Connect with us

Hi, what are you looking for?

मोबाइल-टेक

New Delhi: आकाशीय बिजली गिरने से 30 मिनट पहले चेतावनी देता है ये ऐप

Author: Partap kaku

फोटो साभार- सोशल मीडिया

Damini app hindi news: देश में हर साल बरसात के मौसम में हजारों की की मौत वज्रपात से हो जाती है। पिछले 24 घंटे में ही उत्तर प्रदेश‚ राजस्थान और मध्यप्रदेश में आकाशीय बिजली [ Lightning] गिरने के 75 लोगों की मौत चुकी है। आपको ये जानकर हैरान होगी कि आकाशीय बिजली में सूरज की सतह की गर्मी से 10 हजार फाॅरेनहाइट ज्यादा गर्मी होती है।

आकाशीय बिजली जिस जगह गिरती है वहां का तापमान कुछ सेंकेड में ही 15 हजार डिग्री फाॅरेनहाइट तक गर्म हो जाता है। ऐसे में आप अंदजा लगा सकते हैं कि कोई भी प्राणी कैसे बच सकता है।  ऐसे में ये बड़ी चिंता का विषय बना रहता है कि आखिर आकाशीय बिजली से कैसे बचा जाए।

यह ऐप बचाएगा जान

वज्रपात या आकाशीय बिजली (Lightning)  की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सकरार ने लोगों से बचाने के लिए एक खास तरह के ऐप का निर्माण किया गया है। जो बिजली गिरने से लगभग आधा घंटे पहले आपको सूचित कर देगा। और आपको सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहेगा। ऐप का नाम दामिनी रखा गया है। जो प्ले स्टोर से निशुल्क: डाउनलोड किया जा सकता है।

ये ऐप पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (Meteorological Institute) ने बनाया है जो आकाशीय बिजली के सटीक पूर्वानुमान की सूचना देगा। इस एप (App) की मदद से बिजली गिरने के 30 से 40 मिनट पहले ही इसकी चेतावनी मोबाइल पर मिल जाएगी।

फोटो साभार- सोशल मीडिया

बता दे कि हर साल 50 -100 जगह बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं‚ सरकार ने आकाशीय बिजली को अन्य सभी प्राकृतिक आपदाओं की तुलना में सबसे अधिक जानलेवा आपदा में माना है। एक अनुमान के मुताबिक बिजली गिरने से भारत में हर साल लगभग दो हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो जाती है।

ये सावधानी भी बरते लोग

  • बिजली कड़कने के दौरान अगर घर में पानी का नल, फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छुएं। साथ ही बिजली से चलने वाली यंत्रों-उपकरणों को बंद कर दें।
  • दो पहिया वाहन, साइकिल, ट्रक, खुले वाहन, नौका आदि पर बिलकुल भी यात्रा न करे।
  • ऊचे स्थानो पर न जाए‚ पेड़ो पर न चढे‚ और टेलीफोन और बिजली के पोल-खम्भे तथा टेलीफोन टावर से दूर रहें। कपड़े सुखाने के लिए लोहे के तार का प्रयोग न करें‚ जूट या सूत की रस्सी का उपयोग करें।
  • जंगल में हो तो छोटे और घने पेड़ों की शरण में चले जाएं. दलदल वाले स्थलों तथा जल स्रोतों से यथा संभव दूर रहे लेकिन खुुले आकाश में रहने से अच्छा है कि छोटे पेड़ों के नीचे रहें।
  • किसान खेत-खलिहान में काम कर रहे हो और कही सुरक्षित स्थान न मिले तो पैरों के नीचे सूखी चीज जैसे लकड़ी प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें। दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथा संभव झुका लें, सिर को जमीन से न छुआएं. जमीन पर कभी न लेटे।

यह भी पढ़ें

खबर शेयर करें
Click to comment

Leave a Reply

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Copyright ©2020- Aankhon Dekhi News Digital media Limited. ताजा खबरों के लिए लोगो पर क्लिक करके पेज काे रिफ्रेश करें और सब्सक्राइब करें।

%d bloggers like this: