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दिल्ली

पेपर लीक कराने के आरोप में फर्जी महिला IPS के साथ सब इंस्पेक्टर बॉयफ्रेंड गिरफ्तार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली (Delhi) में पेपर लीक करवाने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने इस गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इस गैंग (Gang) की सरगना एक महिला है. उसका बॉयफ्रेंड और भाई भी शामिल था. गैंग का खुलासा पिछले दिनों नारायणा के एक सेंटर पर नकल करते पकड़े गये रोहित से हुई पूछताछ के बाद हुआ. पुलिस (Police) ने इन तीनों सदस्यों समेत कुल 4 आरोपियों को पकड़ा है. इनकी पहचान गैंग की सरगना वैशाली के अलावा भाई लव कुमार, रोहित और हिमांशु के तौर पर हुई है.

सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह है कि इस ‘मुन्नाभाई’ गैंग की महिला सरगना वैशाली खुद को आईपीएस अधिकारी बताती थी. वह खुद आईपीएस की वर्दी पहनती थी. जबकि लोगों को प्रभाव में लेने के लिए वह बॉयफ्रेंड और भाई को सब इंस्पेक्टर और हवलदार की वर्दी पहनाकर साथ लेकर चलती थी. खुलासा हुआ गैंग की सरगना वैशाली है. इनके निशाने पर बेरोजगार युवा होते थे.

वैशाली खुद को आईपीएस अफसर बताती, इनसे सब इंस्पेक्टर व हेड कांस्टेबल की दो वर्दी मिली, जो उसका भाई और बॉयफ्रेंड साथ पहनकर चलते ताकि बहन का आईपीएस वाला रुतबा नजर आए. ये लोग दावा करते थे कि सरकारी विभागों के आला अधिकारियों से उनकी सांठगांठ है. सरकारी नौकरी के एग्जाम में चीटिंग से पास करवाने के लिये ये लोग 15 से 25 लाख रुपये तक की डिमांड करते थे. इस मामले में एग्जाम सेंटर के कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है, ऐप के जरिए पेपर लीक की भी आशंका है.

डीसीपी वेस्ट डिस्ट्रिक्ट उर्विजा गोयल ने बताया ऑनलाइन एग्जाम में चीटिंग करने वालों पर नजर रखी जा रही है. पिछले दिनों नारायणा इलाके के ओम एंड चंद्र एसोसिएट एग्जामिनेशन सेंटर पर नकल के बारे में सूचना मिली, जिसके बाद सोनीपत जवाहर नगर निवासी रोहित को मोबाइल फोन से चीटिंग करते रंगे हाथ पकड़ा गया. इसके खिलाफ चार मार्च को केस दर्ज किया गया. इससे पूछताछ हुईं तो पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो गया.

सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह है कि इस ‘मुन्नाभाई’ गैंग की महिला सरगना वैशाली खुद को आईपीएस अधिकारी बताती थी. वह खुद आईपीएस की वर्दी पहनती थी. जबकि लोगों को प्रभाव में लेने के लिए वह बॉयफ्रेंड और भाई को सब इंस्पेक्टर और हवलदार की वर्दी पहनाकर साथ लेकर चलती थी. खुलासा हुआ गैंग की सरगना वैशाली है. इनके निशाने पर बेरोजगार युवा होते थे.

वैशाली खुद को आईपीएस अफसर बताती, इनसे सब इंस्पेक्टर व हेड कांस्टेबल की दो वर्दी मिली, जो उसका भाई और बॉयफ्रेंड साथ पहनकर चलते ताकि बहन का आईपीएस वाला रुतबा नजर आए. ये लोग दावा करते थे कि सरकारी विभागों के आला अधिकारियों से उनकी सांठगांठ है. सरकारी नौकरी के एग्जाम में चीटिंग से पास करवाने के लिये ये लोग 15 से 25 लाख रुपये तक की डिमांड करते थे. इस मामले में एग्जाम सेंटर के कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है, ऐप के जरिए पेपर लीक की भी आशंका है.

यह भी पढे़ं : नई दिल्ली: संभावित लॉकडाउन की अफवाहों के चलते बाजार में छाई महंगाई, जरूरी चीजों के बढ़े दाम

डीसीपी वेस्ट डिस्ट्रिक्ट उर्विजा गोयल ने बताया ऑनलाइन एग्जाम में चीटिंग करने वालों पर नजर रखी जा रही है. पिछले दिनों नारायणा इलाके के ओम एंड चंद्र एसोसिएट एग्जामिनेशन सेंटर पर नकल के बारे में सूचना मिली, जिसके बाद सोनीपत जवाहर नगर निवासी रोहित को मोबाइल फोन से चीटिंग करते रंगे हाथ पकड़ा गया. इसके खिलाफ चार मार्च को केस दर्ज किया गया. इससे पूछताछ हुईं तो पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो गया.

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