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Delhi Excise Policy Case: केजरीवाल और सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस; CBI की अपील पर ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक।

शराब नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया की 'ईमानदारी' पर फिर कानूनी पेंच; दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 आरोपियों को जारी किया नोटिस, ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर लगाई रोक नई दिल्ली | 9 मार्च 2026 दिल्ली आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले में 'कट्टर ईमानदारी' और 'राजनीतिक साजिश' की जंग अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ CBI की अपील पर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण सुनवाई की। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले में सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट के उस आदेश और टिप्पणियों पर फिलहाल रोक लगा दी है, जो जांच एजेंसी और उसके अधिकारियों के खिलाफ थे। यहाँ इस अदालती कार्यवाही, राजनीतिक घमासान और CBI के दावों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख: 3 मुख्य निर्देश हाईकोर्ट ने CBI की 974 पेज की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निम्नलिखित आदेश दिए: नोटिस जारी: पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर CBI की याचिका पर पक्ष रखने को कहा गया है। ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक: ट्रायल कोर्ट ने CBI अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Action) के आदेश दिए थे, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। PMLA केस पर असर: हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग (ED) मामले में ट्रायल कोर्ट फिलहाल आगे की सुनवाई टाल दे, ताकि इस केस के नतीजे का उस पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। 2. CBI की दलील: "ट्रायल कोर्ट ने मिनी-ट्रायल जैसा व्यवहार किया" सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने CBI का पक्ष रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए: 974 पेज की चुनौती: CBI ने अपनी याचिका में कहा कि निचली अदालत ने चार्ज फ्रेमिंग (आरोप तय करने) के स्तर पर ही पूरे सबूतों की ऐसी जांच की, जैसे अंतिम फैसला सुनाया जा रहा हो। नियमों का उल्लंघन: जांच एजेंसी के मुताबिक, कानूनन इस स्तर पर केवल 'प्रथम दृष्टया' (Prima Facie) सबूत देखे जाते हैं, लेकिन कोर्ट ने गवाहों के बयानों की विस्तार से व्याख्या कर दी। अधिकारियों का बचाव: तुषार मेहता ने कहा कि जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देना गलत था, क्योंकि एजेंसी ने केवल तथ्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। 3. केजरीवाल का इमोशनल ब्रेकडाउन: "मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई" 27 फरवरी को बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने भावुक हो गए थे। उनके संबोधन की प्रमुख बातें: सत्य की जीत: केजरीवाल ने कहा, "आज ये साबित हो गया कि आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। मोदी और शाह ने मिलकर ये सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा था।" आंखों में आंसू: जब उन्होंने मनीष सिसोदिया के 2 साल और अपने 6 महीने के जेल प्रवास का जिक्र किया, तो वे रो पड़े। सिसोदिया ने उन्हें ढाढस बंधाया। पीएम को संदेश: उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि विपक्ष को झूठे केसों में फंसाने के बजाय महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर काम करके सत्ता में आएं। 📊 शराब नीति केस: अब तक का सफरनामा तारीख घटनाक्रम परिणाम फरवरी 2023 मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी शिक्षा मंत्री को जेल भेजा गया। मार्च 2024 अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी सिटिंग सीएम को घर से घसीटकर जेल ले जाया गया। 27 फरवरी 2026 राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला सभी 23 आरोपी डिस्चार्ज (बरी) किए गए। 27 फरवरी (शाम) CBI की अपील फैसले के 6 घंटे बाद हाईकोर्ट में याचिका। 9 मार्च 2026 हाईकोर्ट की सुनवाई आरोपियों को नोटिस; ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक। 4. CBI के संगीन आरोप: ₹100 करोड़ की 'साउथ ग्रुप' डील CBI की चार्जशीट और दावों के अनुसार, यह केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी: विजय नायर की भूमिका: केजरीवाल के करीबी विजय नायर ने शराब नीति में फायदा पहुँचाने के बदले के. कविता (BRS नेता) के 'साउथ ग्रुप' से ₹100 करोड़ वसूले। गोवा चुनाव कनेक्शन: एजेंसी का दावा है कि इस ₹100 करोड़ में से ₹44.5 करोड़ कैश गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किए गए। गोवा के दो पूर्व विधायकों ने भी पार्टी से कैश मिलने की बात स्वीकार की है। राजस्व का नुकसान: नियमों के उल्लंघन से निजी स्टेकहोल्डर्स को फायदा पहुँचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी। 5. राजनीतिक पलटवार: प्रियंका कक्कड़ और BJP का 'पोस्टर वॉर' अदालती कार्यवाही के साथ ही जुबानी जंग भी तेज है: AAP का पक्ष: प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा को इस मनगढ़ंत केस के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने ED/CBI के दुरुपयोग का आरोप लगाया। BJP का पोस्टर: भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर हमला किया— "AAP के पाप अभी धुले नहीं हैं"। भाजपा का तर्क है कि बरी होना अंतिम फैसला नहीं है और उच्च न्यायालय में सच सामने आएगा।

