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इजराइल की ईरान पर भीषण स्ट्राइक: 3 एयरपोर्ट्स और बुशहर नेवल बेस तबाह; साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से ईरान में ऊर्जा संकट।

इजराइल का ईरान पर 'ऑपरेशन वज्रपात': तेहरान के 3 एयरपोर्ट्स और सबसे बड़ी गैस फील्ड 'साउथ पार्स' तबाह; ईरान की धमकी— "अब बाब-अल-मंदेब भी बंद होगा" यरुशलम/तेहरान | 06 अप्रैल 2026 मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी चरण में पहुँच गया है। सोमवार को इजराइल ने ईरान के सैन्य और आर्थिक ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इस 'मल्टी-डायमेंशनल' अटैक में न केवल ईरान की वायुसेना की कमर तोड़ने की कोशिश की गई, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाने वाले ऊर्जा क्षेत्र पर भी सीधा प्रहार किया गया है। यहाँ इजराइली हमले, ईरान की नई 'ग्लोबल नाकेबंदी' की धमकी और युद्ध के ताजा हालातों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. इजराइल का हवाई हमला: तेहरान से बुशहर तक तबाही इजराइली वायुसेना ने सोमवार तड़के ईरान के कई संवेदनशील ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया: एयरपोर्ट्स पर बमबारी: तेहरान के आसपास स्थित 3 प्रमुख हवाई अड्डों पर भारी गोलाबारी की गई। इजराइल का दावा है कि इन हमलों में ईरान के दर्जनों लड़ाकू विमान, सैन्य हेलीकॉप्टर और रनवे पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं। बुशहर नेवल बेस: बुशहर में स्थित ईरान के विशाल नौसैनिक बेस पर भीषण धमाके हुए। यह बेस इसलिए अहम है क्योंकि यहाँ न केवल नौसेना, बल्कि एयरफोर्स बेस, उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों व ड्रोनों के अंडरग्राउंड स्टोरेज (भूमिगत भंडार) मौजूद थे। मिसाइल नेटवर्क ध्वस्त: इजराइल ने दावा किया है कि इस हमले के बाद ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता काफी हद तक कम हो गई है। 2. साउथ पार्स पर प्रहार: ईरान की अर्थव्यवस्था पर चोट इजराइल ने इस बार ईरान के 'खजाने' पर हमला किया है: दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड: इजराइल ने साउथ पार्स (South Pars) गैस फील्ड पर फिर से हमला किया। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जिस पर ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था और घरेलू ऊर्जा सप्लाई टिकी है। असर: इस हमले से ईरान में बिजली संकट पैदा हो सकता है और गैस निर्यात ठप होने से उसे अरबों डॉलर का नुकसान झेलना पड़ेगा। 3. ईरान की महा-धमकी: "होर्मुज ही नहीं, बाब-अल-मंदेब भी होगा बंद" इजराइली हमलों से बौखलाए ईरान ने अब दुनिया को 'इकोनॉमिक ब्लैकआउट' की धमकी दी है: ग्लोबल सप्लाई चेन पर खतरा: अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि अगर हमले नहीं रुके, तो ईरान पूरी दुनिया का व्यापार रोक देगा। नया टारगेट 'बाब-अल-मंदेब': ईरान ने पहली बार स्पष्ट संकेत दिया है कि वह केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि लाल सागर (Red Sea) के मुहाने पर स्थित बाब-अल-मंदेब (Bab-el-Mandeb) जलडमरूमध्य को भी निशाना बना सकता है। हूती कनेक्शन: यमन के हूती विद्रोही पहले ही रेड सी में जहाजों पर हमले तेज करने की बात कह चुके हैं। यदि बाब-अल-मंदेब बंद होता है, तो एशिया और यूरोप के बीच का व्यापारिक रास्ता (स्वेज नहर मार्ग) पूरी तरह कट जाएगा। 