पटना यूनिवर्सिटी में भारी हंगामा: CM नीतीश ने किया 147 करोड़ के भवनों का उद्घाटन; छात्र नेताओं ने 'डिप्टी CM गो बैक' के लगाए नारे पटना | 30 मार्च 2026 पटना विश्वविद्यालय (PU) के परिसर में आज उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवनों का उद्घाटन करने पहुंचे। एक तरफ जहां विश्वविद्यालय को आधुनिक बुनियादी ढांचा मिला, वहीं दूसरी ओर छात्र राजनीति और प्रशासनिक खींचतान ने कार्यक्रम के रंग में भंग डाल दिया। छात्र नेताओं के उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री को अपना संबोधन और कार्यक्रम महज 7 से 8 मिनट में समेटकर वहां से निकलना पड़ा। यहाँ इस हंगामे, उद्घाटन और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. क्यों भड़के छात्र? सम्मान और स्वायत्तता की लड़ाई हंगामे की मुख्य वजह कार्यक्रम के निमंत्रण और प्रोटोकॉल को लेकर रही। कुलपति की अनदेखी का आरोप: छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में खुद छात्र संघ और यहां तक कि कुलपति (VC) को भी उचित सम्मान या निमंत्रण नहीं दिया गया। "BJP ऑफिस नहीं बनने देंगे": छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि कैंपस को राजनीतिक अखाड़ा बनाया जा रहा है। उन्होंने कुलपति से कहा, "आप अपने लिए खड़े होइए सर, हम आपके साथ हैं। हम यूनिवर्सिटी को बीजेपी का कार्यालय नहीं बनने देंगे।" नारेबाजी: प्रदर्शनकारी छात्रों ने पटना डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को 'गो बैक' के नारों के साथ घेर लिया। 2. नीतीश कुमार का 8 मिनट का 'रैपिड' कार्यक्रम तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को अति संक्षिप्त रखा: पीछा करते छात्र: मुख्यमंत्री कैंपस में जहां-जाते, छात्र नेताओं का जत्था उनके पीछे-पीछे नारेबाजी करते हुए दौड़ता रहा। समर्थन और विरोध का संगम: हंगामे के बीच कुछ छात्र नीतीश कुमार के समर्थन में भी दिखे। उन्होंने "शेर आया, शेर आया" और "बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो" के नारे लगाए। कुछ छात्र हाथों में पोस्टर लिए थे जिस पर लिखा था— "हम छात्रों का अभिमान"। 3. 147.29 करोड़ की सौगात: क्या है खास? हंगामे से इतर, पटना यूनिवर्सिटी को आज दो अत्याधुनिक इमारतें मिली हैं जो शिक्षा और प्रशासन का नया केंद्र बनेंगी: भवन का नाम लागत विशेषता प्रशासनिक भवन (G+8) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 9 मंजिला इमारत, जहाँ विश्वविद्यालय का मुख्यालय शिफ्ट होगा। एकेडमिक भवन (G+9) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 10 मंजिला इमारत, जहाँ दरभंगा हाउस के सभी PG विभाग शिफ्ट होंगे। हाइ-टेक सुविधाएं: हर फ्लोर पर CCTV कैमरा, कंट्रोल रूम, मीटिंग हॉल और सेमिनार हॉल की व्यवस्था है। ईको-फ्रेंडली: परिसर में बिजली कटने की स्थिति के लिए विशाल सौर ऊर्जा (Solar) प्लांट और अपना विद्युत सब-स्टेशन बनाया गया है। 4. दरभंगा हाउस और वाणिज्य कॉलेज का नया ठिकाना नए भवनों के उद्घाटन के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे: दरभंगा हाउस: वर्तमान में यहाँ चल रहे सभी पोस्ट ग्रेजुएट (PG) विभाग नए एकेडमिक ब्लॉक में चले जाएंगे। वाणिज्य कॉलेज: खाली हुए दरभंगा हाउस में फिलहाल वाणिज्य कॉलेज को शिफ्ट किया जाएगा, जिससे छात्रों को अधिक स्थान मिल सकेगा। पार्किंग और गार्डन: तीन एकड़ में फैले इस परिसर में पार्किंग की आधुनिक व्यवस्था और सुंदर गार्डन का निर्माण भी किया जा रहा है। 5. समझाने की कोशिशें रहीं नाकाम जब छात्र बेकाबू होने लगे, तो सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने मोर्चा संभाला: विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी CM): उन्होंने छात्रों को शांत करने और उनकी बात सुनने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। सुनील कुमार (शिक्षा मंत्री): शिक्षा मंत्री ने भी छात्रों को समझाने का प्रयास किया कि यह विकास का कार्य है, लेकिन छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर गेट पर ताला लगाने की जिद पर अड़े रहे।
