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धर्मेंद्र के 10 सबसे बड़े डायलॉग्स: 'बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना' से 'खून पी जाऊंगा' तक की पूरी कहानी

रवि चौहान नवम्बर 24, 2025 0
'ही-मैन' धर्मेंद्र की दहाड़
'ही-मैन' धर्मेंद्र की दहाड़

ही-मैन' धर्मेंद्र की दहाड़: 10 आइकॉनिक डायलॉग्स जिन्होंने भारतीय सिनेमा पर राज किया 

 

भारतीय सिनेमा के इतिहास में अगर किसी अभिनेता को 'ही-मैन' की उपाधि मिली, तो वह सिर्फ धर्मेंद्र सिंह देओल ही थे। उनका आकर्षक व्यक्तित्व, बेजोड़ सुंदरता और एक खास तरह का देसी, सहज अंदाज़ उन्हें भीड़ से अलग करता था। लेकिन जो चीज़ उन्हें एक लीजेंड बनाती थी, वह थी उनकी संवाद अदायगी (Dialogue Delivery)। धर्मेंद्र के डायलॉग में जोश, रोमांस, मासूमियत और देसी तेवर कूट-कूटकर भरे होते थे। उनकी आवाज़ में एक ऐसी गरज थी, जो रोमांस के दृश्यों में शहद घोल देती थी और एक्शन दृश्यों में आग लगा देती थी।

धर्मेंद्र के डायलॉग्स केवल संवाद नहीं थे; वे पीढ़ियों की जुबान बन गए, पोस्टर पर छपे और दशकों तक याद किए गए। 70 और 80 के दशक में, उनके डायलॉग्स नौजवानों की जुबां पर ऐसे रच-बस गए थे, जैसे वे उनके अपने जीवन का हिस्सा हों।

चलिए, आज हम भारतीय सिनेमा के इस महान कलाकार को उनके 10 सबसे मशहूर डायलॉग्स और उनकी संवाद अदायगी की शैली के विश्लेषण के साथ याद करते हैं।

 

1. धर्मेंद्र की संवाद अदायगी की अनूठी शैली

 

धर्मेंद्र का डायलॉग बोलने का अंदाज़ बाकी अभिनेताओं से अलग था। वह एक ऐसे अभिनेता थे जो अपने संवादों में 'पंजाबियत' का एक खास पुट लाते थे। उनकी आवाज़ गहरी, कर्कश (Gravelly) और बेहद मर्दाना थी।

  • देसीपन और सहजता: उनके संवादों में कोई बनावटीपन नहीं होता था। वह ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए थे, और उनकी भाषा में वही सहजता और ज़मीन से जुड़ाव दिखाई देता था, जिसने आम दर्शकों को उनसे जोड़ा।

  • भावनात्मक गहराई: चाहे वह गुस्से में हों, प्यार में हों या दुःख में, उनकी आवाज़ में किरदार की भावनाओं की सच्ची गहराई झलकती थी। 'सत्यकाम' (1969) में जब वे आदर्शों की बात करते थे, तो उनकी आवाज़ में ईमानदारी की गूँज होती थी।

  • रोमांस में मिठास: उनकी संवाद अदायगी का सबसे बड़ा कमाल यह था कि उनकी गहरी आवाज़ भी रोमांटिक दृश्यों में बेहद मिठास घोल देती थी।


 

2. 💣 10 सबसे मशहूर डायलॉग्स: जिन्होंने सिनेमा हॉल में तालियाँ गूंजा दीं

 

धर्मेंद्र के करियर में ऐसे कई डायलॉग्स हैं जिन्होंने इतिहास रचा, लेकिन ये 10 डायलॉग्स उनकी 'ही-मैन' छवि को सबसे बेहतरीन तरीके से परिभाषित करते हैं:

 

2.1. डायलॉग 1: "बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना।"

 

(फिल्म: शोले, 1975)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: यह डायलॉग भारतीय सिनेमा के इतिहास में संभवतः सबसे प्रसिद्ध और उद्धृत डायलॉग्स में से एक है। 'शोले' के चरमोत्कर्ष (Climax) में, जब गब्बर सिंह (अमजद खान) बसंती (हेमा मालिनी) को ज़बरदस्ती नचाता है और वीरू (धर्मेंद्र) को बेबस बांधकर रखा गया है, तब वीरू गुस्से, असहायता और अपमान के चरम पर यह डायलॉग बोलता है।

