पन्नू हत्याकांड साजिश: निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल; न्यूयॉर्क कोर्ट में जुर्म कबूला, विकास यादव और रॉ (RAW) कनेक्शन पर बड़ा खुलासा न्यूयॉर्क/नई दिल्ली | 14 फरवरी 2026 खालिस्तानी अलगाववादी और भारत द्वारा घोषित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिकी धरती पर हत्या की साजिश रचने के हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता (53) ने न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई (FBI) के कड़े शिकंजे के बाद गुप्ता ने स्वीकार किया है कि उसने एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए सुपारी (Murder-for-hire) देने की साजिश रची थी। अदालत ने निखिल गुप्ता को 24 साल की कैद की सजा सुनाई है। इस मामले ने भारत और अमेरिका के कूटनीतिक संबंधों में भी काफी हलचल पैदा की है, क्योंकि इसमें भारतीय खुफिया एजेंसी (RAW) के एक पूर्व अधिकारी का नाम भी शामिल है। 1. निखिल गुप्ता का जुर्म और कोर्ट का फैसला शुक्रवार को न्यूयॉर्क की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान निखिल गुप्ता उर्फ 'निक' ने खुद पर लगे तीनों मुख्य आरोपों को स्वीकार कर लिया। स्वीकार किए गए आरोप: 1. मर्डर-फॉर-हायर (पैसे लेकर हत्या कराना)। 2. मर्डर-फॉर-हायर को अंजाम देने की साजिश। 3. मनी लॉन्ड्रिंग (हवाला के जरिए पैसे पहुंचाना) की साजिश। सजा का विवरण: कोर्ट ने उसे 24 साल की जेल की सजा सुनाई है। सजा का औपचारिक ऐलान 29 मई को किया जाएगा। FBI का बयान: एफबीआई ने कहा कि यह अमेरिकी संप्रभुता और कानून का उल्लंघन था, जिसे उनकी एजेंसियों ने समय रहते 'अंडरकवर ऑपरेशन' के जरिए नाकाम कर दिया। 2. साजिश की पूरी टाइमलाइन: चार्जशीट के सनसनीखेज खुलासे अमेरिकी जांच एजेंसियों (DOJ & FBI) ने इस साजिश की एक-एक कड़ी को जोड़ा है, जो मई 2023 से शुरू हुई थी: समय घटनाक्रम मई 2023 भारतीय अधिकारी (विकास यादव) ने निखिल गुप्ता को पन्नू की हत्या के लिए संपर्क किया। 29 मई 2023 गुप्ता ने एक हिटमैन की तलाश शुरू की, लेकिन वह शख्स अनजाने में अमेरिकी एजेंसी का 'अंडरकवर एजेंट' निकला। 9 जून 2023 पन्नू की हत्या के लिए 15,000 डॉलर (लगभग 12.5 लाख रुपये) की एडवांस पेमेंट हिटमैन को दी गई। कुल डील 1 लाख डॉलर में हुई थी। 11 जून 2023 पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के मद्देनजर साजिश को 10 दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया गया। 18 जून 2023 कनाडा में आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई। 19 जून 2023 गुप्ता ने हिटमैन को निज्जर की हत्या का वीडियो भेजा और कहा— "अब इंतजार की जरूरत नहीं, काम पूरा करो।" 30 जून 2023 निखिल गुप्ता को चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया। 3. विकास यादव (CC-1) और RAW कनेक्शन अमेरिकी चार्जशीट में 'CC-1' (को-कॉन्स्पिरेटर) के रूप में जिस व्यक्ति का जिक्र किया गया, उसे बाद में विकास यादव के रूप में पहचाना गया। कौन हैं विकास यादव? FBI के मुताबिक, विकास भारतीय खुफिया एजेंसी RAW से जुड़े थे। उनकी सैन्य वर्दी वाली तस्वीरें भी जारी की गईं। भारत में गिरफ्तारी: विकास यादव को दिसंबर 2023 में दिल्ली पुलिस ने किडनैपिंग के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें उनका नाम गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से भी जोड़ा गया। भारत सरकार का रुख: विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विकास यादव अब भारत सरकार के कर्मचारी नहीं हैं। भारत ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति भी बनाई है। 