मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में भारी बवाल: झारखंड में मजदूर की मौत पर रेल-सड़क जाम; पत्रकार से मारपीट और सुवेंदु अधिकारी के 'पत्थरबाजी' के आरोप पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का बेलडांगा शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को सुलग उठा। झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 और बेलडांगा रेलवे स्टेशन पर कब्जा कर लिया। इस प्रदर्शन ने उग्र रूप धारण कर लिया, जिससे न केवल उत्तर और दक्षिण बंगाल का संपर्क कट गया, बल्कि हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। 1. घटना की जड़: झारखंड में अलाउद्दीन शेख की मौत विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण 30 वर्षीय प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख की मौत है। मृतक की प्रोफाइल: अलाउद्दीन बेलडांगा की सुजापुर कुम्हारपुर पंचायत का निवासी था और झारखंड में फेरी लगाकर अपना गुजारा करता था। संदिग्ध मौत: गुरुवार को झारखंड में उसके कमरे से उसका शव फंदे से लटका मिला। हत्या का आरोप: परिजनों और ग्रामीणों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उनका आरोप है कि अलाउद्दीन की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और फिर मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए शव लटका दिया गया। 2. प्रदर्शन बना हिंसक: रेल और सड़क संपर्क ठप शुक्रवार सुबह से ही हजारों की संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए, जिससे बंगाल की लाइफलाइन प्रभावित हुई: NH-12 जाम: प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे पर टायर जलाकर रास्ता बंद कर दिया। रेलवे ट्रैक बाधित: घंटों तक रेलवे ट्रैक पर बैठने के कारण सियालदह-लालगोला सेक्शन की ट्रेन सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। पत्रकार पर हमला: कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार के साथ प्रदर्शनकारियों ने मारपीट की, जिससे प्रेस जगत में भारी आक्रोश है। भारी बल तैनात: स्थिति को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। 📊 बेलडांगा तनाव: मुख्य अपडेट क्षेत्र वर्तमान स्थिति परिवहन NH-12 और रेल रूट बाधित; हजारों यात्री फंसे हुए हैं। हिंसा पत्थरबाजी और पत्रकार के साथ मारपीट की खबरें। मृतक का नाम अलाउद्दीन शेख (30 वर्ष)। प्रमुख मांग झारखंड में हत्या की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी। 3. राजनीतिक घमासान: ममता बनाम सुवेंदु इस घटना ने बंगाल की राजनीति में फिर से उबाल ला दिया है: ममता बनर्जी (CM): मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा, "अल्पसंख्यकों का गुस्सा जायज है।" उन्होंने प्रवासी मजदूरों पर अत्याचार की निंदा की और पीड़ित परिवार को सहायता का भरोसा दिया। सुवेंदु अधिकारी (LoP): विपक्ष के नेता ने ममता सरकार पर 'तुष्टिकरण' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है जबकि "असामाजिक तत्वों" ने पत्थरबाजी कर पूरे इलाके को बंधक बना लिया है। उन्होंने फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
