लंदन | 19 फरवरी 2026
ब्रिटेन के शाही परिवार के इतिहास में आज का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। किंग चार्ल्स III के छोटे भाई एंड्रयू (65) को गुरुवार सुबह उनके सैंड्रिंघम स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर 'सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार' (Misconduct in Public Office) का गंभीर आरोप लगा है। संयोगवश, आज ही एंड्रयू का जन्मदिन भी है।
यहाँ इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी, इसके कानूनी आधार और इससे जुड़े विवादों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस की एक टीम सादे कपड़ों में सैंड्रिंघम पहुंची और एंड्रयू को हिरासत में ले लिया।
पहला मामला: एंड्रयू आधुनिक इतिहास में गिरफ्तार होने वाले ब्रिटिश शाही परिवार के पहले सदस्य बन गए हैं।
सजा का प्रावधान: 'पब्लिक ऑफिस में कदाचार' एक बेहद गंभीर श्रेणी का अपराध है। यदि दोष सिद्ध होता है, तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
कानूनी पेच: यह मामला तब का है जब एंड्रयू 2001 से 2011 के बीच ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय (व्यापार दूत) के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने इस पद का दुरुपयोग किया और जेफ्री एपस्टीन के साथ मिलकर अनैतिक गतिविधियों में शामिल रहे।
यह पूरा मामला अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के नेटवर्क से जुड़ा है।
वर्जीनिया गिफ्रे के आरोप: पीड़िता वर्जीनिया ने दावा किया था कि 2001 में जब वह 17 साल की नाबालिग थीं, तब प्रिंस एंड्रयू ने लंदन, न्यूयॉर्क और कैरिबियन आइलैंड में तीन अलग-अलग मौकों पर उनका यौन शोषण किया।
पीड़िता की मौत: वर्जीनिया गिफ्रे की अप्रैल 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसे आत्महत्या बताया गया। उनकी मृत्यु के बाद जारी किए गए उनके संस्मरण 'नो बॉडीज गर्ल' में एंड्रयू के खिलाफ कई चौंकाने वाले सबूत और दावे किए गए हैं।
समझौता: 2021 में वर्जीनिया ने एंड्रयू पर मुकदमा किया था, जिसे 2022 में एंड्रयू ने करीब 125 करोड़ रुपये (12 मिलियन पाउंड) देकर कोर्ट के बाहर सुलझाया था, हालांकि उन्होंने कभी अपना जुर्म नहीं कबूला।
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी दस्तावेजों में एंड्रयू की कई आपत्तिजनक तस्वीरें सामने आई हैं:
वर्जीनिया के साथ तस्वीर: 2001 की वह मशहूर फोटो जिसमें एंड्रयू 17 वर्षीय वर्जीनिया की कमर पर हाथ रखे हुए हैं।
5 महिलाओं के साथ एपस्टीन: दिसंबर 2025 में जारी फोटो, जिसमें एपस्टीन महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में है।
अनजान महिला के साथ एंड्रयू: 30 जनवरी को जारी फोटो जिसमें एंड्रयू एक महिला के ऊपर झुके हुए दिख रहे हैं।
नाबालिगों के साथ मौजूदगी: एक तस्वीर में एंड्रयू एक जमीन पर लेटी लड़की को छूते हुए नजर आ रहे हैं।
अनैतिक व्यवहार: एक अन्य फोटो में एंड्रयू एक लड़की का पेट छूते हुए दिख रहे हैं।
इस गिरफ्तारी ने बकिंघम पैलेस की नींव हिला दी है:
किंग चार्ल्स III: राजा ने अपने भाई की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि "कानून अपना काम करेगा" और जांच पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र होगी।
पीएम कीर स्टार्मर: प्रधानमंत्री ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जानकारी रखने वाले हर व्यक्ति को गवाही देनी चाहिए, क्योंकि कानून के सामने सब समान हैं।
