विजिलेंस टीम को देखकर रिश्वत के 4 हजार रूपए निगल गया दरोगा‚ टीम ने उल्टी कराकर किया गिरफ्तार

आरोपी को गिरफ्तार करती टीम

फरीदाबाद:  हरियाणा के फरीदाबाद से रिश्वत का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे देखकर आपकी हंसी नही रूक पाएगी। यहां स्टेट विजिलेंस की टीम ने सोमवार को एक सब इंस्पेक्टर (दरोगा) को चार हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी भैंस चोरी के केस में फायदा पहुंचाने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। हैरानी की बात यह है कि आरोपी विजिलेंस टीम को देखकर चार हजार रूपए की रकम निगल गया। टीम ने बड़ी मुश्किल से दरोगा का मुंह खुलवाकर पैसे बरामद किये और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया।

मेहमानो के सामने हुई बेइज्जती

बताया जा रहा है कि आरोपी ने 10 हजार की मांग की थी जिसमें से छह हजार पहले ले चुका था। सोमवार को आरोपी अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। रिश्वत के पैसे भी आरोपी ने वहीं मंगाए थे। विजिलेंस की टीम ने आरोपी को समारोह से ही गिरफ्तार कर लिया।

सेक्टर तीन निवासी शंभू यादव ने विजिलेंस में दी शिकायत में बताया कि उसकी डेयरी है। कुछ माह पहले उसने एक गाय देशराज नाम के व्यक्ति को 40 हजार रुपये में बेची थी। देशराज ने तीस हजार रुपये मौके पर दिए और दस हजार रुपये बाद में देने की बात कही। शंभू अपने बकाया पैसे लेने देशराज के पास आता जाता रहता था। आरोप है देशराज ने परेशान होकर शंभू के पोते के खिलाफ सेक्टर तीन चौकी में भैंस चोरी करने का आरोप लगाकर शिकायत दे दी।

मामले की जांच आरोपी एसआई महेंद्रपाल कर रहा था। महेंद्र ने शंभू यादव के पोते को केस से बाहर करने और फायदा पंहुचाने के नाम पर 10 हजार रुपये की मांग की। आरोपी छह हजार रुपये पहले ही ले चुका था। सोमवार को आरोपी ने बकाया चार हजार के साथ शिकायतकर्ता को सेक्टर दो कम्यूनिटी सेंटर में बुलाया था। जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए पहले से तैयार टीम ने आरोपी को दबोच लिया। रेड के दौरान हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के कार्यकारी अभियंता विनय अत्री को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। विजिलेंस के इंस्पेक्टर श्योरन लाल की अगुआई में कार्रवाई की गई।

रिश्वत के पैसों को निगल गया आरोपी, विजिलेंस ने कराई उल्टी
छापेमारी के दौरान आरोपी के साथ उसका परिवार शादी समारोह में मौजूद था। रिश्तेदारों के सामने बेज्जती होती देख आरोपी का बेटा विजिलेंस की टीम के साथ भिड़ गया और आरोपी को छुड़ाने का प्रयास भी किया। टीम ने आरोपी को भागने नहीं दिया। दो से तीन पुलिसकर्मियों ने आरोपी को दबोच रखा था। इस दौरान आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए रिश्वत के पैसों को मुंह में डाल लिया।

इससे पहले कि टीम पैसे मुंह से निकाल पाती आरोपी निगल गया। टीम आरोपी व उसके बेटे को विजिलेंस कार्यालय में ले आई। यहां किसी तरह टीम ने आरोपी को उल्टी कराकर पैसे बाहर निकाले। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।