दिल्ली में आतंकी साजिश नाकाम: लश्कर कमांडर शब्बीर अहमद लोन गिरफ्तार; बांग्लादेश से ISI के इशारे पर रच रहा था 'फ्री कश्मीर' का चक्रव्यूह नई दिल्ली | 30 मार्च 2026 दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के खतरनाक आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। शब्बीर अहमद लोन, जो 2019 में जमानत मिलने के बाद बांग्लादेश भाग गया था, वहां बैठकर भारत के खिलाफ एक बड़ा 'स्लीपर सेल' नेटवर्क तैयार कर रहा था। शब्बीर की गिरफ्तारी से दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में होने वाली बड़ी आतंकी घटनाओं की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। यहाँ इस पूरे ऑपरेशन और आतंकी मॉड्यूल की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. गिरफ्तारी और पुराना रिकॉर्ड शब्बीर अहमद लोन कोई नया नाम नहीं है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक पुराना सिरदर्द रहा है: 2007 की गिरफ्तारी: लोन को पहली बार 2007 में दिल्ली पुलिस ने आतंकी गतिविधियों के आरोप में पकड़ा था। फरारी: 2019 में उसे अदालत से जमानत मिली, जिसका फायदा उठाकर वह अवैध तरीके से सीमा पार कर बांग्लादेश भाग गया। ताजा मिशन: शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के सीधे संपर्क में था और उसे दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में युवाओं की भर्ती करने की जिम्मेदारी दी गई थी। 2. साजिश का खुलासा: दिल्ली मेट्रो के 'देशविरोधी पोस्टर' इस पूरे मॉड्यूल की परतें तब खुलीं जब 7 फरवरी 2026 को दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में हलचल बढ़ी: मेट्रो स्टेशन पर पोस्टर: कश्मीरी गेट बस अड्डे और मेट्रो स्टेशन के पास 'फ्री कश्मीर' के देशविरोधी पोस्टर लगाए गए थे। CISF की सतर्कता: मेट्रो में तैनात CISF जवानों ने इन पोस्टरों को देखा और मेट्रो पुलिस को सूचना दी। कोलकाता से गिरफ्तारी: जांच के बाद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों— उमर फारूक और रबि-उल-इस्लाम को कोलकाता से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे बांग्लादेश में बैठे शब्बीर अहमद लोन के इशारे पर काम कर रहे थे। 3. 'ऑपरेशन स्लीपर सेल': 10 ठिकानों पर छापेमारी शब्बीर के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) और स्पेशल सेल ने मिलकर काम किया: 26 मार्च की रेड: कश्मीर के तीन जिलों— गांदरबल, शोपियां और श्रीनगर के 10 ठिकानों पर 10 घंटे लंबी तलाशी ली गई। डिजिटल सबूत: छापेमारी में 12 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद हुए हैं, जिनसे पाकिस्तान और बांग्लादेश के हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। 8 आतंकियों की गिरफ्तारी: सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले 9 दिनों में कोलकाता और तमिलनाडु से एक बांग्लादेशी नागरिक समेत कुल 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। 📊 लश्कर मॉड्यूल का नेटवर्क चार्ट स्थान गतिविधि/आरोप स्थिति दिल्ली कश्मीरी गेट पर देशविरोधी पोस्टर लगाना। 2 गिरफ्तार कोलकाता आतंकियों को पनाह देना और लॉजिस्टिक सपोर्ट। 2 गिरफ्तार तमिलनाडु महत्वपूर्ण शहरों की रेकी (Survey) करना। 6 गिरफ्तार बांग्लादेश शब्बीर अहमद लोन का कमांड सेंटर। लोन गिरफ्तार 4. तमिलनाडु से दिल्ली तक फैला जाल दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तमिलनाडु से गिरफ्तार किए गए 6 संदिग्धों की भूमिका बेहद खतरनाक थी: रेकी का आरोप: ये संदिग्ध तमिलनाडु के प्रमुख शहरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी कर रहे थे ताकि भविष्य में धमाकों या हमलों को अंजाम दिया जा सके। दिल्ली ट्रांसफर: इन सभी को ट्रांजिट रिमांड पर ट्रेन के जरिए दिल्ली लाया गया है, जहाँ स्पेशल सेल उनसे पूछताछ कर रही है। 