लोकसभा में चुनावी घमासान: अमित शाह का पलटवार; राहुल गांधी के 3 सवालों का दिया जवाब, कहा- 'वोट चोरी की शुरुआत नेहरू से हुई'
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधार पर हुई चर्चा का जवाब दिया। करीब डेढ़ घंटे की अपनी आक्रामक और विस्तृत स्पीच में उन्होंने विपक्ष के सभी आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया, खासकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए तीन प्रमुख सवालों का। शाह के जवाबों के दौरान सदन में कई बार तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ, जिसके बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
शाह ने अपनी स्पीच की शुरुआत में ही विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोला।
चर्चा का चैलेंज: अमित शाह ने कहा कि वह राहुल गांधी की 'एक सादी वाली, एक एटम बम वाली और एक हाइड्रोजन बम वाली' तीनों प्रेस कॉन्फ्रेंस का जवाब देंगे।
राहुल का हस्तक्षेप: इस पर राहुल गांधी अपनी सीट से खड़े हुए और शाह को चुनौती देते हुए कहा, "शाह जी मैं आपको चैलेंज करता हूं। आप मेरी वोट चोरी की तीनों प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चां करें।"
शाह का कड़ा जवाब: शाह ने तेज आवाज में जवाब दिया कि वह 30 साल से संसद में चुनकर आ रहे हैं और उन्हें बोलने का क्रम विपक्ष नहीं बताएगा। उन्होंने राहुल गांधी के 'डरा हुआ रिस्पांस' वाले कटाक्ष को दरकिनार करते हुए कहा, "मैं उनके उकसावे पर नहीं आऊंगा। विषय पर बोलूंगा।"
गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी स्पीच में राहुल गांधी द्वारा उठाए गए तीन मुख्य बिंदुओं का विस्तार से जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कानूनी और ऐतिहासिक संदर्भ दिए।
शाह का जवाब: शाह ने कहा कि पिछले 73 साल तक चुनाव आयोग की नियुक्ति का कोई कानून ही नहीं था; प्रधानमंत्री सीधे नियुक्ति करते थे।
ऐतिहासिक संदर्भ: उन्होंने बताया कि 1950 से 2023 तक, सभी 21 चुनाव आयुक्त PM की सिफारिश पर ही बने, और 2023 तक कोई कानून नहीं था।
कानून बनाने का कारण: उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने पारदर्शिता के लिए कहा, तो सरकार ने कानून बनाया। उन्होंने कहा, "जब तक कानून नहीं बनता सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सब कुछ हो। इसके बाद कानून बना।"
कांग्रेस पर पलटवार: शाह ने 2012 में हुई CEC की नियुक्ति का जिक्र किया, जहां लाल कृष्ण आडवाणी की सलाह को दरकिनार किया गया था।
शाह का जवाब: उन्होंने कहा कि यह जनप्रतिनिधि कानून, 1991 में साफ लिखा है कि चुनाव परिणाम को 45 दिन बाद कोई चुनौती नहीं दे सकता।
कानूनी आधार: जब 45 दिन में कोई आपत्ति नहीं आई, तो चुनाव आयोग इसे क्यों रखेगा? CCTV रिकॉर्डिंग कोई संवैधानिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि आंतरिक प्रबंधन का हिस्सा है।
पारदर्शिता: उन्होंने बताया कि कोई भी 45 दिन में शीर्ष अदालत में जाकर इसे मांग सकता है। उन्होंने विपक्ष पर 'प्रक्रिया न पढ़ने' का आरोप लगाया।
शाह का जवाब: उन्होंने कहा कि यह आरोप गलत है। मुख्य चुनाव आयुक्त को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 से ज्यादा कोई इम्युनिटी नहीं दी गई है।
कानूनी निरंतरता: 2023 के कानून में भी प्रावधान पहले वाला ही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई केस नहीं कर सकता।
कांग्रेस पर पलटवार: शाह ने कहा कि यह वोट चोरी है कि इंदिरा गांधी ने खुद को इम्युनिटी दी थी, और उस समय के केस जीतने के लिए 2, 3, 4 नंबर के जस्टिस को छोड़, नीचे के जस्टिस को चीफ जस्टिस बनाया।
