Live update news
PCB का सनसनीखेज खुलासा: बाबर आजम और फखर जमान टी-20 वर्ल्ड कप में अनफिट थे; सिलेक्शन कमेटी और फिजियो पर उठे सवाल।

PCB का बड़ा खुलासा: अनफिट थे बाबर और फखर, फिर भी खिलाया टी-20 वर्ल्ड कप; मेडिकल पैनल की रिपोर्ट से पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल लाहौर | 18 मार्च 2026 पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर 'फिटनेस और चयन' को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के मेडिकल पैनल ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि पूर्व कप्तान बाबर आजम और स्टार बल्लेबाज फखर जमान टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान पूरी तरह फिट नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी चोटिल होने के बावजूद टीम का हिस्सा बने रहे, जिसका सीधा असर पाकिस्तान के प्रदर्शन पर पड़ा। यहाँ इस विवाद, मेडिकल रिपोर्ट के दावों और चयन प्रक्रिया पर उठते सवालों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. मेडिकल पैनल का दावा: अनफिट खिलाड़ियों पर लगाया दांव PCB के मेडिकल पैनल की आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि चयन के समय दोनों खिलाड़ियों की फिटनेस अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं थी: अधूरी रिकवरी: पैनल के अनुसार, बाबर और फखर अपनी पुरानी चोटों से पूरी तरह उबर नहीं पाए थे। इसके बावजूद उन्हें 'मैच फिट' घोषित कर दिया गया। जांच की मांग: सीनियर सेलेक्टर आकिब जावेद ने पिछले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने इस बात की जांच की मांग की है कि आखिर किसके दबाव में अनफिट खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर भेजा गया। 2. वर्ल्ड कप के बाद खुली पोल: डॉ. जावेद मुगल की रिपोर्ट यह मामला तब और गंभीर हो गया जब यूके के प्रसिद्ध स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ. जावेद मुगल ने खिलाड़ियों की जांच की। गंभीर चोट: जांच में पाया गया कि बाबर आजम की हैमस्ट्रिंग की समस्या शुरुआती आकलन से कहीं अधिक गंभीर थी। फखर का संघर्ष: फखर जमान भी पिछले कई महीनों से लगातार फिटनेस की समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन उन्होंने इसे दबाए रखा। डोमेस्टिक क्रिकेट से किनारा: वर्ल्ड कप से लौटने के बाद जब बाबर आजम से नेशनल टी-20 चैंपियनशिप में खेलने को कहा गया, तो उन्होंने हैमस्ट्रिंग इंजरी का हवाला देकर अपना नाम वापस ले लिया। इससे मेडिकल पैनल के दावों को और मजबूती मिली। 3. फिजियो क्लिफ डीकन पर उठे सवाल सिलेक्शन कमेटी और मेडिकल पैनल के बीच इस मामले को लेकर खींचतान जारी है: क्लियरेंस का विवाद: सिलेक्शन पैनल का कहना है कि उन्होंने टीम फिजियो क्लिफ डीकन से फिटनेस क्लियरेंस मिलने के बाद ही खिलाड़ियों को चुना था। पक्षपात के आरोप: डीकन पर पहले भी आरोप लग चुके हैं कि वे खिलाड़ियों के साथ अपने निजी और करीबी रिश्तों के कारण हल्की चोटों को नजरअंदाज कर देते हैं और उन्हें खेलने की अनुमति दे देते हैं। 📊 खिलाड़ियों का हालिया प्रदर्शन और स्थिति खिलाड़ी वर्ल्ड कप 2026 प्रदर्शन वर्तमान स्थिति आगामी लक्ष्य बाबर आजम 6 मैच, मात्र 91 रन NCA में रिहैब जारी PSL (पेशावर जाल्मी कप्तानी) फखर जमान 3 मैच (चोट के कारण बाहर) टी-20 टूर्नामेंट के लिए तैयार फॉर्म और फिटनेस साबित करना 4. बांग्लादेश दौरे पर पड़ा असर बाबर आजम और फखर जमान की अनुपलब्धता का खामियाजा पाकिस्तान को बांग्लादेश दौरे पर भुगतना पड़ा: सीरीज हार: पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में 1-2 से करारी हार का सामना करना पड़ा। चयनकर्ताओं का रुख: सूत्रों के मुताबिक, बाबर आजम को केवल चोट की वजह से नहीं, बल्कि उनके खराब फॉर्म के कारण भी टीम से बाहर करने की योजना पहले ही बन चुकी थी। 5. पीएसएल (PSL) पर नजरें बाबर आजम फिलहाल नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) में मेडिकल पैनल की कड़ी निगरानी में रिहैब (Rehab) कर रहे हैं। 26 मार्च से वापसी: बाबर के फैंस को उम्मीद है कि वे 26 मार्च से शुरू हो रहे पाकिस्तान सुपर लीग में वापसी करेंगे, जहाँ वे पेशावर जाल्मी की कमान संभालेंगे। फखर की सफाई: फखर जमान ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि वे बांग्लादेश सीरीज के लिए फिट नहीं थे, लेकिन अब घरेलू टी-20 टूर्नामेंट के जरिए अपनी लय हासिल करने को बेताब हैं।

