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'संचार साथी' विवाद: ज्योतिरादित्य सिंधिया की सफाई- ऐप अनिवार्य नहीं, डिलीट कर सकते हैं; प्रियंका गांधी बोलीं- जासूसी ऐप है

रवि चौहान दिसम्बर 2, 2025 0
'संचार साथी' विवाद
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📱 'संचार साथी' विवाद: साइबर सिक्योरिटी ऐप को प्री-इंस्टॉल करने के आदेश पर केंद्र सरकार की सफाई और विपक्षी दलों का 'जासूसी' का आरोप 

भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा सभी नए मोबाइल फोन में सरकारी साइबर सिक्योरिटी एप्लिकेशन 'संचार साथी' को प्री-इंस्टॉल करने के आदेश ने देश में एक बड़ा निजता और निगरानी विवाद खड़ा कर दिया है। 1 दिसंबर को स्मार्टफोन कंपनियों को भेजे गए इस आदेश पर, विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस ने, इसे "जासूसी ऐप" और नागरिकों की "प्राइवेसी पर सीधा हमला" करार देते हुए कड़ा विरोध जताया। विवाद बढ़ने के बाद, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मंगलवार को इस मामले पर सफाई देनी पड़ी।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'संचार साथी' ऐप को प्री-इंस्टॉल करना कंपलसरी (अनिवार्य) नहीं है और यूजर चाहें तो इसे डिलीट या डिसेबल कर सकते हैं। यह सफाई DoT के उस प्रारंभिक आदेश के बाद आई, जिसमें दावा किया गया था कि यूजर्स इस ऐप को डिलीट या डिसेबल नहीं कर पाएंगे।

विपक्षी नेताओं ने इस कदम को संविधान के अनुच्छेद 21 (निजता का अधिकार) का उल्लंघन बताते हुए इसे 2017 के पुट्टास्वामी फैसले के खिलाफ करार दिया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इसे "जासूसी एप" करार दिया और कहा कि सरकार हर नागरिक की निगरानी करना चाहती है। वहीं, CPI-M सांसद जॉन ब्रिटास ने इस बात पर जोर दिया कि अगर ऐप को हटाया नहीं जा सकता, तो यह 120 करोड़ मोबाइल फोनों में अनिवार्य हो जाएगा।

यह विस्तृत आलेख DoT के 'संचार साथी' ऐप को प्री-इंस्टॉल करने के आदेश, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की सफाई के निहितार्थ, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों (प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, शशि थरूर, केसी वेणुगोपाल, रेणुका चौधरी) द्वारा लगाए गए 'जासूसी' और 'निजता उल्लंघन' के गंभीर आरोपों का विश्लेषण, भारत में बढ़ते डुप्लिकेट IMEI नंबर और साइबर क्राइम की चुनौती, एप्पल जैसी कंपनियों की इंटरनल पॉलिसी में आने वाली मुश्किलों, और निजता के मौलिक अधिकार पर इस फैसले के संभावित दीर्घकालिक प्रभावों को केंद्र में रखते हुए 5000 शब्दों में गहन मूल्यांकन प्रस्तुत करता है।


1. 📜 'संचार साथी' प्री-इंस्टॉल आदेश और सरकार की सफाई

1 दिसंबर को दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक आदेश जारी किया, जिसने तुरंत राजनीतिक और तकनीकी जगत में हलचल मचा दी।

1.1. DoT का प्रारंभिक आदेश

  • आदेश: केंद्र सरकार ने 1 दिसंबर को स्मार्टफोन कंपनियों (जैसे एपल, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, शाओमी) को आदेश दिया कि वे सरकारी साइबर सेफ्टी ऐप 'संचार साथी' को पहले से इंस्टॉल करके बेचें।

  • समय सीमा: कंपनियों को इस आदेश का पालन करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया।

  • विवादित क्लॉज: प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया था कि इस एप को यूजर्स डिलीट या डिसेबल नहीं कर सकेंगे, जिससे प्राइवेसी का मुद्दा गरमाया। पुराने फोन पर भी इसे सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इंस्टॉल किया जाना था।

  • मकसद: सरकार का मकसद साइबर फ्रॉड, फर्जी IMEI नंबर और फोन की चोरी को रोकना था।

1.2. केंद्रीय मंत्री की सफाई और विरोधाभास

विवाद बढ़ने के बाद, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को सफाई दी:

  • गैर-अनिवार्य: सिंधिया ने कहा कि यह ऐप 'कंपलसरी' (अनिवार्य) नहीं है।

  • डिलीट करने की सुविधा: उन्होंने आश्वासन दिया कि "यूजर चाहें तो इसे डिलीट कर सकते हैं।"

