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El Mencho Killed: मेक्सिको की सेना ने ड्रग माफिया 'एल मेंचो' को मारा; देशभर में भारी हिंसा और आगजनी; ट्रम्प का दबाव आया काम।

मेक्सिको में 'ड्रग वॉर' का सबसे खौफनाक अध्याय: सबसे बड़ा सरगना 'एल मेंचो' ढेर; सेना के ऑपरेशन के बाद जल उठा देश, भारतीय दूतावास की एडवाइजरी मेक्सिको सिटी | 23 फरवरी 2026 मेक्सिको की सेना ने रविवार को एक ऐतिहासिक और साहसी सैन्य अभियान में दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया और 'जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' (CJNG) के सरगना नेमेसियो रूबन ओसेगुएरा सर्वेंट्स, जिसे दुनिया 'एल मेंचो' के नाम से जानती है, को मार गिराया है। इस कार्रवाई के बाद पूरा मेक्सिको हिंसा की आग में झुलस रहा है। मेंचो के समर्थकों ने शहरों को बंधक बना लिया है, हाईवे जाम कर दिए हैं और दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। यहाँ इस सैन्य ऑपरेशन, एल मेंचो के साम्राज्य और मेक्सिको में बिगड़ते हालातों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. ऑपरेशन 'एल मेंचो': घायल होने के बाद हुई मौत मेक्सिको सेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर तलपला शहर में रविवार को धावा बोला। मुठभेड़: सेना और कार्टेल के गुर्गों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। इस ऑपरेशन में एल मेंचो के अलावा उसके 9 करीबी शूटर भी मारे गए। मौत का घटनाक्रम: गोलीबारी के दौरान मेंचो गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। अमेरिकी इनाम: मेंचो पर अमेरिकी सरकार ने 136 करोड़ रुपए ($10 Million) का इनाम रखा था। 2. हिंसा की लपटों में मेक्सिको: सड़कों पर तांडव सरगना की मौत की खबर फैलते ही जलिस्को कार्टेल के गुर्गों ने देश के कई हिस्सों में आतंक मचाना शुरू कर दिया: हाईवे जाम और आगजनी: समर्थकों ने प्रमुख हाईवे को अवरुद्ध कर दिया। ट्रक, बस और निजी कारों को रोककर उनमें पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। टूरिस्ट शहर निशाने पर: प्यूर्टो वालार्टा और चापाला जैसे पर्यटन स्थलों पर आसमान में काले धुएं का गुबार देखा गया। एयर कनाडा सहित कई विदेशी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। सुपरमार्केट और पेट्रोल पंप: भीड़ ने सुपरमार्केट में लूटपाट के बाद आग लगा दी। कई पेट्रोल पंपों पर कब्जा कर उन्हें ब्लास्ट करने की कोशिश की गई। 📊 मेक्सिको के ड्रग कार्टेल्स: एक प्राइवेट सेना विशेषता जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) सिनालोआ कार्टेल (प्रतिद्वंद्वी) सैन्य शक्ति टैंक, ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर्स से लैस। 600 से ज्यादा विमान और हेलिकॉप्टर। नेटवर्क अमेरिका के 50 राज्यों में मौजूदगी। वैश्विक ड्रग तस्करी का गढ़। सालाना कमाई करीब 1 लाख करोड़ रुपए ($12.1 Billion) तस्करी और फिरौती का विशाल नेटवर्क। प्रमुख ड्रग्स फेंटेनाइल, कोकीन और मेथ। हेरोइन और कोकीन। 3. ट्रम्प का दबाव और अमेरिका-मेक्सिको संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से मेक्सिको पर कार्टेल्स के खिलाफ 'युद्ध' छेड़ने का दबाव बना रहे थे। ट्रम्प की चेतावनी: ट्रम्प ने मेक्सिको को चेतावनी दी थी कि अगर वे एल मेंचो को नहीं पकड़ते, तो अमेरिका अपनी सेना भेज सकता है। उन्होंने कार्टेल्स को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित कर रखा है। फेंटेनाइल संकट: अमेरिका में हर साल फेंटेनाइल के कारण लाखों लोगों की मौत होती है। ट्रम्प का मानना है कि इन मौतों के लिए मेक्सिकन कार्टेल्स जिम्मेदार हैं। संव्रभुता बनाम सहयोग: मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने पहले ट्रम्प के बयानों का विरोध किया था, लेकिन इस सफल सैन्य ऑपरेशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसी (DEA) और मेक्सिको के बीच बढ़ा हुआ तालमेल साफ दिखाई दे रहा है। 4. इतिहास की पुनरावृत्ति: क्यों डरा हुआ है मेक्सिको? मेक्सिको का इतिहास गवाह है कि जब भी किसी बड़े सरगना को मारा या पकड़ा गया है, देश में 'गृहयुद्ध' जैसी स्थिति बनी है: अल चापो (2016): सिनालोआ कार्टेल के सरगना की गिरफ्तारी के बाद हफ्तों तक खून-खराबा चला था। ओविदियो गुजमान (2019): जब अल चापो के बेटे को पकड़ा गया, तो उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को बंधक बना लिया, जिसके बाद सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। वर्तमान खतरा: एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर 'जलिस्को कार्टेल' के अंदर उत्तराधिकार की जंग छिड़ी, तो मेक्सिको की सड़कों पर लाशों का अंबार लग सकता है। 5. भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी मेक्सिको में जारी हिंसा को देखते हुए भारतीय दूतावास ने तत्काल सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं: प्रभावित इलाके: जलिस्को, तमाउलिपास, मिचोआकान, गुरेरो और न्यूवो लियोन में रह रहे भारतीयों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। संपर्क सूत्र: किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक +52-55-4847-7539 पर संपर्क कर सकते हैं या स्थानीय आपातकालीन नंबर 911 डायल कर सकते हैं। सावधानी: अनावश्यक यात्रा से बचें और भीड़भाड़ वाले इलाकों, विशेषकर हाईवे और शॉपिंग सेंटर्स से दूर रहें।