4. गुरपतवंत सिंह पन्नू: भारत के लिए 'मोस्ट वांटेड' पन्नू केवल एक कनाडाई-अमेरिकी नागरिक नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है: आतंकी घोषित: भारत ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया। SFJ पर बैन: उसका संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) भारत में प्रतिबंधित है। वह अक्सर भारतीय विमानों को बम से उड़ाने और संसद पर हमले की धमकियां देता रहता है। अलगाववाद: पन्नू 'रेफरेंडम' के नाम पर पंजाब को भारत से अलग करने की साजिश रचता रहा है। 5. कूटनीतिक प्रभाव और जांच की दिशा निखिल गुप्ता के कबूलनामे के बाद अमेरिका का दबाव भारत पर बढ़ सकता है। प्रत्यर्पण: चेक रिपब्लिक से अमेरिका लाए जाने के बाद निखिल ने पहले खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन सबूतों के आगे उसे झुकना पड़ा। सहयोग: अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि वे इस साजिश के पीछे के 'मास्टरमाइंड्स' तक पहुंचने के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।
पूर्व अधिकारियों के लिए 20 साल का 'कूलिंग-ऑफ पीरियड'? जनरल नरवणे की अनपब्लिश किताब से शुरू हुआ नया राष्ट्रीय विवाद नई दिल्ली | 14 फरवरी 2026 भारत सरकार सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सेवा से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक करने के नियमों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, अब रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ पदों पर रहे अधिकारियों के लिए 20 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू किया जा सकता है। इस अवधि के दौरान वे अपनी सर्विस से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी या घटनाओं पर आधारित पुस्तक प्रकाशित नहीं कर सकेंगे। यह मुद्दा पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” (Four Stars of Destiny) को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच गरमाया है। 1. कैबिनेट में उठी कूलिंग-ऑफ पीरियड की मांग हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आधिकारिक एजेंडे से हटकर इस विषय पर चर्चा हुई। मंत्रियों की राय: कई वरिष्ठ मंत्रियों ने सुझाव दिया कि सैन्य और खुफिया सेवाओं जैसे अति-संवेदनशील पदों से रिटायर होने वाले अधिकारियों के लिए किताब लिखने से पहले एक लंबी समय-सीमा तय होनी चाहिए। उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को प्रभावित करने वाली गोपनीय जानकारियों को 'समय से पहले' सार्वजनिक होने से रोकना है। संभावित आदेश: हालांकि अभी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्द ही इस पर नए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। 2. जनरल नरवणे की किताब: विवाद की जड़ क्या है? जनरल एमएम नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे। उनकी आत्मकथा "फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी" जनवरी 2024 में रिलीज होनी थी, लेकिन यह रक्षा मंत्रालय के पास अटकी हुई है। विवाद के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: लद्दाख सीमा विवाद (2020): किताब में कथित तौर पर दावा किया गया है कि 31 अगस्त 2020 को कैलाश रेंज में चीनी उकसावे का जवाब देने के लिए सरकार की ओर से तत्काल कोई राजनीतिक निर्देश नहीं मिला था। सेना को अपने स्तर पर निर्णय लेने पड़े थे। अग्निपथ योजना: किताब के कुछ अंशों में 'अग्निपथ योजना' (अग्निवीर) के शुरुआती प्रस्ताव और कार्यान्वयन को लेकर भी खुलासे होने की बात कही गई है, जिसे सरकार असहज मान रही है। गैर-कानूनी सर्कुलेशन: राहुल गांधी द्वारा संसद में इस किताब का जिक्र करने के बाद इसका PDF और मैन्युस्क्रिप्ट सोशल मीडिया पर लीक हो गई। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है और कॉपीराइट उल्लंघन की जांच कर रही है। 