उपाधियों का त्याग: किंग चार्ल्स पहले ही एंड्रयू से 'प्रिंस' की उपाधि, 'रॉयल लॉज' और सैन्य सम्मान छीन चुके हैं। अब उन्हें केवल 'एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर' के नाम से जाना जाता है।
| वर्ष/समय | घटनाक्रम |
| 2001 | ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय बने और वर्जीनिया से पहली बार मिले। |
| 2011 | एपस्टीन विवाद के कारण पद से इस्तीफा दिया। |
| 2019 | बीबीसी इंटरव्यू के बाद सभी शाही कर्तव्यों से हटे। |
| 2022 | वर्जीनिया गिफ्रे को हर्जाना देकर केस सुलझाया। |
| अक्टूबर 2025 | किंग चार्ल्स ने 'प्रिंस' का खिताब वापस लिया। |
| 19 फरवरी 2026 | जन्मदिन के दिन सैंड्रिंघम से गिरफ्तार हुए। |
हैरानी की बात यह है कि तमाम विवादों और छीनी गई उपाधियों के बावजूद, एंड्रयू अभी भी उत्तराधिकार के क्रम (Line of Succession) में आठवें नंबर पर हैं। हालांकि, इस गिरफ्तारी के बाद मांग उठ रही है कि उनका नाम इस सूची से भी पूरी तरह हटा दिया जाना चाहिए।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
ब्रिटिश शाही परिवार में हड़कंप: प्रिंस एंड्रयू अपने जन्मदिन पर गिरफ्तार; वर्जीनिया गिफ्रे यौन शोषण मामले में बढ़ीं मुश्किलें लंदन | 19 फरवरी 2026 ब्रिटेन के शाही परिवार के इतिहास में आज का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। किंग चार्ल्स III के छोटे भाई एंड्रयू (65) को गुरुवार सुबह उनके सैंड्रिंघम स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर 'सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार' (Misconduct in Public Office) का गंभीर आरोप लगा है। संयोगवश, आज ही एंड्रयू का जन्मदिन भी है। यहाँ इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी, इसके कानूनी आधार और इससे जुड़े विवादों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. गिरफ्तारी का घटनाक्रम: सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस की एक टीम सादे कपड़ों में सैंड्रिंघम पहुंची और एंड्रयू को हिरासत में ले लिया। पहला मामला: एंड्रयू आधुनिक इतिहास में गिरफ्तार होने वाले ब्रिटिश शाही परिवार के पहले सदस्य बन गए हैं। सजा का प्रावधान: 'पब्लिक ऑफिस में कदाचार' एक बेहद गंभीर श्रेणी का अपराध है। यदि दोष सिद्ध होता है, तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। कानूनी पेच: यह मामला तब का है जब एंड्रयू 2001 से 2011 के बीच ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय (व्यापार दूत) के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने इस पद का दुरुपयोग किया और जेफ्री एपस्टीन के साथ मिलकर अनैतिक गतिविधियों में शामिल रहे। 2. वर्जीनिया गिफ्रे और एपस्टीन फाइल्स: विवाद की जड़ यह पूरा मामला अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के नेटवर्क से जुड़ा है। वर्जीनिया गिफ्रे के आरोप: पीड़िता वर्जीनिया ने दावा किया था कि 2001 में जब वह 17 साल की नाबालिग थीं, तब प्रिंस एंड्रयू ने लंदन, न्यूयॉर्क और कैरिबियन आइलैंड में तीन अलग-अलग मौकों पर उनका यौन शोषण किया। पीड़िता की मौत: वर्जीनिया गिफ्रे की अप्रैल 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसे आत्महत्या बताया गया। उनकी मृत्यु के बाद जारी किए गए उनके संस्मरण 'नो बॉडीज गर्ल' में एंड्रयू के खिलाफ कई चौंकाने वाले सबूत और दावे किए गए हैं। समझौता: 2021 में वर्जीनिया ने एंड्रयू पर मुकदमा किया था, जिसे 2022 में एंड्रयू ने करीब 125 करोड़ रुपये (12 मिलियन पाउंड) देकर कोर्ट के बाहर सुलझाया था, हालांकि उन्होंने कभी अपना जुर्म नहीं कबूला। 