5. ISI और लश्कर का 'ट्रांजैक्शनल नेटवर्क' जांच में यह भी सामने आया है कि यह मॉड्यूल केवल विचारधारा से नहीं, बल्कि फंडिंग से भी जुड़ा था: निर्देश: मॉड्यूल को निर्देश सीधे पाकिस्तान और बांग्लादेश में बैठे लश्कर हैंडलर्स से मिल रहे थे। भर्ती प्रक्रिया: शब्बीर लोन का मुख्य काम गरीब और गुमराह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलकर उन्हें लश्कर में भर्ती करना था।
वेस्ट बैंक में CNN टीम से बदसलूकी: इजराइली सेना ने पूरी बटालियन को किया सस्पेंड; नेत्जाह येहूदा यूनिट की ऑपरेशनल गतिविधियों पर लगी रोक यरुशलम/वेस्ट बैंक | 30 मार्च 2026 इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी गांव तयासिर में CNN के पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट के मामले में एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सेना ने इस घटना में शामिल पूरी बटालियन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह बटालियन विवादित नेत्जाह येहूदा (Netzah Yehuda) यूनिट का हिस्सा है। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, इस बटालियन को वेस्ट बैंक से हटाकर ट्रेनिंग बेस पर भेज दिया गया है और जांच पूरी होने तक इसकी सभी ऑपरेशनल गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। 1. क्या थी घटना? 26 मार्च का वो मंजर यह घटना पिछले हफ्ते 26 मार्च को उस समय हुई जब CNN के वरिष्ठ पत्रकार जेरेमी डायमंड अपनी टीम के साथ तयासिर गांव में रिपोर्टिंग कर रहे थे। रिपोर्टिंग का विषय: टीम वहां इजराइली सेटलर्स (बसावट करने वालों) द्वारा किए गए हालिया हमलों के बाद के हालात को कैमरे में कैद कर रही थी। अचानक हमला: चश्मदीदों से बात करने के दौरान इजराइली सैनिकों की एक टुकड़ी वहां पहुंची। बातचीत जल्द ही विवाद में बदल गई और सैनिकों ने पत्रकारों को हिरासत में ले लिया। हिंसा: आरोप है कि एक सैनिक ने फोटो जर्नलिस्ट सिरिल थियोफिलॉस का गला जकड़ लिया और उन्हें जमीन पर पटक दिया, जिससे उनका महंगा कैमरा टूट गया। सैनिकों ने पत्रकारों पर बंदूकें भी तानीं, जबकि उन्होंने अपनी पहचान (Press ID) उजागर कर दी थी। 2. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: प्रेस की आजादी पर हमला अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (FPA) ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है: निंदा प्रस्ताव: संगठन ने इसे प्रेस की आजादी पर सीधा और हिंसक हमला करार दिया। दुश्मनी का माहौल: FPA ने कहा कि पत्रकारों को डराना और उन पर हथियार तानना यह दर्शाता है कि ग्राउंड पर मीडिया के प्रति दुश्मनी बढ़ रही है। जांच की मांग: संगठन ने इजराइल सरकार से मांग की है कि केवल सस्पेंशन काफी नहीं है, बल्कि जिम्मेदार सैनिकों पर आपराधिक मुकदमा चलना चाहिए। 3. नेत्जाह येहूदा यूनिट: धार्मिक पहचान और विवादों का नाता नेत्जाह येहूदा यूनिट इजराइली सेना की कफिर ब्रिगेड का हिस्सा है। इसका इतिहास और संरचना इसे अन्य यूनिट्स से अलग बनाती है: गठन (1999): इसे विशेष रूप से हरेदी (अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स) समुदाय के लिए बनाया गया था, जिन्हें पहले सैन्य सेवा से छूट मिली हुई थी। धार्मिक नियम: इस यूनिट में महिलाएं शामिल नहीं होतीं। यहां केवल कोषेर (Kosher) खाना दिया जाता है और सैनिकों को धार्मिक प्रार्थनाओं के लिए समय दिया जाता है। विवादित इतिहास: यह यूनिट लंबे समय से मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों में घिरी रही है। 