बिहार

नुसरत के पास जॉइनिंग के लिए अब सिर्फ 3 घंटे
Dr. Nusrat Parveen: बिहार में जॉइनिंग के लिए बचे आखिरी कुछ घंटे; झारखंड सरकार का 3 लाख सैलरी और फ्लैट का ऑफर, क्या करेंगी डॉक्टर?

⚖️ बिहार में 'डेडलाइन' और झारखंड से '3 लाख का ऑफर': डॉ. नुसरत परवीन के फैसले पर टिकी निगाहें 1. 🕒 पटना में जॉइनिंग की चुनौती: समय की कमी और जटिल प्रक्रिया डॉ. नुसरत परवीन को आज शनिवार, 20 दिसंबर को पटना सदर के सबलपुर PHC में अपनी सेवा शुरू करनी है। हालांकि, उनके पास अब समय बहुत कम बचा है: शाम 5 बजे की डेडलाइन: सरकारी कार्यालयों में शाम 5 बजे के बाद जॉइनिंग संभव नहीं है। जटिल प्रक्रिया: जॉइनिंग के लिए उन्हें पहले सिविल सर्जन कार्यालय जाना होगा, जहां मेडिकल टेस्ट और बेसिक इन्फॉर्मेशन फॉर्म भरे जाएंगे। इसके बाद राज्य स्वास्थ्य समिति में पेपर वेरिफिकेशन होगा। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 2 घंटे का समय लगता है। दूरी का अड़ंगा: स्वास्थ्य समिति से सबलपुर PHC की दूरी 25 किमी है, जिसे पार करने में पटना के ट्रैफिक के बीच कम से कम एक घंटा लगेगा। यदि डॉ. नुसरत अगले कुछ मिनटों में सिविल सर्जन के दफ्तर नहीं पहुंचती हैं, तो तकनीकी रूप से उनकी जॉइनिंग अधर में लटक सकती है। 2. 💰 झारखंड सरकार का बंपर ऑफर: "सम्मान और 3 लाख सैलरी" जब बिहार में डॉ. नुसरत के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। 10 गुना ज्यादा वेतन: बिहार में जहां एक आयुष डॉक्टर को 32 हजार रुपए प्रतिमाह मिलते हैं, वहीं इरफान अंसारी ने उन्हें 3 लाख रुपए मासिक वेतन का ऑफर दिया है। VIP सुविधाएं: वेतन के अलावा उन्हें मनचाही पोस्टिंग, सरकारी फ्लैट और पूरी सुरक्षा देने का वादा किया गया है। सम्मान की राजनीति: अंसारी ने कहा, "झारखंड में महिलाओं और डॉक्टरों के मान-सम्मान से समझौता नहीं होता।" यह सीधा हमला नीतीश कुमार पर था। 3. 🚩 चंपाई सोरेन का पलटवार: "अपने घर की व्यवस्था देखें" जहां झारखंड सरकार डॉ. नुसरत को बड़ा ऑफर दे रही है, वहीं राज्य के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने स्वास्थ्य मंत्री को आईना दिखाया है। सिस्टम की विफलता: चंपाई सोरेन ने चाईबासा की एक दर्दनाक तस्वीर साझा की, जहां एम्बुलेंस न मिलने पर एक पिता को अपने बच्चे का शव थैले में ले जाना पड़ा। झारखंड बनाम बिहार: उन्होंने कहा कि दूसरों को ऑफर देने से पहले झारखंड के रिम्स (RIMS) में दवाओं की कमी और चाईबासा में संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने जैसी घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए। 4. 🧠 विवाद की जड़: क्या हुआ था 15 दिसंबर को? यह पूरा हंगामा तब शुरू हुआ जब पटना में आयुष डॉक्टरों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत का हिजाब हटा दिया था। घटना का दृश्य: नीतीश कुमार ने पहले नियुक्ति पत्र दिया, फिर हिजाब की ओर इशारा कर उसे हटाने को कहा और अंततः खुद हाथ बढ़ाकर हिजाब खींच दिया। सम्राट चौधरी की कोशिश: वीडियो में दिखा कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने नीतीश को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन तब तक डॉ. नुसरत असहज हो चुकी थीं और वहां मौजूद लोग हंसने लगे थे। मायावती की प्रतिक्रिया: यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए नीतीश कुमार को 'पश्चाताप' करने की सलाह दी है।

रवि चौहान दिसम्बर 20, 2025 0
CM नीतीश ने हिजाब खींचा, नुसरत ने बिहार छोड़ा
Dr. Nusrat Parveen Story: समाज के तानों से लेकर डॉक्टर बनने तक का सफर; हिजाब विवाद ने कैसे तोड़ी एक बेटी की हिम्मत?