  • विश्लेषण: यह डायलॉग केवल एक संवाद नहीं है; यह एक बहादुर व्यक्ति की असहायता का प्रतीक है। 'कुत्तों' (गब्बर के आदमियों) का इस्तेमाल करके वह गब्बर के गुंडों के प्रति अपनी घृणा व्यक्त करता है। उनकी गरजती आवाज़ और आँखों में भरा गुस्सा पर्दे पर आग लगा देता है। यह डायलॉग धर्मेंद्र के किरदार की बहादुरी और सम्मान की रक्षा के लिए उसके जुनून को दर्शाता है।

 

2.2. डायलॉग 2: "कुत्ते...कमीने, मैं तेरा खून पी जाऊंगा।"

 

(फिल्म: शोले, 1975)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: 'शोले' का एक और अमर डायलॉग, जो भारतीय सिनेमा की 'एंग्री यंग मैन' वाली थीम को बल देता है। हालाँकि यह डायलॉग शायद 'बसंती' वाले डायलॉग से कम चर्चित हो, लेकिन जब भी पर्दे पर बदला या प्रतिशोध की भावना दिखानी होती थी, यह डायलॉग तुरंत याद आ जाता था।

  • विश्लेषण: 'कुत्ते' और 'कमीने' जैसे शब्दों का इस्तेमाल धर्मेंद्र के किरदार के देसी गुस्से को दर्शाता था, जो सीधे दर्शकों के दिलों में उतर जाता था। इस डायलॉग में प्रतिशोध की तीव्र भावना थी, जो 70 के दशक के नौजवानों के बीच ज़बरदस्त हिट हुई।

 

2.3. डायलॉग 3: "कुत्ते, मैं तेरा खून पी जाऊंगा।"

 

(फिल्म: धर्मवीर, 1977)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: यह डायलॉग 'शोले' के बाद आया और तुरंत ही ज़बरदस्त हिट हो गया। 'धर्मवीर' में धर्मेंद्र ने एक ऐसे वीर योद्धा का किरदार निभाया, जिसके लिए न्याय सबसे ऊपर था।

  • विश्लेषण: यहाँ यह डायलॉग प्रतिशोध की भावना को और भी ऊँचाई पर ले जाता है। यह डायलॉग धर्मेंद्र की एक्शन हीरो वाली छवि को सीमेंट करता है। इस डायलॉग को बोलने का उनका जोशीला अंदाज़—ऊँची आवाज़, मुट्ठी भींची हुई—सिनेमा हॉलों में तालियां और सीटियां बजवा देता था। यह उनकी ज़बरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस का प्रमाण है।

 

2.4. डायलॉग 4: "हम वो बला हैं, जो शीशे से पत्थर को तोड़ दें।"

 

(फिल्म: कातिलों के कातिल, 1981)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: यह डायलॉग धर्मेंद्र की आत्म-शक्ति, आत्मविश्वास और अजेयता को दर्शाता है। यह डायलॉग उनके 'ही-मैन' टाइटल को चरितार्थ करता है।

  • विश्लेषण: यह एक ऐसा संवाद है जिसमें हीरो अपनी शक्ति का वर्णन किसी अतिरंजित तरीके से नहीं, बल्कि एक कवि की तरह करता है। 'शीशे से पत्थर को तोड़ना' एक मेटाफर है जो असाध्य को साधने की शक्ति को दर्शाता है। जब धर्मेंद्र इसे पूरी दहाड़ के साथ बोलते थे, तो दर्शकों में एक इलेक्ट्रिक ऊर्जा भर जाती थी।

 

2.5. डायलॉग 5: "जिनके घरों के शीशे के होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।"

 

(फिल्म: राजकुमार, 1996)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: यह डायलॉग उनकी रोमांटिक छवि से थोड़ा हटकर, उनकी दार्शनिक और गंभीर साइड को दर्शाता है। हालांकि यह फिल्म बाद के करियर की है, लेकिन डायलॉग में उनकी पुरानी वाली गंभीरता झलकती है।

