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आशा भोसले का अंतिम संस्कार: राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क में विदाई; पाकिस्तान ने आशा जी के गाने दिखाने पर मीडिया चैनल को थमाया नोटिस।

सुरों की मलिका आशा भोसले पंचतत्व में विलीन: राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार; पाकिस्तान में कवरेज पर 'सेंसरशिप' का विवाद मुंबई | 13 अप्रैल 2026 भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले का सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 92 वर्ष की आयु में रविवार को अंतिम सांस लेने वाली आशा ताई को विदा करने के लिए पूरा बॉलीवुड और हजारों प्रशंसकों की भीड़ सड़कों पर उतर आई। सुरों के इस महाकुंभ के अंतिम पड़ाव और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय विवाद की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ दी गई है: 1. अंतिम विदाई: 'अभी ना जाओ छोड़कर' की गूँज आशा भोसले का अंतिम संस्कार किसी उत्सव और शोक के संगम जैसा था: राजकीय सम्मान: महाराष्ट्र पुलिस ने हवा में गोलियां दागकर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया था। मुखग्नि: उनके बेटे आनंद भोसले ने उन्हें मुखग्नि दी। इस दौरान उनकी पोती जनाई भोसले और परिवार के अन्य सदस्य भावुक नजर आए। संगीत के साथ विदाई: श्मशान घाट पर मौजूद गायक शान, सुदेश भोसले और अन्य संगीतकारों ने उनका कालजयी गीत "अभी ना जाओ छोड़कर..." गाकर अपनी प्रिय 'आशा ताई' को नम आंखों से विदा किया। 2. कासा ग्रांडे में दिग्गजों का जमावड़ा अंतिम संस्कार से पहले उनके निवास 'कासा ग्रांडे' में अंतिम दर्शन के लिए देश की बड़ी हस्तियां पहुँचीं: सचिन तेंदुलकर: पूर्व क्रिकेटर अपनी पत्नी अंजलि के साथ पहुँचे और परिवार को गले लगाकर फफक पड़े। हेलन और आशा पारेख: गुजरे जमाने की अभिनेत्रियों ने अपनी आवाज बनी आशा जी को श्रद्धांजलि दी। हेलन पर फिल्माए गए 'पिया तू अब तो आजा' जैसे कई गानों को आशा जी ने ही अमर बनाया था। रणवीर सिंह और तब्बू: युवा पीढ़ी के कलाकार भी इस महान गायिका के अंतिम दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े दिखे। 3. पाकिस्तान में विवाद: आशा जी के गानों पर Pemra का नोटिस एक तरफ दुनिया आशा जी के निधन पर शोक मना रही है, वहीं पाकिस्तान से एक चौंकाने वाली खबर आई: जियो न्यूज को नोटिस: पाकिस्तान की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (Pemra) ने जियो न्यूज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि चैनल ने आशा भोसले के निधन की कवरेज और उनके गाने दिखाकर नियमों का उल्लंघन किया। विरोध: जियो न्यूज के एमडी अजहर अब्बास ने X पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि आशा भोसले जैसी ग्लोबल आइकॉन के काम को सेलिब्रेट करना मीडिया का रिवाज है, लेकिन पाकिस्तान सरकार इसे रोकने की कोशिश कर रही है। 📊 आशा भोसले: एक महान सफर के आंकड़े श्रेणी विवरण कुल करियर 82 वर्ष (10 साल की उम्र से शुरू) कुल गाने 12,000 से अधिक (20 भाषाओं में) विश्व रिकॉर्ड 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में नाम दर्ज। प्रमुख सम्मान पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के अवॉर्ड, 9 फिल्मफेयर। प्रमुख जोड़ियाँ मो. रफी (900+ गाने), किशोर कुमार (600+ गाने)। 4. 82 साल का जादुई करियर: संघर्ष से शिखर तक आशा भोसले की आवाज केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का हिस्सा थी: प्रयोगधर्मिता: आर.