नोएडा

फर्जी RAW अधिकारी सुनीत कुमार
नोएडा में फर्जी RAW अधिकारी गिरफ्तार: 10 महीने में 3 करोड़ का ट्रांजैक्शन, हवाला कनेक्शन की जांच तेज

नोएडा में फर्जी RAW अधिकारी सुनीत कुमार की गिरफ्तारी के बाद खुलासा—10 महीने में 3 करोड़ का ट्रांजैक्शन, 10 बैंक खातों की जांच, हवाला कनेक्शन की भी तलाश   नोएडा में फर्जी RAW अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी सुनीत कुमार की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज हो गई है। शुरुआती पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, उसने सुरक्षा एजेंसियों और STF दोनों की चिंता बढ़ा दी है। सुनीत ने पिछले 10 महीनों में ही 3 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजैक्शन किया था। अब जांच टीम उसका पूरा आर्थिक नेटवर्क खंगाल रही है। उसके द्वारा संचालित 10 बैंक खातों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और बैंकों से पिछले दो साल का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। मामले में हवाला कारोबार का एंगल भी सामने आ रहा है, जिसे STF बेहद गंभीरता से जांच रही है।   🔵 आरोपी की प्रोफाइल: मनोविज्ञान में विशेषज्ञता, लोगों को मैन्यूपुलेट करने में माहिर   STF के मुताबिक सुनीत की उम्र 37 वर्ष है। उसने 2012 में क्लीनिकल साइकोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है, वह भी रायपुर स्थित कलिंगा यूनिवर्सिटी से। मनोविज्ञान का विशेषज्ञ होने के कारण वह लोगों के दिमाग पढ़ने, व्यवहार समझने और मौके के हिसाब से बात बदलकर सामने वाले को मैन्यूपुलेट करने में बेहद सक्षम था। यही वजह रही कि उसने खुद को RAW अधिकारी बताकर लोगों से करोड़ों ऐंठ लिए और कोई पहचान न सका।   🔵 तीन कंपनियां बनाकर खड़ा किया फर्जी बिजनेस साम्राज्य   जांच में पता चला है कि सुनीत ने अपने ठगी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए तीन कंपनियां बनाई थीं— HAPPU MENTAL HEALTH SERVICE 2 FESTUM 24 TECHNOLOGIES PRIVATE LTD LOKALLY TECHNOLOGIES PRIVATE LIMITED इन कंपनियों में उसने खुद को और एक लड़की को डायरेक्टर बनाकर दिखाया। इन कंपनियों के जरिए उसने कई बैंक खाते खोले और इन्हीं खातों को आपस में ट्रांजैक्शन के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया। STF अधिकारियों के अनुसार— "सुनीत अपने खातों से नियमित रूप से राशि ट्रांसफर करता था, जिसे वह कंपनी की ग्रोथ और बिजनेस एक्टिविटी बताता था ताकि कंपनियों की वैल्यू तेजी से बढ़ाई जा सके।"   🔵 लक्ष्य: IPO लाकर बड़ा निवेश झटकना   STF के अनुसार सुनीत की योजना अपनी कंपनी को पब्लिक कंपनी के रूप में शेयर मार्केट में लिस्ट कराने की थी। उसका इरादा कंपनी की वैल्यू को बढ़ाना, फिर IPO लॉन्च करके भारी-भरकम निवेशक जुटाना था। यानी ये सिर्फ फर्जी RAW अधिकारी बनकर ठगी ही नहीं कर रहा था, बल्कि एक बड़ा कॉर्पोरेट फ्रॉड रचने की भी तैयारी थी। 10 महीने में कंपनियों के खातों में आए 3 करोड़ रुपए ने STF को चौकन्ना कर दिया है। टीम अब धन के स्रोत और अंतिम उपयोग, दोनों की खोज में जुटी है।   🔵 81 लाख रुपए दो खातों में फ्रीज — हवाला कनेक्शन की तलाश   STF ने खुलासा किया कि सुनीत ने अमित कुमार नाम से RBL बैंक में एक खाता खोला था। इस खाते में 40 लाख रुपए मिले हैं। इसी तरह कोटक महिंद्रा बैंक के एक खाते में 41 लाख रुपए मिले, जिसे फ्रीज कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इतनी बड़ी रकम कहां से आई, इसका कोई स्पष्ट स्रोत अभी सामने नहीं आया है। इससे यह शक और गहरा हो गया है कि शायद सुनीत का हवाला कारोबार से लिंक रहा हो। STF इस दिशा में भी जांच कर रही है कि क्या सुनीत हवाला नेटवर्क के पैसों को अपनी कंपनियों में घुमा-फिराकर सफेद कर रहा था। जांच एजेंसियों ने संकेत दिया है कि मामले में और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।   🔵 आरोपी के टैब से निकले दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े 6 वीडियो   छापेमारी के दौरान STF ने सुनीत के टैबलेट से दिल्ली ब्लास्ट से संबंधित छह वीडियो भी बरामद किए हैं। इससे जांच और गंभीर हो गई है। हालांकि शुरुआती जांच में यह साफ नहीं हो पाया है कि ये वीडियो उसने क्यों और कैसे हासिल किए थे। इन वीडियो की वजह से पुलिस ने उसके खिलाफ BNS की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340 और IT एक्ट 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया है।   🔵 फर्जी आईडी, बैंक डॉक्यूमेंट, एग्रीमेंट—पूरी फाइलों का जखीरा बरामद   गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से बरामद सामान ने जांच एजेंसियों को हैरान कर दिया। STF के अनुसार उसके पास से— 2 फर्जी सरकारी आईडी 20 चेक बुक दिल्ली पुलिस का फर्जी वेरिफिकेशन लेटर 8 क्रेडिट/डेबिट कार्ड 17 एग्रीमेंट फाइलें 5 पैन कार्ड 2 आधार कार्ड 3 वोटर आईडी कार्ड दो फार्म वोटर आईडी कार्ड कंपनी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स ITR की कॉपियां बैंक स्टेटमेंट 3 लैपटॉप 2 टैबलेट बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों से साफ है कि आरोपी लंबे समय से लोगों के नाम और पहचान का दुरुपयोग करके फर्जी कंपनियां और फर्जी लेन-देन कर रहा था।   🔵 आरोपी की गिरफ्तारी कैसे हुई? पुलिस ने बताया पूरा ऑपरेशन   STF को काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि नोएडा में एक आदमी खुद को RAW अधिकारी बताकर लोगों को धमकाता है और कई जगह पैसा भी वसूलता है। जब टीम ने उसकी गतिविधियों की निगरानी की तो कई संदिग्ध इनपुट मिले। इसके बाद एक प्लानिंग के तहत STF ने उसे ट्रैक किया और आखिरकार नोएडा के एक सेक्टर से गिरफ्तार कर लिया।   🔵 फिलहाल आरोपी STF की हिरासत में, कई राज खुलने बाकी   STF अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ फर्जी RAW अधिकारी बनने तक सीमित नहीं है। यह एक बड़ा आर्थिक अपराध, फर्जी कंपनियों का नेटवर्क, संभव हवाला कनेक्शन, और साइबर अपराध से जुड़ा मामला भी हो सकता है। आरोपी का पूरा नेटवर्क अभी सामने नहीं आया है। जांच में यह भी सामने आया कि सुनीत बहुत चतुराई से लोगों के मनोविज्ञान पर खेलता था और उन्हें झांसा देकर अपने जाल में फंसा लेता था। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।  

रवि चौहान नवम्बर 21, 2025 0
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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