राजस्थान

राजस्थान के हनुमानगढ़ में चौथे दिन भी इंटरनेट बंद
हनुमानगढ़ एथेनॉल फैक्ट्री विवाद: 17 दिसंबर को महापंचायत में आएंगे राकेश टिकैत | टिब्बी में इंटरनेट बंद और भारी तनाव

हनुमानगढ़ एथेनॉल फैक्ट्री विवाद: आंदोलन की सुलगती आग, 17 दिसंबर की महापंचायत और संघर्ष की पूरी कहानी राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र (राठीखेड़ा) में निर्माणाधीन ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच संघर्ष ने अब एक बड़ा रूप ले लिया है। 10 दिसंबर को हुई भीषण हिंसा के बाद चौथे दिन भी टिब्बी में इंटरनेट सेवाएं ठप हैं और किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। 1. ⚔️ ताजा स्थिति: महापंचायत का बिगुल और प्रशासन से टकराव शुक्रवार, 12 दिसंबर को टिब्बी के गुरुद्वारा सिंह सभा में किसानों की कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक से निम्नलिखित मुख्य बिंदु निकलकर आए हैं: 17 दिसंबर की महापंचायत: किसान नेता जगजीत सिंह जग्गी ने घोषणा की है कि 17 दिसंबर को हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट पर एक विशाल महापंचायत होगी। इसमें राकेश टिकैत सहित पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के तमाम दिग्गज किसान नेता शामिल होंगे। प्रशासन का बहिष्कार: किसानों ने शर्त रखी है कि जब तक हनुमानगढ़ के कलेक्टर और एसपी का तबादला नहीं हो जाता, वे प्रशासन के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता नहीं करेंगे। पुलिसिया कार्रवाई: पुलिस ने उपद्रव के मामले में 107 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की है और अब तक 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं फैक्ट्री प्रबंधन ने 273 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। 2. 🔥 10 दिसंबर का काला दिन: आखिर क्या हुआ था? बुधवार को टिब्बी के राठीखेड़ा गांव में जो हिंसा हुई, उसने पूरे राजस्थान को हिलाकर रख दिया। दीवार तोड़ी और आगजनी: शाम करीब 4 बजे सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों के साथ निर्माणाधीन फैक्ट्री पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री की दीवार तोड़ दी और ऑफिस में आग लगा दी। भारी पत्थरबाजी और चोटें: पुलिस और किसानों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। इस बवाल में कांग्रेस विधायक सहित 70 से ज्यादा लोग घायल हुए। वाहनों का नुकसान: आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 14 से 16 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। पलायन: हिंसा के डर से फैक्ट्री के पास रहने वाले करीब 30 परिवार अपने घरों को ताला लगाकर रिश्तेदारों के पास चले गए हैं। 3. ❓ विवाद की जड़: किसान फैक्ट्री का विरोध क्यों कर रहे हैं? किसानों का विरोध आज का नहीं है, बल्कि यह करीब 16 महीनों से चल रहा है। उनके मुख्य डर निम्नलिखित हैं: जल प्रदूषण: किसानों का मानना है कि एथेनॉल फैक्ट्री से निकलने वाला प्रदूषित पानी जमीन के अंदर जाएगा, जिससे भूजल (Groundwater) जहरीला हो जाएगा। इस क्षेत्र में लोग जमीन का पानी पीने और सिंचाई के लिए इस्तेमाल करते हैं। बंजर जमीन: किसानों को डर है कि रसायनों के कारण उनकी उपजाऊ जमीन बंजर हो जाएगी। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि फैक्ट्री से होने वाले वायु और जल प्रदूषण से दमा, कैंसर और चर्म रोग जैसी बीमारियां फैलेंगी। धोखे का आरोप: किसानों का आरोप है कि उन्हें बिना विश्वास में लिए फैक्ट्री का निर्माण शुरू किया गया। 4. 📢 गंभीर आरोप: बर्बरता और "जंग लगे हथियार" गुरुद्वारा सिंह सभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेताओं और महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए: महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार: किसान नेता रवजोत सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं के बाल पकड़कर घसीटा और 5 से 15 साल के बच्चों को भी नहीं बख्शा। गोली मारने की धमकी: जगजीत सिंह जग्गी ने सवाल किया कि क्या पुलिस को गोली मारने का अधिकार है? उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसी रिकॉर्डिंग है जिसमें एक अधिकारी गोली मारने का आदेश दे रहा है। प्रशासनिक अनदेखी: किसान सभा के जिला महासचिव मंगेज चौधरी ने कहा कि अगर कलेक्टर समय पर वार्ता कर लेते तो यह हिंसा नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर की कंपनी मालिकों के साथ "आर्थिक सेटिंग" है। 5. 🏛️ सरकार और प्रशासन का पक्ष मंत्री किरोड़ी लाल मीणा: कृषि मंत्री ने कहा कि यह फैक्ट्री पिछली गहलोत सरकार के समय हुए एमओयू (MOU) का नतीजा है। उन्होंने इसे देश का सबसे बड़ा एथेनॉल प्लांट बताया और कहा कि हिंसा निवेश के माहौल को बिगाड़ती है। एडीजी वीके सिंह: उन्होंने कहा कि 10 दिसंबर की हिंसा "प्रायोजित" थी और बाहरी तत्वों ने भीड़ को भड़काया। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई की बात कही। विधायक गुरवीर सिंह बराड़: भाजपा विधायक किसानों को समझाने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले पर संज्ञान ले रहे हैं और 15 सदस्यीय कमेटी बनाकर जनहित में फैसला लिया जाएगा।

