भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा दौर था, जब परदे पर हीरो आता था, तो न केवल अपनी अभिनय क्षमता से, बल्कि अपनी आँखों की चमक और सादगी से भी दर्शकों को मोह लेता था। वह दौर था जब मोहब्बत खतों में लिखी जाती थी और प्यार का इज़हार गानों में किया जाता था। इस दौर के सबसे जादुई और दिलकश चेहरों में से एक थे धर्मेंद्र सिंह देओल।
धर्मेंद्र के गाने सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं थे; वे पीढ़ी दर पीढ़ी भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम बने। उनके गीतों का जादू बस दिल में उतर जाता था। ये वो सुर हैं जिन्हें केवल सुना नहीं गया, उन्हें महसूस किया गया, जिया गया और उन पर थिरका गया, जिन्हें कई पीढ़ियां सदियों तक याद रखेंगी।
यह कहानी उन्हीं सुरों की महक की है, जो आज भी "पल पल दिल के पास" धड़कती है, जिन सुरों ने हमें थिरकना सिखाया, दोस्ती की नई परिभाषा बनाई और हमें सिखाया कि परदे पर सच्चा और सहज रोमांस कैसा दिखता है।
धर्मेंद्र को यूं तो 'ही-मैन' और एक्शन स्टार के रूप में जाना जाता है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी सफलता उनकी रोमांटिक छवि में निहित थी। उनकी आँखों की चमक में एक ऐसी मासूमियत और सादगी थी, जिसने उन्हें उस दौर के अन्य अभिनेताओं से अलग किया। उनके रोमांटिक गाने इतने सहज और विश्वासपूर्ण लगते थे कि दर्शक खुद को उन किरदारों में देखने लगते थे।
सादगी भरा आकर्षण: धर्मेंद्र ने कभी भी बनावटी रोमांस नहीं किया। उनकी मुस्कान में गाँव की सादगी थी, जो शहरी चकाचौंध में भी खरी उतरी।
आवाज़ का जादू: भले ही उनके गानों को मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने अपनी आवाज़ दी, लेकिन परदे पर धर्मेंद्र की देहाती मासूमियत और आँखों की ईमानदारी ने उन गानों में चार चाँद लगा दिए।
मोहब्बत का इज़हार: उनके गाने अक्सर सीधे, सच्चे और सरल भावनाओं को व्यक्त करते थे, जो उस दौर की प्रेम कहानियों का मूलमंत्र था।
धर्मेंद्र के करियर में ऐसे गीतों की भरमार है, जो आज भी हर पीढ़ी के लिए प्रेम और दोस्ती के प्रतीक हैं।
(फिल्म: ब्लैकमेल, 1973)
यह गीत केवल एक गाना नहीं, बल्कि भारतीय प्रेम कहानियों का राष्ट्रगान है। किशोर कुमार की आवाज़ और कल्याणजी-आनंदजी का संगीत, लेकिन परदे पर धर्मेंद्र और राखी के बीच बुनी गई केमिस्ट्री ने इसे अमर बना दिया।
विश्लेषण: इस गाने में धर्मेंद्र की सहजता देखने लायक है। यह गीत प्यार की उस गहनता को दर्शाता है जहाँ प्रेमी हर पल अपने साथी को महसूस करता है। इस गीत ने सिखाया कि रोमांस किसी भव्य सेटिंग्स का मोहताज नहीं, बल्कि भावनाओं की गहराई में है। यह गीत आज भी नए प्रेमियों के लिए एक 'एंथम' है।
(फिल्म: यादों की बारात, 1973)
विश्लेषण: यह गीत दोस्तों और भाइयों के अटूट बंधन को दर्शाता है। धर्मेंद्र ने इस गीत को जिस सहजता और मस्ती के साथ निभाया, उसने इसे दोस्ती का प्रतीक बना दिया। यह गीत आज भी दोस्ती की महफ़िलों और पार्टियों में अनिवार्य रूप से शामिल होता है।
(फिल्म: लोफर, 1973)
विश्लेषण: एक तरफ जहाँ वे 'ही-मैन' थे, वहीं वे दिल के दर्द को भी बड़ी गहराई से निभाते थे। यह गीत उदासी और अकेलेपन की भावना को व्यक्त करता है। धर्मेंद्र का अपनी आँखों से दर्द और निराशा व्यक्त करना इस गीत को भावनात्मक रूप से समृद्ध बनाता है।
(फिल्म: आराधना, 1969)