  • विश्लेषण: यह डायलॉग एक गहरी नैतिक समझ को दर्शाता है। यह दिखाता है कि धर्मेंद्र केवल एक्शन स्टार नहीं थे, बल्कि वे गंभीर संवादों को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर सकते थे। इस डायलॉग को बोलते समय उनके चेहरे पर गंभीरता और आवाज़ में सलाह का भाव होता था।

 

2.6. डायलॉग 6: "अगर तुम्हें मौत से लड़ना नहीं आता, तो जीना भी नहीं आता।"

 

(फिल्म: लोफर, 1973)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: यह डायलॉग जीवन के प्रति उनके किरदार के निडर दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है। 70 के दशक में, उनके किरदार अक्सर ऐसे होते थे जो सामाजिक बुराइयों या व्यक्तिगत खतरों से लड़ते थे।

  • विश्लेषण: यह डायलॉग दर्शकों को एक सीधा और शक्तिशाली संदेश देता है: जीवन में संघर्ष अपरिहार्य है। धर्मेंद्र की गहरी आवाज़ इसे एक प्रेरणादायक नारा बना देती थी, जो युवाओं में जोश भरता था।

 

2.7. डायलॉग 7: "बचपन से पाला है मैंने इस गुंडे को, अब इसे गोली मारने का हक भी मेरा है।"

 

(फिल्म: आग ही आग, 1987)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: यह डायलॉग पारिवारिक भावनाओं और प्रतिशोध के जटिल मिश्रण को दर्शाता है। फिल्म में बेटे (शायद) के गलत रास्ते पर जाने के बाद, पिता का यह डायलॉग बेहद भावुक और दुखभरा होता है।

  • विश्लेषण: इस डायलॉग को बोलते समय धर्मेंद्र के चेहरे पर गुस्सा और दर्द का मिश्रण होता था। 'गुस्सा' उनका ट्रेडमार्क था, लेकिन यहाँ गुस्से के साथ 'पालने' का दर्द जुड़ जाता है। यह डायलॉग उनकी भावनात्मक अभिनय क्षमता को दर्शाता है।

 

2.8. डायलॉग 8: "मैं तुम्हारा वो हाल करूंगा कि तुम अपनी सांसों के लिए भीख मांगोगे।"

 

(फिल्म: जुगनू, 1973)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: यह डायलॉग उनकी एक्शन और धमकी वाली छवि का क्लासिक उदाहरण है। यह सीधा और शक्तिशाली डायलॉग है, जिसमें कोई लाग-लपेट नहीं है।

  • विश्लेषण: इस डायलॉग में उनकी आवाज़ की गरज और मर्दानगी चरम पर होती थी। यह डायलॉग शत्रु को उसके अंजाम की सीधी चेतावनी देता था। उस ज़माने में उनके ऐसे डायलॉग्स ही उनकी एक्शन फिल्मों की सफलता की कुंजी थे।

 

2.9. डायलॉग 9: "पीते तो हम रोज़ हैं, लेकिन आज ज़रा ज़्यादा पी ली।"

 

(फिल्म: चुपके चुपके, 1975)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: यह डायलॉग उनकी कॉमेडी और रोमांटिक छवि का बेहतरीन उदाहरण है। 'चुपके चुपके' एक हल्की-फुल्की कॉमेडी थी, और इस डायलॉग में उनकी मासूमियत और कॉमेडी टाइमिंग दिखाई देती है।

  • विश्लेषण: यह डायलॉग 'ही-मैन' की छवि से हटकर, उनकी भोली-भाली और प्यारे अंदाज़ को दर्शाता है। उनकी सहज संवाद अदायगी ने इस कॉमेडी सीन को अविस्मरणीय बना दिया। यह साबित करता है कि वे एक्शन के साथ कॉमेडी में भी सहज थे।

 

2.10. डायलॉग 10: "तुम अपना ठिकाना बताओ, हम खुद वहाँ आ जाएंगे।"

 

(फिल्म: यादों की बारात, 1973)