📊 युद्ध का नया नक्शा: रणनीतिक ठिकानों की स्थिति टारगेट का नाम स्थान महत्व वर्तमान स्थिति तेहरान एयरपोर्ट्स तेहरान वायुसेना का मुख्य केंद्र भारी बमबारी, विमान नष्ट। बुशहर बेस बुशहर तट नेवी, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज जोरदार धमाकों के बाद भारी नुकसान। साउथ पार्स फारस की खाड़ी ईरान का 70% गैस उत्पादन उत्पादन ठप होने की कगार पर। बाब-अल-मंदेब यमन/जिबूती सीमा ग्लोबल शिपिंग रूट ईरान की 'क्लोजर' (बंदी) की धमकी। 4. ट्रम्प का अल्टीमेटम और वैश्विक तनाव यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस अल्टीमेटम के ठीक बाद हुआ है जिसमें उन्होंने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने की चेतावनी दी थी। अमेरिकी रुख: ट्रम्प प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए 'कठोरतम कार्रवाई' करेंगे। दुनिया पर असर: ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने अपनी धमकी पर अमल किया और दोनों प्रमुख समुद्री रास्ते (होर्मुज और बाब-अल-मंदेब) बंद कर दिए, तो वैश्विक तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं, जिससे दुनिया भर में महामंदी आ सकती है।

3 घंटे Ago
ईरान की बड़ी धमकी: मिडिल ईस्ट के 8 पुल निशाने पर; होर्मुज संकट पर भारत ने दुनिया को झकझोरा—"हमने अपने नाविक खोए हैं"।

मिडिल ईस्ट में 'ब्रिज वॉर' की आहट: ईरान ने 8 रणनीतिक पुलों को उड़ाने की दी धमकी; भारत का कड़ा रुख—"होर्मुज संकट में हमने अपने नाविक खोए" तेहरान/नई दिल्ली | 03 अप्रैल 2026 पश्चिम एशिया (Middle East) का संघर्ष अब एक खतरनाक 'इन्फ्रास्ट्रक्चर वॉर' की ओर बढ़ रहा है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के गौरव माने जाने वाले B1 ब्रिज को तबाह किए जाने के बाद, ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर खाड़ी देशों के 8 सबसे महत्वपूर्ण पुलों की 'हिट-लिस्ट' जारी की है। दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए हुई अंतरराष्ट्रीय बैठक में भारत ने दुनिया को आईना दिखाते हुए अपनी पीड़ा और चिंता साझा की है। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. ईरान की 'टारगेट लिस्ट': निशाने पर 8 मेगा-ब्रिज ईरान ने धमकी दी है कि यदि उसके बुनियादी ढांचे पर हमले नहीं रुके, तो वह मिडिल ईस्ट की लाइफलाइन माने जाने वाले इन पुलों को तबाह कर देगा। ये पुल न केवल परिवहन बल्कि सैन्य रसद (Logistics) के लिए भी अहम हैं: कुवैत: शेख जाबेर अल-अहमद समुद्री पुल (दुनिया के सबसे लंबे समुद्री पुलों में से एक)। UAE (संयुक्त अरब अमीरात): शेख जायद ब्रिज, अल मकता ब्रिज और शेख खलीफा ब्रिज। सऊदी अरब-बहरीन: किंग फहद कॉजवे (दोनों देशों को जोड़ने वाला एकमात्र सड़क मार्ग)। जॉर्डन: किंग हुसैन ब्रिज, डामिया ब्रिज और अबदून ब्रिज। रणनीतिक महत्व: यदि इन पुलों पर हमला होता है, तो सऊदी अरब, यूएई और कुवैत की अर्थव्यवस्था ठप हो सकती है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पूरी तरह टूट जाएगी। 2. ईरान के 'B1 ब्रिज' की तबाही: ₹3,800 करोड़ का नुकसान ईरान की इस धमकी के पीछे गुरुवार को हुआ वह हमला है जिसने तेहरान को हिला कर रख दिया: हमला: अमेरिका और इजराइल ने ईरान के करज (Karaj) शहर में स्थित B1 ब्रिज पर दो बार हवाई हमले किए। नुकसान: हमले में दो लोगों की मौत हो गई और यह विशाल पुल पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। महत्व: 1050 मीटर लंबा और 136 मीटर ऊँचा यह पुल मिडिल ईस्ट का सबसे ऊँचा पुल माना जाता था। इसे इसी साल ₹3,800 करोड़ ($400 Million) की लागत से तैयार किया गया था। 