6 घंटे Ago
Israel-Iran War 2026: यमन के हूती विद्रोही अब तक शांत क्यों? जानें इसके पीछे की बड़ी रणनीति और हूतियों की सैन्य क्षमता।

मिडल ईस्ट महाजंग: 12 देश युद्ध की आग में, लेकिन यमन के 'हूती' अब तक चुप क्यों? क्या यह किसी बड़े तूफान से पहले की शांति है? सना/दुबई | 9 मार्च 2026 इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हमलों के बाद पूरा पश्चिम एशिया (Middle East) बारूद के ढेर पर बैठा है। इस महाजंग में अब तक ईरान, इजराइल, सऊदी अरब, लेबनान और यूएई समेत 12 देश प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल हो चुके हैं। लेकिन एक नाम जो पिछले दो वर्षों से रेड सी (Red Sea) और इजराइल के लिए सिरदर्द बना हुआ था, वह इस बार रहस्यमयी तरीके से शांत है— यमन के हूती विद्रोही। जंग के 9 दिन बीत जाने के बाद भी हूतियों की ओर से केवल बयानबाजी हुई है, कोई बड़ा सैन्य एक्शन नहीं। क्या यह हूतियों की कमजोरी है या किसी बड़ी रणनीतिक साजिश का हिस्सा? आइए समझते हैं इस युद्ध के समीकरण और यमन की चुप्पी के पीछे की विस्तृत रिपोर्ट: 1. हूतियों की चुप्पी: डर या सोची-समझी रणनीति? एक्सपर्ट्स का मानना है कि हूतियों का इस जंग से फिलहाल दूर रहना उनकी 'अस्तित्व बचाने' की रणनीति (Survival Strategy) का हिस्सा है। पिछला जख्म: 28 अगस्त 2025 को इजराइल ने यमन के सना में एक भीषण एयरस्ट्राइक की थी। इस हमले में हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और आर्मी चीफ मोहम्मद अल-घुमारी समेत 12 टॉप लीडर्स मारे गए थे। सीधी कार्रवाई का डर: मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार लुका नेवोला के अनुसार, हूतियों की प्राथमिकता अब अमेरिका और इजराइल की सीधी जवाबी कार्रवाई से बचना है। उन्हें डर है कि अगर उन्होंने कोई बड़ी मिसाइल दागी, तो उनकी बची-कुची टॉप लीडरशिप और सना के नियंत्रण वाले इलाकों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। इजराइली खुफिया तंत्र का खौफ: हूतियों को आभास है कि इजराइल का खुफिया तंत्र उनके सुरक्षित ठिकानों तक पहुँच चुका है। 2. ईरान का 'प्लान-B': हूतियों को रिजर्व फोर्स के रूप में बचाना? यमनी राजनीतिक विश्लेषक सदाम अल-हुरैबी का तर्क है कि हूतियों की चुप्पी के पीछे खुद तेहरान (ईरान) का हाथ हो सकता है: ताकत को बचाकर रखना: ईरान फिलहाल अपने सभी पत्तों को एक साथ नहीं खोलना चाहता। वह हूतियों को एक 'रिजर्व फोर्स' के रूप में देख रहा है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाएगा जब इजराइल या अमेरिका ईरान के भीतर और गहरे घाव देंगे। हथियारों की तस्करी का संकट: अगर ईरान का शासन कमजोर पड़ता है या गिर जाता है, तो यमन तक पहुँचने वाले ईरानी हथियारों की सप्लाई लाइन कट जाएगी। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूतियों के पास मौजूद ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलें रूस, चीन और ईरान की तकनीक से बनी हैं, जो तस्करी के जरिए वहां पहुँचती हैं। 📊 हूती विद्रोहियों का प्रोफाइल: ताकत और चुनौतियां श्रेणी विवरण प्रभाव मुख्य लीडर अब्दुल मलिक अल-हूती ईरान के कट्टर समर्थक और 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' के सदस्य। सैन्य क्षमता बैलिस्टिक मिसाइल, सुसाइड ड्रोन रेड सी के व्यापारिक जहाजों और इजराइल के ईलात शहर तक मारक क्षमता। आर्थिक प्रभाव रेड सी (Red Sea) ब्लॉक करना सालाना 1 ट्रिलियन डॉलर के समुद्री व्यापार को बाधित करने की क्षमता। बड़ा नुकसान अगस्त 2025 का हमला प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ की मौत से संगठन को गहरा धक्का। 3. क्या हूती फिर से रेड सी में कोहराम मचाएंगे? साल 2023 से 2025 के बीच हूतियों ने लाल सागर (Red Sea) में जहाजों पर हमले कर वैश्विक व्यापार को हिला दिया था। पिछला रिकॉर्ड: इस दौरान 9 नाविकों की मौत हुई और 4 जहाज डूब गए। संभावित टारगेट: नेवोला के अनुसार, अगर युद्ध लंबा चला, तो हूती केवल इजराइल ही नहीं, बल्कि अमेरिकी युद्धपोतों, क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बेसों और इजराइल के सहयोगियों जैसे UAE और सोमालिलैंड को भी निशाना बना सकते हैं। अब्दुल मलिक की चेतावनी: हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने इस हफ्ते कहा है कि उनके सैनिक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी समय 'सैन्य कार्रवाई' शुरू की जा सकती है। 4. कौन हैं हूती? (इतिहास और शिया-सुन्नी विवाद) यमन का गृह युद्ध केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि सदियों पुराने शिया-सुन्नी विवाद का आधुनिक रूप है: 2014 की क्रांति: शिया विद्रोहियों (हूतियों) ने तत्कालीन सुन्नी सरकार (अब्दरब्बू मंसूर हादी) के खिलाफ मोर्चा खोला और देश के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। ईरान बनाम सऊदी: इस जंग में हूतियों को शिया बहुल देश ईरान का समर्थन मिला, जबकि यमन की सरकार को सुन्नी बहुल देश सऊदी अरब का साथ मिला। मौजूदा स्थिति: यमन का एक बड़ा हिस्सा, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है, हूतियों के नियंत्रण में है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार निर्वासन में या दक्षिण के कुछ हिस्सों में सिमटी हुई है।

7 घंटे Ago
Budget Session 2026: लोकसभा में ईरान-इजराइल जंग पर हंगामा; 67,000 भारतीयों की वापसी पर बोले एस. जयशंकर।

संसद में गूंजी 'महाजंग': अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध पर लोकसभा में भारी हंगामा; विदेश मंत्री बोले— "67,000 भारतीयों की वतन वापसी, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की पैनी नजर" नई दिल्ली | 9 मार्च 2026 संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध का साया भारतीय संसद पर साफ दिखाई दिया। विपक्ष ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के भारत पर पड़ने वाले सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की मांग को लेकर सदन में जमकर नारेबाजी की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में सरकार का पक्ष रखा और युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों को निकालने के लिए जारी 'महा-अभियान' का विवरण दिया। यहाँ संसद की कार्यवाही और विदेश मंत्री के संबोधन की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. सदन की कार्यवाही: नो कॉन्फिडेंस मोशन बनाम युद्ध पर चर्चा लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष की मांग: विपक्षी दल पश्चिम एशिया के हालातों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आ रही रुकावटों पर चर्चा की मांग कर रहे थे। सदन में "We Want Discussion" के नारे गूंजते रहे। सरकार का रुख: संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ लाए गए 'अविश्वास प्रस्ताव' (No Confidence Motion) पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष अन्य मुद्दों पर सदन को बाधित कर रहा है। सदन स्थगित: हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 2. विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संबोधन: 67,000 भारतीयों की सुरक्षित वापसी राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान डॉ. जयशंकर ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार की रणनीति साझा की। उन्होंने 6 मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला: 1. खाड़ी देशों का महत्व: वेस्ट एशिया में एक करोड़ से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं। इस क्षेत्र में स्थिरता भारत के राष्ट्रीय हित के लिए अनिवार्य है। 2. ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security): यह इलाका भारत के लिए तेल और गैस का सबसे बड़ा सप्लायर है। सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार की अस्थिरता भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। 3. भारतीयों की वापसी: 8 मार्च 2026 तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर सुरक्षित क्षेत्रों या भारत की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। 4. मर्चेंट नेवी का नुकसान: विदेश मंत्री ने दुख जताया कि इस युद्ध में हमने दो भारतीय नाविकों को खो दिया है, जबकि एक अब भी लापता है। मुंबई के शिपिंग डायरेक्टरेट ने सभी नाविकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। 5. ईरान में नेतृत्व संकट: जयशंकर ने स्वीकार किया कि ईरान के टॉप लीडरशिप लेवल पर कई लोगों के मारे जाने के कारण वर्तमान में वहां के नेतृत्व से संपर्क करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है। 6. भारत-ईरान सहयोग: उन्होंने बताया कि ईरानी विदेश मंत्री ने भारतीय पोर्ट (कोच्चि) पर ईरानी वॉरशिप 'लावन' को डॉक करने की अनुमति देने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया है। 📊 संसद और युद्ध: मुख्य आंकड़े श्रेणी विवरण डेटा / स्थिति भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में कुल संख्या 1 करोड़ (लगभग) वतन वापसी अब तक सुरक्षित निकले नागरिक 67,000 हताहत (भारतीय) मर्चेंट नेवी के कर्मचारी 2 मृत, 1 लापता ऊर्जा संकट कच्चे तेल की स्थिति सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा संसदीय स्थिति लोकसभा मंगलवार 11 बजे तक स्थगित 3. 'वॉरशिप लावन' और भारत की कूटनीतिक भूमिका ईरान और इजराइल के बीच जारी सीधी जंग के बीच भारत एक संतुलित भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है: कोच्चि पोर्ट डॉकिंग: ईरान के युद्धपोत 'लावन' को कोच्चि में जगह देना भारत के मानवीय और कूटनीतिक सहयोग का हिस्सा है। शांति की अपील: जयशंकर ने दोहराया कि भारत किसी भी पक्ष का समर्थन करने के बजाय 'शांति और बातचीत' (Dialogue and Diplomacy) के पक्ष में है। 4. विपक्ष का वॉकआउट और नारेबाजी जब विदेश मंत्री राज्यसभा में अपना बयान दे रहे थे, तब विपक्ष ने असंतोष जताते हुए सदन से वॉकआउट किया। लोकसभा में भी जब उन्होंने बोलना शुरू किया, तो विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर हंगामा किया। विपक्ष का तर्क है कि सरकार युद्ध के कारण होने वाली महंगाई और तेल की कीमतों पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।