3. वर्तमान नियम और कानून की स्थिति अभी रिटायर अधिकारियों के लिए निम्नलिखित कानूनी प्रावधान लागू होते हैं: नियम/कानून विवरण CCS Rules 1972 (2021 संशोधन) संवेदनशील या सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रकाशित करने से पहले संबंधित विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (OSA) राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गोपनीय डेटा को सार्वजनिक करना दंडनीय अपराध है। डिफेंस मिनिस्ट्री क्लियरेंस सैन्य अधिकारियों के लिए अपनी सर्विस लाइफ पर किताब लिखने के लिए सेना और मंत्रालय से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लेना होता है। 4. राहुल गांधी और 'किताब राजनीति' नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 4 फरवरी को संसद में किताब की एक प्रति (Copy) दिखाकर सरकार को घेरा था। उनका तर्क है कि जब किताब के प्री-ऑर्डर लिंक उपलब्ध थे और कुछ अंश न्यूज़ एजेंसियों ने छापे थे, तो इसे 'अनपब्लिश' मानकर चर्चा से रोकना गलत है। वहीं, सरकार का कहना है कि बिना क्लियरेंस के किसी संवेदनशील किताब के अंशों का राजनीतिक उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ है। 5. क्या होगा 20 साल के नियम का असर? अगर 20 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू होता है, तो: मेमॉयर (संस्मरण) पर रोक: कोई भी पूर्व सचिव, सेना प्रमुख या खुफिया एजेंसी का प्रमुख अपनी सेवा के अनुभव 20 साल तक नहीं लिख पाएगा। ऐतिहासिक रिकॉर्ड की कमी: विशेषज्ञों का मानना है कि इससे समकालीन इतिहास के सैन्य और प्रशासनिक दृष्टिकोण लुप्त हो सकते हैं। गोपनीयता की सुरक्षा: सरकार का मानना है कि 20 साल बाद कई संवेदनशील अभियान 'डिक्लासिफाइड' हो जाते हैं, तब उनका खुलासा करना देश के लिए कम जोखिम भरा होता है।
संसद में घमासान: बजट सत्र का पहला चरण खत्म; राहुल गांधी पर 'देश के बंटवारे' की साजिश का आरोप, 9 मार्च तक सदन स्थगित नई दिल्ली | 13 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन भारी हंगामे और तीखे आरोपों की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों द्वारा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग और सत्ता पक्ष द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलने के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लोकसभा अब 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। यहाँ आज के घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का गंभीर आरोप: "सत्ता के लिए देश के बंटवारे की प्लानिंग कर रहे राहुल" बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया पर प्रहार: दुबे ने X पर लिखा कि राहुल गांधी सोरोस, फोर्ड फाउंडेशन और टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ मिलकर सत्ता पाने के लिए भारत के बंटवारे की योजना बना रहे हैं। सब्सटेंसिव मोशन: निशिकांत दुबे पहले ही राहुल गांधी के खिलाफ 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने राहुल की सदस्यता रद्द करने और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने स्पीकर से इस मुद्दे पर विशेष बहस की अनुमति मांगी है। 2. सरकार का रुख: "राहुल ने तोड़े नियम, हाउस तय करेगा सजा" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है: किताब और बजट भाषण: रिजिजू ने कहा कि राहुल ने एक 'अनपब्लिश्ड' किताब का गैर-कानूनी जिक्र किया और बजट भाषण में प्रधानमंत्री के लिए "बकवास" बातें कहीं। रणनीति में बदलाव: रिजिजू ने बताया कि चूंकि निशिकांत दुबे पहले ही सब्सटेंसिव मोशन ला चुके हैं, इसलिए सरकार अपना अलग नोटिस नहीं लाएगी। अब स्पीकर तय करेंगे कि इस मामले को प्रिविलेज कमेटी (विशेषाधिकार समिति) को भेजना है या सीधे सदन में चर्चा करानी है। 