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देश की स्वास्थ्य सेवाएं: प्रसूता को 5 किमी खाट पर लेकर दौड़े परिजन, इलाज़ न मिलने पर रास्ते मे दोनो की मौत

इलाज के लिए प्रसूता को खाट पर ले जाते परिजन

दुनिया की नज़रों में हम 21वीं सदी में चांद पर पहुंच गए हो लेकिन हमारे देश में स्वास्थ्य सेवाएं कितनी बेहतर है इसका एक ताजा उदाहरण झारखंड के गिरिडीह जिला में देखने को मिला। यहां इलाज और सड़क की कमी के चलते एक मां और उसको पैदा हुए बच्चे ने इलाज़ के अभाव में दम तोड़ दिया। रास्ता ना होने की वजह से एक प्रसूता के परिजन उसको खाट पर लेकर 5 किमी तक दौड़े, लेकिन उनकी यह दौड़ दोनो को बचा नही पाई।

दरअसल शुक्रवार को दर्द से तड़पती एक आदिवासी गर्भवती महिला को खाट पर लादकर अस्पताल से पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। इस बीच महिला को रास्ते में ही प्रसव हो गया। महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही समय बाद नवजात की मौत हो गई। इधर, अस्पताल पहुंचने पर इलाज शुरू होने से पहले ही गर्भवती महिला ने भी दम तोड़ दिया।

यह घटना गिरिडीह जिले के तिसरी ब्लॉक के सुदूर इलाके के लक्ष्मीबथान गांव की है।  इस गाँव से निकलने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। सड़क के अभाव में एम्बुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच सकती है। यहां रहने वाले सुनील टुडू की गर्भवती पत्नी सुरजी मरांडी को दिन के दौरान दर्द शुरू हो गया, लेकिन पहुंच मार्ग की कमी के कारण, एम्बुलेंस या एक चार पहिया वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। परिवार के मजबूर लोग उसे एक खाट पर लिटाकर एक बांस से रस्सी से बांधकर दो लोगों उसे अपने कंधे पर उठाकर पांच किलोमीटर दूर गवन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुचने के लिये  चलना शुरू कर दिया।

इससे पहले कि वे अस्पताल पहुंच पाते, रास्ते में ही प्रसव हो गया और महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के साथ चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण नवजात का निधन हो गया। प्रसव के बाद गर्भवती की हालत बहुत गंभीर हो गई तो परिजन सुरजी को खाट पर लेकर अस्पताल के लिए दौड़ पड़े। इसके बावजूद सूरजी को बचाया नहीं जा सका। अस्पताल तक उनकी सांस चलती रही लेकिन डॉक्टर जब तक उसका इलाज शुरू कर पाते, सुरजी ने दम तोड़ दिया। आरोप है कि जब प्रसूति को अस्पताल लाया गया, तो एक भी डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं था। चिकित्सा प्रभारी डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही मां-बच्चे की मौत हो चुकी थी। डॉक्टर अस्पताल में नहीं था।  इस बारे में स्पष्टीकरण पूछा जाएगा।

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