  • विरोधाभास: मंत्री का यह बयान DoT के कथित प्रारंभिक आदेश के विपरीत था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने जनता और विपक्ष के विरोध के कारण अपने रुख में नरमी लाई है या प्रारंभिक आदेश में स्पष्टता का अभाव था।


2. 🗣️ विपक्ष का प्रहार: 'जासूसी ऐप' और निजता का उल्लंघन

विपक्षी दलों ने इस आदेश को नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए कड़ी आलोचना की।

2.1. प्रियंका गांधी का 'जासूसी' का आरोप

  • सीधा हमला: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इसे "लोगों की प्राइवेसी पर सीधा हमला" बताया।

  • निगरानी: उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक "जासूसी एप" है और "सरकार हर नागरिक की निगरानी करना चाहती है।"

  • अनावश्यक दखल: उन्होंने माना कि साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग के लिए सिस्टम जरूरी है, लेकिन सरकार का ताजा आदेश "लोगों की निजी जिंदगी में अनावश्यक दखल" जैसा है।

2.2. संवैधानिक और कानूनी तर्क

अन्य विपक्षी नेताओं ने कानूनी और संवैधानिक आधार पर विरोध दर्ज कराया:

  • रेणुका चौधरी (कांग्रेस): उन्होंने इस मुद्दे पर सदन स्थगन नोटिस दिया और तर्क दिया कि "प्राइवेसी का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।" उनके अनुसार, यह एप लोगों की आजादी और प्राइवेसी पर सीधा हमला है।

  • जॉन ब्रिटास (CPI-M): उन्होंने इस आदेश को "सुप्रीम कोर्ट के 2017 के पुट्टास्वामी फैसले" के खिलाफ बताया, जिसने निजता को मौलिक अधिकार घोषित किया था। उन्होंने कहा कि अगर यह ऐप हटाया नहीं जा सकता, तो यह "120 करोड़ मोबाइल फोनों में अनिवार्य किया जा रहा है।"

  • केसी वेणुगोपाल (कांग्रेस): उन्होंने पेगासस जैसे मामलों का हवाला देते हुए कहा कि यह आम लोगों की प्राइवेसी पर सीधा हमला है और "मदद के नाम पर BJP लोगों की निजी जानकारी तक पहुंच बनाना चाहती है।"

2.3. स्वैच्छिक बनाम जबरन

  • शशि थरूर (कांग्रेस): उन्होंने माना कि 'संचार साथी' एप उपयोगी हो सकता है, लेकिन "इसे स्वैच्छिक होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि "किसी भी चीज़ को लोकतंत्र में जबरन लागू करना चिंता की बात है।"


3. 🎯 सरकार का उद्देश्य: साइबर क्राइम और IMEI फ्रॉड से लड़ना

सरकार ने 'संचार साथी' ऐप को प्री-इंस्टॉल करने के पीछे के तर्कों को साइबर सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से जोड़ा है।

3.1. डुप्लिकेट IMEI की चुनौती

  • बढ़ता अपराध: भारत 1.2 अरब से अधिक मोबाइल यूजर्स वाला दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट है, लेकिन फर्जी या डुप्लिकेट IMEI नंबर की वजह से साइबर क्राइम बढ़ रहा है।

  • IMEI और ट्रैकिंग: IMEI एक 15 डिजिट का यूनीक कोड होता है, जो फोन की पहचान करता है। अपराधी इसे क्लोन करके चोरी के फोन को ट्रैक से बचाते हैं, स्कैम करते हैं या ब्लैक मार्केट में बेचते हैं।

  • सफलता: DoT ने सितंबर में बताया था कि इस सिस्टम के जरिए 22.76 लाख डिवाइस ट्रेस हो चुके हैं। इस एप से अब तक 7 लाख से ज्यादा गुम या चोरी हुए मोबाइल वापस मिल चुके हैं।

3.2. 'संचार साथी' ऐप की उपयोगिता

  • साइबर सिक्योरिटी टूल: यह ऐप सरकार का बनाया साइबर सिक्योरिटी टूल है, जो 17 जनवरी 2025 को लॉन्च हुआ था।

  • फायदे:

    • चोरी या खोए फोन को IMEI नंबर चेक करके ब्लॉक करेगा।

    • यूजर्स को फ्रॉड कॉल, मैसेज या वॉट्सएप चैट रिपोर्ट करने में मदद करेगा।

    • यह फर्जी IMEI से होने वाले स्कैम और नेटवर्क मिसयूज को रोकने के लिए जरूरी है।

  • भविष्य की योजनाएं: DoT का कहना है कि यह टेलिकॉम सिक्योरिटी को नेक्स्ट लेवल पर ले जाएगा, और इसमें भविष्य में बेहतर ट्रैकिंग या AI बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन जैसे और फीचर्स जुड़ सकते हैं।


4. 🍎 एप्पल और इंडस्ट्री की चिंताएँ

यह आदेश स्मार्टफोन कंपनियों, विशेषकर एप्पल जैसी वैश्विक कंपनियों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है।

4.1. एप्पल की सख्त पॉलिसी

  • नीति में टकराव: इंडस्ट्री सोर्सेज का कहना है कि एप्पल की इंटरनल पॉलिसी किसी भी सरकारी या थर्ड-पार्टी एप को फोन की बिक्री से पहले प्री-इंस्टॉल करने की अनुमति नहीं देती है।

  • पुराना टकराव: इससे पहले भी एप्पल का एंटी-स्पैम एप को लेकर टेलीकॉम रेगुलेटर से टकराव हो चुका है।

  • नेगोशिएशन की संभावना: इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि एप्पल सरकार से नेगोशिएशन कर सकती है या यूजर्स को वॉलंटरी प्रॉम्प्ट (स्वैच्छिक रूप से डाउनलोड करने का सुझाव) देने का सुझाव दे सकती है।

4.2. इंडस्ट्री की परेशानी

  • बातचीत का अभाव: इंडस्ट्री सोर्सेज का कहना है कि पहले से बातचीत न होने से कंपनियां परेशान हैं, क्योंकि उन्हें 90 दिन की समय सीमा में अपने ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग प्रोटोकॉल में बदलाव करना होगा।


5. ⚖️ निजता, निगरानी और संतुलन का प्रश्न

यह पूरा विवाद नागरिकों की निजता के अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा साइबर क्राइम नियंत्रण की सरकार की आवश्यकता के बीच संतुलन खोजने की चुनौती को दर्शाता है।

5.1. यूजर कंट्रोल में कमी

  • प्राइवेसी ग्रुप्स के सवाल: भले ही मंत्री ने डिलीट करने की सुविधा देने की बात कही हो, लेकिन अगर यह ऐप अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल होता है, तो प्राइवेसी ग्रुप्स यह सवाल उठाएंगे कि यूजर कंट्रोल कम क्यों किया जा रहा है और क्या यह भविष्य में चुपके से अन्य फीचर्स (जैसे बेहतर ट्रैकिंग) को सक्षम कर सकता है।

  • डेटा की सुरक्षा: निगरानी का डर इसलिए है क्योंकि सरकार के पास पहले से इंस्टॉल ऐप के जरिए लोगों की निजी जानकारी तक पहुंच बनाने की क्षमता हो सकती है, जैसा कि पेगासस जैसे मामलों में देखा गया है।

5.2. यूजर्स को सीधा लाभ

  • त्वरित लाभ: दूसरी तरफ, यूजर्स को सीधा फायदा मिलेगा। चोरी का फोन होने पर IMEI चेक करके तुरंत ब्लॉक कर सकेंगे, और फ्रॉड कॉल रिपोर्ट करने से स्कैम कम होंगे।


6. 🌐 निष्कर्ष: लोकतंत्र में पारदर्शिता का महत्व

'संचार साथी' विवाद यह दिखाता है कि लोकतंत्र में कोई भी सरकारी पहल, खासकर जो तकनीक और निजता से जुड़ी हो, उसे पारदर्शिता और स्पष्टता के साथ जनता के सामने लाना कितना महत्वपूर्ण है।

  • विपक्षी मांग: विपक्षी नेताओं की मांग सही है कि सरकार को मीडिया के जरिए आदेश जारी करने के बजाय, इस फैसले के पीछे का तर्क जनता को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह कदम निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन न करे।

  • सिंधिया की सफाई: केंद्रीय मंत्री सिंधिया की सफाई ने तात्कालिक विवाद को शांत किया है, लेकिन DoT को चाहिए कि वह आधिकारिक तौर पर नियमों को संशोधित करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह ऐप वास्तव में स्वैच्छिक हो और यूजर्स को इसे डिलीट या डिसेबल करने की पूर्ण स्वतंत्रता हो।

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दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

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मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

