टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ नया देखने को मिल रहा है। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। इसी कड़ी में Google ने एक ऐसा फीचर लॉन्च किया है जो मोबाइल टेक्नोलॉजी को एक नए युग में ले जा सकता है। कंपनी ने अपने AI मॉडल Gemini Nano में ऑफलाइन AI फीचर की सुविधा जोड़ दी है। इसका मतलब यह है कि अब यूज़र्स बिना इंटरनेट के भी अपने स्मार्टफोन में लाइव ट्रांसलेशन, वॉयस कमांड और अन्य AI फीचर्स का इस्तेमाल कर पाएंगे। Google का यह कदम सीधे तौर पर मोबाइल प्राइवेसी, स्पीड और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
अभी तक ज्यादातर AI आधारित फीचर्स को काम करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती थी। चाहे वो वॉयस असिस्टेंट हो, ट्रांसलेशन ऐप हो या कोई अन्य स्मार्ट टूल। लेकिन Google ने इस परंपरा को तोड़ते हुए Gemini Nano में ऐसा सिस्टम जोड़ा है जो पूरी प्रोसेसिंग को डिवाइस के अंदर ही कर देता है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि कोई भी यूज़र बिना इंटरनेट के भी अपने मोबाइल से किसी भी भाषा में ट्रांसलेशन कर सकेगा, कमांड दे सकेगा और तुरंत रिज़ल्ट पाएगा। इससे उन जगहों पर भी यह फीचर काम करेगा जहां इंटरनेट की स्पीड बहुत कम होती है।
इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत है लोकल प्रोसेसिंग। Google का कहना है कि अब सभी कमांड्स और ट्रांसलेशन डिवाइस के अंदर ही प्रोसेस होंगे। आपका डेटा किसी बाहरी सर्वर पर नहीं जाएगा।
इससे न सिर्फ आपकी प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी, बल्कि रिस्पॉन्स टाइम भी बहुत तेज़ होगा। साथ ही, ऑफलाइन प्रोसेसिंग की वजह से बैटरी की खपत भी कम होगी, क्योंकि लगातार इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं होगी।
कंपनी ने बताया है कि यह फीचर सबसे पहले Google Pixel 9 और Google Pixel 9 Pro में रोल आउट किया जा रहा है। आने वाले महीनों में इसे दूसरे एंड्रॉइड स्मार्टफोन्स में भी धीरे-धीरे लॉन्च किया जाएगा।
Google की कोशिश है कि इस फीचर को उन देशों में प्राथमिकता से लाया जाए जहां इंटरनेट की उपलब्धता हर जगह समान नहीं है।
Google के अनुसार Gemini Nano फिलहाल 100 से ज़्यादा भाषाओं में ट्रांसलेशन और वॉयस कमांड को सपोर्ट करता है। कंपनी इसे और भी भाषाओं में विस्तार देने की योजना बना रही है। भारत जैसे मल्टी-लैंग्वेज देशों में यह फीचर बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। चाहे किसी गांव में इंटरनेट न हो या किसी यात्रा के दौरान नेटवर्क न मिले — यूज़र फिर भी अपने फोन को स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल कर पाएंगे।
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑफलाइन AI फीचर आने वाले समय में स्मार्टफोन इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव ला सकता है। अब तक AI को इंटरनेट से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन यह कदम यह साबित करता है कि AI को मोबाइल में पूरी तरह एम्बेड किया जा सकता है।
यह फीचर न सिर्फ Google को अन्य कंपनियों से आगे ले जाएगा, बल्कि यूज़र्स को भी तेज़, सुरक्षित और प्राइवेट टेक्नोलॉजी का अनुभव देगा।
Google का Gemini Nano ऑफलाइन AI फीचर टेक्नोलॉजी की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न सिर्फ लोगों को बिना इंटरनेट के भी उन्नत फीचर्स की सुविधा देगा बल्कि डिजिटल प्राइवेसी को भी और मजबूत बनाएगा।
आने वाले समय में जैसे-जैसे यह फीचर और डिवाइसेस में रोल आउट होगा, मोबाइल फोन की परिभाषा और भी बदलती नज़र आएगी।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आज हर किसी की ज़िंदगी में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। चाहे सोशल मीडिया पर पोस्ट बनाना हो, कोडिंग करनी हो या फिर कोई नया बिज़नेस शुरू करना — हर काम के लिए मार्केट में सैकड़ों नहीं बल्कि हज़ारों AI टूल्स मौजूद हैं। लेकिन सवाल है — इनमें से आपके लिए कौन सा टूल सही रहेगा? 🧠✨ 📊 मार्केट में कितने AI टूल्स चल रहे हैं? साल 2025 तक दुनिया भर में लगभग 378 मिलियन लोग AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। 280 मिलियन से ज़्यादा कंपनियां अपने बिज़नेस में किसी न किसी AI टूल को शामिल कर चुकी हैं। सिर्फ इसी साल करीब 4,800 नए AI टूल्स लॉन्च किए जा चुके हैं। सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले टूल्स में ChatGPT, GitHub Copilot और Google Gemini शामिल हैं। 🤔 लोग AI टूल्स का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं? 📱 कंटेंट बनाने के लिए: ब्लॉग, स्क्रिप्ट, सोशल मीडिया पोस्ट 💻 कोडिंग और टेक्निकल काम के लिए 🧠 आसान भाषा में जटिल बातें समझने के लिए 💬 भाषा अनुवाद (Translation) और रोजमर्रा की मदद के लिए 🧮 डेटा एनालिसिस और बिज़नेस में फैसले लेने के लिए ⚡ आपके काम के हिसाब से कौन सा टूल बेहतर? जरुरत सुझाए गए टूल कंटेंट या स्क्रिप्ट लिखना ChatGPT, Claude कोडिंग और प्रोग्रामिंग GitHub Copilot, Gemini रियल-टाइम जानकारी चाहिए Google Gemini ट्रांसलेशन और सवाल-जवाब ChatGPT बजट में स्मार्ट काम Free AI Tools (ChatGPT फ्री, ओपन सोर्स टूल्स) 📌 आम लोगों के लिए सलाह 👉 अगर आप कंटेंट क्रिएटर हैं तो ChatGPT या Claude आपके लिए अच्छा ऑप्शन है। 👉 अगर आप कोडिंग सीखना चाहते हैं या टेक में काम करते हैं तो Copilot या Gemini से मदद मिल सकती है। 👉 अगर आपका बजट कम है तो फ्री AI टूल्स भी अच्छा काम कर सकते हैं। 👉 और अगर आप सिर्फ ट्रांसलेशन या सवाल-जवाब के लिए AI चाहते हैं तो ChatGPT बहुत आसान विकल्प है। 🧭 निष्कर्ष AI टूल्स की संख्या हर दिन बढ़ रही है। लेकिन ज़रूरी ये नहीं कि आप हर टूल का इस्तेमाल करें, बल्कि वो चुनें जो आपकी ज़रूरतों के हिसाब से काम आए। सही टूल का चुनाव आपका काम आसान, तेज़ और असरदार बना सकता है।