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शिक्षा

संभलः 18 घंटे बिना खाए पिये स्कूल में बंद रही कक्षा 2 की छात्रा, परिजनो ने रातभर छाना जंगल

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उत्तर प्रदेश: संभल जिले के गुन्नौर विकास खंड क्षेत्र के एक स्कूल में कक्षा दो की सात वर्षीय छात्रा को स्कूली मास्टर क्लास रूम में ही बंद कर ताला लगाकर चले गए। देर शाम तक भी छात्र जब घर नहीं पहुंची तो परिजन रातभर उसको जंगलों में तलाशते रहे लेकिन उसका कहीं पता नही चला। बुधवार सुबह जब स्कूल खुला तो छात्रा स्कूल की क्लास में बंद मिली तो हड़कंप मच गया। छात्रा 18 घंटे तक क्लास भूखी प्यासी बंद रही। जानकारी पर सैकड़ों ग्रामीणों ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।

गुन्नौर विकासखंड के गांव धनारी पट्टी बालूशंकर निवासी सत्यपाल सिंह के घर उसकी भांजी अंशिका (7 वर्ष) रहकर गांव के परिषदीय स्कूल में कक्षा दो में पढ़ाई कर रही है। रोज की तरह मंगलवार को अनुष्का स्कूल में पढ़ने पहुंची। छुट्टी के समय अनुष्का को अपनी क्लास में नींद आ गई। छुट्टी होने पर स्कूल शिक्षक वेदराम सिंह और सत्यपाल सिंह कमरों के ताले बंदकर घर चले गए। छात्रा कमरे में ही सोती रह गई।

छुट्टी के काफी समय बाद भी जब छात्रा घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोगों ने आसपास व जंगल में काफी तलाश किया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। फैल रही बच्चा चोरी की अफवाहों ने उनको और ज्यादा परेशान कर दिया। आशंका के चलते परिजन व ग्रामीण रात भर छात्रा को जंगलों में खोजते रहे लेकिन पता नहीं चल पाया। बुधवार सुबह शिक्षक स्कूल पहुंचे तो छात्रा कमरे में बिलख रही थी। 18 घंटे से भूखी प्यासी बदहवाश छात्रा को देखकर शिक्षक भी घबरा गए।

छात्रा ने बताया की जब वो शाम को नींद से जागी तो अंधेरा था। काफी देर तक रोती रही लेकिन कोई नहीं आया। डर लगने पर बेंच के नीचे छिप गई और सारी रात डरते हुए गुजरी। भूख और प्यास भी लगती रही। बच्ची की इस बात को सुनकर परिजन और गांव के लोगों में रोष है। उन्होंने लापरवाह शिक्षकों पर करवाई की मांग को लेकर हंगामा किया।

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शिक्षा

मेरठ: सीबीएस इंटर कॉलेज के विदाई समारोह में पहुंचे राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, किया बच्चों का मार्गदर्शन

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मेरठ: माछरा ब्लॉक के गांव फतेहपुर नारायण स्थित सी बी एस इंटर कॉलेज में सोमवार वार्षिकोत्सव कार्यक्रम व कक्षा 12 के छात्राओं का विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि डॉक्टर अनिल अग्रवाल (सांसद राज्यसभा) रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सी बी एस इंटर कॉलेज ग्रामीण प्रतिभा को आगे बढ़ाने वाला स्कूल है। स्कूल के संचालक निशान्त त्यागी प्रतिभा के धनी हैं। इनके मार्गदर्शन में बच्चे लगन व मेहनत से आगे बढ़ रहे हैं।

राज्यसभा सांसद ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आप भारत का भविष्य हैं इसलिए खूब मन लगाकर पढ़ाई करें। उन्होंने आने वाले बोर्ड परीक्षा के लिए सभी बच्चों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की तथा सभी का धन्यवाद किया। विशिष्ट अतिथि अश्वनी त्यागी वरिष्ठ समाजसेवी तथा कार्यक्रम अध्यक्ष धर्मेश ने बच्चों को संस्कारी बनने, अपने माता-पिता की सेवा करने, और अच्छी पढ़ाई करने का मंत्र दिया। 

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष माछरा अमित त्यागी, मंडल अध्यक्ष किठौर अनिल प्रधान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉक्टर मनोज कुमार अधाना, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मोहम्मद आरिफ, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष लियाकत अली, योगेंद्र गुर्जर, प्रमोद भड़ाना, तेज बहादुर, अमित कालिया छुछाई व अन्य सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त कर बच्चों को बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए शुभकामनाएं दी

प्रबंधक निशांत कुमार त्यागी ने अतिथिगणों का शाल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया । इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता नमेश भाटी, अरविंद कुमार शर्मा, लक्ष्मी चंद गिरी, सचिन कुमार, सागर वर्मा, विक्की कुमार, कोमल त्यागी, छवि त्यागी, नीतू त्यागी, सोनम शर्मा व सभी अध्यापक और अध्यापिकाएं व कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