🚫 हिजाब विवाद: डॉक्टर नुसरत ने छोड़ा बिहार, अपमान के सदमे में पहुंचीं कोलकाता; नीतीश के कार्यक्रमों में मीडिया बैन 1. 😔 डॉक्टर नुसरत का दर्द: "वह अपमान जैसा था" आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन, जिन्हें कड़ी मेहनत के बाद बिहार सरकार में नौकरी मिली थी, अब उस नौकरी को जॉइन करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं। सदमे में डॉक्टर: नुसरत घटना के अगले दिन ही कोलकाता अपने परिवार के पास चली गईं। उन्होंने बताया, "मैं यह नहीं कहती कि मुख्यमंत्री ने जानबूझकर किया, लेकिन जो हुआ वह मुझे अच्छा नहीं लगा। वहां लोग हंस रहे थे, एक लड़की के नाते वह मेरे लिए अपमान जैसा था।" संस्कृति और हिजाब: नुसरत ने कहा कि उन्होंने स्कूल से लेकर कॉलेज तक हिजाब में पढ़ाई की, लेकिन कभी किसी ने ऐसा व्यवहार नहीं किया। हिजाब उनकी संस्कृति का हिस्सा है। भविष्य पर संकट: नुसरत को 20 दिसंबर को नौकरी जॉइन करनी थी, लेकिन फिलहाल वह 'मेंटल ट्रॉमा' (मानसिक आघात) में हैं। उनके पिता और भाई उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि किसी और की गलती की सजा वह खुद को न दें। 2. 🎥 नीतीश सरकार का बचाव और मीडिया पर पाबंदी घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चौतरफा आलोचना हो रही है, जिसके जवाब में सरकार ने अब 'गोपनीयता' का सहारा लिया है। मीडिया एंट्री बैन: हिजाब वाली घटना के बाद नीतीश कुमार के कार्यक्रमों में मीडिया की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। बुधवार को गयाजी में हुए कार्यक्रम और मंगलवार को ऊर्जा विभाग के कार्यक्रम को लाइव भी नहीं किया गया। असहजता: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि जब नीतीश कुमार ने हिजाब हटाया, तो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनकी आस्तीन खींचकर उन्हें रोकने की कोशिश की थी, लेकिन तब तक मुख्यमंत्री महिला का हिजाब हटा चुके थे। [Image: Graphic showing Dr. Nusrat Parveen and CM Nitish Kumar during the incident] 3. ⚖️ कानूनी और सियासी घमासान: संजय निषाद का विवादित बयान इस मामले में यूपी के मंत्री संजय निषाद के एक बेहद शर्मनाक बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। संजय निषाद का बयान: नीतीश कुमार का बचाव करते हुए निषाद ने कहा, "अरे वह भी आदमी हैं... चेहरा छू लेते या कहीं और उंगली पड़ जाती तब क्या करते?" इस बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी। FIR और शिकायतें: शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने संजय निषाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, बेंगलुरु के एक वकील ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। विपक्ष का हमला: विपक्षी दलों ने इसे महिला अस्मिता और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। 4. 🏘️ सामाजिक और पारिवारिक संघर्ष नुसरत एक ऐसे समाज से आती हैं जहाँ बेटियों की पढ़ाई को लेकर आज भी कई चुनौतियां हैं। मेहनत पर पानी: नुसरत ने बताया कि उनके माता-पिता ने समाज की उन बातों को दरकिनार कर उन्हें पढ़ाया था जो कहते थे कि "बेटी हाथ से निकल जाएगी।" नुसरत का सपना था कि वह सरकारी नौकरी पाकर अपने परिवार की आर्थिक मदद करेंगी, लेकिन एक घटना ने उनकी सारी खुशियों को डर में बदल दिया है। सहकर्मियों की अपील: पटना में उनके साथ चयनित हुए अन्य डॉक्टर उन्हें वापस आने के लिए मना रहे हैं, लेकिन नुसरत का कहना है कि अब उन्हें वहां अच्छा नहीं लग रहा है।

रवि चौहान दिसम्बर 17, 2025 0
नीतीश कुमार ने 10वीं बार संभाली बिहार की कमान
नीतीश कुमार ने 10वीं बार संभाली बिहार की कमान: गांधी मैदान में शक्ति प्रदर्शन

