वेस्ट बैंक में CNN टीम से बदसलूकी: इजराइली सेना ने पूरी बटालियन को किया सस्पेंड; नेत्जाह येहूदा यूनिट की ऑपरेशनल गतिविधियों पर लगी रोक यरुशलम/वेस्ट बैंक | 30 मार्च 2026 इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी गांव तयासिर में CNN के पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट के मामले में एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सेना ने इस घटना में शामिल पूरी बटालियन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह बटालियन विवादित नेत्जाह येहूदा (Netzah Yehuda) यूनिट का हिस्सा है। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, इस बटालियन को वेस्ट बैंक से हटाकर ट्रेनिंग बेस पर भेज दिया गया है और जांच पूरी होने तक इसकी सभी ऑपरेशनल गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। 1. क्या थी घटना? 26 मार्च का वो मंजर यह घटना पिछले हफ्ते 26 मार्च को उस समय हुई जब CNN के वरिष्ठ पत्रकार जेरेमी डायमंड अपनी टीम के साथ तयासिर गांव में रिपोर्टिंग कर रहे थे। रिपोर्टिंग का विषय: टीम वहां इजराइली सेटलर्स (बसावट करने वालों) द्वारा किए गए हालिया हमलों के बाद के हालात को कैमरे में कैद कर रही थी। अचानक हमला: चश्मदीदों से बात करने के दौरान इजराइली सैनिकों की एक टुकड़ी वहां पहुंची। बातचीत जल्द ही विवाद में बदल गई और सैनिकों ने पत्रकारों को हिरासत में ले लिया। हिंसा: आरोप है कि एक सैनिक ने फोटो जर्नलिस्ट सिरिल थियोफिलॉस का गला जकड़ लिया और उन्हें जमीन पर पटक दिया, जिससे उनका महंगा कैमरा टूट गया। सैनिकों ने पत्रकारों पर बंदूकें भी तानीं, जबकि उन्होंने अपनी पहचान (Press ID) उजागर कर दी थी। 2. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: प्रेस की आजादी पर हमला अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (FPA) ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है: निंदा प्रस्ताव: संगठन ने इसे प्रेस की आजादी पर सीधा और हिंसक हमला करार दिया। दुश्मनी का माहौल: FPA ने कहा कि पत्रकारों को डराना और उन पर हथियार तानना यह दर्शाता है कि ग्राउंड पर मीडिया के प्रति दुश्मनी बढ़ रही है। जांच की मांग: संगठन ने इजराइल सरकार से मांग की है कि केवल सस्पेंशन काफी नहीं है, बल्कि जिम्मेदार सैनिकों पर आपराधिक मुकदमा चलना चाहिए। 3. नेत्जाह येहूदा यूनिट: धार्मिक पहचान और विवादों का नाता नेत्जाह येहूदा यूनिट इजराइली सेना की कफिर ब्रिगेड का हिस्सा है। इसका इतिहास और संरचना इसे अन्य यूनिट्स से अलग बनाती है: गठन (1999): इसे विशेष रूप से हरेदी (अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स) समुदाय के लिए बनाया गया था, जिन्हें पहले सैन्य सेवा से छूट मिली हुई थी। धार्मिक नियम: इस यूनिट में महिलाएं शामिल नहीं होतीं। यहां केवल कोषेर (Kosher) खाना दिया जाता है और सैनिकों को धार्मिक प्रार्थनाओं के लिए समय दिया जाता है। विवादित इतिहास: यह यूनिट लंबे समय से मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों में घिरी रही है। 2022: 79 वर्षीय फिलिस्तीनी-अमेरिकी उमर असअद की सैनिकों द्वारा बांधे जाने के बाद मौत हो गई थी। मार्च 2026: यरुशलम में एक CNN प्रोड्यूसर का हाथ फ्रैक्चर करने का आरोप भी इसी यूनिट से जुड़ी गतिविधियों पर लगा है। 📊 नेत्जाह येहूदा यूनिट: एक नजर में विशेषता विवरण स्थापना 1999 (हरेदी समुदाय के लिए) मुख्य कार्य वेस्ट बैंक में गश्त और सुरक्षा विवाद मानवाधिकार उल्लंघन, अत्यधिक बल प्रयोग ताजा कार्रवाई पूरी बटालियन सस्पेंड, ऑपरेशनल रोक अमेरिकी रुख प्रतिबंध लगाने पर विचार (Leahy Law के तहत) 4. अमेरिका की नजर और संभावित प्रतिबंध नेत्जाह येहूदा यूनिट की गतिविधियों पर केवल इजराइल के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है। अमेरिकी जांच: 2022 के अंत से अमेरिका इस यूनिट की जांच कर रहा है। लेही कानून (Leahy Law): ऐसी खबरें हैं कि जो बाइडन और अब ट्रम्प प्रशासन भी इस यूनिट पर मानवाधिकारों के हनन के कारण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह इजराइली सेना की पहली ऐसी यूनिट होगी जिसे अमेरिकी सैन्य सहायता प्राप्त करने से रोक दिया जाएगा। 5. सेना का अगला कदम: 'एथिकल री-ट्रेनिंग' इजराइली सेना ने स्पष्ट किया है कि बटालियन को केवल हटाया नहीं गया है, बल्कि उन्हें प्रोफेशनल और एथिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। जांच प्रक्रिया: सैन्य पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या सैनिकों ने नियमों (Rules of Engagement) का उल्लंघन किया। कमांड लेवल पर बदलाव: बटालियन के कमांडरों से भी पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने पत्रकारों के साथ हो रही बदसलूकी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए।