3 घंटे Ago
राजपाल यादव चेक बाउंस केस अपडेट: दिल्ली हाई कोर्ट ने जेल भेजने पर लगाई रोक; एक्टर ने जमा किए 25 लाख, 1 अप्रैल को आखिरी फैसला।

राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से 'अंतिम' राहत: जेल वापसी पर फिलहाल रोक; एक्टर बोले— "जेल जाने से हुआ 22 करोड़ का नुकसान", अगली सुनवाई 1 अप्रैल को नई दिल्ली | 18 मार्च 2026 बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चूंकि राजपाल ने बकाया राशि का एक बड़ा हिस्सा जमा कर दिया है, इसलिए उन्हें फिलहाल वापस जेल नहीं भेजा जाएगा। हालांकि, अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए इसे एक्टर के लिए "आखिरी मौका" करार दिया है। यहाँ राजपाल यादव के कानूनी संकट, आज की अदालती कार्यवाही और उनके आर्थिक नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. कोर्ट की कार्यवाही: 25 लाख का डिमांड ड्राफ्ट और जज के सवाल बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजपाल यादव और उनके वकीलों ने बकाया चुकाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई: ताजा भुगतान: राजपाल के वकील ने कोर्ट में 25 लाख रुपये का नया डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा किया। अब तक की कुल राशि: वकील ने जानकारी दी कि एक्टर अब तक शिकायतकर्ता कंपनी 'मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' को 4.25 करोड़ रुपये चुका चुके हैं। जज का सीधा सवाल: जज ने जब राजपाल से पूछा, "क्या आपने लोन लिया था?", तो एक्टर ने ईमानदारी से स्वीकार किया, "हाँ, मैंने पैसे लिए थे।" अंतिम चेतावनी: कोर्ट ने कहा कि राजपाल को भुगतान के कई मौके दिए गए जो उन्होंने गंवा दिए। अब 1 अप्रैल को होने वाली सुनवाई अंतिम होगी और इसे टाला नहीं जाएगा। 2. राजपाल का पक्ष: "जेल भेजने में ज्यादा दिलचस्पी क्यों?" कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए राजपाल यादव भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी आर्थिक तंगहाली और कानूनी लड़ाई पर कई बड़े खुलासे किए: भारी वित्तीय नुकसान: राजपाल ने दावा किया कि पिछली बार जेल जाने की वजह से उन्हें 22 करोड़ रुपये का एक बड़ा फिल्म प्रोजेक्ट गंवाना पड़ा। उनकी आर्थिक स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ गई। सुरक्षा के तौर पर प्रॉपर्टी: एक्टर के मुताबिक, उन्होंने अपने एक मित्र की 28 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के दस्तावेज सुरक्षा (Security) के तौर पर दिए थे, फिर भी विपक्षी पक्ष उन्हें जेल भेजने पर अड़ा है। शिकायत: राजपाल ने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष पैसा वसूलने से ज्यादा उन्हें सलाखों के पीछे देखने में दिलचस्पी ले रहा है। 📊 राजपाल यादव चेक बाउंस केस: मुख्य विवरण विवरण जानकारी मामला क्या है? फिल्म 'अता पता लापता' (2010) के लिए लिया गया कर्ज। मूल कर्ज की राशि ₹5 करोड़ (माधव गोपाल अग्रवाल से)। ब्याज सहित कुल बकाया ₹9 करोड़ से ₹10.40 करोड़ के बीच। अब तक जमा राशि ₹4.25 करोड़। अगली सुनवाई की तारीख 1 अप्रैल 2026 (अंतिम फैसला)। 3. मामले का इतिहास: तिहाड़ जेल और सरेंडर राजपाल यादव का यह कानूनी विवाद करीब 15 साल पुराना है: कर्ज की शुरुआत: साल 2010 में अपनी फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। चेक बाउंस होने के बाद यह मामला कोर्ट पहुँचा। तिहाड़ में बीते दिन: इसी साल 5 फरवरी को राजपाल ने सरेंडर किया था और वह 12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहे। 17 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी। नियमित जमानत (Regular Bell): आज राजपाल की अंतरिम जमानत खत्म हो रही थी, जिसके बाद उनके वकीलों ने नियमित जमानत के लिए अर्जी दी है। 4. 'अता पता लापता' से शुरू हुआ संकट राजपाल यादव ने निर्देशन के क्षेत्र में उतरने के लिए 'अता पता लापता' फिल्म बनाई थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही, जिससे राजपाल गहरे कर्ज में डूब गए। ब्याज और कानूनी पेनाल्टी के कारण 5 करोड़ की रकम बढ़कर 10 करोड़ के करीब पहुँच गई है।

