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मेरठ

मेरठ: पत्रकारों की सुरक्षा सरकार का दायित्व, मेरठ डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए उपज ने की CM से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

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ज्ञापन सौंपते उपज संस्था के पदाधिकारी

मेरठ: मीडियाकर्मियों के खिलाफ उत्पीड़न और हिंसा को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने को लेकर मंगलवार को पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ़ जर्नलिस्ट के ज़िलाध्यक्ष अजय चौधरी के नेतृत्व में डीएम को सीएम के नाम ज्ञापन दिया। वहीं उपज पत्रकार संगठन की मवाना इकाई द्वारा जिला उपाध्यक्ष जयवीर त्यागी और मवाना तहसील अध्यक्ष मुकेश शर्मा के नेतृत्व में मवाना एसडीएम अखिलेश यादव को भी  पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने को लेकर ज्ञापन दिया।

इस दौरान जिलाध्यक्ष अजय चौधरी ने कहा कि पूरे प्रदेश में पत्रकारों पर आए दिन जानलेवा हमले और उत्पीड़न के फर्जी मुकदमे लिखे जा रहे हैं। इससे पत्रकार और उनके परिवार वाले भयभीत हैं। पत्रकार जब सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करता है या भ्रष्टाचारियों के खिलाफ खबर छापता एवं प्रसारित करते हैं, तो पत्रकार पर जान माल का खतरा मंडराता रहता है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि कई बार देखा गया है कि पत्रकारों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और यहां तक कि उनकी हत्या भी कर दी जाती है।

ऐसे में उत्तर प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाना चाहिए। जिससे पत्रकारों की सुरक्षा और मीडिया की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सके। उक्त कानून पत्रकारों को अपना काम सुरक्षित रूप से करने में मदद करेगा और उन्हें ईमानदारी और स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार प्रदान करेगा। क्योकि पत्रकार ना तो सरकारी है और ना ही दरबारी है। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) को तैयार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस दौरान महामंत्री ललित ठाकुर, कोषाध्यक्ष विश्वास राणा, संगठन महामंत्री राजू शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुदेश यादव, महानगर अध्यक्ष पवन शर्मा, सचिव धर्मेंद्र कुमार, नरेश कुमार, राहुल ठाकुर, निशांत शर्मा, राजेश कुमार,रोहित कुमार,राजन सोनकर, प्रचार मंत्री शाहिद खान, मनोज कुमार किठौर, अखिल गौतम, अर्जुन त्यागी, मयंक अग्रवाल,दीपक वर्मा, विपुल सिंघल आदि पत्रकार मौजूद रहे।


मेरठ

मेरठ: करंट की चपेट में आने से किसान की मौत, परिजनों का पीएम कराने से इंकार

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मृतक किसान

Meerut:  मेरठ जिले के भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव रूकनपुर में ट्रांसफार्मर में तार जोड़ते समय करंट लगने से किसान की मौत हो गई। किसान की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जानकारी करते हुए शव को पोस्टमार्टम को भेजने का प्रयास किया।लेकिन परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया।

जानकारी के मुताबिक थाना भावनपुर के गांव रूकनपुर निवासी 55 वर्षीय पूरन सिंह पुत्र शोराज सिंह खेती करते है।बताया जाता है बिजली नहीं आने के चलते वह ट्रांसफार्मर का तार ठीक करने लगे इसी दौरान उन्हें जोरदार करंट लगा और उनकी मौके पर मौत हो गई। उधर मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में को कोहराम मच गया वहीं घटना की सूचना पाकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी करते हुए शो पीएम को भेजने का प्रयास किया लेकिन परिजनों ने कानून कारवाई से इनकार कर दिया।

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उत्तरप्रदेश

Meerut: पांच साल पहले जब्त किये गए 22 ऊंटों को हज़म कर गई मेरठ पुलिस‚ हाईकोर्ट पहुंचा मालिक

