बॉन्डी बीच आतंकी हमला: भारतीय मूल का साजिद अकरम और बेटे ने की गोलीबारी, ISIS कनेक्शन की आशंका 1. 🇮🇳 हमलावर की पहचान: साजिद अकरम (भारतीय मूल) हमले का मुख्य मास्टरमाइंड 50 वर्षीय साजिद अकरम था, जो 1998 में स्टूडेंट वीजा पर हैदराबाद से ऑस्ट्रेलिया गया था। हैदराबाद कनेक्शन: साजिद ने हैदराबाद से B.Com किया था और नौकरी की तलाश में ऑस्ट्रेलिया चला गया था। उसके पास अब भी भारतीय पासपोर्ट था। पारिवारिक अलगाव: साजिद ने यूरोपीय मूल की महिला वेनेरा ग्रोसो से शादी की और वहीं बस गया। साजिद के भारतीय परिवार ने इस 'ईसाई महिला' से शादी के कारण कई साल पहले ही उससे संबंध तोड़ लिए थे। अंतिम भारत दौरा: साजिद आखिरी बार 2022 में भारत आया था। परिवार का दावा है कि उन्हें साजिद या उसके बेटे नवीद के किसी भी कट्टरपंथी विचार या गतिविधि की कोई जानकारी नहीं थी। तेलंगाना पुलिस के रिकॉर्ड में भी साजिद का भारत में कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। लाइसेंसी बंदूक: यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि साजिद के पास शिकार के लिए लाइसेंसी बंदूकें थीं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वह एक गन क्लब का सदस्य था और कानूनी रूप से उसके पास 6 बंदूकें थीं। 2. 🇵🇭 आतंकी कनेक्शन और तैयारी हमले में साजिद और उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम (ऑस्ट्रेलियाई नागरिक) शामिल थे। दोनों ने बॉन्डी बीच पर एक ब्रिज से हनुक्का त्योहार मना रहे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। फिलीपींस यात्रा: CNN की रिपोर्ट के अनुसार, साजिद (भारतीय पासपोर्ट) और नवीद (ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट) ने हमले से ठीक एक महीने पहले, 1 नवंबर को फिलीपींस की यात्रा की थी। इस्लामी गढ़: अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप पर स्थित इस्लामी उग्रवादी और विद्रोही संगठन का गढ़ माने जाने वाले दावो शहर का दौरा किया था। इससे उनकी एक महीने की लंबी हमले की तैयारी और कट्टरपंथी ट्रेनिंग की आशंका को बल मिलता है। ISIS कनेक्शन: आतंकियों की गाड़ी से इस्लामिक स्टेट (ISIS) के दो झंडे बरामद हुए थे, जिससे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पुष्टि की कि हमलावरों की सोच ISIS से प्रभावित थी। 3. 🛡️ ऑस्ट्रेलियाई हीरो: अहमद अल अहमद इस भीषण हमले में कोगाराह के सेंट जॉर्ज अस्पताल में भर्ती अहमद अल अहमद को ऑस्ट्रेलिया का नया हीरो कहा जा रहा है। निहत्था मुकाबला: अहमद अंधाधुंध फायरिंग कर रहे आतंकी साजिद अकरम से निहत्थे भिड़ गए। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए पीछे से आतंकी पर झपट्टा मारा और उसकी राइफल छीन ली। जान बचाई: अहमद की इस बहादुरी ने कई लोगों को सुरक्षित निकलने का मौका दिया। अस्पताल में पीएम अल्बनीज ने अहमद से मुलाकात कर उन्हें 'सच्चा ऑस्ट्रेलियाई नायक' बताया। अंतिम शब्द: अहमद के भाई ने जब उन्हें आतंकी से भिड़ने से रोका, तो उन्होंने कहा था, "अगर मुझे कुछ हुआ तो परिवार को बताना कि मैं लोगों की जान बचाते हुए मारा गया।" 4. 