7 घंटे Ago
Israel-Iran War Day 10: मुजतबा खामेनेई बने ईरान के सुप्रीम लीडर, युद्ध में घायल; इजराइल की तेहरान पर सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक।

मिडल ईस्ट महाजंग Day 10: तेहरान-इस्फहान पर इजराइल की 'वाइड-स्केल' एयरस्ट्राइक; नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई घायल, लेबनान में 83 बच्चों की मौत तेहरान/यरूशलेम/लंदन | 9 मार्च 2026 अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध का आज दसवां दिन है। युद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी दौर में पहुँच चुका है। इजराइल ने 'ऑपरेशन लियोनस् रोर' के तहत ईरान के पावर सेंटर पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला शुरू किया है। इस बीच, ईरान की सत्ता में हुए ऐतिहासिक बदलाव और युद्ध की विभीषिका ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। यहाँ दसवें दिन के युद्ध, राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक संकट की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. ईरान का नया नेतृत्व: मुजतबा खामेनेई बने सुप्रीम लीडर ईरान में 35 साल पुराने युग का अंत हो गया है। 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। सत्ता परिवर्तन: 88 इमामों की काउंसिल ने मुजतबा को ईरान का सर्वोच्च नेता चुना। ईरान के कानून के मुताबिक, इस पद के लिए 'अयातुल्ला' होना अनिवार्य है, जो एक उच्च धार्मिक पदवी है। मुजतबा घायल: नियुक्ति के कुछ ही घंटों बाद खबर आई कि मुजतबा खामेनेई युद्ध में घायल हो गए हैं। ईरानी सरकारी टीवी ने उन्हें 'जानबाज' (युद्ध में घायल योद्धा) कहकर संबोधित किया। हालांकि, उनके घायल होने की सटीक जगह और स्थिति गोपनीय रखी गई है। पुतिन की बधाई: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मुजतबा को बधाई देते हुए कहा कि रूस इस कठिन समय में ईरान के साथ मजबूती से खड़ा है। 2. इजराइल का 'वाइड-स्केल' हमला: आग की नदियां और मलबे का ढेर इजराइली वायुसेना ने ईरान के सैन्य और आर्थिक ढांचे को पंगु बनाने के लिए एक साथ कई मोर्चों पर हमले किए हैं: निशाना: राजधानी तेहरान, परमाणु केंद्र इस्फहान और दक्षिणी बंदरगाह इलाकों में IRGC के कमांड सेंटर्स, रॉकेट इंजन फैक्ट्रियों और मिसाइल लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया। आग की नदी: तेहरान में तेल भंडारण ठिकानों (Oil Storage) पर हमले के बाद सड़कों पर तेल बहने लगा, जिसमें आग लग गई। सोशल मीडिया पर सड़कों के किनारे 'आग की नदी' बहने के दृश्य वायरल हो रहे हैं। कुवैत बेस पर प्रहार: ईरान ने भी पलटवार करते हुए कुवैत में अमेरिकी अल-अदीरी हेलीकॉप्टर एयरबेस पर ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से हमला किया, जिससे अमेरिकी लॉजिस्टिक ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है। 