3. भारत का 'होर्मुज' पर सख्त संदेश: "हमने कीमत चुकाई है" ब्रिटेन की पहल पर गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए 60 से ज्यादा देशों की एक ऑनलाइन उच्च-स्तरीय बैठक हुई। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इसमें हिस्सा लिया। भारतीय नाविकों की शहादत: विक्रम मिसरी ने वैश्विक मंच पर स्पष्ट किया कि होर्मुज संकट में अब तक सबसे अधिक नुकसान भारत का हुआ है। उन्होंने कहा, "भारत अकेला ऐसा देश है जिसने इस संकट में अपने नागरिक (नाविक) खोए हैं।" आंकड़े: रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 3 भारतीय नाविक इस समुद्री संघर्ष में मारे जा चुके हैं। ये सभी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों (Foreign Vessels) पर तैनात थे। भारत की मांग: भारत ने मांग की है कि कमर्शियल जहाजों को युद्ध से बाहर रखा जाए और भारतीय क्रू की सुरक्षा के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए। 📊 मिडिल ईस्ट संघर्ष: ताजा स्थिति (अप्रैल 2026) मुद्दा वर्तमान स्थिति भारत पर प्रभाव होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद, व्यापार ठप 50% कच्चा तेल और 54% LNG सप्लाई बाधित। हवाई हमले इस्फहान और करज (ईरान) में भारी तबाही तेल की कीमतों में $100+ प्रति बैरल का उछाल। जानमाल का नुकसान 3 भारतीय नाविकों की मौत समुद्री कर्मियों में डर और बीमा प्रीमियम में वृद्धि। नया खतरा 8 रणनीतिक पुलों को उड़ाने की धमकी क्षेत्रीय अस्थिरता और सप्लाई चेन का टूटना। 4. 'ब्रिज वॉर' का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान अपनी धमकी पर अमल करता है और किंग फहद कॉजवे या शेख जायद ब्रिज जैसे ठिकानों को निशाना बनाता है, तो: सप्लाई चेन का अंत: खाड़ी देशों के भीतर ट्रक और लॉजिस्टिक मूवमेंट पूरी तरह रुक जाएगा। ऊर्जा संकट: सऊदी अरब और यूएई से होने वाला तेल निर्यात और भी मुश्किल हो जाएगा। महंगाई का विस्फोट: वैश्विक स्तर पर रसद महंगी होने से खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की कीमतों में 30-40% की बढ़ोतरी हो सकती है।

3 दिन Ago
डोनाल्ड ट्रम्प का ऐलान: "अमेरिका अब किसी की मदद नहीं करेगा; होर्मुज से तेल लेना है तो खुद अपनी सेना भेजें"; इस्फहान में हथियार डिपो तबाह।

डोनाल्ड ट्रम्प का 'अमेरिका फर्स्ट' अल्टीमेटम: "अब हम किसी देश की मदद नहीं करेंगे; होर्मुज स्ट्रेट से खुद निकालें अपना तेल" वॉशिंगटन/तेहरान | 31 मार्च 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को अपनी विदेश नीति में एक और बड़ा और चौंकाने वाला 'यू-टर्न' लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब दुनिया का 'पुलिसमैन' बनकर दूसरे देशों की ऊर्जा सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं उठाएगा। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल-ईस्ट में ईरान के साथ युद्ध चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप है। यहाँ राष्ट्रपति ट्रम्प के बयान, ईरान पर हुई ताजा एयरस्ट्राइक और इसके वैश्विक आर्थिक परिणामों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. ट्रम्प का देशों को सीधा संदेश: "हिम्मत दिखाएं और खुद तेल लाएं" डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए दुनिया के सहयोगी देशों, विशेषकर ब्रिटेन और यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी है: मदद का अंत: ट्रम्प ने कहा, "अब अमेरिका किसी देश की मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाएगा। देशों को अपने हालात खुद संभालने होंगे।" होर्मुज स्ट्रेट की