  • पृष्ठभूमि और प्रभाव: यह डायलॉग धर्मेंद्र के किरदार की निडरता और चुनौती स्वीकार करने की इच्छा को दर्शाता है। यह डायलॉग चुनौती देने वाले को सीधे ललकारने जैसा था।

  • विश्लेषण: यह डायलॉग उनके स्वैग (Swagger) और एटीट्यूड को दर्शाता था। उनकी संवाद अदायगी में ऐसा आत्मविश्वास होता था कि दर्शक तुरंत हीरो के साथ जुड़ जाते थे। यह डायलॉग उनकी 'गरम धरम' वाली छवि को मज़बूत करता है।


 

3. धर्मेंद्र: डायलॉग और सिनेमाई विरासत का संगम

 

धर्मेंद्र की डायलॉग अदायगी ने उन्हें सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक प्रतीक बना दिया। उनके संवादों में एक खास तरह की देसी माटी की खुशबू थी, जो उन्हें आम आदमी का हीरो बनाती थी। 'बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना' में उनका दर्द हो, या 'हम वो बला हैं...' में उनकी आत्मशक्ति, उन्होंने हर संवाद को सिर्फ बोला नहीं, बल्कि जीया

आज जब बॉलीवुड के इस 'ही-मैन' को हम याद करते हैं, तो उनकी फिल्में, उनका अभिनय और उनकी मुस्कान के साथ-साथ उनके ये दमदार डायलॉग्स भी हमारी यादों में हमेशा ताज़ा रहेंगे। उनके डायलॉग्स भारतीय सिनेमा के इतिहास के वो सुनहरे पन्ने हैं, जो हमेशा चमकते रहेंगे।

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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कुवैत से भारत लौटीं उर्वशी
Urvashi Rautela News: मिडिल ईस्ट जंग के बीच कुवैत से सुरक्षित लौटीं उर्वशी रौतेला; इंस्टाग्राम पर साझा किया अपना खौफ।

मिडिल ईस्ट में 'महाजंग' के बीच फंसीं उर्वशी रौतेला: कुवैत के बिगड़ते हालातों से घबराकर लौटीं भारत; बोलीं— "खौफ से आंखों में आ गए थे आंसू" मुंबई | 10 मार्च 2026 पश्चिम एशिया (Middle East) में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी भीषण जंग का असर अब फिल्मी सितारों पर भी दिखने लगा है। बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला, जो अपने एक प्रोफेशनल प्रोजेक्ट के लिए कुवैत गई हुई थीं, युद्ध के बिगड़ते हालातों के बीच सुरक्षित भारत लौट आई हैं। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि वह वहां के माहौल को देखकर कितनी डर गई थीं। यहाँ उर्वशी के कुवैत से निकलने और वहां के वर्तमान हालातों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. कुवैत एयरपोर्ट पर अफरातफरी का मंजर ईरान द्वारा कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमलों और सुरक्षा अलर्ट के बाद पूरे देश में घबराहट फैल गई थी। तनावपूर्ण माहौल: उर्वशी जब कुवैत एयरपोर्ट पहुँचीं, तो वहां भारी भीड़ और विदेशी नागरिकों की भगदड़ जैसे हालात थे। सुरक्षा जांच को कई गुना बढ़ा दिया गया था। इमोशनल ब्रेकडाउन: उर्वशी ने बताया कि एयरपोर्ट पर अन्य यात्रियों के चेहरे पर खौफ और बच्चों की चीख-पुकार देखकर वह खुद को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। फ्लाइट में घबराहट: उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा— "जब तक मैं फ्लाइट में नहीं बैठी थी, सब ठीक था। लेकिन सीट पर बैठते ही मेरा दिल जोर से धड़कने लगा। मुझे असुरक्षित महसूस हो रहा था।" 2. उर्वशी रौतेला की सोशल मीडिया अपील भारत लौटने से पहले और लौटने के बाद उर्वशी ने अपने करोड़ों फैंस के साथ अपना डर साझा किया: दुआओं की मांग: युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे होने के दौरान उन्होंने फैंस से अपील की थी कि वे उनकी और वहां फंसे अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करें। वापसी पर राहत: मुंबई पहुँचते ही उर्वशी ने एक वीडियो साझा किया और बताया कि वह अब पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने मुश्किल समय में मदद करने के लिए एयरपोर्ट स्टाफ और स्थानीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। 📊 मिडिल ईस्ट: भारतीय सितारों और नागरिकों की स्थिति क्षेत्र वर्तमान स्थिति प्रभाव कुवैत हाई अलर्ट पर विदेशी नागरिकों का पलायन जारी। उर्वशी रौतेला सुरक्षित वापसी प्रोफेशनल प्रोजेक्ट बीच में छोड़कर लौटीं। हवाई यातायात हजारों उड़ानें रद्द कुवैत और UAE के एयरस्पेस में भारी बाधा। भारतीय नागरिक 52,000+ की वापसी सरकार द्वारा रेस्क्यू मिशन और कमर्शियल फ्लाइट्स का समन्वय। Export to Sheets 3. क्यों डरी हुई हैं हस्तियां? उर्वशी रौतेला अकेली ऐसी शख्सियत नहीं हैं जो मिडिल ईस्ट में काम कर रही थीं। कई भारतीय फिल्म क्रू और बिजनेस प्रोफेशनल वहां मौजूद हैं। मिसाइल थ्रेट: ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन को निशाना बनाए जाने की खबरों ने वहां रह रहे प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। सप्लाई चेन और पाबंदियां: कई देशों ने ईंधन बचाने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' और स्कूल बंद करने जैसे कदम उठाए हैं, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