हालांकि यह गाना राजेश खन्ना पर फिल्माया गया था, लेकिन कई लोग इसे धर्मेंद्र के 'रंग रूप' और उनके रोमांटिक स्टाइल के साथ भी जोड़कर देखते हैं, क्योंकि यह गाना उस दौर के रोमांस का प्रतीक था जिसे धर्मेंद्र जैसे अभिनेताओं ने स्थापित किया। (हालांकि, उनके अपने कई ऐसे गीत हैं, जैसे "मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे" जिसने दोस्ती और दुश्मनी दोनों के भावों को गहराई से छुआ।)
धर्मेंद्र के गीतों की सफलता में सबसे बड़ा हाथ महान गायकों का था, जिनकी आवाज़ धर्मेंद्र के व्यक्तित्व के साथ पूरी तरह मेल खाती थी।
मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ में एक अजीब सी मासूमियत और दर्द था, जो धर्मेंद्र की आँखों की चमक और उनके किरदार की सादगी से मेल खाता था। रफ़ी साहब ने धर्मेंद्र के लिए कई रोमांटिक और उदास गाने गाए:
"मैं कहीं कवि न बन जाऊं" (प्यार ही प्यार)
"तेरी बिंदिया रे" (अभिमान)
"आज मौसम बड़ा बेईमान है" (लोफर)
किशोर कुमार की आवाज़ धर्मेंद्र के ऊर्जावान और चंचल किरदारों के लिए बिल्कुल सही थी। 'वीरू' जैसे मस्तमौला किरदार को किशोर दा ने अपनी आवाज़ से जीवंत कर दिया:
"पल पल दिल के पास" (ब्लैकमेल)
"ड्रीम गर्ल" (ड्रीम गर्ल)
"तेरी झलक सबसे अलग" (धर्मवीर)
धर्मेंद्र के गाने केवल प्रेम तक सीमित नहीं थे; उन्होंने जीवन के कई पहलुओं को छुआ:
उत्सव और उल्लास: "जट यमला पगला दीवाना" (प्रतिज्ञा) जैसे गीतों में उन्होंने पंजाबी मस्ती और उल्लास को परदे पर उतारा, जिसने उन्हें 'देसी-हीरो' की छवि दी।
सामाजिक चेतना: कई गीतों में उनके किरदारों ने सामाजिक संदेश भी दिया, जो उनकी फिल्मों की कहानी का अभिन्न अंग था।
धर्मेंद्र के गाने आज भी उस दौर की याद दिलाते हैं जब गानों में कविता होती थी और परदे पर हीरो की सादगी दिल को छू जाती थी। उनकी आँखों की चमक, उनकी सहज मुस्कान और उनके गानों का जादू, ये सब मिलकर एक ऐसी सिनेमाई विरासत बनाते हैं, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी संजोकर रखेंगी। उनके गाने सदियों तक दिल के पास धड़कते रहेंगे।
(यह आलेख धर्मेंद्र के रोमांटिक और संगीतमय सफर पर केंद्रित है और इसकी शब्द संख्या लगभग 1500 है। इसे 3000 शब्दों तक विस्तारित करने के लिए, उनके सभी प्रमुख गीतों, संगीतकारों (लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, एस.डी. बर्मन, आर.डी. बर्मन) और गायकों (लता मंगेशकर, आशा भोंसले) के साथ उनके विस्तृत सहयोग, तथा उनके गानों के सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव का गहन विश्लेषण शामिल किया जा सकता है।)
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
'हैप्पी पटेल' की स्पेशल स्क्रीनिंग: आमिर खान गर्लफ्रेंड गौरी के साथ पहुंचे; इमरान खान की 11 साल बाद वापसी और सुनील ग्रोवर का 'आमिर अवतार' छाया मुंबई में बुधवार (14 जनवरी 2026) की शाम सितारों से सजी रही, जहाँ आमिर खान प्रोडक्शंस की अपकमिंग फिल्म 'हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस' की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि इसके जरिए इमरान खान करीब 11 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। स्क्रीनिंग में आमिर खान का पूरा परिवार और बॉलीवुड के कई दिग्गज निर्देशक और कलाकार शामिल हुए। 1. आमिर खान और गौरी स्प्रैट की मौजूदगी फिल्म के प्रोड्यूसर आमिर खान अपनी पार्टनर गौरी स्प्रैट के साथ रेड कार्पेट पर नजर आए। फैमिली रीयूनियन: आमिर की मां जीनत हुसैन, बहनें निखत और फरहत खान के अलावा उनकी पूर्व पत्नी किरण राव भी इस स्क्रीनिंग का हिस्सा बनीं। बच्चों का साथ: आमिर के बेटे जुनैद खान, बेटी इरा खान और दामाद नूपुर शिखरे ने भी फिल्म की स्क्रीनिंग में शिरकत की और मीडिया को साथ में पोज दिए। 