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उत्तर प्रदेश

मेरठ: न्यूटीमा अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से 5 मरीजों की मौत, जमकर हंगामा, तोड़फोड़

Meerut: महीना भर से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन देश भर के अस्पतालों में ऑक्सीजन संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। कोर्ट भी सरकार से लेकर से लेकर प्रशासन तक को ऑक्सीजन की निर्बाध सप्लाई करने के लिए कड़े निर्देश दे चुका है बावजूद इसके ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत का सिलसिला जारी है.

इस कड़ी में रविवार देर रात मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के गढ़ रोड़ स्थित न्यूटीमा हॉस्पिटल में कोरोना के पांच मरीज़ों की मौत हो गई। दो मरीज़ों के परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने और इलाज में लापरवाही से मौत हुई हैं। इससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी।


अफरा-तफरी के बीच कई थानों की फ़ोर्स मौके पर पहुंची और हालात पर काबू का प्रयास किया। चार घंटे तक हंगामा होता रहा। पुलिस के सामने ही परिजन हंगामा करते रहे ।

न्यूटीमा अस्पताल में कोविड और नॉन कोविड मरीज भर्ती हैं। रविवार दोपहर से शाम तक अस्पताल में पांच लोगों की मौत हो गई। अफरातफरी तब मच गई, जब आईसीयू में शाम को एकाएक तीन मरीज़ों की मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि ऑक्सीजन की सप्लाई रुकने से मरीज तड़पने लगे और मरीजों ने दम तोड़ दिया। इसे लेकर अस्पताल में बखेड़ा हो गया। गुस्साए परिजन हंगामा करने लगे। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है ।

अस्पताल ने प्रशासन पर लगाया पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं देने का आरोप

इस बीच न्यूट्रिमा हॉस्पिटल प्रबंधन ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि प्रशासन जरूरत के हिसाब से हॉस्पिटल को ऑक्सीजन मुहैया नहीं करा रहा है। हमारे अस्पताल को डेढ़ सौ सिलेंडर हर दिन चाहिए लेकिन केवल 60 ऑक्सीजन सिलेंडर ही मिल रहे हैं।

प्रशासन के कहने पर ही 80 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है रविवार शाम 4:00 बजे ही हमने अधिकारियों को बता दिया था कि ऑक्सीजन खत्म होने वाली है हमारे पास इसके सभी प्रमाण मौजूद है। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं की गई आखिरकार शाम को सीजन खत्म हो गई और कुछ समय बाद ही मरीजों ने दम तोड़ दिया।

प्रशासन ने दी सफाई

मामले में प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा है कि अन्य दिनों के मुकाबले रविवार को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हुई है। बिजौली का प्लांट करीब 4 घंटे तक बंद रहा है। इसके बावजूद अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की गई।

32 अस्पतालों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है ग्रुप में डिमांड की जानकारी मांगी जाती है साथ ही मरीजों का ब्यूरा भी मांगा जाता है लेकिन ग्रुप में जानकारी देने की जगह कई अस्पताल केवल फोन पर डिमांड करते हैं और संतोषजनक जवाब भी नहीं देते हैं। ऑक्सीजन के अभाव में कई मरीजों की मौत हुई है यह जांच का विषय है।

डॉक्टर, अखिलेश मोहन मुख्य चिकित्सक अधिकारी मेरठ

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