3. संसद के भीतर और बाहर संग्राम: "हरदीप पुरी इस्तीफा दो" शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया: एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा: कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने पहले आरोप लगाया था कि पुरी का नाम 'एपस्टीन फाइल्स' में है। आरजेडी का प्रदर्शन: आरजेडी सांसदों ने बिहार में आरक्षण कोटा 65% करने और इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की और पीएम मोदी व नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। कार्यवाही स्थगित: लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन में मात्र 10 मिनट ही चल पाई और हंगामे के चलते इसे 9 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। 4. कृषि मुद्दों पर बहस: शिवराज बनाम दिग्विजय और राजीव शुक्ला राज्यसभा में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई: MSP का सवाल: कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने पूछा कि एमएसपी को कानूनी दर्जा कब मिलेगा? शिवराज ने जवाब दिया कि मोदी सरकार ने लागत पर 50% लाभ जोड़कर एमएसपी तय की है, जो कांग्रेस सरकार में नहीं था। मूंग की फसल पर चुटकी: दिग्विजय सिंह के सवाल पर शिवराज ने मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे खुशी है कि पूर्व मुख्यमंत्री को मेरे संसदीय क्षेत्र (सीहोर) की इतनी चिंता है। हमने ही मूंग की पैदावार बढ़ाई है।" 📊 बजट सत्र 2026: एक नज़र में (पहला चरण) विवरण तिथि / स्थिति प्रारंभ 28 जनवरी 2026 प्रथम चरण का समापन 13 फरवरी 2026 सदन का ब्रेक 14 फरवरी से 8 मार्च (23 दिन) दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल 2025 प्रमुख टकराव US ट्रेड डील, एमएम नरवणे की किताब, अडानी-एपस्टीन फाइल्स और राहुल की सदस्यता। 5. कांग्रेस का पलटवार: "राहुल चुप नहीं रहेंगे" कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने कहा कि राहुल गांधी किसानों और देश के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, "चाहे उनकी मेंबरशिप चली जाए या राजनीतिक करियर खत्म करने की कोशिश हो, राहुल गांधी संसद में अपना मुंह बंद नहीं करेंगे। वे ट्रेड डील और किसानों के मुद्दे उठाते रहेंगे।"
राजपाल यादव को हाईकोर्ट से झटका: जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- "आपने अपना वादा पूरा नहीं किया"; सोमवार तक जेल में ही रहेंगे 'छोटा पंडित' नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने उन्हें कोई राहत देने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक्टर को जेल इसलिए जाना पड़ा क्योंकि उन्होंने बार-बार दिए गए मौकों के बावजूद अपना वादा पूरा नहीं किया। यहाँ राजपाल यादव के केस की ताजा स्थिति और बॉलीवुड से मिल रहे समर्थन का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. कोर्ट की सख्त टिप्पणी: "कानून तो कानून है" सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर नाराजगी जाहिर की: सजा पर रोक का आधार: कोर्ट ने पूछा कि जब आपने खुद कर्ज लेने की बात स्वीकार की है और उसे लौटाने का वादा किया था, तो अब सजा रद्द करने की मांग क्यों की जा रही है? 25-30 मौके दिए: जज ने कहा, "आपको 25 से 30 बार भुगतान के अवसर दिए गए, लेकिन आपने सालों तक कुछ नहीं किया। पिछले आदेशों का पालन न करने की वजह से ही आज आप जेल में हैं।" सहानुभूति बनाम कानून: अदालत ने कहा कि उन्हें राजपाल से व्यक्तिगत सहानुभूति हो सकती है, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है। अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। 2. बचाव पक्ष की दलील: "हम पैसा चुकाना चाहते हैं" राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा: अब तक का भुगतान: वकील ने दावा किया कि 5 करोड़ के मूल कर्ज में से राजपाल अब तक 3 करोड़ रुपए से ज्यादा चुका चुके हैं। शादी का हवाला: परिवार में शादी होने के कारण जमानत की गुहार लगाई गई थी, साथ ही यह भी कहा गया कि राजपाल बाकी रकम जमा करने के लिए तैयार हैं। 