शाह ने EVM पर सवाल उठाने और SIR को वोट चोरी बताने के विपक्ष के आरोपों को भी खारिज किया।
EVM पर विश्वास: शाह ने याद दिलाया कि EVM 15 मार्च 1989 को राजीव गांधी के समय लाने का फैसला लिया गया था। उन्होंने कहा कि 2004, 2009 में जब कांग्रेस जीती, तब EVM सही था, और 2014, 2019 में जब BJP जीती तो सवाल उठने लगे।
VVPAT सत्यापन: उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने 5 साल रिसर्च के बाद VVPAT लाया और अब तक 16 हजार मशीनों में मिलान हुआ है, और एक भी गलत वोट सामने नहीं आया।
SIR पर तर्क: शाह ने कहा कि मतदाता सूची में सुधार के लिए SIR जरूरी है और यह कोई नया नहीं है।
ऐतिहासिक SIR: उन्होंने कहा कि पहला SIR 1952 में जवाहरलाल नेहरू के दौर में हुआ था, और उसके बाद 57, 62, 84-85 में इंदिरा गांधी के दौर में भी हुआ।
वर्तमान उद्देश्य: SIR का उद्देश्य मरे लोगों के नाम काटना, डबल वोटर डिलीट करना और विदेशी नागरिकों (घुसपैठियों) को चुन-चुन कर डिलीट करना है।
राहुल गांधी के इस आरोप पर कि RSS सभी संस्थाओं पर कब्जा कर रहा है, शाह ने तीखा जवाब दिया।
जवाबी सवाल: शाह ने पूछा, "क्या कोई नियम है किस विचारधारा का व्यक्ति VC बनेगा?"
RSS का बचाव: उन्होंने कहा कि देश के लिए मरना और देश की संस्कृति को बुलंद करना RSS की विचारधारा है, और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
कांग्रेस पर आरोप: शाह ने कहा कि देश के शैक्षणिक संस्थाओं में शीर्ष पदों पर वाम पंथियों को इंदिरा गांधी ने बिठाया था, जिससे देश के युवा धन को डायवर्ट किया गया।
शाह ने कहा कि बीजेपी वोट चोरी से नहीं, बल्कि विपक्ष की नकारात्मक राजनीति से चुनाव जीतती है।
विपक्ष की नकारात्मकता: उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, राम मंदिर, CAA कानून, ट्रिपल तलाक और घुसपैठियों को हटाने का विरोध किया, इसलिए NDA चुनाव जीतता है।
शाह ने जनसांख्यिकी के आधार पर देश के बंटवारे की चिंता व्यक्त की और घुसपैठ रोकने की बात की।
बॉर्डर पर काम: उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर 2216 KM में से 1653 KM बॉर्डर बन चुका है, लेकिन केवल बंगाल में ही 563 KM बॉर्डर बनना बाकी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा: शाह ने कहा कि देश में घुसपैठिए रहेंगे, यह कोई CM तय नहीं करेगा।
शाह ने कहा कि वोट चोरी के तीन आयाम हैं: मतदाता नहीं होना, गलत प्रकार से चुनाव जीतना, और जनादेश न मिलने पर पद प्राप्त करना।
नेहरू का पीएम बनना: शाह ने कहा, "आजादी के बाद देश का पीएम तय करना पहली वोट चोरी की घटना था।" उन्होंने दावा किया कि सरदार पटेल को 28 और नेहरू को 2 वोट मिले थे, फिर भी PM नेहरू बने।
इंदिरा गांधी का केस: उन्होंने रायबरेली से इंदिरा गांधी के चुनाव को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने को 'वोट चोरी' बताया, जिसे ढकने के लिए बाद में कानून लाया गया।
सोनिया गांधी का विवाद: शाह ने यह भी कहा कि सोनिया गांधी ने देश की मतदाता बनने से पहले ही वोट दिया था, जिसका मामला दिल्ली की सिविल अदालत में है।
शाह की स्पीच के बाद, राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि गृहमंत्री ने उनके सवालों का जवाब नहीं दिया और उनका जवाब पूरी तरह से रक्षात्मक था। इसके बाद कांग्रेस सदन से वॉकआउट कर गई।
क्या आप जानना चाहेंगे कि गृहमंत्री अमित शाह ने किस 'जनप्रतिनिधि अधिनियम' का उल्लेख किया था जिसमें CCTV फुटेज को 45 दिन बाद नष्ट करने का प्रावधान है?