2022: 79 वर्षीय फिलिस्तीनी-अमेरिकी उमर असअद की सैनिकों द्वारा बांधे जाने के बाद मौत हो गई थी। मार्च 2026: यरुशलम में एक CNN प्रोड्यूसर का हाथ फ्रैक्चर करने का आरोप भी इसी यूनिट से जुड़ी गतिविधियों पर लगा है। 📊 नेत्जाह येहूदा यूनिट: एक नजर में विशेषता विवरण स्थापना 1999 (हरेदी समुदाय के लिए) मुख्य कार्य वेस्ट बैंक में गश्त और सुरक्षा विवाद मानवाधिकार उल्लंघन, अत्यधिक बल प्रयोग ताजा कार्रवाई पूरी बटालियन सस्पेंड, ऑपरेशनल रोक अमेरिकी रुख प्रतिबंध लगाने पर विचार (Leahy Law के तहत) 4. अमेरिका की नजर और संभावित प्रतिबंध नेत्जाह येहूदा यूनिट की गतिविधियों पर केवल इजराइल के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है। अमेरिकी जांच: 2022 के अंत से अमेरिका इस यूनिट की जांच कर रहा है। लेही कानून (Leahy Law): ऐसी खबरें हैं कि जो बाइडन और अब ट्रम्प प्रशासन भी इस यूनिट पर मानवाधिकारों के हनन के कारण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह इजराइली सेना की पहली ऐसी यूनिट होगी जिसे अमेरिकी सैन्य सहायता प्राप्त करने से रोक दिया जाएगा। 5. सेना का अगला कदम: 'एथिकल री-ट्रेनिंग' इजराइली सेना ने स्पष्ट किया है कि बटालियन को केवल हटाया नहीं गया है, बल्कि उन्हें प्रोफेशनल और एथिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। जांच प्रक्रिया: सैन्य पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या सैनिकों ने नियमों (Rules of Engagement) का उल्लंघन किया। कमांड लेवल पर बदलाव: बटालियन के कमांडरों से भी पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने पत्रकारों के साथ हो रही बदसलूकी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए।
5 राज्यों में चुनाव 2026: चुनावी रण में राहुल का 'RSS-FCRA' दांव; बंगाल में ममता और तमिलनाडु में 'विजय' की एंट्री से बदला समीकरण विशेष चुनावी रिपोर्ट | 30 मार्च 2026 देश के 5 राज्यों— केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और पुदुचेरी में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। अप्रैल में होने वाले मतदान के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा क्योंकि एक तरफ राहुल गांधी ने केरल में केंद्र की नीतियों पर बड़ा हमला बोला, वहीं तमिलनाडु में फिल्मी सुपरस्टार विजय ने अपनी राजनीतिक पारी की औपचारिक शुरुआत की। यहाँ आज के बड़े चुनावी अपडेट्स की विस्तृत जानकारी दी गई है: 1. राहुल गांधी का केरल दौरा: RSS और विदेशी फंडिंग पर बड़ा बयान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज केरल के कोट्टायम और पतनमतिट्टा में चुनावी जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं। FCRA विवाद: राहुल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार 'विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम' (FCRA) में ऐसा संशोधन ला रही है, जिससे केवल RSS को विदेशी फंड लेने की छूट मिलेगी, जबकि बाकी संगठनों को ब्लॉक कर दिया जाएगा। नफरत का आरोप: उन्होंने सवाल किया, "RSS में ऐसी क्या खास बात है? वे नफरत फैलाते हैं और देश बांटते हैं, फिर भी उनके लिए अलग नियम क्यों?" मुख्यमंत्री पर हमला: राहुल ने कहा कि जैसे पीएम मोदी डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में हैं, वैसे ही केरल के मुख्यमंत्री मोदी के इशारों पर नाच रहे हैं। 2. पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी का 'भाजपा हटाओ' हुंकार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बेल्दा में एक विशाल रैली को संबोधित किया। चेतावनी: ममता ने कहा कि भाजपा चुनाव के समय ही 'गैस और कैश' का लालच देती है, चुनाव खत्म होते ही वे सब छीन लेंगे। चुनाव आयोग में शिकायत: भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मिलकर शिकायत की है कि ममता बनर्जी खुद घर-घर जाकर वोटर्स को धमका रही हैं और चुनाव को 'हाईजैक' करने की कोशिश कर रही हैं। 