वृंदावन में विराट-अनुष्का: प्रेमानंद महाराज से तीसरी मुलाकात, 'हम सब श्रीजी के हैं' का मिला उपदेश 1. 🙏 केली कुंज आश्रम में तीसरी मुलाकात विराट कोहली और अनुष्का शर्मा मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। दोनों घुटनों के बल बैठकर, हाथ जोड़कर पूरी विनम्रता के साथ संत प्रेमानंद महाराज जी की बातें सुनते रहे। अनुष्का की भावना: अनुष्का ने महाराज जी से कहा, "महाराज जी, हम आपके हैं और आप हमारे हैं।" महाराज जी का उपदेश: इस पर प्रेमानंद जी ने मुस्कुराते हुए कहा, "हम सब श्रीजी (राधा रानी) के हैं। खूब आनंद पूर्वक रहो, मस्त रहो, भगवान के आश्रित रहो।" 2. 💡 कर्म, भक्ति और प्रभु आश्रय पर गुरु मंत्र प्रेमानंद महाराज जी ने विराट और अनुष्का को जीवन की सफलता और शांति के लिए गहन उपदेश दिए: कार्य ही सेवा: उन्होंने कहा, "अपने काम को भगवान की सेवा समझिए।" उनका उपदेश था कि जीवन को उन्नतशील बनाने के लिए गंभीर भाव और विनम्रता आवश्यक है। असली पिता की खोज: महाराज जी ने मनुष्य जन्म के अंतिम लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा, "जब तक भगवान न मिल जाएं, हमारी यात्रा रुकनी नहीं है।" उन्होंने समझाया कि हमने अनंत जन्मों में संसार में सबको अपना बनाया, लेकिन अब एक बार उस 'असली पिता' (ईश्वर) को देखना चाहिए, जिसने हमें प्रकट किया। ईश्वरीय व्यवस्था: प्रेमानंद जी ने भगवद्गीता का उदाहरण देते हुए कहा कि जो भगवान का अनन्य चिंतन करता है, उसके योग (अप्राप्त की प्राप्ति) और क्षेम (प्राप्त की रक्षा) की जिम्मेदारी स्वयं भगवान लेते हैं। अहंकार से दूर होकर भगवान के आश्रय में आने पर जीवन की व्यवस्था अपने आप सुधर जाती है। [Image showing Virat Kohli with Tilak and Tulsi Mala sitting humbly with Anushka Sharma before Premanand Maharaj] 3. 🛡️ विश्वास और गुरु परंपरा महाराज जी ने समझाया कि भौतिक जीवन में सफलता केवल अभ्यास और पुण्य (प्रारब्ध) से मिलती है, लेकिन आध्यात्मिक सफलता के लिए विश्वास जरूरी है। गुरु का हाथ: उन्होंने रामायण का उदाहरण दिया कि रावण का पतन विवेक की कमी और भगवान से विमुख होने के कारण हुआ। उन्होंने कहा, "हम सब गुरु, आचार्य और इष्ट के सहारे आगे बढ़ते हैं। यह परंपरा हाथ पकड़कर मंजिल तक पहुंचाने वाली है।" 4. 📅 पिछले दो दौरे: असफलता और साधना पर चर्चा विराट और अनुष्का का प्रेमानंद महाराज जी से मिलना कोई नया नहीं है। इस साल उनकी यह तीसरी मुलाकात थी, जिसमें खेल और आध्यात्म के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई: दौरा संख्या तिथि (2025) मुख्य विषय प्रेमानंद महाराज का उपदेश पहला 10 जनवरी असफलता में धैर्य और साधना "अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित है। असफलता में भी भगवान का स्मरण करते हुए धैर्य रखना चाहिए।" उन्होंने विराट की क्रिकेट को उनकी साधना बताया। दूसरा 14 मई वैभव और कृपा का अंतर "वैभव मिलना कृपा नहीं, यह पुण्य है। भगवान की कृपा अंदर का चिंतन बदलना है।" उन्होंने कहा कि अनुकूलता नहीं, बल्कि विपरीतता संसार का राग नष्ट करती है। तीसरा मंगलवार काम को सेवा और प्रभु का आश्रय "हम सब श्रीजी के हैं। अपने काम को भगवान की सेवा समझो। एक बार उस असली पिता को देखो।" 5. 🏏 टेस्ट संन्यास के बाद भी मिले थे विराट कोहली ने जब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी, उसके ठीक अगले दिन (14 मई, 2025) वे अनुष्का के साथ महाराज जी के दर्शन करने पहुंचे थे। यह दर्शाता है कि अपने जीवन के बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों के समय भी यह जोड़ा आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए वृंदावन का रुख करता है।