बंगाल में शाह की हुंकार: "ममता सरकार घुसपैठियों की पनाहगार; 2026 में परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा" 1. 🛡️ घुसपैठ और राष्ट्र सुरक्षा: "बंगाल बना पनाहगार" अमित शाह ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी पर वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। घुसपैठ पर वार: शाह ने कहा, "ममता सरकार घुसपैठ रोक नहीं पा रही है क्योंकि ये उनके चुनावी फायदे का जरिया हैं। अगर बंगाल में भाजपा की राष्ट्रवादी सरकार बनी, तो बॉर्डर पर परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।" बॉर्डर फेंसिंग का मुद्दा: शाह ने सवाल उठाया कि असम, त्रिपुरा और कश्मीर में घुसपैठ रुक सकती है तो बंगाल में क्यों नहीं? उन्होंने आरोप लगाया कि ममता सरकार बॉर्डर पर फेंसिंग (बाड़) लगाने के लिए जमीन नहीं दे रही है। 2. 👩ंडी महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था: "घाव गहरे हैं" संदेशखाली और आरजी कर अस्पताल जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि बंगाल की महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। हिंदुओं की स्थिति: शाह ने कहा, "बंगाल के हिंदुओं के दिल पर गंभीर घाव हैं। अब मरहम लगाने से कुछ नहीं होगा, अब सरकार बदलने का समय आ गया है।" भ्रष्टाचार और मनमानी: उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने केंद्रीय योजनाओं को 'डेड एंड' पर पहुंचा दिया है और सुप्रीम कोर्ट के नियमों की अनदेखी कर मनमानी कर रही है। 3. 📈 विकास का 'डेड एंड': "ममता ने पूरा बर्बाद कर दिया" बंगाल के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए शाह ने कहा कि जो राज्य देश को पहला स्टील प्लांट और आधुनिक यूनिवर्सिटी देता था, वह आज पिछड़ गया है। केंद्र बनाम राज्य: शाह के मुताबिक, ममता सरकार के विरोध के कारण बंगाल के किसानों का 10 हजार करोड़ रुपया वापस चला गया। आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं लागू नहीं होने दी जा रही हैं। मेट्रो प्रोजेक्ट: मेट्रो के काम में देरी के लिए उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जमीन न देने को जिम्मेदार ठहराया। 📊 शाह बनाम मीडिया: तीखे सवाल और करारे जवाब सवाल अमित शाह का जवाब 75 साल की उम्र और मार्गदर्शक मंडल का नियम? "तुम बंगाल की चिंता करो, मेरी पार्टी की क्यों? मैं तुम्हें अलग से बुलाकर बताऊंगा।" BSF केंद्र के अधीन है, फिर घुसपैठ क्यों? "मैंने ममता को 7 पत्र लिखे हैं। जमीन देना राज्य का काम है। क्या आप घुसपैठ होने देना चाहते हैं?" क्या भाजपा की सरकार आने पर पुरानी स्कीमें बंद होंगी? "कोई स्कीम बंद नहीं होगी, बल्कि हमारी नई घोषणाएं भी लागू की जाएंगी।" मेट्रो का काम अधूरा क्यों है? "मेट्रो हवा में नहीं चलती, जमीन चाहिए। बंगाल सरकार भारत सरकार की हर योजना का विरोध करती है।"
🕌 पश्चिम बंगाल में 'बाबरी जैसी मस्जिद' की नींव पर विवाद: TMC ने विधायक को किया निलंबित पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को, जो बाबरी विध्वंस की 33वीं बरसी है, एक मस्जिद की आधारशिला रखी। इस मस्जिद को मीडिया रिपोर्ट्स में 'बाबरी जैसी मस्जिद' बताया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति में एक नया सांप्रदायिक विवाद खड़ा कर दिया है। 1. 🏗️ मस्जिद का शिलान्यास और जुटाया गया भारी चंदा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुमायूं कबीर ने मौलवियों के साथ मिलकर मंच पर फीता काटकर शिलान्यास की औपचारिकता पूरी की। चंदे का दावा: शिलान्यास समारोह के बाद हुमायूं कबीर ने अपने फेसबुक पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें कुछ लोग नोट गिनते नजर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस शिलान्यास समारोह में 11 पेटी चंदा इकट्ठा हुआ। गिनती की व्यवस्था: कथित तौर पर, इस भारी चंदे को गिनने के लिए 30 लोग और नोट गिनने की मशीन लगानी पड़ी। जनता की भागीदारी: मस्जिद बनाने के लिए जुटाई गई ईंटों को कई लोग सिर पर रखकर शिलान्यास स्थल पर पहुंचे थे। 