चुनौती: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो देश होर्मुज स्ट्रेट से ईंधन नहीं ला पा रहे हैं, वे हिम्मत दिखाएं और खुद वहां जाकर अपना तेल लें। अमेरिका उनके जहाजों को सुरक्षा देने के लिए अपनी सेना नहीं भेजेगा। अमेरिका से खरीदें तेल: ट्रम्प ने विकल्प देते हुए कहा, "ब्रिटेन जैसे देशों को अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए। हमारे पास तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन हम मुफ्त या रिस्क लेकर किसी की मदद नहीं करेंगे।" बदले की भावना: उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जब अमेरिका को जरूरत थी तो ये देश नहीं आए, तो अब अमेरिका क्यों आए? 2. ईरान के इस्फहान में भीषण एयरस्ट्राइक: 'बंकर-बस्टर' बमों का तांडव एक तरफ ट्रम्प कूटनीतिक रूप से पीछे हट रहे हैं, तो दूसरी तरफ सैन्य रूप से ईरान को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं: हथियार डिपो तबाह: सोमवार रात अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के इस्फहान (Isfahan) शहर में एक विशाल हथियार डिपो पर हमला किया। 2000 पाउंड के बम: वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, इस हमले में 'बंकर-बस्टर' बमों का इस्तेमाल किया गया, जो जमीन के गहरे बंकरों को भेदने की क्षमता रखते हैं। नुकसान का आकलन: हमले के बाद डिपो में रखे बारूद और मिसाइलों में श्रृंखलावार विस्फोट (Chain Reaction) हुए। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी गईं। ट्रम्प ने खुद इस तबाही का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि "ईरान अब काफी हद तक कमजोर हो चुका है।" 📊 ट्रम्प प्रशासन की नई रणनीति: मुख्य बिंदु मुद्दा राष्ट्रपति ट्रम्प का स्टैंड सैन्य सहायता किसी भी विदेशी तेल टैंकर को अमेरिकी नौसेना सुरक्षा नहीं देगी। ईरान की स्थिति ट्रम्प के अनुसार "सबसे मुश्किल काम (ईरान को कमजोर करना) पूरा हो चुका है।" व्यापारिक ऑफर मित्र देशों को अमेरिकी तेल (Shale Oil) खरीदने का प्रस्ताव। गठबंधन "जैसे को तैसा"— जो अमेरिका के साथ नहीं, अमेरिका उसके साथ नहीं। Export to Sheets 3. 'होर्मुज संकट' और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर ट्रम्प के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मचा दिया है: तेल की कीमतें: अगर अमेरिका सुरक्षा नहीं देता है, तो बीमा कंपनियां तेल टैंकरों का बीमा करना बंद कर देंगी, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें $150 प्रति बैरल तक जा सकती हैं। ब्रिटेन और यूरोप का संकट: ब्रिटेन अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस रूट पर निर्भर है। ट्रम्प का बयान उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। भारत पर प्रभाव: भारत के लिए यह स्थिति दोहरी चुनौती है। एक तरफ होर्मुज बंद है और दूसरी तरफ अमेरिका मदद से हाथ खींच रहा है। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भारी दबाव पड़ सकता है। 4. "ईरान अब कमजोर है": क्या युद्ध खत्म होने वाला है? ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की रीढ़ तोड़ी जा चुकी है। इस्फहान के हथियार डिपो को निशाना बनाना इसी कड़ी का हिस्सा है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता अब न के बराबर रह गई है, इसलिए अब अन्य देश (जैसे सऊदी अरब या यूएई) चाहें तो खुद अपनी सप्लाई बहाल कर सकते हैं।

6 दिन Ago
पटना यूनिवर्सिटी में CM नीतीश का विरोध: 147 करोड़ के भवनों का उद्घाटन; छात्रों ने डिप्टी CM को घेरा, VC के अपमान का लगाया आरोप।

