की लड़ाई हंगामे की मुख्य वजह कार्यक्रम के निमंत्रण और प्रोटोकॉल को लेकर रही। कुलपति की अनदेखी का आरोप: छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में खुद छात्र संघ और यहां तक कि कुलपति (VC) को भी उचित सम्मान या निमंत्रण नहीं दिया गया। "BJP ऑफिस नहीं बनने देंगे": छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि कैंपस को राजनीतिक अखाड़ा बनाया जा रहा है। उन्होंने कुलपति से कहा, "आप अपने लिए खड़े होइए सर, हम आपके साथ हैं। हम यूनिवर्सिटी को बीजेपी का कार्यालय नहीं बनने देंगे।" नारेबाजी: प्रदर्शनकारी छात्रों ने पटना डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को 'गो बैक' के नारों के साथ घेर लिया। 2. नीतीश कुमार का 8 मिनट का 'रैपिड' कार्यक्रम तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को अति संक्षिप्त रखा: पीछा करते छात्र: मुख्यमंत्री कैंपस में जहां-जाते, छात्र नेताओं का जत्था उनके पीछे-पीछे नारेबाजी करते हुए दौड़ता रहा। समर्थन और विरोध का संगम: हंगामे के बीच कुछ छात्र नीतीश कुमार के समर्थन में भी दिखे। उन्होंने "शेर आया, शेर आया" और "बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो" के नारे लगाए। कुछ छात्र हाथों में पोस्टर लिए थे जिस पर लिखा था— "हम छात्रों का अभिमान"। 3. 147.29 करोड़ की सौगात: क्या है खास? हंगामे से इतर, पटना यूनिवर्सिटी को आज दो अत्याधुनिक इमारतें मिली हैं जो शिक्षा और प्रशासन का नया केंद्र बनेंगी: भवन का नाम लागत विशेषता प्रशासनिक भवन (G+8) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 9 मंजिला इमारत, जहाँ विश्वविद्यालय का मुख्यालय शिफ्ट होगा। एकेडमिक भवन (G+9) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 10 मंजिला इमारत, जहाँ दरभंगा हाउस के सभी PG विभाग शिफ्ट होंगे। हाइ-टेक सुविधाएं: हर फ्लोर पर CCTV कैमरा, कंट्रोल रूम, मीटिंग हॉल और सेमिनार हॉल की व्यवस्था है। ईको-फ्रेंडली: परिसर में बिजली कटने की स्थिति के लिए विशाल सौर ऊर्जा (Solar) प्लांट और अपना विद्युत सब-स्टेशन बनाया गया है। 4. दरभंगा हाउस और वाणिज्य कॉलेज का नया ठिकाना नए भवनों के उद्घाटन के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे: दरभंगा हाउस: वर्तमान में यहाँ चल रहे सभी पोस्ट ग्रेजुएट (PG) विभाग नए एकेडमिक ब्लॉक में चले जाएंगे। वाणिज्य कॉलेज: खाली हुए दरभंगा हाउस में फिलहाल वाणिज्य कॉलेज को शिफ्ट किया जाएगा, जिससे छात्रों को अधिक स्थान मिल सकेगा। पार्किंग और गार्डन: तीन एकड़ में फैले इस परिसर में पार्किंग की आधुनिक व्यवस्था और सुंदर गार्डन का निर्माण भी किया जा रहा है। 5. समझाने की कोशिशें रहीं नाकाम जब छात्र बेकाबू होने लगे, तो सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने मोर्चा संभाला: विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी CM): उन्होंने छात्रों को शांत करने और उनकी बात सुनने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। सुनील कुमार (शिक्षा मंत्री): शिक्षा मंत्री ने भी छात्रों को समझाने का प्रयास किया कि यह विकास का कार्य है, लेकिन छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर गेट पर ताला लगाने की जिद पर अड़े रहे।

रवि चौहान मार्च 30, 2026 0
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा शब्बीर अहमद लोन दिल्ली में अरेस्ट

दिल्ली में लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन गिरफ्तार; मेट्रो में 'फ्री कश्मीर' पोस्टर से खुला बांग्लादेश-ISI का बड़ा आतंकी मॉड्यूल।

राहुल का आरोप- केवल RSS को ही विदेशी फंड मिलेगा:

चुनावी महासंग्राम 2026: राहुल गांधी का RSS पर हमला, तमिलनाडु में विजय का नामांकन और केरल में 'घर से वोटिंग' शुरू।