2. 📢 हुमायूं कबीर का विवादास्पद ऐलान और नई पार्टी टीएमसी से निलंबित होने के बाद भी हुमायूं कबीर अपने रुख पर कायम हैं और उन्होंने कई नए विवादित ऐलान किए हैं: कुरान पाठ: उन्होंने रविवार को घोषणा की कि मस्जिद का निर्माण फरवरी में 1 लाख लोगों से कुरान का पाठ करवाने के बाद शुरू होगा। नई पार्टी की घोषणा: कबीर ने कहा कि वह जल्द ही एक नई पार्टी बनाएंगे जो मुसलमानों के लिए काम करेगी। चुनाव लड़ने का ऐलान: उन्होंने घोषणा की कि उनकी नई पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। ओवैसी से अलायंस: हुमायूं ने यह भी बताया कि वह ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के संपर्क में हैं और उनके साथ अलायंस (गठबंधन) कर सकते हैं। 3. 💣 विवादित बयान और धमकियां हुमायूं कबीर पहले भी अपने भड़काऊ और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। 2025 का विवादित बयान: 28 नवंबर 2025 को मस्जिद बनाने को लेकर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने धमकी दी थी, 'जो कोई उन्हें रोकने की कोशिश करेगा, उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।' उन्होंने आगे एक भड़काऊ बयान दिया: ‘अगर 100 मुसलमान शहीद होंगे तो वे अपने साथ 500 लोगों को ले जाएंगे।’ 2024 का बयान: 2024 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने मुर्शिदाबाद के शक्तिपुर में एक जनसभा में कहा था: 'मैं राजनीति छोड़ दूंगा अगर दो घंटे में तुम्हें (हिंदुओं को) भागीरथी नदी में डुबो न दिया। तुम 30% हो, हम 70% (मुस्लिम) हैं। मैं तुम्हें शक्तिपुर में रहने नहीं दूंगा।’ इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया था। 4. 🔴 टीएमसी का कड़ा रुख और निलंबन मस्जिद के शिलान्यास के पोस्टर सामने आने और हुमायूं कबीर के विवादित बयानों के बाद टीएमसी ने तुरंत कार्रवाई की: पार्टी की दूरी: 3 दिसंबर को टीएमसी ने बयान जारी कर कहा कि पार्टी का इस घोषणा से कोई संबंध नहीं है। निलंबन: 4 दिसंबर को, मामला बढ़ता देख, टीएमसी ने विधायक हुमायूं कबीर को पार्टी से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया। टीएमसी का स्टैंड: कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि पार्टी सांप्रदायिक राजनीति में विश्वास नहीं करती। कबीर की प्रतिक्रिया: निलंबन के बावजूद, हुमायूं कबीर ने कहा कि वह अपने बाबरी मस्जिद वाले बयान पर कायम हैं और 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी की घोषणा करेंगे। 5. 🏛️ मस्जिद विवाद की पुरानी जड़ें मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद को लेकर विवाद साल भर पुराना है: शुरुआत (नवंबर 2024): हुमायूं कबीर ने पहली बार अयोध्या वाली बाबरी मस्जिद की छोटी प्रतिकृति बनाने की बात कही थी। उनका कहना था कि बाबरी मस्जिद मुसलमानों के लिए एक भावनात्मक मुद्दा है। बीजेपी की प्रतिक्रिया: दिसंबर 2024 में बीजेपी ने मुर्शिदाबाद में राम मंदिर बनाने की बात कही थी, हालांकि बीजेपी नेता शंकर घोष ने स्पष्ट किया था कि मंदिर को मस्जिद के जवाब के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। क्या आप हुमायूं कबीर के विवादित बयानों के आलोक में, उनकी नई पार्टी की संभावित चुनावी रणनीति और पश्चिम बंगाल की राजनीति पर इसके प्रभाव का विश्लेषण जानना चाहेंगे?
