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रोचक जानकारी

आपने कुएं तो खूब देखे होंगे, लेकिन कभी ये सोचा है कि आखिर ये गोल ही क्यों होते हैं?

आपने अपने गांव में या फिर कहीं भी यहां तक कि फिल्मों में भी कुआं हमेशा गोल ही देखा होगा. अगर आपको लगता है कि ऐसा नहीं है तो आप एक बार फिर दिमाग पर जोर डालकर सोच लीजिए आपको कुआं का शेप हमेशा गोलाकार ही याद आएगा. चाहे यह गांव में हो या फिर किसी और जगह. हो सकता है आपने कुएं से पानी भी निकाला होगा, बचपन से आप कुएं देख हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है कि आखिर ये कुआं गोल ही क्यों होता है.

ऐसा शायद ही कभी देखा होगा कि आपके गांव में बना कुआं गोल की बजाय चोकोर हो. अगर आपके मन में भी ये सवाल जानने के बाद दिलचस्पी हो रही है कि आखिर ऐसा क्यों होता है तो हम आपको आपके सवाल का जवाब देते हैं. जानते हैं आखिर कुएं को गोल बनाए जाने के पीछे क्या कारण है और हर जगह ऐसा क्यों होता है. पानी स्टोर करने के लिए बनाया गया कुआं यूं ही गोलाकार नहीं होता है, बल्कि इसके पीछे भी एक विज्ञान होता है. साइंस की वजह से ऐसा किया जाता है और इसे गोलाकार बनाए जाने के काफी फायदे हैं. इन फायदों को ध्यान में रखते हुए कुएं को गोल बनाया जाता है.

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मजबूती देता है

दरअसल, गोल कुएं अन्य कुओं की तुलना में काफी मजबूत होते हैं. वैसे तो बहुत कम चोकोर कुएं बनते हैं, लेकिन अगर बनाए भी जाएं तो गोल कुएं उनके मुकाबले काफी मजबूत होंगे. दरअसल, गोल कुएं में कोई भी कोर्नर नहीं होता है और हर तरफ से गोल होने की वजह से पानी का प्रेशर भी हर तरफ पड़ता है. पानी का प्रेशर हर तरफ बराबर होता है, जबकि कुआं चोकोर बनाया जाए तो सिर्फ चार कोनों में ज्यादा प्रेशर रहेगा. इसकी वजह से कुआं ज्यादा दिन नहीं चल पाएगा और इसके ढहने का खतरा भी काफी ज्यादा रहेगा.

ऐसे में कुएं को ज्यादा दिन तक चलाने के लिए और लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने के लिए इस गोल बनाया जाता है. बता दें कि जब हम किसी भी तरल पदार्थ को स्टोर करते हैं तो उसके अंदर का प्रेशर दीवारों पर पड़ता है, जिसमें वो स्टोर किया जाता है. ऐसी स्थिति में कुआं ज्यादा प्रेशर झेल पाता है, वहीं चोकोर कुएं में यह अलग हो सकता है और इससे जल भंडार का प्रेशर दीवारों के बजाय उसके चारों कोनों पर पहुंच जाएगा.

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ड्रिल करना होता है आसान

वहीं, गोल कुआं बनाने में भी काफी आसान होता है. दरअसल, ये कुआं ड्रिल करके बनाया जाता है और अगर आप गोल शेप में ड्रिल करते हैं तो यह काफी आसान होता है. वहीं, चोकोर कुआं खोदने में काफी मुश्किल हो सकती है और इस वजह से कुएं को गोल शेप में ही ड्रिल किया जाता है.

मिट्टी नहीं धंसती है

कुएं को गोल बनाने की वजह ये भी है कि इससे कई सालों तक कुआं धंसता नहीं है. यह भी प्रेशर की वजह से होता है और गोल कुआं बनाने से मिट्टी के धंसने के चांस काफी कम हो जाते हैं.

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