रवि चौहान दिसम्बर 12, 2025 0
जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

रवि चौहान अक्टूबर 14, 2025 0
कयामत खुद बताएगी कि कयामत क्यों जरूरी थी
कुलयुगǃ नवजात के मुंह में पत्थर ठूंसकर लगाई फेवीक्विक, पत्थरों में दबाकर मरने को छोड़ दिया

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया क्षेत्र से एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर समाज किस दिशा में जा रहा है। बिजोलिया के घने जंगलों में स्थित सीता माता कुंड मंदिर के पास एक 10 से 15 दिन के नवजात शिशु को बेहद दर्दनाक हालत में पाया गया। किसी निर्दयी मां या परिजन ने उस मासूम के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार किया, जिसकी कल्पना मात्र से ही रूह कांप उठती है।   पत्थरों के बीच तड़पता मिला नवजात, मुंह में ठूंसा गया था पत्थर मंगलवार शाम की यह घटना तब सामने आई जब कुछ चरवाहे जंगल में अपने मवेशी चरा रहे थे। तभी उनमें से एक को दूर से किसी बच्चे के कराहने और रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जाते हुए जब वह चरवाहा मंदिर के पास पहुंचा, तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। उसने देखा कि एक नवजात शिशु पत्थरों के ढेर के नीचे दबा पड़ा था और तड़प रहा था। उसके मुंह में पत्थर ठूंस दिए गए थे और ऊपर से फेवीक्विक चिपका दी गई थी, ताकि वह आवाज भी न निकाल सके। यह नजारा देखकर चरवाहा तुरंत गांव लौट गया और अन्य ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और बच्चे को पत्थरों के बीच से बाहर निकाला। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और 108 एंबुलेंस के माध्यम से बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।   डॉक्टरों ने बताया भयावह हाल बच्चे को बिजोलिया के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा बेहद कमजोर और निर्बल स्थिति में अस्पताल लाया गया था। उसके मुंह के चारों ओर फेवीक्विक चिपकाने से कट के निशान बन गए थे। इसके अलावा, जिस पत्थर पर बच्चा पड़ा था, उस पर तेज धूप और गर्मी के कारण उसका बायां शरीर झुलस चुका था। डॉ. मुकेश धाकड़ के अनुसार, बच्चे की स्थिति गंभीर थी लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।   चाइल्ड वेलफेयर टीम हरकत में घटना की जानकारी मिलते ही भीलवाड़ा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सूचित किया गया। इस पर विनोद राव मौके पर पहुंचे और उन्होंने बच्चे को तुरंत भीलवाड़ा महात्मा गांधी अस्पताल के शिशु वार्ड (आयशु वार्ड) में भर्ती करवाया। जहां शिशु का उपचार जारी है। डॉक्टरों की निगरानी में अब बच्चे की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। जैसे ही बच्चे की स्थिति थोड़ी बेहतर होगी, उसे सरकारी पालना घर में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन लोग इतने निर्दयी हो सकते हैं जिन्होंने एक मासूम की जिंदगी को इस तरह से खतरे में डाला।   यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समाज में अभी भी कुरुतियों और संवेदनहीनता का जहर फैला हुआ है। जब एक नवजात, जिसे इस दुनिया में अभी देखना भी ठीक से नहीं आया, उसे इस कदर यातना देकर मरने के लिए छोड़ दिया जाए – तो यह सवाल खड़ा करता है कि हम कहां जा रहे हैं?   सवाल ये नहीं है कि उसे जन्म क्यों दिया गया, सवाल ये है कि जब देना ही था तो इतनी बेरहमी क्यों?   इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और लोग आशा कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ कर उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

Admin सितम्बर 24, 2025 0
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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