मुर्शिदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' की नींव: भारी विवाद और राजनीतिक घमासान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में, TMC से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार (6 दिसंबर) को 'अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर' बनने वाली एक नई मस्जिद की आधारशिला रखी। यह शिलान्यास अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस की 33वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया, जिसके चलते पूरे इलाके में हाई अलर्ट की स्थिति रही। 1. 🏗️ शिलान्यास कार्यक्रम का विवरण आयोजन: हुमायूं कबीर ने मौलवियों के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंच पर फीता काटकर मस्जिद की नींव रखने की औपचारिकता पूरी की। जुटी भीड़: कबीर के अनुमान के अनुसार, इस कार्यक्रम में 2 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटी। लोग मुर्शिदाबाद और आसपास के जिलों से ईंटें, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य निर्माण सामग्री लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। मंच के बैकग्राउंड में स्पष्ट रूप से 'बाबरी मस्जिद' लिखा हुआ था। वित्तीय सहयोग: मस्जिद निर्माण के लिए कार्यक्रम स्थल पर लोगों से चंदा भी इकट्ठा किया गया। बड़ी व्यवस्था: यह आयोजन 25 बीघा जमीन पर हुआ। 150 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा स्टेज बनाया गया था, जहाँ 400 से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था थी। सऊदी अरब से भी धार्मिक नेता कार्यक्रम में पहुंचे थे। कबीर का बयान: कार्यक्रम से पहले, हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया था कि हिंसा भड़काकर कार्यक्रम को बाधित करने की साजिशें रची जा रही हैं, लेकिन उन्होंने घोषणा की कि कोई भी ताकत उन्हें नींव रखने से रोक नहीं सकती। 2. 🚨 हाई अलर्ट और सुरक्षा व्यवस्था इस संवेदनशील आयोजन के चलते मुर्शिदाबाद जिले में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था: सुरक्षा तैनाती: बेलडांगा और आसपास के इलाकों में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की 19 टीमें, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), BSF और स्थानीय पुलिस की कई टीमों समेत 3,000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए थे। न्यायिक आदेश: कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मस्जिद निर्माण कार्यक्रम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट निर्देश दिया था कि कार्यक्रम के दौरान शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। कबीर ने भी कोर्ट के आदेशों का पालन करने की बात कही थी। 3. 📉 TMC से निलंबन और राजनीतिक महत्वकांक्षा हुमायूं कबीर का यह विवादित कदम सीधे तौर पर उनकी पार्टी TMC के रुख के विपरीत था, जिसके चलते उन पर कार्रवाई की गई। विवाद की शुरुआत: कबीर ने 25 नवंबर को घोषणा की थी कि वह 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखेंगे और इसका निर्माण 3 साल में पूरा होगा। TMC का रुख: TMC ने 3 दिसंबर को इस मामले से खुद को अलग कर लिया था और कहा था कि पार्टी का कबीर की इस घोषणा से कोई संबंध नहीं है। पार्टी कार्रवाई: विवाद बढ़ता देख TMC ने 4 दिसंबर को विधायक हुमायूं कबीर को पार्टी से सस्पेंड कर दिया। मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि पार्टी सांप्रदायिक राजनीति में विश्वास नहीं करती। कबीर का पलटवार: निलंबन के बाद हुमायूं कबीर ने अपने बयान पर कायम रहने की बात कही और घोषणा की कि वह 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी की घोषणा करेंगे। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारने और TMC और भाजपा दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। 4. ⚔️ भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया भाजपा ने इस घटनाक्रम को सीधे तौर पर वोट बैंक की राजनीति और राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। दिलीप घोष का आरोप: भाजपा नेता दिलीप घोष ने इसे 'मुस्लिम वोट बैंक खींचने की राजनीति' बताया और कहा कि TMC और हुमायूं कबीर के बीच तालमेल है। अमित मालवीय का हमला: सीनियर भाजपा नेता अमित मालवीय ने X पर लिखा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आग से खेल रही हैं और मुस्लिम भावनाओं का ध्रुवीकरण करने के लिए हुमायूं कबीर का इस्तेमाल कर रही हैं। मालवीय ने चेतावनी दी कि बेलडांगा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अशांति फैलने से राज्य की आंतरिक एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। 5. 🕌 अयोध्या में मस्जिद की स्थिति यह ध्यान देने योग्य है कि सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के तहत अयोध्या में मुस्लिम पक्ष को आवंटित 5-एकड़ जमीन पर, राम मंदिर से लगभग 25 किमी दूर धन्नीपुर गांव में, अब तक मस्जिद का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) द्वारा प्रस्तावित लेआउट प्लान को अभी तक अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) से मंजूरी नहीं मिली है। क्या आप हुमायूं कबीर द्वारा गठित होने वाली नई राजनीतिक पार्टी और आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभाव के बारे में जानना चाहेंगे?
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