पटना यूनिवर्सिटी में भारी हंगामा: CM नीतीश ने किया 147 करोड़ के भवनों का उद्घाटन; छात्र नेताओं ने 'डिप्टी CM गो बैक' के लगाए नारे पटना | 30 मार्च 2026 पटना विश्वविद्यालय (PU) के परिसर में आज उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवनों का उद्घाटन करने पहुंचे। एक तरफ जहां विश्वविद्यालय को आधुनिक बुनियादी ढांचा मिला, वहीं दूसरी ओर छात्र राजनीति और प्रशासनिक खींचतान ने कार्यक्रम के रंग में भंग डाल दिया। छात्र नेताओं के उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री को अपना संबोधन और कार्यक्रम महज 7 से 8 मिनट में समेटकर वहां से निकलना पड़ा। यहाँ इस हंगामे, उद्घाटन और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. क्यों भड़के छात्र? सम्मान और स्वायत्तता की लड़ाई हंगामे की मुख्य वजह कार्यक्रम के निमंत्रण और प्रोटोकॉल को लेकर रही। कुलपति की अनदेखी का आरोप: छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में खुद छात्र संघ और यहां तक कि कुलपति (VC) को भी उचित सम्मान या निमंत्रण नहीं दिया गया। "BJP ऑफिस नहीं बनने देंगे": छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि कैंपस को राजनीतिक अखाड़ा बनाया जा रहा है। उन्होंने कुलपति से कहा, "आप अपने लिए खड़े होइए सर, हम आपके साथ हैं। हम यूनिवर्सिटी को बीजेपी का कार्यालय नहीं बनने देंगे।" नारेबाजी: प्रदर्शनकारी छात्रों ने पटना डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को 'गो बैक' के नारों के साथ घेर लिया। 2. नीतीश कुमार का 8 मिनट का 'रैपिड' कार्यक्रम तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को अति संक्षिप्त रखा: पीछा करते छात्र: मुख्यमंत्री कैंपस में जहां-जाते, छात्र नेताओं का जत्था उनके पीछे-पीछे नारेबाजी करते हुए दौड़ता रहा। समर्थन और विरोध का संगम: हंगामे के बीच कुछ छात्र नीतीश कुमार के समर्थन में भी दिखे। उन्होंने "शेर आया, शेर आया" और "बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो" के नारे लगाए। कुछ छात्र हाथों में पोस्टर लिए थे जिस पर लिखा था— "हम छात्रों का अभिमान"। 3. 147.29 करोड़ की सौगात: क्या है खास? हंगामे से इतर, पटना यूनिवर्सिटी को आज दो अत्याधुनिक इमारतें मिली हैं जो शिक्षा और प्रशासन का नया केंद्र बनेंगी: भवन का नाम लागत विशेषता प्रशासनिक भवन (G+8) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 9 मंजिला इमारत, जहाँ विश्वविद्यालय का मुख्यालय शिफ्ट होगा। एकेडमिक भवन (G+9) ₹147.29 करोड़ (संयुक्त) 10 मंजिला इमारत, जहाँ दरभंगा हाउस के सभी PG विभाग शिफ्ट होंगे। हाइ-टेक सुविधाएं: हर फ्लोर पर CCTV कैमरा, कंट्रोल रूम, मीटिंग हॉल और सेमिनार हॉल की व्यवस्था है। ईको-फ्रेंडली: परिसर में बिजली कटने की स्थिति के लिए विशाल सौर ऊर्जा (Solar) प्लांट और अपना विद्युत सब-स्टेशन बनाया गया है। 4. दरभंगा हाउस और वाणिज्य कॉलेज का नया ठिकाना नए भवनों के उद्घाटन के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे: दरभंगा हाउस: वर्तमान में यहाँ चल रहे सभी पोस्ट ग्रेजुएट (PG) विभाग नए एकेडमिक ब्लॉक में चले जाएंगे। वाणिज्य कॉलेज: खाली हुए दरभंगा हाउस में फिलहाल वाणिज्य कॉलेज को शिफ्ट किया जाएगा, जिससे छात्रों को अधिक स्थान मिल सकेगा। पार्किंग और गार्डन: तीन एकड़ में फैले इस परिसर में पार्किंग की आधुनिक व्यवस्था और सुंदर गार्डन का निर्माण भी किया जा रहा है। 