बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर बड़े विवादों के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में मंच पर दिए गए उनके एक बयान और अभिनय ने उन्हें धार्मिक भावनाओं को आहत करने के गंभीर आरोपों के घेरे में ला खड़ा किया है। रणवीर सिंह ने मंच पर सुपरहिट कन्नड़ फिल्म 'कांतारा' में दर्शाए गए पूजनीय दैवीय चरित्र चावुंडी (चामुंडा) देवी का उपहास किया और उन्हें 'फीमेल घोस्ट' कहकर संबोधित किया।
यह घटना तब हुई जब रणवीर सिंह मंच पर फिल्म के निर्देशक और मुख्य अभिनेता ऋषभ शेट्टी के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने न केवल इस दैवीय अवतार को भूत (घोस्ट) कहकर उनका अपमान किया, बल्कि स्वयं उस चरित्र की मिमिक्री करते हुए मज़ाक भी उड़ाया। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो सामने आने के बाद रणवीर सिंह की तीखी आलोचना हो रही है, और यूजर्स उन पर धार्मिक संवेदनशीलता की कमी और हिंदू देवी का अपमान करने का आरोप लगा रहे हैं।
यह विवाद इसलिए भी गंभीर है क्योंकि फिल्म 'कांतारा' जिस भूत कोला परंपरा पर आधारित है, उसे कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में दैवीय शक्ति का अवतार माना जाता है। इस दैवीय उपस्थिति का उपहास करना, करोड़ों भक्तों की आस्था पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
यह विस्तृत आलेख IIFA मंच पर हुई घटना का विस्तृत वर्णन, रणवीर सिंह द्वारा दिए गए अपमानजनक बयान ('फीमेल घोस्ट') का विश्लेषण, मिमिक्री और उपहास की प्रकृति, ऋषभ शेट्टी की असहज प्रतिक्रिया, सोशल मीडिया पर फैंस और यूजर्स की तीव्र आलोचना (धुरंधर और आदित्य धर का संदर्भ), दैवीय चरित्र और भूत के बीच अंतर न समझने के आरोप, तथा धार्मिक भावनाओं के आहत होने के नैतिक और सामाजिक निहितार्थों पर 5000 शब्दों में गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
IFFI के मंच पर रणवीर सिंह ने 'कांतारा' के निर्देशक ऋषभ शेट्टी की उपस्थिति में फिल्म के एक अत्यंत संवेदनशील और पूजनीय पहलू का मज़ाक उड़ाया।
संवाद का आरंभ: रणवीर सिंह ने मंच पर ऋषभ शेट्टी से कहा, "ऋषभ मैंने इसे (कांतारा) थिएटर में देखा था। वो एक आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस थी..."
अपमानजनक शब्द: इसके तुरंत बाद, रणवीर सिंह ने सबसे विवादास्पद टिप्पणी की: "...खासकर जब फीमेल घोस्ट (भूत) आपके शरीर में आती है। वो परफॉर्मेंस, वो एक शॉट आउटस्टैंडिंग था।"
धार्मिक संदर्भ: 'कांतारा' फिल्म में अभिनेता ऋषभ शेट्टी जिस चरित्र का निर्वहन करते हैं, वह चावुंडी (चामुंडा) देवी या पनजुरली देव जैसे स्थानीय दैवीय अवतारों का स्वरूप होता है, जिन्हें पूजनीय और शक्तिशाली माना जाता है। उन्हें 'फीमेल घोस्ट' या 'भूत' कहना लाखों भक्तों की आस्था का सीधा अपमान है।
अभिनय द्वारा मज़ाक: अपनी टिप्पणी के बाद, रणवीर सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, "क्या आपने कांतारा देखी है। जब वो शॉट आता है।" और फिर खुद उस कैरेक्टर की मिमिक्री करते हुए मज़ाक उड़ाया।
मंच से उतरने के बाद भी: एक अन्य वीडियो में यह भी सामने आया है कि मंच से उतरने के बाद भी रणवीर सिंह ने ऋषभ शेट्टी के सामने चावुंडी देवी की मिमिक्री करते हुए मज़ाक उड़ाना जारी रखा।
ऋषभ शेट्टी की प्रतिक्रिया: वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा है कि फिल्म की संवेदनशीलता को देखते हुए ऋषभ शेट्टी लगातार इशारा कर रणवीर सिंह को रोकते नजर आए हैं। उनकी यह प्रतिक्रिया बताती है कि रणवीर का व्यवहार न केवल अपमानजनक था, बल्कि मेजबान कलाकार को भी असहज कर रहा था।
रणवीर सिंह ने इस संवेदनशील माहौल में भी अपने लिए जगह बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "क्या यहां कोई है, जो मुझे कांतारा 3 में देखना चाहता है, वो इस आदमी से कहे।" यह टिप्पणी उनके पूरे व्यवहार को असंवेदनशील और आत्म-केंद्रित बनाती है।