मोदी बोले- ईरान जंग जारी रही तो गंभीर दुष्परिणाम होंगे

पीएम मोदी का राज्यसभा में संबोधन: "आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा"; होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीयों पर जताई चिंता।

राहुल वडोदरा में बोले-मोदी 100% ट्रम्प के कंट्रोल में हैं:
राहुल गांधी का वडोदरा में वार: "मोदी ट्रम्प के दबाव में, अडाणी केस के जरिए अमेरिका दे रहा है धमकी"; आदिवासी अधिकारों पर बीजेपी को घेरा।

Gemini said राहुल गांधी का वडोदरा में बड़ा हमला: "मोदी 100% ट्रम्प के कंट्रोल में हैं; अडाणी केस असल में प्रधानमंत्री को धमकाने के लिए है" वडोदरा | 23 मार्च 2026 कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित 'आदिवासी अधिकार संवाद' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल ने वैश्विक भू-राजनीति से लेकर स्थानीय आदिवासी अधिकारों तक के मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि भारत की विदेश नीति और आर्थिक फैसले अब वाशिंगटन (अमेरिका) से तय हो रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में हैं। यहाँ राहुल गांधी के भाषण की विस्तृत रिपोर्ट और मुख्य बिंदु दिए गए हैं: 1. ट्रम्प-मोदी और अडाणी कनेक्शन: "कम्प्रोमाइज्ड हैं प्रधानमंत्री" राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी संसद में अमेरिका या ट्रम्प के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल पा रहे हैं: ट्रम्प का कंट्रोल: राहुल ने कहा, "मोदी जी ने लोकसभा में 25 मिनट भाषण दिया, लेकिन अमेरिका के खिलाफ चुप रहे। वे 100% ट्रम्प के कंट्रोल में हैं और संसद में डिबेट नहीं कर सकते क्योंकि वे कम्प्रोमाइज्ड (समझौतावादी) हैं।" अडाणी केस का सच: राहुल के मुताबिक, अमेरिका में अडाणी पर चल रहा कानूनी केस असल में पीएम मोदी को संदेश देने के लिए है। उन्होंने दावा किया कि ट्रम्प का सीधा मैसेज है— "ज्यादा ऊटपटांग हरकत की तो समझ लेना, मैं तुम्हारा करियर खत्म कर सकता हूं।" तेल और गैस पर सरेंडर: राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी ने ट्रम्प को आश्वासन दिया है कि भारत रूस, ईरान या वेनेजुएला से तेल खरीदने से पहले अमेरिका से पूछेगा। "आप जो हुक्म करेंगे, हम वही करेंगे"—यह आज की विदेश नीति बन गई है। 2. आदिवासी बनाम वनवासी: "जल-जंगल-जमीन" की लड़ाई राहुल गांधी ने आदिवासियों की पहचान और अधिकारों पर RSS-BJP की विचारधारा पर सवाल उठाए: असली मालिक: राहुल ने कहा कि 'आदिवासी' का मतलब है इस देश के असली मालिक, जिनकी इस जमीन पर पहली दावेदारी है। शब्दों का खेल: उन्होंने आरोप लगाया कि RSS 'वनवासी' शब्द का इस्तेमाल करके आदिवासियों को केवल जंगल का निवासी बताना चाहती है, ताकि उनसे उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकार छीने जा सकें। बिरसा मुंडा का अपमान: राहुल ने कहा कि बीजेपी बिरसा मुंडा की मूर्ति के सामने हाथ तो जोड़ती है, लेकिन उनके उन विचारों पर हमला करती है जिनके लिए वे शहीद हुए थे। 3. ट्रेड डील और किसानों का संकट राहुल ने हालिया भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चिंता जताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने भारत के कृषि क्षेत्र को अमेरिकी कॉर्पोरेट्स के लिए खोल दिया है: असमान मुकाबला: भारत में छोटे किसान (1-5 एकड़) हाथ से मेहनत करते हैं, जबकि अमेरिका में 10,000 एकड़ के खेतों में मशीनों से खेती होती है। नुकसान: अगर दाल, सोयाबीन, फल और कपास जैसे अमेरिकी उत्पाद बिना शुल्क के भारत आए, तो हमारे किसानों की कमर टूट जाएगी। पहले सरकार इस पर राजी नहीं थी, लेकिन अब ट्रम्प के दबाव में इसे लागू किया जा रहा है। 📊 राहुल गांधी के भाषण की 6 बड़ी बातें मुद्दा राहुल गांधी का बयान युद्ध का दावा ट्रम्प बार-बार कहते हैं कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध रुकवाया, यह हमारी सेना का अपमान है और मोदी चुप हैं। अडाणी का ढांचा मोदी और बीजेपी का पूरा फाइनेंशियल स्ट्रक्चर अडाणी है। सारा इन्फ्रास्ट्रक्चर उन्हें सौंप दिया गया है। प्रतिनिधित्व अडाणी की कंपनी, निजी अस्पतालों या यूनिवर्सिटी के मालिकों में एक भी आदिवासी नहीं मिलेगा। निजीकरण पब्लिक सेक्टर खत्म किए जा रहे हैं ताकि दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का रिजर्वेशन खत्म हो जाए। संविधान पर हमला जब आदिवासियों की जमीन बिना मुआवजे के छीनी जाती है, तो वह सीधे संविधान पर हमला है। जातिगत जनगणना जब भी मैं इसकी बात करता हूं, RSS-BJP मुझ पर आक्रमण करती है क्योंकि वे सच से डरते हैं। Export to Sheets 4. गुजरात निकाय चुनाव: मिशन 2026 राहुल गांधी का यह दौरा गुजरात में होने वाले आगामी स्थानीय निकाय (नगर निगम और जिला पंचायत) चुनावों के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है: चुनावों का ऐलान: गुजरात विधानसभा का सत्र 25 मार्च को खत्म हो रहा है। इसके ठीक बाद 26 मार्च को राज्य चुनाव आयोग चुनावों के शेड्यूल की घोषणा कर सकता है। कांग्रेस की सक्रियता: राहुल के इस दौरे के बाद कांग्रेस के अन्य केंद्रीय नेताओं के भी गुजरात आने की संभावना है। कांग्रेस आदिवासियों और किसानों के मुद्दों के सहारे राज्य में अपनी खोई हुई जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है।