3. राजपाल की पत्नी राधा यादव हुईं भावुक राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव ने इस मुश्किल घड़ी में उनका साथ देने वालों का शुक्रिया अदा किया: इंडस्ट्री का शुक्रिया: न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए राधा ने कहा, "फिल्म इंडस्ट्री ने हमें बहुत सपोर्ट किया है। जो भी लोग इस संकट के समय में आगे आकर हमारी मदद कर रहे हैं, उन सबका मैं दिल से आभार व्यक्त करती हूं।" 4. बॉलीवुड का 'महा-सपोर्ट': कौन-कौन आया आगे? राजपाल की आर्थिक तंगी की खबर आने के बाद बॉलीवुड के दिग्गज एक जुट हो गए हैं: सोनू सूद की पहल: सोनू सूद ने सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने अपनी अगली फिल्म के लिए राजपाल को 'साइनिंग अमाउंट' दिया और कहा कि यह दान नहीं बल्कि उनके टैलेंट का सम्मान है। दिग्गजों की मदद: सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन और वरुण धवन ने भी राजपाल के परिवार से संपर्क कर आर्थिक सहायता पहुंचाई है। मीका सिंह का ऐलान: सिंगर मीका सिंह ने राजपाल के लिए 11 लाख रुपए की मदद की घोषणा की और दूसरों से भी केवल पोस्ट डालने के बजाय जमीन पर मदद करने की अपील की। FWICE की अपील: फिल्म फेडरेशन (FWICE) ने सभी प्रोड्यूसर्स से अपील की है कि वे इस दिग्गज अभिनेता के करियर और ईमानदारी को बचाने के लिए एकजुट हों। 📊 राजपाल यादव केस: विवाद की पूरी टाइमलाइन वर्ष घटनाक्रम 2010 फिल्म 'अता पता लापता' के लिए ₹5 करोड़ का लोन लिया। 2012 फिल्म फ्लॉप हुई और चेक बाउंस होने का सिलसिला शुरू हुआ। 2018 कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल को दोषी मानकर 6 महीने की सजा सुनाई। 2019-25 उच्च अदालतों में अपील और समझौते के लिए कई बार समय मिला। फरवरी 2026 वादे के मुताबिक भुगतान न करने पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सरेंडर किया। 5. क्यों फंसे राजपाल यादव? यह पूरा मामला 2010 में 'मुरली प्रोजेक्ट्स' से लिए गए कर्ज से जुड़ा है। राजपाल अपनी फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। कर्ज पर ब्याज बढ़ता गया और राजपाल के चेक बाउंस होते रहे। समझौते के कई दौर चले, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे पूरी रकम नहीं चुका सके, जिसके कारण आज उन्हें तिहाड़ जेल का सामना करना पड़ रहा है।
पन्नू हत्याकांड साजिश: निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल; न्यूयॉर्क कोर्ट में जुर्म कबूला, विकास यादव और रॉ (RAW) कनेक्शन पर बड़ा खुलासा न्यूयॉर्क/नई दिल्ली | 14 फरवरी 2026 खालिस्तानी अलगाववादी और भारत द्वारा घोषित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिकी धरती पर हत्या की साजिश रचने के हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता (53) ने न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई (FBI) के कड़े शिकंजे के बाद गुप्ता ने स्वीकार किया है कि उसने एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए सुपारी (Murder-for-hire) देने की साजिश रची थी। अदालत ने निखिल गुप्ता को 24 साल की कैद की सजा सुनाई है। इस मामले ने भारत और अमेरिका के कूटनीतिक संबंधों में भी काफी हलचल पैदा की है, क्योंकि इसमें भारतीय खुफिया एजेंसी (RAW) के एक पूर्व अधिकारी का नाम भी शामिल है। 1. निखिल गुप्ता का जुर्म और कोर्ट का फैसला शुक्रवार को न्यूयॉर्क की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान निखिल गुप्ता उर्फ 'निक' ने खुद पर लगे तीनों मुख्य आरोपों को स्वीकार कर लिया। स्वीकार किए गए आरोप: 1. मर्डर-फॉर-हायर (पैसे लेकर हत्या कराना)। 2. मर्डर-फॉर-हायर को अंजाम देने की साजिश। 3. मनी लॉन्ड्रिंग (हवाला के जरिए पैसे पहुंचाना) की साजिश। सजा का विवरण: कोर्ट ने उसे 24 साल की जेल की सजा सुनाई है। सजा का औपचारिक ऐलान 29 मई को किया जाएगा। FBI का बयान: एफबीआई ने कहा कि यह अमेरिकी संप्रभुता और कानून का उल्लंघन था, जिसे उनकी एजेंसियों ने समय रहते 'अंडरकवर ऑपरेशन' के जरिए नाकाम कर दिया। 