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जम्मू–कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में घायल जवान शहीद
हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; किश्तवाड़ के जंगलों में जैश आतंकियों की तलाश जारी; जम्मू में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा।

किश्तवाड़ एनकाउंटर: हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 'ऑपरेशन त्राशी-1' के दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी, खौर सेक्टर में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़/जम्मू | 19 जनवरी 2026 जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ जारी जंग में भारत ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। रविवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में घायल हुए हवलदार गजेंद्र सिंह ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सेना ने अब इलाके में आतंकियों को घेरने के लिए 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत घेराबंदी और कड़ी कर दी है। 1. शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह को अंतिम विदाई रविवार शाम को किश्तवाड़ के सोनार गांव के जंगलों में हुई मुठभेड़ के दौरान 8 जवान घायल हुए थे। शहादत: हवलदार गजेंद्र सिंह को गंभीर चोटें आई थीं। सेना के अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मुठभेड़ का घटनाक्रम: रविवार शाम करीब 5:46 बजे तक आतंकियों और जवानों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी। सेना की 'वाइट नाइट कॉर्प्स' (White Knight Corps) के जवान अब अपने शहीद साथी का बदला लेने के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। 2. 'ऑपरेशन त्राशी-1': जंगलों में छिपे हैं जैश के आतंकी सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली है कि किश्तवाड़ के ऊपरी इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 2 से 3 खूंखार आतंकी छिपे हुए हैं। घेराबंदी: सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ को जोड़ने वाले घने जंगली रास्तों को चारों तरफ से सील कर दिया है। हाई-टेक सर्च: आतंकियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन कैमरों और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है। घने कोहरे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बावजूद सेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। 3. खौर सेक्टर में मिला 'PIA' लिखा पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़ में तनाव के बीच जम्मू के खौर सेक्टर (कचरियाल गांव) में एक संदिग्ध गुब्बारा मिलने से सनसनी फैल गई। दिखावट: यह गुब्बारा सफेद और हरे रंग का है और इसका आकार एक विमान (Aeroplane) जैसा है। संदिग्ध संकेत: गुब्बारे पर 'PIA' (Pakistan International Airlines) लिखा हुआ है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने इसे कब्जे में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि क्या यह केवल हवा के साथ आया है या इसके पीछे कोई जासूसी या उकसावे की साजिश है। 📊 जम्मू क्षेत्र में आतंकी घटनाएं: जनवरी 2026 तारीख स्थान विवरण 07 जनवरी कठुआ (बिलावर) सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच पहली मुठभेड़। 13 जनवरी कठुआ (नजोत जंगल) आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन और झड़प। 18-19 जनवरी किश्तवाड़ हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 7 अन्य जवान घायल। 19 जनवरी खौर सेक्टर पाकिस्तानी प्लेन के आकार का गुब्बारा बरामद। 4. गणतंत्र दिवस को लेकर हाई अलर्ट 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के मद्देनजर पूरे जम्मू संभाग में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। आतंकी साजिश: खुफिया इनपुट मिले हैं कि सीमा पार बैठे हैंडलर गणतंत्र दिवस के दौरान बड़ी गड़बड़ी करने के लिए आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहे हैं। एंटी-टेरर मिशन: सेना ने दिसंबर से ही जम्मू के जंगलों में छिपे करीब 35-40 आतंकियों को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रखा है।

रवि चौहान जनवरी 19, 2026 0
ईरान से लौटे भारतीय, दिल्ली एयरपोर्ट पर फूट-फूटकर रोए

ईरान में गृहयुद्ध के बीच वतन लौटे भारतीय छात्र; दिल्ली एयरपोर्ट पर छलक उठे आंसू; MEA ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी।

बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोंकी,हाईवे जाम किया

झारखंड में मजदूर की मौत पर बेलडांगा में भारी हिंसा; रेल और NH-12 जाम; सुवेंदु अधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप।

दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का एक्शन

140 करोड़ की संपत्ति अटैच; दिल्ली ब्लास्ट और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा टेरर लिंक; चेयरमैन पर चार्जशीट।

BMC चुनाव में वोट करने बॉलीवुड सेलेब्स पहुंचे
अक्षय कुमार ने युवती को दिया मदद का भरोसा; सचिन तेंदुलकर, आमिर खान और हेमा मालिनी ने डाला वोट।