😔 बेटे की मां का दर्द और झूठ हमलावर नवीद अकरम की मां वेनेरा ग्रोसो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा हिंसा में शामिल हो सकता है। झूठ: नवीद ने हमले से कुछ घंटे पहले अपनी मां से बात की थी और झूठ बोला था कि वह अपने पिता के साथ जर्विस बे में वीकेंड ट्रिप पर है, तैर कर आया है और अब खाना खाने जा रहा है। मां का विश्वास: वेनेरा ने कहा कि नवीद शराबी नहीं था, धूम्रपान नहीं करता था, काम पर जाता था और एक अच्छा लड़का था। उन्होंने कहा, "हर मां चाहेगी उसका बेटा मेरे बेटे जैसा हो।" वेनेरा ने कहा कि वह क्राइम साइट पर तस्वीरों में अपने बेटे को पहचान ही नहीं पाईं। बेरोजगारी: नवीद लगभग दो महीने से बेरोजगार था और नई नौकरी तलाश रहा था। 5. 💔 अन्य प्रभावित और मातम इस हमले में मारे गए 15 लोगों में यहूदी समुदाय के लोग, जो हनुक्का फेस्टिवल मना रहे थे, और तीन भारतीय छात्र भी शामिल हैं। पूरे ऑस्ट्रेलिया में मातम का माहौल है और मेलबर्न में होने वाला हनुक्का फेस्टिवल रद्द कर दिया गया है।
दुनिया के सबसे अमीर शख्स, इलॉन मस्क, ने वैश्विक संपत्ति के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी नेटवर्थ अब $600 बिलियन (लगभग ₹54.60 लाख करोड़) का आंकड़ा पार कर गई है, जिससे वह यह मील का पत्थर छूने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं। इस अभूतपूर्व वृद्धि का श्रेय मुख्य रूप से उनकी एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) को जाता है, जिसकी वैल्यूएशन में जबरदस्त उछाल आया है। यहाँ इलॉन मस्क की संपत्ति में इस ऐतिहासिक वृद्धि, स्पेसएक्स की भूमिका और उनके अन्य व्यावसायिक उपक्रमों का विस्तृत विश्लेषण (लगभग 1000 शब्दों का सार) प्रस्तुत है: 🚀 इलॉन मस्क बने $600 बिलियन नेटवर्थ वाले दुनिया के पहले शख्स; स्पेसएक्स ने एक झटके में बढ़ा दी $168 बिलियन की दौलत 1. 💰 संपत्ति में ऐतिहासिक उछाल: $600 बिलियन पार इलॉन मस्क की कुल नेटवर्थ बढ़कर अब लगभग $638 बिलियन (₹58 लाख करोड़) हो गई है। यह आंकड़ा 1 अक्टूबर को $500 बिलियन तक पहुंचा था, लेकिन हाल ही में आई एक खबर ने उनकी दौलत में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी। एक दिन का रिकॉर्ड: स्पेसएक्स के आईपीओ (IPO) और वैल्यूएशन की खबर के बाद, मस्क की संपत्ति में एक ही दिन में लगभग $168 बिलियन (₹15 लाख करोड़) की बढ़ोतरी हुई। तुलनात्मक शक्ति: यह $168 बिलियन की वृद्धि भारत के दो सबसे धनी व्यक्तियों - मुकेश अंबानी और गौतम अडानी - की कुल नेटवर्थ के लगभग बराबर है, जो करीब ₹16 लाख करोड़ है। 2. 🛰️ स्पेसएक्स: मस्क की नेटवर्थ का मुख्य इंजन इलॉन मस्क की नेटवर्थ में इस उछाल का सबसे बड़ा कारण उनकी निजी एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स है। इनसाइडर शेयर सेल के बाद स्पेसएक्स अब दुनिया की सबसे वैल्यूएबल प्राइवेट कंपनी बन गई है। $800 बिलियन वैल्यूएशन: रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के अंदर ही हुई शेयर्स की बिक्री में स्पेसएक्स की कुल वैल्यूएशन $800 बिलियन (₹72.80 लाख करोड़) आंकी गई है। 42% हिस्सेदारी का फायदा: मस्क के पास स्पेसएक्स में लगभग 42% हिस्सेदारी है। इस वैल्यूएशन के आधार पर मस्क की हिस्सेदारी की कीमत अकेले $336 बिलियन से अधिक हो जाती है। ट्रिलियनेयर बनने की संभावना: फोर्ब्स का मानना है कि यदि स्पेसएक्स $800 बिलियन के वैल्यूएशन पर अमेरिकी शेयर बाजार में सफलतापूर्वक लिस्ट होती है, तो इलॉन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (Trillionaire) बन सकते हैं। [Image showing Elon Musk with a rocket graphic and his current net worth in text] 3. 