2. साजिश की पूरी टाइमलाइन: चार्जशीट के सनसनीखेज खुलासे अमेरिकी जांच एजेंसियों (DOJ & FBI) ने इस साजिश की एक-एक कड़ी को जोड़ा है, जो मई 2023 से शुरू हुई थी: समय घटनाक्रम मई 2023 भारतीय अधिकारी (विकास यादव) ने निखिल गुप्ता को पन्नू की हत्या के लिए संपर्क किया। 29 मई 2023 गुप्ता ने एक हिटमैन की तलाश शुरू की, लेकिन वह शख्स अनजाने में अमेरिकी एजेंसी का 'अंडरकवर एजेंट' निकला। 9 जून 2023 पन्नू की हत्या के लिए 15,000 डॉलर (लगभग 12.5 लाख रुपये) की एडवांस पेमेंट हिटमैन को दी गई। कुल डील 1 लाख डॉलर में हुई थी। 11 जून 2023 पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के मद्देनजर साजिश को 10 दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया गया। 18 जून 2023 कनाडा में आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई। 19 जून 2023 गुप्ता ने हिटमैन को निज्जर की हत्या का वीडियो भेजा और कहा— "अब इंतजार की जरूरत नहीं, काम पूरा करो।" 30 जून 2023 निखिल गुप्ता को चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया। 3. विकास यादव (CC-1) और RAW कनेक्शन अमेरिकी चार्जशीट में 'CC-1' (को-कॉन्स्पिरेटर) के रूप में जिस व्यक्ति का जिक्र किया गया, उसे बाद में विकास यादव के रूप में पहचाना गया। कौन हैं विकास यादव? FBI के मुताबिक, विकास भारतीय खुफिया एजेंसी RAW से जुड़े थे। उनकी सैन्य वर्दी वाली तस्वीरें भी जारी की गईं। भारत में गिरफ्तारी: विकास यादव को दिसंबर 2023 में दिल्ली पुलिस ने किडनैपिंग के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें उनका नाम गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से भी जोड़ा गया। भारत सरकार का रुख: विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विकास यादव अब भारत सरकार के कर्मचारी नहीं हैं। भारत ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति भी बनाई है। 4. गुरपतवंत सिंह पन्नू: भारत के लिए 'मोस्ट वांटेड' पन्नू केवल एक कनाडाई-अमेरिकी नागरिक नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है: आतंकी घोषित: भारत ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया। SFJ पर बैन: उसका संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) भारत में प्रतिबंधित है। वह अक्सर भारतीय विमानों को बम से उड़ाने और संसद पर हमले की धमकियां देता रहता है। अलगाववाद: पन्नू 'रेफरेंडम' के नाम पर पंजाब को भारत से अलग करने की साजिश रचता रहा है। 5. कूटनीतिक प्रभाव और जांच की दिशा निखिल गुप्ता के कबूलनामे के बाद अमेरिका का दबाव भारत पर बढ़ सकता है। प्रत्यर्पण: चेक रिपब्लिक से अमेरिका लाए जाने के बाद निखिल ने पहले खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन सबूतों के आगे उसे झुकना पड़ा। सहयोग: अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि वे इस साजिश के पीछे के 'मास्टरमाइंड्स' तक पहुंचने के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।
राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया। 🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा। 💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। 🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया। 🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ। 🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।
⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है। क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी? शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है। सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए। प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है। अन्य सुझाव व उपाय धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए। जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”