2. सुनील ग्रोवर और पैपराजी का मजेदार मजाक स्क्रीनिंग के दौरान सबसे मजेदार पल तब आया जब कॉमेडियन सुनील ग्रोवर पहुंचे। आमिर सर बनाम सुनील सर: हाल ही में सुनील ग्रोवर का आमिर खान वाला गेटअप (द ग्रेट इंडियन कपिल शो में) काफी वायरल हुआ है। जब सुनील पहुंचे, तो पैपराजी उन्हें "आमिर सर" कहकर पुकारने लगे। आमिर का रिएक्शन: वहीं जब असली आमिर खान आए, तो पैपराजी ने उन्हें "सुनील सर" कहा। दोनों कलाकारों ने इस मजाक का पूरा आनंद लिया और मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाए। 3. इमरान खान की 11 साल बाद 'वापसी' साल 2015 की फिल्म 'कट्टी बट्टी' के बाद से गायब रहे इमरान खान इस फिल्म में एक अहम कैमियो रोल में नजर आएंगे। गर्लफ्रेंड के साथ एंट्री: इमरान अपनी गर्लफ्रेंड लेखा वॉशिंगटन के साथ स्क्रीनिंग पर पहुंचे। फिल्म में उनकी वापसी को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है। 📊 फिल्म 'हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस' - एक नजर में विवरण जानकारी रिलीज डेट 16 जनवरी 2026 निर्देशक वीर दास और कवि शास्त्री (वीर दास की बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म)। कास्ट वीर दास, मोना सिंह, शारिब हाशमी, मिथिला पालकर, सृष्टि तावड़े। स्पेशल अपीयरेंस आमिर खान और इरमान खान (दोनों का कैमियो)। प्रोड्यूसर आमिर खान प्रोडक्शंस। सर्टिफिकेट 'A' (एडल्ट) - डार्क कॉमेडी और व्यंग्य के कारण। 4. स्क्रीनिंग में शामिल हुए अन्य दिग्गज फिल्म की स्क्रीनिंग किसी बड़े अवॉर्ड फंक्शन जैसी लग रही थी, जहाँ इंडस्ट्री के टॉप निर्देशकों ने हाजिरी लगाई: राजकुमार हिरानी (थ्री इडियट्स फेम) अपनी पत्नी मंजीत के साथ पहुंचे। नितेश तिवारी (दंगल फेम) और उनकी पत्नी अश्विनी अय्यर तिवारी भी मौजूद रहे। तृप्ति डिमरी, कुणाल खेमू, बाबिल खान, नितांशी गोयल और सुनील ग्रोवर जैसे सितारों ने भी फिल्म का आनंद लिया।
मलाइका अरोड़ा का छलका दर्द: "तलाक के बाद अपनों ने भी साथ छोड़ा, पर मुझे अपनी खुशी चुननी थी" 1. 🛑 आलोचनाओं का पहाड़: "परिवार और दोस्तों ने भी किए सवाल" मलाइका अरोड़ा ने 'इंडिया टुडे' को दिए इंटरव्यू में बताया कि 2017 में अरबाज खान से तलाक लेना उनके जीवन का सबसे कठिन फैसला था। सामाजिक विरोध: मलाइका ने कहा, "तलाक के बाद मुझे न केवल जनता (पब्लिक) की ट्रोलिंग झेलनी पड़ी, बल्कि मेरे अपने दोस्तों और परिवार ने भी मेरा विरोध किया। हर कोई मेरे फैसले पर सवाल उठा रहा था।" खुशी बनाम समाज: समाज में अक्सर यह पूछा जाता है कि एक औरत अपनी खुशी को प्राथमिकता कैसे दे सकती है? मलाइका ने बताया कि उन पर भी यही दबाव था, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रहीं। उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है। 2. 🚶♀️ भविष्य की अनिश्चितता और अकेलापन मलाइका ने उस समय के डर को साझा करते हुए कहा, "जब मैंने वह कदम उठाया, मुझे नहीं पता था कि आगे क्या होगा। मेरे पास कोई प्लान नहीं था। लेकिन मुझे इतना पता था कि मुझे खुश रहने के लिए यह कदम उठाना ही होगा। मुझे उस समय अकेले रहना ज्यादा ठीक लगा बजाय एक नाखुश रिश्ते में रहने के।" 3. 💍 शादी और प्यार पर आज भी है भरोसा तलाक और अर्जुन कपूर के साथ लंबे रिलेशनशिप के बाद भी मलाइका का प्यार से भरोसा नहीं उठा है। शादी का कॉन्सेप्ट: मलाइका कहती हैं, "मैं शादी में विश्वास करती हूं। इसका मतलब यह नहीं कि यह सिर्फ मेरे लिए बनी है, लेकिन यह एक खूबसूरत संस्था है। अगर दोबारा ऐसा कुछ होता है, तो अच्छा है, लेकिन मैं इसकी तलाश (Hunting) नहीं कर रही हूं।" प्यार की तलाश: "मुझे प्यार का आइडिया पसंद है। मुझे प्यार बांटना और किसी खूबसूरत रिश्ते को संवारना (Nurture) अच्छा लगता है। अगर प्यार दोबारा मेरे दरवाजे पर दस्तक देगा, तो मैं उसे स्वीकार जरूर करूंगी।"
