नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026
बजट सत्र के 11वें दिन लोकसभा में उस वक्त सियासी भूचाल आ गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइल्स, अडानी विवाद और इंडो-यूएस ट्रेड डील को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने "भारत माता को बेच दिया है।" वहीं, सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस (विशेषाधिकार हनन) लाने का ऐलान किया है।
संसद की इस ऐतिहासिक और विवादास्पद कार्यवाही का विस्तृत ब्यौरा नीचे दिया गया है:
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत अडानी समूह पर अमेरिका में चल रहे कानूनी मामलों से की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कॉर्पोरेट मामला नहीं है, बल्कि भाजपा के वित्तीय ढांचे (Financial Structure) की जड़ें इससे जुड़ी हैं।
सीधा आरोप: राहुल ने कहा, "अडानी पर जो केस अमेरिका में चल रहा है, वह असल में पीएम मोदी पर है। अगर अडानी का ढांचा गिरता है, तो भाजपा का आर्थिक तंत्र भी ढह जाएगा।"
किरेन रिजिजू का हस्तक्षेप: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी को ये आरोप साबित करने होंगे, अन्यथा इन्हें रिकॉर्ड से हटा दिया जाए। राहुल ने जवाब दिया, "मेरे पास सारे सबूत हैं और मैं अभी देने को तैयार हूं।"
राहुल गांधी ने पहली बार भारतीय संसद में विवादित 'एपस्टीन फाइल्स' का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी फाइल्स में भारतीय नेताओं और उद्योगपतियों के नाम शामिल हैं।
हरदीप पुरी और अनिल अंबानी: राहुल ने सदन के बाहर कहा कि अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइल्स में हरदीप सिंह पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "अनिल अंबानी जेल क्यों नहीं गए? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं जानता हूं और हरदीप पुरी भी जानते हैं कि उन्हें एपस्टीन से किसने मिलवाया था।"
सरकार का पलटवार: किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी नोटिस के मंत्रियों पर गंभीर और झूठे आरोप लगा रहे हैं, जो संसदीय मर्यादा के खिलाफ है।
राहुल गांधी ने हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'सरेंडर' करार दिया। उन्होंने डेटा सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा।
डेटा की चोरी: राहुल ने कहा, "AI के इस दौर में डेटा नया 'पेट्रोल' है। अमेरिका को अपनी सुपरपावर बनाए रखने के लिए भारतीय डेटा चाहिए और मोदी सरकार ने इसे उन्हें सौंप दिया है।"
किसानों पर चोट: राहुल ने आंकड़ों के साथ दावा किया कि ट्रेड डील के कारण अमेरिकी आयात 46 अरब डॉलर से बढ़कर 146 अरब डॉलर हो जाएगा। हमारा टैरिफ 3% से बढ़कर 18% हो गया है, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे।
इमोशनल हमला: उन्होंने चिल्लाते हुए पूछा, "क्या आपको भारत माता को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका के हाथों में गिरवी रख दी है।"
राहुल ने प्रधानमंत्री की शारीरिक भाषा (Body Language) पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे डरे हुए हैं।
मार्शल आर्ट का उदाहरण: राहुल ने जूडो-कराटे का उदाहरण देते हुए कहा, "जियोपॉलिटिक्स में ग्रिप (पकड़) देखी जाती है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री का गला पकड़ रखा है, इसलिए वे ऐसे फैसले ले रहे हैं जो भारत के हित में नहीं हैं।"
जवाबदेही: राहुल ने कहा कि अगर 'इंडिया ब्लॉक' सत्ता में होता, तो हम बराबरी पर बात करते। हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं।
| विषय | राहुल गांधी का बयान | सरकार का पक्ष |
| अडानी केस | यह भाजपा का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है। | यह बेबुनियाद और झूठा आरोप है। |
| एपस्टीन फाइल्स | इसमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी का नाम है। | बिना सबूत और नोटिस के आरोप लगाना अपराध है। |
| ट्रेड डील | भारत माता को बेच दिया गया है। | यह डील भारत के विकास के लिए मील का पत्थर है। |
| विपक्षी सांसद | 8 सांसदों का निलंबन लोकतंत्र की हत्या है। | निलंबन वापस नहीं होगा, उन्होंने मर्यादा तोड़ी है। |
संसदीय कार्य मंत्री ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ बदसलूकी और गाली-गलौज की।