फिल्म फेस्टिवल से रणवीर सिंह का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रमुख आरोप: सबसे तीखी आलोचना इस बात पर है कि रणवीर सिंह को 'भगवान और भूत के बीच अंतर नहीं पता है'। एक यूजर ने लिखा, "प्रिय रणवीर सिंह, आपको भगवान और भूत के बीच अंतर नहीं पता है। चावुंडी एक देवी हैं भूत नहीं। और आप उनका स्टेज पर मजाक उड़ा रहे हैं।"
धार्मिक भावनाएं: चावुंडी माता (चामुंडा देवी का स्थानीय रूप) को पूजनीय शक्ति माना जाता है। उनका उपहास और उन्हें 'भूत' कहना सीधे तौर पर हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला माना गया है।
भविष्य की मुश्किलें: एक यूजर ने रणवीर सिंह पर कटाक्ष करते हुए लिखा, "वो धुरंधर के लिए मुश्किल खड़ी करने के लिए काफी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।" रणवीर सिंह जल्द ही आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' में नजर आने वाले हैं। फैंस का मानना है कि इस तरह के व्यवहार से उनकी आने वाली फिल्मों को बॉयकॉट का सामना करना पड़ सकता है।
आदित्य धर की आलोचना: एक अन्य यूजर ने रणवीर की आलोचना करते हुए लिखा, "आदित्य धर (धुरंधर डायरेक्टर) ने अपनी जिंदगी में बहुत सी अच्छी चीजें की हैं, लेकिन रणवीर सिंह को मंच पर आने देना, उनमें से एक नहीं है। उसने चामुंडा देवी का मजाक उड़ाया..."। यह टिप्पणी रणवीर के व्यवहार के कारण उनके सहयोगियों पर भी संभावित नकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है।
ऋषभ शेट्टी पर शर्म: उसी यूजर ने ऋषभ शेट्टी पर भी निशाना साधा: "...और ऋषभ शेट्टी को शर्म आनी चाहिए कि उन्होंने इसे मंच पर पीटा नहीं।" यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि भक्तों का गुस्सा कितना तीव्र है और वे ऋषभ शेट्टी से भी तुरंत प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर रणवीर सिंह को अहंकारी और असंवेदनशील बताया जा रहा है। यूजर्स का मानना है कि फिल्म 'कांतारा' ने जिस श्रद्धा और संस्कृति को पूरे देश में पहुंचाया, रणवीर सिंह ने उसे हंसी का पात्र बनाकर पूरे प्रयास का अपमान कर दिया।
रणवीर सिंह ने जिस दैवीय चरित्र का मज़ाक उड़ाया, उसका कर्नाटक की संस्कृति और धर्म में गहरा महत्व है।
भूत कोला: 'कांतारा' फिल्म जिस मुख्य कला रूप को दर्शाती है, वह भूत कोला या दैव आराधना है, जो तटीय कर्नाटक (तुलुनाडु) का एक प्राचीन अनुष्ठान है।
दैवीय उपस्थिति: इस अनुष्ठान में प्रदर्शन करने वाला कलाकार स्वयं को किसी दैवीय शक्ति (भूत/दैव) का वाहक मानता है। फिल्म में पनजुरली (वराह रूप) और गुलिगा जैसे चरित्रों को दिखाया गया है। चावुंडी (चामुंडा) देवी भी इसी परंपरा का एक पूजनीय हिस्सा हैं।
'भूत' का अर्थ: इस संदर्भ में 'भूत' शब्द का अर्थ आमतौर पर 'आत्मा' या 'देवता' (दैव) से होता है, न कि 'ईविल घोस्ट' (दुष्ट आत्मा) से। रणवीर सिंह द्वारा 'फीमेल घोस्ट' शब्द का उपयोग करना, इस सांस्कृतिक nuances की घोर अज्ञानता या जानबूझकर उपहास को दर्शाता है।
रणवीर सिंह जैसे मुख्यधारा के बॉलीवुड अभिनेता द्वारा एक प्रतिष्ठित मंच पर ऐसे पूजनीय चरित्र का मजाक उड़ाना, यह संदेश देता है कि पारंपरिक भारतीय संस्कृतियों और अनुष्ठानों का उपहास किया जा सकता है। यह व्यवहार करोड़ों भक्तों के लिए सीधे अपमान का विषय बन जाता है।
इस घटना के बाद रणवीर सिंह पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग उठना स्वाभाविक है।
भारतीय कानून, विशेष रूप से आईपीसी की धारा 295ए, जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण इरादे से किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए अपमानजनक कृत्य करने पर दंड का प्रावधान करती है। रणवीर सिंह का कार्य इसी दायरे में आ सकता है।