3 घंटे Ago
दिल्ली पालम आग हादसा: साध नगर में 4 मंजिला बिल्डिंग जली, 9 की मौत (3 बच्चे शामिल); PM ने किया मुआवजे का ऐलान।

दिल्ली के पालम में भीषण अग्निकांड: 4 मंजिला इमारत में आग से 9 की मौत; 3 मासूम बच्चियों ने भी गंवाई जान, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान नई दिल्ली | 18 मार्च 2026 देश की राजधानी दिल्ली का पालम इलाका बुधवार सुबह चीख-पुकार से दहल उठा। पालम स्थित साध नगर की एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में सुबह करीब 7 बजे भीषण आग लग गई। इस हृदय विदारक हादसे में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जिनमें तीन नाबालिग लड़कियां (उम्र 15, 6 और 3 साल) शामिल हैं। आग इतनी भयानक थी कि जान बचाने के लिए दो लोगों ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यहाँ इस भीषण हादसे, रेस्क्यू ऑपरेशन और हताहतों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. घटना का विवरण: सुबह 7 बजे काल बनकर आई आग साध नगर की गली नंबर-4 में स्थित इस बिल्डिंग में जब आग लगी, तब अधिकांश लोग सो रहे थे। शॉर्ट सर्किट की आशंका: स्थानीय निवासियों के अनुसार, आग लगने का प्राथमिक कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं का गुबार: पालम मेट्रो स्टेशन के पास स्थित इस इमारत से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा रहा था। कूदकर बचाई जान: आग की लपटों से घिरे दो युवकों ने बचने का कोई रास्ता न देख ऊंची मंजिल से छलांग लगा दी। उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और फिलहाल वे अस्पताल में जीवन-मौत की जंग लड़ रहे हैं। 2. बिल्डिंग की बनावट: रिहायशी इलाके में 'मौत का गोदाम' न्यूज एजेंसी IANS और दमकल अधिकारियों के मुताबिक, इस बिल्डिंग का इस्तेमाल नियमों के विरुद्ध किया जा रहा था: बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर: यहाँ बड़े पैमाने पर कपड़े और कॉस्मेटिक सामान का स्टोरेज (गोदाम) किया गया था। कॉस्मेटिक सामान (जैसे परफ्यूम, स्प्रे) ने आग में घी का काम किया। सेकेंड और थर्ड फ्लोर: यहाँ परिवार रहते थे। आग नीचे से लगी थी, जिससे सीढ़ियों का रास्ता बंद हो गया और लोग ऊपर ही फंस गए। चौथा फ्लोर: यहाँ एक टिन शेड बना था, जो आग की गर्मी से पूरी तरह डैमेज हो गया। 3. रेस्क्यू ऑपरेशन: कुल्हाड़ी से दीवारें तोड़कर घुसे दमकलकर्मी दिल्ली फायर सर्विस (DFS) और NDRF की टीमों ने जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू शुरू किया: 30 फायर ब्रिगेड: मौके पर दमकल की 30 गाड़ियां तैनात की गईं। सीढ़ियों के जरिए फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश की गई। दीवारें तोड़ी गईं: बिल्डिंग के अंदर पानी डालने और ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए कुल्हाड़ी से दीवारों और खिड़कियों के हिस्सों को तोड़ा गया। 10 लोगों का रेस्क्यू: दमकलकर्मियों ने 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें से 3 बुरी तरह झुलसे हुए थे। फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि मलबे के नीचे किसी और की तलाश की जा सके। 📊 हताहतों और घायलों का विवरण नाम / श्रेणी उम्र स्थिति अस्पताल प्रवेश, कमल, आशु 33, 39, 35 मृत मणिपाल अस्पताल लाडो, हिमांशी, दीपिका 70, 22, 28 मृत मणिपाल/IGI अस्पताल 3 नाबालिग लड़कियां 15, 6, 3 साल मृत मणिपाल अस्पताल सचिन 29 साल 25% झुलसे सफदरजंग अस्पताल अनिल व 2 साल की बच्ची 32, 2 साल घायल IGI अस्पताल 4. मुआवजे का ऐलान और राजनीतिक शोक हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तत्काल सहायता की घोषणा की है: PM मोदी का ऐलान: प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक मदद देने का निर्देश दिया है। पीएम ने ट्वीट कर पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। प्रियंका गांधी की अपील: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और दिल्ली के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पीड़ितों और उनके परिवारों की हर संभव मदद करने को कहा। 5. अधिकारियों का बयान: "अंदर ऑक्सीजन कम और धुआं ज्यादा था" एस. के. दुआ (DFS अधिकारी): "जब हमारी टीम पहुंची, तो पूरी बिल्डिंग धुएं के चैंबर में बदल चुकी थी। नीचे लपटें थीं और ऊपर फंसे लोग चिल्ला रहे थे। सबसे बड़ी चुनौती धुएं के कारण विजिबिलिटी और सांस लेने में आ रही दिक्कत थी।" विक्की रांगा (NDRF): "बिल्डिंग अंदर से बुरी तरह डैमेज हो चुकी है। लोहे के गाटर और छतें कमजोर हो गई हैं, इसलिए रेस्क्यू बहुत सावधानी से करना पड़ रहा है। एहतियात के तौर पर बगल वाली बिल्डिंग को भी खाली कराया गया है।"

3 घंटे Ago
पाकिस्तान में हाहाकार: सिर्फ 11 दिन का तेल बचा; रूस ने दी 'सस्ते तेल' की लाइफलाइन, क्या शहबाज सरकार बचा पाएगी देश?