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
किश्तवाड़ एनकाउंटर: हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 'ऑपरेशन त्राशी-1' के दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी, खौर सेक्टर में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़/जम्मू | 19 जनवरी 2026 जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ जारी जंग में भारत ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। रविवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में घायल हुए हवलदार गजेंद्र सिंह ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सेना ने अब इलाके में आतंकियों को घेरने के लिए 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत घेराबंदी और कड़ी कर दी है। 1. शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह को अंतिम विदाई रविवार शाम को किश्तवाड़ के सोनार गांव के जंगलों में हुई मुठभेड़ के दौरान 8 जवान घायल हुए थे। शहादत: हवलदार गजेंद्र सिंह को गंभीर चोटें आई थीं। सेना के अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मुठभेड़ का घटनाक्रम: रविवार शाम करीब 5:46 बजे तक आतंकियों और जवानों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी। सेना की 'वाइट नाइट कॉर्प्स' (White Knight Corps) के जवान अब अपने शहीद साथी का बदला लेने के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। 2. 'ऑपरेशन त्राशी-1': जंगलों में छिपे हैं जैश के आतंकी सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली है कि किश्तवाड़ के ऊपरी इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 2 से 3 खूंखार आतंकी छिपे हुए हैं। घेराबंदी: सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ को जोड़ने वाले घने जंगली रास्तों को चारों तरफ से सील कर दिया है। हाई-टेक सर्च: आतंकियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन कैमरों और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है। घने कोहरे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बावजूद सेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। 3. खौर सेक्टर में मिला 'PIA' लिखा पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़ में तनाव के बीच जम्मू के खौर सेक्टर (कचरियाल गांव) में एक संदिग्ध गुब्बारा मिलने से सनसनी फैल गई। दिखावट: यह गुब्बारा सफेद और हरे रंग का है और इसका आकार एक विमान (Aeroplane) जैसा है। संदिग्ध संकेत: गुब्बारे पर 'PIA' (Pakistan International Airlines) लिखा हुआ है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने इसे कब्जे में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि क्या यह केवल हवा के साथ आया है या इसके पीछे कोई जासूसी या उकसावे की साजिश है। 📊 जम्मू क्षेत्र में आतंकी घटनाएं: जनवरी 2026 तारीख स्थान विवरण 07 जनवरी कठुआ (बिलावर) सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच पहली मुठभेड़। 13 जनवरी कठुआ (नजोत जंगल) आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन और झड़प। 18-19 जनवरी किश्तवाड़ हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 7 अन्य जवान घायल। 19 जनवरी खौर सेक्टर पाकिस्तानी प्लेन के आकार का गुब्बारा बरामद। 4. गणतंत्र दिवस को लेकर हाई अलर्ट 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के मद्देनजर पूरे जम्मू संभाग में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। आतंकी साजिश: खुफिया इनपुट मिले हैं कि सीमा पार बैठे हैंडलर गणतंत्र दिवस के दौरान बड़ी गड़बड़ी करने के लिए आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहे हैं। एंटी-टेरर मिशन: सेना ने दिसंबर से ही जम्मू के जंगलों में छिपे करीब 35-40 आतंकियों को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रखा है।