रवि चौहान मार्च 10, 2026 0
सुप्रीम कोर्ट की एल्विश यादव को फटकार

Elvish Yadav Snake Venom Case: सुप्रीम कोर्ट ने एल्विश को लगाई फटकार; कहा- "प्रसिद्ध होने का मतलब कानून से ऊपर होना नहीं"।

सलीम खान की रिपोर्ट मीडिया को देने से सलमान नाराज

Salim Khan Health: सलमान खान ने पिता की मेडिकल अपडेट पर लगाई रोक; रणवीर सिंह और आमिर खान पहुंचे लीलावती अस्पताल।

रिहाई के बाद राजपाल यादव ने लगाई काम की गुहार

राजपाल यादव को मिली 30 दिन की जमानत; जेल से बाहर आते ही काम की तलाश, बोले- "जो फीस मिलेगी मंजूर है"।

सलमान के पिता सलीम खान को ब्रेन हेमरेज
Salim Khan Health Update: दिग्गज लेखक सलीम खान को ब्रेन हेमरेज; लीलावती अस्पताल में भर्ती, सलमान खान और जावेद अख्तर पहुंचे।

दिग्गज लेखक सलीम खान अस्पताल में भर्ती: ब्रेन हेमरेज के बाद DSA प्रोसीजर हुआ; सलमान समेत पूरा परिवार लीलावती पहुंचा मुंबई | 18 फरवरी 2026 हिंदी सिनेमा के महान पटकथा लेखक और सलमान खान के पिता सलीम खान (90) को ब्रेन हेमरेज के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने एक जरूरी सर्जिकल प्रोसीजर किया है। फिलहाल वे डॉक्टरों की सघन निगरानी में हैं, हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। यहाँ सलीम खान के स्वास्थ्य अपडेट और उनके शानदार करियर का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. हेल्थ अपडेट: क्या है 'DSA' प्रोसीजर? लीलावती अस्पताल के प्रसिद्ध डॉक्टर जलील पार्कर ने सलीम खान की सेहत पर आधिकारिक जानकारी साझा की: डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA): डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यह कोई ओपन ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक उच्च गुणवत्ता वाला एक्स-रे होता है, जिसे 'सेरेब्रल एंजियोग्राफी' भी कहते हैं। इसके जरिए मस्तिष्क की नसों में मौजूद ब्लॉकेज या लीकेज को सटीकता से देखा जा सकता है। वर्तमान स्थिति: सलीम खान अभी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि वे रिकवरी कर रहे हैं। यदि सुधार जारी रहा, तो उन्हें जल्द ही सपोर्ट से हटाया जा सकता है। मेडिकल टीम: उनके इलाज के लिए डॉ. विनय चव्हाण (न्यूरोलॉजिस्ट), डॉ. अजीत मेनन (कार्डियोलॉजिस्ट) और डॉ. नितिन डांगे जैसे विशेषज्ञों की टीम तैनात है। 2. अस्पताल में उमड़ा बॉलीवुड: सलमान ने रोकी शूटिंग सलीम खान की तबीयत की खबर मिलते ही पूरा खान परिवार और बॉलीवुड के करीबी दोस्त अस्पताल पहुंचे: खान परिवार: सलमान खान अपनी शूटिंग बीच में छोड़कर मंगलवार रात अस्पताल पहुंचे। उनके साथ मां सलमा खान, भाई अरबाज-सोहेल, बहनें अलवीरा और अर्पिता के अलावा परिवार की अगली पीढ़ी (अरहान, निर्वाण, अयान और अलीजेह) भी नजर आई। करीबी दोस्त: सलीम खान के पुराने साथी जावेद अख्तर बुधवार को भी अस्पताल पहुंचे। वहीं संजय दत्त भी गंभीर मुद्रा में अस्पताल से बाहर निकलते दिखे। बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी भी हाल जानने पहुंचे। 