🚗 अन्य कंपनियां जो दौलत बढ़ा रही हैं स्पेसएक्स के अलावा, मस्क की अन्य प्रमुख कंपनियां टेस्ला और xAI भी उनकी संपत्ति में लगातार इजाफा कर रही हैं: टेस्ला (Tesla): मस्क की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी टेस्ला में उनकी लगभग 12% हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत अब लगभग $197 बिलियन है। 2025 में अब तक टेस्ला के शेयर 13% चढ़ चुके हैं। रोबोटैक्सी परीक्षणों की खबर से सोमवार को शेयर 4% और ऊपर चढ़े। xAI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस): मस्क का नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप xAI भी नई इक्विटी जुटाने के एडवांस स्टेज में है। कंपनी $230 बिलियन के वैल्यूएशन पर $15 बिलियन की इक्विटी जुटाने की बातचीत कर रही है, जो भविष्य में मस्क की दौलत को और बढ़ाएगा। 4. 🌐 इलॉन मस्क का व्यावसायिक उदय: एक सफर इलॉन मस्क की यह सफलता वर्षों के नवाचार और उद्यमशीलता की कहानी है। पहला कदम (ब्लास्टर): मस्क ने 10 साल की उम्र में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखी और 12 साल की उम्र में 'ब्लास्टर' नामक एक वीडियो गेम बनाकर $500 में बेचा। ज़िप-2 (Zip-2): 1995 में उन्होंने वेब सॉफ्टवेयर कंपनी जिप-2 बनाई, जिसे 1999 में कॉम्पेक ने $307 मिलियन में खरीदा। इस डील से मस्क को $22 मिलियन मिले। पेपाल (PayPal): 1999 में उन्होंने X.com (जो बाद में पेपाल बनी) बनाई। 2002 में ईबे ने इसे $1.5 बिलियन में खरीदा, जिससे मस्क को $180 मिलियन की कमाई हुई। 5. 🔬 मस्क के गेम-चेंजिंग वेंचर्स मस्क ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा जोखिम भरे और दूरदर्शी उपक्रमों में निवेश किया: टेस्ला (2003): शुरुआती निवेशक और फिर सीईओ बने। उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों और सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा देना था। स्पेसएक्स (2002): स्थापना का उद्देश्य स्पेस लॉन्च की लागत कम करना और मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बसाकर मानवता को मल्टी प्लेनेट स्पीशीज बनाना था। न्यूरालिंक (2016): ब्रेन-मशीन इंटरफेस तकनीक विकसित करना, ताकि इंसानी दिमाग और कंप्यूटर को जोड़ा जा सके। इसका उद्देश्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का इलाज करना है।
मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को खत्म कर उसकी जगह नया ग्रामीण रोजगार मिशन लाने के फैसले पर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी 'VB-G RAM G' बिल, 2025 पेश किया, जिसके बाद सदन में तीखा हंगामा शुरू हो गया। यहाँ इस बिल के विरोध में विपक्षी दलों, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आरोपों, और इसके पक्ष-विपक्ष में आए बड़े बयानों का विस्तृत विश्लेषण (लगभग 1000 शब्दों का सार) प्रस्तुत है: 🚫 मनरेगा बनाम 'VB-G RAM G': राहुल गांधी बोले- 'महात्मा गांधी का अपमान', नाम बदलने की सनक पर हंगामा 1. 