5. समझाने की कोशिशें रहीं नाकाम जब छात्र बेकाबू होने लगे, तो सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने मोर्चा संभाला: विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी CM): उन्होंने छात्रों को शांत करने और उनकी बात सुनने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। सुनील कुमार (शिक्षा मंत्री): शिक्षा मंत्री ने भी छात्रों को समझाने का प्रयास किया कि यह विकास का कार्य है, लेकिन छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर गेट पर ताला लगाने की जिद पर अड़े रहे।

1 सप्ताह Ago
इजराइल का तेहरान में तीन एयरपोर्ट पर हमला
विदेश
इजराइल की ईरान पर भीषण स्ट्राइक: 3 एयरपोर्ट्स और बुशहर नेवल बेस तबाह; साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से ईरान में ऊर्जा संकट।

इजराइल का ईरान पर 'ऑपरेशन वज्रपात': तेहरान के 3 एयरपोर्ट्स और सबसे बड़ी गैस फील्ड 'साउथ पार्स' तबाह; ईरान की धमकी— "अब बाब-अल-मंदेब भी बंद होगा" यरुशलम/तेहरान | 06 अप्रैल 2026 मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी चरण में पहुँच गया है। सोमवार को इजराइल ने ईरान के सैन्य और आर्थिक ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इस 'मल्टी-डायमेंशनल' अटैक में न केवल ईरान की वायुसेना की कमर तोड़ने की कोशिश की गई, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाने वाले ऊर्जा क्षेत्र पर भी सीधा प्रहार किया गया है। यहाँ इजराइली हमले, ईरान की नई 'ग्लोबल नाकेबंदी' की धमकी और युद्ध के ताजा हालातों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. इजराइल का हवाई हमला: तेहरान से बुशहर तक तबाही इजराइली वायुसेना ने सोमवार तड़के ईरान के कई संवेदनशील ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया: एयरपोर्ट्स पर बमबारी: तेहरान के आसपास स्थित 3 प्रमुख हवाई अड्डों पर भारी गोलाबारी की गई। इजराइल का दावा है कि इन हमलों में ईरान के दर्जनों लड़ाकू विमान, सैन्य हेलीकॉप्टर और रनवे पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं। बुशहर नेवल बेस: बुशहर में स्थित ईरान के विशाल नौसैनिक बेस पर भीषण धमाके हुए। यह बेस इसलिए अहम है क्योंकि यहाँ न केवल नौसेना, बल्कि एयरफोर्स बेस, उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों व ड्रोनों के अंडरग्राउंड स्टोरेज (भूमिगत भंडार) मौजूद थे। मिसाइल नेटवर्क ध्वस्त: इजराइल ने दावा किया है कि इस हमले के बाद ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता काफी हद तक कम हो गई है। 2. साउथ पार्स पर प्रहार: ईरान की अर्थव्यवस्था पर चोट इजराइल ने इस बार ईरान के 'खजाने' पर हमला किया है: दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड: इजराइल ने साउथ पार्स (South Pars) गैस फील्ड पर फिर से हमला किया। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जिस पर ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था और घरेलू ऊर्जा सप्लाई टिकी है। असर: इस हमले से ईरान में बिजली संकट पैदा हो सकता है और गैस निर्यात ठप होने से उसे अरबों डॉलर का नुकसान झेलना पड़ेगा। 3. ईरान की महा-धमकी: "होर्मुज ही नहीं, बाब-अल-मंदेब भी होगा बंद" इजराइली हमलों से बौखलाए ईरान ने अब दुनिया को 'इकोनॉमिक ब्लैकआउट' की धमकी दी है: ग्लोबल सप्लाई चेन पर खतरा: अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि अगर हमले नहीं रुके, तो ईरान पूरी दुनिया का व्यापार रोक देगा। नया टारगेट 'बाब-अल-मंदेब': ईरान ने पहली बार स्पष्ट संकेत दिया है कि वह केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि लाल सागर (Red Sea) के मुहाने पर स्थित बाब-अल-मंदेब (Bab-el-Mandeb) जलडमरूमध्य को भी निशाना बना सकता है। हूती कनेक्शन: यमन के हूती विद्रोही पहले ही रेड सी में जहाजों पर हमले तेज करने की बात कह चुके हैं। यदि बाब-अल-मंदेब बंद होता है, तो एशिया और यूरोप के बीच का व्यापारिक रास्ता (स्वेज नहर मार्ग) पूरी तरह कट जाएगा। 