पाकिस्तान में ऊर्जा आपातकाल: सिर्फ 11 दिन का तेल बचा; रूस की 'सस्ते तेल' की पेशकश, लेकिन इस्लामाबाद खामोश | स्पेशल रिपोर्ट इस्लामाबाद/कराची | 18 मार्च 2026 मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजराइल युद्ध की तपिश अब पाकिस्तान की दहलीज तक पहुँच गई है। देश एक भीषण ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के मुहाने पर खड़ा है। जहाँ एक ओर पाकिस्तान के पास मात्र 11 दिनों का कच्चा तेल शेष बचा है, वहीं दूसरी ओर रूस ने उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार से करीब 30 डॉलर सस्ता तेल देने की पेशकश की है। हैरानी की बात यह है कि रूस की इस 'लाइफलाइन' पर पाकिस्तान सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यहाँ पाकिस्तान की चरमराती अर्थव्यवस्था और तेल-गैस संकट की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. रूस की पेशकश: "हम तैयार हैं, पाकिस्तान पहल करे" पाकिस्तान में रूसी राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि रूस पाकिस्तान को रियायती दरों पर तेल देने के लिए पूरी तरह तैयार है। कीमतों का अंतर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत $95 से $105 प्रति बैरल के बीच झूल रही है, जबकि रूस पाकिस्तान को यही तेल $70 से $76 में देने को तैयार है। पेच कहाँ फंसा है? राजदूत खोरेव के मुताबिक, रूस की ओर से दरवाजा खुला है, लेकिन पाकिस्तान ने अभी तक इसके लिए कोई 'ऑफिशियल रिक्वेस्ट' नहीं भेजी है। 2. पाकिस्तान का 'ऑयल शॉक': 11 दिन और 3 करोड़ की सब्सिडी पाकिस्तान के पेट्रोलियम सचिव ने संसदीय समिति के सामने देश की डरावनी तस्वीर पेश की है: स्टॉक खत्म: देश के पास फिलहाल केवल 11 दिनों का कच्चा तेल बचा है। महंगाई का बोझ: पेट्रोल 321 PKR और डीजल 335 PKR प्रति लीटर की रिकॉर्ड कीमत पर बिक रहा है। गरीबों को राहत: सरकार ने 23 अरब पाकिस्तानी रुपये की सब्सिडी का ऐलान किया है, जो मोटरसाइकिल और रिक्शा चलाने वाले 3 करोड़ लोगों को दी जाएगी। 3. होर्मुज और रेड सी का संकट: सप्लाई चेन टूटी पाकिस्तान अपनी तेल जरूरतों का 70% हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है, जो अब युद्ध के कारण बुरी तरह प्रभावित है। बढ़ा हुआ समय: पहले जो तेल 4-5 दिन में पहुँच जाता था, अब रेड सी (लाल सागर) के रास्ते आने में 12 दिन लग रहे हैं। ईरान से बातचीत: पाकिस्तान सरकार ईरान से गुहार लगा रही है कि उसके 4 जहाजों को होर्मुज स्ट्रैट से गुजरने की इजाजत दी जाए। गैस की किल्लत: कतर से आने वाली LNG सप्लाई लगभग ठप है। मार्च में 8 में से सिर्फ 2 कार्गो पहुँचे हैं, जिससे 14 अप्रैल के बाद देश में भारी गैस संकट की चेतावनी दी गई है। 