चैंबर में घुसपैठ: रिजिजू के अनुसार, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में सांसदों ने स्पीकर का अपमान किया।
प्रिविलेज नोटिस: सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ सदन को गुमराह करने के लिए 'विशेषाधिकार हनन' का नोटिस लाने का फैसला किया है।
विपक्ष द्वारा ओम बिरला को हटाने के नोटिस में तकनीकी खामियां पाई गई हैं (जैसे कि साल 2025 लिखा होना)। हालांकि, स्पीकर ने उदारता दिखाते हुए सचिवालय को नोटिस की खामियां दूर कर उस पर विचार करने को कहा है।
अगली तारीख: इस अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। तब तक ओम बिरला सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
संसद में बजट संग्राम: निर्मला सीतारमण का TMC को कड़ा जवाब; राहुल गांधी का अडाणी-एपस्टीन पर हमला और विशेषाधिकार हनन का नोटिस नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का बुधवार का दिन आरोपों, तीखी बहसों और कूटनीतिक सवालों के नाम रहा। एक तरफ जहाँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी दलों, विशेषकर TMC और कांग्रेस के आंकड़ों को 'झूठ' बताकर खारिज किया, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के सामने 'सरेंडर' करने और अडाणी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर दबाव होने का सनसनीखेज आरोप लगाया। सदन की कार्यवाही और गरमागरम बहस के मुख्य बिंदु यहाँ विस्तार से दिए गए हैं: 1. निर्मला सीतारमण का प्रहार: "TMC कट मनी ले रही है और नाम GST का दे रही है" वित्त मंत्री ने बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी: जीएसटी पर स्पष्टीकरण: सीतारमण ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने यह कहकर झूठ फैलाया कि जन्म से लेकर मृत्यु तक हर चीज पर जीएसटी लग रहा है। उन्होंने सवाल किया— दूध, पढ़ाई, पेंसिल शार्पनर, किताबों और स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी कब लगा? फ्यूनरल और बीमा: उन्होंने स्पष्ट किया कि अंत्येष्टि (Funeral) पर कोई जीएसटी नहीं है और हालिया सुधारों में स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा से भी जीएसटी हटा दिया गया है। कट मनी का तंज: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की बात को दोहराते हुए सीतारमण ने कहा कि बंगाल में उनके लोग 'कट मनी' ले रहे हैं और जनता को यह बता रहे हैं कि यह जीएसटी है। पेट्रोल की कीमतें: वित्त मंत्री ने चुनौती दी कि यदि बंगाल सरकार जनता का बोझ कम करना चाहती है, तो वह पेट्रोल पर अपना टैक्स कम करे, जो दिल्ली से ₹10 महंगा है। 2. राहुल गांधी के आरोप: "प्रधानमंत्री ने भारत माता को बेच दिया" नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में सरकार की विदेश नीति और अडाणी समूह के अमेरिकी केस को लेकर गंभीर हमले किए: अडाणी और मोदी: राहुल ने कहा कि अमेरिका में अडाणी पर जो केस चल रहा है, वह दरअसल पीएम मोदी को नियंत्रित करने का एक तरीका है। उन्होंने दावा किया कि "प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिख रहा है।" एपस्टीन फाइल्स: राहुल गांधी ने सदन में 'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अनिल अंबानी का नाम है। उन्होंने हरदीप सिंह पुरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि "मैं जानता हूं कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था।" अमेरिका के सामने सरेंडर: राहुल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने भारतीय डेटा और किसानों के हितों को अमेरिका को सौंप दिया है। उन्होंने कहा, "हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं, बराबरी पर बात होनी चाहिए।" 3. किरेन रिजिजू का पलटवार: राहुल के खिलाफ 'विशेषाधिकार नोटिस' राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया: विशेषाधिकार नोटिस (Privilege Notice): केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया है और प्रधानमंत्री व मंत्रियों पर बिना सबूत बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इसके लिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाया जाएगा। बदतमीजी के आरोप: रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की है। 