डी. बर्मन (पंचम दा) के साथ उन्होंने 500 से ज्यादा गाने गाए, जहाँ उनकी आवाज को कैबरे, जैज और रॉक के लिए तराशा गया। त्याग: 1979 में उन्होंने फिल्मफेयर अवॉर्ड्स से अपना नाम वापस ले लिया था ताकि नई प्रतिभाओं को मौका मिल सके। संगीत के स्तंभ: उन्होंने मोहम्मद रफी के साथ सबसे ज्यादा 900 डुएट गाए। ओपी नैयर की तो वे मुख्य आवाज थीं, जिनके साथ उन्होंने 300 से ज्यादा हिट गाने दिए। 5. आखिरी गाना: 2026 तक सक्रिय रहीं आशा जी की जीवंतता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 92 साल की उम्र में भी वे सक्रिय थीं। उनका आखिरी गाना 2026 में ही रिलीज हुआ, जो उनके 8 दशक लंबे करियर की निरंतरता का प्रमाण है। 'उत्सव' फिल्म का गाना "मन क्यों बहका रे बहका" आज भी बहनों (लता और आशा) की सबसे मधुर यादों में से एक माना जाता है।

20 घंटे Ago
ईरान का भारत को बड़ा ऑफर: होर्मुज में सुरक्षित गुजरेंगे भारतीय जहाज; ट्रंप ने चीन को दी 50% टैरिफ की सख्त चेतावनी।

होर्मुज संकट में भारत को ईरान का 'सुरक्षा कवच': भारतीय जहाजों को मिलेगा सुरक्षित रास्ता; ट्रंप की चीन को 50% टैरिफ की धमकी नई दिल्ली/तेहरान | 13 अप्रैल 2026 मध्य पूर्व (Middle East) के युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह भारतीय व्यापारिक जहाजों को इस खतरनाक युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने में पूरी मदद करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस क्षेत्र में पूरी तरह सैन्य नाकाबंदी करने का आदेश दिया है। यहाँ ईरान के भारत प्रेम, ट्रंप के नए प्रतिबंधों और पिछले 24 घंटों के 5 बड़े अपडेट्स की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. भारत-ईरान 'मैत्री': समुद्र में मिलेगा विशेष गलियारा भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने नई दिल्ली के साथ चल रही उच्च स्तरीय बातचीत की पुष्टि की है: सुरक्षित मार्ग: राजदूत फतहली ने स्पष्ट किया कि ईरान और भारत के संबंध ऐतिहासिक हैं और मौजूदा तनाव के बावजूद ईरान चाहता है कि भारतीय जहाज बिना किसी बाधा के गुजरें। बातचीत का असर: नई दिल्ली और तेहरान के बीच 'बैक-चैनल' डिप्लोमेसी रंग ला रही है। ईरान, भारतीय जहाजों को विशेष 'एस्कॉर्ट' या सुरक्षा देने के लिए तैयार है। ईरान की शर्त: हालांकि ईरान ने यह भी दोहराया कि यदि उसके बंदरगाहों पर हमला हुआ, तो वह खाड़ी के किसी भी पोर्ट को सुरक्षित नहीं रहने देगा। IRGC ने चेतावनी दी है कि "सुरक्षा या तो सबके लिए होगी, या किसी के लिए नहीं।" 2. अमेरिका की 'ग्रैंड नाकेबंदी' और सोमवार की समय सीमा अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने युद्ध के मोर्चे पर एक नई और सख्त लाइन खींच दी है: पोर्ट ब्लॉकेड: अमेरिका सोमवार शाम से ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय इलाकों की पूर्ण नाकाबंदी शुरू करने जा रहा है। जहाजों की जांच: इसके तहत ईरान आने वाले या वहां से निकलने वाले किसी भी देश के जहाज को अमेरिकी नौसेना रोक सकती है और उसकी तलाशी ले सकती है। उद्देश्य: ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह पंगु बनाना ताकि वह युद्ध जारी रखने में सक्षम न रहे। 