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उत्तर प्रदेश

Black fungus In Meerut: दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद मेरठ में सामने आया ब्लैक फंगस‚ कोरोना पीड़ित 2 मरीजों में दिखे लक्षण

आपको बता दे कि ब्लैक फंगस दिल्ली और महाराष्ट्र के मरीजों में भी देखा गया है। डॉक्टराें का कहना है कि यह बीमारी कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों और इम्युनोसप्रेशन की दवाएं लेने वाले रोगियों में ज्यादा देखी जा रही है।

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Meerut news: कोरोना मरीजों के लिए अब ब्लैक फंगस का नया खतरा ऊभर कर सामने आया है। चिंताजनक बात ये है मेरठ में भी ब्लैक फंगस के दो मरीज मिले हैं। इन मरीजाें को शहर के न्यूटीमा अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों मरीजों की हालत गंभीर है।

जिन मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं उनमें मुजफ्फरनगर निवासी सतीश चंद्र अग्रवाल और बिजनौर निवासी मनोज सैनी हैं। आपको बता दे कि ब्लैक फंगस दिल्ली और महाराष्ट्र के मरीजों में भी देखा गया है। डॉक्टराें का कहना है कि यह बीमारी कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों और इम्युनोसप्रेशन की दवाएं लेने वाले रोगियों में ज्यादा देखी जा रही है। मेरठ में ब्लैक फंगस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की बेचैनी बढ़ गई है। डॉक्टरो की एक विशेष टीम ब्लैक फंगस से प्रभावित इन दोनों मरीजो की हालत पर बारीकी से नज़र बनाए हुएं हैंं।

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डाक्टरों का कहना है कि ब्लैक फंगस का वैाज्ञानिक नाम म्यूकरमाइकोसिस है। यह बीमारी अब तक सामान्य रोगियों में देखी जाती रही है लेकिन पहली बार इसे कोरोना संक्रमित मरीजों में देखा गया है। ये बीमारी म्यूकर नामक फंगस से होती है। डाक्टरों के अनुसार से फंगस वातावरण में रहते हैं। जो रोगी की नाक और आंख से होते हुए दिमाग तक पहुंचते हैं। संक्रमण दिमाग में पहुंच जाने से दिमाग का अगला हिस्सा अंदर से सूज जाता है वही मरीज की आंखें काली पडऩे लगती है। कुछ मामलों में तो मरीज की आंखें बाहर निकल आती हैं।

इस बिमारी से मरीज की आंखों का मूवमेंट प्रभावित होता है और रोशनी भी खत्म हो जाती है। डाक्टरों का ये भी कहना है कि ब्लैक फंगस कई मरीजों के साइनस में रहता है लेकिन सक्रीय नहीं हो पाता है। लेकिन कोरोना में प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर यह सक्रीय हो जाता है और बाद में यह हर अंग तक पहुंच जाता है।

डॉक्टरों ने भी बताया है कि कोरोना मरीजों को ज्यादा स्टेरायड देने से शुगर बढ़ जाती है। ब्लैक फंगस भी ग्लूकोज खाकर बढ़ता रहता है। शुगर के मरीजों में ब्लैक फंगस का खतरा ज्यादा पाया जा रहा है। जो बेहद जानलेवा साबित हो रहा है। ब्लैक फंगस नाक के जरिए बलगम में मिलकर दिमाग तक पहुंचता है। इसके लक्षण‚ नाक के अंदर नाक बंद होना‚ नाक में काले व भूरे रंग की पपड़ी जम जाना, मरीज के ऊपर वाले होठों का सुन्न होना व आंखों का लाल होना होता है।

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