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उत्तर प्रदेश: पीलीभीत में शनिवार शाम को खमरिया पुल पर कांवड़िये और ताजियेदार आमने-सामने आ गए। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। सूचना मिलते ही फोर्स के साथ सीओ सदर प्रतीक दहिया मौके पर पहुंचे। पथराव में सीओ सदर प्रतीक दहिया के सिर पर पत्थर लगने से घायल हो गए। आक्रोशित ताजियेदारों ने ताजिया रखकर बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। 

जानकारी के अनुसार, अमरिया क्षेत्र के गांव करघैना से कांवड़ियों का जत्था शनिवार को गंगाजल लेने के लिए कछला घाट जा रहा था। उनके साथ डीजे लगा वाहन भी चल रहा था। बरेली हाईवे पर शाही के पास खमरिया पुल मंदिर में कांवड़िये आराम करने लगे। इसी दौरान उधर से ताजियेदार आ गए। बताया जाता है कि मंदिर के पास ताजियेदार रुककर मातम करते हैं। उन्होंने कांवड़ियों से डीजे बंद करने को कहा तो विवाद शुरू हो गया।

कांवड़ियों का कहना था कि ताजियेदार जहां रुके हैं वह मंदिर की जगह है। देखते ही देखते मामले ने तूल पकड़ गया। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और उनमें मारपीट होने लगी। दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। सूचना पर सीओ सिटी प्रतीक दहिया फोर्स लेकर पहुंच गए। इसी बीच एक पत्थर उनके सिर में लग गया और खून बहने लगा। हालात बिगड़ते देख एसपी, एडिशनल एसपी समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारी कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। गुस्साए ताजियेदारों ने बरेली हाईवे पर ताजिये रखकर जाम लगा दिया।

हाईवे पर एक तरफ ताजियेदार तो दूसरी तरफ मंदिर के पास कांवड़िये थे। ताजियेदारों का कहना था कि वह हमेशा से मंदिर की तरफ से होकर ही निकलते हैं। लिहाजा उन्हें निकलने दिया जाए। वहीं घटना को लेकर कांवड़ियों में जबरदस्त आक्रोश था। बताया जा रहा है कि एक कांवड़िये को पीट दिया गया था। लिहाजा वह हटने को तैयार नहीं थे। पुलिस देर रात तक बातचीत कर जाम खुलवाने और मामले को निपटाने का प्रयास कर रही थी। मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।









Manoj Kumar