😠 राहुल गांधी का सीधा आरोप: 'गरीबों के अधिकार पर हमला' लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए मोदी सरकार के इस कदम को महात्मा गांधी के विचारों और गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया। गांधी जी के विचारों का अपमान: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महात्मा गांधी के विचारों और देश के गरीबों के अधिकारों से समस्या है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों से मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी और अब इसे पूरी तरह खत्म करने का इरादा है। जीवन रेखा पर प्रहार: उन्होंने मनरेगा को महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने की जीवित मिसाल बताया। राहुल ने कहा कि यह योजना करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए 'जीवन रेखा' रही है, जिसने कोरोना महामारी के दौरान लाखों लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की। मूल सिद्धांतों का उल्लंघन: राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा 'काम का अधिकार', 'गांवों को विकास की आजादी' और 'केंद्र द्वारा फंडिंग' जैसे तीन मूल सिद्धांतों पर आधारित थी, जिस पर 'VB-G RAM G' बिल हमला कर रहा है। 2. 🏛️ लोकसभा में बिल पेश और प्रियंका का विरोध मंगलवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में 'VB-G RAM G' बिल, 2025 पेश किया, जिसके तुरंत बाद सदन में विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। प्रियंका गांधी का पलटवार: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में बिल का विरोध करते हुए कहा कि सरकार को हर योजना का नाम बदलने की सनक (Obsession) है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार की यह सनक और इसके पीछे की मानसिकता समझ से परे है। बिल का उद्देश्य: नए बिल में कहा गया है कि इसका उद्देश्य 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इसके तहत काम के दिनों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रस्ताव है। 3. 🗣️ राजनीतिक दलों के बड़े बयान: राम, गांधी और गरीब मनरेगा का नाम बदलने और इसे खत्म करने के प्रयास पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है: नेता पार्टी मुख्य आरोप/बयान शशि थरूर कांग्रेस महात्मा गांधी का नाम हटाना गलत है। 'राम का नाम बदनाम ना करो'। गांधी का विजन राजनीतिक नहीं, सामाजिक विकास का था। अखिलेश यादव सपा नाम बदलने से काम नहीं होगा। बजट का बोझ राज्यों पर डाला जाएगा जिससे राज्य सरकारों के सामने संकट पैदा होगा। केंद्र अपना बोझ कम कर रहा है। कंगना रनौत भाजपा महात्मा गांधी ने स्वयं श्रीराम को लेकर 'रघुपति राघव राजा राम' का राष्ट्रगान दिया था। इसलिए यह महात्मा गांधी का अपमान कैसे है? उन्हीं के सपने को पूरा करके श्रीराम का नाम दिया जा रहा है। हरसिमरत कौर बादल SAD सरकार भगवान राम के नाम की आड़ में गरीबों के अधिकार छीनना चाहती है। सरकार का एजेंडा गरीबों के कल्याण से जुड़ा नहीं है। 4. 📉 राजनीतिक निहितार्थ: वैचारिक युद्ध मनरेगा का नाम बदलने का यह प्रयास केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि गहरा वैचारिक युद्ध है। कांग्रेस का आरोप: मनरेगा कांग्रेस की फ्लैगशिप योजना है, जिसका नामकरण महात्मा गांधी के नाम पर किया गया था। नाम बदलकर 'विकसित भारत-जी राम जी' करने का सीधा अर्थ है— गांधी परिवार और कांग्रेस की विरासत को मिटाना। भाजपा का पक्ष: भाजपा का दावा है कि 'VB-G RAM G' योजना का उद्देश्य मनरेगा की कमियों (जैसे भ्रष्टाचार और परिसंपत्ति निर्माण की कमी) को दूर करना है, और 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण भारत को मजबूत करना है। वित्त पोषण का डर: अखिलेश यादव का बयान महत्वपूर्ण है, क्योंकि आशंका है कि नए बिल के तहत केंद्र सरकार, फंडिंग का बड़ा बोझ राज्यों पर डाल सकती है, जैसा कि मनरेगा की सामग्री लागत में होता था।