सोशल मीडिया साक्ष्य: वीडियो सबूत के रूप में उपलब्ध होने के कारण, किसी भी व्यक्ति या संगठन द्वारा शिकायत दर्ज करने पर रणवीर सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना बन सकती है।
रणवीर सिंह जैसे हाई-प्रोफाइल सेलिब्रिटी के लिए, सार्वजनिक मंच पर बोलते समय सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता बनाए रखना अनिवार्य है।
कॉपीराइट और सम्मान: भले ही 'कांतारा' एक फिल्म हो, लेकिन यह एक जीवित संस्कृति और विश्वास प्रणाली पर आधारित है। उस विश्वास प्रणाली का उपहास करना, मनोरंजन की सीमाओं से परे जाकर अस्वीकार्य हो जाता है।
IFFI मंच पर रणवीर सिंह की असंवेदनशील टिप्पणी ने न केवल उन्हें विवादों में डाला है, बल्कि यह बॉलीवुड और क्षेत्रीय भारतीय संस्कृतियों के बीच की गहरी खाई को भी उजागर करती है।
अज्ञानता या अहंकार: रणवीर सिंह का व्यवहार सांस्कृतिक अज्ञानता या फिर अति-आत्मविश्वास (अहंकार) का परिणाम हो सकता है। किसी भी स्थिति में, एक राष्ट्रीय मंच पर एक पूजनीय देवी का मज़ाक उड़ाना, उन्हें 'भूत' कहकर संबोधित करना, एक गंभीर गलती है जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ सकती है।
टेंशन: यह घटना बॉलीवुड बनाम क्षेत्रीय सिनेमा (खासकर साउथ सिनेमा) के बीच चल रहे सांस्कृतिक तनाव को और बढ़ा सकती है, जहाँ क्षेत्रीय सिनेमा अपनी जड़ों को गर्व से दिखा रहा है, वहीं बॉलीवुड के सितारे उनका उपहास कर रहे हैं।
परिणाम: यदि यह मामला कानूनी रूप लेता है, या बड़े पैमाने पर बॉयकॉट की मांग उठती है, तो इसका सीधा असर उनकी आने वाली फिल्म 'धुरंधर' और उनके ब्रांड एंडोर्समेंट पर पड़ सकता है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
बॉक्स ऑफिस पर 'धुरंधर' का तूफान: रणवीर सिंह की फिल्म ने 11 दिनों में रचे 5 बड़े कीर्तिमान; 'दंगल' और 'बाहुबली 2' के सिंहासन को खतरा मुंबई | 30 मार्च 2026 बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह और निर्देशक आदित्य धर की जोड़ी ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। उनकी हालिया रिलीज 'धुरंधर: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर रुकने का नाम नहीं ले रही है। रिलीज के मात्र 11 दिनों के भीतर इस फिल्म ने न केवल अपनी लागत वसूली है, बल्कि यह बॉलीवुड की अब तक की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म बन गई है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिक (Sacnilk) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने दूसरे रविवार को कमाई के पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। यहाँ फिल्म के कलेक्शन, वैश्विक रैंकिंग और भविष्य के अनुमानों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. 11 दिनों का महा-कलेक्शन: 1350 करोड़ का आंकड़ा पार 'धुरंधर: द रिवेंज' ने रिलीज के दूसरे हफ्ते में भी अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है: दूसरे वीकेंड की दहाड़: फिल्म ने 28 मार्च (शनिवार) को 62.85 करोड़ और 29 मार्च (रविवार) को 68.10 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। कुल भारतीय कमाई: भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन 846.87 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। वर्ल्डवाइड डंका: विदेशी बाजारों और भारत को मिलाकर फिल्म ने दुनिया भर में 1350 करोड़ रुपए की शानदार कमाई कर ली है। 