संवाददाता: सलीम फारूकी

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर के कद्दावर नेता  इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया है। मसूद जनवरी में ही कांग्रेस छोड़ कर सपा में शामिल हुए थे। बुधवार को इमरान मसूद ने लखनऊ में बसपा कार्यालय पर मायावती के समक्ष सपा छोड़कर बसपा में शामिल होने की घोषणा की। मायावती ने उन्हें पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराते हुए आशीर्वाद दिया। बसपा ने उन्हें पश्चिमी यूपी का संयोजक बनाकर आगे के लिए जिम्मेदारी भी सौंप दी। मायावती ने इमरान मसूद के बसपा में शामिल होने का स्वागत किया है।

दरअसल, सहारनपुर की राजनीति में इमरान मसूद का अच्छा खासा रसूख माना जाता है।मसूद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी रहे। उन्होंने नौ महीने पहले कांग्रेस पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। वह बेहट और देहात सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, परंतु सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें कोई तवोज्जो नहीं दी।एमएलसी चुनाव में भी सपा ने उन्हें निराश किया था। पिछले कुछ दिनों से वह मेयर के चुनाव की तैयारी में लगे हैं। दो सप्ताह पहले उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती से भेंट की थी तभी से उनके साइकिल छोड़कर हाथी पर सवार होने की उम्मीद जताई जा रही थी।

इस मौके पर मायावती ने कहा कि बसपा ने पार्टी संगठन तथा अपनी सभी सरकारों में गरीबों, महिलाओं व अन्य उपेक्षितों के हित एवं कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए अपने कार्यों से यह साबित किया है कि सर्वसमाज का हित, रोजी-रोजगार, सुरक्षा व धार्मिक स्वतंत्रता बसपा में ही संभव, जिसपर विश्वास समय की मांग है।उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव से पहले इमरान मसूद व अन्य लोगों का बीएसपी में शामिल होना यूपी की राजनीति के लिए इस मायने में शुभ संकेत है।

इमरान मसूद ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान वह कांग्रेस छोड़कर सपा में इसलिए आए थे कि भाजपा को हराने का प्रयोग किया जाएगा, लेकिन यह प्रयोग सफल नहीं हो सका। हमारे समाज में एक तरफा वोट सपा को दिया लेकिन सपा सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अब हम एक ताकत बनकर आने वाले निकाय चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा को जीत दिलाएंगे। बसपा ही भाजपा को हराने में सक्षम है।

Manoj Kumar