3. तमिलनाडु: स्टालिन और थलपति विजय का नामांकन तमिलनाडु की सियासत में आज 'पावर संडे' जैसी हलचल रही: एमके स्टालिन: राज्य के मुख्यमंत्री ने अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट से नामांकन दाखिल किया। सुपरस्टार विजय (TVK चीफ): साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता विजय ने अपनी नई पार्टी 'तमिलगा वेट्री कषगम' की ओर से पेरम्बूर सीट से पर्चा भरा। उनकी एंट्री ने तमिलनाडु के मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। 📊 चुनाव 2026: एक नजर में (राज्यवार स्थिति) राज्य मुख्य मुकाबला विशेष घटनाक्रम केरल LDF बनाम UDF बनाम BJP घर से वोटिंग (85+ उम्र) की प्रक्रिया आज से शुरू। तमिलनाडु DMK+ बनाम AIADMK+ बनाम TVK एक्टर विजय के नामांकन से युवाओं में भारी उत्साह। पश्चिम बंगाल TMC बनाम BJP बनाम वाम-कांग्रेस भाजपा का आरोप—टीएमसी चुनाव हाईजैक कर रही है। असम BJP बनाम कांग्रेस गठबंधन पीएम मोदी ने 'नमो ऐप' के जरिए कार्यकर्ताओं से संवाद किया। 4. चुनाव से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स असम में मोदी का मंत्र: प्रधानमंत्री ने असम के बूथ कार्यकर्ताओं से कहा कि विकास और शांति ही हमारा मुख्य चुनावी मुद्दा है। केरल में घर से वोटिंग: चुनाव आयोग ने केरल में उन बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पोस्टल बैलेट से घर पर ही वोटिंग शुरू करवा दी है जो पोलिंग बूथ नहीं जा सकते। दिल्ली में हलचल: भाजपा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर बंगाल के संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने की मांग की है।
पटना यूनिवर्सिटी में भारी हंगामा: CM नीतीश ने किया 147 करोड़ के भवनों का उद्घाटन; छात्र नेताओं ने 'डिप्टी CM गो बैक' के लगाए नारे पटना | 30 मार्च 2026 पटना विश्वविद्यालय (PU) के परिसर में आज उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवनों का उद्घाटन करने पहुंचे। एक तरफ जहां विश्वविद्यालय को आधुनिक बुनियादी ढांचा मिला, वहीं दूसरी ओर छात्र राजनीति और प्रशासनिक खींचतान ने कार्यक्रम के रंग में भंग डाल दिया। छात्र नेताओं के उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री को अपना संबोधन और कार्यक्रम महज 7 से 8 मिनट में समेटकर वहां से निकलना पड़ा। यहाँ इस हंगामे, उद्घाटन और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. क्यों भड़के छात्र? सम्मान और स्वायत्तता की लड़ाई हंगामे की मुख्य वजह कार्यक्रम के निमंत्रण और प्रोटोकॉल को लेकर रही। कुलपति की अनदेखी का आरोप: छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में खुद छात्र संघ और यहां तक कि कुलपति (VC) को भी उचित सम्मान या निमंत्रण नहीं दिया गया। "BJP ऑफिस नहीं बनने देंगे": छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि कैंपस को राजनीतिक अखाड़ा बनाया जा रहा है। उन्होंने कुलपति से कहा, "आप अपने लिए खड़े होइए सर, हम आपके साथ हैं। हम यूनिवर्सिटी को बीजेपी का कार्यालय नहीं बनने देंगे।" नारेबाजी: प्रदर्शनकारी छात्रों ने पटना डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को 'गो बैक' के नारों के साथ घेर लिया। 2. नीतीश कुमार का 8 मिनट का 'रैपिड' कार्यक्रम तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को अति संक्षिप्त रखा: पीछा करते छात्र: मुख्यमंत्री कैंपस में जहां-जाते, छात्र नेताओं का जत्था उनके पीछे-पीछे नारेबाजी करते हुए दौड़ता रहा। समर्थन और विरोध का संगम: हंगामे के बीच कुछ छात्र नीतीश कुमार के समर्थन में भी दिखे। उन्होंने "शेर आया, शेर आया" और "बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो" के नारे लगाए। कुछ छात्र हाथों में पोस्टर लिए थे जिस पर लिखा था— "हम छात्रों का अभिमान"। 3. 