BMC चुनाव 2026: मतदान केंद्रों पर उमड़ा बॉलीवुड; अक्षय कुमार से मदद मांगने पर युवती ने छुए पैर, सचिन ने परिवार संग डाला वोट महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए आज, 15 जनवरी 2026 को लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। मुंबई के 'पावरफुल' बीएमसी (BMC) चुनावों में सुबह से ही बॉलीवुड सितारों और खेल जगत की हस्तियों का जमावड़ा लगा हुआ है। अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर और आमिर खान जैसे दिग्गजों ने न केवल अपना वोट डाला, बल्कि मुंबईवासियों से 'असली हीरो' बनने की अपील भी की। 1. अक्षय कुमार: "रिमोट कंट्रोल हमारे हाथ में है" बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना के साथ जुहू के एक पोलिंग बूथ पर सबसे पहले वोट डालने वालों में शामिल रहे। अपील: अक्षय ने वोटिंग के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते हुए कहा, "आज का दिन वह है जब रिमोट कंट्रोल हमारे हाथों में होता है। अगर मुंबई का असली हीरो बनना है, तो सिर्फ डायलॉग नहीं, वोट डालना जरूरी है।" मदद का भाव: पोलिंग बूथ के बाहर एक युवती ने अक्षय को रोककर बताया कि उसके पिता भारी कर्ज में हैं। भावुक होकर युवती ने अक्षय के पैर छूने की कोशिश की, जिस पर अक्षय ने उसे रोकते हुए कहा, "बेटा ऐसा मत कर।" उन्होंने तुरंत अपने स्टाफ को युवती का नंबर नोट करने का निर्देश दिया और मदद का आश्वासन दिया। ट्विंकल का नजरिया: ट्विंकल खन्ना ने कहा कि वोट देना हमें अपनी कहानी तय करने की ताकत और नियंत्रण देता है। 2. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने सपरिवार किया मतदान क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि और बेटी सारा तेंदुलकर के साथ बांद्रा के एक मतदान केंद्र पर पहुँचे। संदेश: सचिन ने मतदान को एक विशेषाधिकार बताया और कहा कि यह हमारी राय व्यक्त करने का सबसे बड़ा जरिया है। उन्होंने युवाओं से बड़ी संख्या में बाहर आने का आग्रह किया। 3. आमिर खान का परिवार और अन्य दिग्गज सितारे मुंबई के अलग-अलग इलाकों में सितारों की चमक देखने को मिली: आमिर खान: एक्टर आमिर खान ने भी अपना वोट डाला। उनके साथ उनके बेटे जुनैद खान, बेटी इरा खान और पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण राव भी अलग-अलग समय पर मतदान केंद्रों पर नजर आए। अनुभवी कलाकार: 91 वर्षीय दिग्गज गीतकार गुलजार, हेमा मालिनी, राकेश रोशन और सुनील शेट्टी ने भी सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हेमा मालिनी की मांग: हेमा मालिनी ने कहा, "अगर हमें गड्ढा मुक्त सड़कें, सुरक्षा और स्वच्छ हवा चाहिए, तो जिम्मेदारी लेनी होगी और वोट देना होगा।" 