📊 युद्ध के 24 घंटे: 5 सबसे बड़े अपडेट्स घटना विवरण संभावित असर चीन को धमकी ट्रंप ने कहा—ईरान की मदद की तो चीन पर 50% टैरिफ लगेगा। ग्लोबल ट्रेड वॉर शुरू होने का खतरा। होर्मुज टोल ईरान ने जहाजों से रियाल में टोल (टैक्स) देना अनिवार्य किया। शिपिंग कंपनियों पर भारी आर्थिक बोझ। अल-अक्सा विवाद इजराइली मंत्री बेन गविर के मस्जिद दौरे का जॉर्डन ने विरोध किया। मुस्लिम देशों में आक्रोश और तनाव में वृद्धि। जासूसी कांड ईरान ने 50 लोगों को अमेरिका-इजराइल के लिए जासूसी करते पकड़ा। ईरान के भीतर कड़े दमनकारी चक्र की शुरुआत। अमेरिकी नेवी होर्मुज में टोल देने वाले जहाजों को अमेरिका रास्ते में ही रोक लेगा। अमेरिका-ईरान के बीच सीधी नौसैनिक भिड़ंत। 3. ट्रंप का 'टैरिफ वार': चीन और ईरान का गठजोड़ निशाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार अपनी व्यापारिक शक्ति का इस्तेमाल युद्ध के हथियार के रूप में किया है: चीन पर दबाव: अमेरिका को खुफिया जानकारी मिली है कि चीन पर्दे के पीछे से ईरान की सैन्य और वित्तीय मदद कर रहा है। 50% का प्रहार: ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि चीन नहीं रुका, तो उसके हर सामान पर 50% का आयात शुल्क (Custom Duty) लगा दिया जाएगा। इससे अमेरिकी बाजार में चीनी सामान की बिक्री ठप हो सकती है। 4. रियाल में 'टोल' और संप्रभुता की जंग ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना पूर्ण नियंत्रण जताते हुए एक नया आर्थिक नियम लागू किया है: टोल टैक्स: अब वहां से गुजरने वाले हर कमर्शियल जहाज को ईरान को 'गुजरने का शुल्क' देना होगा। मुद्रा: यह भुगतान केवल ईरान की मुद्रा 'रियाल' में स्वीकार किया जाएगा। यह डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देने की तेहरान की एक सोची-समझी चाल है। अमेरिकी पलटवार: ट्रंप ने साफ किया है कि जो जहाज ईरान को यह टोल देंगे, अमेरिकी नौसेना उन्हें अपना 'दुश्मन' मानकर रास्ते में ही रोक लेगी।

21 घंटे Ago
इजराइल की ईरान पर भीषण स्ट्राइक: 3 एयरपोर्ट्स और बुशहर नेवल बेस तबाह; साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से ईरान में ऊर्जा संकट।

इजराइल का ईरान पर 'ऑपरेशन वज्रपात': तेहरान के 3 एयरपोर्ट्स और सबसे बड़ी गैस फील्ड 'साउथ पार्स' तबाह; ईरान की धमकी— "अब बाब-अल-मंदेब भी बंद होगा" यरुशलम/तेहरान | 06 अप्रैल 2026 मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी चरण में पहुँच गया है। सोमवार को इजराइल ने ईरान के सैन्य और आर्थिक ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इस 'मल्टी-डायमेंशनल' अटैक में न केवल ईरान की वायुसेना की कमर तोड़ने की कोशिश की गई, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाने वाले ऊर्जा क्षेत्र पर भी सीधा प्रहार किया गया है। यहाँ इजराइली हमले, ईरान की नई 'ग्लोबल नाकेबंदी' की धमकी और युद्ध के ताजा हालातों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. इजराइल का हवाई हमला: तेहरान से बुशहर तक तबाही इजराइली वायुसेना ने सोमवार तड़के ईरान के कई संवेदनशील ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया: एयरपोर्ट्स पर बमबारी: तेहरान के आसपास स्थित 3 प्रमुख हवाई अड्डों पर भारी गोलाबारी की गई। इजराइल का दावा है कि इन हमलों में ईरान के दर्जनों लड़ाकू विमान, सैन्य हेलीकॉप्टर और रनवे पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं। बुशहर नेवल बेस: बुशहर में स्थित ईरान के विशाल नौसैनिक बेस पर भीषण धमाके हुए। यह बेस इसलिए अहम है क्योंकि यहाँ न केवल नौसेना, बल्कि एयरफोर्स बेस, उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों व ड्रोनों के अंडरग्राउंड स्टोरेज (भूमिगत भंडार) मौजूद थे। मिसाइल नेटवर्क ध्वस्त: इजराइल ने दावा किया है कि इस हमले के बाद ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता काफी हद तक कम हो गई है। 