9 घंटे Ago
Nepal Bus Accident: धादिंग में त्रिशूली नदी में गिरी बस; 18 यात्रियों की मौत, 2 विदेशी नागरिक भी शामिल।

नेपाल में भीषण सड़क हादसा: पोखरा से काठमांडू जा रही बस त्रिशूली नदी में गिरी; 2 विदेशी नागरिकों समेत 18 की मौत, 25 घायल धादिंग (नेपाल) | 23 फरवरी 2026 नेपाल के धादिंग जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। सोमवार देर रात एक यात्री बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी, जिससे 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पहाड़ी रास्तों पर रात के अंधेरे में हुआ यह हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए। यहाँ हादसे के कारणों, बचाव कार्य और त्रिशूली नदी के इतिहास का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. मध्यरात्रि का कहर: कैसे हुआ हादसा? नेपाली मीडिया और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बस (नंबर: Ga 1 Kha 1421) पोखरा से राजधानी काठमांडू की ओर जा रही थी। समय और स्थान: हादसा देर रात करीब 1:30 बजे धादिंग जिले के बेनिघाट रोरांग इलाके में हुआ। यह क्षेत्र पृथ्वी हाईवे का हिस्सा है, जो नेपाल की लाइफलाइन माना जाता है। अनियंत्रित बस: शुरुआती जांच के मुताबिक, ड्राइवर ने एक मोड़ पर बस से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सड़क से फिसलकर सीधे नीचे बह रही गहरी त्रिशूली नदी में जा गिरी। यात्रियों की संख्या: दुर्घटना के समय बस में कुल 44 लोग सवार थे। 2. हताहतों का विवरण और रेस्क्यू ऑपरेशन आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और स्थानीय निवासियों ने मिलकर रात में ही बचाव कार्य शुरू किया: मृतकों की संख्या: अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 12 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। विदेशी नागरिक: मृतकों में एक विदेशी पुरुष और एक विदेशी महिला भी शामिल हैं। हालांकि, उनकी नागरिकता और पहचान की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। घायलों की स्थिति: हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को काठमांडू रेफर कर दिया गया है। चुनौतियां: रात का समय और नदी का तेज बहाव रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बना। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में बचाव कर्मियों ने नदी के ठंडे पानी से लोगों को बाहर निकाला। 📊 नेपाल में हालिया बड़े सड़क हादसे तारीख स्थान कारण हताहत 23 फरवरी 2026 धादिंग (त्रिशूली नदी) नियंत्रण खोना 18 मौत, 25 घायल 5 फरवरी 2026 बैतड़ी जिला ओवरलोडिंग (बारात की बस) 13 मौत, 34 घायल 2024 (मानसून) त्रिशूली नदी लैंडस्लाइड (दो बसें बहीं) 63 लोग (7 भारतीयों समेत) 3. त्रिशूली नदी: आस्था और खतरों का संगम त्रिशूली नदी नेपाल की सबसे प्रसिद्ध लेकिन मानसून और दुर्घटनाओं के लिहाज से सबसे खतरनाक नदियों में से एक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता: कहा जाता है कि भगवान शिव ने गोसाइकुंडा में अपना त्रिशूल जमीन में गाड़ा था, जिससे तीन झरने निकले और त्रिशूली नदी का जन्म हुआ। इसी कारण इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। भौगोलिक स्थिति: यह नदी तिब्बत (चीन) से शुरू होती है और नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जैसे जिलों से होते हुए नारायणी (गंडकी) नदी में मिल जाती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 200 किलोमीटर है। पर्यटन और व्यापार: यह नदी राफ्टिंग और ट्रेकिंग के लिए सैलानियों की पहली पसंद है। इसके किनारे पृथ्वी हाईवे स्थित है, जो व्यापारिक दृष्टिकोण से काठमांडू और पोखरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। खतरा: मानसून के दौरान पहाड़ी ढलानों से होने वाले लैंडस्लाइड और संकरे रास्तों के कारण इस हाईवे पर बसें अक्सर नदी में गिर जाती हैं, जिससे यह 'मौत का हाईवे' भी कहा जाने लगा है। 4. प्रशासन की कार्रवाई और जांच नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की टीम दुर्घटनास्थल पर मौजूद है। हादसे की असल वजह का पता लगाने के लिए बस की मैकेनिकल जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या ड्राइवर को नींद की झपकी आई थी या बस की रफ्तार बहुत तेज थी।

9 घंटे Ago
Bangladesh Army Shuffle: तारिक रहमान ने सेना में किया बड़ा फेरबदल; इंटेलिजेंस और कमांड पदों पर वफादारों की नियुक्ति।