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मेरठ: खबर यूपी के मेरठ से है‚ जहां साल 2019 में लिसाड़ी गेट पुलिस ने कुर्बानी के लिए आए 22 ऊंट को जब्त कर लिया था‚ लेकिन पांच साल बाद भी अभी तक मालिक को वापस नही किये।  ऊंटों को वापस लेने के लिए कई बार ऊंट मालिक ने पुलिस सहित प्रशासन से गुहार लगाई है। ऊंट नहीं मिलने पर ऊंट मालिक ने हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने इस प्रकरण पर मेरठ पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा है।

सांकेतिक चित्र

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शम्स-ऊ-जमां का कहना है कि जब पुलिस ने ऊंट पकड़े तो मालिक को वापस भी करना होगा। उधर, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कोतवाली ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर से रिपोर्ट तलब की है।

मेरठ में वर्ष 2019 के अगस्त माह में ईद के दौरान मेरठ पुलिस व जिला प्रशासन ने ऊंट की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस दौरान 22 ऊंट लिसाड़ी गेट पुलिस ने पकड़ लिये थे। पुलिस ने उस समय बताया था कि सभी 22 ऊंट को संरक्षण केंद्र में भिजवा दिया गया है।

ऊंट मालिक मो. अनस का आरोप है कि पकड़े गए ऊंट उसे वापस नहीं मिले। जबकि इस संबंध में कई बार सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से विधिक स्वामी के पक्ष में ऊंट को सौंपने का आदेश दिया गया था। इसके बाद 2022 में मो. अनस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ऊंट वापस दिलाने की गुहार लगाई गई।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शम्स-ऊ-जमां का कहना है कि हाईकोर्ट ने 12 जनवरी 2023 को आदेश पारित कर ऊंट वापस दिलाने को कहा है। इस आदेश का अनुपालन नहीं हुआ। अब पुनः याचिका दायर की गई है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रदेश सरकार के गृह सचिव, मेरठ मंडल की कमिश्नर, डीएम, एसएसपी और सिटी मजिस्ट्रेट को पार्टी बनाया गया है। सरकार और प्रशासन से ऊंट वापस दिलाने की गुहार लगाई गई है। जब पुलिस ने जब्त किया है तो वापस भी दिलाने का काम तो करेगी। 18 मार्च को हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई होगी।

22 ऊंट प्रकरण में सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार श्री वास्तव ने कहा की माननीय न्यायालय का मामला है। इस पर कुछ नहीं कह सकते। पुलिस को पत्र लिख भेजा है जानकारी मिलने पर न्यायाल को अवगत करवा दिया जायेगा। वहीं सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार ने कहा की पुराना मामला है पत्रवालियां निकलवाई जा रही है। उच्चाधिकारी और न्यायालय को अवगत करवा दिया जायेगा ।

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उत्तरप्रदेश

मेरठ में बॉयलर फटने से 2 लोगों की मौत, 3 घायल, दिन निकलते ही हादसे से दहला इलाका

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मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के वाना गांव में सोमवार को दिन निकलते ही बड़ा हादसा हो गया. इलाके में टायर पिघलाने वाली एक फैक्ट्री में बॉयलर फटने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूचना मिलने पर कई थानों की फोर्स पहुंच गई है और बचाव कार्य शुरू हो गया है।

दिन निकलते ही विस्फोट से इलाका दहल गया।

मंगलवार को दिन निकलते ही बॉयलर फटने से आसपास का इलाका दहल गया। मौके पर पहुंचे एसपी देहात कमलेश बहादुर सिंह ने बताया कि दुर्गा टायर्स के नाम से टायर गलाने की फैक्ट्री है. सुबह फैक्ट्री में मजदूर काम कर रहे थे। इसी बीच शाम करीब साढ़े छह बजे फैक्ट्री में बॉयलर फट गया। इस घटना में मेरठ के मवाना क्षेत्र के किशोरीपुर गांव निवासी दो मजदूरों की मौत हो गई है. 2 की हालत गंभीर है. यह फैक्ट्री यहीं के रहने वाले अमित ठाकुर की बताई जा रही है। मौके पर पुलिस है और बचाव कार्य जारी है.

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