2. बॉलीवुड की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म इस कलेक्शन के साथ 'धुरंधर 2' ने इतिहास रच दिया है। अब यह बॉलीवुड (हिंदी सिनेमा) की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। निशाने पर 'धुरंधर 1': फिल्म अब अपने ही पहले पार्ट 'धुरंधर' के 1428 करोड़ के ऑल-टाइम रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब है। दंगल का रिकॉर्ड: फिलहाल आमिर खान की 'दंगल' बॉलीवुड की नंबर-1 फिल्म बनी हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि जिस रफ्तार से रणवीर सिंह की फिल्म चल रही है, यह जल्द ही शीर्ष पर पहुँच सकती है। 3. भारतीय सिनेमा (सभी भाषाएं) में 5वां स्थान सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि 'धुरंधर: द रिवेंज' ने साउथ की मेगा-ब्लॉकबस्टर फिल्मों को भी कड़ी टक्कर दी है। यह सभी भाषाओं (तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी) में भारत की 5वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इन्हें छोड़ा पीछे: फिल्म ने 'RRR' और 'KGF: चैप्टर 2' के लाइफटाइम रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। अभी भी आगे हैं: फिलहाल यह फिल्म 'बाहुबली 2' और 'पुष्पा 2' के भारतीय कलेक्शन से पीछे है, लेकिन टॉप-5 में जगह बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। 📊 बॉक्स ऑफिस तुलना: भारत में सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्में फिल्म इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भाषा बाहुबली 2 1429 करोड़ तेलुगु पुष्पा 2 1381 करोड़ तेलुगु धुरंधर (Part 1) 1057 करोड़ हिंदी केजीएफ 2 1008 करोड़ कन्नड़ धुरंधर: द रिवेंज 1006 करोड़ (मात्र 11 दिनों में) हिंदी नोट: 'धुरंधर 2' का यह आंकड़ा केवल 11 दिनों का है, जो फिल्म की अविश्वसनीय सफलता को दर्शाता है। 4. आदित्य धर का 'डबल धमाका': राजामौली के क्लब में एंट्री फिल्म की सफलता ने निर्देशक आदित्य धर को एक खास एलीट क्लब में शामिल कर दिया है: 1000 करोड़ी निर्देशक: आदित्य धर बॉलीवुड के इकलौते ऐसे निर्देशक बन गए हैं, जिनकी लगातार दो फिल्मों ('धुरंधर' और 'धुरंधर 2') ने 1000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है। राजामौली की बराबरी: उनसे पहले केवल एसएस राजामौली ही ऐसे भारतीय निर्देशक थे जिन्होंने 'बाहुबली' और 'बाहुबली 2' के साथ यह कारनामा किया था। 5. 'दंगल' और 'धुरंधर 2': एक दिलचस्प अंतर फिल्म ट्रेड एनालिस्ट बताते हैं कि 'दंगल' और 'धुरंधर 2' की सफलता के पैटर्न में अंतर है। 'दंगल' का भारत में कलेक्शन लगभग 511 करोड़ था और उसकी ज्यादातर कमाई चीन जैसे विदेशी बाजारों से हुई थी। वहीं, 'धुरंधर 2' भारत के घरेलू बाजार में ही 1000 करोड़ के आंकड़े को छूने की ओर अग्रसर है, जो इसे भारतीय दर्शकों के बीच अधिक लोकप्रिय बनाता है।
एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट की फटकार: "प्रसिद्ध होने का मतलब कानून से ऊपर होना नहीं"; सांप के जहर कांड में वन्यजीवों के दुरुपयोग पर सख्त रुख नई दिल्ली | 20 फरवरी 2026 यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सांपों के जहर (Snake Venom) से जुड़े चर्चित मामले में अब देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट ने एल्विश यादव को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समाज के प्रभावशाली और प्रसिद्ध लोग ही वन्यजीवों का दुरुपयोग करेंगे और कानून का उल्लंघन करेंगे, तो इससे समाज में बेहद गलत संदेश जाएगा। यहाँ इस अदालती सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों और मामले की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: "बोलने में असमर्थ प्राणियों का दुरुपयोग गलत" जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने एल्विश यादव की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज चार्जशीट और आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी। समाज पर असर: बेंच ने कहा, "यदि आप जैसे प्रसिद्ध व्यक्ति वन्यजीवों जैसे 'बोलने में असमर्थ' प्राणियों का इस तरह उपयोग करते हैं, तो यह समाज को बहुत गलत संदेश देता है। कोई भी व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि वह मनमानी करेगा और जो चाहे वह करेगा।" कानून की सर्वोच्चता: अदालत ने याद दिलाया कि Wildlife (Protection) Act, 1972 सभी के लिए समान है और इसकी धाराओं के तहत यह जांचना आवश्यक है कि क्या कानून का उल्लंघन हुआ है। 