नीतीश कुमार ने 10वीं बार संभाली बिहार की कमान: गांधी मैदान में शक्ति प्रदर्शन, पीएम मोदी सहित दिग्गज नेताओं की मौजूदगी   बिहार की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चार दशक से अधिक लंबे राजनीतिक करियर में नीतीश कुमार कई बार सत्ता में आए—कभी भाजपा के साथ, कभी उसके विरोध में, और इस बार फिर एनडीए के मजबूत साझेदार बनकर। पटना के प्रतिष्ठित गांधी मैदान में अत्यंत भव्य तरीके से आयोजित शपथग्रहण समारोह ने न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी कई संदेश छोड़े। इस आयोजन को बिहार की राजनीति में बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।   PM मोदी की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व   शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि भाजपा इस गठबंधन को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाने जा रही है। PM मोदी ने शपथ के बाद मंच से लोगों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उनके अभिवादन पर मैदान में मौजूद लाखों लोगों की भीड़ में उत्साह की लहर दौड़ गई।   नए चेहरे, संतुलित समीकरण—नीतीश कैबिनेट का गठन   नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही एक संतुलित और विविधतापूर्ण नया मंत्रिमंडल भी सामने आया। कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली: मंत्रियों का दलगत वितरण   14 मंत्री — बीजेपी कोटे से 8 मंत्री — जदयू (JDU) 2 मंत्री — लोजपा (रामविलास) 1 मंत्री — उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP से 1 मंत्री — हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) एकमात्र मुस्लिम चेहरा   जदयू की ओर से जमा खान को फिर से शामिल किया गया। वे इस कैबिनेट में एकमात्र मुस्लिम मंत्री हैं।   डिप्टी CMs: सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा   एनडीए ने इस बार दो उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए: सम्राट चौधरी (भाजपा) विजय कुमार सिन्हा (भाजपा) दोनों नेताओं को भाजपा के प्रभाव और संगठनात्मक गहराई बढ़ाने की रणनीति के तहत यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।   चिराग पासवान के दो विधायक मंत्री बने   लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान की पार्टी से भी दो विधायकों को कैबिनेट में स्थान मिला। इनमें: संजय सिंह, जिन्होंने महुआ सीट पर तेजप्रताप यादव को मात दी थी दूसरा विधायक जिनके चयन से NDA में लोजपा (आर) की भूमिका और मजबूत होती है संजय सिंह की जीत को NDA की रणनीतिक सफलता माना गया था, और अब मंत्री बनना उनकी राजनीतिक भूमिका को नई दिशा देता है।   3 लाख से अधिक लोगों की भीड़: एनडीए का शक्ति प्रदर्शन   इस शपथग्रहण समारोह को सिर्फ संविधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एनडीए द्वारा अपनी शक्ति का सार्वजनिक प्रदर्शन भी बताया जा रहा है। अंदाजा है कि करीब 3 लाख से ज्यादा लोग इस आयोजन में शामिल हुए। जदयू, भाजपा, रालोमो, लोजपा (रामविलास) और हम पार्टी के कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में लोगों को पटना लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। हर विधायक को कम से कम 5000 लोगों को लाने का टारगेट दिया गया था।   देश भर से आए मुख्यमंत्री   इस समारोह में भारत के 16 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। इनमें शामिल थे: योगी आदित्यनाथ – उत्तर प्रदेश मोहन यादव – मध्य प्रदेश पुष्कर सिंह धामी – उत्तराखंड चंद्रबाबू नायडू – आंध्र प्रदेश भजनलाल शर्मा – राजस्थान देवेंद्र फडणवीस – महाराष्ट्र हिमंत बिस्वा सरमा – असम कॉनराड संगमा – मेघालय मोहन चरण मांझी – ओडिशा भूपेंद्र पटेल – गुजरात प्रमोद सावंत – गोवा रेखा गुप्ता – दिल्ली नायब सिंह सैनी – हरियाणा पेमा खांडू – अरुणाचल प्रदेश माणिक साहा – त्रिपुरा एन. बीरेन सिंह – मणिपुर इतनी बड़ी संख्या में राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर एक महाशक्ति प्रदर्शन बनाती है।   गांधी मैदान की सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था   गांधी मैदान में कुल 13 प्रवेश द्वार बनाए गए। गेट नंबर 1 सिर्फ VVIP जैसे PM मोदी, राज्यपाल, सीएम, शपथ लेने वाले विधायक और अन्य बड़े नेताओं के लिए रखा गया। आम जनता के लिए अन्य गेट आरक्षित थे। सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक पूरे पटना की ट्रैफिक व्यवस्था बदल दी गई, और गांधी मैदान के आसपास आम वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया।   