साकेंतिक चित्र सोशल मीडिया

टोक्यो: भारत(india) में ट्रेनों(trains) का लेट होना आम बात है, लेकिन दुनिया(world) में ऐसे कई देश हैं जहां ट्रेनों का संचालन एकदम सटीक समय(fix time) पर होता है और जापान इस मामले में टॉप(top) पर है. जापान में ट्रेन एक मिनट के लिए भी लेट नहीं हो सकती हैं और अगर ऐसा होता है तो हंगामा शुरू हो जाता है. जापान में एक ऐसा ही मामला देखा गया है, जब ड्राइवर(driver) की गलती से ट्रेन करीब एक मिनट लेट हुई तो रेलवे ने ड्राइवर की सैलरी से 56 येन यानी करीब 36 रुपये काटने को कह दिया.

ड्राइवर ने की मांगा मुआवजा

जापान रेलवे (Japan Railway) के इस आदेश के बाद ट्रेन ड्राइवर अब कोर्ट पहुंच चुका है और 2.2 मिलियन येन यानी करीब 14.37 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहा है. ड्राइवर ने अपनी छवि, ओवरटाइम में कटौती, मानसिक पीड़ा, नौकरी में आई दिक्कतों आदि के बारे में बताते हुए। जापान रेलवे से 14 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहा है.

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कैसे लेट हुई ट्रेन? क्या था मामला?

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 18 जून को ड्राइवर ओकायामा स्टेशन (Okayama Station) पर एक खाली ट्रेन ले जाने के लिए निकल रहा था, लेकिन अचानक से उसके पेट में दर्द हो गया और वह बाथरूम चला गया. उसने अपने जूनियर ड्राइवर को कार्यभार दे दिया था, लेकिन वह ट्रेन गलत प्लेटफॉर्म पर ले गया और इस वजह से ट्रेन एक मिनट लेट पहुची. इसके बाद वेस्ट जापान रेलवे कंपनी (West Japan Railway Company) ने कार्रवाई की और ड्राइवर की सैलरी से 85 येन यानी करीब 55.57 रुपये की कटौती करने को कहा.

जापान रेलवे के फैसले के खिलाफ ड्राइवर ओकायामा लेबर स्टैंडर्ड इंस्पेक्शन ऑफिस गया और जुर्माना हटाकर मुआवजे की मांग करने लगा. हालांकि रेलवे ने कटौती को सही बताया और कहा कि इस दौरान किसी तरह का कोई काम नहीं किया गया. हालांकि कंपनी ने जुर्माना को कम करके 56 येन यानी करीब 36 रुपये कर दिये. इसके बाद ड्राइवर ओकायामा जिला न्यायालय गया और कहा कि ट्रेन लेट होने से उसके शेड्यूल पर कोई असर नहीं पड़ा है, क्योंकि ट्रेन उस समय खाली थी. फिलहाल मामला कोर्ट में है.

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Bharti Sharma

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