2. साउथ पार्स पर प्रहार: ईरान की अर्थव्यवस्था पर चोट इजराइल ने इस बार ईरान के 'खजाने' पर हमला किया है: दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड: इजराइल ने साउथ पार्स (South Pars) गैस फील्ड पर फिर से हमला किया। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जिस पर ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था और घरेलू ऊर्जा सप्लाई टिकी है। असर: इस हमले से ईरान में बिजली संकट पैदा हो सकता है और गैस निर्यात ठप होने से उसे अरबों डॉलर का नुकसान झेलना पड़ेगा। 3. ईरान की महा-धमकी: "होर्मुज ही नहीं, बाब-अल-मंदेब भी होगा बंद" इजराइली हमलों से बौखलाए ईरान ने अब दुनिया को 'इकोनॉमिक ब्लैकआउट' की धमकी दी है: ग्लोबल सप्लाई चेन पर खतरा: अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि अगर हमले नहीं रुके, तो ईरान पूरी दुनिया का व्यापार रोक देगा। नया टारगेट 'बाब-अल-मंदेब': ईरान ने पहली बार स्पष्ट संकेत दिया है कि वह केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि लाल सागर (Red Sea) के मुहाने पर स्थित बाब-अल-मंदेब (Bab-el-Mandeb) जलडमरूमध्य को भी निशाना बना सकता है। हूती कनेक्शन: यमन के हूती विद्रोही पहले ही रेड सी में जहाजों पर हमले तेज करने की बात कह चुके हैं। यदि बाब-अल-मंदेब बंद होता है, तो एशिया और यूरोप के बीच का व्यापारिक रास्ता (स्वेज नहर मार्ग) पूरी तरह कट जाएगा। 📊 युद्ध का नया नक्शा: रणनीतिक ठिकानों की स्थिति टारगेट का नाम स्थान महत्व वर्तमान स्थिति तेहरान एयरपोर्ट्स तेहरान वायुसेना का मुख्य केंद्र भारी बमबारी, विमान नष्ट। बुशहर बेस बुशहर तट नेवी, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज जोरदार धमाकों के बाद भारी नुकसान। साउथ पार्स फारस की खाड़ी ईरान का 70% गैस उत्पादन उत्पादन ठप होने की कगार पर। बाब-अल-मंदेब यमन/जिबूती सीमा ग्लोबल शिपिंग रूट ईरान की 'क्लोजर' (बंदी) की धमकी। 4. ट्रम्प का अल्टीमेटम और वैश्विक तनाव यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस अल्टीमेटम के ठीक बाद हुआ है जिसमें उन्होंने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने की चेतावनी दी थी। अमेरिकी रुख: ट्रम्प प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए 'कठोरतम कार्रवाई' करेंगे। दुनिया पर असर: ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने अपनी धमकी पर अमल किया और दोनों प्रमुख समुद्री रास्ते (होर्मुज और बाब-अल-मंदेब) बंद कर दिए, तो वैश्विक तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं, जिससे दुनिया भर में महामंदी आ सकती है।

1 सप्ताह Ago
ईरान की बड़ी धमकी: मिडिल ईस्ट के 8 पुल निशाने पर; होर्मुज संकट पर भारत ने दुनिया को झकझोरा—"हमने अपने नाविक खोए हैं"।