रवि चौहान मार्च 23, 2026 0
अमेरिका की ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट

ट्रम्प प्रशासन का बड़ा दांव: ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट; 14 करोड़ बैरल तेल बाजार में आने से क्रूड की कीमतों में आएगी गिरावट!

दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 मौतें

दिल्ली पालम आग हादसा: साध नगर में 4 मंजिला बिल्डिंग जली, 9 की मौत (3 बच्चे शामिल); PM ने किया मुआवजे का ऐलान।

कंगना बोलीं- राहुल टपोरी की तरह संसद आते हैं

कंगना रनौत vs राहुल गांधी: "टपोरी जैसा व्यवहार, महिलाएं होती हैं अनकम्फर्टेबल"— भाजपा सांसद के बयान पर मचा बवाल।

बेगूसराय में CM नीतीश की सुरक्षा में चूक
नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा: बेगूसराय में बैल ने पुलिस को दौड़ाया; मंच से महिलाओं पर बिफरे CM, 'निशांत कुमार' के नारों से मची हलचल।

नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा': बेगूसराय में 330 करोड़ की योजनाओं की सौगात; मंच से महिलाओं को टोका— "कहां भाग रही हो", हेलीपैड पर बैल ने मचाया तांडव बेगूसराय/शेखपुरा | 14 मार्च 2026 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षी 'समृद्धि यात्रा' के तहत शनिवार को बेगूसराय पहुंचे। यहाँ उन्होंने विकास योजनाओं की झड़ी लगाते हुए विरोधियों पर तीखे प्रहार किए। हालांकि, यह यात्रा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि सुरक्षा में चूक, मंच पर नोक-झोंक और 'निशांत कुमार' के समर्थन में लगे नारों ने इस दौरे को काफी चर्चा में ला दिया है। यहाँ मुख्यमंत्री के बेगूसराय और शेखपुरा दौरे की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. सुरक्षा में बड़ी चूक: हेलीपैड पर बैल का 'आतंक' मुख्यमंत्री के आने से कुछ समय पहले बेगूसराय के हेलीपैड पर अफरा-तफरी मच गई: पुलिसवालों को दौड़ाया: एक आवारा बैल सुरक्षा घेरा तोड़कर हेलीपैड के अंदर घुस गया। बैल इतना आक्रामक था कि उसने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। फायर ब्रिगेड पर चढ़े जवान: बैल के हमले से बचने के लिए एक पुलिसकर्मी को जान बचाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी के ऊपर चढ़ना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद बैल को परिसर से बाहर खदेड़ा गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लैंड हुआ। 2. मंच से महिलाओं को टोका: "बैठिए और चुपचाप सुनिए" सभा के दौरान एक अजीब स्थिति पैदा हो गई जब संबोधन के बीच ही कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें सीधे टोकते हुए कहा: तल्ख तेवर: "अरे कहां भाग रही हो? हम बोलना बंद कर दें क्या? कोई पीछे भाग रहा है, कोई आगे। बैठिए अभी, हाथ उठाकर बताइए हम बोलें या नहीं? अब तो सब कुछ कर ही रहे हैं, फिर क्यों भाग रही हो? चुपचाप बैठिए और सुनिए।" 3. 'निशांत कुमार' के नारे और सियासी हलचल कार्यक्रम के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात तब हुई जब मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम (सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा) की मौजूदगी में भीड़ से नारे लगने लगे— "बिहार का CM कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो।" > निशांत कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं, जो आमतौर पर राजनीति से दूर रहते हैं। इन नारों ने भविष्य के उत्तराधिकार को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। 