वृंदावन में विराट-अनुष्का: प्रेमानंद महाराज से तीसरी मुलाकात, 'हम सब श्रीजी के हैं' का मिला उपदेश 1. 🙏 केली कुंज आश्रम में तीसरी मुलाकात विराट कोहली और अनुष्का शर्मा मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। दोनों घुटनों के बल बैठकर, हाथ जोड़कर पूरी विनम्रता के साथ संत प्रेमानंद महाराज जी की बातें सुनते रहे। अनुष्का की भावना: अनुष्का ने महाराज जी से कहा, "महाराज जी, हम आपके हैं और आप हमारे हैं।" महाराज जी का उपदेश: इस पर प्रेमानंद जी ने मुस्कुराते हुए कहा, "हम सब श्रीजी (राधा रानी) के हैं। खूब आनंद पूर्वक रहो, मस्त रहो, भगवान के आश्रित रहो।" 2. 💡 कर्म, भक्ति और प्रभु आश्रय पर गुरु मंत्र प्रेमानंद महाराज जी ने विराट और अनुष्का को जीवन की सफलता और शांति के लिए गहन उपदेश दिए: कार्य ही सेवा: उन्होंने कहा, "अपने काम को भगवान की सेवा समझिए।" उनका उपदेश था कि जीवन को उन्नतशील बनाने के लिए गंभीर भाव और विनम्रता आवश्यक है। असली पिता की खोज: महाराज जी ने मनुष्य जन्म के अंतिम लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा, "जब तक भगवान न मिल जाएं, हमारी यात्रा रुकनी नहीं है।" उन्होंने समझाया कि हमने अनंत जन्मों में संसार में सबको अपना बनाया, लेकिन अब एक बार उस 'असली पिता' (ईश्वर) को देखना चाहिए, जिसने हमें प्रकट किया। ईश्वरीय व्यवस्था: प्रेमानंद जी ने भगवद्गीता का उदाहरण देते हुए कहा कि जो भगवान का अनन्य चिंतन करता है, उसके योग (अप्राप्त की प्राप्ति) और क्षेम (प्राप्त की रक्षा) की जिम्मेदारी स्वयं भगवान लेते हैं। अहंकार से दूर होकर भगवान के आश्रय में आने पर जीवन की व्यवस्था अपने आप सुधर जाती है। [Image showing Virat Kohli with Tilak and Tulsi Mala sitting humbly with Anushka Sharma before Premanand Maharaj] 3. 🛡️ विश्वास और गुरु परंपरा महाराज जी ने समझाया कि भौतिक जीवन में सफलता केवल अभ्यास और पुण्य (प्रारब्ध) से मिलती है, लेकिन आध्यात्मिक सफलता के लिए विश्वास जरूरी है। गुरु का हाथ: उन्होंने रामायण का उदाहरण दिया कि रावण का पतन विवेक की कमी और भगवान से विमुख होने के कारण हुआ। उन्होंने कहा, "हम सब गुरु, आचार्य और इष्ट के सहारे आगे बढ़ते हैं। यह परंपरा हाथ पकड़कर मंजिल तक पहुंचाने वाली है।" 4. 📅 पिछले दो दौरे: असफलता और साधना पर चर्चा विराट और अनुष्का का प्रेमानंद महाराज जी से मिलना कोई नया नहीं है। इस साल उनकी यह तीसरी मुलाकात थी, जिसमें खेल और आध्यात्म के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई: दौरा संख्या तिथि (2025) मुख्य विषय प्रेमानंद महाराज का उपदेश पहला 10 जनवरी असफलता में धैर्य और साधना "अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित है। असफलता में भी भगवान का स्मरण करते हुए धैर्य रखना चाहिए।" उन्होंने विराट की क्रिकेट को उनकी साधना बताया। दूसरा 14 मई वैभव और कृपा का अंतर "वैभव मिलना कृपा नहीं, यह पुण्य है। भगवान की कृपा अंदर का चिंतन बदलना है।" उन्होंने कहा कि अनुकूलता नहीं, बल्कि विपरीतता संसार का राग नष्ट करती है। तीसरा मंगलवार काम को सेवा और प्रभु का आश्रय "हम सब श्रीजी के हैं। अपने काम को भगवान की सेवा समझो। एक बार उस असली पिता को देखो।" 5. 🏏 टेस्ट संन्यास के बाद भी मिले थे विराट कोहली ने जब टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी, उसके ठीक अगले दिन (14 मई, 2025) वे अनुष्का के साथ महाराज जी के दर्शन करने पहुंचे थे। यह दर्शाता है कि अपने जीवन के बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों के समय भी यह जोड़ा आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए वृंदावन का रुख करता है।
