दुबई/नई दिल्ली | 23 जनवरी 2026
क्रिकेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश को 2026 टी-20 वर्ल्ड कप से आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया है। 24 घंटे की समयसीमा (डेडलाइन) खत्म होने के बाद भी जब बांग्लादेश सरकार और बोर्ड (BCB) ने अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया, तो ICC ने उनकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला लिया।
ICC के नए चेयरमैन जय शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद टूर्नामेंट के शेड्यूल को बरकरार रखते हुए बांग्लादेश का अध्याय समाप्त कर दिया गया है।
बांग्लादेश ने इस मामले को लेकर डिस्प्यूट रिजोल्यूशन कमेटी (DRC) का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी।
DRC का फैसला: कमेटी ने वेन्यू बदलने की मांग को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया।
स्कॉटलैंड को मौका क्यों: स्कॉटलैंड की टी-20 रैंकिंग 14 है और पिछले वर्ल्ड कप में उसने शानदार खेल दिखाया था। 2021 में उसने बांग्लादेश को हराया भी था। इसी प्रदर्शन के आधार पर उसे ग्रुप-C में जगह मिली है।
ग्रुप-C की नई तस्वीर: अब स्कॉटलैंड इस ग्रुप में वेस्टइंडीज, इटली, इंग्लैंड और नेपाल के साथ भिड़ेगा।
विवाद की जड़ में बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच का अनुबंध रहा।
शुरुआत: 16 दिसंबर को मुस्तफिजुर 9.2 करोड़ में बिके, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के बाद भारत में उनका विरोध हुआ। 3 जनवरी को BCCI के हस्तक्षेप के बाद KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया।
सरकार का हस्तक्षेप: यूनुस सरकार ने इसे अपमान माना, पहले IPL के प्रसारण पर रोक लगाई और फिर सुरक्षा का बहाना बनाकर वर्ल्ड कप वेन्यू बदलने की जिद की।
| नुकसान के क्षेत्र | प्रभाव का विवरण |
| IPL बैन | भविष्य में बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर पाकिस्तान की तरह IPL में स्थायी प्रतिबंध लग सकता है। |
| आर्थिक चोट | ICC से मिलने वाली करीब 5 लाख डॉलर (4.15 करोड़ रुपये) की भागीदारी राशि डूबेगी। |
| रैंकिंग में गिरावट | टीम और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की ICC रैंकिंग में भारी गिरावट आएगी। |
| क्रिकेट डिप्लोमेसी | भारत अब बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) खेलने से इनकार कर सकता है। |
| खिलाड़ियों का आक्रोश | तमीम इकबाल जैसे दिग्गजों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इससे अगली पीढ़ी का करियर बर्बाद होगा। |
बांग्लादेश को उम्मीद थी कि पाकिस्तान भी उसके समर्थन में वर्ल्ड कप छोड़ देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मीटिंग का सच: PCB ने मीटिंग में बांग्लादेश के पक्ष में वोट तो दिया, लेकिन जब टूर्नामेंट छोड़ने की बात आई, तो पाकिस्तान पीछे हट गया।
अकेला पड़ा बांग्लादेश: कल की मीटिंग में भारत के पक्ष में 14 और बांग्लादेश के पक्ष में केवल 2 (बांग्लादेश और पाकिस्तान) वोट पड़े थे।
अब बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड इन तारीखों और मैदानों पर खेलेगा:
07 फरवरी: बनाम वेस्टइंडीज (ईडन गार्डन्स, कोलकाता)
09 फरवरी: बनाम इटली (ईडन गार्डन्स, कोलकाता)
14 फरवरी: बनाम इंग्लैंड (ईडन गार्डन्स, कोलकाता)
17 फरवरी: बनाम नेपाल (वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई)
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