मिडिल ईस्ट में 'ब्रिज वॉर' की आहट: ईरान ने 8 रणनीतिक पुलों को उड़ाने की दी धमकी; भारत का कड़ा रुख—"होर्मुज संकट में हमने अपने नाविक खोए" तेहरान/नई दिल्ली | 03 अप्रैल 2026 पश्चिम एशिया (Middle East) का संघर्ष अब एक खतरनाक 'इन्फ्रास्ट्रक्चर वॉर' की ओर बढ़ रहा है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के गौरव माने जाने वाले B1 ब्रिज को तबाह किए जाने के बाद, ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर खाड़ी देशों के 8 सबसे महत्वपूर्ण पुलों की 'हिट-लिस्ट' जारी की है। दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए हुई अंतरराष्ट्रीय बैठक में भारत ने दुनिया को आईना दिखाते हुए अपनी पीड़ा और चिंता साझा की है। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. ईरान की 'टारगेट लिस्ट': निशाने पर 8 मेगा-ब्रिज ईरान ने धमकी दी है कि यदि उसके बुनियादी ढांचे पर हमले नहीं रुके, तो वह मिडिल ईस्ट की लाइफलाइन माने जाने वाले इन पुलों को तबाह कर देगा। ये पुल न केवल परिवहन बल्कि सैन्य रसद (Logistics) के लिए भी अहम हैं: कुवैत: शेख जाबेर अल-अहमद समुद्री पुल (दुनिया के सबसे लंबे समुद्री पुलों में से एक)। UAE (संयुक्त अरब अमीरात): शेख जायद ब्रिज, अल मकता ब्रिज और शेख खलीफा ब्रिज। सऊदी अरब-बहरीन: किंग फहद कॉजवे (दोनों देशों को जोड़ने वाला एकमात्र सड़क मार्ग)। जॉर्डन: किंग हुसैन ब्रिज, डामिया ब्रिज और अबदून ब्रिज। रणनीतिक महत्व: यदि इन पुलों पर हमला होता है, तो सऊदी अरब, यूएई और कुवैत की अर्थव्यवस्था ठप हो सकती है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पूरी तरह टूट जाएगी। 2. ईरान के 'B1 ब्रिज' की तबाही: ₹3,800 करोड़ का नुकसान ईरान की इस धमकी के पीछे गुरुवार को हुआ वह हमला है जिसने तेहरान को हिला कर रख दिया: हमला: अमेरिका और इजराइल ने ईरान के करज (Karaj) शहर में स्थित B1 ब्रिज पर दो बार हवाई हमले किए। नुकसान: हमले में दो लोगों की मौत हो गई और यह विशाल पुल पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। महत्व: 1050 मीटर लंबा और 136 मीटर ऊँचा यह पुल मिडिल ईस्ट का सबसे ऊँचा पुल माना जाता था। इसे इसी साल ₹3,800 करोड़ ($400 Million) की लागत से तैयार किया गया था। 3. भारत का 'होर्मुज' पर सख्त संदेश: "हमने कीमत चुकाई है" ब्रिटेन की पहल पर गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए 60 से ज्यादा देशों की एक ऑनलाइन उच्च-स्तरीय बैठक हुई। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इसमें हिस्सा लिया। भारतीय नाविकों की शहादत: विक्रम मिसरी ने वैश्विक मंच पर स्पष्ट किया कि होर्मुज संकट में अब तक सबसे अधिक नुकसान भारत का हुआ है। उन्होंने कहा, "भारत अकेला ऐसा देश है जिसने इस संकट में अपने नागरिक (नाविक) खोए हैं।" आंकड़े: रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 3 भारतीय नाविक इस समुद्री संघर्ष में मारे जा चुके हैं। ये सभी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों (Foreign Vessels) पर तैनात थे। भारत की मांग: भारत ने मांग की है कि कमर्शियल जहाजों को युद्ध से बाहर रखा जाए और भारतीय क्रू की सुरक्षा के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए। 📊 मिडिल ईस्ट संघर्ष: ताजा स्थिति (अप्रैल 2026) मुद्दा वर्तमान स्थिति भारत पर प्रभाव होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद, व्यापार ठप 50% कच्चा तेल और 54% LNG सप्लाई बाधित। हवाई हमले इस्फहान और करज (ईरान) में भारी तबाही तेल की कीमतों में $100+ प्रति बैरल का उछाल। जानमाल का नुकसान 3 भारतीय नाविकों की मौत समुद्री कर्मियों में डर और बीमा प्रीमियम में वृद्धि। नया खतरा 8 रणनीतिक पुलों को उड़ाने की धमकी क्षेत्रीय अस्थिरता और सप्लाई चेन का टूटना। 4. 