बॉन्डी बीच आतंकी हमला: भारतीय मूल का साजिद अकरम और बेटे ने की गोलीबारी, ISIS कनेक्शन की आशंका 1. 🇮🇳 हमलावर की पहचान: साजिद अकरम (भारतीय मूल) हमले का मुख्य मास्टरमाइंड 50 वर्षीय साजिद अकरम था, जो 1998 में स्टूडेंट वीजा पर हैदराबाद से ऑस्ट्रेलिया गया था। हैदराबाद कनेक्शन: साजिद ने हैदराबाद से B.Com किया था और नौकरी की तलाश में ऑस्ट्रेलिया चला गया था। उसके पास अब भी भारतीय पासपोर्ट था। पारिवारिक अलगाव: साजिद ने यूरोपीय मूल की महिला वेनेरा ग्रोसो से शादी की और वहीं बस गया। साजिद के भारतीय परिवार ने इस 'ईसाई महिला' से शादी के कारण कई साल पहले ही उससे संबंध तोड़ लिए थे। अंतिम भारत दौरा: साजिद आखिरी बार 2022 में भारत आया था। परिवार का दावा है कि उन्हें साजिद या उसके बेटे नवीद के किसी भी कट्टरपंथी विचार या गतिविधि की कोई जानकारी नहीं थी। तेलंगाना पुलिस के रिकॉर्ड में भी साजिद का भारत में कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। लाइसेंसी बंदूक: यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि साजिद के पास शिकार के लिए लाइसेंसी बंदूकें थीं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वह एक गन क्लब का सदस्य था और कानूनी रूप से उसके पास 6 बंदूकें थीं। 2. 🇵🇭 आतंकी कनेक्शन और तैयारी हमले में साजिद और उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम (ऑस्ट्रेलियाई नागरिक) शामिल थे। दोनों ने बॉन्डी बीच पर एक ब्रिज से हनुक्का त्योहार मना रहे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। फिलीपींस यात्रा: CNN की रिपोर्ट के अनुसार, साजिद (भारतीय पासपोर्ट) और नवीद (ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट) ने हमले से ठीक एक महीने पहले, 1 नवंबर को फिलीपींस की यात्रा की थी। इस्लामी गढ़: अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप पर स्थित इस्लामी उग्रवादी और विद्रोही संगठन का गढ़ माने जाने वाले दावो शहर का दौरा किया था। इससे उनकी एक महीने की लंबी हमले की तैयारी और कट्टरपंथी ट्रेनिंग की आशंका को बल मिलता है। ISIS कनेक्शन: आतंकियों की गाड़ी से इस्लामिक स्टेट (ISIS) के दो झंडे बरामद हुए थे, जिससे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पुष्टि की कि हमलावरों की सोच ISIS से प्रभावित थी। 3. 🛡️ ऑस्ट्रेलियाई हीरो: अहमद अल अहमद इस भीषण हमले में कोगाराह के सेंट जॉर्ज अस्पताल में भर्ती अहमद अल अहमद को ऑस्ट्रेलिया का नया हीरो कहा जा रहा है। निहत्था मुकाबला: अहमद अंधाधुंध फायरिंग कर रहे आतंकी साजिद अकरम से निहत्थे भिड़ गए। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए पीछे से आतंकी पर झपट्टा मारा और उसकी राइफल छीन ली। जान बचाई: अहमद की इस बहादुरी ने कई लोगों को सुरक्षित निकलने का मौका दिया। अस्पताल में पीएम अल्बनीज ने अहमद से मुलाकात कर उन्हें 'सच्चा ऑस्ट्रेलियाई नायक' बताया। अंतिम शब्द: अहमद के भाई ने जब उन्हें आतंकी से भिड़ने से रोका, तो उन्होंने कहा था, "अगर मुझे कुछ हुआ तो परिवार को बताना कि मैं लोगों की जान बचाते हुए मारा गया।" 