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बिहार

अफसोसनाकǃ घुटने चलते हुए पानी भरी बाल्‍टी तक पहुंचा मासूम‚ उम्र भर रहेगा पछतावा

टिकारी /गया: बिहार के गया से दिल को झकझौर कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक मासूम को अकेला छोड़ना परिवार के इतना घातक साबित हुआ कि सारी उम्र परिवार अपने-आपको माफ नही कर पाएगा। मामला अलीपुर थाना क्षेत्र की केसपा पंचायत का है यहां एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत पानी भरे बाल्टी में डूबने से हो गई। घटना के बाद कोहराम मच गया। कलेजे के टुकड़े का इस कदर साथ छूट जाने से माता-पिता बेसुध हैं। गांव में भी मातम पसर गया है। बच्चा केसपा पंचायत के बोहिया गांव के रहने वाले संजय मांझी के डेढ़ वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार था।

खेलते-खेलते बाल्‍टी तक पहुंच गया अबोध बच्‍चा

बताया जाता है कि सत्‍यम हाथ और पैर के बल पर घर में इधर से उधर करता था। घर के लोग कार्य में व्‍यस्‍त थे। इसी दौरान सत्‍यम चलते-चलते घर में रखे पानी भरी बाल्‍टी तक पहुंच गया। वह बाल्‍टी में मुंह के बल गिर पड़ा। इधर कुछ देर तक जब सत्‍यम की कोई आहट सुनाई पड़ी तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। इसी क्रम में घर के लोगों की नजर बाल्‍टी में मुंह के बल गिरे बच्‍चे पर पड़ी।

उसे झट से बाहर निकाला लेकिन तब तक उसके प्राण पखेरु उड़ चुके थे। इसके बाद तो घर में कोहराम मच गया। स्‍वजनों की चित्‍कार सुनकर आस पड़ोस के लोग दौड़े। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग भी गमजदा हो गए। सत्‍यम की मां को सांत्‍वना देने महिलाएं पहुंचीं। मुखिया प्रतिनिधि अनिल यादव ने घटना पर गहरी संवेदना जताई। 

हर साल होती ऐसी दर्जनाें घटनाए फिर भी सबक नहीं लेते हैं हम

आपको बता दे कि हर साल देशभर में ठीक इसी तरह की दर्जनों घटनाए होती है जिनमें छोटे मासूम बच्चे मां-बाप की लापरवाही से अपनी जान गंवा देते है। लेकिन बावजूद इसके हम लोग सावधानी नही बरतते है। इसका नतीजा ये है कि हमारी जान से भी प्यारा और कलेजे का टुकड़ा हमे छोड़कर चला जाता है। बाद में हमारे पास उम्रभर पछतावे के अलावा कोई दूसरा रास्ता नही बचता है। क्योकि जाने वाला कभी लौटकर नही आता है।

सावधानǃ अपने नौनिहालों का रखें ख्‍याल

हमारी आप सभी लोगों का सलाह कि बच्‍चों को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए चाहे वे सो रहे हों या फिर खेल रहे हों। खासकर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्‍चों का खास ख्‍याल रखना बहुत जरूरी होता है। क्‍योंकि उन्‍हें न तो आग की तपिश का अंदाजा होता है और न ऊंचाई से गिरने का। इसलिए बच्‍चों की पहुंच से आग, पानी, दवाएं या फिर अन्‍य वैसी वस्‍तुएं जो घातक हो सकती हैं उन्‍हें दूर रखें।

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