मिडल ईस्ट में महाजंग: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर 'लियोनस् रोर' हमला; जवाब में ईरान ने दागीं 400 मिसाइलें, दुबई और अमेरिकी बेस भी निशाने पर तेहरान/तेल अवीव | 28 फरवरी 2026 शनिवार सुबह दुनिया एक भीषण युद्ध की गवाह बनी जब इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ अपना अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान 'लियोनस् रोर' (शेर की दहाड़) शुरू कर दिया। इस हमले ने न केवल ईरान बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) को दहला दिया है। तेहरान से लेकर दुबई तक आसमान मिसाइलों और धुएं के गुबार से भर गया है। यहाँ इस भीषण युद्ध, इसके कारणों और अब तक हुए नुकसान का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. इजराइल-अमेरिका का 'जॉइंट एक्शन': ईरान के पावर सेंटर पर चोट इजराइली वायुसेना ने अमेरिकी खुफिया और सैन्य सहयोग के साथ ईरान के सबसे संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया है: टारगेट: हमले में ईरान का खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, और परमाणु ऊर्जा संगठन के मुख्यालयों को ध्वस्त कर दिया गया। सुप्रीम लीडर पर खतरा: इजराइल ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के ऑफिस को भी निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले से ठीक पहले खामेनेई को एक सुरक्षित भूमिगत बंकर में शिफ्ट कर दिया गया। नागरिक हताहत: इरना न्यूज एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी ईरान में हुए हमलों में एक स्कूल चपेट में आ गया, जिससे 40 छात्राओं की मौत हो गई और 45 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। 2. ईरान का प्रचंड पलटवार: 400 मिसाइलों से दहला इजराइल और खाड़ी ईरान ने इस हमले का जवाब 'आंख के बदले आंख' की तर्ज पर दिया है: मिसाइल वर्षा: ईरान ने इजराइल की ओर लगभग 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी बेसों पर हमला: ईरान ने केवल इजराइल ही नहीं, बल्कि कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें बरसाईं। दुबई पर हमला: यूएई के सबसे व्यस्त शहर दुबई को भी ईरान ने निशाना बनाया है, जिसके फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। 3. ट्रंप की चेतावनी और 'लियोनस् रोर' का मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया है: ट्रंप का बयान: "ईरान का मिसाइल प्रोग्राम अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सीधा खतरा है। हम ईरान की मिसाइल क्षमता को जड़ से खत्म करने के लिए यह कार्रवाई कर रहे हैं।" मिशन लियोनस् रोर: इस जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह पंगु बनाना है। 📊 युद्ध का प्रभाव: एक नजर में प्रभावित क्षेत्र घटना / नुकसान हमलावर तेहरान (ईरान) रक्षा मंत्रालय और परमाणु साइट्स तबाह। इजराइल-अमेरिका दक्षिणी ईरान 40 छात्राओं की मौत, 45 घायल। इजराइल इजराइल 400 मिसाइलों का हमला, आयरन डोम सक्रिय। ईरान दुबई (UAE) रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में धमाके। ईरान बहरीन/कुवैत अमेरिकी मिलिट्री बेस पर डायरेक्ट हिट। ईरान 4. विवाद की जड़: बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु समझौता इस भीषण संघर्ष के पीछे लंबी चल रही कूटनीतिक तकरार है: परमाणु वार्ता में गतिरोध: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के साथ-साथ बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट को भी बंद करे। ईरान की 'रेड लाइन': ईरान मिसाइल प्रोग्राम को अपनी सुरक्षा की गारंटी मानता है। ईरान का कहना है कि जून 2025 में जब इजराइल ने उसकी परमाणु साइटों पर हमला करने की कोशिश की थी, तब इन्हीं मिसाइलों ने बचाव किया था। ट्रंप की नीति: ट्रंप प्रशासन का मानना है कि बातचीत से ईरान नहीं मानेगा, इसलिए सैन्य कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प है। 5. ताजा स्थिति: दुनिया पर संकट के बादल ग्लोबल अलर्ट: अमेरिका ने अपने नागरिकों को इजराइल और मध्य पूर्व के देशों से तुरंत निकलने की सलाह दी है। तेल की कीमतें: खाड़ी में युद्ध छिड़ने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। विजिबिलिटी: तेहरान और दुबई जैसे शहरों में धुएं और आग के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, सायरन लगातार बज रहे हैं।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