📸 5 विवादित तस्वीरें: जो एंड्रयू के खिलाफ गवाह बनीं अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी दस्तावेजों में एंड्रयू की कई आपत्तिजनक तस्वीरें सामने आई हैं: वर्जीनिया के साथ तस्वीर: 2001 की वह मशहूर फोटो जिसमें एंड्रयू 17 वर्षीय वर्जीनिया की कमर पर हाथ रखे हुए हैं। 5 महिलाओं के साथ एपस्टीन: दिसंबर 2025 में जारी फोटो, जिसमें एपस्टीन महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में है। अनजान महिला के साथ एंड्रयू: 30 जनवरी को जारी फोटो जिसमें एंड्रयू एक महिला के ऊपर झुके हुए दिख रहे हैं। नाबालिगों के साथ मौजूदगी: एक तस्वीर में एंड्रयू एक जमीन पर लेटी लड़की को छूते हुए नजर आ रहे हैं। अनैतिक व्यवहार: एक अन्य फोटो में एंड्रयू एक लड़की का पेट छूते हुए दिख रहे हैं। 3. शाही परिवार की प्रतिक्रिया: "कानून से ऊपर कोई नहीं" इस गिरफ्तारी ने बकिंघम पैलेस की नींव हिला दी है: किंग चार्ल्स III: राजा ने अपने भाई की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि "कानून अपना काम करेगा" और जांच पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र होगी। पीएम कीर स्टार्मर: प्रधानमंत्री ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जानकारी रखने वाले हर व्यक्ति को गवाही देनी चाहिए, क्योंकि कानून के सामने सब समान हैं। उपाधियों का त्याग: किंग चार्ल्स पहले ही एंड्रयू से 'प्रिंस' की उपाधि, 'रॉयल लॉज' और सैन्य सम्मान छीन चुके हैं। अब उन्हें केवल 'एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर' के नाम से जाना जाता है। 📊 प्रिंस एंड्रयू: पतन की टाइमलाइन वर्ष/समय घटनाक्रम 2001 ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय बने और वर्जीनिया से पहली बार मिले। 2011 एपस्टीन विवाद के कारण पद से इस्तीफा दिया। 2019 बीबीसी इंटरव्यू के बाद सभी शाही कर्तव्यों से हटे। 2022 वर्जीनिया गिफ्रे को हर्जाना देकर केस सुलझाया। अक्टूबर 2025 किंग चार्ल्स ने 'प्रिंस' का खिताब वापस लिया। 19 फरवरी 2026 जन्मदिन के दिन सैंड्रिंघम से गिरफ्तार हुए। 4. सिंहासन की दौड़ में स्थान हैरानी की बात यह है कि तमाम विवादों और छीनी गई उपाधियों के बावजूद, एंड्रयू अभी भी उत्तराधिकार के क्रम (Line of Succession) में आठवें नंबर पर हैं। हालांकि, इस गिरफ्तारी के बाद मांग उठ रही है कि उनका नाम इस सूची से भी पूरी तरह हटा दिया जाना चाहिए।
पाकिस्तान का कबूलनामा: ख्वाजा आसिफ बोले- अमेरिका ने हमें 'टॉयलेट पेपर' की तरह इस्तेमाल किया; माना- हम ही हैं आतंकवाद के जनक इस्लामाबाद | 11 फरवरी 2026 पाकिस्तान की संसद (नेशनल असेंबली) में बुधवार को रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया जिसने न केवल पाकिस्तान के इतिहास पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि अमेरिका के साथ उसके दशकों पुराने रिश्तों की कड़वी सच्चाई भी उजागर कर दी। आसिफ ने बेहद तल्ख शब्दों में कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान का इस्तेमाल केवल अपने स्वार्थ के लिए किया और काम निकल जाने के बाद उसे 'टॉयलेट पेपर' की तरह फेंक दिया। यहाँ ख्वाजा आसिफ के भाषण के प्रमुख बिंदु और पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. "अमेरिका ने किया इस्तेमाल और फेंका" रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान की विदेश नीति की विफलता को स्वीकार करते हुए कहा: मतलब का रिश्ता: अमेरिका ने अपने फायदे के लिए पाकिस्तान को मोहरा बनाया। हमने अफगानिस्तान में दो जंग लड़ीं (सोवियत-अफगान युद्ध और 9/11 के बाद वॉर ऑन टेरर), लेकिन ये पाकिस्तान की नहीं, बल्कि अमेरिका की लड़ाइयां थीं। तानाशाहों की गलती: आसिफ ने पूर्व सैन्य तानाशाहों जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने वैश्विक ताकतों (अमेरिका) का समर्थन हासिल करने के लिए देश को युद्ध की आग में झोंक दिया। नरेटिव का खेल: उन्होंने याद दिलाया कि 1979 में सोवियत संघ अफगान सरकार के बुलावे पर आया था, लेकिन अमेरिका ने उसे 'आक्रमण' बताकर पाकिस्तान को अपने पाले में कर लिया। 2. आतंकवाद और एजुकेशन सिस्टम पर बड़ा खुलासा पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने यह भी माना कि आज पाकिस्तान जिस आतंकवाद की आग में जल रहा है, वह उसकी अपनी गलतियों का नतीजा है: एजुकेशन में बदलाव: जंग को सही ठहराने और 'मुजाहिदीन' तैयार करने के लिए पाकिस्तान के शिक्षा तंत्र (Education System) में जानबूझकर बदलाव किए गए। आसिफ ने कहा कि ये जहरीले बदलाव आज भी सिस्टम में मौजूद हैं। इतिहास से सबक नहीं: उन्होंने अफसोस जताया कि पाकिस्तान ने कभी अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा। देश छोटे-छोटे फायदों के लिए कभी रूस, कभी ब्रिटेन तो कभी अमेरिका के सामने झुकता रहा। 3. बिल क्लिंटन के दौरे और मुशर्रफ काल का जिक्र आसिफ ने साल 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पाकिस्तान यात्रा का उदाहरण दिया: अपमानजनक यात्रा: क्लिंटन भारत के लंबे दौरे के बाद केवल कुछ घंटों के लिए पाकिस्तान आए थे। आसिफ के मुताबिक, यह दर्शाता है कि अमेरिका के लिए पाकिस्तान की हैसियत कितनी कम हो गई थी। सैन्य शासन का दबाव: उस समय देश में नवाज शरीफ का तख्तापलट कर परवेज मुशर्रफ सत्ता में आए थे। अमेरिका ने मुशर्रफ पर परमाणु प्रसार और लोकतंत्र को लेकर भारी दबाव डाला था। 📊 पाकिस्तान का 'वॉर ऑन टेरर' का सफरनामा कालखंड शासक घटना / भूमिका 1979 - 1988 जनरल जिया-उल-हक सोवियत संघ के खिलाफ अमेरिका का साथ दिया; मुजाहिदीन को ट्रेनिंग दी। 1999 - 2008 जनरल परवेज मुशर्रफ 9/11 के बाद 'वॉर ऑन टेरर' में अमेरिका के फ्रंटलाइन पार्टनर बने। वर्तमान स्थिति शहबाज शरीफ सरकार आतंकवाद का शिकार; शिया मस्जिदों पर हमले और आंतरिक अस्थिरता। 4. शिया मस्जिद पर हमले की निंदा और राजनीतिक कलह ख्वाजा आसिफ का यह बयान उस समय आया जब संसद 6 फरवरी को इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले की निंदा कर रही थी: भारी क्षति: इस हमले में 31 लोगों की मौत हुई और 169 घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी ISIS (इस्लामिक स्टेट) ने ली है। एकजुटता का अभाव: आसिफ ने दुख जताया कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर भी पाकिस्तान में राजनीतिक एकजुटता नहीं है। उन्होंने उन नेताओं की आलोचना की जो राजनीतिक मतभेदों के कारण पीड़ितों के जनाजे में भी शामिल नहीं हुए। 5. अमेरिका का नया स्टैंड: "भारत की कीमत पर दोस्ती नहीं" ख्वाजा आसिफ का बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया बयान की प्रतिक्रिया के रूप में भी देखा जा रहा है। रुबियो ने स्पष्ट कहा था: भारत प्राथमिकता: अमेरिका पाकिस्तान से रिश्ते चाहता है, लेकिन भारत की कीमत पर नहीं। डिप्लोमेसी में समझदारी: रुबियो ने कहा कि भारत जानता है कि हमें कई देशों से संबंध रखने पड़ते हैं, लेकिन हमारी और भारत की दोस्ती अटूट है।