4. रूसी तेल और पाकिस्तान का 'कड़वा' इतिहास पाकिस्तान रूस से तेल लेने में हिचकिचा क्यों रहा है? इसके पीछे 2023 के कड़वे अनुभव हैं: रिफाइनिंग की समस्या: पाकिस्तान की रिफाइनरियां रूसी तेल (Urals) को प्रोसेस करने के लिए अनुकूल नहीं हैं। इससे पेट्रोल कम निकलता है और 'फर्नेस ऑयल' ज्यादा, जो मुनाफे का सौदा नहीं है। शिपिंग और लॉजिस्टिक्स: रूस से दूरी अधिक होने के कारण शिपिंग खर्च बढ़ जाता है। इसके अलावा, पाकिस्तान के पोर्ट बड़े जहाजों को हैंडल नहीं कर सकते, जिससे तेल को छोटे जहाजों में बदलना पड़ता है (Ship-to-Ship transfer), जिससे लागत और बढ़ जाती है। मुद्रा संकट: पिछली बार भुगतान चीनी युआन में करना पड़ा था, और पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार की पहले से ही भारी कमी है। 5. अमेरिका की 30 दिन की 'छूट': एक मौका? 13 मार्च को अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दुनिया भर के देशों को 30 दिन तक रूसी तेल खरीदने की अस्थायी छूट दी है। ट्रम्प का दबाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि बाजार में तेल की सप्लाई बढ़े ताकि कीमतें $100 के नीचे आ सकें। सीमित अवसर: यह छूट केवल उस तेल के लिए है जो पहले से जहाजों में लोड है। पाकिस्तान के पास अपनी डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए यह एक छोटा सा 'विंडो' है। 📊 पाकिस्तान ऊर्जा संकट: मुख्य आंकड़े श्रेणी स्थिति / आंकड़े कच्चे तेल की दैनिक जरूरत 5 से 6 लाख बैरल वर्तमान स्टॉक केवल 11 दिन का LPG/LNG संकट 14 अप्रैल से भारी कमी की आशंका तेल आयात का स्रोत 70% मिडिल ईस्ट से डीजल की कीमत ( PKR) 335 रुपये प्रति लीटर 6. UN की इमरजेंसी बैठक और होर्मुज का भविष्य UN की समुद्री संस्था IMO (International Maritime Organization) जल्द ही लंदन में एक इमरजेंसी बैठक बुलाने वाली है। जहाजों की सुरक्षा: जापान, सिंगापुर और UAE जैसे देश फंसे हुए नाविकों के लिए सुरक्षित गलियारा (Safe Passage) चाहते हैं। ईरान का रुख: ईरान ने स्पष्ट किया है कि समुद्र में असुरक्षा के लिए अमेरिका और इजराइल जिम्मेदार हैं। हालांकि, युद्ध के बावजूद अब तक करीब 90 जहाज होर्मुज से चुपचाप (बिना सिग्नल के) निकलने में सफल रहे हैं।