📊 युद्ध का नया नक्शा: रणनीतिक ठिकानों की स्थिति टारगेट का नाम स्थान महत्व वर्तमान स्थिति तेहरान एयरपोर्ट्स तेहरान वायुसेना का मुख्य केंद्र भारी बमबारी, विमान नष्ट। बुशहर बेस बुशहर तट नेवी, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज जोरदार धमाकों के बाद भारी नुकसान। साउथ पार्स फारस की खाड़ी ईरान का 70% गैस उत्पादन उत्पादन ठप होने की कगार पर। बाब-अल-मंदेब यमन/जिबूती सीमा ग्लोबल शिपिंग रूट ईरान की 'क्लोजर' (बंदी) की धमकी। 4. ट्रम्प का अल्टीमेटम और वैश्विक तनाव यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस अल्टीमेटम के ठीक बाद हुआ है जिसमें उन्होंने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने की चेतावनी दी थी। अमेरिकी रुख: ट्रम्प प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए 'कठोरतम कार्रवाई' करेंगे। दुनिया पर असर: ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने अपनी धमकी पर अमल किया और दोनों प्रमुख समुद्री रास्ते (होर्मुज और बाब-अल-मंदेब) बंद कर दिए, तो वैश्विक तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं, जिससे दुनिया भर में महामंदी आ सकती है।

रवि चौहान अप्रैल 6, 2026 0
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Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

अमेरिका बोला- आज ईरान पर सबसे बड़े हमले होंगे
Israel-Iran War Day 11: अमेरिका की ईरान को 'महा-हमले' की धमकी; होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से वैश्विक तेल संकट, $116 पहुँचा कच्चा तेल।

मिडल ईस्ट महाजंग Day 11: ईरान पर आज होगा 'सबसे भीषण' हमला; अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी— "तेहरान को मिटाने की तैयारी", 116 डॉलर के पार पहुँचा कच्चा तेल तेहरान/वॉशिंगटन/दुबई | 10 मार्च 2026 अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब अपने सबसे निर्णायक और विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। आज जंग का 11वां दिन है और दुनिया की सांसें थमी हुई हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ऐलान किया है कि मंगलवार को ईरान पर "इतिहास का सबसे तीव्र हवाई हमला" किया जाएगा। इस बीच, खाड़ी देशों से तेल की सप्लाई रुकने के कारण दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है। यहाँ 11वें दिन की युद्ध स्थिति, वैश्विक ऊर्जा संकट और राजनीतिक बयानबाजी की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. वॉर रूम अपडेट: "ईरान पर आज होगा महाप्रलय" अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' के अगले चरण की घोषणा की है: सबसे बड़ा हमला: रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक, आज मंगलवार को ईरान के सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होगा। इसमें B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स और अत्याधुनिक फाइटर जेट्स की लहरें शामिल होंगी। ईरान का पलटवार: ईरान ने सोमवार रात इजराइल पर 1 टन वारहेड वाली मिसाइलें दागकर अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। साथ ही, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। ट्रम्प की चेतावनी: डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने होर्मुज स्ट्रैट (Hormuz Strait) को बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिका ईरान के उन ठिकानों को मिटा देगा जिन्हें दोबारा बनाना असंभव होगा। 