4. संबोधन की मुख्य बातें: 'जंगलराज' बनाम 'कानून का राज' नीतीश कुमार ने अपने भाषण में लालू यादव की पुरानी सरकार पर जमकर हमला बोला और अपनी उपलब्धियां गिनाईं: हिंदू-मुस्लिम शांति: CM ने कहा, "पहले आए दिन झगड़े होते थे। हमने कब्रिस्तानों की घेराबंदी की और मंदिरों की बाउंड्री बनवाई। आज सब जगह शांति है।" शिक्षा और स्वास्थ्य: 2005 से पहले बिहार की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, जिसे हमने मेडिकल कॉलेज खुलवाकर और शिक्षकों की भर्ती कर सुधारा। मुफ्त बिजली और सोलर: "गांव-गांव बिजली पहुँचाने के बाद अब हम सोलर पैनल लगा रहे हैं। आपकी छत पर सोलर लगेगा और खर्चा सरकार उठाएगी।" रोजगार का लक्ष्य: CM ने दावा किया कि अब तक 50 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है और अगले 5 सालों में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का लक्ष्य है। 📊 बेगूसराय और शेखपुरा: विकास का लेखा-जोखा जिला योजनाओं की संख्या कुल लागत (करोड़ में) मुख्य आकर्षण बेगूसराय 402 योजनाएं ₹330 करोड़ कैंपा कोला फैक्ट्री की आधारशिला, बियाडा कैंपस। शेखपुरा 100+ योजनाएं ₹300 करोड़+ सर्वा पंचायत का विकास, समीक्षा बैठक। जीविका दीदियां 9,715 समूह ₹578.09 करोड़ बैंक ऋण और चेक वितरण। 5. जीविका दीदियों को 'थैंक्यू' और सम्मान मुख्यमंत्री ने बेगूसराय में जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का जायजा लिया। उन्होंने दीदियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कई बार 'थैंक्यू' और 'बधाई हो' कहा। चेक वितरण: 578 करोड़ रुपये का बैंक ऋण ऋण चेक वितरित किया गया। अधिकार केंद्र: दीदियों को 'अधिकार केंद्र' की चाबियां सौंपी गईं, जो ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण का केंद्र बनेंगे। 6. शेखपुरा का दौरा: 2 घंटे 5 मिनट का प्रवास बेगूसराय के बाद CM शेखपुरा के बरबीघा पहुंचे। यहाँ सर्वा गांव में उन्होंने 300 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। दोपहर 2:55 बजे वे पटना के लिए रवाना हो गए।

रवि चौहान मार्च 14, 2026 0
5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू

LPG Crisis Update: 5 दिन बाद कमर्शियल सिलेंडर से हटी रोक; दिल्ली के होटलों में होगा कचरे से बनी गैस (RDF) का इस्तेमाल, यूपी-कर्नाटक में भारी छापेमारी।

फारूक अब्दुल्ला बोले- ऊपर वाले ने बचाया

जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला; सिर पर तानी रिवॉल्वर, बाल-बाल बचे। हमलावर कमल सिंह 5 दिन की रिमांड पर।

सरकार बोली- जरूरत की 60% LPG आयात करते हैं

LPG Crisis India: सरकार की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस; होर्मुज स्ट्रैट से 90% सप्लाई बाधित, पैनिक बुकिंग न करने की अपील।

0 Comments

Top week

बाबर-फखर चोट के बावजूद टी-20 वर्ल्डकप में चुने गए थे:
खेल

PCB का सनसनीखेज खुलासा: बाबर आजम और फखर जमान टी-20 वर्ल्ड कप में अनफिट थे; सिलेक्शन कमेटी और फिजियो पर उठे सवाल।

रवि चौहान मार्च 18, 2026 0