'ब्रिज वॉर' का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान अपनी धमकी पर अमल करता है और किंग फहद कॉजवे या शेख जायद ब्रिज जैसे ठिकानों को निशाना बनाता है, तो: सप्लाई चेन का अंत: खाड़ी देशों के भीतर ट्रक और लॉजिस्टिक मूवमेंट पूरी तरह रुक जाएगा। ऊर्जा संकट: सऊदी अरब और यूएई से होने वाला तेल निर्यात और भी मुश्किल हो जाएगा। महंगाई का विस्फोट: वैश्विक स्तर पर रसद महंगी होने से खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की कीमतों में 30-40% की बढ़ोतरी हो सकती है।

1 सप्ताह Ago
पंचतत्व में विलीन हुईं आशा भोसले
मनोरंजन
आशा भोसले का अंतिम संस्कार: राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क में विदाई; पाकिस्तान ने आशा जी के गाने दिखाने पर मीडिया चैनल को थमाया नोटिस।

सुरों की मलिका आशा भोसले पंचतत्व में विलीन: राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार; पाकिस्तान में कवरेज पर 'सेंसरशिप' का विवाद मुंबई | 13 अप्रैल 2026 भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले का सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 92 वर्ष की आयु में रविवार को अंतिम सांस लेने वाली आशा ताई को विदा करने के लिए पूरा बॉलीवुड और हजारों प्रशंसकों की भीड़ सड़कों पर उतर आई। सुरों के इस महाकुंभ के अंतिम पड़ाव और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय विवाद की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ दी गई है: 1. अंतिम विदाई: 'अभी ना जाओ छोड़कर' की गूँज आशा भोसले का अंतिम संस्कार किसी उत्सव और शोक के संगम जैसा था: राजकीय सम्मान: महाराष्ट्र पुलिस ने हवा में गोलियां दागकर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया था। मुखग्नि: उनके बेटे आनंद भोसले ने उन्हें मुखग्नि दी। इस दौरान उनकी पोती जनाई भोसले और परिवार के अन्य सदस्य भावुक नजर आए। संगीत के साथ विदाई: श्मशान घाट पर मौजूद गायक शान, सुदेश भोसले और अन्य संगीतकारों ने उनका कालजयी गीत "अभी ना जाओ छोड़कर..." गाकर अपनी प्रिय 'आशा ताई' को नम आंखों से विदा किया। 2. कासा ग्रांडे में दिग्गजों का जमावड़ा अंतिम संस्कार से पहले उनके निवास 'कासा ग्रांडे' में अंतिम दर्शन के लिए देश की बड़ी हस्तियां पहुँचीं: सचिन तेंदुलकर: पूर्व क्रिकेटर अपनी पत्नी अंजलि के साथ पहुँचे और परिवार को गले लगाकर फफक पड़े। हेलन और आशा पारेख: गुजरे जमाने की अभिनेत्रियों ने अपनी आवाज बनी आशा जी को श्रद्धांजलि दी। हेलन पर फिल्माए गए 'पिया तू अब तो आजा' जैसे कई गानों को आशा जी ने ही अमर बनाया था। रणवीर सिंह और तब्बू: युवा पीढ़ी के कलाकार भी इस महान गायिका के अंतिम दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े दिखे। 3. पाकिस्तान में विवाद: आशा जी के गानों पर Pemra का नोटिस एक तरफ दुनिया आशा जी के निधन पर शोक मना रही है, वहीं पाकिस्तान से एक चौंकाने वाली खबर आई: जियो न्यूज को नोटिस: पाकिस्तान की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (Pemra) ने जियो न्यूज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि चैनल ने आशा भोसले के निधन की कवरेज और उनके गाने दिखाकर नियमों का उल्लंघन किया। विरोध: जियो न्यूज के एमडी अजहर अब्बास ने X पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि आशा भोसले जैसी ग्लोबल आइकॉन के काम को सेलिब्रेट करना मीडिया का रिवाज है, लेकिन पाकिस्तान सरकार इसे रोकने की कोशिश कर रही है। 