T20 वर्ल्ड कप: बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर बाहर; स्कॉटलैंड की एंट्री, जय शाह की अध्यक्षता में ICC का बड़ा फैसला; मुस्तफिजुर विवाद ने खत्म किया सफर दुबई/नई दिल्ली | 23 जनवरी 2026 क्रिकेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश को 2026 टी-20 वर्ल्ड कप से आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया है। 24 घंटे की समयसीमा (डेडलाइन) खत्म होने के बाद भी जब बांग्लादेश सरकार और बोर्ड (BCB) ने अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया, तो ICC ने उनकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला लिया। ICC के नए चेयरमैन जय शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद टूर्नामेंट के शेड्यूल को बरकरार रखते हुए बांग्लादेश का अध्याय समाप्त कर दिया गया है। 1. ICC की कार्रवाई: अपील भी खारिज, स्कॉटलैंड इन बांग्लादेश ने इस मामले को लेकर डिस्प्यूट रिजोल्यूशन कमेटी (DRC) का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। DRC का फैसला: कमेटी ने वेन्यू बदलने की मांग को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया। स्कॉटलैंड को मौका क्यों: स्कॉटलैंड की टी-20 रैंकिंग 14 है और पिछले वर्ल्ड कप में उसने शानदार खेल दिखाया था। 2021 में उसने बांग्लादेश को हराया भी था। इसी प्रदर्शन के आधार पर उसे ग्रुप-C में जगह मिली है। ग्रुप-C की नई तस्वीर: अब स्कॉटलैंड इस ग्रुप में वेस्टइंडीज, इटली, इंग्लैंड और नेपाल के साथ भिड़ेगा। 2. मुस्तफिजुर रहमान: 9.2 करोड़ की डील से टूर्नामेंट के बहिष्कार तक विवाद की जड़ में बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच का अनुबंध रहा। शुरुआत: 16 दिसंबर को मुस्तफिजुर 9.2 करोड़ में बिके, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के बाद भारत में उनका विरोध हुआ। 3 जनवरी को BCCI के हस्तक्षेप के बाद KKR ने उन्हें रिलीज कर दिया। सरकार का हस्तक्षेप: यूनुस सरकार ने इसे अपमान माना, पहले IPL के प्रसारण पर रोक लगाई और फिर सुरक्षा का बहाना बनाकर वर्ल्ड कप वेन्यू बदलने की जिद की। 📊 बहिष्कार से बांग्लादेश को होने वाले 5 बड़े नुकसान नुकसान के क्षेत्र प्रभाव का विवरण IPL बैन भविष्य में बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर पाकिस्तान की तरह IPL में स्थायी प्रतिबंध लग सकता है। आर्थिक चोट ICC से मिलने वाली करीब 5 लाख डॉलर (4.15 करोड़ रुपये) की भागीदारी राशि डूबेगी। रैंकिंग में गिरावट टीम और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की ICC रैंकिंग में भारी गिरावट आएगी। क्रिकेट डिप्लोमेसी भारत अब बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) खेलने से इनकार कर सकता है। खिलाड़ियों का आक्रोश तमीम इकबाल जैसे दिग्गजों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इससे अगली पीढ़ी का करियर बर्बाद होगा। 3. पाकिस्तान का 'यू-टर्न': साथ दिया पर बहिष्कार नहीं बांग्लादेश को उम्मीद थी कि पाकिस्तान भी उसके समर्थन में वर्ल्ड कप छोड़ देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मीटिंग का सच: PCB ने मीटिंग में बांग्लादेश के पक्ष में वोट तो दिया, लेकिन जब टूर्नामेंट छोड़ने की बात आई, तो पाकिस्तान पीछे हट गया। अकेला पड़ा बांग्लादेश: कल की मीटिंग में भारत के पक्ष में 14 और बांग्लादेश के पक्ष में केवल 2 (बांग्लादेश और पाकिस्तान) वोट पड़े थे। 4. स्कॉटलैंड का नया शेड्यूल (ग्रुप-C) अब बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड इन तारीखों और मैदानों पर खेलेगा: 07 फरवरी: बनाम वेस्टइंडीज (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) 09 फरवरी: बनाम इटली (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) 14 फरवरी: बनाम इंग्लैंड (ईडन गार्डन्स, कोलकाता) 17 फरवरी: बनाम नेपाल (वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई)