3 घंटे Ago
बाबर-फखर चोट के बावजूद टी-20 वर्ल्डकप में चुने गए थे:
खेल
PCB का सनसनीखेज खुलासा: बाबर आजम और फखर जमान टी-20 वर्ल्ड कप में अनफिट थे; सिलेक्शन कमेटी और फिजियो पर उठे सवाल।

PCB का बड़ा खुलासा: अनफिट थे बाबर और फखर, फिर भी खिलाया टी-20 वर्ल्ड कप; मेडिकल पैनल की रिपोर्ट से पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल लाहौर | 18 मार्च 2026 पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर 'फिटनेस और चयन' को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के मेडिकल पैनल ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि पूर्व कप्तान बाबर आजम और स्टार बल्लेबाज फखर जमान टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान पूरी तरह फिट नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी चोटिल होने के बावजूद टीम का हिस्सा बने रहे, जिसका सीधा असर पाकिस्तान के प्रदर्शन पर पड़ा। यहाँ इस विवाद, मेडिकल रिपोर्ट के दावों और चयन प्रक्रिया पर उठते सवालों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. मेडिकल पैनल का दावा: अनफिट खिलाड़ियों पर लगाया दांव PCB के मेडिकल पैनल की आंतरिक जांच में यह बात सामने आई है कि चयन के समय दोनों खिलाड़ियों की फिटनेस अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं थी: अधूरी रिकवरी: पैनल के अनुसार, बाबर और फखर अपनी पुरानी चोटों से पूरी तरह उबर नहीं पाए थे। इसके बावजूद उन्हें 'मैच फिट' घोषित कर दिया गया। जांच की मांग: सीनियर सेलेक्टर आकिब जावेद ने पिछले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने इस बात की जांच की मांग की है कि आखिर किसके दबाव में अनफिट खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर भेजा गया। 2. वर्ल्ड कप के बाद खुली पोल: डॉ. जावेद मुगल की रिपोर्ट यह मामला तब और गंभीर हो गया जब यूके के प्रसिद्ध स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ. जावेद मुगल ने खिलाड़ियों की जांच की। गंभीर चोट: जांच में पाया गया कि बाबर आजम की हैमस्ट्रिंग की समस्या शुरुआती आकलन से कहीं अधिक गंभीर थी। फखर का संघर्ष: फखर जमान भी पिछले कई महीनों से लगातार फिटनेस की समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन उन्होंने इसे दबाए रखा। डोमेस्टिक क्रिकेट से किनारा: वर्ल्ड कप से लौटने के बाद जब बाबर आजम से नेशनल टी-20 चैंपियनशिप में खेलने को कहा गया, तो उन्होंने हैमस्ट्रिंग इंजरी का हवाला देकर अपना नाम वापस ले लिया। इससे मेडिकल पैनल के दावों को और मजबूती मिली। 3. फिजियो क्लिफ डीकन पर उठे सवाल सिलेक्शन कमेटी और मेडिकल पैनल के बीच इस मामले को लेकर खींचतान जारी है: क्लियरेंस का विवाद: सिलेक्शन पैनल का कहना है कि उन्होंने टीम फिजियो क्लिफ डीकन से फिटनेस क्लियरेंस मिलने के बाद ही खिलाड़ियों को चुना था। पक्षपात के आरोप: डीकन पर पहले भी आरोप लग चुके हैं कि वे खिलाड़ियों के साथ अपने निजी और करीबी रिश्तों के कारण हल्की चोटों को नजरअंदाज कर देते हैं और उन्हें खेलने की अनुमति दे देते हैं। 📊 खिलाड़ियों का हालिया प्रदर्शन और स्थिति खिलाड़ी वर्ल्ड कप 2026 प्रदर्शन वर्तमान स्थिति आगामी लक्ष्य बाबर आजम 6 मैच, मात्र 91 रन NCA में रिहैब जारी PSL (पेशावर जाल्मी कप्तानी) फखर जमान 3 मैच (चोट के कारण बाहर) टी-20 टूर्नामेंट के लिए तैयार फॉर्म और फिटनेस साबित करना 4. बांग्लादेश दौरे पर पड़ा असर बाबर आजम और फखर जमान की अनुपलब्धता का खामियाजा पाकिस्तान को बांग्लादेश दौरे पर भुगतना पड़ा: सीरीज हार: पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में 1-2 से करारी हार का सामना करना पड़ा। चयनकर्ताओं का रुख: सूत्रों के मुताबिक, बाबर आजम को केवल चोट की वजह से नहीं, बल्कि उनके खराब फॉर्म के कारण भी टीम से बाहर करने की योजना पहले ही बन चुकी थी। 5. पीएसएल (PSL) पर नजरें बाबर आजम फिलहाल नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) में मेडिकल पैनल की कड़ी निगरानी में रिहैब (Rehab) कर रहे हैं। 26 मार्च से वापसी: बाबर के फैंस को उम्मीद है कि वे 26 मार्च से शुरू हो रहे पाकिस्तान सुपर लीग में वापसी करेंगे, जहाँ वे पेशावर जाल्मी की कमान संभालेंगे। फखर की सफाई: फखर जमान ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि वे बांग्लादेश सीरीज के लिए फिट नहीं थे, लेकिन अब घरेलू टी-20 टूर्नामेंट के जरिए अपनी लय हासिल करने को बेताब हैं।

