World News: श्रीलंका की राह पर पहुंचा पाकिस्तान‚ डेढ़ सौ रूपए प्रति किलो पहुंचे आटे के दाम

पाकिस्तान के हालात

Pakistan latest news:  पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान श्रीलंका की तरह दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गया है।  देश में आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण महंगाई दर इस कदर बढ़ गई है कि पाकिस्तान में भुखमरी की नौबत आ गई है। अन्य वस्तओं की बात तो छोड़ दीजिए यहां दो जून की रोटी के लिए भी परिवारों के पास आटा नही बचा है। आटा चक्कियों और राशन की दुकानो के बाहर मारामारी मची हुई है। एक दौरान एक व्यक्ति की मौत हो जाने की खबर भी सामने आयी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में आटे की कीमत डेढ़ सौ प्रति किलोग्राम हो गई है।  सब्सिडी पर मिलने वाले आटे की कीमत भी आसमान पर पहुंच चुकी है।  25 किलो वाले आटे के पैकेट की कीमत 3100 बताई जा रही है।  यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया जा रहा है।  इस बीच यह भी खबर सामने आ रही है कि आटे की बढ़ी कीमतों को लेकर लोगों के बीच भारी दहशत का माहौल है। 

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लोग आटा लेने के लिए लंबी लाइनों में लगे हुए हैं।  सिंध प्रांत में धक्का-मुक्की के चलते एक शख्स की जान जाने की भी खबर सामने आ रही है।  बताया जा रहा है कि मरने वाला युवक आटे के लिए लाइन में लगा हुआ था‚ तभी वहां भगदड़ मच गई। दूसरी ओर पाकिस्तानी सरकार के पास समस्या को हल करने का कोई समाधान नजर नही आ रहा है।

फ्लोर मिल एसोसिएशन ने ठहराया सरकार को जिम्मेदार

आटे की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए फ्लोर मिल एसोसिएशन पाकिस्तान की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।  एसोसिएशन का कहना है कि मांग के मुताबिक सरकार कम गेहूं रिलीज कर रही है। एसोसिएशन का कहना है कि आटे के दामों में बढ़ोतरी के लिए अनाज की कमी और गेहूं के ऊंचे समर्थन मूल्य जिम्मेदार हैं। कई मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक पंजाब खाद्य विभाग द्वारा मुश्किल से 21,000-22,000 टन गेहूं जारी किया जा रहा है।  सिंध, खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सरकारी गेहूं की रिहाई भी नगण्य थी। उन्होंने कहा, ‘बाजार में मांग के मुकाबले पर्याप्त अनाज नहीं है।

बाढ़ ने किया पाकिस्तान का बंटाधार

पाकिस्तान में मौजूदा हालात के लिए साल 2022 में आयी बाढ़ की बहुत बड़ी भूमिका है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बाढ़ के कारण पाकिस्तान को लगभग 30 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इसके अलावा 3.3 करोड़ लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। पिछले साल जनवरी 2022 में पाकिस्तान में पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.6 अरब डॉलर था‚ जो एक साल में घटकर महज 5.5 अरब डाॅलर रह गया है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अगर पाकिस्तान को जल्द ही कर्ज नही मिला ताे आने वाले तीन हफ्तो में वह पूरी तरह से दिवालिया हो जाएगा।  चिंता की बात यह है पाकिस्तान के मित्र राष्ट्रों यानि चीन और सऊदी ने भी फिलहाल मदद करने से साफ इंकार कर दिया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है आने वाले दिनो में पाकिस्तान के लोगों के लिए मुसिबत और बढ़ सकती है। जो मानवीय नजर से बेहद चिंताजनक है।