📊 आशा भोसले: एक महान सफर के आंकड़े श्रेणी विवरण कुल करियर 82 वर्ष (10 साल की उम्र से शुरू) कुल गाने 12,000 से अधिक (20 भाषाओं में) विश्व रिकॉर्ड 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में नाम दर्ज। प्रमुख सम्मान पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के अवॉर्ड, 9 फिल्मफेयर। प्रमुख जोड़ियाँ मो. रफी (900+ गाने), किशोर कुमार (600+ गाने)। 4. 82 साल का जादुई करियर: संघर्ष से शिखर तक आशा भोसले की आवाज केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का हिस्सा थी: प्रयोगधर्मिता: आर.डी. बर्मन (पंचम दा) के साथ उन्होंने 500 से ज्यादा गाने गाए, जहाँ उनकी आवाज को कैबरे, जैज और रॉक के लिए तराशा गया। त्याग: 1979 में उन्होंने फिल्मफेयर अवॉर्ड्स से अपना नाम वापस ले लिया था ताकि नई प्रतिभाओं को मौका मिल सके। संगीत के स्तंभ: उन्होंने मोहम्मद रफी के साथ सबसे ज्यादा 900 डुएट गाए। ओपी नैयर की तो वे मुख्य आवाज थीं, जिनके साथ उन्होंने 300 से ज्यादा हिट गाने दिए। 5. आखिरी गाना: 2026 तक सक्रिय रहीं आशा जी की जीवंतता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 92 साल की उम्र में भी वे सक्रिय थीं। उनका आखिरी गाना 2026 में ही रिलीज हुआ, जो उनके 8 दशक लंबे करियर की निरंतरता का प्रमाण है। 'उत्सव' फिल्म का गाना "मन क्यों बहका रे बहका" आज भी बहनों (लता और आशा) की सबसे मधुर यादों में से एक माना जाता है।

रवि चौहान अप्रैल 13, 2026 0
Photo:PIXABAY
Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

अमेरिका बोला- आज ईरान पर सबसे बड़े हमले होंगे
Israel-Iran War Day 11: अमेरिका की ईरान को 'महा-हमले' की धमकी; होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से वैश्विक तेल संकट, $116 पहुँचा कच्चा तेल।

मिडल ईस्ट महाजंग Day 11: ईरान पर आज होगा 'सबसे भीषण' हमला; अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी— "तेहरान को मिटाने की तैयारी", 116 डॉलर के पार पहुँचा कच्चा तेल तेहरान/वॉशिंगटन/दुबई | 10 मार्च 2026 अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब अपने सबसे निर्णायक और विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। आज जंग का 11वां दिन है और दुनिया की सांसें थमी हुई हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ऐलान किया है कि मंगलवार को ईरान पर "इतिहास का सबसे तीव्र हवाई हमला" किया जाएगा। इस बीच, खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई रुकने के कारण दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है। यहाँ 11वें दिन की युद्ध स्थिति, वैश्विक ऊर्जा संकट और राजनीतिक बयानबाजी की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. वॉर रूम अपडेट: "ईरान पर आज होगा महाप्रलय" अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' के अगले चरण की घोषणा की है: सबसे बड़ा हमला: रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक, आज मंगलवार को ईरान के सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होगा। इसमें B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स और अत्याधुनिक फाइटर जेट्स की लहरें शामिल होंगी। ईरान का पलटवार: ईरान ने सोमवार रात इजराइल पर 1 टन वारहेड वाली मिसाइलें दागकर अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। साथ ही, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। ट्रम्प की चेतावनी: डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने होर्मुज स्ट्रैट (Hormuz Strait) को बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिका ईरान के उन ठिकानों को मिटा देगा जिन्हें दोबारा बनाना असंभव होगा। 