बांग्लादेश: सत्ता संभालते ही तारिक रहमान का सेना में 'बड़ा क्लीन स्वीप'; इंटेलिजेंस और कमांड पदों पर तैनात किए वफादार, विपक्ष ने लगाया 'चुनावी हेरफेर' का आरोप ढाका | 23 फरवरी 2026 बांग्लादेश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत के साथ ही प्रशासनिक और सैन्य गलियारों में भारी उथल-पुथल शुरू हो गई है। 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ ही दिनों के भीतर तारिक रहमान ने बांग्लादेशी सेना के ढांचे में आमूलचूल बदलाव कर दिए हैं। रविवार और सोमवार को जारी किए गए आदेशों के तहत सेना के सबसे संवेदनशील पदों—इंटेलिजेंस (DGFI), ऑपरेशनल कमांड और फील्ड डिविजन्स—पर नए चेहरों की नियुक्ति की गई है। यहाँ इस सैन्य फेरबदल, इसके पीछे की रणनीतिक वजहों और तारिक रहमान सरकार के सामने खड़ी चुनौतियों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. सैन्य फेरबदल: कौन कहाँ नियुक्त हुआ? प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सोमवार को आर्म्ड फोर्स डिवीजन (AFD) में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया और प्रमुख नियुक्तियों पर मुहर लगाई: इंटेलिजेंस (DGFI) में बदलाव: मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी को 'डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेस इंटेलिजेंस' (DGFI) का नया डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। उन्होंने मेजर जनरल मोहम्मद जहांगीर आलम की जगह ली है। DGFI बांग्लादेश की सबसे शक्तिशाली खुफिया इकाई मानी जाती है। चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS): लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद मैनूर रहमान को सेना का नया CGS बनाया गया है। यह पद सेना की रणनीतिक योजना और ऑपरेशंस के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है। प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर (PSO): लेफ्टिनेंट जनरल मीर मुशफिकुर रहमान को सशस्त्र बल डिवीजन का PSO नियुक्त किया गया है। निवर्तमान PSO लेफ्टिनेंट जनरल एसएम कामरुल हसन को विदेश मंत्रालय भेज दिया गया है। भारत से वापसी: भारत में तैनात रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल एमडी हाफिजुर रहमान को मेजर जनरल के पद पर प्रमोट कर वापस बुला लिया गया है। उन्हें अब 55वीं इन्फैंट्री डिविजन का जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) बनाया गया है। अन्य फील्ड कमांड: मेजर जनरल फिरदोस हसन सलीम को सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 24वीं इन्फैंट्री डिविजन (चटगांव) का GOC नियुक्त किया गया है। 2. फेरबदल के पीछे की रणनीतिक वजहें विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल नियमित प्रक्रिया नहीं, बल्कि 'पावर कंसोलिडेशन' (सत्ता का सुदृढ़ीकरण) की एक सोची-समझी कोशिश है: सेना पर पकड़ मजबूत करना: छात्र आंदोलन (फरवरी 2024) के बाद मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने कई पदों पर अपनी पसंद के अधिकारी नियुक्त किए थे। तारिक रहमान अपनी नई BNP सरकार के प्रति वफादार