WPL 2026: गुजरात जायंट्स का ऐतिहासिक प्रहार; 207 रन के विशाल लक्ष्य के जवाब में संकट में यूपी वॉरियर्ज विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के दूसरे मुकाबले में गुजरात जायंट्स (GG) ने अपनी बल्लेबाजी से डीवाई पाटिल स्टेडियम में तहलका मचा दिया है। गुजरात ने यूपी वॉरियर्ज के सामने जीत के लिए 208 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा। जवाब में यूपी की टीम ने संघर्ष तो किया, लेकिन लगातार गिरते विकेटों ने उनकी राह मुश्किल कर दी है। 1. गुजरात की पारी: गार्डनर और अनुष्का का 'कत्लेआम' यूपी की कप्तान मेग लैनिंग ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो गुजरात की बल्लेबाजी के आगे गलत साबित हुआ। गुजरात ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 207 रन बनाए, जो लीग के इतिहास में उनका अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। एश्ले गार्डनर की कप्तानी पारी: कप्तान एश्ले गार्डनर ने फ्रंट से लीड किया। उन्होंने मात्र 41 गेंदों पर 65 रनों की तूफानी पारी खेली। यह डब्ल्यूपीएल में उनका छठा अर्धशतक था। अनुष्का शर्मा का साथ: अनुष्का शर्मा ने 30 गेंदों में 44 रनों की शानदार पारी खेली। इन दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 103 रनों की शतकीय साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख बदल दिया। डिवाइन की आक्रामक शुरुआत: सोफी डिवाइन ने पावरप्ले में 38 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। अंत में भारती फूलमाली ने दीप्ति शर्मा के ओवर में दो लगातार छक्के लगाकर टीम को 200 के पार पहुँचाया। 📊 गुजरात जायंट्स की बल्लेबाजी का मुख्य विवरण बल्लेबाज रन (गेंदें) स्ट्राइक रेट आउट करने वाले गेंदबाज एश्ले गार्डनर 65 (41) 158.54 सोफी एक्लेस्टोन अनुष्का शर्मा 44 (30) 146.67 डिआंड्रा डॉटिन सोफी डिवाइन 38 (21) 180.95 शिखा पांडे बेथ मूनी 13 (12) 108.33 सोफी एक्लेस्टोन 2. यूपी वॉरियर्ज का संघर्ष: फीबी लिचफील्ड की अकेली जंग 208 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूपी की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने अंतराल पर अपने बड़े विकेट गंवाए। लिचफील्ड की आतिशी फिफ्टी: फीबी लिचफील्ड ने यूपी के लिए उम्मीद की किरण जगाई। उन्होंने मात्र 24 गेंदों पर अपनी पहली फिफ्टी पूरी की। वह 78 रनों की शानदार पारी खेलकर सोफी डिवाइन का शिकार बनीं। मेग लैनिंग की विफलता: कप्तान मेग लैनिंग केवल 30 रन बना सकीं। उन्हें और हरलीन देओल को जॉर्जिया वेरेहम ने एक ही ओवर में आउट कर यूपी की कमर तोड़ दी। गुजरात की कसी हुई गेंदबाजी: रेणुका सिंह ठाकुर ने दीप्ति शर्मा और किरण नवगिरे के विकेट लेकर शुरुआती दबाव बनाया। राजेश्वरी गायकवाड ने श्वेता सहरावत (25 रन) को बोल्ड कर यूपी की आखिरी उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। 📉 यूपी वॉरियर्ज की विकेट पतन की स्थिति (18 ओवर तक) विकेट नंबर बल्लेबाज रन गेंदबाज स्थिति 1 & 2 लैनिंग-हरलीन 30, 0 जॉर्जिया वेरेहम एक ही ओवर में दो झटके 3 & 4 नवगिरे-दीप्ति 1, 1 रेणुका सिंह ठाकुर मिडिल ऑर्डर धराशायी 5 श्वेता सहरावत 25 राजेश्वरी गायकवाड बोल्ड 6 फीबी लिचफील्ड 78 सोफी डिवाइन मैच का टर्निंग पॉइंट 3. गुजरात के लिए रिकॉर्ड्स की झड़ी इस मैच में गुजरात जायंट्स ने कई कीर्तिमान स्थापित किए: सर्वोच्च स्कोर: 207/4 उनका अब तक का डब्ल्यूपीएल इतिहास का सबसे बड़ा टोटल है। गार्डनर का दबदबा: एश्ले गार्डनर गुजरात के लिए सबसे ज्यादा बार (6 बार) 50+ स्कोर बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। शतकीय साझेदारी: गार्डनर और अनुष्का के बीच 103 रनों की पार्टनरशिप गुजरात के लिए मील का पत्थर साबित हुई।