🔥 यमुना एक्सप्रेस-वे हादसा: कोहरे का कहर, 8 बसें और 3 कारें भिड़ीं; 13 की जलकर मौत, शवों के अवशेषों से DNA पहचान 1. 🚨 त्रासदी का केंद्र: माइलस्टोन 127 हादसा मथुरा के थाना बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 127 पर हुआ। कैसे हुआ हादसा: सुबह के समय एक्सप्रेस-वे पर घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता (Visibility) शून्य हो गई थी। एक स्लीपर बस के सामने अचानक धुंध आ गई, जिसके चलते ड्राइवर ने आपातकालीन ब्रेक लगाया। इसके ठीक बाद पीछे चल रही 6 अन्य बसें और 4 कारें ताबड़तोड़ तरीके से एक-दूसरे से भिड़ती चली गईं। भीषण आग: टक्कर इतनी भीषण थी कि एसी बसों में तुरंत आग लग गई। लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शी भगवान दास के अनुसार, टक्कर के बाद ऐसा लगा जैसे "बम फटा हो"। देखते ही देखते बसें आग का गोला बन गईं और यात्रियों की चीख-पुकार मच गई। 2. 💔 जलकर हुई मौतें और अंगों की पहचान का संकट हादसे में मरने वालों की संख्या 13 बताई गई है। मरने वालों में प्रयागराज निवासी भाजपा नेता अखिलेंद्र प्रतापपुर (राजू यादव के नाम से भी जाने जाते थे) भी शामिल हैं। शिनाख्त का संकट: आग की भयावहता ऐसी थी कि शव पूरी तरह जलकर कंकाल या टुकड़ों में बदल गए। पुलिस को 17 पॉलिथीन बैग में कटे हुए अंगों के अवशेष मोर्चरी तक ले जाने पड़े। DNA टेस्ट: एसएसपी श्लोक कुमार ने पुष्टि की है कि इन अवशेषों की पहचान के लिए अब डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। फिलहाल केवल तीन मृतकों (रामपाल-आजमगढ़, सुल्तान-गोंडा, अखिलेंद्र-प्रयागराज) की शिनाख्त हो पाई है। लापता परिजन: राठ हमीरपुर से आए गुलजारी लाल जैसे कई परिजन अभी भी अपने लापता सदस्यों की तलाश में अस्पताल पहुँच रहे हैं, जिन्हें बस से बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया था। 3. ⏱️ 6 घंटे चला मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की 50 जवानों की टीम ने 9 थानों की पुलिस के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसे पूरा करने में 6 घंटे लगे। स्थानीय मदद: पुलिस के पहुंचने से पहले ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए थे। चश्मदीदों ने बताया कि लोगों ने बसों के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश की। आरोप: हालांकि, कुछ जीवित बचे लोगों ने आरोप लगाया है कि रेस्क्यू ऑपरेशन और फायर ब्रिगेड की टीम घंटेभर बाद पहुंची। गोंडा से दिल्ली जा रही शालिनी ने बताया कि "फायर ब्रिगेड अगर टाइम पर आती तो शायद कुछ जानें बच जातीं।" यातायात बाधित: हादसे के कारण यमुना एक्सप्रेस-वे पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। मलबा हटाने के बाद ही यातायात शुरू हो सका। 4. 🏥 घायलों का उपचार और सीएम का मुआवजा हादसे में घायल हुए 70 से अधिक लोगों को तत्काल 11 एम्बुलेंसों की मदद से मथुरा जिला अस्पताल और वृंदावन संयुक्त जिला अस्पताल भेजा गया। रेफर: गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मुआवजे का ऐलान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है। जांच के आदेश: प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जिसका नेतृत्व एडीएम प्रशासन अमरेश करेंगे। 5. 📞 जिला प्रशासन का हेल्पलाइन नंबर जिला प्रशासन ने लोगों की मदद और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: अपर जिलाधिकारी (Dr. पंकज कुमार वर्मा): 9454417583 एसपी ग्रामीण (सुरेश चंद्र रावत): 9454401103 कंट्रोल रूम मथुरा: 0565 2403200
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