3. 'प्रिंस सलीम' से 'स्टार लेखक' तक का सफर सलीम खान का जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। उनके करियर की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है: एक्टिंग से शुरुआत: 1960 में फिल्म 'बारात' से उन्होंने अभिनय शुरू किया। वे उस समय 'प्रिंस सलीम' के नाम से जाने जाते थे। लगभग 25 फिल्मों के बाद उन्हें अहसास हुआ कि उनकी असली ताकत कलम में है। सलीम-जावेद की ऐतिहासिक जोड़ी: सलीम खान और जावेद अख्तर ने मिलकर हिंदी सिनेमा का चेहरा बदल दिया। इस जोड़ी ने 'जंजीर', 'दीवार', 'शोले', 'डॉन' और 'मिस्टर इंडिया' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। एंग्री यंग मैन का उदय: सलीम-जावेद ने ही अमिताभ बच्चन की 'एंग्री यंग मैन' वाली छवि गढ़ी, जिसने उन्हें सुपरस्टार बनाया। वे बॉलीवुड के पहले ऐसे लेखक थे, जिन्हें अभिनेताओं जैसा 'स्टार स्टेटस' और सम्मान मिला। 📊 सलीम खान: एक नजर में विवरण जानकारी उम्र 90 वर्ष (जन्म: 24 नवंबर 1935) प्रसिद्ध फिल्में शोले, जंजीर, दीवार, डॉन, सीता और गीता। परिवार पत्नी सलमा खान और हेलन; बच्चे: सलमान, अरबाज, सोहेल, अलवीरा, अर्पिता। उपलब्धि लेखकों को फिल्म इंडस्ट्री में 'स्टार स्टेटस' दिलाने का श्रेय। 4. निजी जीवन: दो शादियां और मिसाली परिवार सलीम खान का परिवार बॉलीवुड में अपनी एकजुटता के लिए जाना जाता है: पहली शादी: 1964 में सलमा खान (सुशीला चरक) से हुई, जिनसे सलमान, अरबाज, सोहेल और अलवीरा हुए। दूसरी शादी: 1981 में उन्होंने मशहूर डांसर और एक्ट्रेस हेलन से शादी की। बाद में उन्होंने अर्पिता को गोद लिया। खान परिवार की यह खूबी है कि दोनों पत्नियां और सभी बच्चे एक ही परिवार के तौर पर साथ रहते हैं, जिसका श्रेय सलीम खान के व्यक्तित्व को दिया जाता है।

रवि चौहान फ़रवरी 18, 2026 0
राजपाल यादव चेक बाउंस केस

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को नहीं दी राहत; कोर्ट बोला- "वादा खिलाफी की वजह से गए जेल"।

जेल में बंद राजपाल यादव के सपोर्ट में उतरी इंडस्ट्री

सलमान खान, अजय देवगन और सोनू सूद ने की राजपाल यादव की मदद; ₹9 करोड़ के केस में फंसी 'छोटा पंडित' की जान।

फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर हटाया गया

नीरज पांडे की फिल्म 'घूसखोर पंडत' पर रोक की मांग; मनोज बाजपेयी ने तोड़ी चुप्पी; नेटफ्लिक्स ने हटाया टीजर।