3. लेबनान फ्रंट: बच्चों के लिए 'डेथ जोन' बना युद्ध इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी जंग में मासूम बच्चों की बलि चढ़ रही है: यूनिसेफ की रिपोर्ट: पिछले 7 दिनों में लेबनान में 83 बच्चों की मौत हो चुकी है और 254 घायल हैं। औसतन हर दिन 10 से ज्यादा बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं। विस्थापन: करीब 7 लाख लोग बेघर हो चुके हैं, जिनमें 2 लाख बच्चे हैं। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा है कि जनता युद्ध से थक चुकी है, लेकिन इजराइल ने हमलों की तीव्रता कम नहीं की है। व्हाइट फॉस्फोरस का आरोप: ह्यूमन राइट्स वॉच ने दावा किया है कि इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के रिहायशी इलाकों में खतरनाक व्हाइट फॉस्फोरस का इस्तेमाल किया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। 📊 युद्ध का प्रभाव: 10 दिनों की विनाशलीला (आंकड़े) श्रेणी विवरण संख्या / स्थिति कुल मौतें (ईरान) 9 दिनों का आधिकारिक आंकड़ा 1,255 लोग बच्चों की मौत मिनाब स्कूल और लेबनान मिलाकर 250+ बच्चे मिसाइल/ड्रोन UAE द्वारा रोके गए हमले 253 मिसाइलें, 1,440 ड्रोन तेल की कीमत वैश्विक बाजार में कच्चा तेल $116 प्रति बैरल (25% उछाल) भारतीय हताहत तेल अवीव में मिसाइल मलबा 1 घायल (हालत स्थिर) 4. वैश्विक आर्थिक संकट: G7 की आपात बैठक युद्ध के कारण दुनिया भर के शेयर बाजार और ऊर्जा बाजार धराशायी हो रहे हैं: शेयर बाजार में कोहराम: जापान का निक्केई 7% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8% तक गिर गया। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में 9,000 अंकों की ऐतिहासिक गिरावट देखी गई। G7 की बैठक: तेल की आसमान छूती कीमतों ($116/बैरल) को नियंत्रित करने के लिए G7 देशों के वित्त मंत्री आज 'आपातकालीन तेल भंडार' (Emergency Oil Reserves) जारी करने पर चर्चा करेंगे। यूरोपीय संघ का रुख: फ्रांस ने लाल सागर में अपने युद्धपोत भेजने का फैसला किया है, जबकि जर्मनी ने ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी पर गहरी चिंता जताई है। 5. भारत की स्थिति: 67 हजार नागरिकों की वापसी विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में बताया कि भारत सरकार मिडिल ईस्ट के हालात पर पैनी नजर रखे हुए है: सुरक्षित वापसी: अब तक 67,000 भारतीय नागरिकों को युद्धग्रस्त इलाकों से वापस लाया जा चुका है। कूटनीति: भारत ने ईरान और अन्य खाड़ी देशों से शांति की अपील की है, हालांकि तेहरान के नेतृत्व में बदलाव के कारण सीधी बातचीत चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