रवि चौहान मार्च 18, 2026 0
Photo:PIXABAY
Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

अमेरिका बोला- आज ईरान पर सबसे बड़े हमले होंगे
Israel-Iran War Day 11: अमेरिका की ईरान को 'महा-हमले' की धमकी; होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से वैश्विक तेल संकट, $116 पहुँचा कच्चा तेल।

मिडल ईस्ट महाजंग Day 11: ईरान पर आज होगा 'सबसे भीषण' हमला; अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी— "तेहरान को मिटाने की तैयारी", 116 डॉलर के पार पहुँचा कच्चा तेल तेहरान/वॉशिंगटन/दुबई | 10 मार्च 2026 अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब अपने सबसे निर्णायक और विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। आज जंग का 11वां दिन है और दुनिया की सांसें थमी हुई हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ऐलान किया है कि मंगलवार को ईरान पर "इतिहास का सबसे तीव्र हवाई हमला" किया जाएगा। इस बीच, खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई रुकने के कारण दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है। यहाँ 11वें दिन की युद्ध स्थिति, वैश्विक ऊर्जा संकट और राजनीतिक बयानबाजी की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. वॉर रूम अपडेट: "ईरान पर आज होगा महाप्रलय" अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' के अगले चरण की घोषणा की है: सबसे बड़ा हमला: रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक, आज मंगलवार को ईरान के सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होगा। इसमें B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स और अत्याधुनिक फाइटर जेट्स की लहरें शामिल होंगी। ईरान का पलटवार: ईरान ने सोमवार रात इजराइल पर 1 टन वारहेड वाली मिसाइलें दागकर अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। साथ ही, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। ट्रम्प की चेतावनी: डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने होर्मुज स्ट्रैट (Hormuz Strait) को बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिका ईरान के उन ठिकानों को मिटा देगा जिन्हें दोबारा बनाना असंभव होगा। 2. ऊर्जा संकट: तेल की किल्लत से दुनिया में मची 'इमरजेंसी' ईरान-इजराइल युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले 'ऊर्जा क्षेत्र' को पंगु बना दिया है: भारत पर असर: भारत अपनी 59% LNG कतर और UAE से खरीदता है। होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से सप्लाई रुक गई है, जिससे देश में महंगाई और ईंधन की कमी का खतरा बढ़ गया है। अब तक 52,000 भारतीय सुरक्षित वतन लौट चुके हैं। पाकिस्तान और अन्य देश: पाकिस्तान में मंत्रियों की विदेश यात्रा पर रोक लगा दी गई है