147.29 करोड़ की सौगात: क्या है खास? हंगामे से इतर, पटना यूनिवर्सिटी को आज दो अत्याधुनिक इमारतें मिली हैं जो शिक्षा और प्रशासन का नया केंद्र बनेंगी: भवन का नाम लागत विशेषता प्रशासनिक भवन (G+8) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 9 मंजिला इमारत, जहाँ विश्वविद्यालय का मुख्यालय शिफ्ट होगा। एकेडमिक भवन (G+9) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 10 मंजिला इमारत, जहाँ दरभंगा हाउस के सभी PG विभाग शिफ्ट होंगे। हाइ-टेक सुविधाएं: हर फ्लोर पर CCTV कैमरा, कंट्रोल रूम, मीटिंग हॉल और सेमिनार हॉल की व्यवस्था है। ईको-फ्रेंडली: परिसर में बिजली कटने की स्थिति के लिए विशाल सौर ऊर्जा (Solar) प्लांट और अपना विद्युत सब-स्टेशन बनाया गया है। 4. दरभंगा हाउस और वाणिज्य कॉलेज का नया ठिकाना नए भवनों के उद्घाटन के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे: दरभंगा हाउस: वर्तमान में यहाँ चल रहे सभी पोस्ट ग्रेजुएट (PG) विभाग नए एकेडमिक ब्लॉक में चले जाएंगे। वाणिज्य कॉलेज: खाली हुए दरभंगा हाउस में फिलहाल वाणिज्य कॉलेज को शिफ्ट किया जाएगा, जिससे छात्रों को अधिक स्थान मिल सकेगा। पार्किंग और गार्डन: तीन एकड़ में फैले इस परिसर में पार्किंग की आधुनिक व्यवस्था और सुंदर गार्डन का निर्माण भी किया जा रहा है। 5. समझाने की कोशिशें रहीं नाकाम जब छात्र बेकाबू होने लगे, तो सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने मोर्चा संभाला: विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी CM): उन्होंने छात्रों को शांत करने और उनकी बात सुनने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। सुनील कुमार (शिक्षा मंत्री): शिक्षा मंत्री ने भी छात्रों को समझाने का प्रयास किया कि यह विकास का कार्य है, लेकिन छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर गेट पर ताला लगाने की जिद पर अड़े रहे।
नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।
राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया। 🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा। 💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। 🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया। 🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ। 🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
मिडल ईस्ट महाजंग Day 11: ईरान पर आज होगा 'सबसे भीषण' हमला; अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी— "तेहरान को मिटाने की तैयारी", 116 डॉलर के पार पहुँचा कच्चा तेल तेहरान/वॉशिंगटन/दुबई | 10 मार्च 2026 अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब अपने सबसे निर्णायक और विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। आज जंग का 11वां दिन है और दुनिया की सांसें थमी हुई हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ऐलान किया है कि मंगलवार को ईरान पर "इतिहास का सबसे तीव्र हवाई हमला" किया जाएगा। इस बीच, खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई रुकने के कारण दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है। यहाँ 11वें दिन की युद्ध स्थिति, वैश्विक ऊर्जा संकट और राजनीतिक बयानबाजी की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. वॉर रूम अपडेट: "ईरान पर आज होगा महाप्रलय" अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' के अगले चरण की घोषणा की है: सबसे बड़ा हमला: रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक, आज मंगलवार को ईरान के सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होगा। इसमें B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स और अत्याधुनिक फाइटर जेट्स की लहरें शामिल होंगी। ईरान का पलटवार: ईरान ने सोमवार रात इजराइल पर 1 टन वारहेड वाली मिसाइलें दागकर अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। साथ ही, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। ट्रम्प की चेतावनी: डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने होर्मुज स्ट्रैट (Hormuz Strait) को बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिका ईरान के उन ठिकानों को मिटा देगा जिन्हें दोबारा बनाना असंभव होगा। 