2. एल्विश के वकील का तर्क: "केवल अतिथि के रूप में थे मौजूद" एल्विश यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुक्ता गुप्ता ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा: स्वामित्व से इनकार: वकील ने तर्क दिया कि एल्विश न तो उन सांपों के मालिक थे और न ही उन्होंने किसी अवैध गतिविधि को अंजाम दिया। म्यूजिक वीडियो का हवाला: कोर्ट को बताया गया कि एल्विश केवल गायक फाजिलपुरिया के एक म्यूजिक वीडियो शूट में 'अतिथि' (Guest) के रूप में मौजूद थे। सुरक्षा का दावा: डिफेंस की ओर से कहा गया कि वीडियो में इस्तेमाल किए गए सांपों के पास न तो जहर की थैलियां (Venom Sacs) थीं और न ही दांत। साथ ही यह दावा किया गया कि प्रोडक्शन टीम ने इसके लिए जरूरी अनुमति ली थी। 3. प्रशासन और पुलिस की जांच: क्या हुआ था खुलासा? दूसरी ओर, सरकारी पक्ष और पुलिस ने कोर्ट को मामले की गंभीरता से अवगत कराया: बरामदगी: पुलिस ने जांच के दौरान कई सांप और संदिग्ध जहर बरामद किया था। अब यह जांच का मुख्य विषय है कि क्या वह जहर अवैध रूप से निकाला गया था। अनुमति पर सवाल: कोर्ट ने अभियोजन पक्ष (Prosecution) को निर्देश दिया है कि वे यह स्पष्ट करें कि क्या वीडियो शूट के लिए वास्तव में सभी आवश्यक वैधानिक अनुमतियां ली गई थीं या नहीं। 📊 एल्विश यादव 'स्नेक वेनम' केस: अब तक क्या हुआ? समय घटनाक्रम नवंबर 2023 नोएडा में रेव पार्टियों में सांपों के जहर के इस्तेमाल के आरोप में FIR दर्ज। मार्च 2024 एल्विश यादव को गिरफ्तार किया गया और कुछ दिनों बाद जमानत मिली। अप्रैल 2024 पुलिस ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें एनडीपीएस एक्ट की धाराएं भी शामिल थीं। फरवरी 2026 सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए एल्विश को फटकार लगाई। 4. क्या है पूरा विवाद? (पृष्ठभूमि) यह मामला नोएडा पुलिस द्वारा एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद सामने आया था। आरोप था कि नोएडा और एनसीआर की हाई-प्रोफाइल रेव पार्टियों में मनोरंजन और नशे के लिए सांपों के जहर की आपूर्ति की जाती थी। आरोप: पीपुल फॉर एनिमल्स (PFA) संस्था की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी की थी, जिसमें कोबरा सहित कई दुर्लभ सांप मिले थे। एल्विश की भूमिका: एल्विश पर आरोप लगा कि वे इन पार्टियों के आयोजकों और सपेरों के संपर्क में थे, हालांकि उन्होंने हमेशा इन आरोपों को निराधार बताया है। 5. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 का महत्व भारत में वन्यजीवों को सुरक्षा देने के लिए यह कानून बेहद सख्त है। इसके तहत जंगली जानवरों को बंदी बनाना, उनका व्यावसायिक उपयोग करना या उन्हें नुकसान पहुँचाना गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आ सकता है। सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख यह दर्शाता है कि मनोरंजन (Entertainment) के नाम पर जानवरों के साथ की जाने वाली क्रूरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजपाल यादव को हाईकोर्ट से झटका: जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- "आपने अपना वादा पूरा नहीं किया"; सोमवार तक जेल में ही रहेंगे 'छोटा पंडित' नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने उन्हें कोई राहत देने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक्टर को