दो भव्य मंच – VVIP और विशेष अतिथियों के लिए   शपथ ग्रहण के लिए गांधी मैदान में दो बड़े मंच बनाए गए थे: मुख्य मंच यहां नीतीश कुमार और सभी मंत्रियों ने शपथ ली PM मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, JP नड्डा और 16 राज्यों के सीएम इसी मंच पर बैठे विशेष अतिथि मंच VVIP सूची के अन्य विशेष मेहमानों के लिए दोनों मंचों की क्षमता लगभग 150-150 लोगों की थी सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया और मंच के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई   राजभवन में पीएम मोदी के सम्मान में भोज   शपथ के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से राजभवन में पीएम मोदी के सम्मान में विशेष भोज आयोजित किया गया। भोज का मेन्यू स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रखा गया:   PM मोदी के लिए बना विशेष भोजन   कम मसाले और कम तेल वाले व्यंजन हरी सब्जियाँ और सलाद लिट्टी-चोखा पर पुदीना की विशेष चटनी सिलाव का खाजा पंतूआ और अन्य पारंपरिक बिहारी मिठाइयाँ इस भोज में लगभग 150 विशेष मेहमान शामिल हुए—केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और NDA के वरिष्ठ नेता।   पटना के होटल फुल बुक   इस भव्य आयोजन को देखते हुए पटना के प्रमुख होटलों— ताज मौर्या चाणक्या के करीब 260 कमरे पहले ही बुक कर लिए गए थे। शहर में इतनी बड़ी संख्या में मेहमान आने के कारण होटल इंडस्ट्री में कई दिनों से उछाल रहा।   नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर — फिर एक नया अध्याय   नीतीश कुमार का 10वीं बार मुख्यमंत्री बनना अपने आप में भारतीय राजनीति में एक दुर्लभ रिकॉर्ड है। बिहार में उनकी पहचान विकास, सामाजिक संतुलन और राजनीतिक प्रबंधन की कला के लिए रही है। उनका NDA में लौटना और भाजपा के साथ पुनः मजबूत गठबंधन राज्य के अगले कई वर्षों की राजनीति का स्वरूप तय करेगा।  

रवि चौहान नवम्बर 20, 2025 0
नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा
नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, गुरुवार को 10वीं बार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, गुरुवार को 10वीं बार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ: NDA में हलचल तेज, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा बनेंगे डिप्टी CM   बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। राज्य के अनुभवी नेता और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के ठीक बाद राज्य की राजधानी पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज हो गई। NDA के भीतर बैठकों की लंबी श्रृंखला शुरू हो गई और सत्ता के समीकरण एक बार फिर नई दिशा में दिखाई देने लगे। नीतीश कुमार अब गुरुवार को सुबह 11.30 बजे पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य समारोह में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथ समारोह राज्य की राजनीति ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 11 राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और NDA गठबंधन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी रहेगी।   दो विशाल मंच, 150 विशेष मेहमान — पटना में उत्सव जैसा माहौल   गांधी मैदान में शपथ ग्रहण के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। सुरक्षा के साथ-साथ कार्यक्रम की भव्यता को ध्यान में रखते हुए दो बड़े मंच तैयार किए गए हैं। एक मंच पर शपथ ग्रहण की औपचारिकताएँ होंगी, जबकि दूसरे मंच पर VIP मेहमानों के बैठने की व्यवस्था होगी। करीब 150 विशेष मेहमानों को निमंत्रण भेजा गया है। पटना में बुधवार शाम से ही राजनीतिक नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों का पहुंचना शुरू हो चुका है।   NDA विधायक दल की बैठक में नीतीश चुने गए नेता   इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद ही बिहार विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में NDA विधानमंडल दल की बैठक बुलाई गई। बैठक में सभी सहयोगी दलों के विधायक शामिल हुए, जहाँ सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को NDA विधायक दल का नेता चुना गया। जैसे ही नामांकन का ऐलान हुआ, सेंट्रल हॉल तालियों से गूंज उठा और “नीतीश फिर से” के नारे लगाए जाने लगे।   