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उत्तर प्रदेश

UP Panchayat Chunav 2021: जानिए ग्राम प्रधान व ब्लाक प्रमुख पदों के आरक्षण प्रक्रिया में आज क्या हुआ

उत्तर प्रदेश में गांव की सरकार के गठन की तैयारी के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब नए सिरे से आरक्षण प्रक्रिया लागू करनी पड़ रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्य पद के बाद शुक्रवार को ग्राम प्रधान व ब्लाक प्रमुख के पदों का आज आरक्षण तय हो जाएगा।

प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नए आरक्षण फार्मूले के तहत शुक्रवार को ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख, जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायत सदस्यों का आरक्षण निर्धारण पूरा कर लिया जाएगा। ब्लाक व जिना मुख्यालयों पर शनिवार से अनंतिम सूची प्रकाशित करने के साथ ही आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया भी आरंभ होगी। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार ङ्क्षसह ने बताया कि सभी जगह पर जिलाधिकारी के आरक्षण आवंटन प्रक्रिया पूरी कराने के साथ सूचियां तैयार करा दी जाएगी। आरक्षण प्रस्तावों पर 20 से 23 मार्च तक आपत्तियां प्राप्त करने के बाद 24 व 25 मार्च में निस्तारण किया जाएगा। आपत्ति निस्तारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति द्वारा किया जाएगा। समिति में मुख्य विकास अधिकारी व अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सदस्य तथा जिला पंचायत अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। अंतिम सूची 26 मार्च को निदेशालय को उपलब्ध करा दी जाएंगी।

ग्राम प्रधान पद आरक्षण में उलटफेर अधिक : नए फार्मूले पर आरक्षण निर्धारित करने के लिए गुरुवार को दिनभर जिला व ब्लाक कार्यालयों में माथापच्ची होती रही। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2015 को आधार बनाकर चक्रानुक्रम आरक्षण लागू करने से ग्राम प्रधान पदों में सर्वाधिक बदलाव होगा। 40- 50 प्रतिशत तक प्रधान पदों का आरक्षण बदल जाएगा। ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायतों के वार्ड आरक्षण में 20-25 प्रतिशत बदलाव होने की उम्मीद है।

27 मार्च को जारी होगी आरक्षण की फाइनल लिस्ट: प्रदेश में चार चरण में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव के लिए पदों के आरक्षण की फाइनल लिस्ट 27 मार्च को जारी होगी। आरक्षण की सूची जारी होने के तुरंत बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की घोषणा कर सकता है। संभावना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्षों की तो सूची जारी भी कर दी गई है।

जनसंख्या के अनुपात में होगी आरक्षित सीटों की गणना: नए शासनादेश के अनुसार, जिला पंचायत अध्यक्ष के 75, ब्लॉक प्रमुख के 826 और ग्राम प्रधान के 58194 पदों में आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। राज्य में जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधानों में एसटी, एससी और ओबीसी के लिए आरक्षित पदों की संख्या की गणना राज्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में की जाएगी। यहां महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत, एसटी और एससी के लिए 23 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से पंचायतों में सीटें आरक्षित की जाएंगी।

ऐसे होगा आरक्षण तय: शासनादेश में कहा गया है कि वर्ष 2015 में जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान तथा ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के पदों की जो सीटें जिन जातियों के लिए आरक्षित की गई थीं, इस बार के चुनाव के लिए वह सीटें उन जातियों के लिए आरक्षित नहीं की जाएंगी। उदाहरण के लिए महिला के लिए आरक्षित ब्लॉक प्रमुख के पदों के आवंटन के लिए जिले की क्षेत्र पंचायतें जो एसटी-एससी और ओबीसी के लिए आरक्षित हो चुकी हैं, उनको हटाते हुए जो बाकी बचेंगी उन्हेंं सामान्य वर्ग की जनसंख्या के अवरोही क्रम में लगाया जाएगा। सबसे पहले महिला की सीट का आवंटन उन क्षेत्र पंचायतों में किया जाएगा जो वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में महिला श्रेणी में आवंटित नहीं रही हैं।  साभार जागरण.कॉम

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