4. बजट चर्चा के अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स अखिलेश यादव को जवाब: निर्मला सीतारमण ने अखिलेश यादव के यूपी में बुलेट ट्रेन न मिलने के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि दो हाईस्पीड कॉरिडोर यूपी से गुजरते हैं और रेलवे बजट में यूपी का हिस्सा बढ़ाया गया है। किसानों के लिए AI: वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़े। केरल और कम्युनिस्ट सरकार: सीतारमण ने कहा कि केरल जैसे राज्यों में कम्युनिस्ट सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां SC-ST के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं। ओवैसी का 'गोरी चमड़ी' वाला बयान: AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि "वह 'गोरी चमड़ी' वाला डोनाल्ड ट्रम्प कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम रूस से तेल खरीदें या नहीं।" 📊 संसद में टकराव के प्रमुख मुद्दे नेता मुख्य आरोप / बयान सरकार का जवाब / स्टैंड राहुल गांधी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर किया; अडाणी-एपस्टीन का मुद्दा। रिजिजू बोले- सबूत दें या विशेषाधिकार नोटिस झेलें। अभिषेक बनर्जी जन्म से मृत्यु तक हर चीज पर GST लग रहा है। सीतारमण बोलीं- यह कोरा झूठ है, बंगाल सरकार पेट्रोल के दाम घटाए। अखिलेश यादव यूपी को बजट में कुछ नहीं मिला, बुलेट ट्रेन नहीं दी। सीतारमण बोलीं- डेटा गलत है, यूपी रेलवे बजट में वृद्धि हुई है। असदुद्दीन ओवैसी अमेरिकी टैरिफ हमारी संप्रभुता पर हमला है। सरकार ने कहा- हमने किसानों के हित को ध्यान में रखकर डील की। 5. स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर 120 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। नियम के अनुसार, जब तक इस पर चर्चा नहीं हो जाती, ओम बिरला सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे। इस प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना है।
जनरल नरवणे की किताब पर 'महा-महाभारत': राहुल गांधी बोले- पेंगुइन या पूर्व आर्मी चीफ, कोई एक झूठ बोल रहा है; FIR के बाद विवाद गहराया नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर देश की राजनीति और पब्लिशिंग जगत में भूचाल आ गया है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा किताब के प्रकाशित न होने के दावे और राहुल गांधी द्वारा सेना प्रमुख की 'सच्चाई' पर दिए गए बयान ने इस विवाद को अब सीधे 'भरोसे की जंग' बना दिया है। यहाँ इस पूरे विवाद के प्रमुख बिंदु और किताब के विवादित अंश दिए गए हैं: 1. राहुल गांधी का हमला: "किस पर करें भरोसा?" मंगलवार को लोकसभा के बाहर राहुल गांधी ने पेंगुइन इंडिया की सफाई पर तीखा पलटवार किया: विवादित ट्वीट: राहुल ने कहा कि जनरल नरवणे ने खुद 'X' पर पोस्ट कर अपनी किताब का लिंक साझा किया था। सीधा सवाल: "या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन कंपनी। मैंने आर्मी चीफ पर विश्वास करना चुना है। क्या आप एक जनरल के बजाय पब्लिशिंग कंपनी पर यकीन करेंगे?" दबाव का आरोप: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि भारी सरकारी दबाव के कारण पेंगुइन ने अपना पुराना ट्वीट और लिंक डिलीट किया है, जबकि किताब 2024 में अमेजन पर उपलब्ध थी। 2. पेंगुइन और दिल्ली पुलिस की सफाई पब्लिशर का स्टैंड: पेंगुइन रैंडम हाउस ने आधिकारिक तौर पर कहा कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और इसका कोई भी हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया है। FIR दर्ज: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किताब की PDF कॉपी ऑनलाइन लीक होने के मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि रक्षा मंत्रालय से अभी तक पब्लिकेशन के लिए आवश्यक मंजूरी (Clearance) नहीं मिली है। 3. 