शहबाज शरीफ का PoK में फिर जहर: बोले- 'कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा'; भारत के खिलाफ आतंकी और पानी के मुद्दे पर दी धमकी मुजफ्फराबाद | 6 फरवरी 2026 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की विधानसभा में एक बार फिर भारत के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। 'कश्मीर एकजुटता दिवस' के मौके पर मुजफ्फराबाद पहुंचे शहबाज ने कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने का राग अलापा और भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के झूठे आरोप लगाए। यहाँ शहबाज शरीफ के संबोधन और भारत-पाक तनाव की मुख्य जानकारी दी गई है: 1. कश्मीर पर विवादित बयान और जिन्ना का हवाला शहबाज शरीफ ने मुजफ्फराबाद विधानसभा को संबोधित करते हुए कश्मीर मुद्दे को अपनी विदेश नीति की नींव बताया। "पाकिस्तान का हिस्सा": शहबाज ने दावा किया कि कश्मीर अंततः पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा। उन्होंने कश्मीर विवाद को फिलिस्तीन मुद्दे के समान बताया। लाइफ लाइन: उन्होंने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का जिक्र करते हुए कश्मीर को पाकिस्तान की 'लाइफ लाइन' करार दिया। UNSC का राग: शरीफ ने फिर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के दशकों पुराने प्रस्तावों को लागू करने की मांग दोहराई। 2. 2025 के सैन्य संघर्ष का जिक्र और झूठे दावे पाकिस्तानी पीएम ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए 4 दिवसीय सैन्य संघर्ष को याद करते हुए जीत का दावा किया। विमान गिराने का दावा: शहबाज ने एक बार फिर मनगढ़ंत दावा किया कि पाकिस्तान ने उस संघर्ष के दौरान भारत के 7 विमान गिराए थे। आतंकवाद का आरोप: उन्होंने भारत पर BLA (बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी) के जरिए पाकिस्तान में 'प्रॉक्सी वॉर' और आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया, जिसे भारत हमेशा सिरे से खारिज करता रहा है। 3. 'सिंधु जल संधि' पर भारत को धमकी अक्टूबर 2025 में सिंधु जल संधि को लेकर हुए विवाद पर शहबाज ने आक्रामक रुख दिखाया। "बूंद भर पानी नहीं देंगे": शरीफ ने धमकी देते हुए कहा, "दुश्मन पाकिस्तान से एक बूंद पानी भी नहीं छीन सकता। अगर पानी रोकने की कोशिश की तो पाकिस्तान ऐसा सबक सिखाएगा जिसे जिंदगी भर नहीं भूलेंगे।" 📊 फ्लैशबैक: भारत का 'ऑपरेशन सिंदूर' (मई 2025) शहबाज शरीफ के दावों के विपरीत, सच्चाई यह है कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा प्रहार किया था: क्यों हुआ हमला: पहलगाम आतंकी हमले (26 मौतें) के जवाब में। ठिकाने: भारतीय सेना ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों (मुरिदके, कोटली, भिंबर, बहावलपुर आदि) को तबाह किया। नतीजा: 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे। 4. भारत का कड़ा स्टैंड भारत ने हमेशा की तरह पाकिस्तान के इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे। पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन बंद करना चाहिए। PoK पर पाकिस्तान का अवैध कब्जा है, जिस पर चर्चा की जानी चाहिए।