4. 😔 बेटे की मां का दर्द और झूठ हमलावर नवीद अकरम की मां वेनेरा ग्रोसो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा हिंसा में शामिल हो सकता है। झूठ: नवीद ने हमले से कुछ घंटे पहले अपनी मां से बात की थी और झूठ बोला था कि वह अपने पिता के साथ जर्विस बे में वीकेंड ट्रिप पर है, तैर कर आया है और अब खाना खाने जा रहा है। मां का विश्वास: वेनेरा ने कहा कि नवीद शराबी नहीं था, धूम्रपान नहीं करता था, काम पर जाता था और एक अच्छा लड़का था। उन्होंने कहा, "हर मां चाहेगी उसका बेटा मेरे बेटे जैसा हो।" वेनेरा ने कहा कि वह क्राइम साइट पर तस्वीरों में अपने बेटे को पहचान ही नहीं पाईं। बेरोजगारी: नवीद लगभग दो महीने से बेरोजगार था और नई नौकरी तलाश रहा था। 5. 💔 अन्य प्रभावित और मातम इस हमले में मारे गए 15 लोगों में यहूदी समुदाय के लोग, जो हनुक्का फेस्टिवल मना रहे थे, और तीन भारतीय छात्र भी शामिल हैं। पूरे ऑस्ट्रेलिया में मातम का माहौल है और मेलबर्न में होने वाला हनुक्का फेस्टिवल रद्द कर दिया गया है।
नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।
राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया। 🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा। 💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। 🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया। 🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ। 🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।
बदलते मौसम में अगर आपकी इम्यूनिटी कमजोर है, तो आप भी वायरल फ्लू का शिकार हो सकते हैं। हल्की सर्दी, खांसी या थकान को नजरअंदाज करना आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। जरूरी सावधानियां घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। अगर दो दिन से ज्यादा बुखार या लगातार थकान है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। दिनचर्या में ध्यान रखने वाली बातें खुद को हाइड्रेटेड रखें; पानी कम पीने पर ओआरएस का घोल लें। हैंडहाइजीन बनाए रखें: खाना खाने से पहले, घर आने पर और चेहरे को छूने से पहले हाथ जरूर धोएं। स्वस्थ और बैलेंस्ड डाइट अपनाएँ; फलों, सब्जियों और प्रोटीन से भरपूर भोजन इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। सावधान होने वाले लक्षण सर्दी, खांसी, गले में खराश तेज बुखार, उल्टी या दस्त बदन दर्द, सिर में दर्द अचानक थकान या शरीर में कमजोरी अगर इन लक्षणों में से एक या अधिक दिखाई दें, तो तुरंत मेडिकल चेकअप करवाएं। डिसक्लेमर यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसे चिकित्सीय सलाह के रूप में न लें। किसी भी वायरल या अन्य स्वास्थ्य समस्या में हमेशा योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है। क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी? शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है। सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए। प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है। अन्य सुझाव व उपाय धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए। जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”