जेल इसलिए जाना पड़ा क्योंकि उन्होंने बार-बार दिए गए मौकों के बावजूद अपना वादा पूरा नहीं किया। यहाँ राजपाल यादव के केस की ताजा स्थिति और बॉलीवुड से मिल रहे समर्थन का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. कोर्ट की सख्त टिप्पणी: "कानून तो कानून है" सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर नाराजगी जाहिर की: सजा पर रोक का आधार: कोर्ट ने पूछा कि जब आपने खुद कर्ज लेने की बात स्वीकार की है और उसे लौटाने का वादा किया था, तो अब सजा रद्द करने की मांग क्यों की जा रही है? 25-30 मौके दिए: जज ने कहा, "आपको 25 से 30 बार भुगतान के अवसर दिए गए, लेकिन आपने सालों तक कुछ नहीं किया। पिछले आदेशों का पालन न करने की वजह से ही आज आप जेल में हैं।" सहानुभूति बनाम कानून: अदालत ने कहा कि उन्हें राजपाल से व्यक्तिगत सहानुभूति हो सकती है, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है। अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। 2. बचाव पक्ष की दलील: "हम पैसा चुकाना चाहते हैं" राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा: अब तक का भुगतान: वकील ने दावा किया कि 5 करोड़ के मूल कर्ज में से राजपाल अब तक 3 करोड़ रुपए से ज्यादा चुका चुके हैं। शादी का हवाला: परिवार में शादी होने के कारण जमानत की गुहार लगाई गई थी, साथ ही यह भी कहा गया कि राजपाल बाकी रकम जमा करने के लिए तैयार हैं। 3. राजपाल की पत्नी राधा यादव हुईं भावुक राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव ने इस मुश्किल घड़ी में उनका साथ देने वालों का शुक्रिया अदा किया: इंडस्ट्री का शुक्रिया: न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए राधा ने कहा, "फिल्म इंडस्ट्री ने हमें बहुत सपोर्ट किया है। जो भी लोग इस संकट के समय में आगे आकर हमारी मदद कर रहे हैं, उन सबका मैं दिल से आभार व्यक्त करती हूं।" 4. बॉलीवुड का 'महा-सपोर्ट': कौन-कौन आया आगे? राजपाल की आर्थिक तंगी की खबर आने के बाद बॉलीवुड के दिग्गज एक जुट हो गए हैं: सोनू सूद की पहल: सोनू सूद ने सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने अपनी अगली फिल्म के लिए राजपाल को 'साइनिंग अमाउंट' दिया और कहा कि यह दान नहीं बल्कि उनके टैलेंट का सम्मान है। दिग्गजों की मदद: सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन और वरुण धवन ने भी राजपाल के परिवार से संपर्क कर आर्थिक सहायता पहुंचाई है। मीका सिंह का ऐलान: सिंगर मीका सिंह ने राजपाल के लिए 11 लाख रुपए की मदद की घोषणा की और दूसरों से भी केवल पोस्ट डालने के बजाय जमीन पर मदद करने की अपील की। FWICE की अपील: फिल्म फेडरेशन (FWICE) ने सभी प्रोड्यूसर्स से अपील की है कि वे इस दिग्गज अभिनेता के करियर और ईमानदारी को बचाने के लिए एकजुट हों। 📊 राजपाल यादव केस: विवाद की पूरी टाइमलाइन वर्ष घटनाक्रम 2010 फिल्म 'अता पता लापता' के लिए ₹5 करोड़ का लोन लिया। 2012 फिल्म फ्लॉप हुई और चेक बाउंस होने का सिलसिला शुरू हुआ। 2018 कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल को दोषी मानकर 6 महीने की सजा सुनाई। 2019-25 उच्च अदालतों में अपील और समझौते के लिए कई बार समय मिला। फरवरी 2026 वादे के मुताबिक भुगतान न करने पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सरेंडर किया। 5. क्यों फंसे राजपाल यादव? यह पूरा मामला 2010 में 'मुरली प्रोजेक्ट्स' से लिए गए कर्ज से जुड़ा है। राजपाल अपनी फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। कर्ज पर ब्याज बढ़ता गया और राजपाल के चेक बाउंस होते रहे। समझौते के कई दौर चले, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे पूरी रकम नहीं चुका सके, जिसके कारण आज उन्हें तिहाड़ जेल का सामना करना पड़ रहा है।