'अग्निवीर' और 'चीनी घुसपैठ' के खुलासे किताब की जो कथित कॉपी चर्चा में है, उसमें लद्दाख संकट (31 अगस्त 2020) के दौरान प्रधानमंत्री के एक निर्देश का जिक्र है, जो सरकार के लिए असहज करने वाला है: समय (31 अगस्त 2020) घटनाक्रम (अनपब्लिश्ड बुक के अनुसार) रात 8:15 बजे चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर भारतीय पोस्ट के करीब बढ़ रहे थे। रात 9:25 बजे जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से 'स्पष्ट निर्देश' मांगे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रात 10:10 बजे चीनी टैंक चोटी से महज 500 मीटर दूर थे। आर्टिलरी फायर खोलने की स्थिति बनी। रात 10:30 बजे राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी से बात कर निर्देश दिया— "जो उचित समझो, वो करो।" नरवणे का कथित बयान: "पूरी जिम्मेदारी मुझ पर डाल दी गई थी। पीएम ने ब्रीफिंग ली, लेकिन फैसला लेने से मना कर दिया था।" 4. संसद में गतिरोध और सस्पेंशन राहुल की कोशिश: राहुल गांधी संसद में इस किताब के अंश पढ़ना चाहते थे और किताब की कॉपी लेकर सदन में पहुंचे थे। सस्पेंशन: इस मुद्दे पर हंगामे के चलते लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 8 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड कर दिया था। सरकार का तर्क है कि जिस किताब का अस्तित्व ही नहीं है, उस पर चर्चा कैसे हो सकती है? 📊 जनरल एम.एम. नरवणे: करियर प्रोफाइल पद: 27वें थल सेना प्रमुख (2019-2022)। चुनौतियां: उनके कार्यकाल में गलवान हिंसा और चीन के साथ सबसे बड़ा सैन्य तनाव रहा। किताब की स्थिति: एक साल से अधिक समय से रक्षा मंत्रालय (MoD) के पास रिव्यू के लिए लंबित।
सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा: झूला गिरने से इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल; मेला ग्राउंड खाली कराकर जांच के आदेश फरीदाबाद | 7 फरवरी 2026 हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में शनिवार को खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। मेले के एम्यूजमेंट पार्क में एक बड़ा झूला अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान चली गई, जबकि 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यहाँ हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है: 1. कैसे हुआ हादसा? शनिवार की भीड़ के दौरान मेले में लगा एक बड़ा झूला (Giant Swing) हवा में था, तभी तकनीकी खराबी के कारण वह अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़ा। इंस्पेक्टर की मौत: हादसे की चपेट में आने से पलवल के चांदहट थाने के SHO जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। वे मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात थे। चीख-पुकार: झूले पर उस वक्त 18 लोग सवार थे। झूला गिरते ही मेले में भगदड़ मच गई। चश्मदीदों के मुताबिक, झूला पहले रेलिंग में अटका और फिर अचानक धड़ाम से नीचे आ गिरा। 2. प्रशासन की कार्रवाई: मेला ग्राउंड खाली हादसे के तुरंत बाद फरीदाबाद के डिप्टी कमिश्नर (DC) आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ग्राउंड खाली: सुरक्षा और जांच के मद्देनजर मेला ग्राउंड को तुरंत खाली करा दिया गया। घायलों का उपचार: कुल 13 घायलों में से 9 को निजी अस्पताल और 3 को बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच के आदेश: DC सिन्हा ने कहा कि वेंडर की लापरवाही की गहन जांच होगी। टूरिज्म विभाग की डेली इंस्पेक्शन रिपोर्ट की भी समीक्षा की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त एफआईआर दर्ज की जाएगी। 3. गेट गिरने की दूसरी घटना झूला गिरने से पहले शनिवार शाम को ही गेट नंबर-2 के पास बना एक डिजाइनर गेट भी अचानक गिर गया था। यह गेट पहले से ही झुका हुआ था। इसकी चपेट में आने से एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने मलबा हटाया। 📊 सूरजकुंड मेला 2026: एक नज़र में विवरण जानकारी अवधि 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक प्रतिभागी 30 राज्यों के 1150 कलाकार और 46 देश उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा हादसे का शिकार इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद (SHO, चांदहट) कुल घायल 13 व्यक्ति 4. चश्मदीद की जुबानी दुकानदार राघव ने बताया, "झूला गिरते ही लोग चिल्लाने लगे। मैंने अपनी जान जोखिम में डालकर झूले पर चढ़कर 7-8 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा। तभी अचानक झूले का बाकी हिस्सा भी नीचे आ गिरा और रेलिंग मेरे कंधे पर लगी। वहां खड़े इंस्पेक्टर साहब बुरी तरह घायल हो गए थे।"