वर्ल्ड कप 2026 महासंकट: बांग्लादेश का भारत आने से इनकार; मुस्तफिजुर विवाद के बाद 'क्रिकेट वॉर' शुरू 1. ताजा घटनाक्रम: "हम भारत नहीं आएंगे" बांग्लादेशी अखबार 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, BCB ने आईसीसी (ICC) को सूचित किया है कि उनकी टीम टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की यात्रा नहीं करेगी। श्रीलंका में मैचों की मांग: बांग्लादेश चाहता है कि उसके हिस्से के सभी मैच श्रीलंका में आयोजित किए जाएं। चूँकि श्रीलंका इस वर्ल्ड कप का सह-मेजबान (Co-host) है, इसलिए तकनीकी रूप से वहां वेन्यू उपलब्ध हैं, लेकिन लॉजिस्टिक्स के लिहाज से यह आईसीसी के लिए एक नाइटमेयर (दुःस्वप्न) जैसा है। सरकार का समर्थन: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने सोशल मीडिया पर इस फैसले का स्वागत किया है, जिससे साफ है कि यह फैसला केवल क्रिकेट बोर्ड का नहीं बल्कि राजनीतिक नेतृत्व का भी है। 2. विवाद की जड़: मुस्तफिजुर रहमान और KKR से निष्कासन यह पूरा विवाद 3 जनवरी को शुरू हुआ जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने अपने मुख्य तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज कर दिया। BCCI का हस्तक्षेप: बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया था कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) पर हो रही हिंसा और भारत में बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बांग्लादेश की प्रतिक्रिया: बांग्लादेश इसे अपने खिलाड़ी का 'अपमान' और बीसीसीआई की 'दादागिरी' के रूप में देख रहा है। मुस्तफिजुर को 9.2 करोड़ में खरीदा गया था और उन्हें हटाना बांग्लादेशी गौरव पर चोट मानी जा रही है। 3. ग्राउंड रिपोर्ट: बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पिछले 15 दिनों में बांग्लादेश में 4 हिंदुओं की नृशंस हत्या हो चुकी है। हालिया शिकार कारोबारी खोकन चंद्र दास बने, जिन्हें जिंदा जला दिया गया था। भारत में इस हिंसा के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है, जिसके कारण ही मुस्तफिजुर के खिलाफ प्रदर्शन हुए और अंततः उन्हें आईपीएल से बाहर होना पड़ा। 📊 टी-20 वर्ल्ड कप 2026: शेड्यूल का संकट अगर बांग्लादेश भारत नहीं आता है, तो आईसीसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती शेड्यूल को दोबारा तैयार करने की होगी। विवरण स्थिति शुरुआत 7 फरवरी 2026 कुल टीमें 20 (4 ग्रुप में बंटी हुई) बांग्लादेश के वेन्यू 3 मैच कोलकाता (ईडन गार्डन्स), 1 मैच मुंबई (वानखेड़े) ग्रुप स्टेज अवधि 7 फरवरी से 20 फरवरी सुपर-8 राउंड 21 फरवरी से 1 मार्च ग्रुप-सी का गणित (बांग्लादेश का ग्रुप): बांग्लादेश के लिए यह वर्ल्ड कप वैसे भी कठिन था। ग्रुप-सी में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी दिग्गज टीमें मौजूद हैं। अगर बांग्लादेश के मैच अंतिम समय पर श्रीलंका शिफ्ट होते हैं, तो अन्य टीमों (इंग्लैंड, वेस्टइंडीज आदि) को भी अपने ट्रेवल प्लान और टिकट बदलने होंगे, जो एक प्रशासनिक आपदा साबित हो सकती है। 4. कूटनीतिक प्रभाव: क्या क्रिकेट संबंध खत्म हो जाएंगे? यह विवाद केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। इसका असर भविष्य के द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ेगा। सितंबर दौरा: भारतीय टीम का सितंबर में होने वाला बांग्लादेश दौरा अब रद्द होने की कगार पर है। ICC का रुख: आईसीसी की कमाई का एक बड़ा हिस्सा भारतीय बाजार से आता है। यदि आईसीसी बांग्लादेश की मांग मानती है, तो बीसीसीआई के साथ संबंध बिगड़ सकते हैं। यदि नहीं मानती, तो बांग्लादेश टूर्नामेंट से हट सकता है (Walkout), जिससे रेवेन्यू और व्यूअरशिप को बड़ा नुकसान होगा।