अधिकारियों को अहम पदों पर चाहते हैं ताकि तख्तापलट या बगावत की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके। पुरानी व्यवस्था का अंत: शेख हसीना और मुहम्मद यूनुस के दौर के अधिकारियों को महत्वपूर्ण कमान पदों से हटाकर राजदूत बनाकर विदेशों में भेजा जा रहा है या 'रिटायरमेंट लीव' पर भेजा गया है। रणनीतिक स्थिरता: नई सरकार चाहती है कि सेना का नेतृत्व ऐसा हो जो BNP के राजनीतिक एजेंडे और सुरक्षा विजन के साथ तालमेल बिठा सके। 📊 बांग्लादेश की नई सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था पद नया अधिकारी पूर्व भूमिका प्रधानमंत्री तारिक रहमान (BNP) 17 फरवरी 2026 को शपथ ली चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद मैनूर रहमान आर्मी ट्रेनिंग कमांड के प्रमुख DGFI डायरेक्टर मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी आर्मी मुख्यालय PSO (आर्म्ड फोर्सेस) लेफ्टिनेंट जनरल मीर मुशफिकुर रहमान GOC, 24वीं इन्फैंट्री डिविजन GOC, 55वीं डिविजन मेजर जनरल एमडी हाफिजुर रहमान भारत में रक्षा सलाहकार 3. भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर संभावित असर नई दिल्ली में तैनात रक्षा सलाहकार की वापसी और बांग्लादेश में मिलिट्री लीडरशिप के बदलने से द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ना तय है: नया मिलिट्री संवाद: भारत और बांग्लादेश के बीच सैन्य सहयोग बहुत गहरा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद दिल्ली और ढाका के बीच रक्षा संवाद के नए चैनल स्थापित होंगे। संतुलन की चुनौती: तारिक रहमान की सरकार को भारत के साथ सुरक्षा चिंताओं (जैसे सीमा प्रबंधन और आतंकवाद) पर फिर से तालमेल बिठाना होगा, क्योंकि नई लीडरशिप की प्राथमिकताएं पिछली सरकारों से अलग हो सकती हैं। 4. विपक्ष का 'चुनावी इंजीनियरिंग' का आरोप सेना में इस बड़े फेरबदल के बीच तारिक रहमान की लोकतांत्रिक वैधता पर सवाल उठने लगे हैं: चुनाव में गड़बड़ी: जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) जैसे विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि 12 फरवरी के चुनाव में 'इंजीनियरिंग' की गई थी। भारी बहुमत पर शक: विपक्ष का कहना है कि 20 साल बाद BNP को मिली 200 से ज्यादा सीटें वास्तविक जनादेश नहीं, बल्कि नतीजों में की गई हेरफेर का परिणाम हैं। तानाशाही का डर: विपक्षी गठबंधन का आरोप है कि सेना में यह बदलाव उन लोगों को डराने के लिए है जो चुनाव के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। 5. निष्कर्ष: क्या तारिक रहमान को मिलेगी स्थिरता? सेना में किया गया यह 'सर्जिकल ऑपरेशन' तारिक रहमान को तात्कालिक सुरक्षा तो प्रदान कर सकता है, लेकिन राजनीतिक मोर्चे पर असंतोष बढ़ा सकता है। अगर वे सेना के माध्यम से सत्ता को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, तो छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के बीच एक बार फिर आंदोलन की चिंगारी भड़क सकती है। अगले कुछ महीने बांग्लादेश की आंतरिक सुरक्षा और लोकतांत्रिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।