7 घंटे Ago
दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस
देश
Delhi Excise Policy Case: केजरीवाल और सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस; CBI की अपील पर ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक।

शराब नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया की 'ईमानदारी' पर फिर कानूनी पेंच; दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 आरोपियों को जारी किया नोटिस, ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर लगाई रोक नई दिल्ली | 9 मार्च 2026 दिल्ली आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले में 'कट्टर ईमानदारी' और 'राजनीतिक साजिश' की जंग अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ CBI की अपील पर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण सुनवाई की। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले में सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट के उस आदेश और टिप्पणियों पर फिलहाल रोक लगा दी है, जो जांच एजेंसी और उसके अधिकारियों के खिलाफ थे। यहाँ इस अदालती कार्यवाही, राजनीतिक घमासान और CBI के दावों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख: 3 मुख्य निर्देश हाईकोर्ट ने CBI की 974 पेज की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निम्नलिखित आदेश दिए: नोटिस जारी: पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर CBI की याचिका पर पक्ष रखने को कहा गया है। ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक: ट्रायल कोर्ट ने CBI अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Action) के आदेश दिए थे, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। PMLA केस पर असर: हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग (ED) मामले में ट्रायल कोर्ट फिलहाल आगे की सुनवाई टाल दे, ताकि इस केस के नतीजे का उस पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। 2. CBI की दलील: "ट्रायल कोर्ट ने मिनी-ट्रायल जैसा व्यवहार किया" सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने CBI का पक्ष रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए: 974 पेज की चुनौती: CBI ने अपनी याचिका में कहा कि निचली अदालत ने चार्ज फ्रेमिंग (आरोप तय करने) के स्तर पर ही पूरे सबूतों की ऐसी जांच की, जैसे अंतिम फैसला सुनाया जा रहा हो। नियमों का उल्लंघन: जांच एजेंसी के मुताबिक, कानूनन इस स्तर पर केवल 'प्रथम दृष्टया' (Prima Facie) सबूत देखे जाते हैं, लेकिन कोर्ट ने गवाहों के बयानों की विस्तार से व्याख्या कर दी। अधिकारियों का बचाव: तुषार मेहता ने कहा कि जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देना गलत था, क्योंकि एजेंसी ने केवल तथ्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। 3. केजरीवाल का इमोशनल ब्रेकडाउन: "मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई" 27 फरवरी को बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने भावुक हो गए थे। उनके संबोधन की प्रमुख बातें: सत्य की जीत: केजरीवाल ने कहा, "आज ये साबित हो गया कि आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। मोदी और शाह ने मिलकर ये सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा था।" आंखों में आंसू: जब उन्होंने मनीष सिसोदिया के 2 साल और अपने 6 महीने के जेल प्रवास का जिक्र किया, तो वे रो पड़े। सिसोदिया ने उन्हें ढाढस बंधाया। पीएम को संदेश: उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि विपक्ष को झूठे केसों में फंसाने के बजाय महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर काम करके सत्ता में आएं। 📊 शराब नीति केस: अब तक का सफरनामा तारीख घटनाक्रम परिणाम फरवरी 2023 मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी शिक्षा मंत्री को जेल भेजा गया। मार्च 2024 अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी सिटिंग सीएम को घर से घसीटकर जेल ले जाया गया। 27 फरवरी 2026 राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला सभी 23 आरोपी डिस्चार्ज (बरी) किए गए। 27 फरवरी (शाम) CBI की अपील फैसले के 6 घंटे बाद हाईकोर्ट में याचिका। 9 मार्च 2026 हाईकोर्ट की सुनवाई आरोपियों को नोटिस; ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक। 4. CBI के संगीन आरोप: ₹100 करोड़ की 'साउथ ग्रुप' डील CBI की चार्जशीट और दावों के अनुसार, यह केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी: विजय नायर की भूमिका: केजरीवाल के करीबी विजय नायर ने शराब नीति में फायदा पहुँचाने के बदले के. कविता (BRS नेता) के 'साउथ ग्रुप' से ₹100 करोड़ वसूले। गोवा चुनाव कनेक्शन: एजेंसी का दावा है कि इस ₹100 करोड़ में से ₹44.5 करोड़ कैश गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किए गए। गोवा के दो पूर्व विधायकों ने भी पार्टी से कैश मिलने की बात स्वीकार की है। राजस्व का नुकसान: नियमों के उल्लंघन से निजी स्टेकहोल्डर्स को फायदा पहुँचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी। 5. राजनीतिक पलटवार: प्रियंका कक्कड़ और BJP का 'पोस्टर वॉर' अदालती कार्यवाही के साथ ही जुबानी जंग भी तेज है: AAP का पक्ष: प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा को इस मनगढ़ंत केस के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने ED/CBI के दुरुपयोग का आरोप लगाया। BJP का पोस्टर: भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर हमला किया— "AAP के पाप अभी धुले नहीं हैं"। भाजपा का तर्क है कि बरी होना अंतिम फैसला नहीं है और उच्च न्यायालय में सच सामने आएगा।

रवि चौहान मार्च 9, 2026 0
Photo:PIXABAY
Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

शेयर मार्केट डाउन
Share Market Closing 26 September 2025: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, सिर्फ कुछ कंपनियों के शेयर बढ़त में

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

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मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

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