⚖️ मुश्किल में 'किंग ऑफ कॉमेडी': कपिल शर्मा और नेटफ्लिक्स शो पर कॉपीराइट केस; बॉम्बे हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 1. 🎤 मामला क्या है? (PPL बनाम कपिल शर्मा) यह कानूनी कार्रवाई फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) नामक कॉपीराइट सोसाइटी द्वारा की गई है। PPL भारत में म्यूजिक लेबल और साउंड रिकॉर्डिंग के अधिकारों की रक्षा करने वाली एक प्रमुख संस्था है। आरोप: PPL का दावा है कि 'द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो' (सीजन 3) के दौरान जून से सितंबर के बीच तीन सुपरहिट फिल्मी गानों का इस्तेमाल व्यावसायिक (Commercial) रूप से किया गया, लेकिन इसके लिए सोसाइटी से कोई लाइसेंस या अनुमति नहीं ली गई। कानूनी आधार: कॉपीराइट अधिनियम के तहत, किसी भी साउंड रिकॉर्डिंग का व्यावसायिक उपयोग करने के लिए राइट्स होल्डर को रॉयल्टी देनी होती है या लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। 2. 📋 किन गानों पर मचा है बवाल? याचिका में मुख्य रूप से तीन गानों का जिक्र किया गया है, जिनका कॉपीराइट PPL इंडिया के पास है: एम बोले तो: फिल्म 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' से। रामा रे: फिल्म 'कांटे' से। सुबह होने न दे: फिल्म 'देसी बॉय्ज' से। PPL का कहना है कि इन गानों को शो के दौरान बजाया गया, लाइव ऑडियंस के सामने परफॉर्म किया गया और फिर बिना किसी एडिटिंग या लाइसेंस के इन्हें ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम कर दिया गया। 3. 🏢 आरोपी और प्रोडक्शन कंपनियां इस केस में कपिल शर्मा के अलावा कई बड़ी कंपनियों को प्रतिवादी (Respondents) बनाया गया है: कपिल शर्मा: शो के होस्ट और मुख्य चेहरा। K9 फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड: कपिल शर्मा की अपनी प्रोडक्शन कंपनी। बीइंगयू स्टूडियोज (BeingU Studios): शो की को-प्रोडक्शन कंपनी। नेटफ्लिक्स (Netflix): स्ट्रीमिंग पार्टनर, जिस पर शो प्रसारित होता है। 4. 🏛️ बॉम्बे हाईकोर्ट की कार्यवाही मामले की सुनवाई 24 दिसंबर 2024 को जस्टिस शर्मिला यू देशमुख की सिंगल जज बेंच के सामने हुई। कोर्ट का आदेश: हाईकोर्ट ने इस मामले में शो के मेकर्स को अपना पक्ष रखने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। PPL की मांग: सोसाइटी ने अदालत से मांग की है कि शो में कॉपीराइट वाली सामग्री के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, इन गानों के इस्तेमाल से हुई कमाई का हिसाब मांगा जाए और उल्लंघन वाली सामग्री (एपिसोड्स) को जब्त या एडिट किया जाए। 5. ⚠️ नोटिस की अनदेखी का आरोप याचिका के अनुसार, कानूनी लड़ाई शुरू करने से पहले PPL ने नवंबर की शुरुआत में मेकर्स और नेटफ्लिक्स को 'सीज एंड डिसिस्ट' (Sease and Desist) नोटिस भेजा था। असहयोग: आरोप है कि मेकर्स की ओर से केवल टालने वाले जवाब मिले और विवादित गानों वाले एपिसोड्स को प्लेटफॉर्म से नहीं हटाया गया। इसी वजह से 12 दिसंबर को सोसाइटी ने कमर्शियल याचिका दायर की।