10 घंटे Ago
US-India Trade Deal Controversy: राहुल गांधी और खड़गे का मोदी सरकार पर हमला; बोले- "टैरिफ डील में किया भारत का आत्मसमर्पण"।

अमेरिकी टैरिफ डील पर 'सियासी रार': विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा; राहुल गांधी बोले- "पीएम का विश्वासघात उजागर", खड़गे ने पूछा- "सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया?" नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 अमेरिकी टैरिफ और भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर भारत में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुराने टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद, भारतीय विपक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने बिना कानूनी स्थिति स्पष्ट हुए 'जल्दबाजी' में समझौता किया, जिससे भारत के हितों को नुकसान पहुँचा है। यहाँ विपक्ष के आरोपों, अमेरिकी कोर्ट के फैसले और ट्रम्प के नए 10% ग्लोबल टैरिफ का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. विपक्ष का प्रहार: "हताशा में किया गया आत्मसमर्पण" कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मोदी सरकार की 'ट्रेड डिप्लोमेसी' पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं: राहुल गांधी: शनिवार को राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी का "विश्वासघात" अब सबके सामने है। उन्होंने दावा किया कि भारत इस व्यापार समझौते में फिर से "आत्मसमर्पण" कर देगा, जिससे देश की आर्थिक स्वायत्तता खतरे में पड़ेगी। मल्लिकार्जुन खड़गे: कांग्रेस अध्यक्ष ने इस समझौते को एक 'ट्रैप डील' (Trap Deal) करार दिया। उन्होंने पूछा कि सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया? क्या सरकार पर किसी तरह का दबाव था? जयराम रमेश: उन्होंने कहा कि यदि सरकार महज 18 दिन और रुक जाती, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की बेहतर रक्षा की जा सकती थी। 2. दिग्गज नेताओं की 4 बड़ी टिप्पणियां विपक्ष के प्रमुख चेहरों ने सरकार की रणनीति को 'असंतुलित' बताया है: नेता मुख्य आरोप / टिप्पणी मल्लिकार्जुन खड़गे क्या यह 'एप्सटीन फाइल्स' का दबाव था? सरकार 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान की रक्षा करने में विफल रही। जयराम रमेश प्रधानमंत्री की हताशा के कारण यह समझौता भारत पर थोपा जा रहा है। 18 दिन का इंतजार भारी पड़ता। मनीष तिवारी यह फैसला लोकतंत्र के लिए जरूरी है। न्यायपालिका को कार्यपालिका की 'तानाशाही' वाली ज्यादती रोकनी ही चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ और अमेरिकी आयात पर लगभग जीरो; यह डील पूरी तरह असंतुलित और एकतरफा है। 3. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का 'ऐतिहासिक' फैसला शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से राष्ट्रपति ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट का तर्क: संविधान के अनुसार, टैक्स या टैरिफ लगाने का अधिकार केवल संसद (कांग्रेस) को है। राष्ट्रपति 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का बहाना बनाकर संसद की शक्तियों को नहीं छीन सकते। भारत पर असर: इस फैसले के बाद भारत पर लगा 18% रेसिप्रोकल टैरिफ कानूनी तौर पर अवैध हो गया था। विपक्ष का तर्क यही है कि यदि भारत रुकता, तो उसे कोई भी टैरिफ देने की जरूरत नहीं पड़ती। 4. ट्रम्प का जवाबी दांव: 10% नया ग्लोबल टैरिफ कोर्ट के फैसले के मात्र 3 घंटे के भीतर डोनाल्ड ट्रम्प ने नया दांव खेल दिया: नया कानून (Section-122): ट्रम्प ने 'ट्रेड एक्ट 1974' की धारा 122 का उपयोग करते हुए दुनिया भर पर 10% टैरिफ लगा दिया। लागू होने की तारीख: यह नया टैरिफ 24 फरवरी 2026 की आधी रात से लागू होगा। भारत की स्थिति: बीबीसी के अनुसार, अब भारत पर टैरिफ 18% से घटकर 10% रह जाएगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी को अपना "अच्छा दोस्त" बताते हुए कहा कि ट्रेड डील जारी रहेगी। 5. व्यापार समझौते का वर्तमान स्टेटस वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, विवादों के बावजूद प्रक्रिया जारी है: फरवरी अंत: अंतरिम व्यापार समझौता फाइनल हो जाएगा। मार्च: समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे। अप्रैल: डील पूरी तरह लागू हो जाएगी। भारत की रियायत: भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने पर सहमति जताई है।