📊 मतदान करने पहुंचे प्रमुख सितारों की सूची सेलिब्रिटी विशेष टिप्पणी अक्षय कुमार & ट्विंकल सुबह सबसे पहले पहुंचने वाले सितारों में से एक। सचिन तेंदुलकर पत्नी अंजलि और बेटी सारा के साथ बांद्रा में मतदान किया। हेमा मालिनी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर वोट की अपील की। जॉन अब्राहम अपने वृद्ध माता-पिता के साथ मतदान करने पहुंचे। श्रद्धा कपूर प्रशंसकों के बीच घिरीं, वोट डालकर युवाओं को प्रेरित किया। तमन्ना भाटिया मुंबई की प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान किया। नाना पाटेकर पुणे से 4 घंटे का सफर तय कर वोट डालने दादर आए। 4. मतदान की ताज़ा स्थिति (दोपहर 2:30 बजे तक) वोटिंग प्रतिशत: महाराष्ट्र में दोपहर 1:30 बजे तक औसत मतदान लगभग 25-30% के आसपास दर्ज किया गया है। कोल्हापुर में सबसे अधिक (37%) और पुणे में मतदान थोड़ा धीमा रहा। सुरक्षा: मुंबई में 25,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्याही मिटाने का प्रयास अपराध माना जाएगा।
आर्मी चीफ की चेतावनी: ऑपरेशन सिंदूर जारी; बॉर्डर पार 8 आतंकी कैंप सक्रिय, दुस्साहस किया तो पाकिस्तान को मिलेगा 'करारा जवाब' भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी समाप्त नहीं हुआ है और भारतीय सेना किसी भी आतंकी या सैन्य दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी ताकत के साथ तैयार है। यहाँ आर्मी चीफ के संबोधन और सीमा की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. ऑपरेशन सिंदूर: रणनीतिक जीत और पाक को बड़ा झटका जनरल द्विवेदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण बताया। बड़ा नुकसान: इस ऑपरेशन के दौरान 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा। 88 घंटे का अभियान: 7 मई को शुरू हुई 22 मिनट की शुरुआती स्ट्राइक और उसके बाद 88 घंटे चले समन्वित हमले ने पाकिस्तान की 'परमाणु धमकी' (Nuclear Blackmail) की रणनीति को पूरी तरह कमजोर कर दिया। लक्ष्य: सेना ने 9 में से 7 चिन्हित आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। 2. सीमा पर 'ड्रोन' और आतंकी कैंपों की हलचल बॉर्डर पर हाल ही में देखे गए ड्रोनों को लेकर आर्मी चीफ ने स्थिति साफ की। रक्षात्मक ड्रोन: 10 से 12 जनवरी के बीच सीमा पर जो छोटे ड्रोन देखे गए, वे पाकिस्तान द्वारा यह जांचने के लिए भेजे गए थे कि भारतीय सेना कहीं ढिलाई तो नहीं बरत रही। 8 सक्रिय कैंप: आर्मी चीफ ने खुलासा किया कि LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं, जहाँ ट्रेनिंग चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भी गलती होने पर सेना तुरंत एक्शन लेगी। 📊 भारतीय सेना की उपलब्धियां और रणनीतिक रुख (2025-26) श्रेणी विवरण और आंकड़े आतंकी सफाया 2025 में 31 आतंकी ढेर (ज्यादातर पाकिस्तानी)। ऑपरेशन महादेव पहलगाम हमले के आतंकियों का खात्मा। पर्यटन में सुधार अमरनाथ यात्रा में 4 लाख+ श्रद्धालु (5 साल का रिकॉर्ड)। रणनीतिक रुख पाकिस्तान-चीन का 1963 समझौता 'अवैध' घोषित। 3. चीन-पाक गठजोड़ पर सख्त प्रहार जनरल द्विवेदी ने 1963 के पाक-चीन समझौते को पूरी तरह अवैध करार दिया। शक्सगाम घाटी: पाकिस्तान द्वारा शक्सगाम घाटी का क्षेत्र चीन को सौंपना भारत स्वीकार नहीं करता। CPEC का विरोध: सेना प्रमुख ने कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है और हम इसे दोनों देशों की अवैध कार्रवाई मानते हैं। 4. कश्मीर में बदलाव की बयार सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर की बदलती तस्वीर पर खुशी जताई। आतंक से पर्यटन की ओर: अब घाटी में विकास के काम तेज हुए हैं और पर्यटन लौट रहा है। शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है।