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देश

इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए कनाडा ने पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट के बदले नियम, जानें क्या कुछ हुआ चेंज

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कनाडा: ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अपने पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (पीजीडब्ल्यूपी) नियमों में बदलाव किया है। जिन छात्रों ने दो साल से कम समय में मास्टर डिग्री प्रोग्राम पूरा कर लिया है, वे अब 3 साल के पीजीडब्ल्यूपी के लिए अर्हता प्राप्त करेंगे, बशर्ते वे अन्य सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों। हालाँकि, 1 सितंबर 2024 से, कोर्स लाइसेंसिंग अनुबंध कार्यक्रमों में नामांकित छात्र अब PGWP के लिए पात्र नहीं होंगे। इसके अतिरिक्त, दूरस्थ शिक्षा के लिए विशेष उपाय और पीजीडब्ल्यूपी वैधता 31 अगस्त 2024 तक बढ़ा दी गई है।

पीजीडब्ल्यूपी क्या है?

पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट एक खुला वर्क परमिट है जो विदेशी छात्रों को कनाडा में अपनी पढ़ाई पूरी करने पर दिया जाता है। जिनके पास पीजीडब्ल्यूपी है वे कनाडा में कहीं भी, किसी भी नियोक्ता के लिए जितने चाहें उतने घंटे काम करने के लिए स्वतंत्र हैं। आपके पीजीडब्ल्यूपी की सीमा आपके अध्ययन कार्यक्रम के स्तर और अवधि के साथ-साथ आपके पासपोर्ट की समाप्ति तिथि, जो भी पहले हो, पर निर्भर करती है।

यदि आपने एक नामित शिक्षण संस्थान (डीएलआई) से स्नातक किया है और काम करने के लिए अस्थायी रूप से कनाडा में रहना चाहते हैं, तो आप पीजीडब्ल्यूपी के लिए पात्र हो सकते हैं। डीएलआई अंतरराष्ट्रीय छात्रों की मेजबानी के लिए कनाडा में प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित एक स्कूल है।

कौन पात्र है और कौन नहीं?

पीजीडब्ल्यूपी पात्र नामित शैक्षणिक संस्थानों में कम से कम दो साल की अवधि के कार्यक्रमों के स्नातक 3-वर्षीय पीजीडब्ल्यूपी के लिए पात्र हैं, साथ ही 2 साल से कम अवधि के मास्टर डिग्री कार्यक्रमों के स्नातक भी पात्र हैं।

मास्टर डिग्री प्रोग्राम के लिए

यदि आपका कार्यक्रम 8 महीने (या क्यूबेक क्रेडेंशियल्स के लिए 900 घंटे) से कम था तो आप पीजीडब्ल्यूपी के लिए पात्र नहीं हैं।
यदि आपका कार्यक्रम न्यूनतम 8 महीने (या क्यूबेक क्रेडेंशियल्स के लिए 900 घंटे) का था, तो आप 3 साल के पीजीडब्ल्यूपी के लिए आवेदन कर सकते हैं, भले ही आपकी मास्टर डिग्री की अवधि 2 साल से कम हो, बशर्ते कि आपके पास अन्य सभी पात्रताएं पूरी होनी चाहिए। मानदंड।
यह प्रमाणपत्र या डिप्लोमा कार्यक्रमों पर लागू नहीं होता है।

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उत्तरप्रदेश

Muzaffarnagar News: मुज़फ्फरनगर- प्राइमरी स्कूल में बच्चे बनेंगे स्मार्ट, मिलेगी कंप्यूटर शिक्षा.

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मुजफ्फरनगर। निजी शिक्षण संस्थानों की तरह अब बेसिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालयों में भी बच्चों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालयों में डिजिटल कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय पूर्वी में कम्प्यूटर कक्ष का उद्घाटन किया गया।

जिला बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय पूर्वी नगर मोहल्ले में स्मार्ट क्लास की शुरूआत की गई। खंड शिक्षा अधिकारी अमरवीर सिंह व प्रभारी प्रधानाध्यापिका हिमानी रानी ने फीता काटकर कंप्यूटर कक्ष का उद्घाटन किया। बीईओ अमरवीर सिंह ने सभी को कम्प्यूटर शिक्षा का महत्व समझाते हुए इसका सदुपयोग विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के हित में करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी सरकार द्वारा स्मार्ट बनाया जा रहा है. इसके लिए स्मार्ट क्लास शुरू की जा रही है.

प्रिंसिपल हिमानी रानी ने बताया कि स्कूल को एक बड़ी डिजिटल स्क्रीन, 10 कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर, इंटरनेट सेवा समेत अन्य उपकरण मिले हैं. जिससे बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाया जा सके। इसके साथ ही उन्हें कंप्यूटर की शिक्षा भी मिलेगी. इस मौके पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बबीता, सुषमा, रुचि, शैली छाबड़ा, तृप्ति नौटियाल, एकता, मनोज पाहुजा, दर्शन लाल, नीलेश, जावेद, दानिश मौजूद रहे।

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