2 दिन Ago
मेक्सिको में सेना ने सबसे बड़े ड्रग माफिया को मारा
विदेश
El Mencho Killed: मेक्सिको की सेना ने ड्रग माफिया 'एल मेंचो' को मारा; देशभर में भारी हिंसा और आगजनी; ट्रम्प का दबाव आया काम।

मेक्सिको में 'ड्रग वॉर' का सबसे खौफनाक अध्याय: सबसे बड़ा सरगना 'एल मेंचो' ढेर; सेना के ऑपरेशन के बाद जल उठा देश, भारतीय दूतावास की एडवाइजरी मेक्सिको सिटी | 23 फरवरी 2026 मेक्सिको की सेना ने रविवार को एक ऐतिहासिक और साहसी सैन्य अभियान में दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया और 'जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' (CJNG) के सरगना नेमेसियो रूबन ओसेगुएरा सर्वेंट्स, जिसे दुनिया 'एल मेंचो' के नाम से जानती है, को मार गिराया है। इस कार्रवाई के बाद पूरा मेक्सिको हिंसा की आग में झुलस रहा है। मेंचो के समर्थकों ने शहरों को बंधक बना लिया है, हाईवे जाम कर दिए हैं और दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। यहाँ इस सैन्य ऑपरेशन, एल मेंचो के साम्राज्य और मेक्सिको में बिगड़ते हालातों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. ऑपरेशन 'एल मेंचो': घायल होने के बाद हुई मौत मेक्सिको सेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर तलपला शहर में रविवार को धावा बोला। मुठभेड़: सेना और कार्टेल के गुर्गों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। इस ऑपरेशन में एल मेंचो के अलावा उसके 9 करीबी शूटर भी मारे गए। मौत का घटनाक्रम: गोलीबारी के दौरान मेंचो गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। अमेरिकी इनाम: मेंचो पर अमेरिकी सरकार ने 136 करोड़ रुपए ($10 Million) का इनाम रखा था। 2. हिंसा की लपटों में मेक्सिको: सड़कों पर तांडव सरगना की मौत की खबर फैलते ही जलिस्को कार्टेल के गुर्गों ने देश के कई हिस्सों में आतंक मचाना शुरू कर दिया: हाईवे जाम और आगजनी: समर्थकों ने प्रमुख हाईवे को अवरुद्ध कर दिया। ट्रक, बस और निजी कारों को रोककर उनमें पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। टूरिस्ट शहर निशाने पर: प्यूर्टो वालार्टा और चापाला जैसे पर्यटन स्थलों पर आसमान में काले धुएं का गुबार देखा गया। एयर कनाडा सहित कई विदेशी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। सुपरमार्केट और पेट्रोल पंप: भीड़ ने सुपरमार्केट में लूटपाट के बाद आग लगा दी। कई पेट्रोल पंपों पर कब्जा कर उन्हें ब्लास्ट करने की कोशिश की गई। 📊 मेक्सिको के ड्रग कार्टेल्स: एक प्राइवेट सेना विशेषता जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) सिनालोआ कार्टेल (प्रतिद्वंद्वी) सैन्य शक्ति टैंक, ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर्स से लैस। 600 से ज्यादा विमान और हेलिकॉप्टर। नेटवर्क अमेरिका के 50 राज्यों में मौजूदगी। वैश्विक ड्रग तस्करी का गढ़। सालाना कमाई करीब 1 लाख करोड़ रुपए ($12.1 Billion) तस्करी और फिरौती का विशाल नेटवर्क। प्रमुख ड्रग्स फेंटेनाइल, कोकीन और मेथ। हेरोइन और कोकीन। 