और स्कूल 2 हफ्ते के लिए बंद हैं। थाईलैंड में लोगों को लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने और 'वर्क फ्रॉम होम' करने को कहा गया है। सऊदी अरामको की चेतावनी: दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने कहा है कि दुनिया में तेल का भंडार पिछले 5 साल के न्यूनतम स्तर पर है। सप्लाई बाधित होने से वैश्विक मंदी (Global Recession) आना तय है। 📊 युद्ध का प्रभाव: 11 दिनों की भयावहता (डेटा शीट) प्रभाव क्षेत्र विवरण वर्तमान स्थिति मानवीय क्षति (ईरान) तेहरान और अन्य शहर 1,200+ मौतें, 10,000+ घायल बच्चों की मौत ईरान सरकार का दावा 193 बच्चों की जान गई वायु रक्षा (बहरीन) इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें 105 मिसाइलें, 176 ड्रोन रिफाइनरी हमला अबू धाबी (रुवैस कॉम्प्लेक्स) ड्रोन हमले से भीषण आग हवाई यातायात मिडिल ईस्ट एयरस्पेस इराक, ईरान, इजराइल, UAE बंद 3. रणनीतिक तैनाती: तुर्किये और दक्षिण कोरिया का रुख युद्ध की आग अब पड़ोसी देशों तक फैल रही है: तुर्किये में पैट्रियट: तुर्किये ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए नाटो (NATO) के सहयोग से मालात्या शहर में MIM-104 पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किया है। दक्षिण कोरिया की चिंता: दक्षिण कोरिया से अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम को युद्ध क्षेत्र में भेजने की खबरों से वहां तनाव है, हालांकि राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा है कि वे अमेरिका को अपने हथियार ले जाने से नहीं रोक सकते। रूस को फायदा: यूरोपीय परिषद ने दावा किया है कि इस युद्ध से सबसे ज्यादा फायदा रूस को हो रहा है, क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ने से उसकी आय बढ़ी है और दुनिया का ध्यान यूक्रेन से हट गया है। 4. ईरान की 'नो सीजफायर' पॉलिसी ईरान के तेवर अभी भी सख्त बने हुए हैं: अली लारीजानी का जवाब: उन्होंने ट्रम्प को चेतावनी दी कि ईरान को मिटाने की कोशिश करने वाले खुद मिट जाएंगे। ईरान ने किसी भी प्रकार के युद्धविराम (Ceasefire) से इनकार किया है। होर्मुज स्ट्रैट पर टैक्स: ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर 'सिक्योरिटी टैक्स' लगाने की योजना बना रहा है, ताकि अमेरिका के सहयोगियों पर दबाव बनाया जा सके।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

Recommended posts

Follow us

Trending

मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

टेक्नालॉजी
खेल
लाइफस्टाइल
बिजनेस
धर्म
मनोरंजन
विदेश
देश
दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 मौतें

दिल्ली पालम आग हादसा: साध नगर में 4 मंजिला बिल्डिंग जली, 9 की मौत (3 बच्चे शामिल); PM ने किया मुआवजे का ऐलान।

रवि चौहान मार्च 18, 2026 0
उत्तर प्रदेश