₹230 करोड़ से ज्यादा हुई बॉर्डर 2 की कमाई
Border 2 Box Office Collection Day 8: सनी देओल की 'बॉर्डर 2' ने 8 दिनों में कमाए 300 करोड़; मनाली में मना सफलता का जश्न।

बॉर्डर 2 का बॉक्स ऑफिस पर धमाका: 8 दिनों में 300 करोड़ के पार; मनाली में सनी देओल ने काटा केक, वरुण-दिलजीत की फिल्म का जलवा मुंबई/मनाली | 31 जनवरी 2026 सनी देओल की 'ढाई किलो का हाथ' एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर भारी पड़ा है। फिल्म 'बॉर्डर 2' ने अपनी रिलीज के महज 8 दिनों के भीतर वैश्विक स्तर पर सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। दमदार ओपनिंग के बाद वीकडेज में भी फिल्म की पकड़ मजबूत बनी हुई है, जिसके चलते फिल्म ने दुनियाभर में 300 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। 1. बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: 8वें दिन की कमाई ट्रेड एनालिस्ट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने दूसरे हफ्ते में भी अपनी रफ्तार बनाए रखी है: 8वें दिन का कलेक्शन (भारत): दूसरे शुक्रवार को फिल्म ने 11 करोड़ रुपए का शानदार कारोबार किया। कुल नेट कमाई (भारत): 8 दिनों में फिल्म का कुल भारतीय कलेक्शन 235.25 करोड़ रुपए हो चुका है। वर्ल्डवाइड जलवा: फिल्म की कुल वर्ल्डवाइड कमाई 322.5 करोड़ रुपए तक पहुँच गई है। इसमें विदेशों से हुई 41 करोड़ की कमाई भी शामिल है। 2. मनाली में 'मेजर कुलदीप' का जश्न फिल्म की ऐतिहासिक सफलता के बीच सनी देओल इन दिनों हिमाचल प्रदेश के मनाली में हैं। केक कटिंग सेरेमनी: सनी ने अपनी टीम के साथ एक होटल में "बधाई हो बॉर्डर 2" लिखा हुआ केक काटकर जीत का जश्न मनाया। बाहुबली जी का साथ: जश्न के दौरान टीम के सदस्य, जिन्हें लोग प्यार से 'बाहुबली जी' कह रहे थे, ने सनी को फूलों का गुलदस्ता दिया। सनी ने सभी का आभार जताते हुए कहा, "आवाज कहां तक गई? आपके दिलों तक। थैंक यू वेरी मच, लव यू ऑल।" 📊 बॉर्डर 2: बॉक्स ऑफिस मीटर (8 दिन) क्षेत्र कमाई (करोड़ में) स्थिति भारत (Net) 235.25 Cr सुपरहिट भारत (Gross) 281.5 Cr - ओवरसीज (विदेश) 41.0 Cr शानदार वर्ल्डवाइड कुल 322.5 Cr ब्लॉकबस्टर की राह पर 3. 'बॉर्डर' की विरासत और नई टीम 1997 की मूल 'बॉर्डर' के 29 साल बाद आए इस सीक्वल ने दर्शकों की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। स्टार कास्ट: फिल्म में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी ने अपनी एक्टिंग से जान फूँक दी है। निर्देशन: फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है, जबकि भूषण कुमार और जेपी दत्ता ने इसे प्रोड्यूस किया है। अगला लक्ष्य: ट्रेड जानकारों का मानना है कि दूसरे वीकेंड (शनिवार-रविवार) को फिल्म 350 करोड़ के आंकड़े को पार कर लेगी।

रवि चौहान जनवरी 31, 2026 0
फिल्म 'हैप्पी पटेल' की स्क्रीनिंग; गर्लफ्रेंड गौरी संग पहुंचे आमिर

आमिर खान-गौरी स्प्रैट और इमरान खान-लेखा वॉशिंगटन ने बटोरी सुर्खियां; सुनील ग्रोवर का 'आमिर अवतार' वायरल।

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रवि चौहान फ़रवरी 27, 2026 0