सुबह BJP कार्यालय में अहम बैठक   इससे पहले सुबह 11 बजे पटना में BJP कार्यालय में विधायक दल की बैठक हुई। बैठक के दौरान भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई— सम्राट चौधरी — विधायक दल नेता विजय कुमार सिन्हा — उपनेता बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं को डिप्टी मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। यही नहीं, शपथ ग्रहण समारोह में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा दोनों डिप्टी CM पद की शपथ ले सकते हैं।   JDU की बैठक में भी नीतीश निर्विरोध चुने गए नेता   BJP बैठक के बाद JDU के विधायक दल की बैठक बुलाई गई। बैठक में एक बार फिर सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चुन लिया गया। बैठक में मौजूद जदयू विधायकों ने कहा कि पार्टी और जनता दोनों सिर्फ एक ही नाम पर भरोसा करती है — नीतीश कुमार।   केंद्रीय पर्यवेक्षक पटना पहुँचे, प्रक्रिया तेज हुई   NDA की बैठकों को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए भाजपा के संसदीय बोर्ड ने तीन केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए— केशव प्रसाद मौर्य — मुख्य पर्यवेक्षक अर्जुन राम मेघवाल — सह-पर्यवेक्षक साध्वी निरंजन ज्योति — सह-पर्यवेक्षक तीनों नेता मंगलवार रात को ही पटना पहुँच गए थे। इन्हीं की मौजूदगी में बुधवार को सभी बैठकों की औपचारिकताएँ पूरी हुईं।   अमित शाह आज पटना पहुँचेंगे, अंतिम लिस्ट होगी फाइनल   केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पटना पहुँचेंगे। दिल्ली से ही उन्होंने घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखी थी। पटना पहुँचने के बाद वे पहले नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे और फिर भाजपा नेताओं के साथ मिलकर मंत्रियों की अंतिम सूची तैयार करेंगे। माना जा रहा है कि NDA सरकार में BJP का दबदबा इस बार और बढ़ सकता है।   चिराग पासवान की बड़ी मांग — 2 मंत्री + 1 डिप्टी CM पद   सूत्रों की मानें तो LJP(R) प्रमुख चिराग पासवान ने NDA के सामने बड़ी मांग रखी है— दो कैबिनेट मंत्री पद एक डिप्टी मुख्यमंत्री पद बताया जा रहा है कि चिराग अपने बहनोई अरुण भारती को मंत्री पद दिलाने की कोशिश करेंगे। इस बार विधानसभा चुनाव में LJP(R) ने 19 सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद चिराग की मांगों का वजन काफी बढ़ गया है।   नीतीश अभी कार्यवाहक मुख्यमंत्री   दिलीप जायसवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, ने जानकारी दी कि— “नीतीश कुमार के इस्तीफे को स्वीकृति मिलने के बाद वे अब कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं और शपथ ग्रहण तक इसी रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि “सुबह 11 बजे तक सभी नेता गांधी मैदान पहुँचेंगे। 11.30 बजे शपथ ग्रहण शुरू होगा।”   विधायकों की प्रतिक्रिया — ‘ये नीतीश का बिहार है’   JDU विधायक मदन सहनी ने कहा— “इस्तीफा देना औपचारिकता थी। नीतीश जी कल दोबारा शपथ लेंगे। बिहार में स्थिरता और सुशासन का नेतृत्व सिर्फ वे दे सकते हैं।” मुजफ्फरपुर के गायघाट से JDU विधायक कोमल सिंह ने कहा— “हमने हमेशा कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। जनता ने हम पर भरोसा किया और हम उसके लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगे। गायघाट का नाम पूरे बिहार में रोशन होगा।”   गांधी मैदान में सुरक्षा चाक-चौबंद   पटना जिला प्रशासन ने पूरे गांधी मैदान को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया है। सुरक्षा के तीन घेरे बनाए गए हैं। डॉग स्क्वॉड, एटीएस टीम और स्पेशल ब्रांच लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। अनुमान है कि हजारों की संख्या में आम लोग भी शपथ ग्रहण देखने पहुँचेंगे।   NDA सरकार की रूपरेखा लगभग तय   आंतरिक सूत्रों और चल रही बैठकों के आधार पर सरकार का प्रारूप काफी हद तक साफ हो गया है— मुख्यमंत्री — नीतीश कुमार डिप्टी CM — सम्राट चौधरी + विजय सिन्हा संभव तीसरा डिप्टी CM — LJP(R) का उम्मीदवार (चिराग की मांग पर निर्भर) कुल 25–30 मंत्री शामिल हो सकते हैं।   

रवि चौहान नवम्बर 19, 2025 0
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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रवि चौहान जनवरी 21, 2026 0