3. ट्रम्प का दबाव और अमेरिका-मेक्सिको संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से मेक्सिको पर कार्टेल्स के खिलाफ 'युद्ध' छेड़ने का दबाव बना रहे थे। ट्रम्प की चेतावनी: ट्रम्प ने मेक्सिको को चेतावनी दी थी कि अगर वे एल मेंचो को नहीं पकड़ते, तो अमेरिका अपनी सेना भेज सकता है। उन्होंने कार्टेल्स को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित कर रखा है। फेंटेनाइल संकट: अमेरिका में हर साल फेंटेनाइल के कारण लाखों लोगों की मौत होती है। ट्रम्प का मानना है कि इन मौतों के लिए मेक्सिकन कार्टेल्स जिम्मेदार हैं। संव्रभुता बनाम सहयोग: मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने पहले ट्रम्प के बयानों का विरोध किया था, लेकिन इस सफल सैन्य ऑपरेशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसी (DEA) और मेक्सिको के बीच बढ़ा हुआ तालमेल साफ दिखाई दे रहा है। 4. इतिहास की पुनरावृत्ति: क्यों डरा हुआ है मेक्सिको? मेक्सिको का इतिहास गवाह है कि जब भी किसी बड़े सरगना को मारा या पकड़ा गया है, देश में 'गृहयुद्ध' जैसी स्थिति बनी है: अल चापो (2016): सिनालोआ कार्टेल के सरगना की गिरफ्तारी के बाद हफ्तों तक खून-खराबा चला था। ओविदियो गुजमान (2019): जब अल चापो के बेटे को पकड़ा गया, तो उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को बंधक बना लिया, जिसके बाद सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। वर्तमान खतरा: एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर 'जलिस्को कार्टेल' के अंदर उत्तराधिकार की जंग छिड़ी, तो मेक्सिको की सड़कों पर लाशों का अंबार लग सकता है। 5. भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी मेक्सिको में जारी हिंसा को देखते हुए भारतीय दूतावास ने तत्काल सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं: प्रभावित इलाके: जलिस्को, तमाउलिपास, मिचोआकान, गुरेरो और न्यूवो लियोन में रह रहे भारतीयों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। संपर्क सूत्र: किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक +52-55-4847-7539 पर संपर्क कर सकते हैं या स्थानीय आपातकालीन नंबर 911 डायल कर सकते हैं। सावधानी: अनावश्यक यात्रा से बचें और भीड़भाड़ वाले इलाकों, विशेषकर हाईवे और शॉपिंग सेंटर्स से दूर रहें।

रवि चौहान फ़रवरी 23, 2026 0
Photo:PIXABAY
Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

शेयर मार्केट डाउन
Share Market Closing 26 September 2025: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, सिर्फ कुछ कंपनियों के शेयर बढ़त में

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

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मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

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