2. ऊर्जा संकट: तेल की किल्लत से दुनिया में मची 'इमरजेंसी' ईरान-इजराइल युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले 'ऊर्जा क्षेत्र' को पंगु बना दिया है: भारत पर असर: भारत अपनी 59% LNG कतर और UAE से खरीदता है। होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से सप्लाई रुक गई है, जिससे देश में महंगाई और ईंधन की कमी का खतरा बढ़ गया है। अब तक 52,000 भारतीय सुरक्षित वतन लौट चुके हैं। पाकिस्तान और अन्य देश: पाकिस्तान में मंत्रियों की विदेश यात्रा पर रोक लगा दी गई है और स्कूल 2 हफ्ते के लिए बंद हैं। थाईलैंड में लोगों को लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने और 'वर्क फ्रॉम होम' करने को कहा गया है। सऊदी अरामको की चेतावनी: दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने कहा है कि दुनिया में तेल का भंडार पिछले 5 साल के न्यूनतम स्तर पर है। सप्लाई बाधित होने से वैश्विक मंदी (Global Recession) आना तय है। 📊 युद्ध का प्रभाव: 11 दिनों की भयावहता (डेटा शीट) प्रभाव क्षेत्र विवरण वर्तमान स्थिति मानवीय क्षति (ईरान) तेहरान और अन्य शहर 1,200+ मौतें, 10,000+ घायल बच्चों की मौत ईरान सरकार का दावा 193 बच्चों की जान गई वायु रक्षा (बहरीन) इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें 105 मिसाइलें, 176 ड्रोन रिफाइनरी हमला अबू धाबी (रुवैस कॉम्प्लेक्स) ड्रोन हमले से भीषण आग हवाई यातायात मिडिल ईस्ट एयरस्पेस इराक, ईरान, इजराइल, UAE बंद 3. रणनीतिक तैनाती: तुर्किये और दक्षिण कोरिया का रुख युद्ध की आग अब पड़ोसी देशों तक फैल रही है: तुर्किये में पैट्रियट: तुर्किये ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए नाटो (NATO) के सहयोग से मालात्या शहर में MIM-104 पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किया है। दक्षिण कोरिया की चिंता: दक्षिण कोरिया से अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम को युद्ध क्षेत्र में भेजने की खबरों से वहां तनाव है, हालांकि राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा है कि वे अमेरिका को अपने हथियार ले जाने से नहीं रोक सकते। रूस को फायदा: यूरोपीय परिषद ने दावा किया है कि इस युद्ध से सबसे ज्यादा फायदा रूस को हो रहा है, क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ने से उसकी आय बढ़ी है और दुनिया का ध्यान यूक्रेन से हट गया है। 4. ईरान की 'नो सीजफायर' पॉलिसी ईरान के तेवर अभी भी सख्त बने हुए हैं: अली लारीजानी का जवाब: उन्होंने ट्रम्प को चेतावनी दी कि ईरान को मिटाने की कोशिश करने वाले खुद मिट जाएंगे। ईरान ने किसी भी प्रकार के युद्धविराम (Ceasefire) से इनकार किया है। होर्मुज स्ट्रैट पर टैक्स: ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर 'सिक्योरिटी टैक्स' लगाने की योजना बना रहा है, ताकि अमेरिका के सहयोगियों पर दबाव बनाया जा सके।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

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मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

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