BMC चुनाव 2026: मतदान केंद्रों पर उमड़ा बॉलीवुड; अक्षय कुमार से मदद मांगने पर युवती ने छुए पैर, सचिन ने परिवार संग डाला वोट महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए आज, 15 जनवरी 2026 को लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। मुंबई के 'पावरफुल' बीएमसी (BMC) चुनावों में सुबह से ही बॉलीवुड सितारों और खेल जगत की हस्तियों का जमावड़ा लगा हुआ है। अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर और आमिर खान जैसे दिग्गजों ने न केवल अपना वोट डाला, बल्कि मुंबईवासियों से 'असली हीरो' बनने की अपील भी की। 1. अक्षय कुमार: "रिमोट कंट्रोल हमारे हाथ में है" बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना के साथ जुहू के एक पोलिंग बूथ पर सबसे पहले वोट डालने वालों में शामिल रहे। अपील: अक्षय ने वोटिंग के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते हुए कहा, "आज का दिन वह है जब रिमोट कंट्रोल हमारे हाथों में होता है। अगर मुंबई का असली हीरो बनना है, तो सिर्फ डायलॉग नहीं, वोट डालना जरूरी है।" मदद का भाव: पोलिंग बूथ के बाहर एक युवती ने अक्षय को रोककर बताया कि उसके पिता भारी कर्ज में हैं। भावुक होकर युवती ने अक्षय के पैर छूने की कोशिश की, जिस पर अक्षय ने उसे रोकते हुए कहा, "बेटा ऐसा मत कर।" उन्होंने तुरंत अपने स्टाफ को युवती का नंबर नोट करने का निर्देश दिया और मदद का आश्वासन दिया। ट्विंकल का नजरिया: ट्विंकल खन्ना ने कहा कि वोट देना हमें अपनी कहानी तय करने की ताकत और नियंत्रण देता है। 2. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने सपरिवार किया मतदान क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि और बेटी सारा तेंदुलकर के साथ बांद्रा के एक मतदान केंद्र पर पहुँचे। संदेश: सचिन ने मतदान को एक विशेषाधिकार बताया और कहा कि यह हमारी राय व्यक्त करने का सबसे बड़ा जरिया है। उन्होंने युवाओं से बड़ी संख्या में बाहर आने का आग्रह किया। 3. आमिर खान का परिवार और अन्य दिग्गज सितारे मुंबई के अलग-अलग इलाकों में सितारों की चमक देखने को मिली: आमिर खान: एक्टर आमिर खान ने भी अपना वोट डाला। उनके साथ उनके बेटे जुनैद खान, बेटी इरा खान और पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण राव भी अलग-अलग समय पर मतदान केंद्रों पर नजर आए। अनुभवी कलाकार: 91 वर्षीय दिग्गज गीतकार गुलजार, हेमा मालिनी, राकेश रोशन और सुनील शेट्टी ने भी सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हेमा मालिनी की मांग: हेमा मालिनी ने कहा, "अगर हमें गड्ढा मुक्त सड़कें, सुरक्षा और स्वच्छ हवा चाहिए, तो जिम्मेदारी लेनी होगी और वोट देना होगा।" 📊 मतदान करने पहुंचे प्रमुख सितारों की सूची सेलिब्रिटी विशेष टिप्पणी अक्षय कुमार & ट्विंकल सुबह सबसे पहले पहुंचने वाले सितारों में से एक। सचिन तेंदुलकर पत्नी अंजलि और बेटी सारा के साथ बांद्रा में मतदान किया। हेमा मालिनी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर वोट की अपील की। जॉन अब्राहम अपने वृद्ध माता-पिता के साथ मतदान करने पहुंचे। श्रद्धा कपूर प्रशंसकों के बीच घिरीं, वोट डालकर युवाओं को प्रेरित किया। तमन्ना भाटिया मुंबई की प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान किया। नाना पाटेकर पुणे से 4 घंटे का सफर तय कर वोट डालने दादर आए। 4. मतदान की ताज़ा स्थिति (दोपहर 2:30 बजे तक) वोटिंग प्रतिशत: महाराष्ट्र में दोपहर 1:30 बजे तक औसत मतदान लगभग 25-30% के आसपास दर्ज किया गया है। कोल्हापुर में सबसे अधिक (37%) और पुणे में मतदान थोड़ा धीमा रहा। सुरक्षा: मुंबई में 25,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्याही मिटाने का प्रयास अपराध माना जाएगा।

रवि चौहान जनवरी 15, 2026 0
महाराष्ट्र की 29 नगर-निगम में वोटिंग जारी

स्याही विवाद पर राज ठाकरे के आरोप; BMC चुनाव में दिग्गजों ने डाला वोट; कल आएंगे नतीजे।

रांची ED ऑफिस में जांच करने पहुंची झारखंड पुलिस

पूछताछ के दौरान मारपीट के आरोप में ED दफ्तर पहुंची पुलिस; कैशियर संतोष कुमार ने दर्ज कराई FIR।

जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं

बंगाल में I-PAC पर छापा; दिल्ली, झारखंड और महाराष्ट्र का पैटर्न; क्या विपक्ष का आरोप सही है?

