पंजाब: देवताओं की मूर्तियों की बेअदबी के खिलाफ मंदिर के बाहर धरने पर बैठे नेता सुधीर सूरी की पुलिस सुरक्षा में हत्या

पंजाब: अमृतसर में हिंदू देवताओं की मूर्तियों की बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हिंदू नेता सुधीर सूरी की गोपाल मंदिर के बाहर 3:30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी। सुधीर सूरी को Y कैटेगरी का पुलिस प्रोटेक्शन मिला हुआ था, इसके बावजूद उन्हें मंदिर के बाहर 5 गोलियां मारी गईं। गोली मारने वाले शख्स संदीप सिंह को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। हमलावर की कार पर खालिस्तानियों का स्टीकर लगा था। हत्यारे की कार से कई हिंदू नेताओं की फोटो को क्रॉस किया गया प्रिंट आउट मिले है।

पुलिस गिरफ्त में आरोपी

बताया गया कि शिवसेना नेता सुधीर सूरी ने 2016 में अमृतसर में अपने एक भाषण में खालिस्तानियों को खुलकर धमकियां देते हुए कहा था कि अगर एक हिंदू को मारेंगे तो वह उनके 10 गिराएंगे। इसके बाद से ही वह लगातार विवादों में घिरने लगे। तभी से सुधीर सूरी खालिस्तान समर्थकों के टारगेट पर थे। कुछ समय पहले खालिस्तान समर्थकों ने उनकी हत्या की साजिश भी रची थी। इसके बाद ही उन्हें पुलिस प्रोटेक्शन दिया गया था। सुधीर को पुलिस की Y कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई थी। उनकी सुरक्षा में 15 पुलिसकर्मी और एक पायलट जिप्सी शामिल रहती थी। साथ ही 5 पुलिसकर्मी हमेशा उनके घर पर रहते थे।

असल में अमृतसर के गोपाल मंदिर के बाहर लोगों ने खंडित मूर्तियां रख दी थीं। ये मूर्तियां पैरों में आ रही थीं और उनके पास गंदगी भी पड़ी थी। इसे देखकर हिंदू नेता सुधीर सूरी और उनके समर्थक मंदिर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार को सुधीर सूरी की मंदिर के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी। जिस समय उनको गोली मारी गई तब उनके साथ कई समर्थक भी मौजूद थे। गोली लगने के बाद उन्हें घायल हालत में प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

पंजाब के DGP गौरव यादव ने कहा- हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी संदीप सिंह सन्नी को अरेस्ट कर लिया है। यह आतंकी घटना थी या कुछ और, इसके बारे में अभी कुछ भी कहना ठीक नहीं है। कत्ल के पीछे कोई संगठन है या इसकी साजिश रची गई, इसकी जांच कर रहे हैं। वहीं सुधीर सूरी की मौत के बाद हिंदू संगठनों ने पंजाब बंद कराने की चेतावनी दे दी है।