2. ऊर्जा संकट: तेल की किल्लत से दुनिया में मची 'इमरजेंसी' ईरान-इजराइल युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले 'ऊर्जा क्षेत्र' को पंगु बना दिया है: भारत पर असर: भारत अपनी 59% LNG कतर और UAE से खरीदता है। होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से सप्लाई रुक गई है, जिससे देश में महंगाई और ईंधन की कमी का खतरा बढ़ गया है। अब तक 52,000 भारतीय सुरक्षित वतन लौट चुके हैं। पाकिस्तान और अन्य देश: पाकिस्तान में मंत्रियों की विदेश यात्रा पर रोक लगा दी गई है और स्कूल 2 हफ्ते के लिए बंद हैं। थाईलैंड में लोगों को लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने और 'वर्क फ्रॉम होम' करने को कहा गया है। सऊदी अरामको की चेतावनी: दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने कहा है कि दुनिया में तेल का भंडार पिछले 5 साल के न्यूनतम स्तर पर है। सप्लाई बाधित होने से वैश्विक मंदी (Global Recession) आना तय है। 📊 युद्ध का प्रभाव: 11 दिनों की भयावहता (डेटा शीट) प्रभाव क्षेत्र विवरण वर्तमान स्थिति मानवीय क्षति (ईरान) तेहरान और अन्य शहर 1,200+ मौतें, 10,000+ घायल बच्चों की मौत ईरान सरकार का दावा 193 बच्चों की जान गई वायु रक्षा (बहरीन) इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें 105 मिसाइलें, 176 ड्रोन रिफाइनरी हमला अबू धाबी (रुवैस कॉम्प्लेक्स) ड्रोन हमले से भीषण आग हवाई यातायात मिडिल ईस्ट एयरस्पेस इराक, ईरान, इजराइल, UAE बंद 3. रणनीतिक तैनाती: तुर्किये और दक्षिण कोरिया का रुख युद्ध की आग अब पड़ोसी देशों तक फैल रही है: तुर्किये में पैट्रियट: तुर्किये ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए नाटो (NATO) के सहयोग से मालात्या शहर में MIM-104 पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किया है। दक्षिण कोरिया की चिंता: दक्षिण कोरिया से अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम को युद्ध क्षेत्र में भेजने की खबरों से वहां तनाव है, हालांकि राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा है कि वे अमेरिका को अपने हथियार ले जाने से नहीं रोक सकते। रूस को फायदा: यूरोपीय परिषद ने दावा किया है कि इस युद्ध से सबसे ज्यादा फायदा रूस को हो रहा है, क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ने से उसकी आय बढ़ी है और दुनिया का ध्यान यूक्रेन से हट गया है। 4. ईरान की 'नो सीजफायर' पॉलिसी ईरान के तेवर अभी भी सख्त बने हुए हैं: अली लारीजानी का जवाब: उन्होंने ट्रम्प को चेतावनी दी कि ईरान को मिटाने की कोशिश करने वाले खुद मिट जाएंगे। ईरान ने किसी भी प्रकार के युद्धविराम (Ceasefire) से इनकार किया है। होर्मुज स्ट्रैट पर टैक्स: ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर 'सिक्योरिटी टैक्स' लगाने की योजना बना रहा है, ताकि अमेरिका के सहयोगियों पर दबाव बनाया जा सके।
⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है। क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी? शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है। सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए। प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है। अन्य सुझाव व उपाय धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए। जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”