आर्मी चीफ बोले- पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव
ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है; बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव; पाकिस्तान को आर्मी चीफ की सीधी चेतावनी।

आर्मी चीफ की चेतावनी: ऑपरेशन सिंदूर जारी; बॉर्डर पार 8 आतंकी कैंप सक्रिय, दुस्साहस किया तो पाकिस्तान को मिलेगा 'करारा जवाब' भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी समाप्त नहीं हुआ है और भारतीय सेना किसी भी आतंकी या सैन्य दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी ताकत के साथ तैयार है। यहाँ आर्मी चीफ के संबोधन और सीमा की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. ऑपरेशन सिंदूर: रणनीतिक जीत और पाक को बड़ा झटका जनरल द्विवेदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण बताया। बड़ा नुकसान: इस ऑपरेशन के दौरान 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा। 88 घंटे का अभियान: 7 मई को शुरू हुई 22 मिनट की शुरुआती स्ट्राइक और उसके बाद 88 घंटे चले समन्वित हमले ने पाकिस्तान की 'परमाणु धमकी' (Nuclear Blackmail) की रणनीति को पूरी तरह कमजोर कर दिया। लक्ष्य: सेना ने 9 में से 7 चिन्हित आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। 2. सीमा पर 'ड्रोन' और आतंकी कैंपों की हलचल बॉर्डर पर हाल ही में देखे गए ड्रोनों को लेकर आर्मी चीफ ने स्थिति साफ की। रक्षात्मक ड्रोन: 10 से 12 जनवरी के बीच सीमा पर जो छोटे ड्रोन देखे गए, वे पाकिस्तान द्वारा यह जांचने के लिए भेजे गए थे कि भारतीय सेना कहीं ढिलाई तो नहीं बरत रही। 8 सक्रिय कैंप: आर्मी चीफ ने खुलासा किया कि LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं, जहाँ ट्रेनिंग चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भी गलती होने पर सेना तुरंत एक्शन लेगी। 📊 भारतीय सेना की उपलब्धियां और रणनीतिक रुख (2025-26) श्रेणी विवरण और आंकड़े आतंकी सफाया 2025 में 31 आतंकी ढेर (ज्यादातर पाकिस्तानी)। ऑपरेशन महादेव पहलगाम हमले के आतंकियों का खात्मा। पर्यटन में सुधार अमरनाथ यात्रा में 4 लाख+ श्रद्धालु (5 साल का रिकॉर्ड)। रणनीतिक रुख पाकिस्तान-चीन का 1963 समझौता 'अवैध' घोषित। 3. चीन-पाक गठजोड़ पर सख्त प्रहार जनरल द्विवेदी ने 1963 के पाक-चीन समझौते को पूरी तरह अवैध करार दिया। शक्सगाम घाटी: पाकिस्तान द्वारा शक्सगाम घाटी का क्षेत्र चीन को सौंपना भारत स्वीकार नहीं करता। CPEC का विरोध: सेना प्रमुख ने कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है और हम इसे दोनों देशों की अवैध कार्रवाई मानते हैं। 4. कश्मीर में बदलाव की बयार सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर की बदलती तस्वीर पर खुशी जताई। आतंक से पर्यटन की ओर: अब घाटी में विकास के काम तेज हुए हैं और पर्यटन लौट रहा है। शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है।

रवि चौहान जनवरी 13, 2026 0
इंदौर में 7 वाहन टकराए, कार पर चढ़ी पिकअप

महू के भेरू घाट पर 7 गाड़ियां भिड़ीं; ट्रक के ब्रेक फेल होने से कारों पर चढ़ा टैंकर; बाल-बाल बचे 8 लोग।

ममता बोलीं– मेरे पास शाह के खिलाफ पेन ड्राइव

ममता बनर्जी बनाम अमित शाह: "मेरे पास पेन ड्राइव है"; ED रेड पर TMC का महा-विरोध; कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई टली।

Agnivesh Agarwal Death News: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का निधन; स्कीइंग एक्सीडेंट के बाद न्यूयॉर्क में कार्डियक अरेस्ट।

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