2. ऊर्जा संकट: तेल की किल्लत से दुनिया में मची 'इमरजेंसी' ईरान-इजराइल युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले 'ऊर्जा क्षेत्र' को पंगु बना दिया है: भारत पर असर: भारत अपनी 59% LNG कतर और UAE से खरीदता है। होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से सप्लाई रुक गई है, जिससे देश में महंगाई और ईंधन की कमी का खतरा बढ़ गया है। अब तक 52,000 भारतीय सुरक्षित वतन लौट चुके हैं। पाकिस्तान और अन्य देश: पाकिस्तान में मंत्रियों की विदेश यात्रा पर रोक लगा दी गई है और स्कूल 2 हफ्ते के लिए बंद हैं। थाईलैंड में लोगों को लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने और 'वर्क फ्रॉम होम' करने को कहा गया है। सऊदी अरामको की चेतावनी: दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने कहा है कि दुनिया में तेल का भंडार पिछले 5 साल के न्यूनतम स्तर पर है। सप्लाई बाधित होने से वैश्विक मंदी (Global Recession) आना तय है। 📊 युद्ध का प्रभाव: 11 दिनों की भयावहता (डेटा शीट) प्रभाव क्षेत्र विवरण वर्तमान स्थिति मानवीय क्षति (ईरान) तेहरान और अन्य शहर 1,200+ मौतें, 10,000+ घायल बच्चों की मौत ईरान सरकार का दावा 193 बच्चों की जान गई वायु रक्षा (बहरीन) इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें 105 मिसाइलें, 176 ड्रोन रिफाइनरी हमला अबू धाबी (रुवैस कॉम्प्लेक्स) ड्रोन हमले से भीषण आग हवाई यातायात मिडिल ईस्ट एयरस्पेस इराक, ईरान, इजराइल, UAE बंद 3. रणनीतिक तैनाती: तुर्किये और दक्षिण कोरिया का रुख युद्ध की आग अब पड़ोसी देशों तक फैल रही है: तुर्किये में पैट्रियट: तुर्किये ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए नाटो (NATO) के सहयोग से मालात्या शहर में MIM-104 पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किया है। दक्षिण कोरिया की चिंता: दक्षिण कोरिया से अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम को युद्ध क्षेत्र में भेजने की खबरों से वहां तनाव है, हालांकि राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा है कि वे अमेरिका को अपने हथियार ले जाने से नहीं रोक सकते। रूस को फायदा: यूरोपीय परिषद ने दावा किया है कि इस युद्ध से सबसे ज्यादा फायदा रूस को हो रहा है, क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ने से उसकी आय बढ़ी है और दुनिया का ध्यान यूक्रेन से हट गया है। 4. ईरान की 'नो सीजफायर' पॉलिसी ईरान के तेवर अभी भी सख्त बने हुए हैं: अली लारीजानी का जवाब: उन्होंने ट्रम्प को चेतावनी दी कि ईरान को मिटाने की कोशिश करने वाले खुद मिट जाएंगे। ईरान ने किसी भी प्रकार के युद्धविराम (Ceasefire) से इनकार किया है। होर्मुज स्ट्रैट पर टैक्स: ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर 'सिक्योरिटी टैक्स' लगाने की योजना बना रहा है, ताकि अमेरिका के सहयोगियों पर दबाव बनाया जा सके।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

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मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

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